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महानदी गंगा की सहायक कोसी के पुनर्जन्म के कार्य तेज

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रानीखेत। महानदी गंगा की सहायक कोसी नदी के पुनर्जन्म के लिए आखिरकार भगीरथ प्रयास तेज हो गए हैं। पिछले ढाई दशक से शोध में जुटे भौगोलिक सूचना विज्ञान केंद्र के निदेशक प्रो. जीवन सिंह रावत की अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर चिह्नित सभी 14 रिचार्ज जोन के संरक्षण को कदम बढ़ा लिए गए हैं। शुरुआत गैरहिमानी नदी के 46.75 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैले प्रमुख रिचार्ज जोन स्याही देवी से कर दी गई है।

दरअसल कोसी नदी के पुनर्जन्म के लिए स्याही देवी को प्रमुख रिचार्ज जोन माना गया है। वजह यहां से निकलने वाले दिग्गी गधेरा पहला व दूसरा, डासी, लिमिरौ, भैसिरौ, ऐड़िरौ, चिलमिया गधेरा सदानीरा कोसी नदी को जल की भरपूर खुराक देते आए हैं। वर्तमान में इनके खुद का वजूद संकट में है। चूंकि ये गधेरे करीब 1800 मीटर की ऊंचाई से निकलते हैं। प्रो. रावत के अनुसार इन्हें रिचार्ज करने के लिए सभी जैविक और यांत्रिक उपचार 1800 मीटर से अधिक ऊंचाई पर ही करने होंगे। इसी समीकरण को आधार बना प्रशासन ने वन विभाग, खंड विकास कार्यालय, वन पंचायत तथा ग्रामीणों को साथ लेकर नई पहल शुरू की है। स्याही देवी क्षेत्र के बिराड़ी गधेरे से पहले चरण में पौधरोपण का कार्य शुरू कर दिया गया है, जो भविष्य में स्याही देवी के 46.75 वर्ग किमी में गधेरों के स्रोत से ऊंचाई वाले स्थानों पर जारी रहेगा। इस कार्य को वृहद अभियान चलाकर शुरू किया जाएगा। 

गढ़वाली,कुमाऊंनी व जौनसारी में ट्रैफिक जागरुकता के लिए जारी होगा संदेश

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अब राज्य की सड़कों पर अगर आप ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिये गढ़वाली या कुमाउंनी में संदेश सुने तो हैरानी न करें। मंगलवार को डीजीपी अनिल के रतूड़ी, ने राज्य की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कहा कि ”फिलहाल यातायात व्यवस्था बेहतर बनाना पुलिस का मुख्य कार्य हो गया है क्योंकि जनता इससे ज्यादा प्रभावित है।जेसे कि उत्तराखण्ड राज्य पर्यटन प्रधान राज्य है और अधिक से अधिक संख्या में लोगों का आगमन यहाँ हो रहा है जिससे सड़कों पर भी यातायात का दबाव बढ़ रहा है । हमें अपने सीमित संसाधनों का प्रयोग करके जनता के हित में कार्य करना है।”

इस बैठक में कुछ खास बिन्दुओं पर विचार-विमर्श किया गयाः-

  • दुर्घटना सम्भावित/बोटल नेक/ब्लैक स्पॉट स्थानों का चिन्हीकरण कर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु चेतावनी बोर्ड लगाये जायेंगे।
  • हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर में 100-100 तथा जनपद पौड़ी एवं टिहरी में 30-30 यातायात कर्मियों की नियुक्ति होगी।
  • सड़कों पर अतिक्रमण के खिलाफ 133 सीआरपीसी के अन्तर्गत कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
  • समस्त जनपदों में नये पार्किंग स्थल विकसित किये जाने का निर्णय लिया गया।
  • सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों जैसे ड्रंकन ड्राईविंग, रेड लाईट जम्पिंग, ओवर स्पीड, ओवर लोड़िंग, रैश ड्राईविंग, एवं मालवाहक वाहनों में सवारी बैठाना में  शत-प्रतिशत डीएल निरस्तीकरण की कार्यवाही करने हेतु भी निर्देशित किया गया।
  • पार्किंग स्थलों, बाईपास, फ्लाईओवर के निर्माण एवं सड़कों के सुधारीकरण हेतु अन्य सम्बन्धित विभागों एम0डी0डी0ए0,पी0डब्लू0डी0,एन0एच0आई0ए0 आदि से समन्वय स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है।
  • प्रधानमंत्री भारत सरकार के निर्देशनुसार यातायात जागरुकता हेतु प्रदेश की स्थानीय बोलियों (गढ़वाली,कुमाऊंनी व जौनसारी) में यातायात जागरुकता संदेश सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचारित-प्रसारित करने हेतु भी निर्देशित किया गया।

