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बिग बास 11 के एक एपीसोड के लिए 11 करोड़

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बिग बास का 11वां सीजन शुरु होने जा रहा है और इन दिनों बिग बास के असली बिग बास कहे जाने वाले सलमान खान की फीस को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी को सही माना जाए, तो सलमान खान को बिग बास के 11वें सीजन में प्रति एपीसोड 11 करोड़ से ज्यादा की फीस दी जा रही है।

ये भारतीय टेलीविजन पर किसी भी कलाकार के लिए दी जाने वाली सबसे महंगी फीस बन गई है। जब सलमान खान बिग बास के होस्ट बने थे, तो उनकी फीस 2.50 करोड़ प्रति एपीसोड थी। बिग बास 4 से बिग बास 6 तक उनकी यही फीस रही। जानकारी के अनुसार, बिग बास 7 में उनकी फीस डबल होकर प्रति एपीसोड 5 करोड़ हो गई। बिग बास 9 में ये फीस 8 करोड़ प्रति एपीसोड हो गई और अब इसे बढ़ाकर 11 करोड़ किया गया है। बिग बास का प्रसारण करने वाले कलर चैनल ने इस खबर पर अधिकारिक तौर से कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन चैनल के अधिकारियों ने निजी तौर पर बताया है कि सलमान को लेकर शो को प्रायोजकों और दर्शकों से अच्छा रेस्पांस मिल रहा है, तो उनकी फीस को लेकर कोई समस्या नहीं है।

सूत्र बता रहे हैं कि सोनी चैनल जल्दी ही सलमान के साथ दस का दम की वापसी करना चाहता है, इसे ध्यान में रखते हुए कलर चैनल ने सलमान की फीस को लेकर उनकी शर्तों को आंखें मूंदकर मान लिया है। चैनल के अधिकारियों ने आगे भी हर सीजन के साथ सलमान की फीस में करोड़ रु. प्रति एपीसोड की वृद्धि की संभावना से मना नहीं किया है।

सुनील ग्रोवर का नया अंदाज- बिल्ला शराबी

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पहले गुत्थी और फिर डाक्टर गुलाटी के गेटअप में कामयाबी पाने वाले कामेडी कलाकार सुनील ग्रोवर अब एक नए अंदाज में जनता के सामने आ रहे हैं। मंगलवार , 26 सितंबर को सुनील ग्रोवर इंटरनेट पर अपना नया वीडियो एलबम लांच करने जा रहे हैं, जिसमें वे बिल्ला शराबी के नए अंदाज में होंगे।

इस एलबम में सुनील ग्रोवर ने खुद गाना भी गाया है, जिसकी धुन संगीतकार अमित त्रिवेदी ने तैयार की है। एलबम का टीजर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, जिसके बाद सुनील ग्रोवर की इस नई एलबम को लेकर उत्सुक्ता बढ़ रही है।

इस साल कपिल शर्मा के साथ विवादों में रहे सुनील ग्रोवर के अपने शो को लेकर अब भी स्थिति साफ नहीं है। अब तक माना जा रहा था कि अभिषेक कृष्णा के शो कामेडी टाकीज को सोनी चैनल बंद करके सुनील ग्रोवर का शो शुरु करेगा, लेकिन चैनल ने इन खबरों का खंडन कर दिया है।

अमिताभ की फिल्म भी पीछे हटी

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1 दिसंबर को संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ के रिलीज होने की घोषणा होने के साथ ही एक तरह से हड़कंप मच गया और इस दिन रिलीज के लिए पहले से लाइन में लगी फिल्मों में अफरा-तफरी मच गई। ‘पद्मावती’ के रिलीज होने की घोषणा के फौरन बाद इस दिन रिलीज होने जा रही विद्या बालन की फिल्म ‘तुम्हारी सुल्लू’ को एक सप्ताह पहले खिसका दिया गया, यानी ‘तुम्हारी सुल्लू’ अब 24 नवंबर को रिलीज कर दी जाएगी।

इसी दिन 1 दिसंबर को अमिताभ बच्चन और ऋषि कपूर की फिल्म ‘102 नाट आउट’ भी रिलीज होनी थी। उमेश शुक्ला के निर्देशन में बनी इस फिल्म को भी अब आगे खिसका दिया गया है। अब इसके लिए नए सिरे से रिलीज की तारीख ढूंढी जा रही है। उम्मीद है कि अब ये फिल्म अगले साल रिलीज होगी। फिल्म की यूनिट ने पद्मावती की रिलीज तारीखो में बदलाव की आलोचना की है।

