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तेल व्यापारी से लूट करने वालों की हो गिरफ्तारी

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ऋषिकेश, पिछले दिनों गंगानगर में तेल व्यापारी से तमंचे के बल पर की गई लूट के मामले को लेकर गंगानगर के लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश है। लोगों ने पुलिस अधीक्षक से लूट करने वालों को शीघ्र गिरफ्तार किए जाने की मांग की है।

हनुमंत विकास मंच के अध्यक्ष केके सचदेवा व महासचिव गिरीश सकलानी के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल ने गंगा नगर में लूट चोरी और हत्या जैसे संगीन अपराधों को लेकर चिंता व्यक्त की है। गंगानगर क्षेत्र में पिछले दिनों भी महिलाओं से चेन लूटने की घटनाएं सामने आई हैं लेकिन अभी तक कोई भी लुटेरा गिरफ्तार नहीं किया गया है। जिससे क्षेत्र के लोगों मे रोष उत्पन्न होने के साथ में भय का महौल है।

सचदेवा ने कहा कि, “इस घटना का शीघ्र खुलासा किया जाए”

सड़क हादसे में दो की मौत

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ऋषिकेश, स्कूटी पर सवार एक युवक व युवती की ऋषिकेश बैराज मार्ग पर सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। आईडपीएल चौकी प्रभारी दीपक तिवारी ने बताया कि, ” देर रात नौ बजे सूचना मिली कि ऋषिकेश बैराज मार्ग पर सड़क के किनारे एक स्कूटी गिरी पड़ी है जिसमें एक युवक व युवती सड़क के किनारे घायल पड़े हैं।

सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एम्स अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां चिकित्सकों ने बताया कि घायल मायाकुण्ड निवासी शिवम की पहले ही मौत हो गई थी, जबकि युवती ललिता, 20 वर्ष शांति नगर निवासी की उपचार के दौरान लगभग 12 बजे मौत हो गई।

पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर पड़ी स्कूटी को किसी वाहन द्वारा टक्कर मारे जाने के कोई निशान नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि शिवम कपड़े का व्यापार करता था। जबकि ललिता डोईवाला में डिग्री कॉलेज की बीए द्बितीय वर्ष की छात्रा थी। पुलिस ने घटना के कारणों की तलाश प्रारंभ कर दी है।

1 किलो चरस के साथ अभियुक्त गिरफ्तार

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विकासनगर के पर्यवेक्षण में चौकी सेलाकुई, सहसपुर पुलिस ने मिलन तिराहा सेलाकुई से अभियुक्त अफजाल, उम्र 35 वर्ष को भारी मात्रा में मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया।

पूछताछ में सहारनपुर के मिर्जापुर क्षेत्र से चरस लाकर देहरादून के सिडकुल एरिया में रह रहे श्रमिकों व आस-पास के स्कूल व कालेजों में पढ रहे छात्रों को सप्लाई करने की बात बताई गई, जिसमें अभियुक्त के कब्जे से चरस बेचकर प्राप्त की गई धनराशि भी बरामद की गई।

अभियुक्त से पूछताछ में अन्य तस्करों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है, जिस पर निकट भविष्य मे तत्काल कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है, अभियुकत को न्यायालय मे पेश किया जायेगा।

अभियुक्त से बरामद सामान:-
1. 1 किलो ग्राम मादक पदार्थ चरस।
2. रू. 25025/- नगद।

व्यक्ति ने फांसी लगाकर की खुदखुशी

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रात में थाना रायवाला पर ग्राम प्रधान ध्यान सिंह असवाल, साहबनगर, छिद्दरवाला ने सूचना दी कि हमारे गांव का एक व्यक्ति बलवीर थापा, उम्र 60 वर्ष ने फांसी लगाकर खुदखुशी करी है।सूचना पर एसअाय पंचायतनामा व दीगर कागजातों को लेकर घटनास्थल साहबनगर, छिद्दरवाला पर पहुँचे।  जिनके द्वारा शव का पंचायतनामा की कार्यवाही कर वास्ते पोस्टमार्टम  के लिये शव को राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश भेजा गया।

प्रथम दृष्टया यह तथ्य प्रकाश में आया कि मृतक बलवीर थापा शराब पीने का आदि था, जिस कारण पति-पत्नी के बीचविवाद होता रहता था । आर्थिक परेशानी व अन्य घरेलू कारणों को लेकर मृतक बलवीर थापा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शव की पंचायतनामा की कार्यवाही की गयी तथा जांच जारी है।

