Page 255

आंखों में मिर्च पाउडर डालकर 20 लाख लूटे

0

देहरादून, राजधानी देहरादून स्थित कालीदास रोड पर एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कैश कलेक्शन एजेंट से दिन-दहाड़े 20 लाख रुपये की लूट हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कैश कलेक्शन एजेंट आशुतोष गुप्ता जीएमएस रोड से कलेक्शन कर वापस लौट रहे थे, तभी उन्होंने अपनी बाइक कालिदास मार्ग पर साइड में खड़ी कर लघुशंका करने लगे। इसी दौरान एक युवक ने उनकी आंख में मिर्च पाइडर झोंक दिया, जिससे आशुतोष को दिखना बंद हो गया। जब उनकी आंख खुली तो होश उड़ गए। बाइक से बैग गायब था। पीड़ित ने बताया कि बैग में 20 लाख रुपये की नकदी थी, जिसे लेकर युवक फरार हो गया। एसपी सिटी समेत पुलिस फोर्स ने मौके का मुआयना किया और सीसीटीवी फुटेज से सबूत जुटाए जा रहे हैं। 

जमीन की धोखाधड़ी में एसआईटी ने शुरू की जांच

0

देहरादून, सहसपुर थाना पुलिस ने जमीन की धोखाधड़ी के मामले में हाथी बड़कला निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने मामले की शिकायत एसआईटी से की थी। एसआईटी की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए, जिस आधार पर सहसपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस केे अनुसार, पीड़ित जगदीश चंद्र भट्ट पुत्र स्व. बलराम भट्ट निवासी लेन-16 इंद्रप्रस्थ अपर नत्थनवाला थाना नेहरू कॉलोनी देहरादून को चंद्रमोहन सिंह गुंसाई पुत्र मंगल सिंह गुंसाई निवासी हाथीबड़कला थाना कैंट ने 30 जुलाई 2012 को ग्राम छरबा में करीब छह बिस्वा जमीन दिखाई। जिसका 4.70 लाख रुपये में अनुबंध हुआ।

पीड़ित को आरोपी ने बताया कि उसका मूल स्वामी के साथ अनुबंध हो रखा है और आश्वासन दिया कि वह जल्द ही भूमि का विक्रय पत्र पीड़ित के हक में करा देगा, लेकिन पैसे लेने के बाद भी वह मामले को टालता रहा और पैसे भी नहीं लौटाए, जिस पर पीड़ित ने एसआईटी से शिकायत की थी। थानाध्यक्ष पंकज देवरानी ने बताया कि एक उपनिरीक्षक को जांच सौंपी गई है। जांच के तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

संयुक्त प्रयासों व जन भागीदारी से होगा रिस्पना का पुनर्जीवन: मैड

0

देहरादून, ईको टास्क फोर्स के संग मिलकर रिस्पना के पुनर्जीवन पर काम कर रहे देहरादून के शिक्षित छात्रों के संगठन, मेकिंग ए डिफरेंस बाई बीइंग द डिफरेंस ने रिस्पना पुनर्जीवन पर जन भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। इसी क्रम में संस्था ने पद्मश्री चडीं प्रसाद भट्ट से उनके गोपेश्वर स्थित आवास में मुलाकात की, दो घंटे की मुलाकात के बाद भट्ट ने संस्था को अपना समर्थन देने की बात कही।

मैड संस्थान के संथापक अभिजय नेगी ने बताया कि, “पद्मश्री चंडी प्रसाद भट्ट के कई दशकों के अनुभव से भी संस्था को काफी मार्गदर्शन मिला है,अब सरकार के साथ मिलकर ही इतने बड़े स्तर का अभियान चलाया जा सकता है।” इसके पश्चात मैड संस्था ने ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में स्वामी चिदानंद मुनि से भेंट की और उनसे रिस्पना पुनर्जीवन पर उनकी राय समझी। स्वामी चिदानंद ने एक ग्रैंड प्लान की बात कही और दोनों में मैड संस्था को जन भागीदारी एवं युवाओं को साथ लेने की पहल करने का सुझाव दिया।