सूत्रों का कहना है कि हमने 6 महीने पहले अपनी फिल्म की रिलीज डेट तय की थी। पद्मावती ने आकर हमें संकट में डाल दिया। भंसाली की फिल्म को पहले दीवाली पर 17 नवंबर को रिलीज होना था, लेकिन काम पूरा न होने की वजह से इसे आगे बढ़ाया गया।

चण्ड-मुण्ड को मारने के कारण पड़ा माता का नाम चण्डी

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तीर्थनगरी हरिद्वार को गंगा के साथ मठ-मंदिरों की नगरी भी कहा जाता है। यहां अनेक पौराणिक व नवनिर्मित मंदिरों में बड़ी संख्या है। जहां नवनिर्मित मंदिर अपनी आधुनिक कला के लिए विख्यात है। वहीं, पौराणिक अपने इतिहास व मनोकामना पूर्ति के लिए विख्यात हैं। ऐसे ही पौराणिक मंदिरों में एक है चण्डी देवी मंदिर।

चण्डी देवी मंदिर को चण्डिका देवी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। चण्डी देवी मंदिर हर की पौडी से करीब तीन किमी की दूरी पर है। यह हिमालय के दक्षिणी पर्वत श्रृंखला के पूर्वी शिखर पर नील पर्वत की चोटी पर स्थित है। कहा जाता है कि मंदिर में चण्डी देवी की मूर्ति हिन्दूओं के महान संत शंकरचार्य ने आठवीं शताब्दी में स्थापित की थी। यह मंदिर हरिद्वार के पांच तीर्थ स्थलों में से एक है। इस मंदिर को कश्मीर के एक राजा सुचत सिंह द्वारा 1929 में पुनः बनवाया गया था।

मंदिर में पैदल व रोपवे के माध्यम से पहुंचा जा सकता है। चण्डी देवी के संबंध में पौराणिक कथाओं के अनुसार शुंभ और निशुंभ, दो राक्षसों ने इन्द्र देवता के राज्य स्वर्ग पर कब्जा कर लिया था। इन्द्र ने देवी पार्वती से प्रार्थना कि तब देवी पार्वती ने चण्डिका का रूप धारण किया। राक्षस शुंभ ने देवी कि सुन्दरता से आकर्षित होकर देवी से विवाह करने की कामना की परन्तु देवी ने मना कर दिया। तब राक्षस शुंभ ने देवी से लड़ाई के लिए अपने दो प्रमुख राक्षस चंद और मुण्ड को भेजा।

देवी चण्डिका के हाथों दोनों राक्षस चण्ड और मुण्ड को मार गिराया। चण्ड और मुण्ड के मरने के बाद शुंभ और निशुंभ दोनों ने मिलकर चण्डी देवी से युद्ध किया परन्तु दोनों ही देवी के हाथों मारे गए थे। युद्ध के बाद देवी ने थोड़ी देर नील पर्वत पर विश्राम किया था।

बाद में इस जगह पर चण्डी देवी का मंदिर बनाया गया। इसके अलावा, पर्वत श्रृंखला दो चोटियों को शुंभ और निशुंभ कहा जाता है। चण्डव मुण्ड को मारने के कारण ही मंदिर में विराजमान माता को मां चण्डी देवी कहा गया। यहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। नवरात्र में श्रद्धालुओं का यहां तांता लगा रहता है। नवरात्र में चतुर्दशी तिथिको यहां विशाल मेला भरता है, जिसे चण्डी चौदस मेला कहा जाता है। 

यमुनोत्री विधानसभा के स्कूलों को फर्नीचर के लिए मिलेंगे 60 हजार

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यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्कूल में फर्नीचर की व्यवस्था के लिए 60 हजार रुपये देने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने जीआईसी चिन्यालीसौड़ को अतिरिक्त तीन लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने यह घोषणा राजकीय इंटर कॉलेज चिन्यालीसौड़ में सोमवार को 57वीं जनपद स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का उद्घाटन के दौरान की।

57वीं जनपद स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का उद्घाटन सोमवार को राइंका चिन्यालीसौड़ के खेल मैदान में यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने किया। तीन दिन तक चलने वाली इस प्रतियोगिता के पहले दिन चिन्यालीसौड़ और नौगांव ब्लॉक के धावकों का दबदबा रहा। इस दौरान यमुुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने यमुनोत्री क्षेत्र के प्रत्येक हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्कूल में फर्नीचर के लिए 60 हजार रुपये देने की घोषणा की। साथ ही जीआईसी चिन्यालीसौड़ को अतिरिक्त तीन लाख रुपये देने की घोषणा की।

