Page 426

मिलीभगत से पनप रहा अवैध खनन का गोरख धंधा

0

बागेश्वर- नदियों में अवैध रेता बजरी का धंधा जोर-शोर के साथ चल रहा है। सभी के संरक्षण से यह अवैध खनन खूब फल-फूल रहा है। इससे स्थानीय आवासीय घरों और कृषि भूमि पर खतरा मंडराने लगा है। लोगों ने जिलाधिकारी से अवैध खनन पर रोक लगाने की गुहार लगाई है।

सरयू, गोमती, गरुड़ गंगा, लाहूर समेत दर्जनों गाड़-गधेरों में अवैध रूप से रेता बजरी का दोहन हो रहा है। वन विभाग ने रेता-बजरी निकालने के लिए अभी तक कोई मानक तय नहीं किए हैं। नदी के किसी भी छोर से रेता निकाली जा सकती है। कुछ लोग तो वन विभाग से संपर्क साधकर ही बजरी का दोहन कर रहे हैं, लेकिन बिलौना, हरसीला, सीमार, रूनीखेत, आरे आदि स्थानों पर अवैध रेता बजरी का खनन हो रहा है। चोरी छिपे बजरी निकालने से स्थानीय घरों पर खतरा मंडराने लगा है। नदी की गहराई बढ़ने से कई स्थानों पर पानी का रूख भी बदल गया है। जिससे प्रतिवर्ष हजारों नाली कृषि भूमि बह रही है। पूर्व प्रधान दान ¨सह, करम ¨सह, तेज ¨सह रावत तथा बहादुर ¨सह आदि का कहना है कि वन विभाग और बजरी के धंधे में लिप्त लोगों में सांठगांठ है। आम आदमी जिसे मकान आदि का निर्माण करना है, उसे विभाग परेशान करता है। रेता निकालने की अनुमति मिलने में महीने बीत रहे हैं। नेपाल से आए मजदूर दिनदहाड़े नदियों में छलनी करने में तुले हैं।

सुविधा बदहाल, कहीं शौचालय नहीं, कहीं लटका ताला

0

सरकार भले जी खुले में शौच मुक्त व स्वच्छ भारत के लिए जोर शोर से अभियान चला रही हो लेकिन सरकार के अधीन आने वाली संस्थाएं ही इस मंशा पर पलीता लगा रही हैं। अब विकासनगर की कृषि उत्पादन मंडी परिषद को ही लीजिए। यहां हर रोज सैकड़ों काश्तकार अपनी नगदी फसलों को बेचने आते हैं लेकिन काश्तकारों की सुविधा के लिए सार्वजनिक शौचालय की कोई सुविधा नहीं है।

यही हाल ब्लॉक मुख्यालय का भी है जहां निर्वाचित जन प्रतिनिधियों सहित आम जनता अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए आती है लेकिन उन्हें शौचालय की सुविधा मुहैया नहीं मिलती है। लिहाजा मरीजों व उनके तीमारदारों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब ऐसे में स्वच्छ व खुले में शौच मुक्त भारत का सपना कैसे साकार होगा इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

कृषि उत्पादन मंडी परिषद विकासनगर स्थानीय काश्तकारों के साथ ही जौनसार-बावर परगने, टिहरी, उत्तरकाशी, हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के काश्तकारों की उपज को बेचने का प्रमुख केंद्र है। इसके साथ ही यहां बाहरी प्रांतों से व्यापारी नगदी फसलों को खरीदने आते हैं। मंडी परिषद के परिसर में हर रोज सैकड़ों काश्तकारों सहित व्यापारियों की आमद लगी रहती है। लेकिन यहां आने वाले लोगों के लिए मंडी परिषद के परिसर में शौचालय की सुविधा मुहैया नहीं है।

लिहाजा काश्तकारों व बाहर से आने वाले व्यापारियों को परेशानी से जूझना पड़ता है। बावजूद इसके मंडी प्रशासन लोगों की सुविधा को शौचालय निर्माण करने की जहमत नहीं उठा रहा है। जबकि नगर क्षेत्र से दो किमी की दूरी पर पश्चिमीवाला व आसपास के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पश्चिमीवाला में शौचालय निर्माण तो किया गया है लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इस पर ताला लगाया हुआ है।

