अनुपमा गुलाटी हत्याकांड में पति को आजीवन कारावास की सज़ा

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2010 में देहरादून में हुए अनुपमा गुलाटी हत्याकांड में अनुपमा के पति राजेश गुलाटी को अदालत ने आजीवन कारावास की सज़ा सुनाी है।राजेश को गुरूवार को ही अदालत ने अपनी पत्नी की हत्या करने और हत्या से जुड़े सबूतों को छुपाने का दोशी करार दिया था। दोशी करार दिया है। गुरूवार को आये फैसले में अदालत ने अनुपमा के पति राजेश को हत्या औऱ सबूत छिपाने औऱ नष्ट करने का दोशी करार दिया। इस जुर्म के लिये राजेश को सज़ा का ऐलान शुक्रवार को किया गया।

एडीजी पंचम विनोद कुमार की अदालत ने भरी अदालत में इसका ऐलान किया। इसके पहले दोनों पक्षों ने सजा के मामले पर लंबी बहस की। बचाव पक्ष की तरफ से आजीवन कारावास की मांग की गई जबकि सरकारी पक्ष के वकील ने इस मामले को जघन्यतम से भी ज्यादा क्रूर मानते हुए फांसी की सजा की मांग की।दोनों पक्ष के सुनवाई दोनों पक्षों का तर्क सुनने के बाद अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। गौरतलब है कि आज से 7 साल पहले पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी ने पत्नी अनुपमा गुलाटी की हत्या कर दी हत्या करने के बाद 2 महीने तक शव के साथ रहा उसने शव के टुकड़े किए तथा कुछ पाट पोस्ट डीप फ्रीज में रखा था कुछ-कुछ जंगल में फेंक दिया मृतक महिला के भाई ने जब उसकी तलाश शुरु की तो मामले का खुलासा हुआ था

11 दिसंबर 2010 को देहरादून में उस समय सनसनी फैल गई जब करीब 72 टुकड़ों में कटी हुई एक महिला की लाश बरामद हुई। हत्या की जघ्नता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लाश को काटने के बाद छिपाने के लिये डीप फ्रीजर में रखा गया था। दरअसल पेशे से इंजीनियर राजेश ने बेरहमी से अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी की हत्या की और घर में ही आरी से शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। इन्हें बड़े फ्रीजर में डाला और धीरे-धीरे कर शव के टुकड़े जंगल में फेंकता गया। राजेश सत्य निकेतन नई दिल्ली में पत्नी अनुपमा और दो बच्चों के साथ रहता था। 17 अक्टूबर 2010 को अनुपमा अचानक लापता हो गई। अनुपमा की गुमशुदगी के बारे में राजेश ने करीब एक महीने तक सभी घरवालों को अंधेरे में रखा। इस दौरान शक के कारण अनुपमा के घर वालों ने पुलिस में शिकायत की जिसके चलते इस अपराध पर से परदा उठा।

क्या है अनुपमा गुलाटी केस?

यह हत्याकांड कैंट कोतवाली क्षेत्र के प्रकाशनगर में 11 दिसंबर 2010 को सामने आया था, जब नई दिल्ली के मूल निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी की पत्नी 17 अक्टूबर 2010 को अचानक लापता हो गई।

आपको बतादें कि डाक्टर राजेश गुलाटी अपनी पत्नी अनुपमा और 4 साल की बेटी के साथ घटना से लगभग 18 महीने पहले देहरादून में शिफ्ट हुए थे।17 अक्टूबर को राजेश की अपनी पत्नी के साथ कहासुनी होने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी को धक्का दिया जिससे अनुपमा का सर दिवार में जा लगा।जिसके बाद अनुपमा बेहोश हो गई और राजेश गुलाटी ने अपनी पत्नी के 70 के करीब टुकड़े कर के उसे डिप फ्रिजर में डाल दिया।

अनुपमा के परिवार से उसकी बात ना होने के बाद अनुपमा का भाई राजेश उसे ढूंढता हुआ देहरादून पहुंचा, मगर उसे घर में नहीं घुसने दिया गया। यह सूचना उसने पुलिस को दी। पुलिस ने घर की तलाशी ली तो एक कमरे में रखे डीप फ्रीजर से अनुपमा गुलाटी के लाश के टुकड़े मिले।

राजेश ने पत्नी की  हत्या करने के बाद उसे दीप फ्रीजर में रख दिया था और खून जम जाने के बाद बाजार से पत्थर काटने वाली आरी से लाश के टुकड़े किए। लाश को ठिकाने लगाने के लिए राजेश ने तीन बार लाश के कुछ टुकड़े पॉलीथिन में डालकर मसूरी में पहाड़ी से नीचे फेंके। धीरे-धीरे लाश को फेकने के काम को राजेश अंजाम दे रहा था लेकिन इसी बीच उसका भेद खुल गया।