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आख़िरकार आतंक बना गुलदार पिजरें में कैद

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देहरादून, वन विभाग टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी। वन विभाग की टीम ने कड़ी बाद मशक्कत  के बाद गुलदार को आख़िरकार पकड़ ही लिया।आपको बात दे कि पिछले करीब एक माह से शहर के सहस्त्रधारा रोड और रायपुर क्षेत्र की कालोनियों में गुलदार का आतंक बना हुआ था। आये दिन कॉलोनी में गुलदार देखे जाने की घटना सामने आ रही थी।

जिसके बाद रायपुर थाना क्षेत्र के अधोईवाला कॉलोनी के एक घर में बॉथरूम में घुस गुलदार ने सुमीत नाम के युवक पर पंजा मार उसे घायल कर दिया। और उसके बाद गुलदार एक वैडिंग पॉइंट में घुस गया, जिसे देख आसपास के लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। जिसके बाद वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार गुलदार को ट्रेस किया, उसके बात तत्काल पहुँची ट्रेनकुलाइजर टीम अपनी कार्यवाही कर उसे बेहोश कर पिजरें में कैद करवा ही दिया ।

यहां देखें विडियोः

मंत्री के जनता दरबार में जहर खाने वाले ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे की मौत के विरोध में  बाजार बंद, 

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हल्द्वानी; भाजपा दफ्तर में लगे जनता दरबार में जहर खाने वाले फरियादी प्रकाश पांडे की मौत के बाद नगर में आक्रोश और मातम रहा। ट्रांसपोर्टर पांडे का शव काठगोदाम पहुंचने के बाद सैकड़ों लोगों का उनके घर जमावड़ा लग गया।  व्यापारियों ने नारेबाजी करके सरकार से नाराजगी जताई। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश, हल्द्वानी के मेयर जोगिंदर पाल सिंह रौतेला, डीएम दीपेंद्र चौधरी और एसएसपी जन्मजय खंडूरी एवं पूरी प्रशासनिक टीम प्रकाश पांडे के घर पहुंच गए, परिजन मांगों को लेकर अंत्येष्टि न करने पर अड़ गए। बाद में सरकार ने 12 लाख के मुआवजे एवं पत्नी को नौकरी का आश्वासन देकर शव का अंतिम संस्कार कराया।

मृतक के परिजनों का कहना था कि जब तक उत्तराखंड सरकार प्रकाश के परिजनों को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता की घोषणा नहीं करती तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। जनाक्रोश के बीच नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश और जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी ने मुख्य सचिव से वार्ता की। सरकार ने मृतक के परिजनों को 12 लाख रुपये का मुआवजा देने एवं प्रकाश की पत्नी को संविदा पर तृतीय श्रेणी की नौकरी हल्द्वानी में देने का आश्वासन दिया। सरकार ने दो लाख रुपये फौरी तौर पर देने की बात कही। दस लाख रुपये बाद में देने की बात कही गई है। मृतक प्रकाश के बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा नैनीताल के जिलाधिकारी ने लिया है। लोगों के आक्रोश को देखते हुए कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पूरी पुलिस फोर्स भी तैनात की है। सरकार की घोषणा के बाद शव का अंतिम संस्कार करने पर परिजन राजी हुए। जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद प्रकाश पांडे का शव रानीबाग अंत्येष्टि के लिए ले जाया गया। उधर, नैनीताल का भी बाजार बंद रखे जाने की खबर है।

कुमाऊं में बंद बाजार

हल्द्वानी, ट्रांस्पोर्टर प्रकाश पांडे की मौत के बाद कुमाऊं भर में राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। कुमांऊ भर के कारोबारियों के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं व आम जनता ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान गदरपुर, लालकुआं, जसपुर, काशीपुर, भवाली, नैनीताल, बिन्दुखत्ता में विरोध देखने को मिला। बाजार बंद होने से समूचे कुमाऊं के व्यापार पर भारी असर पड़ा।

