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प्रदेश भर में कांग्रेसियों ने मनाया इंदिरा जन्म शताब्दी वर्ष

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देहरादून। राजधानी देहरादून सहित प्रदेश भर में पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न स्वर्गीय इंदरा गांधी के जन्म शताब्दी वर्ष पर मंगलवार कांग्रेसियों ने जिला मुख्यालयों पर धूमधाम से मनाया। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर कांग्रेसजनों द्वारा इन्दिरा गांधी की जन्म शताब्दी के अवसर पर राज्य भर के जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित कर विभिन्न चिकित्सालयों में मरीजों को फल वितरित किए।
प्रदेश मुख्यालय देहरादून में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में दून चिकित्सालय एवं मेडिकल काॅलेज में फल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों ने प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में मरीजों को फल वितरित किए।
इस अवसर पर प्रीतम सिंह ने दून चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण करते हुए सेवारत चिकित्सकों से भी चिकित्सालय की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से गरीबों व वंचितों की सेवा के लिए काम किया है। इसी सेवा भाव के तहत स्व. इंदिरा गांधी के जयंती को जन्म शताब्दी वर्ष के रूप में कांग्रेस पार्टी द्वारा मनाया जा रहा है। ऐसे अनेकों कार्यक्रमों के जरिए गरीबों व असहायों के बीच कांग्रेस काम करती है।
इस अवसर पर पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, पूर्व मंत्री डाॅ. संजय पालीवाल, मुख्य कार्यक्रम समन्वयक राजेन्द्र शाह, महामंत्री नवीन जोशी, प्रदेश सचिव गिरीश पुनेड़ा, प्रदेश सचिव भरत शर्मा, पूर्व मंत्री अजय सिंह, नवीन पयाल, महानगर अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान आदि अनेक कांग्रेसी नेता उपस्थित थे।

धूल फांक रही मशीनों के आये अच्छे दिन

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गोपेश्वर। चमोली जिले के विश्व प्रसिद्ध स्कीइंग केंद्र औली के अच्छे दिनों की शुरुआत हो गई है। 2010-11 में हुए सैफ विंटर गेम के बाद बंद पड़े करोड़ों रुपये के लागत के स्नो मेकिंग सिस्टम के अब अच्छे दिन शुरू हो गये हैं। फ्रेंच की कंपनी द्वारा इन मशीनों के मरम्मत का कार्य मंगलवार से शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि औली की ढलानों में आयोजित होने वाले स्कीइंग प्रतियोगिताओं के लिए वर्ष 2010-11 के सैफ गेम के लिए कृतिम बर्फ बनाने की मशीने लगायी गई थी ताकि बर्फ न पड़ने की दशा में यहां पर कृतिम रूप से बर्फ तैयार कर हर वर्ष स्कीइंग गेम होते रहे। इन मशीनों के लगने के बाद एक दिन हुए ट्रायल के बाद ही मशीनों ने काम करना बंद कर दिया था, जिससे छह करोड़ से अधिक मूल्य की ये मशीने औली की ढलानों पर जंक खा रही थी।
इस वर्ष औली मे 15 जनवरी से इंटरनेशनल स्कीइंग प्रतियोगिता का आयोजन होना है। जिसके लिए पर्यटनमंत्री सतपाल महाराज द्वारा एक बार की बैठक भी औली में आयोजित कर ली है। उन्हीं के अथक प्रयासों से इन मशीनों को ठीक करने का जिम्मा फ्रेंच की एक कंपनी को दिया गया है। इस कंपनी के तकनीशियनों का चार सदस्यीय दल ने मंगलवार को औली की ढलानो पर जंक खा रही इन मशीनों के साथ ही चेयर लिफ्ट व अन्य उपकरणों का निरीक्षण किया तथा इन पर कार्य आरंभ कर दिया है। जल्द ही यहां पर कृतिम बर्फ बनाने वाली मशीनों द्वारा कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।

आखिर सीबीआई जांच से पीछे क्यों हट रहे संत

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हरिद्वार। महंत मोहनदास महाराज की गुमशुदगी मामले में अखाड़े के संत सीबीआई जांच कराने से पीछे हट रहे हैं। महंत के लापता होने के दस दिन बाद मंगलवार को एक बार फिर मंत्री मदन कौशिक अखाड़े पहुंचे और अखाड़े के संतों से मामले की जांच सीबीआई से कराने की बात कही। जिस पर संतों ने सीबीआई की अपेक्षा एसआईटी व पुलिस पर ही भरोसा जताया।

