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सट्टे की खाईबाड़ी एवं अवैध शराब बिक्री से लोग परेशान

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हरिद्वार, उपनगरी ज्वालापुर क्षेत्र में सट्टा और शराब का धंधा बड़े पैमाने पर अवैध रूप से फल फूल रहा है। इसको लेकर आम लोग कई बार शिकायतें भी कर चुके, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

ज्वालापुर के मौहल्ला मालियान, घोसियान, वाल्मीकि बस्ती, लाल मंदिर काॅलोनी, हरिलोक काॅलोनी, विष्णुलोक काॅलोनी, मैदानियान एवं कड़च्छ के कई क्षेत्रों में सट्टे की खाईबाड़ी बड़े पैमाने पर की जा रही है। साथ ही अवैध रूप से शराब की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। इसका असर युवाओं पर पड़ रहा है। सामाजिक संस्थाओं और क्षेत्र के संभ्रात नागरिकों ने इसको लेकर कई बार पुलिस को शिकायत भी की, लेकिन शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

स्थानीय निवासी अवैध कारोबार से काफी परेशान हैं, क्योंकि कई परिवारों के युवा अपना जीवन इस अवैध कारोबार में खराब कर रहे हैं। युवा वर्ग शराब की लत में पड़ रहा है। आए दिन ज्वालापुर के विभिन्न मौहल्लों में शराब पीकर हुड़दंग मचाने वालों की मंडलियां भी आम हो गई हैं। नववर्ष के आगमन की तैयारियों में अवैध शराब कारोबारी जुटे हुए हैं। उधर, ज्वालापुर कोतवाल अमरजीत सिंह का कहना है कि शराब के खाईबाड़ी को लेकर छापेमारी अभियान क्षेत्र में चलाया जा रहा है। किसी भी सूरत में अवैध धंधों को क्षेत्र में पनपने नहीं दिया जाएगा। 

बेलगाम सिपाहियों का कारनामा, बिना पूछे ही सिपाही को पीट डाला

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रुद्रपुर- उधमसिंह नगर में पुलिस का एक बार फिर ऐसा कारनामा सामने आया है जिसे सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे, जिला मुख्यालय रुद्रपुर कोतवाली में ही चौकी के दारोगा को इस कदर पीटा गया कि वो घायल हो गया, उस सिपाही का कसूर सिर्फ इतना था कि वो भाई की पैरवी के लिए कोतवाली पुहंचा था, बस फिर क्या था बेलगाम उधमसिंहनगर पुलिस के सिपाहियो ने बिना पुछे ही पास की चौकी के ही सिपाही को पीटना शुरु कर दिया, लेकिन जब तक पैरवी करने गया सिपाही ये बता पाता कि वो खुद सिपाही है तब तक को बेलगाम सिपाही अपना काम कर चुके थे।

मामला रुद्रपुर कोतवाली का है जहां भाई के मामले में पैरवी करने गया ट्रांजिट कैंप थाने में तैनात एक सिपाही को कोतवाली में जमकर पीटा। पीटने वाले वरदी वाले ही थे। अपने ही महकमे के सिपाही के गाल एक के बाद एक कई थप्पड़ों से लाल कर दिए। मामले में खास बात तो यह है कि पूरा वाक्या बड़े अफसरों की मौजूदगी में हुआ। मूल रूप से अल्मोड़ा के रहने वाले संजय यहां शांति विहार कालोनी में रहते है। एलआईसी में काम करने वाले संजय का सिपाही भाई ट्रांजिट कैंप थाने में तैनात है। संजय की मानें तो आज वह काठगोदाम डिपो की बस संख्या यूके ०7 पीए 3185 में सवार होकर काशीपुर से रुद्रपुर के लिए निकला था। रास्ते में बस चालक रामचंद्रन ने बस को रांग साइड में चलाना शुरू कर दिया। इस पर संजय ने ड्राइवर को टोका कि ऐसे कोई हादसा हो जाएगा। इस पर संजय और बस चालक रामचंद्रन के बीच बहस हो गई। आवेश में आकर बस चालक ने लोहे की प्लेट से संजय के सिर पर हमला बोल दिया। जिससे संजय का सिर फट गया और वह बुरी तरह लहूलुहान हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर जा पहुंची और चालक को हिरासत में लेने के साथ ही बस को भी कोतवाली में खड़ा कर दिया। इधर, जानकारी पर संजय का सिपाही भाई भी कोतवाली पहुंच गया। कुछ देर बाद ही पैरवी के लिए रोडवेज के अधिकारी भी कोतवाली जा पहुंचे। इस बीच पुलिस के बड़े अफसरों से लेकर कोतवाली स्तर तक के अधिकारी एक नेता के साथ कोतवाली परिसर में बैठे धूप सेंक रहे थे। इधर, रोडवेज के अधिकारी संजय पर दवाब डाल रहे थे कि वह समझौता कर ले। अभी दोनों पक्षों में इसको लेकर बहस ही चल रही थी कि तभी पुलिस के तीरअंदाज अधिकारी अधीनस्थ के साथ मौके पर आ पहुंचे और उन्होंने सभी को धक्का देकर कोतवाली से बाहर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया।

इसी बीच किसी ने सादी कपड़ों और हरी जैकेट में मौजूद सिपाही की ओर इशारा कर दिया। फिर क्या पुलिस अधिकारी ने सिपाही को गिरेबान से पकड़ कर खींचा और पीटना शुरू कर दिया। कोतवाली के अंदर उस पर एक के बाद एक थप्पड़ों की बरसात शुरू कर दी। इसके बाद सिपाही को उस स्थान पर बिठा दिया गया जहां अन्य आरोपियों को बैठाया जाता है।

एएसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि घटना के समय वो कोतवाली में ही मौजूद थे। सिपाही के साथ मारपीट नहीं की गई है, बल्कि गलतफहमी की वजह से उसे डांट फटकार लगाई गई थी। जिस मामले की वजह से यह घटना घटित हुई है उसकी जांच की जा रही है।

नए साल से सरकारी अस्पतालों में इलाज होगा महंगा

ऋषिकेश। नए साल में सरकारी अस्पतालों में इलाज महंगा होने जा रहा है। 1 जनवरी से प्रदेश के सभी सरकारी अस्पताल में मरीज को 10 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ भुगतान करना होगा,जिसमें अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन, पैथोलॉजी, रेडियोलोजी और सभी तरह की जाँच महंगी हो जाएंगी। ऋषिकेश का सरकारी अस्पताल जो कि पुरे गढ़वाल क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाएं देता है और पहाड़ से लोग इलाज के लिए ऋषिकेश का रुख करते हैं ऐसे में राजकीय हॉस्पिटल में इलाज महंगा होगा तो लोग कहां जाएंगे,सरकार के इस फैसले से लोगों में भी नराजगी देखी जा रही है।

नए साल में जहाँ सरकार अपने लोगों को तोहफे देती है तो वही प्रदेश सरकार ने प्रदेशवासियों को नए साल में महंगा इलाज देने जा रही है। जी हाँ हम बात कर रहे है प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की जहाँ एक जनवरी से इलाज महंगा होने जा रहा है, अभी तक सरकारी अस्पताल सस्ते इलाज के लिए जाना जाता रहा है लेकिन 2018 से यहाँ रजिस्ट्रेशन से लेकर इलाज तक 10 फीसदी की बढ़ोतरी होने जा रही है, जिससे आने वाले साल में यहाँ इलाज कराने के लिए पहुंचने वाले लोगों की जेब पर असर पड़ेगा। तो वहीँ ऋषिकेश राजकीय अस्पताल के सीएमएस का कहना है कि की यह सरकार की पॉलिसी है और हर साल जनवरी से 10% बढ़ोतरी चार्जेस में होती आई है और जहां तक रही बात गरीब तबके की उन लोगों को बीपीएल कार्ड के साथ मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएगी।आपको बता दे की प्रदेश के सभी सरकारी हॉस्पिटलों में अल्ट्रासाउंड के शुल्क अब 389 से बढ़कर 428 रुपए हो जाएगा, इसी तरह पंजीकरण शुल्क 19 से बढ़कर 21 हो जाएगी, इसके अलावा खून की जांच, एक्स-रे, सामान्य एक्स-रे, डिजिटल हीमोग्लोबिन की जांच, थायराइड ब्लड शुगर ईसीजी भर्ती शुल्क, सीटी स्कैन आदि सभी तरह की जांचों में बढ़ोतरी हो जाएगी।

आपदा की दृष्टि से उत्तराखंड संवेदनशील प्रदेश है और यहां के अस्पतालों का बुरा हाल है। 50% से ज्यादा डॉक्टर के पद खाली हैं इसके अलावा अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाओं का भी टोटा है। इन समस्याओं के बीच इस तरह इलाजों के शुल्क को बढ़ाना कहीं न कहीं आम लोगों के लिए झटके से कम नहीं है। लोगों का साफ़ तौर पर कहना है की सरकार महंगाई को कम करने की बात कह रही है लेकिन महंगाई लगातार बढ़ती जाती है और इस तरह से सरकारी अस्पतालों में इलाजों को महंगा कर देना सरकार की बड़ी गलती है।अब गरीब लोग ईलाज के लिए कहाँ जायेंगे। उत्तराखंड में स्वास्थ सेवाओं को बेहतर करने के लिए प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की दशा में सुधार लाना होगा, इस तरह इलाजों के शुल्क को बढ़ाने से स्वास्थ सेवाएं दुरुस्त नहीं होंगी। इसके साथ साथ यहाँ स्वास्थ्य की मूलभूत सुविधाएं मौजूद होनी चाहिये, जिससे उत्तराखंड के लोगों को बेहतर इलाज के लिए महानगरों का रुख ना करना पड़े और उन्हें अपने पास में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।

परमार्थ निकेतन की गंगा आरती ने तीर्थ नगरी को दिलाई ग्लोबल पहचान

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ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन की सांध्य आरती ने धर्म नगरी को विश्वभर में पहचान दिलाई है। आरती के दौरान दिखाई देती है मिनी इंडिया की झलक। देश के विभिन्न प्रांतो से आए सैलानियों के साथ साथ समुन्दर पार से आए विदेशी पर्यटक भी रोजाना बड़ी संख्या में आरती में शामिल होते हैं।

राजनेताओं, फिल्मों सितारों और विभिन्न क्षेत्रों की नामचीन हस्तियों को वर्षो से गंगा आरती की दिव्यता अभिभूत करती रही है। अभी तक गंगा आरती के नाम पर केवल हरिद्वार मे हर की पैड़ी पर होने वाली आरती ही याद आती थी, लेकिन अब हरिद्वार की ही तरह परमार्थ निकेतन की सांध्य आरती ने भी गंगा भक्तों के बीच अपनी आलौकिक छवि कायम कर ली है। आरती की दिव्यता में नजारा कुछ इस तरह का होता कि हर किसी के मुख से एक ही बात निकलती है, धरती का स्वर्ग बस यही हैं। तीर्थ नगरी ऋषिकेश यूं तो साधु संतो की तपोभूमि के रूप में पहचानी जाती है, लेकिन गंगा पार परमार्थ निकेतन के परम अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने करोड़ों देशवासियों की आस्था का प्रतीक माने जाने वाली गंगा के प्रति अपनी आस्था और विजन के जरिये गंगा आरती को अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक विशिष्ट पहचान दिलाने का काम किया है। 

गुणवत्ता के आधार पर होगा वेतन और पदोन्नतिः पाण्डेय

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सरकारी स्कूलों की हालत में सुधार लाने के लिए सरकार नये नये प्रयोग कर रही है, कुछ प्रयोग सरकार के लिए गले फांस रहे रहे हैं तो कुछ प्रयोग शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों के गले नहीं उतर रहे हैं, वहीं शिक्षा मंत्री के लगातार आ रहे बयानों से शिक्षकों की मुश्किले बढती जा रही है, अपने गृह जनपद में एक कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए जरुरी है कि शिक्षकों को पहले अपनी मानसिकता में सुधार लाना होगा, शत प्रतिशत परीणाम देने वाले शिक्षकों को जहां सम्मान मिलेगा वहीं गुणवत्ता के आधार पर शिक्षकों की पदान्नति और वेतन भी निर्धारित किया जाएगा, रिजल्ट अच्छा ना होने पर शिक्षकों का प्रमोशन और वेतन में कटोती हो सकती है, जिसके लिए सरकार प्रक्रिया तैयार कर रही है, उन्होने कहा कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद की जा रही है, साथ ही इस प्रक्रिया के लिए अभी मंथन किया जा रहा है।

दस साल में सबसे फीके सीज़न से मसूरी के व्यापारियों के चेहरों पर छाई मायूसी

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नया साल आने वाला है और इसके स्वागत के लिये उत्तराखंड में तैयारियां ज़ोरों पर है। पर्यटन और होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिये कमाई का बढ़ा जरिया है। लेकिन इस बार इस मौसम में भी इन व्यापारियों के चेहरों पर परेशानी और मायूसी झलक रही है। कारण है पहाड़ों की रानी मसूरी की तरफ पर्यटकों का कम रुझान।

मसूरी के मशहूर जेपी रेजिडेंसी होटल के वाइस प्रेसिडेंट अनिल शर्मा का कहना है कि “ये साल परयटकों के आने के लिहाज से काफी खराब रहा है। साल के इस समय हमारा होटल ओवर बुक रहता था जो अबी तक 70% भी नहीं पहुंचा है। इल लिहाज से ये पिछले दस साल में अब तक का सबसे खराब सीजन साबित हो रहा है।”

उत्तराखंड होटल व्यवसाई संगठन के अध्यक्ष संदीप साहनी बताते हैं कि “किन्ही कारणों से ये साल सभी होटल व्यापारियों के लिये अच्छा नही रहा है। कुछ होटलों की कमाई तो हो रही है पर अधिक्तर होटल घाटे में ही हैं।” वहीं पर्यटकों की मसूरी से बेरुखी के लिये संदीप देहरादून में बैठे हुक्मरानों को भी जिम्मेदार ठहराते हैं। संदीप कहते हैं कि “मसूरी से सालाना राज्य सरकार को करीब 50 करोड़ के राजस्व की कमाई होती है पर इतने सालों में सरकार ने मसूरी के विकास के लिये नाम मात्र ही किया है। हमारे यहां ट्रैफिक, पार्किंग आदि मूलभूत समस्याऐं हैं पर इन पर कोई ध्यान नही देता।”

हर साल की तरह मसूरी में नये साल का जश्न तो होगा ही लेकिन पहाड़ों की रानी मसूरी में आने वाले पर्यटकों की संख्या अगर ऐसे ही गिरती रही तो आने वाले दिनों में इस जोश में भंग जरूर पड़ेगा।

बच्चों को अनुशासित करने के लिए पुलिस ने की प्रधानाचार्यों के साथ गोष्ठी

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गोपेश्वर। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक चमोली तृप्ति भट्ट ने सड़क सुरक्षा, यातायात एवं विद्यालय स्तर पर बच्चों को अनुशासित करने को लेकर विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ एक गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी में प्रधानाचार्यों को यातायात व सड़क सुरक्षा संबंधित विषय पर आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए विद्यालय में कार्यरत समस्त कर्मचारियों का नजदीकी थाना अथवा चौकियों में सत्यापन करवाने की बात कही गई।
एसपी ने स्कूल बसों में क्षमता के अनुरुप ही बच्चों को लाने और ले जाने, सड़क पर स्कूल बस से अनावश्यक यातायात अवरुद्ध न करने, बच्चों के स्कूल न आने पर उनके परिजनों को सूचित करने, प्रत्येक माह में परिजनों के साथ मीटिंग के दौरान उन्हें उनके बच्चों की गतिविधियों आदि के बारे में बताने की बात भी कही। वहीं पुलिस के बारे में भी जानकारी देते हुए सभी प्रधानाचार्य अपने-अपने विद्यालय के बच्चों को इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करवाने की अपील की। शीतकाल अवकाश के दौरान यदि कोई विद्यालय विंटर कैंप आयोजित करता है तो इसकी जानकारी भी थाना-चौकियों को अवश्य दी जाए।
गोष्ठी में राइका पीपलकोटी से पान सिंह रावत, राइका अल्कापुरी से दलीप सिंह भंडारी, केंद्रीय विद्यालय गोपेश्वर से सुजीत कुमार, जीआइसी गडोरा से डीएम डिमरी, जेम्स अकैडमी से श्रीमती सरिता, जीआइसी छिनका से केएस बर्तवाल, गोपेश्वर से देवेंद्र सिंह, राबाइका गोपेश्वर से डॉ सुमन ध्यानी, जीआइसी मैठाणा से पीएस भंडारी, क्राइस्ट एकेडमी से फादर स्टीफन आदि मौजूद रहे।

युवक गिरफ्तार, 14 पेटी अवैध शराब बरामद

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ऋषिकेश। रायवाला थाना पुलिस ने वाहनों की चेकिंग के दौरान एक वाहन को रोककर उसकी तलाशी तो क्षेत्र में तस्करी के लिए अवैध रूप से लाई जा रही 14 पेटी शराब बरामद हुई। पुलिस ने वाहन चालक युवक को गिरफ्तार कर लिया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार नशे के विरुद्ध पूरे शहर में अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार को भी सहायक पुलिस अधीक्षक रायवाला के नेतृत्व में एक टीम वाहनों की जांच कर रही थी। एक छोटा हाथी यूके -07 सीसी -1304 में 14 पेटी देशी शराब पकड़ी गई। साथ ही चालक आरोपी नागेंद्र पुत्र विक्रम निवासी पूरा पताई थाना कीरतपुरा जिला बलिया उत्तर प्रदेश हाल पता किरायेदार गुरुचरण का मकान चंद्रभागा ऋषिकेश को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस की एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस ने दिया डीजीपी को ज्ञापन

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उधमसिंह नगर के किच्छा में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग भूमि प्रकरण के मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर की गई एकतरफा पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसजनों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी से मुलाकात कर उन्हें पत्र सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने पुलिस महानिदेशक को लिखे पत्र में कहा है कि जनपद उधमसिंहनगर के किच्छा में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की भूमि है, जिस पर वर्तमान में उत्तराखण्ड परिवहन निगम के किच्छा रोड़वेज का संचालन हो रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के संज्ञान में आया कि कुछ लोगों द्वारा इस भूमि को खुर्द-बुर्द करने का प्रयास किया जा रहा है।  जिसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा हरीश पनेरू के नेतृत्व में 25 दिसम्बर, 2017 को धरना-प्रदर्शन का ऐलान कर प्रशासन से रोडवेज की इस भूमि का सौन्दर्यीकरण करने की मांग की गई।

कांग्रेसजनों द्वारा धरना-प्रदर्शन की सूचना के उद्घोश हेतु दिनांक 25 दिसम्बर, 2017 को रिक्षे का उपयोग किया जा रहा था जिस पर स्थानीय विधायक द्वारा आपत्ति करते हुए रिक्षा चालक एवं हरीष पनेरू के खिलाफ किच्छा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई जिस पर स्थानीय पुलिस द्वारा तुरन्त पनेरू के खिलाफ एक पक्षीय कार्रवाइ की गई तथा उन्हें मुचलके पर छोड़ा गया। वहीं हरीष पनेरू द्वारा भी स्थानीय विधायक के खिलाफ तहरीर दी गई परन्तु पुलिस द्वारा विधायक के खिलाफ दी गई तहरीर पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
प्रीतम सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्षन एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान प्रदत्त अधिकार है और किसी भी राजनैतिक दल को ऐसी घटनाओं के विरोध का अधिकार है। पुलिस द्वारा की गई एक पक्षीय कार्रवाई न्यायोचित नहीं है। राज्य में राजनैतिक बदले की भावना से पुलिस के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। राज्य की कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमरा गई है। राज्य में अपराधी निरकुंष होकर अपराध कर रहे है तथा सत्ताधारी दल के विधायक एवं कार्यकर्ताओं द्वारा कानून व्यवस्था को ध्वस्त किया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पुलिस महानिदेषक से मांग की कि मामले के सभी तथ्यों की निश्पक्ष जांच करते हुए इस प्रकरण में जिन भी तत्वों की संलिप्तता है उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिष्चित की जाय।

प्रतिनिधिमण्डल में प्रदेष अध्यक्ष प्रीतम सिंह के अलावा पूर्व मंत्री प्रसाद नैथानी, पूर्व विधायक विजयपाल रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना, प्रदेष महामंत्री डाॅ के.एस राणा, मुख्य समन्वयक राजेन्द्र शाह, गरिमा दसौनी, प्रदेश सचिव गिरीश पुनेड़ा, नवीन पयाल, सत्येन्द्र शर्मा, दिवान सिंह तोमर, दीपक जुयाल आदि शामिल थे।

भाजपा विधायक और कांग्रेसी नेता आपस में भीड़े

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किच्छा। कांग्रेस द्वारा रिक्शे से किये जा रहे भाजपा नेता के खिलाफ प्रचार करते हुए भाजपाइयों ने विरोध जताते हुए रिक्शा रुकवा कर कोतवाली में बंद कराया तो कांग्रेसी इससे भड़क उठे और कोतवाली में ही भाजपा विधायक और कांग्रेसी नेता आमने सामने होते हुए दोनों में तीखी नोकझोंक शुरु हो गयी, दरअसल, भाजपा प्रतिनिधि द्वारा बस स्टेशन की भूमि अपने नाम करने के प्रयास के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन का प्रचार किया जा रहा था। जैसे ही कांग्रेस का प्रचार रिक्शा रोडवेज के पास पहुंचा तो विधायक राजेश शुक्ला ने पहले तो प्रचार की रिकॉर्डिंग करवाई और फिर प्रचार बंद करवाकर रिक्शे को कोतवाली पहुंचा दिया।उसके बाद भाजपाइयों के साथ विधायक भी कोतवाली पहुंच गए। वहीं प्रचार बंद कराने से नाराज कांग्रेस महासचिव हरीश पनेरू भी मौके पर पहुंच गए।जहां भाजपाईयों ने भ्रामक प्रचार करने वालों के खिलाफ कार्रवार्इ की मांग की है। वहीं बीजेपी के विरोध में कोतवाली पहुंचे कांग्रेस प्रदेश महासचिव हरीश पनेरू के साथ विधायक की तीखी नोंकझोंक और धक्का मुक्की हुई। मामला बढ़ता देख सीओ हिमांशू शुक्ला भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस महासचिव और विधायक के बीच नोंकझोंक के साथ ही धक्का मुक्की भी हुर्इ। जिसके बाद पुलिस ने बीच बचाव कर दोनों को अलग करवाया। साथ ही कांग्रेस प्रदेश महासचिव हरीश पनेरू को हिरासत में लिया। जिसके बाद उन्होंने पुलिस प्रसाशन पर भाजपा के दवाब में काम करने का आरोप लगाया।