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उत्तरकाशी को मिलेगी तीन 108 और हर्षिल में खुलेगी सहकारी बैंक की शाखाः सीएम

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देहरादून। उत्तराकाशी को जल्द तीन 108 एंबुलेंस मिलेंगे। इसके साथ ही हर्षिल में सहकारी बैंक की शाखा भी खोली जाएगी। कृषि महोत्सव के शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसकी घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने करीब 37.60 लाख रुपये के कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण किए।

मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तरकाशी के रामलीला मैदान में आयोजित कृषि महोत्सव-2018 एवं विकास मेले का विधिवत उद्घाटन किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की नवीन पहल की प्रशंसा करते हुए उद्योग विभाग के हिमाद्री इम्पोरियम में किसान आउटलेट एवं रैथल होम स्टे वेबसाइट का शुभारम्भ किया। मेला स्थल पर उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण किया। पुरोला विधानसभा क्षेत्र में विश्व बैंक पोषित रुपये 334.89 लाख की लागत से पन्द्राणु-धनीयारा पैदल मार्ग झूला पुल का लोकापर्ण किया। इसके साथ ही उन्होंने भदरासू-रमालगांव मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण कार्य कुल रुपये 223.5 लाख, एवं नौ किमी लंबे बसाली-झोटाडी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण लागत रुपये 662.50 लाख, जबकि पुरोला में पलेटा-खांसी मोटर मार्ग जिसकी लम्बाई तीन किमी तथा लागत रुपये 266.50 लाख एवं पुरोला के गढ-देवल मोटर मार्ग जिसकी लम्बाई 4.500 किमी तथा लागत रुपये 312.68 लाख, गंगोत्री विधान सभा क्षेत्र के सौरा-सारी मोटर मार्ग लम्बाई 1.750 लागत रुपये 206.95 लाख, अस्सी गंगा नदी पर जंगारा तोक में 102 मीटर स्पान के झूला पुल के निर्माण लागत रुपये 615.22 लाख, गंगनानी मोटर पुल से भंगेली मोटर मार्ग लम्बाई 4.600 लागत रुपये 468 लाख, भुक्की-कुजन-तिहार मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण जिसकी लम्बाई 05 किमी तथा लागत रुपये 198.91 लाख का लोकापर्ण किया वहीं विकास भवन कार्यालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग कक्ष लागत कुल रुपये 8.450 लाख का शिलान्यास भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की समस्या स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर थी, जिसे सरकार ने चुनौती के रूप में लिया। राज्य सरकार ने पहला ध्यान चिकित्सालयों में डाक्टरों की तैनाती पर दिया। उन्होंने कहा कि पहले सैकड़ों डाक्टर अटैचमेंट थे, लेकिन सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए अटैचमेंट व्यवस्था समाप्त कर दी। जहां पर डाक्टरों की पूर्व में तैनाती थी, उन्हें वहीं भेज दिया गया है। इसके साथ ही डाक्टरों को नोटिस जारी कर 31 दिसम्बर तक जिला चिकित्सालयों में तैनात होने के निर्देश दिये गये थे, जिसमें से कई डाक्टर अपने तैनाती स्थल पर पहुचं गये है। उन्होंने कहा कि दो माह के भीतर प्रदेश के सभी जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों की तैनाती कर दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि वर्ष 2019-20 तक ऑलवेदर रोड़ का कार्य अंतिम चरण में हो। इसके साथ ही इस वर्ष फरवरी एवं मार्च में ऑलवेदर सड़क के कार्यो में और तेजी आयेगी। उन्होंने कहा कि ऑलवेदर रोड़ बनने से जहां एक ओर जनपद में पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ावा मिलेगा वहीं किसान अपनी फसल को ब्रांडेड पैकिंग कर अच्छे लाभ ले सकता है। मुख्यमंत्री ने हर्षिल की राजमा का जिक्र