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हाथी की मौत से हड़कम्प

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कालाढूंगी- रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज के कालीगाढ़ बीट में एक हाथी का शव मिला। सूचना पर वन विभाग के कर्मचारी पहुंचे। लेकिन घटना स्थल पर कोई भी वन विभाग का अधिकारी मौजूद नहीं था। वही हाथी की मौत के कारणों का कोई पता नहीं चल पाया है।

जानकारी के अनुसार बुधवार की रात गश्त के दौरान रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज के कालीगाढ़ बीट में एक नर हाथी का शव मिला। इस दौरान किसी ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर हाथी के शव को कब्जे में ले लिया। हाथी की उम्र लगभग 5 6 वर्ष की बताई जा रही है। वही इस घटनाक्रम के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके से रहे नदारद रहे। बताया जा रहा है कि वन विभाग फतेहपुर रेंज में रात्रि गश्त के दौरान नर हाथी का शव मिला था।

जेल भेजों या फिर भेजो प्रेमी के साथ

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रुद्रपुर- पहली पत्नी को छोड़ा, दूसरी को कहीं से लेकर आया और बेच दिया। इसके बाद आरोपी ने अपने से आधी से कम्र उम्र की नाबालिग लड़की को प्रेम जाल में फांस लिया और एक दिन मौका देखकर लड़की को लेकर फरार हो गया। सब्जी बेचने वाला गरीब पिता फरियाद लेकर पुलिस के पास पहुंचा। इसके बाद पुलिस आरोपी और लड़की की तलाश में जुट गई। तलाश में जुटी पुलिस उत्तर प्रदेश जा पहुंची और लड़की को सकुशल बरामद कर लिया। हालांकि आरोपी युवक पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गया।

मूलरूप से बरेली का रहने वाला एक व्यक्ति यहां ठाकुर कालोनी में अपनी पत्नी व परिवार के साथ रहता है। बच्चों का पेट भरने के लिए वह सब्जी की फेरी लगाता है। उक्त परिवार में एक चौदह साल की बेटी भी है। बताया जाता है कि कुछ समय पहले बरेली के परउरिया सूरज निवासी जुगल किशोर नौकरी का बहाना लेकर पड़ोस में रहने आया और जल्द ही जुगल ने पड़ोसी के घर में पैठ बना ली। घर खर्च चलाने के लिए चौदह वर्षीय बेटी मां व पिता दोनों दिन में काम पर चले जाते थे और इसका फायदा उठाते हुए जुगल ने किशोरी पर डोरे डालने शुरू कर दिए। इसमें वह कामयाब भी हो गया। पीडि़त परिवार ने बताया कि बीती 16 नंवबर को घर पर कोई नहीं था और इसी बीच जुगल किशोरी को लेकर फरार हो गया। हालांकि पांच दिन के भीतर ही परिजनों ने अपनी लड़की बरामद कर ली, लेकिन 23 नवंबर को जुगल एक बार फिर हरकत में आया और किशोरी ले भागा। अबकी वह किशोरी को सीधे अपने गांव बरेली ले गया। इधर, गरीब परिवार फरियाद लेकर ट्रांजिट कैंप पुलिस के पास पहुंचा। तलाश में जुटी पुलिस को जल्द ही लड़की का सुराग लग गया और उसे बरामद भी कर लिया, लेकिन जुगल पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। पीडि़त परिवार ने बताया कि आरोपी जुगल की उम्र करीब 35 साल है और वह शादीशुदा है। पहली पत्नी से उसके दो बच्चे है। जिसे जुगल ने छोड़ दिया। इसके बाद जुगल एक और महिला को लेकर आया, लेकिन उसे जुगल ने बेच दिया। फिर जुगल ने किशोरी पर डोरे डालने शुरू कर दिए।

