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भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ का ट्रेलर हुआ लांच

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संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती का ट्रेलर आज लांच कर दिया गया। भव्य स्तर पर बनी इस फिल्म का ट्रेलर सोशल मीडिया पर लांच कर दिया गया। पहले कहा जा रहा था कि ट्रेलर लांच करने के लिए मुंबई में एक समारोह आयोजित किया जाएगा, लेकिन बाद में बताया गया कि इस फिल्म का विरोध कर रहे राजस्थानी राजपूतों के संगठन कार्णिक सेना के सदस्यो द्वारा समारोह मे उपद्रव करने की आशंका को देखते हुए इस आयोजन को रद्द कर दिया गया।

ट्रेलर में फिल्म के तीनों कलाकारों दीपिका पादुकोण, शाहिद कपूर और रणबीर सिंह को शानदार अंदाज में दिखाया गया है। सूत्र बता रहे हैं कि फिल्म के संवादो को लेकर अभी दो और ट्रेलर लांच किए जाएंगे। अगले सप्ताह से फिल्म की टीम इसके प्रमोशन का काम शुरु करने जा रही है।

190 करोड़ से ज्यादा की लागत वाली भंसाली की ये फिल्म आगामी 1 दिसंबर को रिलीज होने जा रही है। हाल ही में केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने भरोसा दिलाया है कि इस फिल्म के रिलीज में कहीं कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। फिर भी आशंका है कि राजस्थान में कार्निक सेना के सदस्य इसे लेकर विरोध का हंगामा जरुर करेंगे।

रणबीर-आलिया की फिल्म का नाम बदला

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रणबीर कपूर और आलिया भट्ट को लेकर अयान मुखर्जी की फिल्म ‘ड्रैगन’ को लेकर कुछ वक्त पहले तक चर्चा थी कि इसे कुछ वक्त के लिए स्थगित कर दिया गया है। अब खबर मिल रही है कि एक नए टाइटल के साथ इस फिल्म को जल्दी ही आगे बढ़ाया जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार, अब इस फिल्म का नया टाइटल ‘ब्रह्मास्त्र’ रखा जाएगा। इस साइंस फिक्शन फिल्म के नए टाइटल का संकेत खुद करण जौहर ने हाल ही में दिया। उनकी कंपनी के सूत्र बता रहे हैं कि जल्दी ही धर्मा प्रोडक्शन की ओर से औपचारिक तौर पर फिल्म की घोषणा की जाएगी।

2013 में ‘ये जवानी है दीवानी’ को मिली कामयाबी के बाद इसके निर्देशक अयान मुखर्जी ने रणबीर-आलिया के साथ फिल्म बनाने की बात कही थी। 2015 में इसकी औपचारिक घोषणा हुई थी, जिसमें रणबीर और आलिया के साथ अमिताभ बच्चन का नाम भी था। बच्चन के साथ ये टीम पहली बार काम करने वाली थी। कुछ वक्त पहले फिल्म को लेकर चर्चा थी कि कहानी में कुछ फेरबदल होने की वजह से फिल्म की शूटिंग स्थगित की गई है। करण जौहर ने अब संकेत दिए हैं कि इस साल के अंत तक ये फिल्म सेट पर जा सकती है।

केबीसी के सेट पर मनाया गया अमिताभ बच्चन का 75वां जन्मदिन

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अमिताभ बच्चन का जन्मदिन 11 अक्तूबर को है, लेकिन इससे पहले ही कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर सदी के महानायक का 75वां जन्मदिन मनाया गया। इस मौके पर बच्चन काफी भावुक नजर आए। केबीसी की टीम ने इस मौके पर बच्चन को लेकर एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें उनके स्कूल के दिनों के टीचर और दोस्तों की शुभकामनाएं भी दिखाई गईं। बरसों बाद परदे पर अपने पुराने संगी-साथियों को लेकर बच्चन की आंखें नम हो गईं।

गिटार वादक निलाद्री कुमार ने गिटार पर उनके लिए हैप्पी बर्थ डे गाया, जिसमें वहां मौजूद प्रतियोगियों और दर्शक दीर्घा में मौजूद लोगों ने स्वर मिलाए। केबीसी की टीम ने इस मौके पर 17 साल से चले आ रहे बच्चन और केबीसी के सफर की झलकियां भी पेश कीं और इस सफर को शानदार और यादगार बनाने के लिए बच्चन का शुक्रिया कहा।