डीएम ने जिला चिकित्सालय में छापा मारा

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हरिद्वार। डीएम दीपक रावत जनपद की अव्यवस्थाओं को पटरी पर लाने की कवायद में जुटे हैं। इसी के चलते उन्होंने एक महिला के बेटे से कुत्ते के काटने के इंजेक्शन का पैसा लिये जाने की शिकायत पर जिला चिकित्सालय पहुंचेे और वहां पीड़ित महिला को 160 रुपया वापस कराया। अस्पताल में इंजेक्शन व आवश्यक दवाईयां खरीदने के लिये एक लाख का बजट चिकित्सा प्रबंधन समिति के खाते से जारी किया।

गुरूवार की सुबह एक महिला इसराना पत्नी साकिर निवासी इंदिरा बस्ती लाल मंदिर कालोनी ज्वालापुर ने जिलाधिकारी दीपक रावत को फोन किया। इसराना ने डीएम को बताया कि उसके बेटे को कुत्ते ने काटा है। वह इंजेक्शन लगवाने जिला चिकित्सालय गई। वहां चिकित्सकों ने इंजेक्शन लगाने की एवज में निशुल्क इंजेक्शन के 160 रुपया ले लिया है। शिकायत के मिलते ही जिलाधिकारी दीपक रावत तत्काल एक्शन मोड में आ गये। उन्होंने जिला चिकित्सालय पहुंचकर अस्पताल में दवाईयों के स्टाॅक का निरीक्षण किया। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि नौ इंजेक्शन इमरजेंसी के लिये रखे हैं। इस पर डीएम दीपक रावत ने अस्पताल प्रशासन पर नाराजगी जाहिर करते हुये पीड़ित महिला के इंजेक्शन के पैसे लौटाने का आदेश दिया। जिस पर अस्पताल प्रबंधन ने 160 रुपया महिला को वापिस किया। इसके बाद डीएम ने सभी दवाईयों के स्टाॅक की बारीकी से जानकारी ली। उन्होंने तत्काल आवश्यक दवाईयों के लिये एक लाख का बजट जारी किया। डीएम दीपक रावत ने बताया कि जनता को कोई परेशानी नहीं होने दी जायेगी। अस्पताल को बेहतर बनाया जायेगा। जरूरी दवाईयों की कमीं को पूरा किया जायेगा।
डीएम दीपक रावत ने जिला अस्पताल प्रशासन को सभी चिकित्सकों के मोबाइल नंबर चस्पा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन का नंबर सबसे पहले और उनका मोबाइल नंबर सबसे नीचे लिखा जाये। ताकि जब शिकायतकर्ता फोन करें तो अस्पताल प्रशासन को पहले करें। जब पीड़ित की बात अस्पताल प्रशासन से नहीं हो पाये तो पीड़ित उनसे बात करेंगा। जिसके बाद लापरवाही पाये जाने पर मुकदमा दर्ज कराया जायेगा।

फाइलों में धूल फांक रहे एबीसी सेंटर के प्रस्ताव

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देहरादून। प्रदेश भर के नगर निगम क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण करने के लिए स्थापित किए जा रहे एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर के प्रस्ताव शहरी विकास निदेशालय में धूल फांक रहे हैं। करीब दो माह पहले हरिद्वार, रुड़की व काशीपुर नगर निगम ने एबीसी सेंटर के प्रस्ताव निदेशालय को भेजे थे, लेकिन इन्हें अब तक शासन को नहीं भेजा जा सका और न ही प्रस्ताव पर किसी तरह की आपत्ति ही लगाई गई। इसको लेकर स्टेट एबीसी मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्य सचिव ने निदेशालय के अपर निदेशक उदय सिंह राणा के समक्ष आपत्ति भी दर्ज की है।

