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डीपी सिंह को कोर्ट ने नहीं मिली राहत          

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रुद्रपुर- मुआवजा घोटाले के आरोपी डीपी सिंह को कोर्ट से राहत नहीं मिली, निलंबित पीसीएस अफसर डीपी सिंह को अब जेल जाना पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट से उन्हें कोई राहत नहीं मिल पाई है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी एसएलपी को खारिज कर दिया है। माना जा रहा है कि अब एनएच 74 मुआवजा घोटाले के आरोपी डीपी सिंह कोर्ट में समर्पण कर सकते हैं।

उधमसिंहनगर के पूर्व एसएलएओ डीपी सिंह ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाने के बाद सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। हालांकि एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल कर दी थी। उनकी विशेष याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। सूत्रों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी है। यानि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राहत की जो उम्मीद थी वह अब खत्म हो गई है। अब डीपी सिंह के सामने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में समर्पण करने का ही विकल्प रह गया।

भाजपा विधायक का ढ़लका दर्द, अपनी ही सरकार पर निशाना

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काशीपुर। अपने क्षेत्र में विकास न होने का ठींकरा काशीपुर के भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा अपनी ही सरकार के सर फोड रहे हैं, डबल इन्जन पर विधायक जी खुद ही सरकार को लाचार बताते हुए कह रहे हैं कि डबल इन्जन का लाभ प्रदेश को नहीं मिल रहा है और क्षेत्र का विकास पुरी तरह से ठप्प है।

काशीपुर के बीजेपी विधायक हरभजन सिंह चीमा ने अपनी ही पार्टी की प्रदेश सरकार के साथ साथ केंद्र की मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखा बयान दिया है उन्होने कहा कि विकास को लेकर जो लोगो की उम्मीदे बंधी हुई थी उसपर राज्य सरकार और केंद्र सरकार खरी नहीं उतर रही जिसकी बजह से पूरे देश में बीजेपी को लेकर एंटीहवा बनी हुई है, विधायक हरभजन सिंह चीमा ने अपनी ही प्रदेश की डबल इंजन सरकार पर और केंद्र की मोदी सरकार पर सवालिया निशान खड़ा करते हुए विकास में पिछड़ जाने की बात कही हेै, अपने क्षेत्र में विकास ना होने से नाखुश और मंत्री मंडल में ताजपोशी से नाराज दिख रहे बीजेपी विधायक चीमा कहा की जब केंद्र सरकार पैसा नहीं देगी तो विकास कहा से होगा, बीजेपी विधायक जिस तरह से एक के बाद एक तीर अपनी ही सरकार पर छोड़ रहे थे उससे यह स्पष्ट हे कि चार बार से पार्टी का परचम काशीपुर में फहरा रहे विधायक चीमा को हाईकमान द्वारा तबज्जो न दिए जाने की टीस उभर कर सामने आ रही है

राज्य के 8441 शिक्षकों को पढ़ाने के लिए सुधारना होगा ‘रिजल्ट’

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देहरादून। राज्य के 8441 शिक्षकों को कई साल की नौकरी के बाद अब ‘रिजल्ट’ सुधारना होगा। यह शिक्षक डीएलएड की निर्धारित योग्यता पूर्ण नहीं करते हैं। ऐसे में उन्हें राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की अंक सुधार परीक्षा में बैठना होगा। वह न्यूनतम एक व अधिकतम चार विषयों में परीक्षा दे सकते हैं।