करते हुए कहा कि हर्षिल की राजमा की ग्रेडिंग की जाय तो इसका अच्छा लाभ काश्तकारों को मिल सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन के क्षेत्र में सबसे ज्यादा मांग भेड़ पालन की है। इस मौके पर उन्होंने पशुपालन के क्षेत्र में उपस्थित किसानों एवं लोगों से हिसाब लगाने की बात कही, कहा कि कितनी मेहनत ओर कितना लाभ पशुपालन में हुआ है। उन्होंने किसानों से घरेलू शहद का उत्पादन करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा मांग बड़े राज्यों में पहाड़ पर उत्पादित शहद की रहती है। यदि शहद को बड़े शहरों तक पहुंचाया जाय तो किसानों को इसका अत्यधिक लाभ मिलेगा। गांव में समूह बनाकर शहद का उत्पादन किया जाय तो इससे गांव के लोगों को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने कहा कि रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य के 670 न्याय पंचायतों में ग्रोथ सेंटर खोले जायेंगे, जिसमें 15 सेन्टर रेडिमेट गारमेंट के शुरू किये जायेंगे। उनहोंने कहा कि देहरादून में पिरूल रिसर्च सेन्टर खोला जायेगा। जिसमें तारपीन का तेल निकाला जायेगा, इसकी सारी तैयारी कर ली गई है तथा 10 महिने के भीतर इस पर कार्य शुरू कर दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एलईडी बल्ब एवं लड़िया अधिक कीमतों पर बाजार से खरीदी जाती है। इसके लिए राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि न्याय पंचायतों में ग्रोथ सेन्टर खोले जायेंगे, जिसमें गांव की महिलाओं को पांच दिन का प्रशिक्षण देकर गांव की महिलायें वहीं पर एलईडी बल्ब एवं लड़िया बनायेंगी। उन्होंने कहा कि गांव से पलायन रोकने के लिए गांव में ही रोजगार के साधन उपलब्ध हो इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आंगनबाड़ी केन्द्र के कुपोषित बच्चों को ऊर्जा पोषाहार भी वितरित किये, साथ ही गंगा डेरी योजना के तहत पात्र किसानों को 40-40 हजार रूपये चैक भी वितरित किये। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग द्वारा तैयार की गई ‘‘कृषि रैबार’’ पत्रिका का भी विमोचन किया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार ने कृषकों के हित में 70 से ज्यादा निर्णय लिये है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पलायन रोकना है, तो कृषि को बढ़ावा देना होगा। पहाड़ी क्षेत्रों को फसल बीमा योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से तीन हजार कृषि कलस्टर बनाने की स्वीकृति मिल चुकी है, जिसका कार्य शीघ्र किया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा कृषकों को 02 प्रतिशत ब्याज पर एक लाख तक के ऋण उपलब्ध कराये जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एकीकृत आदर्श कृषि योजना शुरू की है, जिसमें राज्य के 95 विकास खण्डों से हर विकास खण्ड से एक गांव को इस योजना में शामिल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों एवं कृषि को बढ़ावा दे रही है। राज्य की तरक्की के लिए पहले जड़ों को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि कृषि एवं उद्यान के क्षेत्र में राज्य के नौजवानों को हिमाचल के नौजवानों की तरह आगे आने की जरूरत है। उन्होंने राज्य के किसानों की खुशहाली के लिए चंकबंदी पर भी जोर दिया। कहा कि खेती के साथ-साथ पशुपालन, मधुमक्खी पालन आदि पर भी ध्यान देने की जरूरत है। इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह रावत, अध्यक्ष जिला पंचायत जशोदा राणा, अध्यक्ष नगर पालिका जयेंद्री राणा, जिलाधिकारी आशीष चौहान सहित जनपद स्तरीय अधिकारी, क्षेत्रीय जनता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 

