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कनासर रेंज में चली कैल के चार पेड़ों पर आरियां

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विकासनगर। चकराता वन प्रभाग की कनासर रेंज में अवैध पातन का मामला प्रकाश में आया है। कैल के चार पेड़ों पर आरियां चला दी गई। रिजर्व फोरेस्ट में हुए अवैध पातन से महकमे में हड़कंप की स्थिति है। मामले ने वन विभाग की गश्त की कलई भी खोल कर रख दी है। हालांकि मामला प्रकाश में आने पर विभाग ने एक व्यक्ति के‌ खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

जानकारी के अनुसार बीती 23 दिसंबर को वन कर्मी को सूचना मिली कि रिजर्व फोरेस्ट में कैल के चार पेड़ों को काटा गया है। जिसे पर वन कर्मियों ने कुनैन कक्ष संख्या 13 (बी) में कैल की चार ठूंठे दिखाई दी। जिस पर वन कर्मियों ने आसपास के क्षेत्र में कांबिंग की। जहां उन्हें झाड़ियों में छिपा कर रखे 58 स्लीपर और आठ डांटे मिली, जिन्हें काटे गए पेड़ों से तैयार किया गया था। जिन्हें वन कर्मियों ने जब्त कर लिया। एसडीओ एमएस काला ने बताया कि जांच में सूरजन सिंह निवासी ग्राम कचाणू का नाम प्रकाश में आया है। जिसके खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपी से दो लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। उधर, डीएफओ दीपचंद आर्य ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। मामले में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का स्पष्टीकरण तलब किया गया है। कोई लापरवाही उजागर होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

थाने से गायब हुए दुर्लभ कछुए, छिपाने में जुटा महकमा

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हरिद्वार,  रायवाला पुलिस ने बीती 22 दिसंबर को एक सेंट्रो कार से 16 कछुए के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद अपने अधिकारियों की पीठ भी थपथपा प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। पत्रकारों के सामने अधिकारी ये बार-बार कह रहे थे कि हमारी टीम ने दुर्लभ प्रजाति के 16 कछुए पकड़े है। लेकिन अब इन कछुओं की बरामदगी में झोल नजर आ रहा है। दरअसल, पुलिस ने जो बयान प्रेस को जारी किये थे, उनमें कछुए की संख्या 16 बताई गई थी। लेकिन जब कैमरे के सामने आरोपियों के साथ कछुओं को दिखाया गया तो उसमें कछुए 16 नहीं बल्कि 18 थे। पुलिस ने आरोपियों से 18 कछुए कब्जे में लिये, अब सवाल ये है कि पुलिस की गिनती में फर्क कैसे आ रहा है। कहीं कछुओं को इधर-उधर तो नहीं कर दिया गया है।

रायवाला थाना प्रभारी महेश जोशी पहले कहते हैं कि कछुए सिर्फ 16 ही हैं। आपकी गिनती में फर्क हो गया होगा। फिर वो कहते हैं कि कछुए हमने वन विभाग को दे हैं और कछुए 16 ही थे। रायवाला प्रभारी का कहना है कि उनके लिए भी इनको जिंदा रखना बड़ी मुश्किल का काम हो गया था और सभी को कोर्ट के आदेश के बाद पार्क में छोड़ दिया गया है। पुलिस का बयान असंतोषजनक और लापरवाह था। एएसपी मंजूनाथ से जब इस मामले पर जानकारी मांगी गई तो उन्होंने भी कछुए की संख्या को 16 ही बताई। हालांकि उन्होंने इस बात पर अपनी सहमति जताई कि अगर कछुओं की संख्या में कुछ गड़बड़ी है तो इसे एक बार फिर से दिखा लिया जाएगा।

वन विभाग के मोतीचूर रेंज में तैनात डीपी उनियाल का उनका कहना था कि पुलिस की तरफ से आये पत्र में 16 कछुओं की बात कही गई थी। लेकिन अभी तक हमने पुलिस से कछुए लिए ही नहीं है। उनियाल का कहना है कि आज ये कछुए पुलिस विभाग से लिए जाएंगे जिनको पार्क में छोड़ा जाएगा। अब बड़ा सवाल ये है कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ ? अगर वन विभाग और कोर्ट को कागजों में 16 कछुओं की संख्या बताई गई है तो 2 और कछुए कहां चले गए। इस सवाल का जवाब पुलिस विभाग के पास नहीं है। इन तथ्यों को देखकर ऐसा लग रहा है जैसे दुर्लभ प्रजाति के पकड़े गए ये कछुए थाने से ही गायब हो गये हैं। जिसे अब छिपने में पूरा महकमा लगा हुआ है।

प्रशासन ने अवैध 280 पक्के निर्माणों को ढहाया

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देहरादून, प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शीशमबाड़ा में सीआरपीएफ को आवंटित भूमि से कब्जे हटा दिए। करीब छह घंटे चले अभियान के दौरान एक दर्जन जेसीबी से 280 पक्के निर्माणों को ढहाया गया। इस दौरान कब्जाधारी रोने बिलखने लगे। उन्होंने शासन प्रशासन से घरों को ना उजाड़ने की गुहार लगाई।

anti encroachment drive

अवैध निर्माण को पूरी तरह से हटाने के बाद ही पुलिस प्रशासन की टीमें वापस लौटी। एडीएम अरविंद कुमार पांडेय ने सीआरपीएफ के अधिकारियों को खाली कराई गई भूमि पर शीघ्र कब्जा लेने के निर्देश दिए। बुधवार की सुबह करीब आठ बजे एडीएम और एसपी सिटी प्रदीप राय की अगुवाई में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी झाझरा पुलिस चौकी में एकत्र हुआ। करीब साढ़े आठ बजे सभी शीशमबाड़ा पहुंचे। कब्जों को हटाने के लिए पूरे इलाके को चार जोनों में बांटा गया। सभी जोन के लिए एक-एक एसडीएम और सीओ की तैनाती की गई।

अनाउंसमेंट कर सभी लोगों से मकानों को खाली करने के को कहा गया, हालांकि अधिकांश लोग पहले ही अपना सामान समेट कर जा चुके थे। सुबह 10 बजे जेसीबी से ‌अवैध निर्माणों को ढहाने की कार्रवाई शुरू हुई, जो शाम करीब चार बजे तक चली। अवैध निर्माण ढहने पर शासन प्रशासन ने राहत की सांस ली। बतादें कि वर्ष 2013 में शासन ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को शीशमबाड़ा में सात हेक्टेयर भूमि आवंटित की थी, लेकिन शासन प्रशासन की लापरवाही से यहां कब्जे हो गए।

फिस रेस की तैयारियों का लिया सीएस ने जायजा

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देहरादून,  औली में 15 से 21 जनवरी, 2018 तक आयोजित होने वाली फेडरेशन ऑफ इन्टरनेशनल स्कीइंग रेस (एफआईएस) की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने पर्यटक आवास गृह औली सभागार में सभी उच्चाधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने फिस रेस की व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करते हुए संबंधित कार्य पूरा होने पर सर्टीफिकेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं की स्थापना एवं कार्यो के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोई समस्या आ रही है तो समय रहते अवगत कराना सुनिश्चित करें ताकि समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि, “भारत में पहली बार फिस रेस का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उदेश्य देश के ऐसे एथलीटस जो औलम्पिक व अन्य अन्तराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में क्वालीफाई नही कर पाते है उनके लिए अच्छे अंक अर्जित करने के लिए सुनहरा अवसर देना है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर भी स्कीयर्स को तैयार करने के लिए अच्छे प्रशिक्षक रखने की व्यवस्था की जायेगी।आईएफएस गेम्स कराने का उद्देश्य औली को टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना भी है।”

मुख्य सचिव ने स्लोप के कुछ कार्यो की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए मैनपावर बढाते हुए प्राथमिकता के आधार पर दिसंबर माह के अंत तक स्लोप के सभी कार्यो को पूरा करने के निर्देश जीएमवीएन के अधिकारियों को दिये। उन्होंने औली में पम्प हाउस, मोबाईल स्नोगन, एवरेस्ट स्नोग्रूमर, स्नो ग्रूमर हस्की, स्नोवीटर, स्कीलिफ्ट, पोमा स्की लिफ्ट, चियर लिफ्ट आदि उपकरणों के मरम्मत कार्यो को भी शीघ्र पूरा करने तथा सभी उपकरणों को सही स्थिति में रखने के निर्देश जीएमवीएन के अधिकारियों को दिये। पोमा स्की लिफ्ट की जानकारी लेते हुए वेंडर से तत्काल पोमा स्की लिफ्ट उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने कम्प्रेशर की सर्विसिंग के कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने फिस रेस से जुडे कार्यो को समय से पूरा कर लिखित रूप से प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश सभी संबधित अधिकारियों को दिये। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिदिन कार्यो की मानिटरिंग करने तथा कार्य प्रगति की रिपोर्ट जिलाधिकारी एवं गढवाल आयुक्त को भी उपलब्ध कराने को कहा।

मुख्य सचिव ने औली एवं जोशीमठ में देश विदेश से आने वाले स्कीयर्स, टैक्नीशियन एवं आफिसर्स को औली में ही आसपास आवास की व्यवस्था करने को कहा, ताकि बर्फवारी अधिक होने पर आने जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा किसी भी उपकरण में तकनीकी समस्या आने पर उसको समय से दूर किया जा सके। उन्होंने गेम्स के दौरान वाहन पार्किगं हेतु स्थलों का चयन करने, गेम्स के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को बनाये रखने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के निर्देश दिए। गेम्स के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए डाक्टरों की तैनाती तथा पर्याप्त मात्रा में दवाईयों का स्टाक रखने को कहा। विघुत एवं पेयजल विभागों को आपूर्ति बनाये रखने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्य सचिव ने सांस्कृतिक समिति को गंगा की स्वच्छता पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करने का सुझाव भी दिया ताकि यहाॅ आने वाले पर्यटक एक अच्छा संदेश लेकर जाये। उन्होंने औली-जोशीमठ मोटर मार्ग पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था करने, बर्फ हटाने के लिए स्नोकटर व जेसीबी मशीन की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। पैदल मार्गो को भी दुरूस्थ रखने के निर्देश वन विभाग को दिये। गेम्स के दौरान औली में संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा अन्य सभी व्यवस्थाओं से जुड़े विभागों को अपने कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक से पहले मुख्य सचिव ने स्किंग स्लोप पर चल रहे निर्माण कार्यो तथा कृत्रिम बर्फ बनाने वाली मशीनों, पम्प हाउस, आर्टिफिसियल लेक आदि का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान आस्ट्रिया व फ्रांस से आये तकनीकी इंजीनियरों से वार्ता करते हुए वस्तु स्थिति की जानकारी दी। इस अवसर पर पर्यटन सचिव गढवाल आयुक्त दिलीप जावलकर, जिलाधिकारी आशीष जोशी, पुलिस अधीक्षक सुश्री तृप्ति भट्ट, डिप्टी कमांडेन्ट आईटीबीपी विजय चन्द्रा उपस्थित थे। 

28 सैंपलों में दो फेल, दूध सबस्टैंडर्ड

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देहरादून, दिवाली पर्व के चलते खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण की ओर से लिए गए सैंपलों में 28 सैंपल की जांच रिपोर्ट बुधवार को विभाग को मिली। जिसमें दो सैंपल फेल आए। दूध सबस्टैंर्ड मिला, जबकि अन्य फेल सैंपल बेकरी से जुड़ा है।

खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण की टीम ने बीती दिवाली के चलते 75 सैंपल लिए थे, 28 सैंपल की जांच रिपोर्ट बुधवार को मिली। अभिहित अधिकारी जीसी कंडवाल ने बताया कि दो सैंपल फेल हैं, जिसमें अमूल का दूध सब स्टैंर्ड मिला यानी दूध मानकों के अनुरूप नहीं था। वहीं एक बेकरी शॉर्टिंग का सैंपल फेल हुआ है, जिसमें फेटी एसिड की मात्रा ज्यादा थी। उन्होंने बताया कि दिवाली के दौरान लिए गए सैंपलों में से पचास फीसदी सैंपलों की रिपोर्ट मिल चुकी है। बाकी रिपोर्ट के आने का इंतजार है।

नौ राज्यों में जल विभाजन प्रबंधन का कार्य करेगा एफआरआई

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देहरादून, वन अनुसंधान संस्थान और ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन प्रभाग के बीच विभिन्न परियोजनाओं का आंकलन करने और अधिकारियों व कर्मचारियों को परियोजनाओं के तहत प्रशिक्षण प्रदान करने का लेकर करार हुआ। पांच वर्ष के समझौते के तहत एफआरआई नीरांचल परियोजना में सम्मिलित राज्यों के अधिकारी एवं कर्मचारी व जनमानस की प्रशिक्षण आवश्यकताओं का आंकलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का मोडयूल तैयार करने का काम करेगा।

एफआरआई की निदेशक डा. सविता और वाटरशैड मैनेजमेंट के निदेशक अमित कुमार ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। डा. सविता ने बताया कि यह समझौता ज्ञापन पांच वर्ष के लिए है। इस कार्य का मुख्य उद्देश्य नीरांचल परियोजना में सम्मिलित राज्यों के अधिकारी एवं कर्मचारी के साथ ही जनमानस की प्रशिक्षण आवश्यकताओं का आंकलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का मोडयूल बनाना है। साथ ही विभिन्न संस्थानों का चिन्हीकरण एवं उन संस्थानों द्वारा परियोजना में शामिल राज्यों के विभिन्न स्तर के कर्मचारियों का प्रशिक्षण कराना है।

इस परियोजना के अंतर्गत आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ, गुजरात, ओडिशा, झारखण्ड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान तथा तेलंगाना नौ राज्यों में जल विभाजन प्रबंधन कार्यकलापों पर मुख्य ध्यान दिया जाएगा। इस परियोजना की लागत 4.99 करोड़ रुपये है। इस मौके पर वन अनुसंधान संस्थान से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। 

फिल्म ‘सोनू की टिट्टू की स्वीटी’ का पहला गाना हुआ लांच

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नई दिल्ली,  साकेत पीवीआर में बुधवार को आगामी कॉमेडी फिल्म ‘सोनू की टिट्टू की स्वीटी’ का पहला गाना लांच किया गया। इस मौके पर फिल्म के निर्देशक लव रंजन सहित फिल्म के कलाकार नुशरत बरोचा, कार्तिक आर्यन और सनी सिंह भी मौजूद रहे। हनी सिंह इस गाने से अपनी वापसी कर रहे हैं।

मीडिया से बातचीत करते हुए पूरी टीम फिल्म को लेकर काफी उत्साहित थी। दिल चोरी सड्डा ट्रैक और हनी सिंह के इस गाने से वापसी के बारे में बताते हुए लव रंजन ने कहा कि इस गाने के लिए हनी सिंह को तैयार करने का पूरा श्रेय भूषण कुमार को जाता है, क्योंकि मै हनी सिंह को नजदीक से नहीं जानता लेकिन भूषण ने हनी सिंह को राजी किया।

फिल्म के बारे में बात करते हुए लव रंजन ने कहा कि आज कल शादी सिर्फ दो परिवारों के बीच के संबंधों तक नहीं रह गया बल्कि इससे अब दोस्तों की भी भावनाएं जुड़ी हुई होती हैं। यह फिल्म ब्रोमान्स और रोमान्स के बीच की लड़ाई है। इससे ज्यादा मैं इल्म के बारे में नहीं बता सकता| इसके लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी। तभी आप फिल्म की अवधारणा को समझ सकेंगे। फिल्म में टॉम एण्ड जैरी की कैमेस्ट्री देखने को मिलेगी। यह फिल्म अगले साल 9 फरवरी को रिलीज होगी।

पेयजल लाइन फटी, 45 मिनट में पांच लाख लीटर पानी बर्बाद

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देहरादून। एडीबी विंग के कारनामे भी गजब है। लाइन की टेस्टिंग करने के नाम पर महज 45 मिनट में एडीबी विंग ने जल संस्थान का पांच लाख लीटर पानी बर्बाद कर दिया। यही नहीं, बुद्धा चौक पर जिस जगह पानी बर्बाद हुआ वहां पहुंचने में भी आधा घंटा लगा। तब जाकर लाइन को बंद किया गया और लोगों ने राहत की सांस ली।

दरअसल, एडीबी विंग ने सर्वे चौक से लेकर बुद्धा चौक व आसपास के इलाके में पानी की नई लाइन डाली है। ये लाइन तीन से चार साल पहले डाली गई। अब स्थिति ये है कि एडीबी विंग को ये तक पता नहीं कि उनकी लाइन किस क्षेत्र में कहां तक बिछी है। इसी के चलते एडीबी विंग के अधिकारियों ने सर्वे चौक से जा रही लाइन की स्थिति पता करने के लिए जल संस्थान से लाइन टेस्टिंग करने के लिए पानी मांगा। इससे लाइन कहां तक पड़ी है ये भी पता चल जाता और लाइन की टेस्टिंग भी हो जाती। हालांकि, एडीबी विंग के अधिकारियों ने न ही जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को इस बाबत फोन किया और न संबंधित जेई को। अन्य क्षेत्र देख रहे जल संस्थान के जेई को लाइन टेस्टिंग करने की बात कही और साढ़े नौ बजे सर्वे चौक स्थित ओवरहैड टैंक से अपनी 16 इंच की पाइप लाइन में पानी खोल दिया। ये लाइन बुद्धा चौक तक पड़ी है और इससे आगे लाइन को कनेक्ट ही नहीं किया गया। इस कारण सारा पानी बुद्धा चौक पर ही बाहर निकलने लगा।

चूंकि लाइन 16 इंच की थी तो पानी का प्रेशर इतना था कि सड़क से छह से सात फीट ऊंचाई तक पानी उछाल मार रहा था, इससे आसपास से गुजर रहे लोग भी हैरान रह गए। पानी की बर्बादी देख आसपास के लोगों ने जल संस्थान के अधिकारियों को फोन किया। इसके बाद अधिकारियों ने सर्वे चौक से लाइन को बंद किया। लेकिन, इस पौन घंटे की अवधि में एडीबी विंग ने करीब पांच लाख लीटर पानी को बर्बाद कर डाला। जिसका असर संबंधित इलाकों में जल संस्थान की शाम की आपूर्ति पर पड़ा। इस दौरान जल संस्थान के अधिशासी अभियंता मनीष सेमवाल ने कहा कि ‘एडीबी विंग ने लाइन टेस्टिंग के लिए पानी मांगा था। जैसे ही जल संस्थान को पानी सड़क पर बहने के बारे में पता चला, लाइन को बंद कर दिया गया। 

ऑल इंडिया पुलिस एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सीआरपीएफ सबसे आगे

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देहरादून, महाराणा स्पोर्ट कालेज देहरादून में चल रही 66वीं आल इंडिया पुलिस एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दूसरे दिन तक खेल के मुकाबलों में सीआरपीएफ की टीम 67 अंको के साथ पहले स्थान पर रही, जबकि बीएसएफ और पंजाब की टीम 65 के बराबर अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है।

बुधवार के खेल में मनीष रावत ने उत्तराखंड पुलिस के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता। 20 किमी रेस वॉक में उन्होंने यह सफलता हासिल की। उन्होने 1 घंटे 25 मिनट 37 सेकंड में रेस़ पूरी कर प्रथम स्थान हासिल करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। बीएसएफ के कुलवन्त सिंह (1 घंटे 26 मिनट 43 सेकंड) द्वितीय व सीआरपीएफ के जय भगवान (1 घंटे 27 मिनट 39 सेकंड) तृतीय स्थान पर रहे।

पुरूष वर्ग की 1500 मीटर दौड़ में सीआरपीएफ के बीर सिंह ने 3:54:80 मिनट में दौड़ पूरी कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। उत्तराखण्ड के हरीश कोरंगा द्वारा 3:54:84 में दौड़ पूरी कर द्वितीय स्थान प्राप्त करने रजत पदक अपने नाम किया। राजस्थान के मुकेश कुमार(3:57:88) तृतीय स्थान पर रहे।

महिला वर्ग की 10000 मीटर रेस वॉक़ में पंजाब की खुशबीर कौर ने 44:33:50 मिनट में दौड़ पूरी कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। सीआरपीएफ की सोमिया बी0 (46:22:40) द्वितीय व सीआईएसएफ की रजनी (49:23:10) तृतीय स्थान पर रहीं।
महिला वर्ग की जैवलिन थ्रो में पंजाब की रूपिन्दर कौर द्वारा 52.24 मीटर जैवलिन फेंककर प्रथम स्थान प्राप्त किया। सीआरपीएफ की चुम्की चौधरी द्वारा 44.21 मीटर जैवलिन फेंककर द्वितीय स्थान तथा सीआईएसएफ की प्रिंयका सिंह द्वारा43.46 मीटर जैवलिन फेंककर तृतीय स्थान प्राप्त किया।

पुरूष वर्ग के हाई जम्प में बीएसएफ के गुरुकीर्तन सिंह द्वारा 2.13 मीटर की जम्प कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। बीएसएफ के ही अनूप पी0के0 द्वारा 1.98 मीटर की जम्प कर द्वितीय स्थान प्राप्त एवं तमिलनाडु के एल0 सील्वर स्टार द्वारा 1.98 मीटर की जम्प कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।

पुरूष वर्ग की जैवलिन थ्रो में सीआईएसएफ के अंकित राठी द्वारा 69.11 मीटर जैवलिन फेंककर प्रथम स्थान प्राप्त किया। उत्तराखण्ड के यशजीत सिंह द्वारा 68.59 मीटर जैवलिन फेंककर द्वितीय स्थान तथा पंजाब के जसनूर सिंह द्वारा 68.36 मीटर जैवलिन फेंककर तृतीय स्थान प्राप्त किया।

महिला वर्ग की लम्बी कूद में सीआरपीएफ की मन्जूश्री आरए द्वारा 5.83 मीटर लम्बी कूद में प्रथम स्थान प्राप्त किया। पंजाब की भूमिका ठाकूर द्वारा 5.79 मीटर लम्बी कूद में द्वितीय स्थान तथा पंजाब की रमनदीप कौर द्वारा 5.68 मीटर लम्बी कूद में तृतीय स्थान प्राप्त किया।

पुरूष वर्ग की 200 मीटर दौड़ में तमिलनाडु के पी0 पूनियासूरियन ने 21.95 सेकन्ड में दौड़ पूरी कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। सीआरपीएफ के महेन्द्र कुमार राऊत द्वारा 22.28 सेकन्ड में दौड़ पूरी कर द्वितीय स्थान तथा महाराष्ट्र के राहुल काले द्वारा 22.43 सेकन्ड में दौड़ पूरी कर तृतीय स्थान पर रहे।

महिला वर्ग की 200 मीटर दौड़ में सीआईएसएफ की अंशुरानी ने 25.26 सेकन्ड में दौड़ पूरी कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। सीआईएसएफ की रेम्या कृष्णा टी0पी0 ने 25.34 सेकन्ड में दौड़ पूरी कर द्वितीय स्थान तथा केरल की सीनी एस0 ने 25.37 सेकन्ड में दौड़ पूरी कर तृतीय स्थान पर रहीं।

महिला वर्ग की 10000 मीटर दौड़ में महाराष्ट्र की वर्षा भावरी ने 35:32:21 मिनट में दौड़ पूरी कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। महाराष्ट्र की साईंगीता नाइक ने 36:11:26 मिनट में दौड़ पूरी कर द्वितीय स्थान तथा महाराष्ट्र की मीनाक्षी पाटिल ने 38:31:73 मिनट में दौड़ पूरी कर तृतीय स्थान पर रहीं।

पुरूष वर्ग की 4X100 मीटर रिले दौड़ में पंजाब ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। महाराष्ट्र ने द्वितीय स्थान तथा बीएसएफ ने तृतीय स्थान पर रहे।

संयुक्त टीम स्कोर:
1 सीआरपीएफ 67,00
2 बीएसएफ 65,00
2 पंजाब 65,00
4 सीआईएसएफ 37,00
5 महाराष्ट्र 33.00
6 केरल 26.00
7 उत्तराखण्ड 19, 00
8 तमिलनाडु 16.00
9 राजस्थान 11.00
10 एसएसबी एसएसबी 6.00
11 ओडिशा ओडीआई 5.00
12 हरियाणा 1.00
12 उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश 1.00
कुल अंक 352.00

खुशखबरीः आधार कार्ड से ना जुड़ने वालों को भी मिलेगी पेंशन

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आधार कार्ड

देहरादून। समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं की करोड़ों की रकम लाभार्थियों के खातों में नहीं भेजी गई है। इसमें बड़ी तादाद में पेंशन का बजट जिलों में ही पड़ा है। सरकार ने ऐसे पेंशनरों को राहत देते हुए फैसला लिया है कि आधार से न जुड़ने वाले पेंशन लाभार्थियों को भी पेंशन की धनराशि जारी की जाए।

विधवा, दिव्यांग, वृद्धावस्था पेंशन योजना के प्रदेश में करीब छह लाख लाभार्थी हैं। इनमें दस फीसद पेंशनरों को अब तक आधार नंबर से लिंक नहीं किया जा सका है। इसकी वजह से इन पेंशनरों को इस वर्ष पेंशन की रकम ही आवंटित नहीं हो पाई है। अकेले वृद्धावस्था पेंशन के लिए चार अरब 37 करोड़ की धनराशि जिलों को भेजी गई थी। इसमें से केवल दो अरब 37 करोड़ की धनराशि ही आवंटित की है।

हालांकि समाज कल्याण निदेशालय के अधिकारियों का कहना है कि इस रकम में जनवरी में तिमाही पेंशन की धनराशि भी जारी होनी है। आधार से न जुड़ पाने वाले पेंशनरों को अब तक धनराशि नहीं दी जा रही थी। इधर, सरकार ने ऐसे पेंशनरों को राहत देते हुए यह शासनादेश दिया है कि आधार से न जुड़ पाने वाले पेंशनरों को भी इस बार पेंशन की धनराशि दी जाए। अब ऐसे लाभार्थियों को एक और मौका देते हुए कहा है कि उन्हें 31 मार्च तक हर हाल में आधार का नंबर समाज कल्याण अधिकारियों को देना होगा। इसके बाद पेंशन दे पाना मुमकिन नहीं होगा।

समजा कल्याण विभाग के निदेशक मेजर योगेंद्र यादव का कहना है कि सरकार ने आधार से न जुड़ पाने वाले लाभार्थियों को एक और मौका दिया है। इस आदेश के बाद आधार न देने वाले पेंशनरों की वर्तमान और बकाया पेंशन का शीघ्र भुगतान किया जाएगा।