विभाग का दावा पांच का, चल रहे दो ही नर्सिंग कॉलेज

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पांच नर्सिंग कॉलेजों के नाम पर अभी दो में ही पढ़ाई हो रही है राज्य के तीन जिलो चमोली, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा के तीन नर्सिंग कॉलेज लगातार दूसरे साल भी अपने जिलों में नहीं खोले जा सके हैं। जबकि मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टरेट का कहना है कि सभी पांच कॉलेज नियमित रूप से चल रहे हैं, लेकिन भवन के अभाव के कारण टिहरी और हल्द्वानी में ही पढ़ाई की जा रही है।

पूर्व सरकार ने चुनाव से ठीक पहले हल्द्वानी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चमोली और टिहरी में नर्सिंग कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। बिना भवन तैयार हुए ही ये पांचों कॉलेज शुरू भी कर दिए गए थे कुमाऊ मंडल के तीनों कॉलेज हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज परिसर में जबकि, गढ़वाल के दो कॉलेजों का संचालन टिहरी में किया जा रहा हैं।

किस कॉलेज में कितनी सीटें
टिहरी -40
चमोली -40
पिथौरागढ़-30
अल्मोड़ा -40
हल्द्वानी -50

संख्या पांच और कॉलेज दो
कॉलेज खोलते समय घोषणा की गई थी कि दूसरे बैच के एडमिशन होने से पहले पांचों जिलों में भवन तैयार कर दिए जाएंगे और सभी अपने अपने जिले में ही पढ़ाई करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है और नर्सिंग कॉलेजों का दूसरा बैच भी हल्द्वानी और टिहरी में ही शुरू कर दिया गया है।
जरूरत से ज्यादा दबाव 
नर्सिंग कॉलेजों के भवन तैयार न होने से सबसे ज्यादा दबाव हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज पर है यहां अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और हल्द्वानी के नर्सिंग कॉलेजों की स्टूडेंट को पढ़ाया जा रहा है उधर टिहरी में चमोली के कॉलेज के कोटे की स्टूडेंटस में पढ़ाई कर रही है हालांकि टिहरी में कॉलेज का भवन है अभी तक केवल दो बैच होने के कारण ज्यादा दबाव नहीं है।
स्टूडेंट झेल रहे परेशानी 
इन हालात में सबसे ज्यादा परेशानी उन नर्सिंग स्टूडंटस को हो रही है जिन्होंने एडमिशन अपने जिले के कॉलेज के नाम पर लिया था लेकिन उन्हें दूसरे जिले में भेज दिया गया है। इनमें चमोली, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जिले की स्टूडेंट भी शामिल है।

इस मामले में चिकित्सा शिक्षा निर्देशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि, “सभी पांचों कॉलेज नियमित रूप से चल रहे हैं, सभी कॉलेजों के टीचिंग स्टाफ की भर्ती भी हो चुकी है हमारा प्रयास है कि एक महीने के भीतर चमोली, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जिलों के भवन तैयार हो जाएं। जिसके बाद भवन तैयार होते ही इन कॉलेजों की स्टूडेंट और टीचिंग स्टाफ को वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। 

लोकायुक्त एक्ट बनने के बाद तीन महीने के अंदर लोकायुक्त की नियुक्ति करे उत्तराखंड

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नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को आदेश दिया है कि लोकायुक्त एक्ट बनने के बाद तीन महीने के अंदर लोकायुक्त की नियुक्ति करें। वकील अश्विनी उपाध्याय ने उत्तराखंड में लोकायुक्त की नियुक्ति की मांग करने वाली याचिका दायर की थी।

उपाध्याय ने उत्तराखंड में लोकायुक्त एक्ट 2011 के तहत लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की थी। पहले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने जब उत्तराखंड सरकार से पूछा था कि आप राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति कब करेंगे तब राज्य सरकार ने कहा था कि इस बारे में नया कानून पारित किया गया है और लोकायुक्त की नियुक्ति जल्द ही की जाएगी।

इससे पहले याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी किया था। अश्विनी उपाध्याय ने कहा था कि उत्तराखंड में 2013 से लेकर अब तक भ्रष्टाचार से जुड़ी सात सौ से ज्यादा शिकायतें लंबित हैं। लोकायुक्त की नियुक्ति राज्य सरकार का संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कहा है कि उत्तराखंड का लोकायुक्त कानून देश का सबसे अच्छा कानून है। राज्य में बिना स्वतंत्र लोकायुक्त के भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती है।