एक ओर तो संत समाज महंत मोहनदास का पता न चलने पर दो अक्टूबर से देशभर में आंदोलन की सरकार को चेतावनी दे रहा है। वहीं जब सरकार सीबीआई जांच की संस्तुति की बात कहती है तो वह ऐसा करने से इंकार कर रहे हैं। आखिर वजह क्या है। जब एसआईटी तथा पुलिस लापता महंत का पता लगा पाने में सक्षम नजर नहीं आ रही तो सीबीआई जांच से अखाड़े के संतों को गुरेज क्यों। पुलिस व एसआईटी जांच का फोकस महंत के करीबियों व मेरठ आदि क्षेत्र में किए हुए है, जबकि अखाड़े के संतों को उसने अभी तक जांच के घेरे में नहीं लिया है। जब जांच की जा रही है तो अखाड़े के संतों को जांच से दूर क्यों रखा गया। अब इस बात की संभावना और बलवती हो गई है कि जब सरकार सीबीआई जांच की पेशकश संतों के समक्ष कर चुकी है तो वह इससे पीछे क्यों हट रहे हैं। इससे लगता है कि दाल में कहीं न कहीं कुछ काला अवश्य है।

रितिक ही बनेंगे आनंद कुमार

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बिहार में गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए रास्ता दिखाने वाले आनंद कुमार की जिंदगी पर बनने वाली फिल्म को लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है। अब ये लगभग स्पष्ट हो चुका है कि रितिक रोशन ही उनकी बायोपिक में काम करेंगे, जिसका निर्देशन विकास बहल करने जा रहे हैं। अभी तक सस्पेंस इस बात को लेकर था कि इस फिल्म में आनंद कुमार का रोल रितिक करेंगे या अक्षय कुमार करेंगे?

चर्चा थी कि अक्षय कुमार ये रोल भी करना चाहते हैं और फिल्म भी वे खुद बनाना चाहते हैं। आनंद कुमार से रितिक की मुलाकात भी हुई और अक्षय कुमार भी उनसे मिले थे। आनंद कुमार पिछले दिनों कौन बनेगा करोड़पति के एक विशेष एपीसोड में हिस्सा लेने मुंबई आए थे, तो रितिक और अक्षय कुमार के साथ उनकी मुलाकातें हुई थीं।

ये भी चर्चा थी कि अपने पिता राकेश रोशन की फिल्म कृष 4 शुरु करने जा रहे रितिक के पास इस फिल्म के लिए वक्त नहीं है, लेकिन उनके साथ ही मामला जम गया। आनंद कुमार भी इस बात से खुश हैं कि परदे पर उनका रोल रितिक रोशन करेंगे। दिलचस्प बात ये है कि विकास बहल ने कंगना के साथ क्वीन बनाई थी।

गुलदार के आतंक से ग्रामीणों में दशहत का माहौल

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अल्मोड़ा/सामेश्वर। ग्रामीणों की तमाम शिकायतों के बाद भी अब तक गुलदार को पकड़ा नहीं जा सका है, जिस कारण पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

बौरारो घाटी के अनेक गांवों में पिछले कई दिनों से गुलदार का आतंक बना हुआ है। इस क्षेत्र में गुलदार अब तक छह से अधिक मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। पिछले दिनों गुलदार ने पशुपालक हरीश राणा, नवीन राणा, गुसाई सिंह और हरी सिंह के छह से अधिक मवेशियों को घात लगाकर बैठे गुलदार ने अपना शिकार बना लिया, जिसके बाद से ग्रामीणों में खौफ का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर शीघ्र गुलदार को पकड़ा नहीं गया तो वह आंदोलन शुरू कर देंगे। ग्रामीणों ने वन विभाग से ग्रामीणों को मारे गए मवेशियों का मुआवजा दिए जाने और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाए जाने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा है कि गुलदार को कई बार आबादी वाले इलाकों में देखा गया है, जिसके बाद से महिलाओं और बच्चों का इधर-उधर जाना दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में कई बार वन विभाग के अधिकारियों से कार्रवाई की मांग भी की, लेकिन इसके बाद भी गुलदार को पकड़ने के लिए अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

