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राफ्टिंग के दौरान रैपिड में गिरी महिला, मौत

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ऋषिकेश, ऋषिकेश में एक महिला की डूबने से मौत हो गर्इ। बताया जा रहा है कि महिला अपने दल के साथ राफ्टिंग कर रही थी। इस दौरान शिवपुरी और ब्रह्मपुरी के बीच महिला रैपिड में गिर गर्इ, जिससे उसकी मौत हो गई।

मुनि की रेती पुलिस के मुताबिक शाम करीब 4 बजे राफ्ट में सवार आठ लोग जब शिवपुरी से लौट रहे थे तो गोल्फ कोर्स रैपिड पर पहुंचे ही चार लोग राफ्ट से नीचे गिर पड़े। उन्हें पानी से निकाला गया और राजकीय अस्पताल पहुंचाया गया। जहां चिकित्सक ने भगवती वर्मन(33 वर्ष) पत्नी अंशुमन वर्मन निवासी लक्ष्मी नगर नई दिल्ली को मृत घोषित कर दिया।

डीएम मंगेश की पहल से रुद्रप्रयाग देगा राज्य को युवा डॉक्टर और इंजीनियर

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9 महीने पहले बागेश्वर से रूद्रप्रयाग के जिलाधिकारी बने मंगेश घिल्डियाल का पदभार ग्रहण से शुरू हुआ आमजन के लिए मंगल अभियान नये साल में भी बदस्तूर जारी है। जिसके तहत उनकी दूरदर्शी सोच से अब रूद्रप्रयाग जनपद में भी पहाड़ के मेधावी युवाओं को डाॅक्टर और इंजीनियर की ऑनलाइन कोचिंग मिलेगी, जिससे युवा अपने सपनों को हकीकत में साकार कर पायेंगे।

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गौरतलब है कि पहाडो में डाॅक्टर और इंजीनियर की बेहतर तैयारी के लिये कोई अग्रणी संस्थान न होने से से पहाड़ के मेधावी प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफल नहीं हो पाते थे। लेकिन अब उनके सपने जरूर पूरे होंगे, श्री 108 स्वामी सच्चिदानंद राजकीय आदर्श इण्टर काॅलेज रूद्रप्रयाग में प्रोजेक्ट लक्ष्य के अन्तर्गत जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में जनपद के तीन स्थानों रूद्रप्रयाग, अगस्त्यमुनि व गुप्तकाशी में इंजीनियरिंग, मेडिकल प्रवेश-परीक्षा के लिये आॅनलाइन कोचिंग कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया है। एक माह पूर्व आॅनलाइन कोचिंग का ट्रायल किया गया था जिसे आज साकार रूप में परिणीत किया गया।

आनॅलाइन कोचिंग में शासकीय व अशासकीय विद्यार्थियों को 2019 की मेडिकल व इंजीनियरिंग प्रवेश-परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी। पाठयक्रम की अवधि 2 वर्ष की होगी, हाईस्कूल में शासकीय विद्यालय में 70 प्रतिशत से अधिक व निजी विद्यालय में 85 प्रतिशत से अधिक प्राप्त करने वाले विद्यार्थि कोचिंग ले सकते है। आॅनलाइन कोचिंग में विद्यार्थी शिक्षक से लाइव इंटरेक्शन कर सकेगा व अपनी शंकाओं कों दूर कर सकता है, साथ ही विद्यार्थियों को प्रैक्टिस के लिये टेस्ट सीरिज भी दी जाएगी।

वर्तमान में स्कूलों के शीतकालीन अवकाश के समय प्रातः 10 से 1 बजे तक कक्षायें चलेगी। शीतकालीन अवकाश के बाद कोचिंग का समय परिवर्तन किया जाएगा जिससे विद्यार्थी की स्कूल टाइमिंग में बाधा उत्पन्न न हो। आॅनलाइन कोचिंग में हंस फाउण्डकेशन द्वारा वित्तीय व डीआईओ एनआईसी द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है। आइाॅनलन कोचिंग कोब्योबो (नोलैज बियाॅन्ड बाउंडरिज) द्वारा दी जाएगी। कोब्योबो के अन्तर्गत शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले भारत के विभिन्न प्रशिक्षण संस्थान व शिक्षक पंजीकृत है।