यहां आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को शौचालय की सुविधा नहीं मिल रही है। कहीं शौचालय की कमी व कहीं शौचालय पर लटके ताले सरकार के स्वच्छ व खुले में शौच मुक्त भारत के दावों की पोल खोल रहे हैं। मानवाधिकार एवं आरटीआइ एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद शर्मा ने आम जनता की सुविधा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण स्थलों पर शौचालय निर्माण करने की मांग प्रशासन से की है।

कृषि उत्पादन मंडी परिषद सचिव पीआर कलाकोटी ने कहा कि परिसर में शौचालय निर्माण के लिए मंडी समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जबकि सीएचसी विकासनगर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. केके शर्मा ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी को मरीजों के लिए शौचालय सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।

नेपाल की लड़कियों की विदेश में हो रही थी तस्करी

0

उधम सिंह नगर जिले की पुलिस को एक बड़ी सपफलता हासिल हुई, पुलिस ने मानव तस्करी का पर्दापफाश करते हुए एक महिला सहित दो लोगों को गिरफ्रतार किया है उनके पास से 6 नेपाली लड़कियां बरामद की हैं। मोटी कमीशन के लालच में इन नेपाली लड़कियों को विदेश भेजा जाता था। उनके पास से 5 पासपोर्ट एवं वीजा की कापी बरामद की है।

कोतवाली में मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी डा. सदानंद दाते ने कहा कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अन्तर्राष्ट्रीय गैंग जो नेपाल की लड़कियों को काम के नाम पर बहला-पफुसलाकर नेपाल से दिल्ली ले जा रहा है, जो लड़कियां नेपाल से रुद्रपुर होते हुए बस से दिल्ली जायेंगी। दिल्ली में इन्हें एजेन्टों के माध्यम से विदेश भेजा जायेगा। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रोडवेज से अपनी हिरासत में ले लिया और कोतवाली ले जाकर पूछताछ की तलाशी ली। जहां नानी माया माझी पत्नी चेरे माझाी निवासी ग्राम मायनी अचाम जिला सिन्धुंपाल्चोक नेपाल से उक्त 6 अन्य लड़कियों को बस टिकट बनबसा से दिल्ली के मिले और सभी लड़कियां नेपाली भाष बोल रही थीं जिस पर एनजीओ और एंटी ह्यूमन ट्रैपिफकिंग व नेपाल की संस्था मैती की संयुक्त टीम व स्थानीय पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से पूछताछ करने पर यह बात प्रकाश में आयी कि नानी माया माझी द्वारा उक्त लड़कियां को दिल्ली में दो व्यक्तियों को स्पलाई करनी है जो जिन्हें विदेश कुवैत व दुबई भेजा जाना था जिसके लिए उसको मोटी रकम मिलती है। पुलिस ने उसके पास से 05 पासपोर्ट, बनबसा से दिल्ली के बस टिकट, वीजा कापी एवं मोबाइल फोन बरामद किये हैं।

200 करोड़ खर्चकर भी नहीं बना पुल

0

टिहरी झील के ऊपर बन रहा डोबरा-चांठी पुल पर करीब दो सौ करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया। भाजपा नेता ने पुल निर्माण में लगी कंपनी के खिलाफ जांच की मांग करने की बात कही।

पूर्व ब्लॉक प्रमुख व भाजपा के वरिष्ठ नेता खेम सिंह चौहान ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि 11 साल बाद भी डोबरा-चांठी पुल नहीं बन पाया है। पुल पर अब तक करीब दो सौ करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, इसके बाद भी प्रतापनगर क्षेत्र की करीब ड़ेढ़ लाख आबादी के साथ उत्तरकाशी जिले की गाजणा पट्टी के लोगों को कालापानी की सजा झेलनी पड़ रही है। कहा कि पुल निर्माण में लगी कंपनी से हुए समझौते के मुताबिक डोबरा-चांठी पुल को अगस्त 2017 तक बनकर तैयार हो जाना चाहिए था, लेकिन पुल निर्माण में लगी गुप्ता एसोसिएट व अधिकारियों के उदासीनता के कारण समय पर पुल का निर्माण नहीं हो पाया।उन्होंने पुल निर्माण में लगी कंपनी व लेट-लतीफ करने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच की मांग की। साथ ही सरकार से बांध प्रभावित प्रतापनगर व उत्तरकाशी गाजणा पट्टी के लोगों को मुआवजे के तौर पर क्षेत्र में आईटीआई, मेडिकल कॉलेज व अन्य संस्थान खोलने की मांग की। उन्होंने टिहरी बांध प्रभावितों को भूमिधरी का अधिकार दिए जाने की भी मांग की।