बच्चन इस सरप्राइज आयोजन को देखकर चकित हो गए और उनको रुमाल से अपने आंसू साफ करते देखा गया। एक दूसरी खबर ये है कि बच्चन ने इस बार जन्मदिन न मनाने का फैसला किया है, हालांकि बच्चन की मीडिया टीम ने अभी तक इस खबर की पुष्टि नहीं की है।

कुछ दिनों पहले ये जरुर चर्चा थी कि बच्चन परिवार धूमधाम उनका 75वां जन्मदिन मनाना चाहता है, जबकि बच्चन सादगी से ही अपना जन्मदिन मनाना चाहते हैं। पारिवारिक सूत्र बताते हैं कि बेटी श्वेता और नवासी नव्या के आग्रह पर बच्चन अपनी सोच बदल सकते हैं।

सरकार दिव्यांगों की हरसम्भव मदद के लिए तैयार: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत

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देहरादून। सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को एएनएम घोष आॅडिटोरियम ओएनजीसी में आईवीवाई मेमोरीयल इण्टीग्रेटेड एजुकेशन सोसायटी की ओर से आयोजित दिव्यांग विद्यार्थियों के उत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उत्तराखंड में पहली बार आयोजित दो दिवसीय दिव्यांग टैलेंट शो दिव्यांगोत्सव में कई स्कूलों और संस्थाओं के बच्चों ने प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि समय के साथ समाज एवं मां-बाप की दिव्यांगों के प्रति सोच बदली है। आधुनिकतम तकनीकि के प्रयोग और नवाचारों से दिव्यांग स्कूलों में अध्यापकों ने बच्चों को हर खुशी देने का सराहनीय प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार दिव्यांगों की हरसम्भव मदद के लिए तैयार है। दिव्यांगों को बसों में आने-जाने के लिए सहायक की आवश्यकता न पड़े इसके लिए अधिकारियों को समाधान निकालने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य में विभिन्न चयन संस्थाओं द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले दिव्यांग अभ्यर्थियों हेतु सुविधा प्रदान किए जाने, परीक्षा केन्द्र बहुमंजिले भवन में होने की स्थिति में दिव्यांग अभ्यर्थियों को भवन के भूतल स्थित कक्ष में ही सीट आवंटित किए जाने एवं परीक्षा केन्द्र जनपद मुख्यालयों में रेलवे स्टेशन अथवा बस स्टेशन के समीप बनाए जाने के आदेश जारी कर दिये गए हैं। आवश्यकतानुसार उनकी सुगमता के लिए रैम्प आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
दिव्यांगोत्सव में मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्कूलों से आये दिव्यांग छात्र-छात्राओं में, चित्रकला, संगीत, ग्रुप डांस एवं अन्य प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कृत भी किया। आईआईटी रुड़की की अनुश्रुति संस्था को सर्वश्रेष्ठ संस्था का पुरस्कार मिला। इस अवसर पर एग्लो इंडियन विधायक जार्ज आईवन ग्रेगरी मैन एवं विभिन्न स्कूलों से आए दिव्यांग छात्रों के शिक्षक उपस्थित रहे।

कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से महकमों में सन्नाटा

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देहरादून। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े कर्मचारियों ने एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) की नई व्यवस्था और वेतन समिति की रिपोर्ट के खिलाफ सोमवार को प्रदेशभर में कार्य बहिष्कार करने पर सरकारी महकमों में सन्नाटा पसरा रहा। मंगलवार और बुधवार को भी कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
परिषद के प्रतिनिधि मंडल ने वित्त मंत्री प्रकाश पंत को उनके आवास पर 23 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। उन्होंने मुख्य सचिव को फोन कर कहा कि वार्ता के माध्यम से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान निकाला जाए। प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास राधा रतूड़ी को निर्देश दिया कि सुपरवाइजरों की पदोन्नति का मामला शीघ्र निस्तारित किया जाए। राजधानी में कर्मचारी विकास भवन परिसर में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रहलाद सिंह ने कहा कि वेतन विसंगतियों के संबंध में वेतन समिति की जो रिपोर्ट कैबिनेट से अनुमोदित हुई, वह कर्मचारी विरोधी है। क्योंकि, सुनवाई तो 300 संवर्गों की हुई, लेकिन विसंगतियों का निस्तारण केवल 28 संवर्गों का हुआ। इससे कर्मचारियों में आक्रोश है।
परिषद के प्रदेश प्रवक्ता अरुण पांडे ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पर मिलने वाले पदोन्नत्ति वेतनमान की व्यवस्था आचार संहिता के दौरान की समाप्त कर दी थी। इससे कार्मिक आर्थिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। क्योंकि, नई व्यवस्था में पदोन्नत्ति वेतनमान या एसीपी का लाभ 10, 20, 30 वर्ष की सेवा पर मिलेगा। इसका हवाला सातवें वेतनमान की आदेशों में दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार व शासन स्तर पर सरकार से सकारात्मक वार्ताएं हो रही हैं, लेकिन समस्याओं का हल होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान नंदकिशोर त्रिपाठी, आरएस बिष्ट, भोपाल सिंह, आरपी जोशी, सीपी जुयाल आदि मौजूद रहे। 

क्षमता से अधिक बच्चों को ले जा रहे ऑटो को डीएम ने किया सीज

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हरिद्वार। सोमवार की सुबह एक ऑटो 14 स्कूली बच्चों को भरकर ले जा रहा था। उसे देखते ही डीएम ने उसे रुकवाकर सवाल-जवाब किया। उसके बाद सीज कर दिया।

आटो ड्राइवर एक बच्चे से 700 रुपये लेता था और पैसे के लालच में छोटे से ऑटो में 14 बच्चों को किसी तरह ठूंस रखा था। इतना ही नहीं, 14 बच्चों के बोझ से वह ऑटो चलने की हालत में भी नहीं था। डीएम दीपक रावत ने तुरंत एक्शन लेते हुए ऑटो को सीज करवा दिया। साथ ही एआरटीओ को ऐसे तमाम वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिये हैं जो मासूम बच्चों को इस तरह उनकी जान से खिलवाड़ करते हैं। डीएम ने अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को सीज करने को कहा है।

अहोई अष्टमी का जानें शुभ मुहूर्त

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हरिद्वार, अहोई अष्टमी का व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी को किया जाता है। करवा चौथ के चार दिन बाद मनाए जाने वाला यह व्रत संतान की लम्बी आयु के लिए माताएं रखती हैं। संतान की सलामती से जुड़े इस व्रत की बहुत महत्ता है। इस व्रत को हर महिला अपने बच्चे के स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए करती है।

ज्यातिषाचार्य पं. प्रदीप जोशी के अनुसार, कुछ महिलाएं इस व्रत को बच्चा प्राप्ति के लिए भी करती हैं। कहा जाता है कि अहोई अष्टमी का व्रत करने से अहोई माता खुश होकर बच्चों की सलामती का आशीर्वाद देती हैं। इस बार अहोई अष्टमी व्रत 12 अक्टूबर को है। तारों और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाता है। अहोई व्रत का शुभ मुहूर्त सुबह 6.14 से 7.28 बजे तक तथा शाम 6.39 बजे से शुरू है। इस बार अहोई 6 बजकर 55 बजे शुरू होगी तथा 13 अक्टूबर को सुबह 4.59 बजे तक रहेगी।

अहोई अष्टमी व्रत की विधि
व्रत के दिन प्रातः उठकर स्नान करें और पूजा के समय ही संकल्प लें कि हे अहोई माता, मैं अपने पुत्र की लम्बी आयु एवं सुखमय जीवन के लिए अहोई व्रत कर रही हूं। इस व्रत में माता पर्वती की पूजा की जाती है। अहोई माता की पूजा के लिए गेरू से दीवार पर अहोई माता का चित्र बनाया जाता है और साथ ही स्याहु और उसके सात पुत्रों का चित्र भी निर्मित किया जाता है। माता के सामने चावल की कटोरी, मूली, सिंघाड़े रखते हैं और दिया रखकर कहानी कही जाती है। कहानी कहते समय चावल हाथ में लिए जाते हैं। संध्या काल में इन चित्रों की पूजा की जाती है। पके खाने में चौदह पूरी और आठ मठरी का भोग अहोई माता को लगाया जाता है। उस दिन बयाना निकाला जाता है। बायने में चौदह पूरी या मठरी या काजू होते हैं। लोटे का पानी शाम को चावल के साथ तारों को अर्घ किया जाता है।