राज्य में बनेंगे स्वदेशी एलईडी उपकरण

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देहारदून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में वीएस एनर्जी एंड हार्मोनिसशन एंड ऑटोमेशन प्रा.लि. के प्रबन्ध निदेशक पंकज कुमार ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष स्वदेशी एलईडी आधारित बल्ब, ट्यूबलाइट, झालर, स्ट्रीट लाइट, इमरजेंसी लाईट, टार्च आदि उपकरण बनाने से संबंधित प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया। प्रस्तुतीकरण के उपरान्त मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में मुख्य सचिव एवं सचिव ऊर्जा राधिका झा के समक्ष भी प्रस्तुतीकरण दिया गया।

मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में गढ़वाल क्षेत्र से थानो एवं कुमायुं क्षेत्र से कोटाबाग में 50-50 प्रशिक्षणार्थियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शीघ्र ही शुरू किए जाने के निर्देश दिए। वीएस इनर्जी लि. द्वारा 50 प्रशिक्षणार्थियों के समूह में, जिसमें महिला स्वयं सहायता समूहों से 40 महिलाएं एवं आईटीआई. से 10 पुरुष प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके परियोजना अंतर्गत प्रोडक्ट्स को तैयार किए जाने के लिए पांच दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, उत्पादित वस्तुओं की मार्केटिंग भी फर्म द्वारा की जाएगी। इस प्रशिक्षण के लिए फर्म द्वारा रुपये 1200 प्रति प्रशिक्षणार्थी की दर से धनराशि ली जाएगी, जिसका वहन उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन (यूकेएसडीएम) द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसमें महिला स्वयं सहायता समूहों एवं आईटीआई डिप्लोमा होल्डर्स को शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पायलट परियोजना की सफलता के बाद परियोजना के लिए वृहद कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्युत खपत में कमी लाने में एलईडी की बडी उपयोगिता है। राज्य सरकार द्वारा सरकारी व अर्द्धसरकारी विभागों में एलईडी बल्बों का प्रयोग अनिवार्य किया गया है एवं इसके वितरण के लिये महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए छोटे शहरों में महिला स्वयं सहायता समूहों एवं न्याय पंचायतों पर इन उपकरणों को बनाने के लिए लोगों को प्रशिक्षित किया जाना आवश्यक है। इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सभी 670 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है। इससे न्याय पंचायतों में महिलाओं एवं युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इस परियोजना के प्रथम चरण में स्वयं सहायता समूहों को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा एवं द्वितीय चरण में आई0टी0आई0 डिप्लोमा प्राप्त छात्र-छात्राओं के समूह को प्रशिक्षण देने के उपरान्त इन संस्थानों में प्रोडक्शन यूनिट स्थापित की जाएगी। इस अवसर पर ऊर्जा सचिव राधिका झा एवं मुख्य योजना अधिकारी उरेडा, एके त्यागी एवं वीएस इनर्जी के विनय कुमार भी उपस्थित थे। 