बैठक में एडीजी अशोक कुमार, एडीजी राम सिंह मीणा, समेत तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। केवल खुराना निदेशक ट्रैफिक पुलिस ने न्यूज़पोस्ट टीम से बातचीत में बताया कि, ‘आने वाले 16 जनवरी से हम पूरे प्रदेश में 5 भाषा यानि की हिंदी,अंग्रेजी,गढ़वाली,कुमाऊंनी और जौनसारी में ट्रैफिक से सभी संदेश चाहें वह रुट डायवर्ट हो या कोई भी ट्रैफिक से संबंधित बात हो उसे प्रदेश की पांच भाषाओं में अपने फेसबुक पेज और बाकी सोशल मीडिया के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएंगें।इसके तहत यातायात पुलिस डिपार्टमेंट ऑडियो क्लीप भी इन पांच भाषाओं में बनाएगा।”

वहीं दूसरी तरफ सोच संस्था के फाउंडिंग सदस्य दीप नेगी जो प्रदेश की भाषा के अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं उनका कहना हैं कि यह वाकई एक सराहनीय पहल है जिसके चलते हमारी भाषा को ना केवल नई पहचान मिलेगी बल्कि धीरे-धीरे दूसरे विभागों में भी इसे महत्ता मिलेगी।

 

कांग्रेस संवेदनहीन, मृत्यु पर कर रही राजनीति : भाजपा

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देहरादून। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने ट्रांसपोर्टर प्रकाश पाण्डेय की मृत्यु पर कांग्रेस के बयानों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस व कांग्रेस नेता पूरी तरह से संवेदनहीन हैं। वे किसी की मृत्यु पर भी राजनीति करने लगते हैं। यह मौका राजनीति करने का नहीं है।

बुधवार को एक बयान में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने प्रकाश पांडेय के निधन पर कांग्रेस नेताओं के बयानों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि यह कांग्रेस नेताओं की छोटी मानसिकता का परिचायक है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रकाश पाण्डेय की मृत्यु को हत्या कहे जाने की भर्त्सना करते हुए कहा कि यह कांग्रेस की जनता को गुमराह करने की कोशिश है। लेकिन जनता सब जानती है।
अजय भट्ट ने प्रकाश पांडेय की मृत्यु के घटना क्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे कई सवाल हैं जिनका उत्तर मिलना जरूरी है। उन्होंने सवाल किया कि प्रकाश पांडेय के भाजपा कार्यालय आने से पूर्व उनके बयान का जो वीडियो सामने आया वह किसने बनाया, क्या कोई व्यक्ति उस समय उनके साथ था, वीडियो में पांडेय ने वीरेन्द्र नामक जिस व्यक्ति का नाम लिया वह कौन है। भट्ट ने यह सवाल भी उठाया कि इस वीडियो को बनाये जाने के समय यदि प्रकाश पांडेय ने जहर खा लिया था तो उन्हें अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया, साथ ही उनके भाजपा कार्यालय आने का पूरा घटना क्रम क्या था। उन्होंने कहा कि सवाल यह भी है इस वीडियो को किसने सबसे पहले वायरल किया।
भट्ट ने कहा कि पाण्डे जिंदा दिल इंसान थे । फिर ऐसा क्या हो गया कि उन्होंने इतना बड़ा फैसला ले लिया? साथ ही जीएसटी भी काफी कम हो गई थी ।पहले जहां 9 प्रतिशत कर लगता था वह घटा कर 5 प्रतिशत किया जा चुका था। ये सारे सवाल स्वयं में महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री द्वारा इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के जो आदेश दिए हैं उनसे मामले का खुलासा हो जायेगा। भट्ट ने कहा कि इस मामले को जो लोग सरकार को दोषी ठहराने के प्रयास कर रहे हैं वे जनता का ध्यान इन तथ्यों से हटाना चाहते हैं कि जैसे ही पांडेय द्वारा जहर खा लेने की बात सामने आई उन्हें मंत्री के वाहन से तुरंत अस्पताल ले जाया गया और उसके बाद हर सम्भव उपचार कराया गया। मुख्यमंत्री के ओएसडी दिन रात अस्पताल में रहे। भट्ट ने कहा कि हत्या तो कांग्रेस सरकार के समय 2014 में रामनगर डिग्री कालेज के छात्र नेता रोहित की हुई थी जो आग में जलता रहा पर उसकी कोई मदद नहीं की गई। भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड में हमने अपना एक होनहार साथी खोया है और कांग्रेस उस पर राजनीति की रोटियां सेक रही है। इससे अधिक निम्न स्तर की बात और क्या हो सकती है।

केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का दस दिन में डीपीआर करें तैयार: मुख्य सचिव

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देहरादून। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यो को लेकर संबंधित विभाग को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कपाट खुलने से पहले वहां सभी कार्य पूरी कर ले। साथ ही कहा कि संबंधित विभाग डिजाइन के अनुसार डीपीआर 10 दिन में तैयार कर ले।
बुधवार को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण के मास्टर प्लान की समीक्षा की। इस दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश देते हुए कहा कि केदारनाथ पुनर्निर्माण के कार्य में लगे सभी संबंधित विभाग डिजाइन के अनुसार डीपीआर 10 दिन में बना ले। उन्होंने कहा कि हर हाल में फरवरी के पहले हफ्ते में कार्य शुरू हो जाना चाहिए। कहा कि सभी कार्य कपाट खुलने के पहले हो जाने चाहिए। ताकि यात्रियों को असुविधा का समाना न करना पड़ेग।
उन्होंने कहा कि तत्काल महत्व के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर फरवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। दीर्घकालीन योजना के कार्य चलते रहेंगे।
बताया गया कि केदारनाथ में पहली बार बर्फ पड़ने के बावजूद भी दिसम्बर व जनवरी के महीने में भी निर्माण कार्य जारी रखा गया। इस समय 50 फीट चैड़ी सड़क का निर्माण मंदिर तक किया जा रहा है। बाढ़ सुरक्षा दीवार और घाट निर्माण का कार्य चल रहा है। सड़क के दोनों ओर 10-10 फीट की जगह खाली रखी गयी है। इस बफर जोन में यूटिलिटी डक्ट और ड्रेन बनाया जाएगा। यूटिलिटी डक्ट के अंदर ही पेयजल की पाइप लाइन होगी।
सिवरेज और स्टॉर्म वाॅटर के लिए अलग डक्ट बनाया जाएगा। पाइपलाइन को जमीन के 01 मीटर नीचे मिट्टी के बीच में लगाया जाएगा, जिससे कि पानी बर्फ से जम न जाये। पानी सप्लाई के लिए जलाशय बनाया जाएगा। ग्रेविटी के जरिए सप्लाई की जाएगी। मंदिर के दोनों ओर जगह खाली रखी जायेगी। दर्शनार्थियों की प्रतीक्षा के लिए अलग स्थान सुरक्षित रखा जाएगा। इसके अलावा सरस्वती और मंदाकिनी घाट के ऊपर चेंजिंग रूम, लाकर, टॉयलेट बनाये जायेंगे। दिव्यांग दर्शनार्थियों के लिए रैंप बनाये जाएंगे। केदारपुरी से दूर एसटीपी, बायो डाइजेस्टर बनाया जाएगा।
केदारनाथपुरी को दिव्य और भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए विशेषज्ञों, संस्थानों से अध्ययन कराने के बाद डिजाइन के अनुसार मास्टर प्लान तैयार किया गया है। चरणबद्ध रूप से प्लान को लागू किया जा रहा है। बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई आनंद बर्धन, मंडलायुक्त गढ़वाल दिलीप जावलकर, सचिव ऊर्जा राधिका झा, सचिव पेयजल अरविंद सिंह ह्यांकी, अपर सचिव ऊर्जा जे.पी.जोशी, डीएम रुद्रप्रयाग मंगेश घिल्डियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