डीएलएड की अनिवार्यता के बाद अब शिक्षकों के सामने एक अड़ंगा और है। डीएलएड कोर्स के लिए उनके बारहवीं में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए। एससी, एसटी, ओबीसी व दिव्यांग शिक्षकों के लिए पांच फीसद की रियायत है। जिन शिक्षकों के अंक कम हैं उन्हें राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की कक्षा बारह की अंक सुधार परीक्षा में शामिल होना होगा। क्षेत्रीय निदेशक प्रदीप रावत ने बताया कि उत्तराखंड में 37230 अभ्यर्थियों द्वारा डीएलएड का पंजीकरण कराया गया है। सामान्य वर्ग में 6668 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनके बारहवीं में 50 प्रतिशत से कम अंक हैं। इसी तरह आरक्षित वर्ग में 1777 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनके 45 प्रतिशत से कम नंबर हैं। ऐसे में ये शिक्षक डीएलएड के लिए निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करते हैं। इन्हें अर्हता पूर्ण करने के लिए अंक सुधार का विकल्प दिया गया है। जिसके लिए एनआइओएस की स्ट्रीम-1 में 31 जनवरी 2018 तक ऑनलाइन प्रवेश लिया जा सकता है।
एनआइओएस की वेबसाइट ‘डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट एनआईओएस डॉट एसी डॉट इन’ (www.nios.ac.in) के माध्यम से प्रवेश लिया जा सकता है। ऐसे अभ्यर्थियों की अंक सुधार परीक्षा अक्टूबर 2018 में आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों के पास ऑन डिमांड परीक्षा का भी विकल्प है। जिन शिक्षकों के अंक कम हैं उन्हें कोर्स में प्रोविजनल प्रवेश दिया जाएगा। उनके 12वीं में अंक प्रतिशत निर्धारित प्रतिशत से कम होगा उन्हें डीएलएड प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा।

दो बच्चियों के साथ हिमाचल की महिला नहर में कूदी

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विकासनगर। शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब की एक महिला अपनी दो बेटियों के साथ ढकरानी स्थित शक्तिनहर में कूद गई। महिला को बच्चियों समेत नहर में कूदते देख स्थानीय तैराक युवकों ने बिना समय गंवाए नहर में छलांग लगा दी। तैराक युवकों ने महिला व दोनों बच्चियों को सकुशल बचा लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मां व बेटियों को उपचार के लिए लेहमन अस्पताल में भर्ती कराया और परिजनों को सूचना दी। पुलिस की प्रथम दृष्टया जांच में गृह कलेश के चलते महिला द्वारा दोनों बेटियों के साथ नहर में कूदने जैसा कदम उठाना आया है।

जानकारी के अनुसार हिमाचल के भूपपुर पांवटा साहिब निवासी सुखविंदर कौर पत्नी प्रदीप चंद अपनी दो बेटियों दीपिका(6) व सगुन डेढ़ वर्ष के साथ ढकरानी में शक्तिनहर के पास आयी। महिला दोनों बेटियों के साथ पहले कुछ देर तक इधर अधर घूमी। स्थानीय तैराक युवकों ने महिला को जब बच्चियों के साथ घूमते देखा तो उन्हें कुछ शक हुआ। युवक पास आकर कुछ पता कर पाते, इससे पहले ही महिला अपनी दो बेटियों को साथ लेकर शक्तिनहर में कूद गयी। ढकरानी के तैराक युवकों ने बिना समय गंवाए शक्तिनहर में छलांग लगा दी और अपनी जान पर खेलकर महिला व दोनों बेटियों को सकुशल बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। कोतवाल एसएस नेगी मय पुलिस बल के मौके पर पहुंचे। महिला व बच्चियों को उपचार के लिए लेहमन अस्पताल पहुंचाया और महिला से पूछकर परिजनों को सूचना दी।
कोतवाल एसएस नेगी के अनुसार पुलिस की प्रथम दृष्टया जांच में आया कि महिला ने गृह कलेश के चलते बच्चियों के साथ नहर में छलांग लगायी है। स्थानीय तैराक युवकों ने तीन जानें बचाकर सराहनीय कार्य किया है।

