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कंगना की ‘सिमरन’ को मिले सेंसर से दस कट्स

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इस शुक्रवार को रिलीज होने जा रही कंगना की विवादों में रही ‘सिमरन’ को सेंसर बोर्ड से भी जूझना पड़ा। खबरों के मुताबिक, दस कट्स के बाद इस फिल्म को यूए सार्टिफिकेट जारी किया गया है। बताया जाता है कि फिल्म के निर्देशक हंसल मेहता ने इन कट्स को स्वीकार कर लिया है।

कंगना की ये फिल्म मीडिया की सुर्खियों में रही। पहले इस फिल्म में लेखन के क्रेडिट्स को लेकर फिल्म के लेखक अपूर्वा साहनी के साथ विवाद हुआ। कंगना को इस फिल्म में सह लेखक का क्रेडिट दिया गया है, जिसका अपूर्वा ने विरोध किया था।

इस फिल्म के प्रमोशन के लिए कंगना ने मीडिया के साथ बातचीत में विवादित बयानों की झड़ी लगा दी। रितिक रोशन से लेकर आदित्य पंचोली और करण जौहर से लेकर महिला आयोग तक सभी को खरी खोटी सुनाने वाली कंगना ‘सिमरन’ में एक बिंदास गुजराती लड़की का रोल कर रही हैं, जो अमेरिका में रहती है। ‘सिमरन’ के बाद अगले साल अप्रैल में कंगना की रानी लक्ष्मी बाई को लेकर बन रही फिल्म रिलीज होगी।

सीबीएसई स्कूलों में अब पुलिस करेगी सुरक्षा आॅडिट

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सेंट्रल बोर्ड आॅफ सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) से जुड़े स्कूलों में अब तमाम सुविधाओं और संसाधनों पर पुलिस की नजर होगी। इतना ही नहीं स्कूलों में सुविधओं को लेकर पुलिस द्वारा आॅडिट भी किया जाएगा। बोर्ड ने यह कदम स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा के मद्दनजर उठाया है।

