पौड़ी। जनपद पौड़ी गढ़वाल में शासन के निर्देशों के क्रम में आज अपर आयुक्त हरक सिंह रावत ने मंडल स्तर पर स्थापित मंडलीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर बायोमैट्रिक उपस्थिति का जायजा लिया।
गुरुवार को अपर आयुक्त ने स्वास्थ्य, वन, कृषि, उद्यान, पशु पालन, लोक निर्माण, पेयजल निगम तथा जल संस्थान के साथ ही ग्रामीण निर्माण विभाग तथा शिक्षा विभाग के मंडलीय कार्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक ने कृषि, संयुक्त निदेशक उद्यान, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग के कार्यालयाध्यक्षों ने बताया कि विभागों में बायोमैट्रिक मशीनें लगी हैं, लेकिन उपस्थिति रिकार्ड एवं प्रिंट नहीं हो पा रही है। इन विभागों के अलावा अपर निदेशक, पशुपालन के कार्यालय की बायोमैट्रिक मशीन को तत्काल संचालित किए जाने के निर्देश दिए। अपर आयुक्त ने अपर निदेशक बेसिक तथा माध्यमिक, अधीक्षण अभियंता लघु सिंचाई के कार्यालयों में बायोमैट्रिक मशीन अभी तक नहीं लगाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि तत्काल बायोमैट्रिक उपस्थिति के लिए मशीन संचालित कराएं। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग, वन संरक्षक, महा प्रबंधक जल संस्थान व मुख्य अभियंता उत्तराखंड पेयजल निगम के कार्यालयों में स्थापित बायोमैट्रिक मशीन की जांच के साथ ही उक्त सभी विभागों की उपस्थिति पंजिका का भी निरीक्षण किया व जांच में सभी विभागों के कार्मिक उपस्थित पाए गए। उन्होंने बताया कि शासन से प्राप्त निर्देशों के परिपालन में अब प्रत्येक माह में आयुक्त गढ़वाल मंडल द्वारा मंडलीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया जाएगा तथा निरीक्षण रिर्पोट शासन को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
बायोमेट्रिक मशीन नहीं लगने से अपर आयुक्त ने जताई नाराजगी
बाईक सवार की मौत कार में लगायी आग
वायु प्रदूषण में देहरादून की हवा नोएडा, कानपुर आदि शहरों से भी जानलेवा
दिल्ली और आस पास के इलाकों में हो रहे प्रदूषण से बचने के लिये जो लोग देहरादून की वादियों का रुख करने की तैयारी में थे उनके लिये बुरी खबर है। केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड ने 273 शहरों के प्रदूषण स्तर पर ताज़ा आंकड़े जारी किये हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक देहरादून की हवा की हालत खराब हो रही है औऱ हवा में प्रदूषण के कंणों के मामले में देहरादूून की हवा – नोएडा, कानपुर औऱ गाजियाबाद से भी खराब है।
इसके साथ साथ योगनगरी ऋषिकेश में भी प्रदूषण का स्तर मुंबई के जितना खराब है।इस बारे में जानकारी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने संसद में एक प्रशन के जवाब में दी। इस सावल में मंत्रालय से राज्यभर से प्रदूषण के स्तरों का डाटा मांगा गया था। इन आंकड़ों को जमा करने के लिये तीन बातों का ध्यान रखा गया SO2, NO2 और PM10 के स्तरों का।

देहरादून की बात करें तो यहां का PM10 स्तर 241 रहा जो गीजियाबाद(235), नोएडा(176) और मुरादाबाद(196) जैसे शहरों से भी ज्यादा है। उत्तराखंड में प्रदूषण को लेकर ये चौंकाने वाले आंकड़े केवल देहरादून तक सीमित नही हैं। हरिद्वार और ऋषिकेश में PM10 का स्तर 129(हरिद्वार) 119(ऋषिकेश) है। ऋषिकेश में प्रदूषम का स्तर देश का आर्थिक राजधानी मुंबई के बराबर रहा। वहीं हवा में अगर SO2 की बात करें तो देहरादून में ये आंकड़ा 26 है जो महाराष्ट्र के उल्लाहसनगर के बराबर है औऱ नोएडा (8), गाजियाबाद(15), कानपुर(7), मेरठ(7), रांची(20) जैसे शहरों से कहीं ज्यादा है।
जानकारों के मुताबितक ये आंकड़े आने वाले पर्यावरण के तूफान की तरफ इशारा कर रहे हैं। पर्यावरणविद रवि चोपड़ा कहते हैं कि, “ये आंकड़े परेशान करने वाले हैं। कई साल पहले 1980-90 के दशक में इस तरह का प्रदूषण का स्तर देखने को मिला था। हमने कई साल पहले देहरादून की हवा को लगातार मॉनिटर करना बंद कर दिया था पर अब शायद इसे दोबारा शुरू करने की जरूरत है।”