2 अक्तूबर को गांधी जयंती पर टायलेट एक प्रेमकथा

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11 अगस्त को रिलीज हुई अक्षय कुमार की बाक्स आफिस पर हिट रही फिल्म ‘टायलेट एक प्रेमकथा’ 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर दूरदर्शन पर दिखा दी गई और अब ये फिल्म गांधी जयंती पर 2 अक्तूबर को सैटेलाइट चैनल द्वारा टेलीकास्ट की जाएगी।

ये फिल्म प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरु किए स्वच्छ भारत अभियान के साथ जोड़ी गई थी और बाक्स आफिस पर इस फिल्म ने 140 करोड़ के आसपास की कमाई की थी। भाजपा शासित कई राज्यों में इसे टैक्स फ्री कर दिया था। अब तक फिल्मों के टेलीविजन पर टेलीकास्ट होने को लेकर कानून था कि थिएटरों में रिलीज होने के कम से कम तीन महीनों बाद ही किसी फिल्म को टीवी पर दिखाया जा सकता है, लेकिन इस फिल्म ने ये कानून तोड़ दिया।

2 अक्तूबर को ही सलमान खान की ट्यूबलाइट भी टीवी पर आएगी, लेकिन ये ईद के मौके पर 17 जून को रिलीज हुई थी। 8 अक्तूबर को बाहुबली 2 भी टीवी पर आ रही है। अनुमान है कि अक्तूबर में ही शाहरुख खान की ‘जब हैरी मीट सेजल’ भी चैनल पर दिखा दी जाएगी।

पंडित दीनदयाल मातृ-पितृ योजना के तहत 25 यात्री बद्रीनाथ के लिए रवाना

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उत्तरकाशी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा बुजुर्ग यात्रियों के एक जत्थे को बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना किया गया। भटवाड़ी तहसील के 25 नागरिकों के इस दल को पंडित दीनदयाल मातृ-पितृ योजना के तहत निःशुल्क यात्रा के लिए भेजा गया है। दल को जीएमवीएन उत्तरकाशी में सोमवार को गंगोत्री विधायक गोपाल रावत और डीएम उत्तरकाशी डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दल मंगलवार को बद्रीनाथ धाम में दर्शन करने के बाद लौटेगा।

सोमवार केे जीएमवीएन में पंडित दीनदयाल मातृ पितृ योजना के तहत 25 यात्रियों को बद्रीनाथ की निःशुल्क यात्रा के ‌लिए गंगोत्री विधायक गोपाल सिंह रावत व डीएम डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों की मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग की ओर से संचालित इस योजना में यात्रियों के रहने, खाने पीने आदि की व्यवस्था की गई है। इस मौके पर एसडीएम देवेंद्र सिंह नेगी, अनुराग आर्य, पर्यटन अधिकारी भगवती प्रसाद टम्टा आदि मौजूद रहे।
वहीं दूसरी ओर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी के मौके पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान हनुमान मंदिर में एक विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। जिसमें कार्यकर्ताओं ने दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों पर चलने व उनके सपनों को साकार करने की शपथ ली। कार्यक्रम के दौरान विजयपाल मखलोगा, रामनरेश तलवार, हरीश सेमवाल, सुधा गुप्ता, जयवीर चौहान, अरविंद नेगी, हरीश डंगवाल, चंदन पंवार आदि मौजूद रहो। 

मौसम में बदलाव के साथ बढ़ रहा डेंगू का कहर

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देहरादून। मॉनसून की विदाई के साथ ही डेंगू का डंक भी गहरा होता जा रहा है। सोमवार को प्राप्त रिपोर्ट में 41 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, जिसके बाद डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 159 पहुंच गई है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से अब तक डेगू संभावित 3727 मरीजों के सैंपल लिए गए हैं, जिनमें 969 की जांच कराई गई। इनमें अब तक 159 मरीजों में डेगू की पुष्टि हुई है, जिनमें जुलाई में चार, जबकि 31 मरीज अगस्त में सामने आए हैं, जबकि सितम्बर माह में अब तक 124 मरीज सामने आ चुके हैं। विभागीय अधिकारी दावा कर रहे हैं कि मच्छर के सफाए के लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में हर अंतराल के बाद फॉगिंग कराई जा रही है। लोगों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। बावजूद इसके डेंगू का मच्छर सक्रिय दिख रहा है। वातावरण में ठंडक आने तक यह स्थिति बनी रहेगी।
देहरादून में जनवरी से अब तक 75 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि हरिद्वार में 61 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। 18 मरीज उत्तर प्रदेश से हैं। टिहरी व रुद्रप्रयाग से डेंगू के दो-दो मरीज और एक मरीज चमोली में सामने आया है। 