विधायक केदार सिंह रावत ने कहा कि खेल हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल हमारे शारीरिक विकास के लिए जरूरी है। इस दौरान सब जूनियर बालक 600 मीटर दौड़ में राइंका खरादी नौगांव के विवेक ने पहला और राइंका गुंदियाटगांव पुरोला के पंकज ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। जूनियर वर्ग बालक की 800 मीटर दौड़ में राइंका राजगढ़ी नौगांव के प्रवेश ने बाजी मारी। जबकि दूसरे स्थान पर बिरजा इंटर कॉलेज चिन्यालीसौड़ के अंकित रावत रहे।

सीनियर बालक की 800 मीटर दौड़ में राइंका जोगत चिन्यालीसौड़ के राहुल पहले और राइंका डुंडा के अर्जुन सिंह दूसरे स्थान पर रहे। जूनियर बालिका 800 मीटर दौड़ में राइंका बनचौरा चिन्यालीसौड़ की करीना पहले और बालिका हाईस्कूल कफनौल नौगांव की सोनम दूसरे स्थान पर रहीं। सब जूनियर बालिका वर्ग की 600 मीटर दौड़ में राइंका खालसी चिन्यालीसौड़ की संजना पहले स्थान पर रहीं, जबकि दूसरे स्थान पर राइंका बर्नीगाड नौगांव की कुसुम रहीं। सीनियर बालिका 800 मीटर में राइंका नौगांव की मीरा ने बाजी मारी, दूसरे स्थान पर राइंका खालसी की मकानी रहीं। 

22 सूत्रीय मांगों को लेकर 9 से 11 अक्टूबर तक कार्य बहिष्कार

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वेतन समिति की रिपोर्ट को रद करने और एसीपी की पुराने व्यवस्था लागू करने समेत 22 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले कर्मचारियों ने प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन किया। चार अक्टूबर को सचिवालय कूच होगा। साथ ही नौ से 11 अक्टूबर तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। सरकार को चेतावनी दी कि अगर यही रवैया रहा तो बेमियादी हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

राजधानी में कर्मचारी विकास भवन परिसर में एकत्र हुए। परिषद के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रह्लाद सिंह ने कहा कि सरकार और शासन का रवैया कर्मचारी विरोधी है। कई बार वार्ता हुई, जिसमें तमाम बिंदुओं पर सहमति भी बनी लेकिन स्थिति जस की तस है। लिहाजा, कर्मचारियों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। वेतन समिति की कैबिनेट से पास हुई रिपोर्ट कर्मचारी विरोधी है।

सरकार से मांग है कि वेतन समिति को भंग किया जाए, रिपोर्ट रद हो और नए सिरे से वेतन विसंगतियों के निस्तारण की कार्यवाही शुरू की जाए।साथ ही सरकार ने एसीपी की जो नई व्यवस्था लागू की है, उससे काफी कर्मचारियां का हित प्रभावित हो रहा है। नई व्यवस्था में 10, 20 और 30 वर्ष की सेवा पर मिलेगा। जबकि, पूर्व की व्यवस्था में 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पर मिलता था। इसलिए सरकार अविलंब पुरानी व्यवस्था को ही लागू करने का शासनादेश जारी करे।

प्रांतीय प्रवक्ता अरुण पांडे ने कहा कि वेतन समिति ने सभी सिद्धांतों को दरकिनार किया है, इससे राज्य के धन ही नहीं, बल्कि समय की भी बर्बादी हुई है। साथ ही विभागों के एकीकरण से पहले संबंधित कार्मिकों का पक्ष सुना जाए और उन्हें विश्वास में लेकर ही कोई कार्यवाही हो। इस दौरान नंदकिशोर त्रिपाठी, शक्ति प्रसाद भट्ट, आरएस बिष्ट, जगमोहन सिंह नेगी, अंजू बड़ोला, रेनू लांबा, गुड्डी मटूडा, ललिता नेगी, एमपी शाही, सीपी सुयाल, सुनील डोबरियाल, ओमवीर सिंह, पीएल बड़ोनी आदि मौजूद रहे। 

जिला मुख्यालयों में 26 को कांग्रेस मनाएगी इंदिरा शताब्दी वर्ष

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 उत्तराखण्ड कांग्रेस भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इन्दिरा गांधी के जन्म शताब्दी वर्ष 2017 पर प्रदेश के जिला मुख्यालयों में 26 सितम्बर को विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन करेगी।