बीते दिनों हरियाणा के गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुई छात्र की हत्या के बाद स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी। बोर्ड के नियमों और दिशा निर्देशों को लेकर स्कूलों के गैर जिम्मेदाराना रवैये को देखते हुए अब सीबीएसई ने तेवर जल्ख कर दिए हैं। बोर्ड ने अब स्कूलों में सिक्योरिटी गाइडलाइन की देखरेख आदि के लिए पुलिस की मदद लेने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने हाल ही में छात्र-छात्राओं की संरक्षा और सुरक्षा को गंभीरता से लेते हुए स्कूल परिसर में तमाम सुरक्षा व्यवस्थाएं उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए थे। इन तमाम व्यवस्थाओं को पुलिस की निगरानी में रखे जाने का भी निर्णय बोर्ड ने लिया है। निगरानी का जिम्मा पुलिस विभाग का होगा। पुलिस विभाग द्वारा समय-समय पर स्कूल में इन व्यवस्थाओं की निगरानी के साथ ही जांच भी की जाएगी। इतना ही नहीं स्कूलों को नीदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क में रहते हुए इन व्यवस्थाओं के आॅडिट कराने के साथ ही बोर्ड को निर्देश प्राप्त होने की तिथि से दो माह के अंदर निर्देशों का अनुपालन करते हुए वेबसाइट पर इसकी सूचना भी देनी होगी।
इसके साथ ही स्कूलों को जनता, स्टाफ, अभिभावक व छात्रों की शिकायत निवारण के लिए स्कूल में अलग-अलग कमेटी गठित किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। स्कूलों में यौन उत्पीड़न संबंधी अंतरिम कमेटी पॉक्सो एक्ट के अधीन बनाई जाने और इसके सदस्यों की जानकारी फोन नंबर समेत तमाम जानकारी स्कूल नोटिस बोर्ड व वेबसाइट पर डाली जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। सीबीएसई देहरादून के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने बताया कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा बोर्ड की पहली प्राथमिकताओं में से एक है। स्कूलों में सुरक्षा से संबंधित दिशा निर्देश समय समय पर दिए जाते रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी स्कूलों में घटनाएं घटित हो रही है। जो कि चिंता का विषय है। हरियाण की घटना अत्यंत दुखद व गंभीर है। ऐसा मामलों दौबारा न हो इसके लिए देहरादून परीक्षेत्र स्तर पर अलग से सभी स्कूलों को सुरक्षा से जुड़ी तमाम व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह दिए निर्देश
– निर्देशों के तहत स्कूलों को पूरे परिसर को सीसीटीवी कैमरों से कवर करते हुए इसकी रिकॉर्डिंग में देखने हेतु स्वयं विद्यालय प्रमुख व उपप्रधानाचार्य या वरिष्ठ स्टाफ का दायित्व सुनिश्चित किया जाए।
– स्कूल में शिक्षकों व स्टाफ से गार्ड, ड्राइव, कंडक्टर आदि सभी का साइकोमेट्रिक टेस्ट कराया जाए। उनका पूरा रिकॉर्ड स्कूल के पास उपलब्ध होना अनिवार्य किया जाए।
– वाहन चालक, कंडक्टर, सफाई कर्मचारी, हेल्पर आदि सभी कर्मचारियों का नियुक्ति से पहले पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाए।
– कक्षाओं टॉयलेट व अन्य ज्यादा आवाजाही नहीं होने वाली जगहों पर कड़ी निगरानी होनी चाहिए। यदि संदिग्ध वस्तु या अनैतिक प्रवृत्ति की जानकारी किसी भी स्थिति में संज्ञान में आती है, तो त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।
– स्कूलों में यौन उत्पीड़न संबंधी अंतरिम कमेटी पॉक्सो एक्ट के अधीन बनाई जाए।
– कमेटियों के सदस्यों की जानकारी फोन नंबर समेत तमाम जानकारी स्कूल नोटिस बोर्ड व वेबसाइट पर डाली जाए।
– स्कूल के प्रत्येक दल कोरिडोर में छात्रों की देखरेख व उनकी सुरक्षा हेतु प्रयास होना चाहिए। — स्कूल द्वारा संचालित स्कूल बसों की देखरेख में लगाए गए सभी तकनीकी स्टाफ, ड्राइवर व कंडक्टर जो भी हो दैनानुदित निगरानी रहे व इसके लिए विद्यालय में ट्रांसपोर्ट इंचार्ज बराबर संपर्क में रहे।
– स्कूल बसों को जीपीएस से लैस कराया जाए। बसों में सिक्योरिटी गार्ड सुनिश्चित किया जाए।
– तमाम सुरक्षा व्यवस्थाओं को निकटतम पुलिस स्टेशन द्वारा आॅडिट कराया जाए।

शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को हटाने की उठाई मांग

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राजकीय इंटर कॉलेज थानों के निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे द्वारा शिक्षक-शिक्षिकाओं से किए गए व्यवहार से आहत शिक्षकों ने गुरुवार को काली पट्टी बांधकर अपना विरोध प्रकट किया। प्रदेशभर में जूनियर हाईस्कूल व राजकीय शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने इसे लेकर विरोध जताया।

राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री डॉ. सोहन सिंह माजिला ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के सम्मान से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। शिक्षकों का यह विरोध जारी रहेगा। संघ के जिलाध्यक्ष सुभाष झल्डियाल, जिला मंत्री नागेंद्र पुरोहित ने कहा कि शिक्षा मंत्री और अफसरों को यदि कोई बात कहनी ही है तो वह स्टॉफ रूम में भी बता सकते हैं। छात्रों के सामने गुरु का अपमान किसी भी सूरत में सही नहीं कहा जा सकता।जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की प्रांतीय उपाध्यक्ष कल्पना बिष्ट ने भी कहा कि शिक्षकों का साथ डांट-फटकार का रवैया कतई स्वीकार नहीं होगा। इधर, प्राथमिक शिक्षक संघ ने इससे दूरी रखी। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कृषाली ने कहा कि आंदोलन को संघ का समर्थन केवल एक दिन के लिए था। शिक्षक के सम्मान के लिए जब भी जरूरत पड़ेगी, प्राथमिक शिक्षक साथ खड़े होंगे। बता दें कि प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल व राजकीय शिक्षक संघ ने इससे पहले दून के मुख्य शिक्षाधिकारी कार्यालय पर सांकेतिक धरना दिया था। उनका कहना था कि शिक्षक के सम्मान को ठेस पहुंचाने का अधिकार किसी को नहीं है। मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग भी उन्होंने की थी। 