वहीं दूसरी ओर मां अपने बच्चों के साथ थाने के बाहर डेरा जमा कर बैठी थी। वह जिस पुलिस वाले को देखती तो फरियाद करती कि किसी भी तरह उसकी लड़की को उसके हवाले कर दें और उसे जेल न भेजे। इधर, लड़की से पूछताछ में जुटी पुलिस महज 14 साल की लड़की बयान सुनकर हैरान थी। लड़की तो अपने परिवार वालों का मुंह तक देखना नहीं चाहती थी। लड़की का कहना था कि वह अपने परिवार वालों के साथ नहीं जाएगी। अगर उसे कहीं भेजना तो प्रेमी के पास भेजा जाए या फिर जेल में डाल दिया जाए।

देहरादून में पकड़ा गया कारतूसों का ज़ख़ीरा, पुलिस महकमें में हलचल

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देहरादून। बीती रात्री में थाना कैंट पुलिस व एसओजी टीम द्वारा चैकिंग के दौरान कैंब्रियन हॉल स्कूल पुलिया के पास से अभियुक्त

  • मुस्तकीम निवासी कांवली रोड गांधी ग्राम निकट मदीना मस्जिद थाना कोतवाली नगर जनपद देहरादून के पास 119 जिंदा कारतूस 7.62 mm के व 1600 खोका कारतूस 5.56mm, 2-
  • सीमा पत्नी रंजीत साहनी निवासी कांवली रोड लक्ष्मण चौक पुलिस चौकी के पास कोतवाली नगर देहरादून को 2300 खोका कारतूस 5.56mm व
  • 3- शिव कुमारी उर्फ गोरे वाली पत्नी रामलखन साहनी नि0 निकट लक्ष्मण चौक चौकी के पास कावली रोड कोतवाली नगर देहरादून को 2300 खोका कारतूस 5.56 mm, तथा
  • 4- पिंकी पत्नी विजय साहनी निवासी लक्ष्मण चौक कावली रोड थाना कोतवाली नगर देहरादून को 1970 खोका कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया।

उक्त बरामदा एमुनेशन के सम्बंध में थाना कैन्ट पर मु0अ0स0 6/17 धारा 3/25 आयुध अधिनियम का अभियोग में मुकदमा दर्ज कर –विवेचना की जा रही है। एमुनेशन (असला) बरामदगी के सम्बंध में आर्मी इंटेलीजेंस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से अभियुक्तों से पूछताछ की जा रही है। विवेचना प्रचलित है। अभियुक्तगण को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

*गिरफ्तार लोगों के नाम और पता।

  • मुस्तकीम पुत्र तासीम निवासी कांवली रोड गांधी ग्राम निकट मदीना मस्जिद थाना कोतवाली नगर जनपद देहरादून उम्र 30 वर्ष।
  • सीमा पत्नी रंजीत साहनी निवासी कांवली रोड लक्ष्मण चौक पुलिस चौकी के पास कोतवाली नगर देहरादून उम्र 24 वर्ष।
  • शिव कुमारी उर्फ गोरे वाली पत्नी रामलखन साहनी नि0 निकट लक्ष्मण चौक चौकी के पास कावली रोड कोतवाली नगर देहरादून उम्र 38 वर्ष ।
  • पिंकी पत्नी विजय साहनी निवासी लक्ष्मण चौक कावली रोड थाना कोतवाली नगर देहरादून उम्र 20 वर्ष ।
    बरामद माल का विवरण
  • 119 जिंदा कारतूस 7.62 mm
  • 8170 खोका कारतूस 5.56mm.