इसी कार्यक्रम के तहत 26 सितम्बर को अपराह्रन 12 बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में देहरादून स्थित दून चिकित्सालय में फल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेतागण एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे। इसी प्रकार हरिद्वार, रुड़की, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, काशाीपुर, चंपावत सहित अन्य सांगठिनक जिलों में कांग्रेस कार्यक्रम का आयोजन कर इंदिरा गांधी के कार्यों को बताएगी। 

लगातार सातवीं बार नंबर-वन रहा सेंट जोजेफ स्कूल

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देहरादून। सेंट जोजेफ एकेडमी ने लगातार सातवीं बार नंबर-वन स्कूल होने का खिताब हासिल किया है। एजुकेशन वर्ल्ड द ह्यूमन डेवलपमेंट मैगजीन द्वारा कराए गए सर्वे में उत्तराखंड व देहरादून के को-एड डे स्कूल में एकेडमी को पहला स्थान मिला है। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर भी स्कूल ने 58वीं रैंक हासिल की है। प्रधानाचार्य ब्रदर बाबू वर्गेस ने दिल्ली में आयोजित समारोह में बेस्ट स्कूल की ट्रॉफी ग्रहण की।

ब्रदर बाबू वर्गेस ने बताया कि स्कूल छात्रों को गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान कर रहा है। इसी का नतीजा है कि इंटर व हाईस्कूल स्तर पर कई बार छात्रों ने बोर्ड परीक्षा में देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया। स्कूल का ध्येय सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि छात्रों का सर्वागींण विकास है। समय-समय पर छात्रों ने यह साबित किया है। खेलकूद, वाद-विवाद या अन्य प्रतिस्पर्धा में छात्रों ने प्रदेश ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि स्कूल की साल-दर-साल उपलब्धि शिक्षक व छात्रों की कड़ी मेहनत का नतीजा है। उन्होंने बताया कि एजुकेशन वर्ल्ड ने देशभर के तकरीबन 1000 स्कूलों की रैंकिंग की है। जिन्हें शिक्षा, खेलकूद सहित अन्य तमाम मानकों पर परखा गया। 

”ट्राइबल टूरिज्म” को पहली बार मिलेगी ”टूरिज्म पाॅलिसी” में जगह

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लंबे इंतजार के बाद सही लेकिन उत्तराखंड सरकार ने अपनी टूरिजम पॉलिसी तैयार कर ली है और शायद पहली बार इसमें ट्राइबल टूरिजम को जगह दी जाएगी।इसके साथ ही युवाओं की रुचि देखकर इस बार फोकस एडवेंचर टूरिजम को बढ़ाने पर होगा। इससे पहले साल 2001 में पॉलिसी आई थी जिसके बाद टूरिजम पॉलिसी नहीं बनी। एनबीटी से खास बात करते हुए उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि पॉलिसी में इस बात का भी जिक्र होगा कि हर एक- दो साल में पॉलिसी का रिव्यू किया जाएगा और जरूरत के हिसाब से उसमें बदलाव होगा।

आखिरी गांव जाने पर मिलेगा सर्टिफिकेट: सतपाल महाराज ने कहा कि अब तक किसी ने ट्राइबल टूरिजम के बारे में नहीं सोचा। हमारी पॉलिसी में इस पर जोर रहेगा। नीती, माणा जैसे बॉर्डर से लगे आखिरी गांवों में जो पर्यटक जाएंगे उन्हें एक सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा कि वे आखिरी गांव में रहे हैं। ये गांव अपने आप में इतिहास समेटे हुए हैं। इनका अलग रहन सहन है और इनके अलग देवी देवता हैं। इनका तिब्बत से व्यापार चलता था और ये ब्रदीनाथ को सोना चढ़ाते थे। वे देवताओं पर सोना पेंट करते थे। इनका अपना एक तरीका है।