‘मुक्काबाज’ की टीम ने किया फिल्म का प्रमोशन

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नई दिल्ली, फिल्मकार अनुराग कश्यप की कुश्ती पर आधारित फिल्म ‘मुक्काबाज’ की टीम ने होटल ललित में रिलीज से पहले अपनी फिल्म का प्रमोशन किया। फिल्म के प्रमोशन के दौरान अनुराग कश्यप,फिल्म के एक्टर विनीत कुमार, रवि किशन एवं इसमें लीड रोल निभा रही जोया हुसैन भी मौजूद थीं।

मीडिया के साथ बातचीत करते हुए अनुराग कश्यप ने अपनी आगामी फिल्म के बारे में कहा, हमें केवल खेलों की ही सराहना नहीं करनी चाहिए, बल्कि खेल के प्रति खिलाड़ियों की संघर्षपूर्ण यात्रा पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए। ‘मुक्काबाज़’ इसी थीम को लेकर बनी फिल्म है। यह एक वास्तविक फिल्म है, जो इस देश के हर मुक्केबाज के जीवन का जीवंत प्रदर्शन करेगा। ‘मुक्काबाज़’ कोई गैर सरकारी संगठन या चैरिटी द्वारा निर्मित फिल्म नहीं है।

अभिनेता विनीत ने कहा, यह फिल्म भावनाओं से लैस है। यह हर एक खिलाड़ी के लिए एक सपना है, जो मेरे लिए सच हुआ। मुझे इस परियोजना का हिस्सा बनने पर बेहद गर्व है| इसके लिए मैं अनुराग कश्यप का शुक्रगुजार हूं। अनुराग को फिल्म के लिए बॉक्सिंग चैंपियन विजेंदर सिंह जैसा कलाकार चाहिए था। उस किरदार को सही साबित करने के लिए मैं पंजाब चला गया और वहां प्रशिक्षण लिया। यह वास्तव में एक अद्भुत अनुभव था। वाकई में ‘मुक्काबाज़’ पूरी तरह से एक नेचुरल फिल्म है, लेकिन इसमें खेल को लेकर सियासत की कहानी भी है।

जहां तक फिल्म की कहानी की बात है, तो इसमें उत्तर प्रदेश में खेलों को लेकर सियासत का तानाबाना बुना गया है| इस तानेबाने में फिल्म के एक्टर विनीत फंसते हैं। फिल्म में विनीत पहलवान का किरदार निभा रहे हैं, जिसे ब्राह्मण लड़की से प्यार हो जाता है, लेकिन जैसे ही लड़की के चाचा (जिम्मी शेरगिल) को इस बात की खबर मिलती है, वैसे ही वह विनीत को बर्बाद करने की सोचता है।

उल्लेखनीय है कि फिल्म में जिम्मी राज्य मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष का रोल निभा रहे हैं और इस तरह वह अपनी पोजिशन का इस्तेमाल करके विनीत के करियर को बर्बाद करने का तय करते हैं। फैंटम फिल्म्स और कलर येलो प्रोडक्शंस के बैनर के तहत निर्मित ‘मुक्काबाज़’ 12 जनवरी को रिलीज होगी।

उत्तराखंड शासन में अफसरों के विभागों में फेरबदल और ट्रांसफर जारी

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शासन ने 20 अधिकारियों को किया इधर से उधरप्रदेश में लगातार अफसरों के विभागों में फेरबदल और उनका ट्रांसफर जारी है। एकबार फिर शासन ने 20 पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं।शासन ने