इस बारे में राज्य प्रदूषण बोर्ड के चैयरमैन एस पी सुबद्धि कहते हैं कि “हवा की क्वालिटि घंटाघर और आईएशबीटी में शहर के अन्य इलाकों से खराब है। राजधानी बनने के बाद से ही शहर में निर्माण और यातायात में काफी इजाफा हुआ है। उत्तराखंड में गर्मियों में पर्यटकों औऱ जंगलों की आग के कारण हवा के स्तर में गिरावट आती है और ये बारिशों के साथ संभल भी जाती है। लेकिन लंबे समाधान के लिये एक नई पॉलिसी पर काम करना ज़रूरी है।”
गौरतलब है कि राज्य बनने के बाद से ही देहरादून में खासतौर पर बड़े पैमान पर निर्माण काम होते हुए दिखा। इनमें सरकारी के साथ-साथ निजि क्षेत्र में हुए निर्माण अहम हैं। लेकिन इन निर्माणों को करते हुए पर्यावरण का कितना ख्याल रखा गया ये कह पाना ज़रा मुश्किल है। और इसी नज़रअंदाज़ी का नतीजा है प्रदूषण बोर्ड के ये ताजा आंकडे़।
आयोग के हस्तक्षेप से पुलिस की उडी नींद
किसानों पर शिकंजा कसेगी एसआईटी
उधमसिंह नगर, वर्ष 2017 की सुर्खियों रहे एनएच घोटाले को लेकर अब एसआईटी के हाथ अब किसानों तक पहुचने लगे है भू अधिग्रहण मामले को लेकर अधिकारियों संग मिल कर सरकार को राजस्व में करोड़ो का चूना लगाने वाले ऐसे किसानों को अब एसआईटी बख्शने के मूड में नही दिखाई दे रही है, लिहाज एसआईटी ने दो दर्जन से अधिक किसानों के बैंक एकाउंट सीज करने की कार्यवाही शुरु कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक दो दर्जन किसानों के खिलाफ एसआईटी को बेक डेट में कृषि योग्य भूमि को कामर्शियल एक्टविटीज में दर्शा कर सरकार को करोड़ो रूपये का चूना लगाया गया है जिसके बाद एसआईटी ने इसे सभी किसानों के खातों को सीज करते हुए कार्यवाही शुरु कर दी है।
गौरतलब है कि एनएच 74 घोटाले में अब तक 8 अधिकारियों सहित मुख्य निलंबित पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है।
वही जिले के कप्तान सदानंद दाते ने बताया कि, “काशीपुर के बाद अब गदरपुर तहसील की जाच एसआईटी के द्वारा की जा रही है जिले के अधिकारियों के बाद अब किसानों में एसआईटी शिकंजा कस रही है ऐसे तमाम किसानों के बैंक एकाउंट को सीज किया जा चुका है जिनके खिलाफ एसआईटी को पुख्ता सबूत मिले है ताकि वो अपने एकाउंट को खूर्द बुर्द ना कर सके जाच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी।”
मीडिया पर रोक दाल में कालाःप्रीतम सिंह
काशीपुर, सचिवालय में मीडिया की रोक पर राजनीति गर्मा गयी है, पीसीसी चीफ प्रितम सिंह ने कहा कि क्या सरकार अपने कारनामों को मीडिया से छुपाना चाहती है जो मीडिया से दूरी बनायी जा रही है, काशीपुर में पत्रकारों से रुबरु होते हुए पीसीसी चीफ ने कहा कि सरकार का निर्णय चौथे स्तम्भ का अपमान है, वहीं उन्होने कहा कि सरकार के इस निर्णय की जितनी भी निंदा की जाय कम होगा।
खिर क्या वजह है जो सरकार मीडिया पर पाबंदी लगा रही है? उसको स्पष्ट करना चाहिए, आखिर क्या हो रहा सचिवालय में एेसा जो मीडिया को सचिवालय में बैन किया जा रहा है? उन्होने कहा कि, सरकार के इस निर्णय से यही लगता है कि दाल में कुछ काला है।”
जब विभागों ने हाथ खड़े किए तो महिलाओं ने उठाया रास्ता बनाने का बीड़ा
गोपेश्वर, चमोली जिले के विकास खंड दशोली बमियाला मोटर मार्ग पर कांडई गांव जाने वाले पैदल मार्ग को बनाने के लिए ग्रामीणों ने कई बार पीएमजीएसवाई व मनरेगा से मार्ग को बनाने की गुहार लगायी लेकिन जब विभागों ने हाथ खड़े कर दिए तो गांव की महिलाओं ने स्वयं ही श्रमदान कर मार्ग बनाने का बीड़ा उठाया है।
पुरसारी-बमियाला मोटर मार्ग के निर्माण के दौरान कांडई जाने वाले पैदल मार्ग का सौ मीटर से अधिक पुस्ता ढह गया था। ग्रामीण इस पैदल मार्ग को ठीक करने की कई बार गुहार पीएमजीएसवाई व मनरेगा से बनाये जाने की गुहार लगायी लेकिन एक लंबा समय गुजर जाने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो महिला मंगल दल अध्यक्षा शांति देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने स्वयं ही मार्ग को ठीक करने के लिए श्रमदान करने का निर्णय लिया।