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम का शुभारम्भ किया

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राज्यपाल डॉ. कृष्णकान्त पाल और मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। स्वच्छता अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार और जन जागरुकता के लिए राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने गढ़वाल एवं कुमांऊ के लिए एक-एक स्वच्छता रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री आवास के जनता मिलन हाल में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल डॉ. पाल ने कहा कि जन और देशहित में दो अक्टूबर 2014 को सम्पूर्ण भारत में स्वच्छता की शपथ ली गई थी। इसके बाद समय-समय पर स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए इस तरह के जागरुकता कार्यक्रमों के माध्यम से ऊर्जा देने की आवश्यकता है ताकि स्वच्छता मिशन के लक्ष्य में किसी भी प्रकार का भटकाव न आए। राज्यपाल ने कहा कि पिछले तीन सालों में विश्वविद्यालयों ने स्वच्छता अभियान पर अच्छा कार्य किया है।

गोविन्द बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय ने स्वच्छता के मामले में देश के सभी विश्वविद्यालयों में से प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि अन्य संस्थाओं, स्कूलों को भी इससे प्रेरित होकर इस अभियान को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने इस स्वच्छता पखवाड़े में 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर सेवा दिवस, 25 सितम्बर को पं. दीन दयाल उपाध्याय के जन्म शताब्दी के अवसर पर सर्वत्र स्वच्छता दिवस और 02 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन एवं नए भारत के लक्ष्य को हम सबको गम्भीरता से लेना होगा। मोहल्लों एवं गांवों से एम्बेस्डर बनकर इस अभियान को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड ग्रामीण क्षेत्र खेल में शौच से मुक्त (ओ.डी.एफ) होने वाला देश का चैथा राज्य है। मार्च 2018 तक राज्य के शहरी क्षेत्र को भी पूर्ण रूप से ओडीएफ करने का लक्ष्य रखा गया है,  इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए सरकार के कार्यक्रमों में सबका योगदान जरूरी है। स्वच्छता मिशन को सफल बनाने के लिए जन सहयोग एवं सहभागिता के साथ ही सबको व्यक्तिगत प्रयास भी करने होंगे।

इस मौके पर पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से शीर्ष पदाधिकारियों से लेकर गांव के अन्तिम व्यक्ति तक सभी लोग स्वच्छता अभियान से जुड़े हैं। किसी भी अभियान को सफल बनाने के लिए समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। स्वच्छता पखवाड़े के तहत 17 सितम्बर को सेवा दिवस के रूप मे 24 सितम्बर को समग्र स्वच्छता दिवस, 25 सितम्बर को सर्वत्र स्वच्छता दिवस, एक अक्टूबर को आइकानिक(विशिष्ट) स्थलों की स्वच्छता दिवस एवं दो अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के रूप में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, महिला व बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य, विधायक हरबंस कपूर, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, मुख्य सचिव एस.रामास्वामी आदि उपस्थित रहे।

पेट्रोल के बढ़ते दामों पर कांग्रेस का फूटा गुस्सा

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फोटोः कृष्णा रावत

केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल के दामों को बढ़ाये जाने के खिलाफ ऋषिकेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। ऋषिकेश स्थित दून तिराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्र सरकार का पुतला फूंका।मीडिया से बात करते हुए कोंग्रेसी नेता मुकेश जाटव ने बताया की केंद्र में बीजेपी की सरकार के आते ही देश में महंगाई काफी बड़ चुकी है,जिससे आम जनता को सबसे ज्यादा दिक्क्तें हो रही है लेकिन मोदी सरकार इस तरफ ध्यान नहीं देती दिख रही। आपको बता दें की कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए तुरंत बढ़ा किराया वापस लेने की मांग की है।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे ऋषिकेश

