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16 करोड़ की वसूली जल संस्थान के लिए बनी चुनौती

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देहरादून, पानी के बकायेदारों से बकाया वसूल करना जल संस्थान के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। महज तीन माह में बकायेदारों से 16 करोड़ रुपये वसूले जाने हैं। पिछले नौ महीनों में जल संस्थान ने सिर्फ 10 करोड़ रुपये ही वसूल कर पाए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि 16 करोड़ रुपये तीन महीने में वसूल करना जल संस्थान के लिए अब टेढ़ी खीर साबित होगा।

हालांकि, सरकार की ओर से इस उम्मीद के साथ जल और सीवर बिल के बकायेदारों को एकमुश्त बकाया जमा करवाने पर सरचार्ज में छूट दी गई है, ताकि अधिकाधिक बकायेदार बिल का भुगतान कर सकें। फिलहाल शहर में इस छूट का कोई खास फायदा देखने को नहीं मिल रहा है। बकायेदार स्वयं जल संस्थान के कार्यालय में बकाया जमा करने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में विभाग को इस छूट के बारे में बताने के लिए शहर में प्रचार-प्रसार करना पड़ रहा है।

एक ओर जहां विभाग सरकार की ओर से सरचार्ज में दी जा रही छूट की घोषणा के बारे में बकायेदारों को लाउडस्पीकर के माध्यम से बताया जा रहा है, वहीं बकाया वसूली के लिए गठित विभाग की 10 टीमें भी बकायेदारों के घर-घर जाकर उन्हें बकाया जमा करने को लेकर जागरूक कर रही हैं।

जल संस्थान के सहायक अभियंता मनीष सेमवाल के अनुसार, “अभी उम्मीद के अनुसार बकाया जमा करवाने के लिए बकायेदार नहीं पहुंच रहे हैं। अभी एकमुश्त बकाया जमा करने पर सरचार्ज में सौ फीसद छूट का लाभ लेने के लिए बकायेदारों के पास 31 जनवरी का समय है। ऐसे में अगले दो-चार दिनों में बकाया जमा करने के लिए आने वाले बकायेदारों की संख्या में इजाफा होने का अनुमान है।”

अधिशासी अभियंता पर हमले में आरोपी एसडीओ निलंबित

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विकासनगर, अधिशासी अभियंता पर हमला करने के मामले में उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिडेट के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा ने आरोपी एसडीओ को निलंबित कर दिया है। मामले को लेकर विभाग की खूब किरकिरी हुई थी, प्रबंधन निदेशक से अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की थी जिस आधार पर यह कार्रवाई की गई। आरोपी एसडीओ ने गुरुवार को विकासनगर कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जहां से उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया।

31 दिसम्बर की रात को डाकपत्थर बैराज में तैनात एसडीओ यशपाल सिंह महर ने पड़ोस में रहने वाले अधिशासी अभियंता मोहम्मद अफजाल का सिर पत्थर से फोड़ दिया था, आरोपी ने पत्थर बरसा कर ईई की कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था।

मामले में पीड़ित ईई ने डाकपत्थर चौकी में आरोपी एसडीओ के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौच, जान से मारने की धमकी और कार तोड़ने के आरोप में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था, तब से आरोपी एसडीओ फरार चल रहा था। पीड़ित ईई ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रबंधक निदेशक ने महाप्रबंधक यमुना वैली से प्रकरण की रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट में आरोपी एसडीओ के निलंबन के साथ ही विभागीय जांच की संस्तुति की गई थी। जिस पर प्रबंधक निदेशक ने आरोपी को निलंबित करने के साथ ही विभागीय जांच पूरी होने तक महाप्रबंधक (भागीरथी) चिल्यालीसौड़ उत्तरकाशी से संबद्ध कर दिया।

जल्द पूरा होगा मसूरी संयुक्त चिकित्सालय का निर्माण कार्य: जोशी

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देहरादून,सचिवालय में मसूरी विधायक गणेश जोशी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव नितेश झा से मुलाकात कर मसूरी के सिविल अस्पताल के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए पुनरीक्षण धनराशि जारी करने की मांग की। सचिव नितेश झा ने विधायक जोशी को आश्वस्त किया है कि छह माह के अन्दर मसूरी के संयुक्त चिकित्सालय का निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया जाऐगा

