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हैंडलूम उत्पाद खरीदें, श्रम को सम्मान दें: सीएम

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देहरादून। यदि हम हैण्डलूम के उत्पादों को खरीदते है तो देश के गरीबों के श्रम का सम्मान करते है। हैण्डलूम भारत में कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है, जो लगभग 65 लाख लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री ने परेड ग्राउण्ड में आयोजित नेशनल हैण्डलूम एक्सपो में देश के विभिन्न राज्यों से आए बुनकर समूहों के उत्पादों का अवलोकन कर उनके उत्पादों की सराहना की।

हैंडलूम एक्सपो में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि, “हैंडलूम उत्पादों का इस्तेमाल कर हम इस कार्य से जुड़े मजदूर की पसीने की कीमत उन्हें अदा करते है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सपो में आए बुनकरों ने बताया कि वे वर्षो से इसमें प्रतिभाग करते आ रहे है। इससे यह अहसास होता है कि यहां पर उनके उत्पादों को लोगों द्वारा काफी पसन्द किया जाता है। उन्होंने कहा कि हैंडलूम का क्षेत्र रोजगार प्रदान करने के साथ ही हमारी पुरानी भारतीय परम्परा व बुनकर समुदायों की सुदृढ़ सामाजिक व सांस्कृतिक परम्परा को बनाए रखने में भी मददगार रहा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस अपील से कि साल में हर भारतीय खादी का एक जोड़ा कपड़ा जरूर पहनें। इससे देश में खादी की बिक्री बढ़ी है व देश-विदेशों से बड़े डिजाइनर इस क्षेत्र में कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि हैण्डलूम के वस्त्रों का उपयोग कर हम देश के विकास में भी योगदान देते है, इस क्षेत्र में कार्य करने वाले क्षेत्रों में स्वालकुची, आसाम, भागलपुर, संथाल परगना व देवघर का उन्होंने विशेष उल्लेख किया। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने इस अवसर पर हिमाद्री के वार्षिक कैलेण्डर का विमोचन किया तथा एक्सपो के थीम पेवेलियन एवं सांस्कृतिक संध्या का भी शुभारम्भ किया।

निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल ने बताया कि राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय बाजारों में वस्त्र उद्योग में प्रतिस्पर्धात्मकता एवं वैश्वीकरण की चुनौतियों का सामना करने लिए भारत सरकार एवं राज्य सरकार विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से इस क्षेत्र को सहायता उपलब्ध करा रही है। बुनकरों को विपणन के समुचित अवसर उपलब्ध कराने के लिए विकास आयुक्त(हथकरघा), भारत सरकार की विपणन सहायता योजना के अन्तर्गत देश के विभिन्न शहरों में नेशनल हैण्डलूम तथा स्पेशल हैण्डलूम एक्सपो आयोजित किए जाते है। उन्होंने बताया कि देहरादून में भारत सरकार की इस योजना के अन्तर्गत गत 10 वर्षों में नेशनल हैण्डलूम एक्सपो का नियमित आयोजन उद्योग निदेशालय, उत्तराखण्ड एवं उत्तराखण्ड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद द्वारा किया जा रहा है। इस वर्ष यह आयोजन 31 दिसम्बर, 2017 से 13 जनवरी, 2018 तक किया जा रहा है।

नौटियाल ने बताया कि, “नेशनल हैण्डलूम एक्सपो, देहरादून में देश के 14 राज्यों साथ ही उत्तराखण्ड के 46 समितियों/व्यक्तिगत बुनकारों सहित शीर्ष हथकरघा संगठन एवं बुनकर समूह अपने उत्पादों सहित प्रतिभाग कर रहे है। नेशनल हैण्डलूम एक्सपो में विभिन्न प्रांतो एवं क्षेत्रों के विशिष्ट हथकरघा उत्पादों को प्रदर्शनी के लिए रखा गया है। “