आवारा कुत्तों पर लगाम लगाने के लिए प्रथम चरण में देहरादून, नैनीताल व मसूरी में एबीसी सेंटर स्थापित किए गए हैं। देहरादून व नैनीताल में नसबंदी कार्य भी शुरू कर दिया गया है जबकि मसूरी में केंद्र की सड़क क्षतिग्रस्त हो जाने के चलते यह कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है। दूसरे चरण के तहत हल्द्वानी, हरिद्वार, रुड़की व काशीपुर नगर निगम के प्रस्ताव शहरी विकास निदेशालय को भेजे गए थे। इनमें से हल्द्वानी में एबीसी सेंटर का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है जबकि अन्य नगर निगमों के प्रस्ताव निदेशालय में धूल फांक रहे हैं।
स्टेट एबीसी मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्य सचिव आशुतोष जोशी ने लंबित प्रस्तावों को लेकर शहरी विकास निदेशालय के अपर निदेशक उदय सिंह राणा से मुलाकात की और आपत्ति जताई कि निदेशालय के कार्मिकों के असहयोग के चलते सेंटरों का निर्माण शुरू करने में विलंब हो रहा है। जब तक निदेशालय प्रस्ताव पास कर शासन को नहीं भेजेगा, तब तक बजट स्वीकृत नहीं हो पाएगा। जबकि शासन के पास अभी सेंटर के लिए 2.5 करोड़ रुपये का बजट भी उपलब्ध है।
प्रस्ताव को किया तलब
स्टेट एबीसी मॉनिटरिंग कमेटी की आपत्ति के बाद अपर निदेशक राणा ने प्रस्ताव तलब किए और इन्हें पास कर शासन को न भेजने पर नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कमेटी को आश्वस्त किया कि प्रस्तावों का शीघ्र परीक्षण कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में 9636 कुत्तों की नसबंदी
स्टेट एबीसी मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्य सचिव डॉ. आशुतोष जोशी के मुताबिक, देहरादून व नैनीताल में कुत्तों की नसबंदी का कार्य शुरू कर दिया गया है। देहरादून में करीब 25 हजार आवारा कुत्तों के सापेक्ष 8800 की नसबंदी कर दी गई है। जबकि नैनीताल में 950 की संख्या में आवारा कुत्तों का सर्वे किया गया है और अब तक 836 की नसबंदी की जा चुकी है। वहीं मसूरी में यह संख्या 1200 के करीब है, यहां अब तक नसबंदी कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

प्रदूषण मुक्ति के लिए सविता ने शुरू की पहाड़ पर साइकिल यात्रा

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हरिद्वार। हौसले बुलंद हों और मन में कुछ करने का जज्बा तो व्यक्ति क्या कुछ नहीं कर सकता। ऐसे ही बुलंद हौसलों को लिए बिहार में जन्मी और कोलकाता में पली-पढ़ी 23 वर्षीया सविता महतो ने पहाड़ पर साइकलिंग करने का फैसला किया है। इसके लिए गुरुवार को वह अपने अभियान के लिए हरिद्वार से रवाना हो गईं। देश में ऐसा पहली बार है कि कोई लड़की पहाड़ पर साइकिल यात्रा करने निकली है।

महतो करीब 4800 किलोमीटर की साइकिल यात्रा के दौरान स्कूल और गावों में जाकर गंगा-यमुना और अन्य नदियों को प्रदूषणमुक्त करने और स्वच्छता के लिए जनजागरण का कार्य करेंगी। करीब 22 दिन तक चलने वाली इस साइकिल यात्रा में सविता करीब 40 स्कूलों में बच्चों के बीच जाकर जनजागरण करेंगी। इस दौरान वे पहाड़ी रास्तों और घने जंगलों आदि से गुजरेंगी। गंगाेत्री और यमुनोत्री भी जाएंगी।
सविता 12 दिन पहाड़ पर साइकिल चलाएंगी। उनका कहना है कि अगर वे पहाड़ पर साइकिल चला सकती हैं तो आप समतल में क्यों नहीं साइकिल चला सकते? अगर साइकिल चलाएंगे तो शरीर फिट रहेगा और वातावरण भी प्रदूषणमुक्त होगा। साइकिल यात्रा हरिद्वार से उत्तरकाशी, हनुमानचट्टी, सीमा, यमुनोत्री, सूर्यकुंड की ओर से देहरादून होते हुए हरिद्वार पहुंचकर सम्पन्न होगी। यात्रा में सविता के गुरु विष्णु सेमवाल भी साथ रहेंगे। सविता देश की ऐसी पर्वतारोही और साइक्लिस्ट हैं, जिन्होंने तीन माह पूर्व पहली बार 12500 किलोमीटर की साइकिल यात्रा ‘पेडल फॉर वीमेन सेफ्टी’ के नाम पर देशभर की यात्रा की थी, जिसके तहत उन्होंने 29 राज्यों से गुजरी थीं।