केदारनाथ पुनर्निर्माण के मास्टर प्लान की समीक्षा की: मुख्य सचिव

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मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण के मास्टर प्लान की समीक्षा की। निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग डिजाइन के अनुसार डीपीआर 10 दिन में बना लें, हर हाल में फरवरी के पहले हफ्ते में कार्य शुरू हो जाना चाहिए। जन सुविधा के सभी कार्य कपाट खुलने के पहले हो जाने चाहिए। तत्काल महत्व के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर फरवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। दीर्घकालीन योजना के कार्य चलते रहेंगे।
गौरतलब है कि केदारनाथ में पहली बार बर्फ पड़ने के बावजूद भी दिसम्बर व जनवरी के महीने में भी निर्माण कार्य जारी रखा गया। इस समय 50 फीट चैड़ी सड़क का निर्माण मंदिर तक किया जा रहा है। बाढ़ सुरक्षा दीवार और घाट निर्माण का कार्य चल रहा है, सड़क के दोनों ओर 10-10 फीट की जगह खाली रखी गयी है। इस बफर जोन में यूटिलिटी डक्ट और ड्रेन बनाया जाएगा।
यूटिलिटी डक्ट के अंदर ही पेयजल की पाइप लाइन होगी। सिवरेज और स्टॉर्म वाॅटर के लिए अलग डक्ट बनाया जाएगा पाइपलाइन को जमीन के 1 मीटर नीचे मिट्टी के बीच में लगाया जाएगा, जिससे कि पानी बर्फ से जम न जाये। पानी सप्लाई के लिए जलाशय बनाया जाएगा, ग्रेविटी के जरिए सप्लाई की जाएगी, मंदिर के दोनों ओर जगह खाली रखी जायेगी।
दर्शनार्थियों की प्रतीक्षा के लिए अलग स्थान सुरक्षित रखा जाएगा। इसके अलावा सरस्वती और मंदाकिनी घाट के ऊपर चेंजिंग रूम, लाकर, टॉयलेट बनाये जायेंगे। दिव्यांग दर्शनार्थियों के लिए रैंप बनाये जाएंगे। केदारपुरी से दूर एसटीपी, बायो डाइजेस्टर बनाया जाएगा। केदारनाथपुरी को दिव्य और भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए विशेषज्ञों, संस्थानों से अध्ययन कराने के बाद डिजाइन के अनुसार मास्टर प्लान तैयार किया गया है। चरणबद्ध रूप से प्लान को लागू किया जा रहा है।

मेडिकल टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा ऋषिकेश एम्स

ऋषिकेश एम्स बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं के लिए जाना जाता है जिसमें मेडिकल टूरिज्म आने वाला पहला हॉस्पिटल बनेगा। यूएस और न्यूयॉर्क के जैसा इलाज मरीजों को मिल पायेगा जिसमें मरीज से इलाज ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक और योग की तरफ भी आकर्षित होंगे।

मरीज को शारीरिक के साथ साथ मानसिक रुप से ठीक की जाएगी जो एक नया तरह का प्रयोग होगा जिसके लिए पैकेज दिए जाएंगे, यूँ तो ऋषिकेश एम्स हमेशा से ही सुर्खियों में बना रहा है लेकिन मेडिकल के क्षेत्र में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के नजरिए से देखा जा रहा है। इस तरीके का इलाज अभी तक सिर्फ विदेशों में मुमकिन था लेकिन ऋषिकेश एम्स मेडिकल के क्षेत्र में  एक अलग तरह का प्रयोग बनाने जा रहा है।

मरीज को ना केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी स्वास्थ्य किया जाएगा।एम्स के निदेशक रविकांत का कहना है कि, “बहुत ही जीवन एबल पैकेज लोगों को दिए जाएंगे जिसमें जिस तरीके से न्यूयॉर्क और अमेरिका में वर्ल्ड लेवल का ट्रीटमेंट दिया जाता है उस तरीके का ट्रीटमेंट मरीज को देने की कोशिश की जाएगी जिससे जिसने बोल टेबल ऑफ़ कंफर्ट के साथ वर्ल्ड लेवल का ट्रीटमेंट रहेगा जो मानसिक रुप से भी मरीज को स्वस्थ करने में कारगर साबित होगी और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।”

यह एक नईं तरह का प्रयोग है जो ऋषिकेश एम्स करने जा रहा है। मेडिकल क्षेत्र में इस तरह के नए प्रयोगों को करना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिससे टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा ही और मेडिकल के क्षेत्र में ऋषिकेश एम्स की एक अलग पहचान कायम होगी।