कार्ट की नाराजगी के बाद बाघ और हाथियों की सुरक्षा होगी पुख्ता

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देहरादून। अब कार्बेट और राजाजी पार्क में बाघ और हाथियों की सुरक्षा ने लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद वन विभाग सुरक्षा इंतजामों में जुट गया है। वहीं, कोर्ट ने मार्च तक वहां वन्यजीव सुरक्षा के लिए विशेष ढांचा तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

पिछले साल कार्बेट और राजाजी में बाघ और हाथियों के शिकार और संदिग्ध मौतों के कई मामले सामने आए थे। जिसे लेकर कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका डाली थी। इस पर कोर्ट ने वन विभाग को वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए तीन माह में विशेष इंतजाम करने के आदेश दिए। इसके बाद वन विभाग ने सुरक्षा इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। विभाग की ओर से पिछले साल के डाटा के आधार पर इन दोनों जगहों पर शिकार के लिहाज से संवेदनशील जगहों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके अलावा सुरक्षा के सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।

वाइल्ड लाइफ के एपीसीसीएफ डा. धनंजय मोहन ने बताया कि वन्यजीव सुरक्षा को लेकर अदालत का विस्तृत आदेश आया है। जिसमें कार्बेट और राजाजी में मार्च तक विशेष सुरक्षा ढांचा तैयार करने को कहा गया है। विभाग की ओर से इस पर काम शुरू कर दिया गया है।

यूआईडीएआई ने किया आधार डाटा सुरक्षित होने का दावा

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नई दिल्ली, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित आधार डाटा लिक संबंधी रिपोर्ट का खंडन करते हुए उसे भ्रामक बताया है। यूआईडीएआई ने आश्वासन दिया कि कोई आधार डेटा उल्लंघन नहीं है बायोमेट्रिक जानकारी सहित आधार डेटा पूरी तरह से सुरक्षित है।

यह खबर ‘‘500 रुपये, 10 मिनट और आपके पास अरब आधार का विवरण’’ नाम से अंग्रेजी में प्रकाशित हुई थी। खबर के मुताबिक केवल कुछ रुपये देकर आप एक लिंक पा सकते हैं जिसमें यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिये लॉगिन कर किसी भी आधार नंबर से संबंधित डाटा हासिल कर सकते हैं|

यूआईडीएआई का कहना है कि, “खबर में प्रकाशित शिकायत निवारण तंत्र के तहत कुछ लोगों को दी गई खोज सुविधा के दुरुपयोग का मामला है। यूआईडीएआई ने नामित कर्मियों और राज्य सरकार के अधिकारियों को शिकायत निवारण के उद्देश्य से लॉगिन की सुविधा देता है। यूआईडीएआई इस सुविधा पर लगातार नज़र रखता है। ऐसे में तत्काल इसमें शामिल व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने सहित कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

यूआईडीएआई का कहना है कि शिकायत निवारण खोज सुविधा भी केवल नाम और अन्य विवरण तक सीमित पहुंच प्रदान करती है। इसमें बायोमेट्रिक विवरण नहीं होता।

यूआईडीएआई ने आश्वासन दिया है कि बायोमेट्रिक डाटाबेस का कोई भी डाटा उल्लंघन नहीं है जो यूआईडीएआई पर पूरी तरह से सुरक्षित है और उच्चतम एन्क्रिप्शन के साथ सुरक्षित है| बायोमेट्रिक्स के बिना जनसांख्यिकीय जानकारी का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता है।

सुरक्षा को लेकर छावनी में तब्दील था कोर्ट परिसर

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रांची,  चारा घोटोले में राजद प्रमुक लालू प्रसाद यादव को पेशी के मद्देनजर पूरा कोर्ट परिसर पुलिस छावनी में तब्दील था। चार डीएसपी और लगभग 400 जवानों को कोर्ट परिसर की सुरक्षा में लगाया गया था। सुरक्षा को लेकर कोर्ट परिसर में किसी भी कार्यकर्ता या अन्य बाहरी लोगों को प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा था। कोर्ट परिसर में सिर्फ अधिवक्ता, मीडिया और मुकदमे से जुड़े लोगों को ही कोर्ट परिसर में जाने दिया जा रहा था। अपने मुकदमे के लिए आये कई लोगों को भी गेट से ही लौटना पड़ा। कोर्ट के बाहर राजद कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गयी थी। सुरक्षा के लिहाज से कोर्ट के दोनों गेट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे। साथ ही कोर्ट के मेन गेट पर लगने वाले चाय सहित अन्य खाने-पीने की दुकानों को भी नहीं लगने दिया गया था।