गैरसैंण स्थाई राजधानी के लिए यूकेडी ने खटखटाया मंत्रियों का दरवाजा

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देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल ने गैरसैण को स्थाई राजधानी बनाए जाने के लिए अभियान दस्तक दो के तहत यमुना कॉलोनी स्थित मंत्री आवास में प्रदेश सरकार के मंत्रियों के घर दस्तक दी। मंगलवार को दल के पदाधिकारी यमुना कॉलोनी स्थित मंत्री आवास के मुख्य द्वार पर एकत्रित हुए। यहां से सभी प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के आवास पहुंचे। हरक सिंह रावत से स्थाई राजधानी के मुद्दे पर समर्थन मांगा।
यूकेडी के महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री ने बताया कि हरक सिंह रावत ने गैरसैंण मुद्दे को समर्थन तो दिया, लेकिन साथ में यह भी जोड़ा कि पिछले 17 वर्षों में सत्तारूढ़ सरकारें जिस तरह बेहिसाब रुपये राजधानी देहरादून में खर्च कर चुकी हैं, उसे देखते हुए राजधानी गैरसैंण ले जाना दूर की कौड़ी साबित होगी। इसके बाद यूकेडी कार्यकर्ता विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल एवं मंत्री रेखा आर्य तथा शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के आवास पर पहुंचे, लेकिन किसी से भेट नहीं हुई। तुरन्त वहां से भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के आवास पहुंच गये। यहां काफी देर तक आवास के भीतर से कोई जवाब न आने पर आक्रोशित हो गए।
महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री ने कहा कि पूर्व सूचना के बाद भी राजधानी गैरसैण समर्थकों को मिलने के लिए बेवजह इंतजार कराना यह साबित करता है कि सरकार गैरसैण समर्थकों का मनोबल तोड़ना चाहती है। साथ ही उन्होंने समर्थकों के साथ प्रदेश सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए अजय भट्ट के आवास के मुख्य द्वार पर धरना शुरु कर दिया। लगभग दस मिनट धरने पर बैठने के बाद अजय भट्ट ने उक्रांद कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया। राजधानी के गैरसैण के मुद्दे पर अजय भट्ट ने यूकेडी नेताओं ने उनका पक्ष सुना। यूकेडी का आरोप है कि उन्होंने बड़ी सफाई से सारी जवाबदारी कांग्रेस के पाले में डालते हुए गोलमाल जवाब दिया।
उक्रांद नेताओं ने कहा कि कांग्रेस तथा भाजपा को उत्तराखंड की जनभावनाओं तथा राजधानी के मुद्दे से कोई सरोकार नहीं है। दोनों ही पार्टियां केवल अपनी अपनी राजनीतिक रोटी सेकने के लिए उत्तराखंड की जनता की भावनाओं से जुड़े गैरसैण के मुद्दे का दोहन करती रही है। सत्ता हासिल करने के बाद गैरसैंण का मुद्दा दोनों ही राजनीतिक दलों के गले की फांस बन जाता है। दोनों ही पार्टियों के विधायक एवं मंत्री जनता के इस सवाल पर नजर बचाते फिरते हैं।
मंत्रियों का घेराव करने वालों में महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री के साथ यूकेडी संरक्षक बीडी रतूड़ी वरिष्ठ नेता लताफत हुसैन, केंद्रीय प्रवक्ता सुनील ध्यानी, केंद्रीय उपाध्यक्ष एन के गुसाईं, समीर मुखर्जी, सुरेंद्र बुटोला सुरेंद्र रावत,सुमित बडोनी,गौरव उनियाल, ललित घिल्डियाल, सचिन उपाध्याय, ललित कुमार, ताहिरा बेगम, दीपक सिंह नेगी नंदू ,कैलाश राणा, सुशील ममगई, मनोज मंमगाई आदि शामिल थे।

रैली निकालकर अभिभावकों को किया जागरूक

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गोपेश्वर, चमोली जिले के राजकीय इण्टर कॉलेज,अलकापुरी ने मंगलवार को एनएसएस शिविर के दौरान चमोली बाजार सहित कस्बे में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं’ अभियान के तहत रैली निकालकर बालिकाओं के हितों की रक्षा के लिए अभिभावकों को जागरूक किया।

राइका अलकापुरी में एनएसएस का शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों के साथ ही स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं श्रमदान के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। इसी कड़ी में मंगलवार को शिविरार्थियों ने चमोली बाजार से लेकर अलकापुरी कस्बे तक बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं अभियान के तहत रैली निकालकर बालिका शिक्षा व भ्रूण हत्या के प्रति लोगों को जागरूक किया। इस मौके पर कार्यक्रम अधिकारी डीपी पुरोहित मौजूद रहे।