ज्यातिषाचार्य पं. प्रदीप जोशी ने बताया कि, “अहोई पूजा में एक अन्य विधान यह भी है कि चांदी की अहोई बनाई जाती है, जिसे स्याहु कहते हैं। इस स्याहु की पूजा रोली, अक्षत, दूध-भात से की जाती है। पूजा चाहे आप जिस विधि से करें, लेकिन दोनों में ही पूजा के लिए एक कलश में जल भरकर रख लें। पूजा के बाद अहोई माता की कथा सुनें। पूजा के पश्चात अपनी सास के पैर छूएं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। इसके पश्चात व्रती अन्न जल ग्रहण करती है।”

ऊर्जा विभाग के रिटायर सुपरिटेंडेंट की सड़क हादसे में मौत

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देहरादून। थाना नेहरू कॉलोनी अंतर्गत आईआईपी मोहकमपुर के गेट के पास एक एक्टिवा सवार को ट्रक ने टक्कर मार दी। एक्टिवा सवार की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, हरिद्वार की ओर जा रहे एक खाली ट्रक नंबर यूके 16 सीए 0651 ने एक एक्टिवा सवार यूके 07 एएफ 0481 को टक्कर मार दी। एक्टिवा पर सवार पर्वत सिंह नेगी, निवासी मकान नंबर 136, लक्ष्मी निवास बालावाला थाना रायपुर की मृत्यु हो गई।

वह करीब दो वर्ष पूर्व ऊर्जा विभाग से ऑफिस सुपरिटेंडेंट के पद से रिटायर हुए थे। ट्रक चालक ट्रक छोड़कर भाग गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया। पुलिस का कहना है कि मृतक के परिजनों के आने पर पंचायतनामा की कार्यवाही की जाएगी और तहरीर प्राप्त होने पर अभियोग दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

इंटरनेशनल योगा आसन्न चैंपियनशिप का आगाज़

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ऋषिकेश। अंर्तराष्ट्रीय योग नगरी के रूप में पुरे विश्व में अपनी पहचान बना चूका ऋषिकेश एक बार फिर योग के प्रसार प्रचार के लिए तैयार हो गया है।योग आसनों के प्रदर्शन का मिनी महाकुंभ कहे जाने वाले अंतराष्ट्रीय योग आसन्न चैंपियनशिप का आगाज हो चूका है।यहा बड़ी संख्या में देशी -विदेशी छात्र-छात्राओं ने अपना योग दिखाया।

उत्तराखंड के ऋषिकेश को योग की अंतराष्ट्रीय कैपिटल के रूप में पूरे विश्व में जाना जाता है, यही कारण है यहाँ विश्व के अलग-अलग देशो से योग सिखने के लिए योग साधक ऋषिकेश का रुख करते है। ऐसे में बेस्ट योग साधक के चुनाव के लिए दूसरे इंटरनेशनल योगा आसन्न चैंपियनशिप का शुभारम्भ सिंथना इंटरनेशनल योग एकेडमी और योगा केंद्र और ऋषिकुल योगशाला के तत्वाधान में जीएमवीएन के गंगा रिसोर्ट में किया जा रहा है।

योग की मुद्राओ को लेकर योग साधक अपनी योग कलाओ को दिखा रहे है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के प्रतिनिधि और अंतराष्ट्रीय योग कमिटी के सचिव पंकज भट्ट का कहना है कि, “इस प्रतियोगिता में लगभग 350 से ज्यादा प्रतिभागी प्रतिभाग कर रहे है। इस चैम्पियनशिप का उद्देश्य 2018 में होने वाले अंतराष्ट्रीय योग महोत्सव के लिए देश के बच्चों को तैयार करना है। ऋषिकेश में 100 से ज्यादा योग स्टडी केंद्र है जहाँ बड़ी संख्या में योग सिखने के लिए विदेशी छात्र आते है जो यहाँ से योग कला सीखकर अपने देशों में भारतीय योग को सिखाते है। पुरे विश्व में वर्तमान में क्वालिफाइड भारतीय योग टीचर की डिमांड बढ़ती जा रही है, ऐसे में योग चैम्पियनशिप का प्लेटफार्म इन योग साधकों के लिए पुरे विश्व में सूंदर भविष्य और रोजगार के द्वार खोल देता है।