बादमाशों व पुलिस के बीच मुठभेड़, दरोगा घायल, तीन गिरफ्तार

0

मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के ठसका गांव में शनिवार सुबह बादमाशों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में दोनों तरफ से जमकर फायरिगं हुई। फायरिंग में एक दरोगा घायल हो गए, वहीं एक बदमाश को भी गोली लगी है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने तीन बदमाश को गिरफ्तार किया गया, जबकि कुछ भागने में सफल रहे।
शनिवार तड़के पुलिस को सूचना मिली कि कुछ बदमाश ग्राम ठसका के समीप सड़क पर पेड़ डालकर रोड होल्डप की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस को पता चला कि बदमाश अभी तक कई लोगों के साथ लूटपाट कर चुके हैं। इसके साथ ही यूपी के एक बोलेरो सवार से नकदी व मोबाइल भी लूटा गया है। सूचना पर पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर बदमाशों को सरेंडर करने के लि दबाव बनाया। लेकिन बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
अपने बचाव में पुलिस ने भी फायरिंग की। दोनों ओर से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के दौरान एक गोली दरोगा रविंद्र कुमार के हाथ मे लग गई। घायल दरोगा को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। वहीं, एक बदमाश के पैर में भी गोली लगी है, उसका नाम याकूब निवासी थाना भोपा जिला मुजफ्फरनगर बताया गया है। करीब एक घंटा चली मुठभेड़ के बाद पुलिस ने तीन बदमाशों को दबोच लिया। पकड़े गए बदमाश उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के रहने वाले हैं। घटना की जानकारी के बाद पुलिस के आला अधिकारी और कई थानों की पुलिस भी घटना स्थल पहुंच गई है।
एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि सुबह चार बजे बदमाश सड़क पर पेड़ डालकर लूटापाट कर रहे थे। मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर भी बादमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें दरोगा घायल हुए हैं और तीन बदमाश गिरफ्तार किए गए हैं।

दिन में बंदर का और रात में जंगली सुअरों का आतंक

0

विकासनगर, सहसपुर ब्लॉक के आधा दर्जन से अधिक गांवों के काश्तकार जंगली जानवरों के आतंक से परेशान हैं। दिन में बंदर व रात में जंगली सुअर काश्तकारों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। काश्तकारों ने वन विभाग से जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।

सहसपुर ब्लॉक के अटकफार्म, केंचीवाला, धन्नोवाला, खैरी, बहादरपुर, तेलपुरा, राजावाला, भगवानपुर, कोठड़ा संतूर, भगवानपुर, पौड़वाला पंचायत के काश्तकार इन दिनों जंगली जानवरों के आतंक से परेशान हैं, काश्तकारों की फसलों को जंगली जानवर चौपट कर रहे हैं। तेलपुरा के काश्तकार नारायण सिंह फर्सवाण, लीला प्रसाद थापा, राम सिंह थापा, भरत सिंह थापा, बलबहादुर थापा, राजू थापा, हरीश चौहान, उत्तम ने कहा कि इन दिनों काश्तकारों की खेतों में गेहूं, आलू, टमाटर, सरसों सहित चारा बोया हुआ है, जिसे जंगली जानवर नष्ट कर रहे हैं। कहा कि दिन में बंदर खेतों सहित घरों के अंदर रखे हुए सामान को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बंदरों के आतंक से बच्चों को भी भय लगा रहता है।

जबकि रात में जंगली सुअर खेतों में घुस कर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। काश्तकारों ने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों से कई बार जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन विभागीय अधिकारी काश्तकारों की समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उधर, देहरादून वन प्रभाग की झाझरा रेंज के एसडीओ गुलवीर सिंह ने कहा कि कुछ समय पूर्व वन विभाग की टीम ने बस्ती में घुसे बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ा था। शीघ्र ही बंदर पकड़ने का अभियान दुबारा शुरु किया जाएगा जबकि सुअरों से रखवाली के लिए काश्तकारों को खेतों के किनारे बाड़ लगाने के लिए कहा जा रहा है।