राज्य स्थापना दिवस पर दूधिया रोशनी से जगमगाएगी इमारतें

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देहरादून। जिले में राज्य स्थापना की 17वीं वर्षगांठ पर शासकीय इमारतों को दुधिया बल्वों से प्रकाश मान किया जाएगा। साथ ही अन्य कार्यक्रम कर स्थापाना दिवस को धूमधाम से मनाया जाएगा।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम प्रताप सिंह शाह की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली कार्यक्रमों की रूप-रेखा तय करने के लिए बैठक का आयोजन किया गया। इसमें तय किया गया कि राज्य की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आठ व नौ नवम्बर को सायं सात बजे से रात्रि 11 बजे तक कलेक्ट्रेट भवन सहित अन्य शासकीय इमारतों को दूधिया बल्वों से प्रकाश मान किया जाएगा।
मुख्य कार्यक्रम युवा भवन प्रांगण में आयोजित किए जाएगें। विकास से जुड़े विभागों द्वारा अपनी योजनाओं से सम्बन्धित प्रर्दशनी के स्टॉल लगाए जाएंगे। साथ ही क्रीड़ा विभाग द्वारा मैराथन दौड़ का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाशित ‘विकास पुस्तिका’ का विमोचन मुख्य अतिथि द्वारा किया जाएगा। राज्य आन्दोलनकारी शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
एडीएम ने बताया कि युवा भवन में गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। साथ ही रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में राज्य आन्दोलनकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम जिला मुख्यालय के साथ-साथ तहसील व ब्लॉक स्तर पर भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जनपन स्तर पर गोल्ड मेडल प्राप्त खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया जाएगा।
बैठक में सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी, नगर निगम, नगर पालिकाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।

निर्देशक इकराम अख्तर की फिल्म में देहरादून के स्टार सतीश शर्मा

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इकराम अख्तर के फैंस के लिए एक बड़ी खुशखबरी है।कॉमेडी किंग कहे जाने वाले इकराम आने वाले समय में अपने फैंस के लिए एक नई फिल्म लाने वाले हैं जिसका टाईटल होगा ”हूर वर्सेस लंगूर”। यह फिल्म एक हीरोईन और उसे अपने तरफ आकर्षित करने वाले चार लड़कों की कहानी है ।इस फिल्म में काम करने वाला सारा क्रू इकराम ने 60 दिनों में उत्तर-प्रदेश और गुजरात से ऑडिशन के बाद चुने है।

लगभग 50 लोग, पहली बार फिल्म में काम करेंगे उनके लिए आगरा में 15 दिन की वर्कशॉप दी जा रही है।आने वाले दिसंबर में यह पूरी यूनिट आगरा से ही शूटिंग की शुरुआत करेगी।

इकराम अख्तर एक मल्टी टैलेंटेड डायरेक्टर,प्रोड्यूसर और राईटर हैं। इकराम ने इससे पहले बहुत सी कॉमेडी फिल्में बनाई हैं जैसे कि ‘आंखें’, ‘शोला और शबनम’ और सलमान की सुपरहिट फिल्म ‘रेडी’ और अपनी आने वाली फिल्म से भी वह कुछ ऐसी ही उम्मीद करते हैं।

अपनी फिल्मों में नए कास्ट को मौका देना इकराम के लिए पहली बार नहीं हैं। इससे पहले साल 2003 में उन्होंने अपनी फिल्म ‘नई पड़ोसन’ में बिल्कुल नए कास्ट को मौका दिया था। ‘नई पड़ोसन’ एक सफल फिल्म साबित हुई थी, ठीक पहले की तरह एक बार फिर इकराम ने अपनी आने वाली फिल्म ‘हूर वर्सेस लंगूर’ में एकदम नए कास्ट को साइन किया है जिसके बारे में उन्होंने गाजियाबाद में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया।

इस फिल्म में काम करने वाले देहरादून के सतीश शर्मा ने टीम न्यूजपोस्ट से बात करते हुए बताया कि, “इस फिल्म में काम करने के लिए मैं बहुत उत्साहित हूं और मैं इकराम का आभारी हूं कि उन्होंने अपनी फिल्म में काम करने के लिए मुझे चुना।” सतीश ने बताया कि, “मेरे लिए एक नया अनुभव होगा क्योंकि इस तरह की शैली वाली फिल्म में मैने पहले काम नहीं किया है, हालांकि मेरा रोल अभी भी मेरे लिए एक रहस्य है लेकिन मुझे कहा गया है कि मेरा रोल ऐसा होगा कि लोग मुझे मेरे रोल के लिए याद रखेंगे।”

आपको बतादें कि सतीश की फिल्म ‘विराम’ को कैंस फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीन किया गया था और आने वाले 24 नवंबर को यह फिल्म भारत में रिलीज होने वाली है।