 

ऋषिकेश की खूबसूरती भाई मलेशिया के प्रतिनिधिमंडल को

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फोटोः कृष्णा रावत

ऋषिकेश। उत्तराखंड में पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाओं को देखते हुए मलेशिया से आए प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री के साथ ऋषिकेश की धार्मिक और शासित पर्यटन गतिविधियों का जायजा लिया और यहां पर पर्यटन के क्षेत्र में मलेशिया के प्रतिनिधिमंडल ने निवेश करने की इच्छा जताई, ट्रूली एशिया के नाम से प्रसिद्ध मलेशियन टूरिज्म पूरी दुनिया में अपनी एक विशेष पहचान रखता है यही कारण है कि इस छोटे से देश की अर्थव्यवस्था टूरिज्म पर ही निर्भर करती है. मलेशिया के राजदूत और उनके साथ आए 17 सदस्य प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड के पर्यटन केंद्र ऋषिकेश का दौरा किया और यहां की धार्मिक एवं साहसिक पर्यटन को करीब से जानने की कोशिश करी.पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि मलेशिया अपनी हॉस्पिटैलिटी और भव्यता के कारण एशिया में टूरिस्टों की पसंदीदा जगह है उत्तराखंड में भी ऐसे कई पर्यटक स्थल हैं जिनका इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करके यहां विश्वभर से पर्यटकों को आमंत्रित किया जा सकता है. यहां का धार्मिक पर्यटन और साहसिक पर्यटन नई संभावनाओं को जन्म देता है यही कारण है कि विश्व घर के लोग साल भर यहां का भ्रमण करते हैं। सतपाल महाराज ने बताया कि मलेशियन इनटरप्रेन्योर के यह 17 सदस्य प्रतिनिधि ऋषिकेश के खूबसूरती से और आध्यात्मिक ऊर्जा से बेहद प्रभावित हुए हैं और उत्तराखंड में टूरिज्म के सहित क्षेत्र में निवेश करके दोनों देशों के रिश्ते को मजबूत करना चाहते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऋषिकेश की पहचान विश्व में अपना एक अलग ही मुकाम रखती है मलेशिया के राजदूत दातो हिदायत अब्दुल हामिद ने बताया कि यहां की यहां के वातावरण में आध्यात्मिक शक्ति देखने को मिलती है और गंगा की लहरों में मन को एक बड़ी शांति मिलती है. मलेशिया अपने टूरिज्म का विस्तार उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में करना चाहता है, उन्होंने बताया कि हमारे साथ आए प्रतिनिधि यहां के टूरिज्म व्यवसाय में भागीदारी करना चाहते हैं जिसके लिए आने वाले समय में मलेशियन व्यापारी स्काई पैराग्लाइडिंग, हाउसबोट कल्चर और स्पा और होटल इंडस्ट्री में निवेश करने के इच्छुक हैं. इसके लिए पर्यटन मंत्री के साथ हमारी कई विषयों पर बातचीत हुई है जो आने वाले दिनों में उत्तराखंड में दोनों देशों को एक आपसी रिश्ते में भंधेगी।

उत्तराखंड की आर्थिक रीड पर्यटन को माना जाता है धार्मिक पर्यटन के यहां मुख्य आर्थिकी का साधन है. ऋषिकेश क्षेत्र में योग और साहसिक पर्यटन में एक विशेष मुकाम बनाकर उत्तराखंड की को एक नई पहचान दिलाई है ऐसे में अगर विदेशी निवेश पर्यटन के क्षेत्र में मिलता है तो आने वाले दिनों में उत्तराखंड भी भारत का एक नया पर्यटन प्रदेश के रूप में जाना जाएगा।