नेलांग वैली में कर सकेंगे हैरिटेज वॉक: उन्होंने कहा कि गंगोत्री से थोड़ पहले एक  रास्ता है जो नेलांग वैली की तरफ जाता है।यह अंद लाईन में हैं और बेहद खूबसूरत है लेकिन लोग यहां रुक नहीं सकते। वहां एक गर्तोक गली है जिसमें लकड़ी का एक पुल बना है। जिससे होकर तिब्बत से लोग उत्तरकाशी में व्यापार करने आते थे। जिस तरह हमने कुछ वक्त पहले हर्षिल, मुखबा और बगोली गांव को इनर लाइन से बाहर किया है उसी तरह हमने नेलांग वैली के लिए भी इजाजत ले ली है। हम वहां स्ट्रक्चर बनाएंगे और पर्यटक यहां आकर कुछ देर सुस्ता सकते हैं। हालांकि रात गुजारने की इजाजत नहीं होगी। यह सब हम टूरिजम पॉलिसी में जोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि चीन बॉर्डर से लगा एक गांव है जादुंग। जब चीन के साथ युद्ध हुआ था तब लोगों को वहां से हटा दिया गया था। वहां मकान और उनका सामान ज्यों का त्यों पड़ा है। वक्त वहां ठहरा सा लगता है। हमारी कोशिश है कि वहां तक पर्यटकों को ले जाने की इजाजत हमें मिल जाए।

गांव वाले बनेंगे स्टोरीटेलर: टूरिजम पॉलिसी में इस पर भी जोर है कि ट्राइवल टूरिजम को बढ़ाने के लिए गांव के लोगों को स्टोरीटेलर की ट्रेनिंग दी जाएगी। सतपाल महाराज ने कहा कि ये लोग बहुत अच्छे स्टोरीटेलर हैं पर हम उन्हें ट्रेनिंग देंगे ताकि वह पर्यटकों के लिए गाइड बन सकें। इससे उन्हें रोजगार मिलेगा और पर्यटकों को उस जगह से जुड़ी वह अनसुनी कहानियां सुनने को मिलेंगी जो इनके पूर्वज इन्हें सुनाते रहे हैं। गांव वालों को हम लोकल म्यूजिक में भी ट्रेनिंग देंगे।

एडवेंचर के साथ सुपरनेचुरल टूरिजम को भी बढ़ावा: सतपाल महाराज ने बताया कि टूरिजम पॉलिसी में हमारा फोकस एडवेंचर टूरिजम के साथ ही सुपरनेचुरल टूरिजम पर भी है। हम उत्तराखंड को विंटर डेस्टिनेशन बनाना चाहते हैं। लोग स्कीइंग के लिए उत्तराखंड आएं इसलिए हम औली को डिवेलप कर रहे हैं। टिहरी की वॉटर लेक में हम वॉटर स्पोर्ट्स शुरू करेंगे साथ ही कुछ सालों बाद हमें पंचेश्वर डैम की भी बड़ी लेक मिल जाएगी जिसमें भी वॉटर स्पोर्ट्स की प्लानिंग है। उन्होंने कहा कि कई गांवों में पूजा के दौरान लोगों पर देवता आते हैं या कहीं यक्ष प्रकट होते हैं। इस तरह के चमत्कारिक और सुपरनेचुरल टूरिजम को भी हम बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी में जगह दे रहे हैं।

 

रिकॉर्ड से ज्यादा श्रद्धालुओं ने की चारधाम यात्रा

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देहारादून। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ श्राद्धालु आए। वर्ष 2013 में आई आपदा में भारी जन-धन की हानि हो गई थी, जिसके बाद से पिछले कुछ सालों से चार धाम यात्रा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आ गई थी। लेकिन इस वर्ष लगभग 21 लाख श्राद्धालुओं ने चारो धाम के दर्शन किए है।

इस वर्ष चारधाम की यात्रा के प्रारंभ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कपाट खुलने के अवसर पर दर्शन किए थे। भारत के शीर्ष नेतृत्व द्वारा जिस प्रकार चारधाम यात्रा के दो प्रमुख धामों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई गई इससे आमजन और देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और सैलानियों के मन में उत्तराखण्ड के प्रति विश्वास का भाव बढ़ा। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष अभी लगभग 21 लाख श्रद्धालुओं ने चार धाम यात्रा और हेमकुंड साहिब के दर्शन किए हैं, जोकि अपने आप में संभवत एक रिकॉर्ड है।
वहीं हाल ही में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रतिकूल मौसम के बावजूद भी केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन किया। इससे केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा से इस वर्ष सुरक्षित और सुगम चारधाम यात्रा का संदेश और अधिक प्रबल हुआ है।
उत्तराखंड पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष यात्रा शुरू होने से 23 सितम्बर तक बद्रीनाथ धाम में 779865, केदारनाथ धाम में 432173, गंगोत्री धाम में 385637, यमुनोत्री धाम में 371893 तथा हेमकुण्ड साहिब में 119010 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।