चार साल बाद भी आपदा प्रभावितों की समस्याएं जस की तस

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वर्ष 2013 में आई प्राकृतिक आपदा से राज्य अब भी उबर नहीं पाया है। जबकि आपदा को बीते हुए चार साल से ज्यादा का वक्त गुजर गया लेकिन प्रभावित इलाकों में आज भी लोगों का हाल बेहाल है। हालांकि सरकार की ओर से चारधाम तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को प्रदेश के लिए हितकर माना जा रहा है।

आपदा के समय से अब तक प्रदेश की बागडोर कांग्रेस और भाजपा दोनों के पास रही लेकिन दिनों पार्टी एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में ज्यादा ही जुटी रही। समय-समय पर उत्तराखण्ड को संवारने का भली भांति दावा भी करती रही। वहीं राज्य की एक मात्र क्षेत्रीय दल यूकेडी सत्ता की सुख में दोनों दलों के सरकारों को समर्थन देकर राज्य की समस्याओं को खुद से दूर बनाती गई।

उत्तराखण्ड दैवीय आपदा के समय देश-विदेश से मदद के लिए हाथ भी उठे थे और लोगों ने मदद भी की थी। फिर भी आपदा प्रभावितों तक सही व समुचित मदद नहीं पहुंच सकी, जिससे आज भी उन्हें परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। कहीं सड़क की समस्या तो कहीं शिक्षा ओर स्वास्थ्य की समस्याएं, आज भी क्षेत्रवासियों के लिए चुनौती बनी हुई है। आज जिस तरह से प्रदेश से पलायन हो रहा है वह सरकार और राज्य दोनों के लिए चिंता का विषय है। एक ओर जहां पलायान को रोकने लिए बेरोजगारी तो वहीं दूसरी ओर राज्य में बार-बार आ रही आपदा को भी जोड़ कर देखा जा रहा है। हाल यह है कि सरकार की ओर से आपदा प्रभावित इलाकों में विकास कार्य न करवाए जाने के चलते लोगों को मुश्किलें बढ़ती जा रही है।

हिमालयी राज्य होने के चलते राज्य में मौसम भी अनुकूल नहीं रहता है, ऐसे में कार्य करना भी हर समय मुश्किल भरा होता है। कुछ माह ही काम करने के लिए बेहतर होता है। गढ़वाल के जोशीमठ, विकासखंड के लामबगड़ पटड़ी गांव में आपदा के दौरान कई पुल टूट गए थे और इस पुल के पुनर्निर्माण का सरकार ने आदेश भी दे दिया था लेकिन पुल आज तक लोगों का आवागमन का साधन नहीं बन सका है।

इस मामले में जिला प्रशासन का कहना है कि, “अधिकारियों को पुल निर्माण के निर्देश दिए गए हैं और मार्च 2018 तक पुल बनकर तैयार हो जाएगा। हालांकि, जो पुल चार साल बाद भी नहीं बना वो एक साल के भीतर बन जाएगा इसका अंदेशा काम ही है।” वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि, “प्रदेश सरकार आपदा प्रभावित सहित अन्य क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है। भापजा सरकार का मंशा है कि राज्य में चारों तरफ विकास दिखे इसी सोच के साथ सरकार काम कर रही है।”

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह लगातार भाजपा सरकार के कार्यों पर सवाल उठा रहे है। उनका कहना है कि, “सरकार को प्रदेश की जनता से कोई लेना देना नही है, वर्तमान सरकार कांग्रेस की योजनाओं पर धीमी गति से कार्य कर रही है। जबकि कांग्रेस सरकार जनता के हित में अनेकों जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई थी।”

अब हलाला के खिलाफ होगी शायरा की जंग शुरु

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काशीपुर। सुप्रीम कोर्ट से तीन तलाक की जंग जीतने वाली शायरा बानो मुस्लिम महिलाओं के लिए अब नजीर बन चुकि है, शायरा अब एक और जंग लड़ने का एलान कर चुकी हैं। शायरा की ये जंग हलाला के खिलाफ है, जो मुस्लिम महिलाओं पर एक बडा अत्याचार है, पुणे (महाराष्ट्र) में आयोजित एक समारोह से लौटी शायरा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट से तीन तलाक की जंग जीतने के बाद उनको प्रमोद महाजन स्मृति पुरस्कार से नवाजा गया। जिसके लिए उन्होने आयोजकों का धन्यवाद दिया।