मैड ने रिस्पना पुनर्जीवन को उत्तराखंड वैज्ञानिक एवं अनुसंधान संस्थान के प्रो. दुर्गेश पंत व अन्य वैज्ञानिकों से भी मुलाकात की। वैज्ञानिकों से नदी का बहाव कैसे बढ़ाया जा सकता है और जलविज्ञान की कैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है इसे लेकर चर्चा की गई।

नेगी ने बताया कि, “संस्था के सदस्यों द्वारा हर दिन बैठक और विचार-विमर्श किया जा रहा है, ताकि रिस्पना पुनर्जीवन के कार्यों को गति प्रदान की जा सके, अब प्रदेश सरकार से इस मुद्दों पर गंभीरता से बात की जाएगी। सरकार के सहयोग से इस दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे, क्योंकि जन भागीदारी और सरकारी संवेदनशीलता के साथ रिस्पना पुनर्जीवन देहरादून के इतिहास में एक नवीन उदाहरण के तौर पर पूरे देश के सामने प्रस्तुत होगा।”

मनीष रावत चमके, उत्तराखण्ड को मिला पहला गोल्ड

0

स्पोर्ट्स कॉलेज में चल रही आल इंडिया पुलिस एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मनीष रावत ने उत्तराखंड पुलिस के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता। 20 किमी रेस वॉक में उन्होंने यह सफलता हासिल की। उन्होने घंटे 25 मिनट 37 सेकंड में रेस़ पूरी कर प्रथमस्थान हासिल करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। बीएसएफ के कुलवन्त सिंह (घंटे 26 मिनट 43 सेकंड) द्वितीय व सीआरपीएफ के जय भगवान (घंटे 27 मिनट 39 सेकंड) तृतीय स्थान पर रहे।

पुरूष वर्ग की 1500 मीटर दौड़ में सीआरपीएफ के बीर सिंह ने 3:54:80 मिनट में दौड़ पूरी कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।उत्तराखण्ड के हरीश कोरंगा द्वारा 3:54:84 मिनट में दौड़ पूरी कर द्वितीय स्थान प्राप्त करने रजत पदक अपने नाम किया।राजस्थान के मुकेश कुमार(3:57:88) तृतीय स्थान पर रहे।

महिला वर्ग की 10000 मीटर रेस वॉक़ में पंजाब की खुशबीर कौर ने 44:33:50 मिनट में दौड़ पूरी कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। सीआरपीएफ की सोमिया बी0 (46:22:40) द्वितीय व सीआईएसएफ की रजनी (49:23:10) तृतीय स्थान पर रहीं।

महिला वर्ग की जैवलिन थ्रो में पंजाब की रूपिन्दर कौर द्वारा 52.24 मीटर जैवलिन फेंककर प्रथम स्थान प्राप्त किया। सीआरपीएफ की चुम्की चौधरी द्वारा 44.21 मीटर जैवलिन फेंककर द्वितीय स्थान तथा सीआईएसएफ की प्रिंयका सिंह द्वारा43.46 मीटर जैवलिन फेंककर तृतीय स्थान प्राप्त किया।

योगी ने रावत संग की देहरादून में पूजा अर्चना और गौ पूजा

0
प्रातः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं यूपी के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के साथ मुख्यमंत्री आवास का भ्रमण किया। उन्होंने परिसर में स्थापित मन्दिर में पूजा-अर्चना की तथा गौशाला में गायों को गुड़ भी खिलाया। उन्होंने परिसर के प्राकृतिक सौन्दर्य तथा स्वच्छ पर्यावरण की सराहना की अौर गौशाला स्थापना की भी प्रशंसा की।
इसके बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं यूपी के उप मुख्यमंत्री  दिनेश शर्मा, जीटीसी हेली पैड से शिमला के लिये रवाना हुए तथा हिमाचल प्रदेश के मनोनीत मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित हुए।
ज्ञातव्य है कि मंगलवार को देर सांय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री रावत ने उनका शाॅल एवं गंगाजली भेंट कर स्वागत किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री ने रात्रि विश्राम मुख्यमंत्री आवास पर ही किया।