वास्तव मे जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग की ये पहल आने वाले दिनों में पहाड़ के युवाओं के लिए वरदान साबित होगी। मंगेश के मंगल अभियान को ढेरों बधाईया।

उत्तराखंड आकर फिल्मों की शूटिंग करना पड़ रहा महंगाः तिग्मांशु धूलिया

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देहरादून। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्म निर्माता, निर्देशक और अभिनेता तिग्मांशु धूलिया ने बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भेंट की और फिल्म नीति में सुधार को लेकर कई सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने सुझावों पर गंभीरता पूर्वक विचार करने का भरोसा दिया। साथ ही कहा कि उनके साथ बैठक फिल्म नीति में संशोधन को लेकर विस्तार से चर्चा भी करेंगे। तिग्मांशु ने कहा कि आठ जनवरी से उनकी एक फिल्म की शूटिंग शुरू हो रही है। जैसे ही वक्त मिलेगा, वह इस बाबत यहां आएंगे।

तिग्मांशु ने कहा कि फिल्म निर्माताओं को उत्तराखंड में खींचने के लिए सब्सिडी देने के साथ ही राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र के टैक्स में छूट देनी पड़ेगी। क्योंकि, फिलहाल कोई सब्सिडी नहीं मिलती है और यहां आकर शूटिंग करना बहुत महंगा पड़ता है। यहां से सस्ता तो विदेश में शूटिंग करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार सब्सिडी के लिए मानक कड़े करे। क्योंकि, कुछ लोग तो सिर्फ सब्सिडी के लिए ही फिल्म बनाते हैं। सेंसर बोर्ड से रिलीज सर्टिफिकेट जारी होने के बाद ही सब्सिडी दी जाए। अगर सरकार ये निर्णय ले तो बड़ी संख्या में यहां शूटिंग होंगी। क्योंकि, यहां की लोकेशंस स्विट्जरलैंड से भी खुबसूरत हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड आदि राज्यों की फिल्म नीति के बारे में बताया। साथ ही उनकी फिल्म रागदेश को टैक्स फ्री करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी जताया। इस फिल्म की 60 फीसद शूटिंग उत्तराखंड में हुई थी। इस दौरान मेजर जनरल शत्रुघ्न सिंह चौहान, तिग्मांशु धूलिया फिल्म्स के उत्तराखंड प्रतिनिधि अभिनव थापर भी मौजूद रहे।

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आलू-पूरी का नाश्ता किया
तिग्मांशु बुधवार सुबह नाश्ता करने के लिए अचानक सहारनपुर चौक स्थित एक दुकान में पहुंच गए। उन्हें देख दुकानदार समेत आसपास के लोग भी चौंक गए, क्योंकि किसी को अंदाजा नहीं था कि वह यहां आकर नाश्ता करेंगे। तिग्मांशु ने आलू की सब्जी-पूरी का नाश्ता किया। इस दौरान यहां काफी भीड़ लगी रही और लोगों ने उनके साथ सेल्फी भी ली।

अनाथालयों में रह रहे बच्चों की स्थिति पर सभी राज्यों को नोटिस

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सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने अनाथालयों में रह रहे बच्चों की स्थिति पर दायर राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी राज्यों को नोटिस जारी किया है। याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएम खानविलकर की बेंच ने याचिका का दायरा बढ़ाते हुए सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब देने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश का भविष्य बच्चों की अस्मिता और उनके पालन-पोषण पर निर्भर करता है। किसी बच्चे को अनाथालय के प्रभारी की इच्छा पर नहीं छोड़ा जा सकता है।

आयोग ने अपनी याचिका पश्चिम बंगाल के अनाथालयों में रह रहे बच्चों के एडॉप्शन के लिए कमेटियों के गठन को कानून का उल्लंघन बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। बाल संरक्षण आयोग ने जब इस बारे में पश्चिम बंगाल सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया तो पश्चिम बंगाल सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया जिसके बाद हाईकोर्ट ने आयोग की कार्यवाही पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ बाल संरक्षण आयोग ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों से अनाथालयों में बच्चों को दी जा रही सुविधाओं और बच्चों के एडॉप्शन के लिए अपनाई जानेवाली प्रक्रिया के बारे में पूछा है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों के पूछा है कि मानवाधिकार एक्ट के तहत हर जिलों में मानवाधिकार कोर्ट की स्थापना अभी तक क्यों नहीं हुई।