तीन महीने के अंदर सेन्टर फॉर गुड गवर्नेंस का कांसेप्ट पेपर प्रस्तुत करें

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तीन महीने के अंदर सेन्टर फॉर गुड गवर्नेंस का कांसेप्ट पेपर प्रस्तुत करें। कांसेप्ट पेपर(विचार पत्रक) बनाने के पहले विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित संस्थाओं से विचार विमर्श करें। सुशासन केंद्र को और अधिक आधुनिक और बेहतर बनाना है। केंद्र को सुझाव देना है कि नए विचार और नए सफल प्रयोगों को राज्य सरकार लोगों की बेहतरी के लिए कैसे कर सकते हैं। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह सचिवालय में सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस(सी.जी.जी.)के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्य सचिव ने कहा कि, “जन-कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। खासतौर से महिला स्वास्थ्य, बच्चों के कुपोषण को दूर करने के उपाय, लिंग अनुपात और स्वच्छता के लिए जन जागरूकता, जल की स्वच्छता और उपलब्धता, मानव संसाधन प्रबंधन आदि क्षेत्रों में दूसरे राज्यों के सफल प्रयोग पर सुशासन केंद्र को गंभीरता के साथ कार्य करना है। इसके लिए प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग लेना होगा। विषय विशेषज्ञों को केंद्र के साथ जोड़ना होगा।” 
बैठक में प्रमुख सचिव वित्त श्रीमती राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव पंचायती श्रीमती मनीषा पंवार, निदेशक सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस डॉ.आर.एस.टोलिया, निदेशक उत्तराखण्ड प्रशासनिक अकादमी, नैनीताल श्री अवनेन्द्र सिंह नयाल, अपर सचिव नियोजन श्री रंजीत सिन्हा, अपर सचिव वित्त श्री एल.एन.पंत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।

जंगली हाथी के हमले से एक व्यक्ति घायल

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हरिद्वार, भेल क्षेत्र में जंगली जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन रिहायशी इलाकों में जंगल से आ रहे जानवरों के कारण लोग दहशत में हैं। जंगली जानवरों के रिहायशी क्षेत्रों में लगातार आने से लोग शाम के समय घरों से निकलने से भी डरने लगे हैं। मंगलवार सुबह भी हाथी के हमले से एक ग्रामीण घायल हो गया।

रानीपुर क्षेत्र स्थित फाउंड्री गेट के निकट घास काट रहे ज्वालापुर निवासी मंजूर को हाथी ने सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया। जिससे ग्रामीण बुरी तरह से घायल हो गया। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को जंगल की ओर भगाया। घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पूर्व भी फाउंड्री गेट पर रात्रि में हाथी ने एक टैंपो पर हमला कर दिया था। जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। यहां गुलदार भी आए दिन क्षेत्र में आता रहता है। जंगली जानवरों के रिहायशी क्षेत्र में आने से लोग दहशत में हैं। 

धूप खिली पर शीतलहर ने कंपाया

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ऋषिकेश, नए वर्ष का दूसरा दिन भी बेहद ठंडा रहा। धूप निकलने के बावजूद दिनभर शीतलहर लोगों को जबरदस्त सर्दी का अहसास कराती रही।

देवभूमि ऋषिकेश में कड़ाके की ठंड के साथ नए साल का आगाज हुआ। मंगलवार की सुबह भी तीर्थ नगरी कुहासे की चपेट में रही। पूर्वाह्न करीब 11 बजे धूप निकली, लेकिन शीतलहर के चलते दिनभर लोग कांपते रहे। ठंड से लोग बेहाल रहे। दिन-ढलने के साथ ठंड का असर और बढ़ गया। बर्फीली हवाएं चल रही हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार ठंड अगले कुछ और दिनों में ज्यादा परेशान करेगी। रात के पारे में गिरावट के साथ-साथ दिन का पारा अभी और गिरने की उम्मीद है। मौसम विभाग की माने तो अभी ठंड से राहत के कोई आसार नहीं हैं। पांच जनवरी तक सुबह-शाम घना कोहरा छाया रहेगा। छह और सात जनवरी को मौसम साफ होने के आसार हैं, लेकिन शीतलहर का प्रकोप बना रहेगा।

पुलिस ने 393 बच्चों में से 288 बच्चों को परिजनों से मिलाया

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अशोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखण्ड के निर्देशन में एण्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने 11 दिसम्बर 2017 से 25 दिसम्बर 2017 तक देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल व ऊधमसिंहनगर में चौराहों, बजारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, धार्मिक स्थलों आदि सार्वजनिक स्थानों जहाँ पर बच्चों के द्वारा भिक्षावृत्ति की जाती है में विशेष अभियान चलाया गया।

देहरादूनहरिद्वारनैनीताल व ऊधमसिंहनगर में भिक्षावृत्ति करते हुए पाये गये 393 बच्चों (216 बालक व 177 बालिकायेंको उनके परिजनों के सुपुर्द/बालगृह दाखिल किया गया। 393 बच्चों में से 288 बच्चों के परिजनों को यह हिदायत भी कि उनके बच्चों द्वारा पुनः भिक्षावृत्ति नहीं की जायेगीबच्चों के पुनः भिक्षावृत्ति करते पाये जाने पर परिजनों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जायेगी तथा बच्चों को पढ़ाई हेतु स्कूल भेजा जायेगाउनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। 

बच्चेजिनमें से 2 बच्चों के परिजनों की जानकारी नहीं हो पायी तथा 2 बच्चे जिन्हे उनके पिता द्वारा पालने में असमर्थता जतायी गयीको सी.डबलू.सी के माध्यम से पुनर्वास के लिये बाल संरक्षण गृह भेजा गया अौर एक बालक के बीमार होने के कारण राजकीय चिकित्सालय देहरादून में भर्ती कराया गया।

भीख माँगने वाले बच्चों में 387 बच्चे 14 वर्ष व उससे निम्न आयु के हैं। देहरादून ने 4 बच्चों काजनपद ऊधमसिंहनगर ने 21 बच्चों का स्कूल में दाखिला व जनपद नैनीताल ने 35 बच्चों को डे-केयर होम धरोहर के सुपुर्द किया गया। धरोहर संस्था द्वारा बच्चों की 3 माह तक अपनी संस्था में प्रतिदिन भोजन,आवासशिक्षा की व्यवस्था की जाती है। अभियान में चाईल्ड हेल्प लाईनसी.डब्लू.सी व आशरा ट्रस्ट देहरादूनधरोहर स्वयं सेवी संस्थाकुमायूं सेवा समिति द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया।

अभियान का जनपद विवरण निम्नवत हैः-

क्र.सं.     जनपद         बालक     बालिका         योग

1         देहरादून         57       41            98

2         हरिद्वार        56       37            93

3         ऊधमसिंहनगर    87       67            154

4         नैनीताल        16       32            48  

          कुल            216      177           393

दून घाटी में गिद्धों के संरक्षण को यूएई ने की मदद

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देहरादून, दून विश्वविद्यालय के पीएचडी स्कॉलर खिमानंद बलोदी को यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) की संस्था ‘मोहम्मद बिन जायद स्पीसीज कंजरवेशन फंड’ ने दुर्लभ गिद्दों के संरक्षण लिए एक वर्ष की फेलोशिप प्रदान की है। इस फेलोशिप के तहत खिमानंद को दून घाटी में गिद्दों के संरक्षण के लिए कार्य करना है, जिसके लिए उन्हें संस्था ने पांच हजार डॉलर की प्रोत्साहन राशि भी मुहैया कराई है।

खिमानंद बलोदी ने बताया कि, “गिद्दों की कई प्रजातियां विलुप्ति की कगार पर हैं। दूनघाटी में पिछले कुछ समय से बिजली के तारों की वजह से कई गिद्दों की मौतें हुई हैं। गिद्द बिजली के तारों के नजदीक कूड़ा करवट इकट्ठा होने की वजह से आते हैं। इस फेलोशिप के तहत बिजली के तारों की वजह से गिद्दों की मौतों को रोकने पर मुझे काम करना है।