पहाड़ों में बर्फबारी के आसार तो तराई क्षेत्रों में पसरा कोहरा

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देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ी और तराई वाले क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है।आने वाले दिनों में भी उत्तराखंड के पहाड़ों से लेकर मैदानों तक एक बार फिर ठिठुरन बढ़ेगी। तीन पहाड़ी जिलों में बारिश और हल्की बर्फबारी की संभावना बनी है। वहीं मैदानी जिलों में घने कोहरे से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले 24 घंटे में चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ की ऊंची पहाडिय़ों पर बारिश से लेकर हल्की बर्फबारी हो सकती है। शेष जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा।

गुरुवार की सुबह भी पर्वतीय जनपदों में धूप खिली हालांकि ठंड में कोई कमी नही है। वहीं मैदानी क्षेत्र में हरिद्वार, रुड़की, उधमसिंह नगर, हल्द्वानी में सुबह से ही कोहरा पसरा हुआ है। हालांकि यहां दिन में धूप खिल रही है, लेकिन सुबह और शाम को कोहरे से ठिठुरन बढ़ रही है।

मौसम विभाग के मुताबिक मैदानी जिले हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में अगले 24 घंटे में मध्यम से घना कोहरा छाया रहेगा। इससे तापमान सामान्य से नीचे रहने से कहीं-कहीं शीत दिवस की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक ”बिक्रम सिंह के मुताबिक तीन पहाड़ी जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में ही बारिश और बहुत हल्की बर्फबारी हो सकती है। प्रदेश के अन्य जिलों में आसमान साफ रहने से लेकर आंशिक रूप से बादल छाए रहते हैं। उत्तरकाशी का न्यूनतम तापमान 2.6, मसूरी का शून्य और हरिद्वार का 3.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।”

यात्रियों को मिलेगी स्वच्छ बस, बसों में लगाया जा रहा कूड़ेदान

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देहरादून। उत्तराखंड परिवहन निगम अब यात्रियों को साफ-सुथरे बसों में यात्रा कराने को ठान लिया है। बसों को साफ-सुथरा रखने के लिए परिवहन निगम द्वारा बसों में कूड़ेदान रखने का काम भी शुरू हो गया है। अब यात्रियों को मूंगफली के छिलके, बिस्कुट, नमकीन आदि के खाली पैकेट फेंकने के लिए जगह की तलाश नहीं करनी पड़गी। अगले लगभग 15 दिनों में उत्तराखंड परिवहन निगम के सभी बसों में कूड़ेदान रखे मिलेंगे।
बता दें कि वर्ष 2016 में देहरादून में राजपुर रोड पर रहने वाले एक युवक अमर बहादुर मौर्य ने बसों में यात्रियों द्वारा गंदगी न फैलाई जाए तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र भेजा था, जिसमें उन्होंने उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में यात्रा के दौरान यात्रियों द्वारा मूंगफली के छिलके, बिस्कुट, नमकीन आदि के खाली पैकेट आदि फेंकने से होने वाली गंदगी का हवाला दिया था। श्री मौर्य ने प्रधानमंत्री से अपील की थी कि वह परिवहन निगम को निर्देशित करें कि सभी यात्री बसों में कूड़ेदान की व्यवस्था हो, ताकि यात्री खाली पानी की बोतलें, पैकेट आदि उसमें डाल सकें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि नई बसों में विशेष रूप से कूडेदान लगवाए जाने चाहिए।
श्री मौर्य के इस पत्र पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए प्रदेश के परिवहन सचिव को निर्देश दिया था कि सभी यात्री बसों में चालक की सीट के पास प्लास्टिक अथवा जूट के बने कूड़ेदान लगाए जाएं। वातानुकूलित और वाॅल्वो बसों का परिचालक हर यात्री के पास जाकर उससे मुंगफली के छिलके, बिस्कुट आदि के खाली पैकेट अथवा पानी की खाली बोतलें संग्रहित करने का अनुरोध करेंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए थे कि जब भी नई बसों की खरीद की जाए तो उसमें स्थाई रूप से कूड़ेदान बनवायें जाएं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने अमर बहादुर मौर्य को अलग से पत्र लिखकर इस तरह का श्रेष्ठ सुझाव भेजे जाने की सराहना भी की थी। लम्बा समय बीत जाने के बाद अब उत्तराखंड परिवहन निगम ने इस ओर ध्यान दिया है। निगम की बसों में जल्द हीे कूड़ेदान रखे मिलेेंगे। यात्रियों को साफ-सुथरे बस यात्रा के लिए मिलेंगे।
उत्तराखंड परिवहन निगम के महाप्रबंधक, संचालन दीपक जैन ने बताया कि निगम की वोल्वो बसों में कूड़ेदान की व्यवस्था कर दी गई है और अन्य साधारण बसों में अगले 15 दिनों में कूड़ेदान रखावा दिया जाएगा।