उचित दर पर बच्चों को मिलेगी स्कूल बस की सुविधा

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देहरादून, अब स्कूलों के बच्चों को स्कूल जाने व छोड़ने के लिए अपने वाहनों से आने की फजीहत नहीं झेलनी पड़ेगी। जिला प्रशासन उचित दरों पर स्कूल बसों का संचालन करने की व्यवस्था करने जा रहा है। व्यवस्था के तहत बच्चों को स्कूल आने जाने में स्कूल बसों का संचालन किया जाएगा। खास बात यह कि इन बसों का किराया भी बच्चों को आर्थिक रूप से काफी कम होगा। इसके अलावा दून के बेलगाम स्कूली वाहनों पर लगाम लगाने और यातायात के नियमों के पालन को लेकर प्रशासन बेहद गंभीर नजर आ रहा है।

देहरादून के जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन की अध्यक्षता में जिलाधिकारी कैम्प कार्यालय में विशेष बैठक आयोजित हुई। बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने एवं दुर्घटनाओं को कम करने और बच्चों को स्कूल लाने एवं घर छोड़ने के लिए उचित दरों पर स्कूल बसों का संचालन करने के दृष्टिगत परिवहन, पुलिस, शिक्षा विभाग सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों से वार्ता की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ स्कूल बसों का रूट निर्धारित करने और स्कूल बसों के लिए प्रबन्ध करने पर चर्चा की। इसके साथ ही इसके लिए कितनी बसों की आवश्यकता है इसकी भी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

स्कूल निर्धारित फॉर्मेट में देंगे जानकारी 
जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि शहर के आन्तरिक क्षेत्र में पड़ने वाले नामी स्कूल के प्रबन्धकों व प्रधानाध्यापकों से बैठक कर उनके यहां अध्ययनरत् कक्षा 5 से कक्षा 12 तक के बच्चों में कौन बच्चे स्कूल बसों से और कौन अपने संसाधन, टू-व्हीलर आदि से स्कूल आ रहे हैं इसका डाटा एकत्र किया जाएगा। जानकारी के लिए स्कूल निर्धारित फार्मेट में जानकारी देंगे। ताकि कितने बच्चें स्कूल बसों व कितने बच्चे अपने संसाधन से स्कूल आ रहे है इसकी सटीक जानकारी मिल सके। इसके साथ ही इस बात की भी जानकारी ली जाएगी कि कितने अभिभावक स्कूल बस लगाए जाने के समर्थन में हैं। उन्होने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि उनकी ओर से स्कूल प्रबन्धकों को पत्र प्रेषित किया जाए। कहा कि स्कूल बसों कें संचालन का मुख्य उद्देश्य स्कूल टाइम पर शहर की यातायात व्यवस्था को ठीक करना और दुर्घटनाओं में कमी लाना है।

परिवहन विभाग को भी दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने परिवहन व पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल टाइम पर बस संचालित करने हेतु सिटी बस और अन्य बस संचालकों से बैठक कर ली जाए व जिन बसों को स्कूल बस के रूप में चलाना है उनकी कंडिशन बेहतर होनी चाहिए। उन्होने स्कूल बसों का रूट निर्धारण के लिए एसपी, यातायात, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, सीओ यातायात को निर्देश दिए। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को पूर्ण प्लान तैयार कर अगली बैठक में रखने के निर्देश दिए।