विधायक जोशी ने स्वास्थ्य सचिव एवं स्वास्थ्य महानिदेशक से मसूरी संयुक्त अस्पताल का दौरा करने को भी कहा। विधायक जोशी ने बताया कि वर्ष 2017 के सितम्बर माह में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मसूरी के शहीद स्थल में घोषणा किया था। सीएम ने कहा था अगले वर्ष सितम्बर तक मसूरी के निर्माणाधीन संयुक्त चिकित्सालय का कार्य पूर्ण कर लिया जाऐगा, लेकिन अभी अधर में है।

जोशी ने कहा कि, “सदन में पूछे गये सवाल के उत्तर में इस चिकित्सालय के निर्माण के लिए 2.78 करोड़ की धनराशि जारी करने के लिए टीएसी कराने की प्रक्रिया का गतिमान होना बताया गया था। मसूरी में पर्यटकों की संख्या अत्यधिक रहती है और मसूरी में पर्यटकों के साथ-साथ रवांई जौनपुर एवं थत्यू़ड़ की तरफ से आने वाले मरीजों को भी मसूरी के अस्पताल का ही फायदा होगा। विधायक जोशी ने स्वास्थ्य सचिव से अस्पताल के निर्माण के लिए पुनरीक्षण धनराशि जारी करने की मांग की।

विधायक जोशी ने बताया कि, “चिकित्सालय में अल्ट्रासाउण्ड मशीन है लेकिन रेडियोलॉजिस्ट ना होने के कारण यह मशीन कोई कार्य नहीं कर पाती और मरीजों को देहरादून के अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।, ना तो कोई डॉक्टर है और ना ही कोई फिजिसियन।”

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव नितेश झा ने विधायक जोशी को आश्वस्त किया है कि छह माह के अन्दर मसूरी के संयुक्त चिकित्सालय का निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया जाऐगा और सप्ताह में चार दिन रेडियोलॉजिस्ट, सप्ताह में दो दिन फिजिसियन एवं एक डॉक्टर की तैनाती पूर्ण समय के लिए की जाऐगी।

सीएमआई के प्रबंध निदेशक ने मसूरी के लिए सप्ताह में दो दिन फिजिसियन भेजे जाने की सहमति दी है। 

चोरी के चार आरोपी गिरफ्तार

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हरिद्वार, चोरी की वारदात कर जनपद में अपराध का वातावरण पैदा करने वाले चार शतिर चोरों के खिलाफ ज्वालापुर पुलिस ने गैंगेस्टर में निरुद्ध किया हैं। आरोपियों को पुलिस ने बैटरी और बाइक चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपियों के खिलाफ कनखल थाने समेत जनपद के कई थानों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि, “चोरी के आरोप में गिरफ्तार शातिर बदमाश विशाल धीमान, सोनू भट्ट , कार्तिक और धर्मवीर, ज्वालापुर के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट में कार्रवाई की गई है। सभी आरोपी पूर्व में कई चोरी की वारदातों में शामिल रहे है।”

वाहन लेकर फरार चालक गिरफ्तार

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हरिद्वार,  मालिक के छोटा हाथी वाहन को लेकर फरार 2500/- रुपये के इनामी आरोपी चालक को थाना ज्वालापुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पूर्व में मुकदमा दर्ज था, पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कोर्ट से वारंट हासिल किया था, आरोपी के कब्जे से वाहन बरामद कर लिया गया है।

ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि, “सुरेंद्र सिंह की तहरीर पर हरिराज के खिलाफ अमानत में खयानत कर छोटा हाथी वाहन ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी हरिराज ने अपने ही मालिक सुरेंद्र के वाहन को लेकर गायब हो गया। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। लेकिन आरोपी का कोई पता नहीं चल पाया।”

एसएसपी कृष्ण कुमार वीके की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी करने के लिये 2500 का इनाम घोषित कर दिया गया। पुलिस आरोपी की धर पकड़ में जुटी थी। इसी दौरान जांच अधिकारी अनिल रावत को आरोपी हरिराज के वाहन संख्या यूके 8 सीए-2018 के चंडीपुल के पास आने की सूचना मिली।