शांति देवी कहती है कि, “यह पैदल मार्ग गांव के आने-जाने के साथ ही महिलाओं के जंगल जाने का रास्ता भी तथा उनके मवेशी भी इसी मार्ग से होकर गुजरते है। कई बार डर लगा रहता था कि कोई इस रास्ते से गिर न जाय। इसलिए उन्होंने स्वयं ही रास्ते को बनाने का निर्णय लिया है।”
वहीं पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य महानंद बिष्ट कहते है कि कई बार प्रशासन व शासन से भी पत्राचार कर इस मार्ग को बनाने की गुहार की गई लेकिन किसी ने नहीं सुना अब महिलाऐं आगे आयी है उनके साथ पुरुष वर्ग भी इस मार्ग को बनाने में सहयोग करेगा।
एम्स निदेशक के विरोध में निकाली पद यात्रा
भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) के निदेशक के खिलाफ भ्रष्टाचार के विभिन्न आरोपों को लेकर उत्तराखंड जन विकास मंच की ओर से नगर निगम प्रांगण से त्रिवेणी घाट तक पद यात्रा निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया गया।
एम्स निदेशक डॉ रविकांत को हटाये जाने की मांग को लेकर मंच द्वारा शहर में चलाया जा रहा आन्दोलन जारी है। एम्स निदेशक पर भ्रष्टाचार के विभिन्न आरोप जड़ते हुए मंच से जुड़े तमाम कार्यकर्ता शुक्रवार की दोपहर मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा के नेतृत्व में एक बार फिर से सड़कों पर उतरे और पैदल मार्च कर एम्स निदेशक को हटाए जाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि, “ऋषिकेश का एम्स हास्पिटल भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। एम्स में कार्यरत आउटसोर्सिंग कम्पनी ‘प्रिंसिपल’ जोकि नॉन टेक्निकल के पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती कराती है, उसको टेक्निकल पदों पर टेंडर दिए जाने की जांच की जानी चाहिए।” उन्होंने संस्थान के अधिकारियों द्वारा मंच को नोटिस के माध्यम से धमकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह जंग भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ी जा रही है। जिसमे मंच अब किसी भी सूरतेहाल में बैकफुट पर नहीं आएगा।
सड़क दुर्घटना में युवक की मौत
ऋषिकेश, ऋषिकेश-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक अज्ञात ट्रक की चपेट में आकर रायवाला स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान पर कार्य करने वाले कर्मचारी की मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर आगे कार्रवाई शुरू कर दी है।
मृतक का पहचान दिनेश तिवारी (32) निवासी ठाकुरपुर ग्राम सभा श्यामपुर के रूप में हुई है। दिनेश अंग्रेजी शराब की दुकान पर कार्य करता था। गुरुवार को रात 11 बजे के करीब वह दुकान से श्यामपुर अपने घर खाना लेने जा रहा था।
तभी अज्ञात ट्रक की चपेट में आ जाने से बुरी तरह घायल हो गया। जिसे ऋषिकेश राजकीय चिकित्सालय उपचार के लिए लाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।
चेन्नई की टीम में रैना, धोनी व जडेजा बरकरार
नई दिल्ली, इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें संस्करण के लिए चेन्नई सुपर किंग्स ने महेन्द्र सिंह धोनी, सुरेश रैना और रवींद्र जडेजा को टीम में बरकरार रखा है।
इसके अलावा मुंबई इंडियंस ने कप्तान रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह, किंग्स इलेवन पंजाब ने अक्षर पटेल,कोलकाता नाइट राइडर्स ने सुनील नरेन और आंद्रे रसेल, राजस्थान रॉयलस ने स्टीव स्मिथ और सनराइजर्स हैदराबाद ने डेविड वॉर्नर और भुवनेश्वर कुमार को टीम में बरकरार रखा है।
उल्लेखनीय है कि आईपीएल के 11वें संस्करण के लिए खिलाड़ियों की निलामी 27-28 जनवरी को की जाएगी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पिछले महीने ही खिलाड़ियों की नीलामी के नए नियमों की घोषणा की थी।




























