औली में फिस रेस की जमीनी हकीकत बताएगी विशेष टीम

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गोपेश्वर,  औली में फिस रेस के लिए सबकुछ तो तैयार हो गया। अब स्कीइंग के लायक कृतिम बर्फ बन भी पा रही है या नहीं अथवा आसमान से बर्फ गिरने की कितनी संभावना है, इस सब को जांचने के लिए फेडरेशन आफ स्कींइग की एक विशेष टीम पांच जनवरी को औली पहुंच रही है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह टीम फिस रेस के लिए जमीनी हकीकत और बर्फ की जांच करेगी। टीम में विशेषज्ञ शामिल होंगे। ज्ञात रहे कि औली में 15 से 21 जनवरी तक फिस रेस का आयोजन होना है। पहाड़ में अभी इस मौसम की चुनिंदा दिनों में बर्फ गिरी है और मौसम विभाग ने भी फिलहाल बर्फ गिरने की संभावनाएं नहीं जतायी हैं। औली में मशीन से कृतिम बर्फ बनाने के दो बार ट्रायल तो सफल रहा है पर इससे इतनी बर्फ नहीं बन पा रही है कि रेस हो सके।

दूसरी बार होगा औली में अंतराष्ट्रीय स्तर के गेम्स
सात साल बाद एशिया में स्कीइंग की सबसे बेहरीन ढलानों में से एक औली की ढलान पर दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्कीइंग प्रतियोगिता का आयोजन होने जा रहा है। वर्ष 2010-11 में यहां सेफ विंटर गेम्स का आयोजन हुआ, जिसमें दक्षिण एशिया के सात देशों के खिलाड़ी शामिल हुए थे। अबकी बार 15 से 21 जनवरी तक औली में फिस रेस का आयोजन होगा। फेडरेश आफ इंटरनेशनल रेस के इस आयोजन में 15 से अधिक देशों के स्कीयर्स शामिल होंगे। जिस तरह से तैयारियां चल रही हैं, उसे देख उम्मीदों का पंख तो लग रहे है पर अब सब कुछ प्रकृति पर निर्भर है कि वह आसमान से कितनी बर्फ गिराती है।

नौरख, पाखी में पांडव और बाटुला में बग्डवाल नृत्य की धूम

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गोपेश्वर,  आजकल चमोली जिले के विभिन्न गांवों में पौराणिक पांडव व बग्डवाल नृत्यों की धूम मची है। चमोली के पीपलकोटी के नौरख गांव में 20 साल बाद व ग्राम सभा पाखी पांच साल बाद पौराणिक पांडव नृत्य का आयोजन किया जा रहा है तो वहीं बाटुला मायापुर में बग्डवाल नृत्य का आयोजन किया जा रहा है।

नौरख के पांडव सल्ला (चीड़ का पेड) लेने के लिए भनीर पाणी गये। जहां पीपलकोटी व्यापार संघ ने पांडवों का स्वागत किया गया। पौराणित मान्यता है कि जब पांडव एक वर्ष के अज्ञातवास में थे तो पांडवों ने अपने अस्त्र-शस्त्रों को चीड के पेड पर छुपा कर रख दिये थे जब अज्ञातवास पूरा हुआ तो भीम की मदद से पांडवों ने पूरा पेड ही उखाड कर ले आये। सल्ला की रात्रि को ही भीम व केशरीगढ के राजा का साला कीचक के बीच द्रोपदी को लेकर युद्ध होता है तो भीम कीचक का वद्ध किया जाता है।

वहीं दूसरी तरफ पाखी में बुधवार से पांडव लीला का आयोजन किया जाएगा। इधर बाटुला गांव में बग्डवाल नृत्य की धूम मची है। दूर-दराज के गांवों से पांडव व बग्डवाल नृत्य को देखने लोग पहुंच रहे है।a

ऑनलाईन बैंकिंग फ्रॉड के जाल में ना आये जनता: अशोक कुमार

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अशोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड ने बताया कि, “आजकल एटीएम फ्रॉड से सम्बन्धित साईबर अपराधों के मामलों में अपराधियों द्वारा आम जनता को विभिन्न तरीको से झांसे मे लेकर उनके डेबिट/क्रेडिट कार्ड एवं ओ.टी.पी की जानकारी प्राप्त कर उनके बैंक खातों से धनराशि निकाली जा रही है। इस प्रकार के गिरोह अधिकांशतः झारखण्ड व बिहार राज्यों से संचालित होने प्रकाश में आ रहे हैं।