सांध्यकालीन कक्षाओं का ‘जिन्न’ आया बोतल से बाहर

0

देहरादून। उच्च शिक्षा के हालातों को बेहतर करने के लिए एक बार फिर सांध्यकालीन कक्षाओं का ‘जिन्न’ बोतल से बाहर आ गया है। पहले जहां सरकार ने छात्रों की सहूलियत को देखते हुए इवनिंग क्लासेज की घोषणा की थी, वहीं इस बार राज्यपाल ने शिक्षा व्यवस्था को ढर्रे पर लाने के मकसद से संस्थानों को सांध्यकालीन कक्षाएं संचालित करने की नसीहत दी है। लेकिन, हकीकत की जमीन पर अभी भी कोई पॉजिटिविटी इवनिंग क्लास के प्लान से निकलती दिखाई नही दे रही है। भले ही कुछ संस्थानों में इवनिंग कक्षाओं का संचालन किया गया, लेकिन बिना संसाधनों और सुविधाओं के इस बार भी सांध्यकालीन कक्षाओं की योजना का परवान चढ़ना टेढ़ी खीर नजर आ रहा है।

बढ़ती छात्र संख्या और गिरती शिक्षा की गुणवत्ता को देखते हुए साल 2015 में सरकार ने इवनिंग क्लासेज शुरू करने का प्लान तैयार किया था। लेकिन इसके बाद इसे लागू करने में काफी परेशानियां आईं। हालांकि कुछ संस्थानों ने सांध्यकालीन कक्षाओं का संचालन शुरू भी किया लेकिन दाखिला लेने वाले छात्रों की परीक्षाओं को लेकर भारी फजीहत झेलनी पड़ी। अब एक बार फिर उच्च शिक्षा के हालात सुधारने को राज्यपाल डा. कृष्ण कांत पॉल ने सांध्यकालीन कक्षाओं के संचालन के निर्देश दिए हैं। भेल ही यह निर्देश शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए लिया जा रहा है, लेकिन बिना सुविधाओं और संसाधनों के सांध्यकालीन कक्षाओं का संचालन होगा यह एक बड़ा सवाल होगा।
बीते सालों पर गौर करें तो हालात यह रहे कि डीएवी पीजी कॉलेज में सांध्यकालीन कक्षाएं संचालित नहीं हुई। कम छात्र संख्या होने के कारण एमकेपी पीजी कॉलेज में इवनिंग क्लास नहीं चलाई गई। एसजीआरआर में भी यही हाल देखने को मिला। राजधानी के चार कॉलेजों में से केवल एक डीबीएस पीजी कॉलेज में सांध्यकालीन कक्षाएं सांचालित हुई। लेकिन यहां भी हालात कुछ बेहतर नजर नहीं आए। इसके अलावा डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की कमी पर गौर करें तो अभी भी राज्य में करीब पांच हजार शिक्षकों की भर्ती बाकी है। कॉलेजों में पढ़ाने को शिक्षक ही नहीं हैं। ऐसे में जो हैं वो या तो सुबह की पाली में शिक्षण कर सकेंगे या फिर शाम की पाली में कक्षाएं ले सकेंगे। इन हालातों में सांध्यकालीन की सुबह कब होगी या तो वक्त ही बताएगा। 

सर्दियों में तंदुरुस्त रहने के लिए सेंके धूप और पीएं खूब पानी

0

सर्दियां अपने साथ स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव भी लेकर आती हैं, ऐसे में खुद को बीमारियों से कैसे बचाएं और सर्दियों का पूरा मजा कैसे लें, यह अच्छी तरह जान लेने की जरूरत है।

चिकित्सक की सलाह है कि सर्दियों में खूब धूप सेकें, क्योंकि ऐसा न करना विटामिन-डी की कमी, अवसाद, जोड़ों के दर्द, रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी का कारण बनता है। दिन की शुरुआत नाश्ते से पहले आधा लीटर पानी पीकर करें और हर घंटे बाद उचित मात्रा में पानी पीते रहें।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मनोनीत अध्यक्ष डॉ.के.के. अग्रवाल ने कहा, “यह माना हुआ तथ्य है कि सर्दियों में दिल और दिमाग के दौरे या कार्डियक अरेस्ट की वजह से मौतों के मामले बढ़ने लगते हैं।

इसके कई कारण हैं.