  • विनोद गोस्वामी को मुख्य विकास अधिकारी चमोली से हटाकर अपर निदेशक शहरी विकास उत्तराखंड, देहरादून एवम अपरजिलाधिकारी प्रोटोकॉल देहरादून कापदभार दिया है।
  • चंदन सिंह डोभाल को डिप्टी कलेक्टर चमोली से हटाकर अधिशासी निदेशक राज्य पुलिस एवं संरक्षण प्रशिक्षण संस्थान अल्मोड़ा दिया गया है।
  • मुक्ता मिश्रा को डिप्टी कलेक्टर रुद्रप्रयाग से हटाकर प्रभारी सचिव सूचना आयोग देहरादून में तैनात कर दिया गया है।
  • फिंचा राम को डिप्टी कलेक्टर अल्मोड़ा से हटाकर डिप्टी कलेक्टर टिहरी भेज दिया गया है ।
  • योगेंद्र सिंह डिप्टी कलेक्टर चमोली से हटाकर डिप्टी कलेक्टर टिहरी किया गया है ।
  • पूरन सिंह को डिप्टी कलेक्टर उधम सिंह नगर से हटाकर डिप्टी कलेक्टर उत्तरकाशी भेजा गया है।
  • सुंदरलाल सेमवाल को महाप्रबंधक उत्तराखंड राज्य औद्योगिक विकास निगम डिप्टी कलेक्टर पिथौरागढ़ भेज दिया गया है।
  • शैलेंद्र नेगी को डिप्टी कलेक्टर उत्तरकाशी से हटाकर संयुक्त सचिव देहरादून मसूरी विकास प्राधिकरण का जिम्मा सौंपा गया है।
  • वहीं शिवकुमार को रेल विकास निगमसे हटाकर वेटिंग पर रखा गया है ।
  • शीश कुमार को सचिव जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण नैनीताल से डिप्टी कलेक्टर चमोली रखा गया है ।
  • हरवीर सिंह को अपर जिलाधिकारी प्रशासन नैनीताल के साथ सचिव जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण नैनीताल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है ।
  • झरना कमठान को प्रभारी सचिव सूचना आयोग से हटाकर महाप्रबंधक उत्तराखंड राज्य औद्योगिक विकास निगम सिडकुल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
  • चंद्र सिंह मर्तोलिया को सिटी मजिस्ट्रेट देहरादून से हटाकर कलेक्टर चमोली भेज दिया गया है।
  • कृष्ण नाथ गोस्वामी डिप्टी कलेक्टर चमोली से हटाकर डिप्टी कलेक्टर पिथौरागढ़ भेज दिया गया है।सोहन सिंह सैनी को डिप्टी कलेक्टर पौड़ी से हटाकर डिप्टी कलेक्टर पिथौरागढ़ भेज दिया गया है ।
  • अर्चना गहरवार को अपर आयुक्त आबकारी से हटाकर सचिव उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड भेज दिया गया है।
  • सोनिया पंत को प्रभारी उपायुक्त राजस्व परिसद से हटाकर अपर आयुक्त आबकारी देहरादून का पदभार दिया गया है।
  • एनएस डांगी को सचिव उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से हटाकर फिलहाल प्रतीक्षारत रखा गया है ।
  • विप्रा त्रिवेदी के पदभार में वृद्धि करते हुए स्टाफ ऑफिसर अध्यक्ष राजस्व परिषद का एवं सचिव दून घाटी विशेष क्षेत्र प्राधिकरण का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
  • साथ ही गिरीश चंद्र गुणवंत को सचिव दून घाटी विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण से हटाकर मुख्य विकास अधिकारी चमोली कर दिया गया है।

आपको बतादें बीती 3 जनवरी को उत्तराखंड शासन ने कई आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया था।

उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत की जाएंगी उद्यमी महिलाएं

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गोपेश्वर, जिला सभागार में आयोजित जिला उद्योग मित्र समिति की बैठक में हथकरघा, हस्तशिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला स्तरीय उद्यमियों का पुरस्कार के लिए चयन किया गया। हथकरघा के क्षेत्र में ग्राम बौला निवासी रुकमणी देवी को प्रथम तथा गमशाली निवासी पार्वती देवी को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