अनियंत्रित ट्रक ने चार को रोंदा एक की मौत, पुरी रात हंगामा

0
काशीपुर के महुआखेड़ागंज स्थित बिजली घर के पास ट्रक ने स्कूटी और बुलेट सवार चार युवकों को टक्कर मार दी, इससे एक युवक की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि बाकि गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन् फानन में ग्रामीणों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया ग्रामीणों ने महुआखेड़ा चौक पर ट्रक समेत अन्य दो और ट्रकों को रोक कर तोड़फोड़ की व आग लगाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने चालक की पिटाई भी कर दी, ग्रामीणों ने सड़क पर शव रख कर जाम लगा कर हंगामा काटा,सूचना पर महुआखेड़ा गंज चौक पर पहुँची पुलिस ने भीड को तीतर बितर करने के लिए लाठियां भी भांजी।
hungama
दरअसल काशीपुर के महुआखेड़ागंज के निवासी अंकित एक डॉक्टर के यहाँ कम्पाउण्डर है। शाम डॉक्टर की पत्नी को स्कूटी से ग्राम खड़कपुर देवीपुरा छोड़ने गया था, लौटते समय उसके गाँव के ही दोस्त 18 वर्षीय अनिकेत व् मनीष मिल गए उसने दोनों को स्कूटी से बिठा कर महुआखेड़ागंज चौक की तरफ चला तो अहरपूरा स्थित बिजली घर के पास सामने से आ रहे ट्रक को ओवरटेक करते समय सामने से आ रही बुलेट सवार से बचने पर स्कूटी अनियंत्रित होकर ट्रक के सामने पलट गई जिससे अनिकेत का सर पहिए के नीचे आ गया, अनिकेत की मौके पर मौत हो गयी जबकि अंकित व मनीष गंभीर रूप से घायल हो गए।
गुस्साए ग्रामीणों ने महुआखेड़ा गंज में ट्रक पर तोड़ पर फोड़ की पीछे से आ रहे ट्रक पर भी पथराव किया तथा आग लगाने का प्रयास किया। सूचना पर कोतवाली व आईटीआई पुलिस ने लाठी चार्ज कर लोगों को खदेड़ा। लोग इस बात पर अड़ गए की जब तक लाठी चार्ज करने वाले पुलिस कर्मियों को निलंबन व् ट्रक चालक को ग्रामीणों के सुपुर्द नही किया जाता तब तक जाम नहीं खोला जाएगा। मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक डॉक्टर जगदीश चंद व् क्षेत्राधिकारी राजेश भट्ट ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया पर ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। अनिकेत दो भाइयों में सबसे छोटा था, बाद में सुबह तड़के तीन बजे एसडीएम, एएसपी और सीओ ने बमुश्किल मृतक अनिकेत के परिजनों को समझाबुझाकर शव को कब्जे में लेकर जाम खुलवाया।

ऋषिकेश में आयोजित होगा अंबेडकर रत्न सम्मान समारोह

ऋषिकेश,भीमराव अंबेडकर जन अधिकार स्वाभिमान संस्थान समाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को 29 अक्तूबर को अंबेडकर रत्न सम्मान से नवाजेगी।

तीर्थनगरी ऋषिकेश के नगर पालिका परिसर में प्रस्तावित उक्त कार्यक्रम के संरक्षक एवं झबरेड़ा के विधायक देशराज कर्णवाल ने उक्त जानकारी दी। ऋषिकेश प्रेस क्लब में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा दलित जागरण के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वालों को अंबेडकर रत्न सम्मान दिया जाएगा।

इसमें विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। स्पीकर अग्रवाल ने विधानसभा, सचिवालय समेत विभागों में अंबेडकर का चित्र लगाने का अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। इस पर अमल भी शुरू हो गया है।

कर्णवाल ने बताया कि कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सोनकर और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय दुष्यंत कुमार गौतम भी शिरकत करेंगे। इसके लिए प्रदेश के मंत्री विधायक भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। इस मौके पर कार्यक्रम के संयोजक सुरेंद्र मोघा, भाजपा के मंडल महामंत्री पंकज शर्मा, हरिराम खैरवाल, राजकुमार सिंह आदि मौजूद थे।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम को दी श्रद्धांजलि