ठंडे मौसम में दिल की धमनियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे दिल को रक्त और ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, इससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।

दूसरा दिन छोटे हो जाते हैं, जिससे हार्मोन में असंतुलन पैदा होता है और शरीर में विटामिन-डी की कमी आती है,इससे दिल और दिमाग के दौरे की आशंका रहती है।

सर्दियों के अवसाद से पीड़ित लोग अक्सर ज्यादा चीनी, ट्रांस फैट और सोडियम व ज्यादा कैलोरी वाला आरामदायक भोजन खाने लगती हैं जो डायबिटीज और हाईपरटेंशन से पीड़ित लोगों के लिए बहुत ही खतरनाक हो सकता है,ठंडे मौसम में खास कर उम्रदराज लोगों को अवसाद घेर लेता है, जिससे उनमें तनाव और हाईपरटेंशन काफी बढ़ जाता है।

प्रकृति की गोद मे बसा ब्रिटिश कालीन कैथोलिक चर्च

0

हल्द्वानी, यदि घूमने का प्लान बना रहे हैं तो मौना बाना गांव से बेहतर जगह कोई हो ही नहीं सकती, प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस जगह से अच्छी शायद ही कोई ऐसी जगह हो जो क्रिसमस सेलीब्रेट करने के लिए, ईसाई बाहुल्य इस गांव की खूबसूरती देखते ही बनती है। जहां ब्रिटिश कालीन कैथोलिक चर्च ऐतिहासिक धरोहर है, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

मौना बाना गांव दुर्गम पहाडिय़ों के बीच में बने इस चर्च का नाम सेंट माइकल चर्च है। सन 1935 36 में इसे एट्यू कोर्नाडो ने बनवाया था, जो करीब 82 साल पुराना कैथोलिक चर्च आज भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। चर्च की खूबसूरती ऐसी की हर कोई अपने आप में खो जाए, हल्द्वानी से फतेहपुर और वहां से बाना गांव, इसके बाद करीब तीन किलोमीटर का पैदल पथरीला सफर जो पहुंचता है मौना गांव। मौना गांव के लिए आज भी सड़क मार्ग नहीं है, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अंग्रेजों ने तब चर्च इतना भव्य कैसे बनाया होगा। जानकारों की मानें तो जो मिस्त्री चर्च का काम करता उसको दिन में केवल दो पत्थर काटने होते, वो भी एक जैसे। यदि ऐसा नहीं हो पाता तो उस मिस्त्री को काम से हटा दिया जाता।

बड़ा दिन यानी क्रिसमस डे नजदीक है। लिहाजा सेलिब्रेशन की तैयारियां जोरों पर है। अंग्रेजों ने ही 1936 के आसपास मौना गांव को बसाया था, जो ईसाई लोगों का गांव हैं। आजकल गांव में क्रिसमस को लेकर उत्सुकता का माहौल है। इस समय इस कैथोलिक चर्च के फादर उदय कुमार डिसूजा है लेकिन रख रखाव की पूरी जिम्मेदारी जगत एंजलो की है। चर्च में तीन कमरे भी हैं जिसमें फादर सहित अन्य लोगों के रहने की सुविधा भी है, हर साल क्रिसमस मनाने हल्द्वानी के साथ साथ अन्य प्रदेशों से हिन्दू परिवार भी यहां आते है। हर साल की तरह इस साल भी क्रिसमस की तैयारियां जोरों पर है। चर्च में सजावट का काम किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक क्रिसमस के अवसर पर यहां शानदार आयोजन किया जाएगा।

वही ब्रिटिश कालीन हुकूमत के दौरान जो भी निर्माण कार्य कराए गए वो आज ऐतिहासिक धरोहरों के रूप में हमारे बीच हैं। 1936 में बनाया मौना बाना गांव का यह कैथोलिक चर्च उन्ही धरोहरों में से एक है जो अपने आप मे आज भी कई यादें लिए आपका इंतजार कर रहा है। उम्मीद की जानी चाहिए की करीब 82 साल पुराने इस चर्च को विरासत के रूप में रखने के लिए यहां हर साल क्रिसमस को धूमधाम से मनाएंगे।

उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद की 7वीं बैठक

0
उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद की 7वीं बैठक को रिंग रोड़ स्थित सूचना भवन, सभागार में आयोजित हुई। बैठक में उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के उपाध्यक्ष हेमंत पाण्डेय व जय श्रीकृष्ण नौटियाल तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी/महानिदेशक सूचना पंकज कुमार पाण्डेय उपस्थित थे।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं महानिदेशक सूचना डाॅ.पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि, “परिषद के माध्यम से प्रदेश में फिल्म निर्माण एवं शूटिंग के लिए बेहतर वातारण तैयार किया जा रहा है, प्रदेश में फिल्म उद्योग को और अधिक अवसर मिले, इसके लिए फिल्म नीति-2015 में संशोधन किये जायेंगे, इसके लिए फिल्म क्षेत्र से जुड़े सभी लोगो से सुझाव आमंत्रित है।
उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद श्री हेमंत पाण्डेय ने कहा कि परिषद द्वारा किये जा रहे कार्यों को और अधिक गति प्रदान की जायेगी। इसके लिए परिषद के सभी सदस्यों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि परिषद के माध्यम से आयोजित होने वाला सम्मान समारोह जनवरी, 2018 में प्रस्तावित है, जिसके के लिए परिषद स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाय।
बैठक का संचालन अपर निदेशक/अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ.अनिल चन्दोला ने किया गया। चन्दोला ने बताया कि, “आज की परिषद ने शीघ्र ही फिल्म नीति में आवश्यक संशोधन किये जाने की बात रखी  जिसमें मुख्य रूप से फिल्म शूटिंग करने कि लिये निर्धारित धनराशि रुपये 10,000 प्रति दिन को कम किया जायेगा। आंचलिक फिल्मों को प्रोत्साहित करने के लिये  मनोरंजन कर के समाप्त होने के कारण जी.एस.टी. के अनुरूप शासन को संशोधित प्रस्ताव प्रेषित किया जायेगा। वन विभाग द्वारा लिये जाने वाले शूटिंग शुल्क को समाप्त करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जायेगा। परिषद द्वारा निर्गत अनुमति पत्र ही अनुमन्य होगा। इसी प्रकार से फिल्म नीति में अन्य बिन्दुओं पर भी संशोधन किये जाने प्रस्तावित है, इसके लिए परिषद के सभी सदस्यगणों एवं फिल्म क्षेत्र से जुड़े लोगो से भी सुझाव आमंत्रित किये गये है।

कुहु गर्ग ने बैडमिंटन में उत्तराखंड का नाम फिर किया रौशन

0

उत्तराखंड की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी कुहू गर्ग ने अपने नाम एक और उपलब्धि कर ली है। कुहू उत्तराखंड से प्रतिष्ठित प्रीमियर बैडमिंटन लीग में हिस्सा लेने वाली एक मात्र खिलाड़ी हैं। वो मुंबई रॉकेट्स टीम का हिस्सा है और कुहू विश्व नंबर एक खिलाड़ी सोन वान हो के साथ टीम ड्रेसिंग रूम शेयर करेंगी। 23 दिसंबर से शुरू हुई ये लीग 14 जनवरी के खत्म होगी।

कुहू ने हाल ही में गर्रीस ओपन में मिक्सड डब्लस में गोल्ड हासिल किया है। बैडमिटन उत्तराखंड के अध्यक्ष और कुहू के पिता असोक कुमार का कहना  है कि “कुहू की अबी शुरूआत है और ऐसे में इस तरह का प्रदर्शन काफी उम्मीद जगाता है। हर टीम में विदेशी खिलाड़ियों के होने से काफी अच्छा एक्सपोशर मिलता है। कुहू अपना गेम इंजॉय करती है और हमारे लिये ये गर्व की बात है।”
kuhooदिल्ली के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज से ईकोनॉमिक ऑनर्स कर रही कुहू अपनी इस कामयाबी से खासी उत्साहित हैं। अपने खेल के बारे में बताते हुए कुहू कहती हैे कि “ये एक काफी अच्छा अनुभव है क्योंकि हर टीम में विदेशी खिलाड़ियों के होने से आपको उनके खेल को देखने का बेहतर मौका मिलता है। हमारी टीम में भी काफी ऊंची रैंकिंग के खिलाड़ी हैं और मुझे उम्मीद है कि हम कम से कम फाइनल तक तो पहंचेंगे।”

टीम न्यूजपेस्ट की तरफ से कुहू और उनकी टीम को लीग में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिये शुभकामनाऐं.