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ऐसे प्रकरणों में अपराधी स्वयं को बैंक अधिकारी/ए.टी.एम मुख्यालय/सेन्टर से वार्ता करने की बात कहकर प्रमुख रुप से निम्न बातो का झांसा देकर एटीएम की जानकारी प्राप्त करते हैः-

Ø    ….हैलो मै आपके बैंक से मैनेजर बोल रहा हूं, आपके एटीएम कार्ड की वैद्यता समाप्त हो रही है

Ø    …हैलो मै आपके बैंक से मैनेजर बोल रहा हूं, आपके एटीएम कार्ड को आधार से लिंक करना है आपके डेबिट/ क्रेडिट कार्ड को आधार से लिंक करना है।

Ø    …हैलो में आपके बैक से बोल रहा हूं , आपका डेबिट/क्रेडिट कार्ड ब्लॉक होने वाला है  आदि-आदि……

की जानकारी लेने के बाद अपराधी उस व्यक्ति के खातो से विभिन्न ऑनलाईन पेमेन्ट गेटवे के माध्यम से ऑनलाईन शॉपिंग/ अन्य बैंक खातो में स्थानान्तरित करा लेते है।

यदि आपके द्वारा जानकारी नही दी जाती है तो उनके द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया जाता है।

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आम जनता को इस सम्बन्ध में जागरुक रहने की आवश्यकता है, तथा उनके द्वारा इस प्रकार के धोखाधडी जैसे साईबर अपराधों से बचाव के  निम्न उपाय किये जा सकते है।

 

 

o       किसी भी अंजान व्यक्ति से फोन पर अपने बैंक से सम्बन्धित जानकारी शेयर न करें।

o       अपने डेबिट/क्रेडिट कार्ड का नम्बर,पासवर्ड, पिन, सी0वी0वी0 किसी से शेयर ना करें।

o       बैंक कभी भी आपके एटीएम/ खाते / पासवर्ड आदि गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है।

o       एटीएम मशीन में पिन नम्बर डालते समय की-पैड को अपने हाथों से छिपाते हुये प्रयोग करें।

o       भीड़-भाड़ वाले और असुरक्षित स्थानों में एटीएम का प्रयोग सावधानीपूर्वक करें।

o       एटीएम का प्रयोग करते समय अनजान व्यक्तियों से सहायता कभी न लें।

o       समय-समय पर अपने ATM/Debitएवं Credit Card का पिन नम्बर बदलते रहे।

o       यदि आपकी जानकारी के बिना आपके खाते से धनराशि आहरित होती है तो तत्काल अपने बैक शाखा मे जाकर बैंक मैनेजर से सम्पर्क कर शिकायत दर्ज करायें।

o       डेबिट/क्रेडिट कार्ड/बैंक धोखाधड़ी होने पर सूचना सम्बन्धित बैंक को देते हुए,तत्काल निम्न अभिलेखों सहित नजदीकी थाना/ साईबर सैल/ साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन, निकट फायर स्टेशन, गाँधी रोड़ देहरादून से सम्पर्क करें।

सम्पर्क नम्बरः- 100, 9456591502, 0135-2655900

 

पांच साल में 1500 हेक्टयर हुआ सेब उत्पादन का क्षेत्रफल

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त्यूनी, देहरादून जिले के जौनसार बावर परगना में सेब उत्पादन का दायरा बढ़ने लगा है। बीते पांच साल में यहां सेब उत्पादन 1000 हेक्टेयर से बढ़कर 1500 हेक्टेयर तक जा पहुंचा हैं। काश्तकारों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।

वर्तमान में 8500 काश्तकारों की आजीविका का मुख्य स्रोत सेब उत्पादन बन चुका है। सेब के बढ़ते उत्पादन को देखते हुए इस बार क्षेत्रीय काश्तकारों ने उद्यान विभाग से करीब 90 हजार पौधों की डिमांड की है जो अब तक की सबसे बड़ी डिमांड हैं। इन पौधों को 110 हेक्टेयर क्षेत्रफल में रोपा जाएगा। उद्यान प्रभारी त्यूनी आरपी जसोला ने कहा कि जौनसार बावर सेब उत्पादन में खास पहचान बना चुका है।