नौ महीने बाद भी परवान नहीं चढ़ पाई ”यू-हेल्थ कार्ड” योजना

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देहरादून। राज्य के तकरीबन साढ़े तीन लाख राज्य कर्मचारियों व पेंशन धारकों के लिए नौ माह पूर्व शुरू की गई यू-हेल्थ कार्ड योजना अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई है। संगठनों की ओर से इसे लेकर उठाई जा रही मांग के बाद अब विभाग ने इसकी तैयारियां तकरीबन पूरी कर ली हैं। हालांकि, अभी यह तय नहीं हो पाया है कि यू-हेल्थ कार्ड बनाने का जिम्मा विभाग उठाएगा अथवा यह काम निजी कंपनी को सौंपा जाएगा। अब मुख्य सचिव एस रामास्वामी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

प्रदेश में बीते वर्ष दिसम्बर में राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों व पेंशनधारकों को नकदी रहित चिकित्सा सुविधा देने के लिए यू-हेल्थ योजना अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया था। इस योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों व पेंशन धारकों से प्रतिमाह के निश्चित रकम अंशदान के रूप में ली जानी है। इसी रकम से कर्मचारियों व सेवानिवृत कर्मचारियों व आश्रितों का इलाज किया जाना है।
दरअसल, यू-हेल्थ कार्ड योजना प्रदेश में नई नहीं थी। इसका संचालन स्वास्थ्य महानिदेशालय में गठित एक सेल द्वारा किया जाता है। इस योजना में अभी तक 12 हजार से अधिक कर्मचारी जुड़े हैं। यह बात अलग है कि स्वास्थ्य विभाग के इस सेल में मात्र चार अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं।
बीते वर्ष राज्य सरकार ने सभी कर्मचारियों व पेंशनर्स के लिए उक्त योजना अनिवार्य करने का आदेश जारी किया था। तब यह कहा गया कि यह व्यवस्था अप्रैल से लागू की जाएगी। इसका संचालन सोसायटी के माध्यम से किया जाएगा। इसमें दो चिकित्साधिकारी, दो सहायक लेखाधिकारी, चार लेखा प्रबंधक व चार डाटा ऑपरेटरों को शामिल करने का निर्णय लिया गया। सोसायटी के लिए तो मंजूरी मिल गई है लेकिन अब निर्णय यह लिया जाना है कि इसका संचालन स्वयं विभाग करेगा या फिर इसे निजी कंपनी के हाथों सौंपा जाएगा। फिलहाल, शासन ने योजना का एक मोटा खाका तैयार कर लिया है। अब इस पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक होनी है।
अपर सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडे का कहना है कि विभाग की ओर से यू-हेल्थ कार्ड योजना लागू करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। अब मुख्य सचिव से बैठक का समय मांगा गया है। इसके तुरंत बाद इस योजना को लागू कर दिया जाएगा।

अंशदान से ही मिल जाएंगे 50 करोड़
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस योजना के तहत कर्मचारियों के अंशदान से विभाग को 50 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। इसमें कुछ राशि कर्मचारियों के इलाज पर खर्च होगी, जबकि शेष राशि सोसायटी में जमा रहेगी, जिसका इस्तेमाल अगले सालों में किया जा सकेगा। अभी तक योजना के तहत इलाज पर सालाना करीब पांच करोड़ का खर्च आता है।

मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने दिया ज्ञापन

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अल्मोड़ा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड का सातवें वेतनमान का लाभ दिए जाने सहित अन्य मांगों के निराकरण को लेकर परिषद की रानीखेत शाखा की ओर से उप जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।

ज्ञापन में राज्य कर्मचारियों के लिए एसीपी की व्यवस्था पूर्व की भांति किए जाने, सातवें वेतनमान व अन्य भत्तों का लाभ देने, एरियर का भुगतान करने, विभागीय संगठनों को विश्वास में लिए जाने के बाद ही विभागों का एकीकरण करने, 50 वर्ष की सेवा पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति तथा उत्तम व उत्कृष्ट चरित्र की प्रविष्टि की बाध्यता को समाप्त करते हुए हेल्थ स्मार्ट कार्ड की कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराए जाने आदि मांग की गई है। मांगों का जल्द समाधान नहीं होने पर प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।