विधायक को रोका तो हुई बकझक
राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह और विधायक भोला यादव कोर्ट परिसर में अपने काफिले के साथ सीधे चले आ रहे थे। गेट के पास आते ही पुलिस के जवानों ने रोक दिया। इस पर विधायक और कार्यकर्ता भड़क उठे और काफी हो हंगामा होने लगा। इसके बाद मेन गेट के बाहर तैनात सिटी डीएसपी राजकुमार मेहता ने बातचीत की और दोनों नेताओं को अंदर जाने दिया गया।

तेजस्वी तेजप्रताप नही आए रांची
लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव में कोई भी रांची नही आए थे जबकि इससे पहले 23 दिसम्बर को सुनवाई में तेजस्वी रांची आए थे। कोर्ट ने तेजस्वी को भी अवमानना का नोटिस भेजा है। इस मामले में जब रघुवंश प्रसाद सिंह से पूछा गया कि लालू के पुत्र नहीं आए है तो उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने के कारण फ्लाइट और ट्रेन लेट चल रही हैं। इसी कारण से दोनों नहीं आ सके।

पार्टी की बैठक में रणनीति तय होगी
पत्रकारों से बात करते हुए राजद उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद ने बताया कि पार्टी की बैठक में रणनीति तय की जाएगी। कई बार इस तरह की परिस्थिति को झेल चुके हैं। इस विषम परिस्थिति में पार्टी का जनाधार बढ़ा है। राजद एक परिवार है। पार्टी के सिद्धांत के तहत ही बैठक में चर्चा की जाएगी।

भाजपा करेंगे ध्वस्त
राजद के उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद ने एक सवाल के जबाब में कहा कि बीजेपी का सब किया धरा है। हम लोगों की भाजपा से लड़ाई है। नीतीश से लड़ाई है। जनता एकजुट है। दोनों को सबक सिखायेंगे। सभी गैर भाजपा दलों को एकजुट किया जाएगा। उसके बाद बीजेपी को ध्वस्त कर देगे। राजद मुकाबले को तैयार है। यह जनता की लड़ाई है। हमलोग इन्फैन्ट्री के जवान हैं। झटका लगने से हमारी ताकत बढ़ती है।

मिसाल: ”कोदर्फी” की उत्तराखंडी मिठास से ये युवा दे रहे हैं पलायन को चुनौती

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राज्य बनने के बाद से ही उत्तराखंड के सामने पहाड़ के पानी और जवानी को रोकने की चुनौती मुंह खोलकर खड़ी  है। पलायन को रोकने के सरकारी दावों और कागजी बातों के बीच राज्य के कुछ युवाओं ने भी इससे निपटने को लिये कमर कस ली है।

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ऐसे ही टिहरी के दो युवा रिवर्स पलायन को हकीकत बनाने में लगे हुए हैं। रिवर्स माइग्रेशन में पहली सीढ़ी इन्होंने देवकौश आर्गेनाईजेशन की फ़ूड प्रोसेसिंग का काम स्टार्ट किया जिसमें उन्होंने कोदर्फ़ी (मंडवा बर्फी), तिम्ले का अचार(अंजीर अचार),चूलू(वाईल्ड एप्रिकोट), मशरुम और अन्य पहाड़ी उत्पादों में काम किया जो सभी सफल रहे और आज पूरे देश के कोने-कोने में कोदर्फ़ी और अन्य प्रोड्क्टस की डिमांड है।आपको बतादें कि इस बर्फी में इस्तेमाल होने वाली सभी चीजों की उगाई पहाड़ में हुई है चाहें वह मंडवा हो, सूखे फल हो, मूंगफली हो, घी हो या और कोई भी इंग्रडियेंट हो।