गैरसैंण में विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर बैठक

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गोपेश्वर भराडीसैंण (गैरसैंण) में आगामी 07 से 13 दिसम्बर तक प्रस्तावित शीतकालीन विधानसभा सत्र की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी आशीष जोशी ने अधिकारियों की बैठक लेते हुए मौजूदा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को विधानसभा सत्र के दौरान गैरसैंण में की जाने वाली सभी प्रकार की व्यवस्थाओं को जल्द सुनिश्चित करने व सत्र के लिए प्रत्येक महकमे को अपनी प्रगति रिपोर्ट अपडेट रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने लोनिवि, ऊर्जा, जल संस्थान और दूरसंचार निगम, मेडिकल आदि प्रमुख विभागीय उच्चाधिकारियों को भराडीसैंण में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। विधानसभा भवन, सचिवालय, विधायक आवास, अधिकारियों व कर्मचारियों के आवास के लिए बेड, बिस्तर, फर्नीचर व अन्य जरूरी सामग्री की सूची तैयार करने को कहा। उन्होंने गौचर, भराडीसैंण, सलियाना बैंड स्थित हैलीपैडों में फायर ब्रिगेड, सेफ हाउस आदि व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने तथा आदिबद्री-गैरसैंण मोटर मार्ग को ठीक करने के निर्देश एनएच लोनिवि अधिकारियों को दिए। उन्होंने एनएच को स्नोकटर की व्यवस्था के निर्देश भी दिए और विधानसभा भवन में बैरिकेटिंग के प्वांइट भी चयनित करने को कहा।
सत्र के दौरान 24 घंटे विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं विद्युत व पेयजल आपूर्ति बाधित होने पर वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। दूरसंचार विभाग को विधानसभा भवन, सचिवालय, वीआईपी आवास, मीडिया सेल आदि प्रमुख स्थलों पर वाई-फाई एवं नेटवर्क की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने गैरसैंण, आदिबद्री, कर्णप्रयाग, गौचर, सिमली आदि स्थानों पर स्थित सभी गेस्ट हाउसों को पांच दिसम्बर तक पूर्ण रूप से अधिग्रहण करने के निर्देश एसडीएम कर्णप्रयाग को दिए हैं। साथ ही जिलाधिकारी अल्मोड़ा को भी नजदीकी गेस्ट हाउसों को भी रिजर्व रखने हेतु पत्र प्रेषित करने के निर्देश अपर जिलाधिकारी को दिए। इसके अलावा आईटीबीपी एवं आर्मी के गेस्ट हाउसों को भी रिजर्व करने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी ईला गिरि, अधीक्षण अभियंता जीसी आर्या, पुलिस उपाध्यक्ष हरवंश सिंह, जिला विकास अधिकारी आनंद सिंह, एसीएमओ मंयक बडोला, जीएम डीआईसी डॉ. एमएस. सजवाण, सीवीओ डॉ. लोकेश कुमार सहित लोनिवि, जल संस्थान, जल निगम, उरेडा, विद्युत, पूर्ति आदि विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