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फोटोः कृष्णा रावत

भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय अपने एक निजी कार्यक्रम के लिए तीर्थनगरी ऋषिकेश पहुंचे,जहां विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा उनका स्वागत किया गया। जिसके बाद वह परमार्थ निकेतन में चल रहे भागवत गीता सप्ताह कथा समारोह में पहुंचकर  स्वामी चिदानंद सरस्वती के सानिध्य में  आगामी योजनाओं पर विचार विमर्श किया साथ ही परमार्थ के तट पर पहुंचकर मां गंगा से आशीर्वाद लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भविष्य की कामना की और  देश में शांति के लिए प्रार्थना की।

इस अवसर पर विजयवर्गीय ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और इसे अपने निजी दौरे करार देते हुए कुछ भी नहीं बोले। आश्रम के सूत्रों से पता चला है कि विजयवर्गीय ने मोदी के जन्मदिन को लेकर गंगा में पूजा अर्चना की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु के लिए कामना की इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष चिदानंद मुनि ने भी प्रधानमंत्री को जन्मदिन की भाजपा के सुशासन की बधाई दी

 

रुद्रपुर विधायक ने किया ”सीता” का अपहरण

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रुद्रपुरः अपनी बेबाकी और दबंग छवि के लिए पहचान रखने वाले रुद्रपुर के भाजपा विधायक एक बार फिर चर्चाओं में है। रुद्रपुर विधायक इस बार चर्चाओं में है एक महिला के अपहरण के लिए, जी हां विधायक राजकुमार ठुकराल की दबंगयी देखिये की उन्होंने जिले के कप्तान और पुलिस के कई अधिकारियों के सामने ही एक महिला का सरेआम अपहरण कर दिया और अधिकारी मुंह ताकते रहे।इस घटना के बाद विधायक जमकर चर्चाओं में बने हैं।

तो आप भी हो गये ना हैरान, जी हां अपहरण तो विधायक जी ने जरुर किया और पुलिस के अधिकारियों के सामने मगर ये हकीकत में नहीं बल्कि रामलीला के मंच पर हुआ,जहां साधु रावण का किरदार निभाते हुए राजकुमार ठुकराल ने माता सीता के अपहरण का मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया। सीता हरण लीला के मंचन के दौरान। रामलीला में एक पात्र की दृष्टि से।

दरअसल शहर की इंदिरा कालोनी के रामलीला मैदान में पिछले कुछ दिनों से रामलीला चल रही है। इसमें बीती रात शहर विधायक राजकुमार ठुकराल ने एसएसपी डा. सदानंद दाते, एसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय, एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा, सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार, को रामलीला में आमंत्रित किया था। इस आमंत्रण पर सभी उपरोक्त अधिकारी मंच की अगली कतार में विराजमान थे जबकि सामने मंच था। विधायक ने अधिकारियों को तो बुलवा लिया, लेकिन स्वयं गायब दिखे। अभी अधिकारी कुछ सोच समझ पाते कि एकाएक मंच पर रावण के साधु भेष में विधायक ठुकराल पहुंचे और वहां से एक युवती (सीता)का अपहरण कर लिया। जबकि युवती को आनन फानन में पड़ोसी मुल्क में पहुंचा दिया गया। विधायक ने अपहरण के दौरान इस युवती से भीख (भिक्षा) भी मांगी थी। इसके बाद अफसरों को जब अहसास हुआ तब तक विधायक अपने असली रूप में आकर उनके समक्ष प्रकट हो गए। एसएसपी ने भी वहां चुटकी ली और बोले कि यह केस किडनेपिंग का बनता है, चलो मामला विधायक जी का है और सरकार भी है, इस पर कार्रवाई की दिशा में गंभीरता से बाद में विचार होगा। भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल रावण कई वर्षों के बाद एक बार फिर रामलीला में दर्शकों को साधु रावण की भूमिका में नजर आ रहे हैं। भाजपा विधायक के अनुसार उन्होंने कई वर्ष पहले रुद्रपुर रोडवेज बस अड्डे के पास होने वाली मुख्य रामलीला में भी लगातार 10 वर्षों तक रावण के पात्र का अभिनय कर दर्शकों का मनोरंजन किया है।

क्लीनर चला रहा था बस, चार वाहनों को मारी टक्कर

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रुड़की: गुरुवार देर रात सिविल लाइन कोतवाली क्षेत्र के जादूगर रोड पर एक तेज गति से दौड़ रही बस ने कई वाहनों को टक्कर मार दी। लोगों ने पीछा करके बस को मिलिट्री चौक के पास रुकवाया और चालक की जमकर धुनाई की। इसी दौरान एसडीएम चौक के समीप चेकिंग कर रही सीपीयू पुलिस भी मिलिट्री चौराहे पर पहुंच गई और चालक को गिरफ्त में लेकर बस को सीज कर दिया।
पुलिस के अनुसार सिविल लाइन में सेंटे एंस स्कूल वाली रोड से तेज गति से दौड़ रही बस ने पहले स्कूटी सवार युवक को टक्कर मारी उसके बाद दो स्कूटी सवार युवतियों को अपनी चपेट में लिया। युवतियों को हल्की चोटें आईं। इसके बाद आगे जाकर बस ने एक कार को भी हल्की टक्कर मारी। सीपीयू के दरोगा धर्मवीर सिंह ने बताया कि वह उस समय एसडीएम चौक के नजदीक वाहनों की चेकिंग कर रहे थे तभी एक तेज गति से आ रही प्राइवेट बस कई राहगीरों को टक्कर मारते हुए निकल गई। बस का पीछा कर उसे मिलिट्री चौक पर लोगों ने उसे रोक लिया और बस चालक को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। धर्मवीर सिंह का कहना है कि बस चला रहे युवक ने बताया कि वह एक क्लीनर है और अभी बस चलाना नहीं जानता और वह बस चलाना सीख रहा है सीपीयू के दरोगा ने बताया कि उक्त बस चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और साथ ही बस को सीज कर सीपीयू ने थाने में जमा कर लिया है।

यमुनोत्री मार्ग खोलने को भूगर्भ वैज्ञानिकों की ली जाएगी राय

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यमुुनोत्री राष्ट्रीय राजामार्ग खोलने के लिए अब विशेषज्ञ भूगर्भ वैज्ञानिकों की मदद ली जाएगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए आपदा प्रबंधन को पत्र भेजकर विशेषज्ञों की टीम भेजने की मांग की है। दूसरी ओर, यमुनोत्री की यात्रा अब वैकल्पिक तीन किमी पैदल मार्ग से जारी है। डीएम ने कहा कि अगर भूस्खलन रुकता है तो कर्मचारी पांच घंटे के अंदर राजमार्ग को खोल सकते हैं।

सोमवार मध्य रा‌त्रि से अभी तक यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग ओजरी और डबरकोट के पास भूस्खलन के कारण बंद है। जिसको लेकर डीएम उत्तरकाशी ने गुरुवार को प्रेसवार्ता की। उत्तरकाशी जिला सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान डीएम उत्तरकाशी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ओजरी के पास भूस्खलन जारी है। इस कारण यमुनोत्री मार्ग खोल पाना फिलहाल मुश्किल है। मार्ग खोले जाने के लिए उन्होंने आपदा प्रबंधन सचिव को पत्र भेजकर भूगर्भ वैज्ञानिकों की टीम यहां भेजने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यमुनोत्री की यात्रा थमी नहीं है। यात्रा सुचारु रूप से वैकल्पिक पैदल मार्ग से जारी है। इस बीच 620 यात्री यमुनोत्री धाम की यात्रा पर गए हैं, जबकि 1313 यात्रियों को ट्रांस्मेंट व्यवस्था के तहत गाड़ियों व घोड़े खच्चरों के जरिये तहसील मुख्यालय बड़कोट तक पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि जिस जगह पर भूस्खलन हो रहा है, वहां ड्रिल, पोकलैंड और जेसीबी मशीनें हैं। कई विभागों के कर्मचारी और अधिकारी तैनात किए गए हैं। जानकीचट्टी से स्यानाचट्टी के बीच करीब 80 लोग अपनी गाड़ियों में स्वेच्छा के साथ ठहरे थे, जो अब वहां से आना चाहते हैं उन्हें शाम तक वैकल्पिक रास्ते से निकाल दिया जाएगा। रास्ते में चिकित्सा व्यवस्था के साथ खाने पीने और रहने की पूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ में अब पैसे निकालने के लिए मोबाइल बैकिंग की भी सुविधा की जा रही है। यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों का भी ध्यान रखा जा रहा है। करीब 14 गांव की 13 ऐसी गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया गया है। जिनकी डिलिवरी डेट नजदीक है। उन्हें बड़कोट अस्पताल में लाने की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। साथ ही बीमार ग्रामीणों से भी बड़कोट आने के लिए कहा गया है। ग्रामीणों के पास भी पूरा खाद्यान उपलब्ध है। भूस्खलन के कारण ओजरी के ग्रामीणों को जो नुकसान हुआ है। उसके लिए मुआवजा देने के लिए एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। डीएम ने बताया कि अभी तक मार्ग के बीच में फंसे हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा चुका है। यमुनोत्रीधाम की यात्रा पर जाने के लिए तीन किमी के पैदल वैकल्पिक पैदल मार्ग के लिए डंडी कंडी और घोड़े खच्चरों की व्यवस्था की गई है। जिसके लिए बकायदा रेट तय किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग कब तक खुलेगा इस पर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है। लेकिन इस बीच अगर भू्स्खलन रुकता है तो वहां तैनात कर्मचारी 5 घंटे के अंदर राजमार्ग को खोल देंगे। लेकिन फिलहाल भूस्खलन लगातार जारी है। 

विवि पर लगाया गलत रिजल्ट जारी करने का आरोप

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डीएवी कॉलेज छात्रसंघ ने गढ़वाल विवि से एलएलबी के छठे सेमेस्टर के एक विषय के लिए स्पेशल बैक परीक्षा कराने की मांग की है। छात्रसंघ पदाधिकारियों का दावा है कि विवि की ओर से रिजल्ट में गड़बड़ी हुई जिससे काफी छात्रों के कम नंबर आए हैं।

गुरुवार को छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम सिमल्टी के नेतृत्व में छात्रों ने कॉलेज के प्राचार्य डा.देवेंद्र भसीन के माध्यम से गढ़वाल विवि के कुलपति को ज्ञापन भेजा। सिमल्टी ने बताया कि एलएलबी छठे सेमेस्टर के ‘ऑफेंस अगेंस्ट चिल्ड्रन एंड जुविनाइल ऑफेंसिसस, लैंड लॉ एंड प्रॉपर्टी राइट्स’ विषय की परीक्षा कॉलेज के कुल 250 छात्रों ने दी थी। केवल इसी विषय में 120 से अधिक छात्रों के बहुत ही कम नंबर आए हैं जिससे विवि की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम सत्र होने के कारण छात्र इसके बाद विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और बार काउंसिल की परीक्षा में उपस्थित होना चाहते हैं लेकिन इतने कम अंक लाने पर उन्हें यह मौका गंवाना पड़ेगा। उन्होंने विवि प्रशासन से मांग की है कि केवल इस विषय के लिए जल्द से जल्द स्पेशल बैक परीक्षा करवाई जाए। छात्रों की मांग पर प्राचार्य ने विवि में वार्ता की जिसके बाद उन्होंने अगले दो से तीन दिन में इस विषय पर निर्णय देने का आश्वासन दिया है। ज्ञापन देने वालों में पूर्व अध्यक्ष राहुल कुमार, आशीष रावत, सुमित यादव, हन्नी सिसौदिया, मोहित पेटवाल, जितेंद्र बिष्ट, निखिल आदि मौजूद थे।