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संदीप सकलानी से टीम न्यूजपोस्ट से हुई बातचीत में कहा कि, ”देवकौश आर्गेनाइजेशन के सभी प्रोडक्ट के इंग्रिडियेंट्स नेचुरल पहाड़ी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बहुत ही सपोर्ट मिला साथ ही इसको प्रमोट भी किया। सीएम रावत ने कोदर्फ़ी को उत्तराखंड की बहुमूल्य स्वीट उत्पाद घोषित किया।”  साथ ही साथ नई टिहरी के नगर पालिका अध्यक्ष उमेश चरण गुसाईं ने भी पूरा सहयोग दिया और प्रमोट किया।

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देवकौश आर्गेनाइजेशन के को-फांउडर संदीप सकलानी, नई टिहरी और कुलदीप रावत, चम्बा को इस काम में टेक्निकल सपोर्ट कृषि विज्ञान केंद्र, रानिचोरी की फ़ूड प्रोसेसिंग साइंटिस्ट कु.कीर्ति कुमारी ने किया है। पिछले 2 साल में गढ़-माटी संगठन जिसकी प्रेसिडेंट रंजना रावत है उनके साथ मिलकर साथ ही 1400 किसानों के साथ कार्य कर रहें है, जिसके तहत 18 महिलाओं और 4 पुरुषों को टिहरी में रोजगार मिला।

kodarfi pic 1उत्तराखंड में उगने वाली फसल कोदे को जिस तरह से इन युवाओं ने पलायन के खिलाफ इस्तेमाल किया है वह वाकई प्रशंसनीय है। संदीप सकलानी, जो की राजस्थान में एक सिविल इंजीनियर थे मूल रूप से टिहरी के निवासी हैं। रिवर्स माइग्रेशन के प्लान से फ़रवरी 2016 वापस उत्तराखंड आये और उन्हें कुलदीप रावत मिले जो की एचएनबी गढ़वाल यूनिर्वसिटी से ग्रेजुएट हैं। एक जैसी सोच होने की वजह से इन दोनों ने साथ काम करने का फैसला किया। इतना ही नहीं उन्होंने नगर पालिका के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इसके जरिये रोजगार दिया।संदीप कहते हैं कि, “आगे देवकौश आर्गेनाइजेशन रिवर्स माइग्रेशन के लिए 2018 के अंत तक 100 लोगों को रोजगार देने का टारगेट है।” संदीप और कुलदीप को उनकी इस पहल के लिए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा ‘हिल-रत्न पुरस्कार’ से भी नवाजा गया है। 26 साल के संदीप सकलानी और 25 साल के कुलदीप रावत ने ना सिर्फ रिवर्स पलायन के रास्ते खोलें हैं बल्कि उत्तराखंड की दम तोड़ती मिठाईयों को एक नई पहचान भी दिलाई है।टीम न्यूजपोस्ट कुलदीप और संदीप को उनकी इस पहल के लिए सलाम करता है और उन्हें आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं देता है।

यहां देखिए किस तरह से इन युवाओं ने पलायन को चुनौती दी हैंः विडियो साभारः सूचना निदेशालय,उत्तराखंड

 

16 करोड़ की वसूली जल संस्थान के लिए बनी चुनौती

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देहरादून, पानी के बकायेदारों से बकाया वसूल करना जल संस्थान के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। महज तीन माह में बकायेदारों से 16 करोड़ रुपये वसूले जाने हैं। पिछले नौ महीनों में जल संस्थान ने सिर्फ 10 करोड़ रुपये ही वसूल कर पाए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि 16 करोड़ रुपये तीन महीने में वसूल करना जल संस्थान के लिए अब टेढ़ी खीर साबित होगा।