रिस्पना-कोसी पुनर्जीवीकरण को लेकर अभियान छह से

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देहरादून। राज्य स्थापना समारोह श्रृंखला के तहत छह नवम्बर को रिस्पना और कोसी नदी के पुनर्जीवीकरण के लिए व्यापक जन अभियान शुरू किया जाएगा। देहरादून में रिस्पना नदी के पुनर्जीवीकरण अभियान के शुभारंभ पर प्रख्यात पर्यावरणविद् मैग्सेसे पुरस्कार विजेता जलपुरुष डॉ. राजेन्द्र सिंह उपस्थित होंगे। साथ ही राज्य सरकार ने सचिदानंद भारती को भी इस कार्यक्रम में आंमत्रित किया है। वहीं कोसी नदी के पुनर्जीवीकरण कार्यक्रम में अल्मोड़ा में प्रभारी मंत्री और स्थानीय विशेषज्ञों की उपस्थिति रहेगी।
गुरुवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में ईको टास्क फोर्स के अधिकारियों के साथ रिस्पना नदी के पुनर्जीवीकरण के लिए कार्ययोजना की रूप रेखा पर चर्चा की। छह नवम्बर को रिस्पना नदी से कूड़ा-कचरा, मलबा हटाने व डिसिल्टिंग का कार्य आरम्भ कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी छह नवम्बर को रिस्पना नदी के जल को हाथ में लेकर इसके पुनर्जीवीकरण का संकल्प लेना होगा। राज्य सरकार का सिंचाई विभाग इसके लिए नोडल विभाग होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों, प्रशासन, गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से रिस्पना पुनर्जीवीकरण के लिए प्रभावी कार्य योजना तैयार की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रिस्पना के स्रोत स्थल मसूरी के लंढौर से यह कार्य प्रारम्भ किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए की सर्वे करवा लिया जाए कि नदी के कैचमेंट एरिया में कितनी संख्या में और कौन-कौन सी प्रजाति के पेड़ लगने हैं। उन्होंने कहा कि कार्य योजना के अन्तर्गत वन विभाग को पर्याप्त संख्या में वृक्ष तैयार करने के लिए निर्देश दिए जाएंगे। यह दिन पूरी तरह से इको फ्रेंडली तरीके से आयोजित किया जाएगा। आसपास के अधिक से अधिक गांवों को इससे जोड़ा जाएगा। पूरी रिस्पना नदी के मार्ग में आठ ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां आसपास के ग्रमीणों और स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों, स्वैच्छिक श्रमदान करने वाले, गैर-सरकारी संगठनों व जूनियर टास्क फोर्स द्वारा श्रमदान करके कूड़ा-कचरा, मलबा हटाने व डिसिल्टिंग कार्य किया जाएगा। वृक्षारोपण के लिए गड्ढे बनाने व जल साफ करने के लिए विशेष एंजाइम युक्त छिड़काव का कार्य आरम्भ कर दिया जाएगा। जगह-जगह ट्रैंन्चों का निर्माण वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धन के समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने भी रिस्पना के पुनर्जीवीकरण के लिए हर प्रकार के सहयोग व सहायता का आश्वासन दिया है। पालीथीन के प्रयोग को हतोत्साहित करने के लिए जन जागरुकता पर विशेष ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र प्रदेशवासियों का आव्हान किया है कि ‘रिस्पना से ऋषिपर्णा’ मिशन के तहत राज्य सरकार द्वारा गम्भीरता से रिस्पना नदी को साफ करने तथा इसके पुराने स्वरुप में लौटाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन राज्यवासियों की व्यापक सक्रिय भागीदारी से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है।उन्होंने जनता विशेषकर युवाओं, विद्यार्थियों से इस अभियान में बढ़चढ़ कर भाग लेने की अपील की है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री स्वयं रिस्पना की सफाई हेतु 67 दिनों तक श्रमदान का कार्य कर चुके हैं। उन्होंने सभी जनपदों में कम से कम एक प्रमुख नदी/जलस्रोत के पुनर्जीवीकरण का लक्ष्य रखा है। उन्होंने हाल ही में उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में वृक्षारोपण के दौरान ईको टास्क फोर्स के दो जवानों की मृत्यु हो जाने पर उन जवानों के परिवार को सहायता राशि देने के निर्देश भी दिए। उक्त जवानों के आश्रितों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा। इस अवसर पर ईको टास्क फोर्स के सीओ कर्नल एचआरएस राणा व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

यूएपीएमटी में एससी कोटे की सीट पर दे दिया जनरल को दाखिला

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देहरादून। उत्तराखंड आयुर्वेद युनिवर्सिटी का विवादों से नाता टूटने का नाम नहीं ले रहा है। पहले नियुक्तियों, फिर बैक पेपर और इसके बाद परीक्षा पेपर लीक के मामले के बाद अब काउंसिलिंग में गड़बड़ी का आरोप विवि पर लगा है। विवि पर आरोप है कि युएपीएमटी प्रवेश परीक्षा की काउंसिलिंग में अनुसूचित जाती को आवंटित की जाने वाली सीटों को गुपचुप तरीके से विवि प्रशासन ने सामान्य श्रेणि में परिवर्तित कर संबंधित श्रेणी के छात्रों को आवंटित कर दी। मामले में पीड़ित छात्र ने अनुसूचित जाती आयोग को भी शिकायत की है।