हस्तशिल्प में बेहतरीन खोली निर्माण के लिए ग्राम दुबातोली निवासी दर्शन लाल को प्रथम एवं कालीन डिजाइन के लिए ग्राम छिनका निवासी सुशीला देवी को द्वितीय, जिला स्तरीय लघु उद्योग पुरस्कार के लिए फूड फैक्टरी जयकंडी कालेश्वर की अर्चना डिमरी को कैक, पेस्ट्री, बंद, फैन आदि उत्पाद के लिए प्रथम एवं भीमतला के वीरेंद्र सिंह राणा को बक्सा, अलमारी, सूप आदि के निर्माण हेतु द्वितीय पुरस्कार के लिए चयन किया गया। चयनित सभी पुरस्कार विजेताओं को प्रथम पुरस्कार के तहत छह हजार तथा द्वितीय पुरस्कार के तहत चार हजार की धनराशि जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से 30 जनवरी को प्रदान की जाएगी।

यूकेडी ने किया जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन

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देहरादून, उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने सरकारी विभागों में कार्यरत उपनल कर्मचारियों के पक्ष में देहरादून जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। यूकेडी ने उपनल कर्मचारियों की समान वेतन समान कार्य, सुरक्षित भविष्य सहित तमाम मांगों को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यूकेडी महानगर अध्यक्ष संजय छेत्री के नेतृत्व में यूकेडी कार्यकर्ताओं ने अपर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी भेजा।

यूकेडी महानगर अध्यक्ष संजय छेत्री ने कहा कि, “उपनल कर्मचारी अपने भविष्य की सुरक्षा तथा समान कार्य, समान वेतन की मांग को लेकर कई वर्षों से आंदोलनरत हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय दलों द्वारा केवल उपनल कर्मचारियों को गुमराह करके उनके वोटों का दोहन किया जाता है और सत्ता पाते ही राष्ट्रीय दलों के नेता उपनल कर्मचारियों के सारे दुख दर्द भूल जाते हैं।”

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल का साफ मानना है कि उपनल कर्मचारी कम वेतन पर भी काम करके पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने में सहायक साबित हुए हैं। लेकिन सरकार द्वारा लगातार पलायन रोकने के झूठे दावे किए जाने के बावजूद उपनल कर्मचारियों को पारितोषिक देने के बजाय उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।

संजय ने कहा कि, “लगभग छह से आठ हजार प्रतिमाह पर वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे गरीब कर्मचारियों पर हमेशा अचानक सेवाएं समाप्त किए जाने का खतरा मंडराता रहता है। जहां राजकीय कर्मचारियों से आठ घंटे काम लिया जाता है तो प्रदेश के राजकीय विभागों, सार्वजनिक निगमों, उपक्रमों, निकायों, जल संस्थान, जिला पंचायत, विकास प्राधिकरण तथा केंद्र पोषित परियोजनाओं में अपनी सेवाएं दे रहे उपनल कर्मचारियों से 12 घंटे तक कार्य लिया जाता है। इन कर्मचारियों के भविष्य के लिए सरकार द्वारा कोई नियमावली नहीं बनाई गई है।”

संजय ने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। उत्तराखंड क्रांति दल प्रदेश में बेरोजगारों की लड़ाई लड़ने तथा पलायन को रोकने के अपने फैसले पर अटल है। राज्य में उपनल कर्मचारियों के रूप में कार्य कर रहे 24 हजार युवाओं के रोजगार पर यदि शीघ्र उचित फैसला नहीं लिया गया तो उत्तराखंड क्रांति दल उपनल कर्मचारियों की लड़ाई लड़ेगा।