 

कड़कड़ाती ठंड में पांडे की मौत के बाद चढ़ता सियासी पारा

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हल्द्वानी : भाजपा जनता दरबार में जहर खाने वाले फरियादी प्रकाश पांडे की मौत के बाद कड़कड़ाती ठंड में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है । कांग्रेस ही नहीं, बल्कि अन्य विपक्षी दलों ने प्रकाश की मौत को लेकर धारदार आंदोलन शुरू कर दिया है। हल्द्वानी में ही नहीं बल्कि पूरी तराई में मुख्यमंत्री के पुतले फूंके जा रहे हैं तो कहीं केंडिल मार्च निकाला जा रहा है।

नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर संवेदनहीन बनी रही। कहा कि सरकार की विफलता के कारण ही प्रदेश में कर्ज में डूबे किसान आत्महत्या कर रहे हैं। जीएसटी लागू होने के बाद कारोबारी परेशान है। व्यापार चौपट हो गया है। कहा कि मंत्री के जनता दरबार में लोग यदि जान दे दें तो उस सरकार की विफलता का अंदाजा स्वयं ही लगाया जा सकता है। डा. हृदयेश ने कहा कि वह पीडि़त परिवार के साथ हैं।

तराई में पड़ रही कड़ाके की ठंड से दो लोगों की मौत हो गई

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रुद्रपुर। पंतनगर ट्रांसपोर्ट विभाग में कार्यरत श्रमिक की शराब पीकर गिर जाने के बाद ठंड से मौत हो गई। बुधवार सुबह उसका शव बरामद हुआ। ट्रांसपोर्ट विभाग में कार्यरत श्रमिक 48 वर्षीय गोविंद जोशी पुत्र पे्रमबल्लभ कल दोपहर से गायब था। बताया जाता है कि गोविंद शराब पीने का आदी था। वह नशे के कारण हाईवे के समीप एक गड्ढे में गिर गया। उसके बाद वह उठ नहीं पाया। वह रात भर गड्ढे में पड़ा रहा। भीषण ठंड के कारण उसकी मौत हो गई। कोहरे के कारण किसी को गोविंद नहीं दिखा। बुधवार को लोगों ने उसकी लाश मिली। माना जा रहा है कि शराब के नशे के कारण वह उठ नहीं पाया और कड़ाके की ठंड ने उसकी जान ले ली।

इधर दिनेशपुर के वार्ड पांच निवासी सत्तर वर्षीय कालीपद मंडल की सोमवार रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए रुद्रपुर ला रहे थे कि इससे पहले ही उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि अत्यधिक ठंड लगने से उनकी मौत हुई है। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही वृद्ध का अंतिम संस्कार कर दिया।

नहीं जल रहे अलाव

दिनेशपुर। वार्ड सभासद सुब्रोतो गोस्वामी ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत कर्मियों की उदासीनता से नगर में कड़ाके की ठंड के बावजूद अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। मामले में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि नगर के मुख्य चौराहे के अलावा मुख्य मार्गों में अलाव की व्यवस्था की जा रही है। ठंड से मौत की जानकारी नहीं मिली है

दून हावड़ा सहित तीन ट्रेनें रिशेड्यूल

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देहरादून, मैदानी इलकों में पड़ रहे घने कोहरे व रेल पटरी के मरम्मत के कार्य चलते रेल यातायात पर बुरा असर पर पड़ रहा है। जिस कारण राजधानी दून आने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से विलंब पहुंच रही हैं। जिसके चलते दून से खुलने वाली तीन गाड़ियों को रिशेड्यूल किया गया, जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्टेशन अधीक्षक सीताराम सोनकर के मुताबिक, “मैदानी इलाकों में घना कोहरा पड़ने के कारण लंबी दूरी की कई गाड़ियां अपने तय समय से विलंब चल रही हैं। इस कारण देहरादून से दून हावड़ा और दून काठगोदाम और राप्ती गंगा को रिशेड्यूल किया गया है। “