सूचना पर कार्रवाई करते हुये दरोगा अनिल रावत कांस्टेबल फरीद खान और इमरान ने चंडीघाट पर डेरा डाल दिया। जब आरोपी हरिराज वहां से निकला तो पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया तथा वाहन को बरामद कर लिया।

ठंड से कांपी तीर्थनगरी

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हरिद्वार, पहाड़ों में हो रही बर्फबारी और बारिश ने अब मैदानी इलाकों में भी कहर बरपाना शुरू कर दिया है। कोहरे ओर बर्फीली हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना दूभर कर दिया है। बर्फीली हवाओं के कारण लोगों को बहुत दिक्कत हो रही है। गुरुवार को तीर्थनगरी हरिद्वार में दिन भर आसमान में बादल छाए रहे।

पिछले तीन दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड के बाद गुरुवार को भी ठंड का कहर जारी रहा। इसके बावजूद नगर निगम ने अब तक अलाव की व्यस्था नहीं की है। गुरुवार की सुबह कोहरा छाया रहा। दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लोग ठंड से बचने के लिए घरों में दुबके रहे या फिर अलाव का सहारा लेकर सर्दी से निजात पाने की कोशिश की।

खासकर बुजुर्गों और बच्चों को बहुत परेशानी हो रही है। मौसम का मिजाज देखकर नहीं लगता कि ठंड से जल्द निजात मिलेगी। मौसम विभाग की माने तो 7 जनवरी तक लोगों को कड़ाके की ठंड का ही सामना करना पड़ सकता है।

फिल्म स्टार गोविंदा पहुंचे नीलकंठ महादेव की शरण में

गोविंदा ने ऋषिकेश के नीलकंठ महादेव मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की.गोविंदा ने भगवान महादेव के इस मंदिर में जलाभिषेक भी किया। अभिनेता ने भगवान से अपने परिवार तथा सबके लिए शांति और समृद्धि की प्रार्थना भी की। मंदिर में उपस्थित सूत्रों ने यह जानकारी दी।

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बॉलीवुड के 54 वर्षीय अभिनेता गोविंदा ने हालांकि, प्रशंसकों को उनके साथ तस्वीरें खिंचाने का मौका भी दिया। पिछले कुछ दिनों से गोविंदा उत्तराखंड में हैं और वह गुरुवार को ऋषिकेश और हरिद्वार पहुंचे, सूत्रों का कहना है कि वह उत्तराखंड में कुछ और दिन बिताएंगे।

गोविंदा मंदिर आए लोगों से घिर गए और लोगों ने खूब सेल्फी ली। उनके सुरक्षाकर्मियों को उन्हें मंदिर से कार तक ले जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

यहां देखें विडियोः

बाल भवन में बच्चे सीख रहे हैं फोटोग्राफी और पेटिंग के गुर

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गोपेश्वर। चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर के बाल भवन में बच्चे शीतकालीन अवकाश के दौरान फोटोग्राफी और पेटिंग के गुर सीख रहे हैं।
बाल भवन के निदेशक विनोद रावत ने बताया कि आजकल बच्चों का शीतकालीन अवकाश चल रहा है। इन छुट्टियों में बच्चे कुछ नया सीखें इसके लिए बाल भवन गोपेश्वर में बच्चों को निशुल्क फोटोग्राफी और पेटिंग के गुर सिखाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनके बाल मन के आधार पर चित्र बनाने को दिये जा रहे हैं। बच्चे अपने प्रतिभा के अनुसार चित्र बनाकर उनमें रंग उकेर रहे हैं। जिसे बाद में पेटिंग व फोटोग्राफी के टीचर बता रहे है कि कहां पर किस प्रकार की चित्रकारी व फोटोग्राफी की जानी है ताकि बच्चों ने जो चित्र बनाये है उनमें स्वयं कमियां खोज कर ठीक कर सके और अपनी प्रतिभा को निखार सकें।