यहां के काश्तकार पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश से सीख लेते हुए व्यवसायिक दृष्टिकोण को अपना रहे हैं। जिसके चलते आज क्षेत्र सेब उत्पादन में अग्रणीय हो गया है। हिमाचल से ज्यादा जौनसार बावर के सेब की डिमांड हो गई है। क्षेत्र में रॉयल डेलिसस, रेड डेलिसस, गोल्डन डेलिसस प्रजाति के सेब का उत्पादन प्रमुखता से किया जाता है।

काश्तकार वीरेंद्र शर्मा, प्रदीप कुमार, रतन सिंह आदि का कहना है कि, “विभाग ने रेड चीफ सुपरस्टार के पौधे तैयार किए हैं। ये पौधे कम बर्फबारी में भी अच्छा उत्पादन देते हैं। जिसके चलते अब सेब उत्पादन में जबरदस्त इजाफा हो रहा है।” कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि, बागवानी को बढ़ाने के‌ लिए सरकार वह हर संभव प्रयास कर रही है। जिससे काश्तकारों की आमदानी में इजाफा हो सके।”
बीते पांच साल में ऐसे बढ़ा उत्पादन
2012-13 5500 टन
2013-14 6000 टन
2014-15 7000 टन
2015-16 8500 टन
2016-17 9000 टन

तीर्थ नगरी में ठंड का कहर, प्रशासन संवेदनहीन

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ऋषिकेश,  त्रिवेणी घाट पर गंगा किनारे गरीबों का जमावड़ा लगा था। भीषण ठंड का अहसास उनके हिलते शरीर को देख सहज ही लगाया जा सकता था।

दरअसल, इनको ठंड से निजात के लिए मदद की दरकार थी। केवल यहीं नहीं, बल्कि शहर के कई फुटपाथों पर ऐसा ही नजारा आम था। लोग जुगाड़ यानी प्लास्टिक, कचरा, टायर या फिर बीनकर लाई गई लकड़ियों को जला ठंड से लड़ने की कोशिश करते नजर आए। सर्दी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, जिससे जनजीवन बेहाल होने लगा है। लोगों की नींद खुली तो घने कोहरे की चादर छाई हुई थी, बेहद ठंडे दिन मे हर किसी को जबरदस्त शीतलहर का सामना करना पड़ा, ठंड ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है।

गरीबों को अलाव का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। ठंड अधिक होने की वजह से लोग देर तक बिस्तरों में दुबके रहे। दोपहर बारह बजे के बाद हल्की धूप निकली तब कहीं जाकर कुछ राहत मिली। शाम को सर्दी फिर से बढ़ गई। अब हाड़ कंपाने वाली सर्दी पड़ने लगी है। जिसके चलते हर किसी का बुरा हाल हो रहा है।

नूतन वर्ष से कड़ाके की सर्दी का सामना लोगों को करना पड़ा, सर्द हवाएं चल रही थीं, जिसके चलते लोगों को भारी परेशानी हुई। जो भी सुबह घर से निकला वह सर्दी से बचाव का इंतजाम किए हुए था। राहगीरों व गरीबों को अलाव के सहारे ही ठंड दूर करना मजबूरी थी। बाजारों में दुकानदार तक अपनी दुकानों के बाहर लकड़ियां मंगाकर अलाव तापते हुए नजर आए। दोपहर तक धूप के दर्शन नहीं हुए। 12 बजे के बाद धूप निकली तक कहीं जाकर राहत मिल सकी।

शाम को फिर से सर्दी बढ़ गई जिसके चलते चौराहों पर अलाव जल गए।लगे हाथों बताते चले कि प्रशासन की और से जनवरी माह के प्रराम्भ होने के बाद भी अब तक गरीबों और मजलूमों को कंबल नही बांटे गए हैं। जिसे देख कह सकते हैं कि आसराविहीनों की और प्रशासन पूरी तरह से संवेदनहीन बना हुआ है। इस संबंध में दर्द पालिका के अधिशासी अधिकारी महेंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से गरीबों मजदूरों के लिए कमरों की व्यवस्था की जा रही है जिन्हे सिगरेट बंटवा दिया जाएगा।