मोहम्मद बिन जायद स्पीसीज कंजरवेशन फंड दुनियाभर में संकटग्रस्त वन्य जीवों को बचाने के लिए काम कर रहे जुझारू, समर्पित और जानकार वैज्ञानिकों को सहयोग प्रदान करती है। इससे पहले भी खिमानंद बलोदी को कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने उत्तराखंड में गिद्दों के संरक्षण पर काम करने के लिए सम्मानित किया है। उन्हें कंजर्वेशन लीडरशिप प्रोग्राम ने फ्यूचर कंजर्वेशनिस्ट अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है, जिसके तहत उन्हें कनाडा में वन्यजीव संरक्षण के तौर तरीकों का प्रशिक्षण भी दिया गया, साथ ही 12,500 डॉलर की प्रोत्साहन राशि भी दी गई। इसके अलावा उन्हें ओरिंटल बर्ड क्लब (इग्लैंड), वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्लूटीआई) ने भी गिद्दों के संरक्षण के लिए सम्मानित किया है। खिमानंद बलोदी की उपलब्धियों पर दून विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर प्रोफेसर कुसुम अरूणाचलम ने उन्हें बधाई दी और उम्मीद जताई कि गिद्दों के संरक्षण के लिए उनके प्रयास सफल होंगे। इसमें दून विश्वविद्यालय भी उनके साथ हर तरह से सहयोग करेगा।

गंगा स्वच्छता के लिए प्रांतीय रक्षक दल के जवान तैनात

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हरिद्वार, डीएम दीपक रावत ने हरकी पैड़ी क्षेत्र में स्वच्छता व पाॅलिथीन के प्रयोग को पूर्णतः प्रतिबंधित करने के उद्देश्य से एक प्रांतीय रक्षक दल के जवानों की 20 सदस्ययी टीम की नियुक्ति की। डीएम ने हरकी पैड़ी पर प्रवेश के लिए बने मुख्य 10 प्रवेश द्वारों पर इन जवानों को तैनात किया। उन्होंने गंगा स्वच्छता के लिए लगाये गये जवानों को गंगा और हरकी पैड़ी क्षेत्र की स्वच्छता का संकल्प भी दिलवाया। डीएम ने इस टीम को गंगा प्रहरी नाम से सम्बोधित किया व कहा कि, “गंगा प्रहरी अलग-अलग प्रवेश द्वार पर तैनात रहकर यह निगरानी करेंगे कि किसी व्यक्ति द्वारा हरकी पैड़ी में पाॅलिथीन के साथ प्रवेश न किया जाये। ऐसा करने वाले व्यक्ति की सूचना तुरंत हरकी पैड़ी पुलिस चैकी को देंगे। जिस पर निर्धारित कार्रवाई की जायेगी।”

इस अवसर पर गंगा सभा ने भी प्रशासन को सहयोग करने की बात कही। ये गंगा प्रहरी हरकी पैड़ी पर गंदगी फैलाने व पाॅलिथीन का प्रयोग करने पर उक्त स्थान और व्यक्ति की फोटो लेकर स्वच्छता एप पर अपलोड करेंगे। पाॅलिथीन का प्रयोग कर रहे व्यक्ति की शिकायत हरकी पैड़ी चैकी को भी करेंगे। निकाय कर्मियों की जिम्मेदारी होगी कि यह फोटो एप पर आते ही सम्बंधित स्थान पर सफाई व्यवस्था दुरूस्त करायेंगे।

डीएम ने हरकी पैड़ी क्षेत्र में अवैध फूल प्रसाद विके्रताओं के विरूद्ध भी कार्रवाई की। अवैध खोखों व रेस्टोरेंट की भी जांच की। जिनमें हरिओम गिरी द्वारा अतिक्रमण कर रेस्टोरेंट चलाने तथा एक्पायरी खाद्य पदार्थ पाये जाने पर जुर्माना लगाया गया।