उत्तराखंड आयुर्वेद युनिवर्सिटी में धांधलियों का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इस बार मामला उत्तराखंड आयुष प्री मेडिकल टेस्ट यानि यूएपीएमटी प्रवेश परीक्षा की काउंसिलिंग से जुड़ है। यूएपीएमटी परीक्षा पास कर काउंसिलिंग में शामिल होने वाले अनुसूचित जाति श्रेणी के छात्र अनुराग के पिता रोशन लाल ने विवि पर आरोप लगाया है कि विवि प्रशासन ने धांधली कर अनुसूचित जाति के छात्रों को आवंटित होने वाली सीटों को सामान्य श्रेणि में परिवर्तित कर छात्रों को आवंटित कर दी है। मामले में उन्होंने अनिसुचित जाति आयोग के अध्यक्ष को भी लिखित रूप से शिकायत की है।
छात्र अनुराग की माने तो उन्होंने उत्तराखंड आयुर्वेदिक प्री मेडिकल टेस्ट और उसके बाद उसके लिए काउंसलिंग हेतु रजिस्ट्रेशन की फीस जमा आॅनलाइन मोड में जमा कराई। इसके बाद विवि में संपर्क करने पर उन्हें बताया कि काउंसिलिंग की जानकारी उन्हें संबंधित फोन नंबर पर दे दी जाएगी। मगर कोई जानकारी नहीं मिलने पर उनके द्वारा एक बार फिर 23 अक्टूबर को संपर्क साधा गया। इस बार भी उन्हें काउंसिलिंग को लेकर कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।
जिसके बाद 28 अक्टूबर को फिर से हर्रावाला स्थित विश्वविद्यालय जाकर जानकारी मांगी। इस बार कहा गया कि 27 अक्टूबर रात दो बजे काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। अनुराग ने बताया कि संबंधित काउंसिलिंग प्रक्रिया को लेकर उन्हें न तो पहले कोई जानकारी दी गई और न ही फोन नंबर पर कोई संदेश भेजा गया।
मामले में विवि प्रशासन से जब इसे लेकर जानकारी मांगी गई तो विवि के कुलसचिव प्रो अनूप कुमार गक्खड़ ने उन्हें काउंसिलिंग में अनुसूचित जाति का कोई आवेदक न होने की दशा में संबंधित सीटों को सामान्य श्रेणि में परिवर्तित करते हुए अन्य छात्रों को आवंटित करने की बात कही। अनुराग ने बताया कि अब विवि उन्हें प्राइवेट कॉलेज में सीट देने की बात कह रहा है लेकिन माली हालत ठीक नहीं होने के कारण वहां दाखिला लेना संभव नहीं। अनुराग के पिता रोशन लाल ने बताया कि सरकारी कोटे की सीटों में घालमेल करने के बाद अब विवि मोटी फीस पर निजी कॉलेज की प्रबंधन की सीटों को बेचने का काम कर रहा है। उन्होंने अनुसचित जाति आयोग से मामले में जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। आरक्षित सीटों को समान्य में बदलने से अलग विवि पर काउंसिलिंग के दौरान उच्च नम्बर को प्राइवेट कालेज और न्यून नम्बर को सरकारी कालेज आवंटित करने का भी अरोप लगाया जा रहा है।

बिना अधिसूचना नहीं बदल सकती कोटे की सीटें
विवि का यह तर्क कि उन्हें काउंसिलिंग के दौरान आरक्षित सीटों को लिए दावेदार न मिलने की सूरत में संबंधित सीटों को सामान्य श्रेणी में बदलकर सीट आवंटित कर दी गले नहीं उतर रहा है। नियमों की बात करें तो किसी भी संस्थान में आरक्षित की गई सीटों को बदलने के लिए पूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। संबंधित सीटों को सामान्य श्रेणि में बदलने के लिए अधिसूचना जारी करनी होती है। इसके बाद ही इन सीटों पर किसी प्रकार की कार्यवाही संपन्न की जा सकती है लेकिन इस प्रकार की कोई भी अधिसूचना आयुर्वेद विवि द्वारा नहीं निकाली गई। इसके अलावा रात्रि दो बजे काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी करने का भी कोई औचित्य दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि मामले में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अनुप कुमार गक्खड़ का कहना है कि जिन छात्रों को काउंसिलिंग में किसी कारण से सीट आवंटित नहीं हो पाई, उनके साथ न्याय किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रुड़की में एक नए आयुर्वेदिक कॉलेज को मान्यता मिली है। जिसमें बीएएमएस की 60 सीट हैं, जिनमें 30 राज्य कोटे की हैं। इनके लिए आगामी छह-सात नवंबर को तृतीय काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। इसी दौरान तमाम शिकायतों का भी निस्तारण कर दिया जाएगा।