हालांकि, सरकार की ओर से इस उम्मीद के साथ जल और सीवर बिल के बकायेदारों को एकमुश्त बकाया जमा करवाने पर सरचार्ज में छूट दी गई है, ताकि अधिकाधिक बकायेदार बिल का भुगतान कर सकें। फिलहाल शहर में इस छूट का कोई खास फायदा देखने को नहीं मिल रहा है। बकायेदार स्वयं जल संस्थान के कार्यालय में बकाया जमा करने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में विभाग को इस छूट के बारे में बताने के लिए शहर में प्रचार-प्रसार करना पड़ रहा है।

एक ओर जहां विभाग सरकार की ओर से सरचार्ज में दी जा रही छूट की घोषणा के बारे में बकायेदारों को लाउडस्पीकर के माध्यम से बताया जा रहा है, वहीं बकाया वसूली के लिए गठित विभाग की 10 टीमें भी बकायेदारों के घर-घर जाकर उन्हें बकाया जमा करने को लेकर जागरूक कर रही हैं।

जल संस्थान के सहायक अभियंता मनीष सेमवाल के अनुसार, “अभी उम्मीद के अनुसार बकाया जमा करवाने के लिए बकायेदार नहीं पहुंच रहे हैं। अभी एकमुश्त बकाया जमा करने पर सरचार्ज में सौ फीसद छूट का लाभ लेने के लिए बकायेदारों के पास 31 जनवरी का समय है। ऐसे में अगले दो-चार दिनों में बकाया जमा करने के लिए आने वाले बकायेदारों की संख्या में इजाफा होने का अनुमान है।”

अधिशासी अभियंता पर हमले में आरोपी एसडीओ निलंबित

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विकासनगर, अधिशासी अभियंता पर हमला करने के मामले में उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिडेट के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा ने आरोपी एसडीओ को निलंबित कर दिया है। मामले को लेकर विभाग की खूब किरकिरी हुई थी, प्रबंधन निदेशक से अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की थी जिस आधार पर यह कार्रवाई की गई। आरोपी एसडीओ ने गुरुवार को विकासनगर कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जहां से उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया।

31 दिसम्बर की रात को डाकपत्थर बैराज में तैनात एसडीओ यशपाल सिंह महर ने पड़ोस में रहने वाले अधिशासी अभियंता मोहम्मद अफजाल का सिर पत्थर से फोड़ दिया था, आरोपी ने पत्थर बरसा कर ईई की कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था।

मामले में पीड़ित ईई ने डाकपत्थर चौकी में आरोपी एसडीओ के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौच, जान से मारने की धमकी और कार तोड़ने के आरोप में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था, तब से आरोपी एसडीओ फरार चल रहा था। पीड़ित ईई ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रबंधक निदेशक ने महाप्रबंधक यमुना वैली से प्रकरण की रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट में आरोपी एसडीओ के निलंबन के साथ ही विभागीय जांच की संस्तुति की गई थी। जिस पर प्रबंधक निदेशक ने आरोपी को निलंबित करने के साथ ही विभागीय जांच पूरी होने तक महाप्रबंधक (भागीरथी) चिल्यालीसौड़ उत्तरकाशी से संबद्ध कर दिया।

जल्द पूरा होगा मसूरी संयुक्त चिकित्सालय का निर्माण कार्य: जोशी

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देहरादून,सचिवालय में मसूरी विधायक गणेश जोशी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव नितेश झा से मुलाकात कर मसूरी के सिविल अस्पताल के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए पुनरीक्षण धनराशि जारी करने की मांग की। सचिव नितेश झा ने विधायक जोशी को आश्वस्त किया है कि छह माह के अन्दर मसूरी के संयुक्त चिकित्सालय का निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया जाऐगा

विधायक जोशी ने स्वास्थ्य सचिव एवं स्वास्थ्य महानिदेशक से मसूरी संयुक्त अस्पताल का दौरा करने को भी कहा। विधायक जोशी ने बताया कि वर्ष 2017 के सितम्बर माह में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मसूरी के शहीद स्थल में घोषणा किया था। सीएम ने कहा था अगले वर्ष सितम्बर तक मसूरी के निर्माणाधीन संयुक्त चिकित्सालय का कार्य पूर्ण कर लिया जाऐगा, लेकिन अभी अधर में है।