ऋषिकेश, उत्तराखंड में संत समाज के लिए  एक बड़ा झटका लगा है ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य माधवाश्रम नहीं रहे। लंबे समय से बीमार चले रहे माधवाश्रम महाराज ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में अंतिम सांस ली। जिसके चलते पूरे संत समाज में शोक की लहर है गौरतलब है कि शंकराचार्य माधवाश्रम का उत्तराखंड से गहरा नाता रहा है उत्तराखंड में जन्म लेने के साथ ही पूरे देश विदेश में स्वामीजी के नाम जाना जाता है  वर्ष 1993 से ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद पर आसीन माधवाश्रम महाराज का चंडीगढ़ में निधन हो गए।

महाराज लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके पार्थिव शरीर के देर शाम तक ऋषिकेश के दंडीबाड़ा आश्रम में लाया जाएगा। जहां उनके पार्थिव शरीर को  आम लोगों के दर्शनार्थ रखा गया है स्वामी जी को श्रद्धांजलि देने के लिए सुबह के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी ऋषिकेश के दंडी बाड़ा स्थित जनार्दन आश्रम में पहुंचे और स्वामी जी को श्रद्धांजलि दी।

गौरतलब है कि शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम जी महाराज उत्तराखंड के बद्रीनाथ तीर्थ के समीप जोशीमठ स्थित ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य थे। यह आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार मठों में से एक है। स्वामी माधव आश्रम उत्तराखण्ड क्षेत्र से शंकरारार्य के पद पर सुशोभित होने वाले पहले संन्यासी हैं। वे अखिल भारतीय धर्म संघ समेत विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के अघ्यक्ष एवं सदस्य भी रहे। स्वामी जी का जन्म उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के अन्तर्गत बेंजी ग्राम में हुआ था। इनका मूल नाम केशवानन्द था। आरम्भिक विद्यालयी शिक्षा के पश्चात इन्होंने हरिद्वार, अम्बाला में सनातन धर्म संस्कृत कॉलेज, वृंदावन में बंशीवट में श्री प्रभुदत्त ब्रह्मचारी जी के आश्रम एवं वाराणसी समेत देश के विभिन्न स्थानों पर वेदों एवं धर्मशास्त्रों की दीक्षा ली। विवाह के उपरान्त कुछ वर्ष पश्चात इन्होंने संन्यास ग्रहण किया। स्वामी जी की इच्छा के अनुसार गंगा में प्रदूषण ना हो इसलिए उनके आश्रम में ही भू समाधि दी गई इस अवसर पर उत्तराखंड के सभी बुद्धिजीवी धर्म शास्त्री एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वामी जी के भू समाधी दिवस पर बोलते हुए कहा की उत्तराखंड के लिए एक बड़ी छती है, हमारे बिच से एक समाज सुधारक और धर्मनिष्ट सन्यासी चला गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने पुलिस स्मृति दिवस पर की कई घोषणाएं

0

“पुलिस स्मृति दिवस” के अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की उपस्थिति में पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक में रैतिक परेड का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम के दौरान माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड, श्रीमान पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड एवं अन्य अधिकारियों द्वारा शहीद हुए पुलिसकर्मियों को याद कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी। इस अवसर पर विगत वर्ष अपने कर्तव्य के दौरान शहीद हुए 7 पुलिसकर्मियों के नामों को पुकारा गया व उन्हें सदैव अपनी यादों में संजोए रखने का संकल्प लिया गया।

WhatsApp Image 2017-10-21 at 14.17.08

कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री उत्तराखंड ने शहीद हुए पुलिस कर्मियों के परिजनों के लिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। इस दौरान महोदय द्वारा पुलिस विभाग के लिए कई घोषणाएं की गई जिनमें थाना विधि आवश्यक कार्यवाही हेतु निधि में रूपए 3 करोड़ की धनराशि का बजट प्रावधान किया गया है, पुलिस विभाग के कर्मियों को जोखिम भरे कार्य के दौरान विशिष्ट वीरता प्रदर्शित करते समय मृत्यु होने पर प्रदत्त राशि को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है, हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल स्तर के कर्मियों को 1200 रू. प्रतिमाह मोटरसाइकिल भत्ता स्वीकृत किया गया।

पुलिस विभाग में नियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वर्दी कीट किए जाने का प्रस्ताव शासन में विचाराधीन है एवं निर्धारण होने पर समस्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वर्दी कीट प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की जाएगी व अंत में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं मादक पदार्थों के रोकथाम हेतु एक नया थाना तथा दो रिपोर्टिंग पुलिस चौकियों की स्थापना की जाएगी।