एतिहासिक लाॅर्ड कर्जन रूट से उठाया तीन कुंतल कूड़ा

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गोपेश्वर। उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध लार्ड कर्जन ट्रेक रूट पर विखरे तीन कुंतल से अधिक कूडा एकत्र कर उसे अपने साथ जोशीमठ उसके री-साइकिलिंग के लिए नगरपालिका जोशीमठ को सौंपा गया। यह कार्य हिमालय के दर्शन कराने वाली संस्था वाइल्ड हिमालया एडवेंचर ने किया।
वाइल्ड हिमालया एडवेंचर के संजय कुंवर ने बताया कि प्रसिद्ध लार्ड कर्जन ट्रेक रूट के प्रति देशी विदेशी पर्यटकों को आकर्षण रहता है इसलिए वर्षों से पर्यटक इस ट्रेक रूट पर आते है मगर जाने अंजाने में उनसे इस रूट पर उनसे कूडा छूट जाता है। वाइल्ड हिमालया एडवेंचर ने स्वच्छ भारत, स्वच्छ पर्यटन संदेश के तहत इस रूट पर बिखरे कूडे को एकत्र किया जो लगभग 303 किलो था जिसमें प्लास्टिक कूडा भी शामिल था। वाइल्ड हिमालया एडवेंचर से जुडे सदस्यों ने औली, गौरसों, ताली, खुलारा, कुलिंग, तुगासी क्षेत्र से पर्यटकों और ट्रेकर्स के फेंके गये जैविक, अजैविक कूडे को अपने साथ लेकर उसे जोशीमठ के बेस कैंप में पहुंचाया तथा उसे वन विभाग के मार्ग निर्देशन पर उसे नगर पालिका को सौंपा। अब पालिका इसे री साइकिलिंग करेगी। वाइल्ड हिमालया एडवेंचर के दिनेश भट्ट ने बताया कि इंडिया हाइक ग्रुप ने भी इस अभियान ने भी अपना साथ दिया तथा 50 बोरों में इस कूडे को भर कर जोशीमठ पहुंचाया।
क्या है लार्ड कर्जन रोड
ब्रिटिश काल में वायसराय लार्ड कर्जन उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र की साहसिक यात्रा करना चाहते थे। अपने कार्यकाल में उनके प्रस्तावित विजिट को देखते हुए ग्वालदम से कुंआरी पास तक एक ट्रेक रूट पर 70 किमी का लंबा रूट बनाया गया जो कहीं पर दस हजार फीट की उंचाई को भी छूता है। हालांकि लार्ड कर्जन को उन पर लगे आरोप के कारण ब्रिटिश किंग ने वापस बुला दिया और वे इस इस रूट पर नहीं आ पाये। इसलिए साहसिक पर्यटन की दृष्टि से इसे आज लार्ड कर्जन रोड के नाम से जाना जाता है।

पीएमओ ने लिया चिप्स के पैकेट में खिलौने डालने वाली शिकायत का संज्ञान

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देहरादून। बच्चों को लुभाने के लिए चिप्स व खाने-पीने की वस्तुओं के पैकेट में प्लास्टिक के खिलौने आदि डालने की शिकायत का संज्ञान पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) ने लिया है। देहरादून निवासी आरटीआइ कार्यकर्ता अजय कुमार की शिकायत पर उचित कार्रवाई के लिए पीएमओ ने इस प्रकरण को केंद्र के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, वाणिज्य विभाग व एफएएसएसएआइ (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) को भेजा है।

आरटीआइ कार्यकर्ता अजय कुमार ने पीएमओ को भेजी शिकायत में कहा था कि अपने उत्पाद बेचने के लिए कंपनियां बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। कई बार छोटे बच्चे पैकेट में मौजूद खाद्य पदार्थों व प्लास्टिक के खिलौनों में भेद नहीं कर पाते और खिलौनों को भी निगल जाते हैं। उन्होंने आंध्र प्रदेश के गोदावरी जिले के इलूरा नगर की घटना का जिक्र करते हुए पीएमओ को बताया कि एक चार वर्षीय बच्चे ने टमाटर के चिप्स खाते समय पैकेट में पड़े प्लास्टिक की खिलौनानुमा वस्तु को भी निगल लिया था। वह वस्तु बच्चे के गले में फंसने से उसकी मृत्यु हो गई थी। उन्होंने मांग उठाई कि कंपनियों को निर्देश जारी किए जाएं कि वह बच्चों के खाने-पीने की वस्तुओं के पैकेट में इस तरह के खिलौने न डाले।

राष्ट्रगान पर प्रशासन के आदेश का इंतजार

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देहरादून। सुप्रीम कोर्ट के सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजाने की अनिवार्यता खत्म करने के आदेश के बाद सिनेमाघर संचालक व व्यवस्था संभाल रहे अधिकारी प्रशासनिक आदेश का इंतजार कर रहे हैं। अभी सभी सिनेमाघरों में फिल्म का शो शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजाया जा रहा है।

उत्तरांचल सिनेमा फेडरेशन के अध्यक्ष सुशील अग्रवाल के मुताबिक अस्सी के दशक में भी सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाने की अनिवार्यता की गई थी। उस समय भी सिनेमा संगठनों ने इसे यह कहते हुए अनुचित ठहराया था कि सिनेमा हॉल में कई बारी हूटिंग भी होती है और देश के सम्मान से जुड़े राष्ट्रगान के लिए यह स्थिति किसी भी दशा में उचित नहीं। इसके बाद इस अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया था। 30 नवंबर 2016 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राष्ट्रगान को फिर से अनिवार्य कर दिया गया और सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाया जाने लगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश में इसकी अनिवार्यता को समाप्त किया जाना पूरी तरह से उचित निर्णय है और इसका भी सम्मान किया जाता है। हालांकि राष्ट्रगान बजाने तभी बंद किया जाएगा, जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में राज्य कोई प्रशासनिक आदेश जारी करेगा। वहीं, सिल्वर सिटी मल्टीप्लेक्स के निदेशक सुयश अग्रवाल की मानें तो फिल्म के शो के अलावा स्क्रीन पर विज्ञापन के अलावा तमाम सामाजिक संदेशों के प्रसारण का भी दबाव रहता है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश इस लिहाज से भी पूरी तरह जायज है। इसी तरह सिटी जंक्शन मॉल में कार्निवाल सिनेमा के यूनिट हेड विशाल रावत भी सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाने की अनिवार्यता को समाप्त करने के आदेश को उचित मान रहे हैं। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश के बाद मनोरंजन कर विभाग (अब जीएसटी में मर्ज हो चुका) ने एक आदेश जारी किया था और तभी से हर शो के बाद राष्ट्रगान बजाया जा रहा है। हालांकि राष्ट्रगान बजाना तभी बंद या जारी रखा जाएगा, जब प्रशासनिक या कार्निवाल सिनेमा समूह की तरफ से कोई आदेश प्राप्त होगा।