एनएसएस छात्राओं ने निकाली स्वच्छता रैली

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ऋषिकेश। ऋषिकेश महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्रा इकाई ने सात दिवसीय शिविर के चौथे दिन कैंप स्थल कोविलूर वेदांत मठ से चन्द्रेश्वर महादेव मंदिर तक स्वच्छता रैली निकाली।
इस दौरान क्षेत्रवासियों को शिविरार्थियों ने स्वच्छता का संदेश देकर अपने घरों को साफ और स्वच्छ रखने के साथ बीमारियों से बचने के लिए घरों के आसपास के क्षेत्र को भी साफ रखने की अपील की। बाद में मन्दिर परिसर में छात्राओं द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया। इससे पूर्व गुरुवार सुबह राष्ट्रीय सेवायोजना अधिकारी डॉ अंजु भट्ट व कार्यक्रम अधिकारी डॉ रूबी तब्बसुम के दिशा-निर्देशन में तमाम शिविरार्थियों ने मलिन बस्ती चन्द्रेश्वर नगर में स्वच्छता रैली निकाल लोगों जागरूक किया। इस मौके पर डॉ सतेंद्र कुमार, डॉ अशोक नेगी, डॉ अनिल, डॉ दयाधर दीक्षित आदि मौजूद रहे।

दून की सड़कों पर ई-रिक्शा चलाने वाली पहली महिला बनी गुलिस्तां

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देहरादून। नारी शक्ति जो ठान ले उसे कर गुजरने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देती है। ऐसी एक मिसाल राजधानी दून के इंदर रोड नई बस्ती निवासी 25 साल की गुलिस्तां अंसारी ने पेश की है। गुलिस्तां जब सड़कों पर रिक्शा लेकर निकली तो ऐसी नजर नहीं थी जो उनको बिना देखे रह पाई हो। परिवार की जिम्मेदारियां और पिता की मृत्यु ने गुलिस्तां के हाथ में रिक्शा थामा दिया और दून की पहली ई-रिक्शा महिला चालक बनने का गौरव हासिल किया।

 गुलिस्तां ने टीम न्यूजपोस्ट से बातचीत में बताया कि ”वह ई-रिक्शा से रोजाना करीब 500 रुपये कमाती हैं। इससे माह में 2500 की बैंक किस्त भी निकालती है। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि पहले वह एक दवाई कम्पनी में काम करती थीं। लेकिन वहां वेतन कम होने के कारण गुजारा करना मुश्किल हो जाता था। जिसके बाद उन्होंने स्वरोजगार की राह चुनी। और ई रिक्शा चलाना शुरु कर दिया। उन्होंने बताया कि चालक के रुप में बीते 20 दिन के तजुर्बे से वह खुश हैं। वे स्वरोजगार की दिशा में काम कर रहे लोगों को बैंक से मिलने वाले पैसे पर छूट की पक्षधर हैं। उन्हें पुरुष रिक्शा चालकों से भी सहयोग मिला। साथ ही महिला और लड़कियां उनकी ई रिक्शा से चलना काफी पसंद करती है और अपने को बहुत सेफ भी महसूस करती हैं।”

गुलिस्ता ने बताया कि उनके पिता की वर्ष 2007 में मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद उनकी मां ने मजदूरी कर परिवार पाला, बहनों की शादी की। अब मां बूढ़ी हो गई हैं। छह बहनों में सबसे छोटी गुलिस्तां ने घर का बेटा बनने की ठानी। गुलिस्तां सिर्फ पांचवीं कक्षा तक पढ़ी हैं, लेकिन उन्होंने पुरुष प्रधान समाज के सभी दायरों को तोड़ते हुए स्वरोजगार एवं नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में ठोस कदम उठाया है। उन्होंने मेहनत करना अपनी मां से सीखा है। उन्होंने बैंक से लोन लेकर ई रिक्शा खरीदा और फिर बेधड़क रूट पर निकल पड़ीं।

गुलिस्ता ना केवल अपने परिवार के लिए बल्कि उन जैसी हजारों महिलाओं के लिए एक मिसाल हैं जो अपने पैरों पर खड़े होकर अपने परिवार का पालन-पोषण करना चाहती हैं।टीम न्यूजपोस्ट गुलिस्ता और उनके जैसे और भी महिलाओं के जज्बें को सलाम करता है।