कोतवाल ने जारी किया फरमान,दलाल हो जाओ सावधान

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रुद्रपुर। अगर आप पीडि़त है तो बजाय किसी को साथ ले जाने के आप खुद ही कोतवाली अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। अगर आप ऐसा करेंगे तो यकीन मानिए कि पुलिस आपकी ज्यादा सुनेगी। फिलहाल कोतवाली में दलालों की एंट्री पूरी तरह से बैन कर दी गई है। कोतवाली में अब दलालों का दखल नए कोतवाल कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।

खटीमा, पौढ़ी और देहरादून में बेहतरीन काम करने के बाद रुद्रपुर कोतवाली का जिम्मेदारी उठाने आए कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट ने दलालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अब कोई भी दलाल कोतवाली में नजर आया तो उसकी खैर नहीं। मित्र पुलिसिंग की पैरवी करने वाले नए कोतवाल ने कहा कि जनता को यदि कोई समस्या है तो वह स्वंय कोतवाली में आये ।  पीडि़त को न्याय दिलाने के लिए कोतवाली पुलिस अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाएगी। जनता ऐसे लोगों से बचे जो  यह दावा करते है कि उनकी कोतवाली में सेटिंग हैं और वह सारा काम करा देंगे। उन्होंने कहा कि मोबाइल शोरूम में हुई चोरी पुलिस की प्राथमिकता है। मामला केंद्र सरकारों के बीच अटका है। हम चोरों को ट्रेस कर चुके है। केंद्र की हरी झंडी मिलते ही चोर सलाखों के पीछे होंगे। इसके अलावा शहर में बढ़ती बाइक चोरी को रोकने और खुलासा करने के लिए नई रणनीति के तहत काम किया जाएगा।

ट्रांजिट कैंप में शराब के अवैध कारोबारियों पर कसेगी नकेल

ट्रांजिट कैंप थाने का प्रभार संभालने के बाद नए थानाध्यक्ष जीबी जोशी पहले ही अपने क्षेत्र का फीड बैक ले चुके है। गढ़वाल, पिथौरागढ़, नैनीताल रेंज, एसओजी, एसओटीएफ, मानव वध सेल और एनएच घोटाले में अहम काम करने वाले जीबी जोशी के निशाने पर ट्रांजिट कैंप थानाक्षेत्र के शराब के अवैध कारोबारी है। ऐसे जो कच्ची शराब बेचते है। 97 बैच के जीबी जोशी का कहना है कि पुलिस सड़क पर और उनका काम है कि जनता आराम करे। शराब के अवैध कारोबार के साथ उनकी निगाह गलियों में फलफूल रहे सट्टा बाजार पर भी है।

आवारा घोड़े लोगों के लिए बने परेशानी के सबब

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ऋषिकेश, ग्रामीण क्षेत्र श्यामपुर न्यायपंचायत के किसान जंगली जानवरों के आतंक से परेशान हैं। दूसरी ओर किसानों के सामने अब एक नई समस्या खड़ी हो गयी है। ग्रामीण क्षेत्र श्यामपुर खदरी भल्ला फार्म के किसानों का चैन आवारा घोड़ों ने छीन लिया है। वह लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं।

कई आवारा घोड़े किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं और साथ ही साथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर दौड़ते ये आवारा घोड़े परेशानी का कारण बन रहे हैं। परेशान किसानों ने श्यामपुर चौकी प्रभारी संदीप कुमार को इस आशय की सूचना देते हुए प्रशासन से आवारा घोड़ों पर लगाम के प्रबन्ध की गुहार लगाई है।

सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जुगलान ने बताया कि, “आवारा घोड़े न केवल फसल बर्बाद कर रहे हैं बल्कि इनके कारण राष्ट्रीय राज मार्ग पर यातायात भी बाधित हो रहा है कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। प्रशासन को चाहिए कि आवारा घूम रहे इन घोड़ों को कहीं जंगल में स्थानांतरित कर शीघ्र ही समस्या का निराकरण किया जाए।”

चौकी प्रभारी से मिलने गए किसानों में सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जुगलान,मण्डी समिति के पूर्व अध्यक्ष जय सिंह रावत,श्यामपुर क्षेत्र पंचायत सदस्य कोमल नेगी, महावीर प्रसाद उपाध्याय आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए।