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पांच अक्टूबर को पीएम मोदी आऐंगे उत्तराखंड

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच अक्टूबर को उत्तराखंड आ रहे हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय दौरे के दौरान वे मसूरी स्थित लालबहादुर भारतीय प्रशासनिक अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस दौरे की पुष्टि की है।

प्रदेश में आगामी 20 दिन उत्तराखंड में वीआइपी दौरों के हिसाब से खासे अहम रहेंगे। आने वाले दिनों में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 19 सितंबर, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 23 सितंबर (प्रस्तावित) व उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू तीन अक्टूबर को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे।

इसके बाद अब पांच अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड दौरे का कार्यक्रम प्रस्तावित है। देश के शीर्ष नेताओं के उत्तराखंड दौरे के दृष्टिगत आने वाले दिन शासन व प्रशासन के लिए खासे मशक्कत भरे रहेंगे। बीते रोज ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वीवीआइपी दौरों के मद्देनजर शासन व पुलिस के अधिकारियों संग बैठक भी की।

मुख्यमंत्री आवास में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के अलावा राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कहीं किसी प्रकार की कोई कमी न रह जाए। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे को एक रूटीन दौरा बताया। उन्होंने कहा कि वे इस समय देशभर में भ्रमण पर हैं और इसी कड़ी में देहरादून भी आ रहे हैं।

फिल्म भूमि का नया पोस्टर

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रिलीज से एक सप्ताह पहले टी सीरिज की फिल्म भूमि का एक और नया पोस्टर रिलीज किया गया है, जिसमें संजय दत्त खून से लथपथ चेहरे के साथ नजर आ रहे हैं। इस फिल्म के साथ परदे पर सालों बाद वापसी करने जा रहे संजय दत्त इस फिल्म में एक ऐसे पिता का रोल कर रहे हैं, जिसकी बेटी की इज्जत पर हाथ डाला जाता है और पिता अपनी बेटी के सम्मान की लड़ाई लड़ता है।

अदिति राव हैदरी ने परदे पर संजय दत्त की बेटी का रोल किया है। शरद केलकर और शेखर सुमन सहायक भूमिकाओं में हैं सचिन जिगर का संगीत है। टी सीरिज के साथ संदीप कुमार सिंह ने इस फिल्म का निर्माण किया है, जिसके निर्देशक ओमांग कुमार हैं। अब तक फिल्म के चार पोस्टर रिलीज किए जा चुके हैं। ट्रेलर के अलावा फिल्म के तीन गानों को इंटरनेट पर लांच किया गया, जिसमें सनी लियोनी का आइटम सांग भी शामिल है।

शाहरुख खान के साथ फिल्म नहीं बनाएंगे भंसाली

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कुछ दिनों पहले चर्चा गरम थी कि संजय लीला भंसाली और शाहरुख खान देवदास के बाद एक बार फिर साथ काम करेंगे। खुद शाहरुख खान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में इस तरह के संकेत दिए थे, लेकिन अब भंसाली की तरफ से इसका खंडन आया है। भंसाली की टीम का कहना है कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है।

सन 2007 में शाहरुख खान की ‘ओम शांति ओम’ और संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘सांवरिया’ के बीच टकराव हुआ था, जिसे लेकर दोनों ने एक दूसरे पर आरोप भी लगाए थे। इसके कई सालो बाद दोनों की फिल्मों का फिर से टकराव हुआ, जब शाहरुख खान की फिल्म दिलवाले और भंसाली की फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ एक ही दिन रिलीज हुईं। इस बार दोनों सहज रहे। इसके बाद दोनों के बीच रिश्तों में आई तल्खी कम हुई।

शाहरुख खान कुछ ही दिनों पहले भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ के सेट पर भी गए थे। शाहरुख ने इंटरव्यू में कहा था कि, “हम दोनों फिर से साथ काम करने के लिए मौके और कहानी की तलाश कर रहे हैं।” भंसाली की पद्मावती अटकी हुई है और साहिर लुधियानवी के साथ अमृता प्रीतम के रिश्तों को लेकर बनने वाली फिल्म ‘गुस्ताखियां’ भी संकट में घिरी हुई है।

विशाल के साथ काम करेंगे नवाज

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‘रंगून’ के बाद विशाल भारद्वाज ने एक तरफ दीपिका पादुकोण और इरफान को लेकर फिल्म शुरू की है, तो उनके प्रोडक्शन हाउस में एक और फिल्म की योजना पर काम शुरू हुआ है, जिसमें मुख्य भूमिका नवाज करेंगे। नवाज ने इससे पहले कभी विशाल के साथ काम नहीं किया।

विशाल की इन दोनों फिल्मों की खास बात ये भी है कि दोनों फिल्मों में वे सिर्फ निर्माता हैं। दीपिका-इरफान वाली फिल्म का निर्देशन उनके सहायक रहे हनी त्रेहन कर रहे है, जो मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर थ्रिलर फारमेट की फिल्म है। अब ये दूसरी फिल्म उनके सहायक रहे अरुण नंबियार बनाएंगे, जो बतौर निर्देशक उनकी पहली फिल्म होगी। अरुण ‘कमीने’ से लेकर ‘हैदर’ तक विशाल के सहायक निर्देशक रहे हैं।

अरुण की पहली फिल्म को कॉमेडी फिल्म के तौर बनाया जाएगा। नवाज के सहमत होने के बाद फिल्म में कास्ट होने वाली दो हीरोइनों की तलाश हो रही है, जिसमें नए चेहरों को लेने की बात कही जा रही है। बतौर निर्देशक विशाल का अभी वापसी का कोई इरादा नहीं है। ‘रंगून’ के फ्लॉप होने के बाद वे निर्देशन से एक ब्रेक चाहते हैं। 

एक और पारिवारिक फिल्म में होंगे आयुष्मान

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पहले ‘बरेली की बर्फी’ और फिर ‘शुभ मंगल सावधान’ के बाद आयुष्मान खुराना को निर्माता आनंद एल राय की प्रोडक्शन कंपनी में एक और फिल्म में काम करने के लिए अनुबंधित किया गया है, जिसे ट्रायलाजी माना जा रहा है।

‘बरेली की बर्फी’ में आयुष्मान एक प्रेमी की भूमिका में थे, तो ‘शुभ मंगल सावधान’ में वे विवाहित व्यक्ति के रोल में थे। अब इस तीसरी फिल्म के बारे में कहा जा रहा है कि इस फिल्म में वे तलाकशुदा व्यक्ति के रोल में होंगे। इस तीसरी फिल्म की कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है, जिसका गलतफहमी के चलते अपनी पत्नी के साथ तलाक हो जाता है। अपनी गलती महसूस करने के बाद वो व्यक्ति अपनी पत्नी को वापस पाने के लिए जो भागादौड़ी करता है, उसी पर ये फिल्म बताई जा रही है।

अभी तक ये नहीं पता चला है कि इस फिल्म का निर्देशन कौन करेगा पर कहानी पर काम शुरू हो गया है और अगले साल जनवरी से इसकी शूटिंग शुरू होकर इसे जून या जुलाई में रिलीज किया जाएगा। बरेली की बर्फी में कीर्ति सेनन और शुभ मंगल सावधान में भूमि पेड़णेकर के बाद तीसरी फिल्म में आयुष्मान के साथ एक नई हीरोइन होगी। 

फिल्म ‘तेरा इंतजार’ का पहला पोस्टर रिलीज

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बागेश्री फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनी अरबाज खान एवं सनी लियोनी की मुख्य भूमिकाओं से सजी पहली फिल्म ‘तेरा इंतजार’ रिलीज के लिए तैयार है। इसी फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में पिछले दिनों बॉलीवुड एक्टर अरबाज खान एवं अभिनेत्री सनी लियोनी के साथ डायरेक्टर राजीव वालिया दिल्ली के होटल ताज पैलेस में थे, जहां उन्होंने फिल्म का पहला आधिकारिक पोस्टर भी रिलीज किया।

जहां तक बात फिल्म ‘तेरा इंतजार’ की कहानी है, तो इसकी कहानी एक आर्ट गैलरी की मालकिन रौनक (सनी लियोनी) और एक जन्मजात पेंटर वीर (अरबाज खान) के इर्दगिर्द घूमती है। एक दिन रौनक को वीर कहीं नजर नहीं आता है। उसे लगता है, जैसे वीर कहीं गुम हो गया है। उसके बाद वह हर जगह उसकी तलाश में जुट जाती है। अपने गुम हुए प्यार की तलाश के दौरान रौनक को कई तरह के अनुभवों से दो-चार होना पड़ता है।

फिल्म के बारे में अरबाज खान ने बताया कि यह फिल्म काफी स्टाइलिश अंदाज में बनाई गई है। इस वजह से इसमें हॉलीवुड फिल्मों की झलक मिल सकती है, लेकिन इसकी मूल आत्मा बॉलीवुड की ही है। चूंकि यह एक म्यूजिकल थ्रिलर फिल्म है, इसलिए इसमें इसमें कई रोचक-रोमांचक मोड़ नजर आएंगे। इतना ही नहीं, इस फिल्म में सनी लियोनी भी बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आएंगी। उनका ऐसा रूप और अंदाज पहले कभी नहीं देखा गया है।

अभिनेता व फिल्म निर्माता अरबाज खान ने इस फिल्म में अपने रोल के बारे में कहा कि इसमें उनका किरदार पहली फिल्म ‘दरार’ के किरदार की तरह नकारात्मक नहीं है। हालांकि, उनकी पहली फिल्म ‘दरार’ भी एक तरह से रोमांटिक फिल्म थी, लेकिन उनका नकारात्मक किरदार होने के चलते यह थोड़ी हिंसक फिल्म थी, जबकि इस फिल्म में वह नकारात्मक भूमिका में नहीं हैं।उल्लेखनीय है कि 24 नवंबर को रिलीज होने जा रही इस फिल्म में सनी लियोनी और अरबाज खान के अलावा आर्य बब्बर, सुधा चंद्रन और सलिल अंकोला जैसे सितारे हैं।

कंगना की ‘सिमरन’ को मिले सेंसर से दस कट्स

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इस शुक्रवार को रिलीज होने जा रही कंगना की विवादों में रही ‘सिमरन’ को सेंसर बोर्ड से भी जूझना पड़ा। खबरों के मुताबिक, दस कट्स के बाद इस फिल्म को यूए सार्टिफिकेट जारी किया गया है। बताया जाता है कि फिल्म के निर्देशक हंसल मेहता ने इन कट्स को स्वीकार कर लिया है।

कंगना की ये फिल्म मीडिया की सुर्खियों में रही। पहले इस फिल्म में लेखन के क्रेडिट्स को लेकर फिल्म के लेखक अपूर्वा साहनी के साथ विवाद हुआ। कंगना को इस फिल्म में सह लेखक का क्रेडिट दिया गया है, जिसका अपूर्वा ने विरोध किया था।

इस फिल्म के प्रमोशन के लिए कंगना ने मीडिया के साथ बातचीत में विवादित बयानों की झड़ी लगा दी। रितिक रोशन से लेकर आदित्य पंचोली और करण जौहर से लेकर महिला आयोग तक सभी को खरी खोटी सुनाने वाली कंगना ‘सिमरन’ में एक बिंदास गुजराती लड़की का रोल कर रही हैं, जो अमेरिका में रहती है। ‘सिमरन’ के बाद अगले साल अप्रैल में कंगना की रानी लक्ष्मी बाई को लेकर बन रही फिल्म रिलीज होगी।

सीबीएसई स्कूलों में अब पुलिस करेगी सुरक्षा आॅडिट

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सेंट्रल बोर्ड आॅफ सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) से जुड़े स्कूलों में अब तमाम सुविधाओं और संसाधनों पर पुलिस की नजर होगी। इतना ही नहीं स्कूलों में सुविधओं को लेकर पुलिस द्वारा आॅडिट भी किया जाएगा। बोर्ड ने यह कदम स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा के मद्दनजर उठाया है।

बीते दिनों हरियाणा के गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुई छात्र की हत्या के बाद स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी। बोर्ड के नियमों और दिशा निर्देशों को लेकर स्कूलों के गैर जिम्मेदाराना रवैये को देखते हुए अब सीबीएसई ने तेवर जल्ख कर दिए हैं। बोर्ड ने अब स्कूलों में सिक्योरिटी गाइडलाइन की देखरेख आदि के लिए पुलिस की मदद लेने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने हाल ही में छात्र-छात्राओं की संरक्षा और सुरक्षा को गंभीरता से लेते हुए स्कूल परिसर में तमाम सुरक्षा व्यवस्थाएं उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए थे। इन तमाम व्यवस्थाओं को पुलिस की निगरानी में रखे जाने का भी निर्णय बोर्ड ने लिया है। निगरानी का जिम्मा पुलिस विभाग का होगा। पुलिस विभाग द्वारा समय-समय पर स्कूल में इन व्यवस्थाओं की निगरानी के साथ ही जांच भी की जाएगी। इतना ही नहीं स्कूलों को नीदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क में रहते हुए इन व्यवस्थाओं के आॅडिट कराने के साथ ही बोर्ड को निर्देश प्राप्त होने की तिथि से दो माह के अंदर निर्देशों का अनुपालन करते हुए वेबसाइट पर इसकी सूचना भी देनी होगी।
इसके साथ ही स्कूलों को जनता, स्टाफ, अभिभावक व छात्रों की शिकायत निवारण के लिए स्कूल में अलग-अलग कमेटी गठित किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। स्कूलों में यौन उत्पीड़न संबंधी अंतरिम कमेटी पॉक्सो एक्ट के अधीन बनाई जाने और इसके सदस्यों की जानकारी फोन नंबर समेत तमाम जानकारी स्कूल नोटिस बोर्ड व वेबसाइट पर डाली जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। सीबीएसई देहरादून के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने बताया कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा बोर्ड की पहली प्राथमिकताओं में से एक है। स्कूलों में सुरक्षा से संबंधित दिशा निर्देश समय समय पर दिए जाते रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी स्कूलों में घटनाएं घटित हो रही है। जो कि चिंता का विषय है। हरियाण की घटना अत्यंत दुखद व गंभीर है। ऐसा मामलों दौबारा न हो इसके लिए देहरादून परीक्षेत्र स्तर पर अलग से सभी स्कूलों को सुरक्षा से जुड़ी तमाम व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह दिए निर्देश
– निर्देशों के तहत स्कूलों को पूरे परिसर को सीसीटीवी कैमरों से कवर करते हुए इसकी रिकॉर्डिंग में देखने हेतु स्वयं विद्यालय प्रमुख व उपप्रधानाचार्य या वरिष्ठ स्टाफ का दायित्व सुनिश्चित किया जाए।
– स्कूल में शिक्षकों व स्टाफ से गार्ड, ड्राइव, कंडक्टर आदि सभी का साइकोमेट्रिक टेस्ट कराया जाए। उनका पूरा रिकॉर्ड स्कूल के पास उपलब्ध होना अनिवार्य किया जाए।
– वाहन चालक, कंडक्टर, सफाई कर्मचारी, हेल्पर आदि सभी कर्मचारियों का नियुक्ति से पहले पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाए।
– कक्षाओं टॉयलेट व अन्य ज्यादा आवाजाही नहीं होने वाली जगहों पर कड़ी निगरानी होनी चाहिए। यदि संदिग्ध वस्तु या अनैतिक प्रवृत्ति की जानकारी किसी भी स्थिति में संज्ञान में आती है, तो त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।
– स्कूलों में यौन उत्पीड़न संबंधी अंतरिम कमेटी पॉक्सो एक्ट के अधीन बनाई जाए।
– कमेटियों के सदस्यों की जानकारी फोन नंबर समेत तमाम जानकारी स्कूल नोटिस बोर्ड व वेबसाइट पर डाली जाए।
– स्कूल के प्रत्येक दल कोरिडोर में छात्रों की देखरेख व उनकी सुरक्षा हेतु प्रयास होना चाहिए। — स्कूल द्वारा संचालित स्कूल बसों की देखरेख में लगाए गए सभी तकनीकी स्टाफ, ड्राइवर व कंडक्टर जो भी हो दैनानुदित निगरानी रहे व इसके लिए विद्यालय में ट्रांसपोर्ट इंचार्ज बराबर संपर्क में रहे।
– स्कूल बसों को जीपीएस से लैस कराया जाए। बसों में सिक्योरिटी गार्ड सुनिश्चित किया जाए।
– तमाम सुरक्षा व्यवस्थाओं को निकटतम पुलिस स्टेशन द्वारा आॅडिट कराया जाए।

शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को हटाने की उठाई मांग

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राजकीय इंटर कॉलेज थानों के निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे द्वारा शिक्षक-शिक्षिकाओं से किए गए व्यवहार से आहत शिक्षकों ने गुरुवार को काली पट्टी बांधकर अपना विरोध प्रकट किया। प्रदेशभर में जूनियर हाईस्कूल व राजकीय शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने इसे लेकर विरोध जताया।

राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री डॉ. सोहन सिंह माजिला ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के सम्मान से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। शिक्षकों का यह विरोध जारी रहेगा। संघ के जिलाध्यक्ष सुभाष झल्डियाल, जिला मंत्री नागेंद्र पुरोहित ने कहा कि शिक्षा मंत्री और अफसरों को यदि कोई बात कहनी ही है तो वह स्टॉफ रूम में भी बता सकते हैं। छात्रों के सामने गुरु का अपमान किसी भी सूरत में सही नहीं कहा जा सकता।जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की प्रांतीय उपाध्यक्ष कल्पना बिष्ट ने भी कहा कि शिक्षकों का साथ डांट-फटकार का रवैया कतई स्वीकार नहीं होगा। इधर, प्राथमिक शिक्षक संघ ने इससे दूरी रखी। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कृषाली ने कहा कि आंदोलन को संघ का समर्थन केवल एक दिन के लिए था। शिक्षक के सम्मान के लिए जब भी जरूरत पड़ेगी, प्राथमिक शिक्षक साथ खड़े होंगे। बता दें कि प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल व राजकीय शिक्षक संघ ने इससे पहले दून के मुख्य शिक्षाधिकारी कार्यालय पर सांकेतिक धरना दिया था। उनका कहना था कि शिक्षक के सम्मान को ठेस पहुंचाने का अधिकार किसी को नहीं है। मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग भी उन्होंने की थी। 

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम का शुभारम्भ किया

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राज्यपाल डॉ. कृष्णकान्त पाल और मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। स्वच्छता अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार और जन जागरुकता के लिए राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने गढ़वाल एवं कुमांऊ के लिए एक-एक स्वच्छता रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री आवास के जनता मिलन हाल में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल डॉ. पाल ने कहा कि जन और देशहित में दो अक्टूबर 2014 को सम्पूर्ण भारत में स्वच्छता की शपथ ली गई थी। इसके बाद समय-समय पर स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए इस तरह के जागरुकता कार्यक्रमों के माध्यम से ऊर्जा देने की आवश्यकता है ताकि स्वच्छता मिशन के लक्ष्य में किसी भी प्रकार का भटकाव न आए। राज्यपाल ने कहा कि पिछले तीन सालों में विश्वविद्यालयों ने स्वच्छता अभियान पर अच्छा कार्य किया है।

गोविन्द बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय ने स्वच्छता के मामले में देश के सभी विश्वविद्यालयों में से प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि अन्य संस्थाओं, स्कूलों को भी इससे प्रेरित होकर इस अभियान को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने इस स्वच्छता पखवाड़े में 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर सेवा दिवस, 25 सितम्बर को पं. दीन दयाल उपाध्याय के जन्म शताब्दी के अवसर पर सर्वत्र स्वच्छता दिवस और 02 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन एवं नए भारत के लक्ष्य को हम सबको गम्भीरता से लेना होगा। मोहल्लों एवं गांवों से एम्बेस्डर बनकर इस अभियान को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड ग्रामीण क्षेत्र खेल में शौच से मुक्त (ओ.डी.एफ) होने वाला देश का चैथा राज्य है। मार्च 2018 तक राज्य के शहरी क्षेत्र को भी पूर्ण रूप से ओडीएफ करने का लक्ष्य रखा गया है,  इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए सरकार के कार्यक्रमों में सबका योगदान जरूरी है। स्वच्छता मिशन को सफल बनाने के लिए जन सहयोग एवं सहभागिता के साथ ही सबको व्यक्तिगत प्रयास भी करने होंगे।

इस मौके पर पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से शीर्ष पदाधिकारियों से लेकर गांव के अन्तिम व्यक्ति तक सभी लोग स्वच्छता अभियान से जुड़े हैं। किसी भी अभियान को सफल बनाने के लिए समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। स्वच्छता पखवाड़े के तहत 17 सितम्बर को सेवा दिवस के रूप मे 24 सितम्बर को समग्र स्वच्छता दिवस, 25 सितम्बर को सर्वत्र स्वच्छता दिवस, एक अक्टूबर को आइकानिक(विशिष्ट) स्थलों की स्वच्छता दिवस एवं दो अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के रूप में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, महिला व बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य, विधायक हरबंस कपूर, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, मुख्य सचिव एस.रामास्वामी आदि उपस्थित रहे।