जोशी ने कहा कि, “सदन में पूछे गये सवाल के उत्तर में इस चिकित्सालय के निर्माण के लिए 2.78 करोड़ की धनराशि जारी करने के लिए टीएसी कराने की प्रक्रिया का गतिमान होना बताया गया था। मसूरी में पर्यटकों की संख्या अत्यधिक रहती है और मसूरी में पर्यटकों के साथ-साथ रवांई जौनपुर एवं थत्यू़ड़ की तरफ से आने वाले मरीजों को भी मसूरी के अस्पताल का ही फायदा होगा। विधायक जोशी ने स्वास्थ्य सचिव से अस्पताल के निर्माण के लिए पुनरीक्षण धनराशि जारी करने की मांग की।

विधायक जोशी ने बताया कि, “चिकित्सालय में अल्ट्रासाउण्ड मशीन है लेकिन रेडियोलॉजिस्ट ना होने के कारण यह मशीन कोई कार्य नहीं कर पाती और मरीजों को देहरादून के अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।, ना तो कोई डॉक्टर है और ना ही कोई फिजिसियन।”

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव नितेश झा ने विधायक जोशी को आश्वस्त किया है कि छह माह के अन्दर मसूरी के संयुक्त चिकित्सालय का निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया जाऐगा और सप्ताह में चार दिन रेडियोलॉजिस्ट, सप्ताह में दो दिन फिजिसियन एवं एक डॉक्टर की तैनाती पूर्ण समय के लिए की जाऐगी।

सीएमआई के प्रबंध निदेशक ने मसूरी के लिए सप्ताह में दो दिन फिजिसियन भेजे जाने की सहमति दी है। 

चोरी के चार आरोपी गिरफ्तार

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हरिद्वार, चोरी की वारदात कर जनपद में अपराध का वातावरण पैदा करने वाले चार शतिर चोरों के खिलाफ ज्वालापुर पुलिस ने गैंगेस्टर में निरुद्ध किया हैं। आरोपियों को पुलिस ने बैटरी और बाइक चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपियों के खिलाफ कनखल थाने समेत जनपद के कई थानों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि, “चोरी के आरोप में गिरफ्तार शातिर बदमाश विशाल धीमान, सोनू भट्ट , कार्तिक और धर्मवीर, ज्वालापुर के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट में कार्रवाई की गई है। सभी आरोपी पूर्व में कई चोरी की वारदातों में शामिल रहे है।”

वाहन लेकर फरार चालक गिरफ्तार

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हरिद्वार,  मालिक के छोटा हाथी वाहन को लेकर फरार 2500/- रुपये के इनामी आरोपी चालक को थाना ज्वालापुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पूर्व में मुकदमा दर्ज था, पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कोर्ट से वारंट हासिल किया था, आरोपी के कब्जे से वाहन बरामद कर लिया गया है।

ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि, “सुरेंद्र सिंह की तहरीर पर हरिराज के खिलाफ अमानत में खयानत कर छोटा हाथी वाहन ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी हरिराज ने अपने ही मालिक सुरेंद्र के वाहन को लेकर गायब हो गया। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। लेकिन आरोपी का कोई पता नहीं चल पाया।”

एसएसपी कृष्ण कुमार वीके की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी करने के लिये 2500 का इनाम घोषित कर दिया गया। पुलिस आरोपी की धर पकड़ में जुटी थी। इसी दौरान जांच अधिकारी अनिल रावत को आरोपी हरिराज के वाहन संख्या यूके 8 सीए-2018 के चंडीपुल के पास आने की सूचना मिली।

सूचना पर कार्रवाई करते हुये दरोगा अनिल रावत कांस्टेबल फरीद खान और इमरान ने चंडीघाट पर डेरा डाल दिया। जब आरोपी हरिराज वहां से निकला तो पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया तथा वाहन को बरामद कर लिया।