शायरा ने बताया कि उनके साथ पुणे फिल्म संस्थान (एफटीआईआई) के अध्यक्ष फिल्म अभिनेता अनुपम खेर को भी सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह महाराष्ट्र की विधायक और सामाजिक संस्था स्वच्छंद की अध्यक्षा मेधा विश्राम कुलकर्णी ने रविवार को पुणे में आयोजित किया था,  जहां मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर और पूनम महाजन ने सायरा बानो को महाजन स्मृति सम्मान दिया।

उन्हें मानपत्र, स्मृति चिन्ह और महाराष्ट्र सम्मान पगड़ी प्रदान की गई। शायरा ने कहा कि तलाक की रूढ़िवादिता के खिलाफ उनके द्वारा किए गए संघर्ष को समारोह में उपस्थित हस्तियों ने खूब सराहा।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के हक में उनका संघर्ष जारी रहेगा। वह अब हलाला जैसी कुप्रथा के खात्मे के लिए लड़ाई शुरू करेंगी। शायरा के भाई अरशद ने कहा कि लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने में उनकी बहन को त्रासदी झेलनी पड़ी है, बावजूद शायरा ने समाज के कथित ठेकेदारों से हार नही मानी।

 

देवभूमि का लाल देश के लिये हुआ शहीद,जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंचा पार्थिव शरीर

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ऋषिकेश। देश की रक्षा के लिए लगातार रणबांकुरे अपनी जान की बाजी लगाते आ रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड के एक और सपूत ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों से लड़ते हुए अपनी बहादुरी का परिचय देकर अपने प्राण मातृभूमि की रक्षा के लिए कुर्बान कर दिए। उत्तराखंड के कर्णप्रयाग ब्लाक के फ़लोटा गांव के वीर सपूत सूरज सिंह तोपाल ने कश्मीर में घुसपैठ कर रहे आतंकवादियों से लोहा लेकर उनको नाकों चने चबवा दिए और इस मुठभेड़ में शहीद हो गए। आतंकवादियों से लोहा लेते हुए वीर सूरज ने कई आतंकवादियों को भी मार गिराया , पुलवामा से सूरज के पार्थिव शरीर को उत्तराखंड की धरती पर लाया गया जहां जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर सैनिक सम्मान के साथ उनको सलामी दी गई। सेना के जवानों ने अपने साथी की शहादत पर देश के खातिर अपनी जान की बाजी लगाने वाले ऐसे वीर जांबाज को नमन किया। जॉली ग्रांट से पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव के लिए रवाना किया गया जहां उनका सैनिक सम्मान से अंतिम संस्कार किया जाएगा।

दुनिया की 100 प्रभावशाली महिलाओं में प्रियंका

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फोर्ब्स पत्रिका की ओर से दुनिया की 100 सबसे ज्यादा प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट जारी की गई है। इस लिस्ट में विदेशों में चमकने वाली बालीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा को भी जगह मिली है। जानकारी के अनुसार, इस लिस्ट में 97वां नंबर प्रियंका चोपड़ा का है। इस लिस्ट में जर्मनी की चांसलर एंजला मारकल पहले नंबर पर हैं।

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरसा इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं। इस लिस्ट में बालीवुड से और भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से एक मात्र कलाकार के तौर पर प्रियंका का नाम है, लेकिन इस लिस्ट में अन्य क्षेत्रों से तीन और भारतीय महिलाओं के नाम इस लिस्ट में शामिल हैं।

इस लिस्ट में 32वें नंबर पर भारत की बैंकर चंदा कोचर का नाम है, तो तकनीकी मामलों की जानकार रोशनी नडार मल्होत्रा 57वें नंबर पर हैं। डा. किरण मजूमदार शॉ का नाम इस लिस्ट में 71वें नंबर पर है, तो 92वें नंबर पर मीडिया का जाना पहचाना नाम शोभना भारतीय का नाम है। पड़ोसी देश बंग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजिद का नाम इस लिस्ट में 30वें नंबर पर है।