उन्होंने बताया कि, “हावड़ा से देहरादून आने वली हावड़ा दून एक्सप्रेस 13 घंटे लेट आई है जो अब एक बजे रवाना होगी। वहीं, मुज्जफरपुर-देहरादून राप्ती गंगा एक्सप्रेस 12 घंटा तो वहीं इलहाबाद-देहरादून लिंक एक्सप्रेस 9:30 बजे की देरी पर आई। इस कारण दून काठगोदाम एक्सप्रेस ढाई बजे रात्री का रवाना होगी। मुज्जफररपुर-देहरारदून राप्ती गंगा एक्सप्रेस 12 घंटे विलंब चल रही है। जिसे यहां से साढ़े चार बजे रवाना किया जाएगा। इसी क्रम में काठगोदाम से दून आने वाली काठगोदाम देहरादून एक्सप्रेस अपने तय समय से 2:30 मिनट देरी से आई। जबकि नई दिल्ली से देहरादून आने वाली नंदा देवी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे देरी से पहुंची। “

वहीं दिल्ली सराय से चलकर देहरादून चलने वाली मसूरी एक्सप्रेस 1:30 मिनट की लेट आई। अमृतसर देहरादून लाहौरी एक्सप्रेस और बांद्रा देहरादून एक्सप्रेस अपने तय समय से एक-एक घंटे की देरी पहुंची। नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस अपने तय समय से एक घंटे की देरी से दून पहुंची। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि, “यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग की ओर से सावधानी बरती जा रही है। अन्य गाड़ियां देहरादून से समय से रवाना किया जा रहा है।” 

चोरी का आरोपी गिरफ्तार

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विकासनगर, नवम्बर महीने में बाबूगढ़ में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

26 नवंबर को डॉ. कुंवर सिंह रावत के घर में अज्ञात चोरों ने दो बैग और मोबाइल फोन चोरी किए थे। उन्होंने विकासनगर कोतवाली में अज्ञात चोरों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार कर रहे थे। मंगलवार को पुलिस चैकिंग के दौरान चोरी का आरोपी हत्थे चढ़ गया। आराेपी का नाम गौरव शर्मा पुत्र हरीश शर्मा निवासी फतेहपुर है। उसके पास से पुलिस ने चोरी का मोबाइल बरामद किया है। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार ने बताया कि आरोपी नशे का आदि है और नशे की पूर्ति करने के लिए वह चोरी करता था।

बेमरू गांव में पहली बार पहुंची बस, ग्रामीणों में खुशी की लहर

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गोपेश्वर, चमोली जिले के बेमरू गांव में पहली बार बस पहुंचने पर ग्रामीणों ने चालक परिचालक सहित सवारियों का फूलमालाओं से गांव में स्वागत किया। बस पहुंचे पर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने पीएमजीएसवाई लोनिवि के अधिकारियों के इस सराहनीय कार्य लिए उन्हे भी बधाई दी।

पीपलकोटी से बेमरू के लिए सड़क मार्ग बना है। इस मार्ग पर हल्के वाहन तो चलते रहते थे। मगर मंगलवार को पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता ने जीएमओयू से वार्ता कर यहां बस पहुंचाने की बात कही।

जीएमओयू की एक 35 सीट वाली बस सवारियों को लेकर गांव में पहुंची। बस के गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों ने बस में सवार सवारियों सहित बस चालक व परिचालक के साथ ही पीएमजीएसवाई के अधिकारियों का भी फूलमालाओं से स्वागत किया।

नाबालिग बच्चों पर रही अब पुलिस की नजर

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देहरादून, राजधानी देहरादून में निजी स्कूलों में वाहनों से आने वाले नाबालिग बच्चों पर अब पुलिस की पैनी नजर है, इतना ही नहीं बच्चों को सार्वजनिक वाहनों से स्कूल आने को लेकर भी पुलिस कार्य करेगी। इसी क्रम में जिलाधकारी ने निजी स्कूलों के संचालकों और संबंधित अधिकारियों की बैठक ली व अहम दिशा निर्देश भी दिए।

कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई बैठक में जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने जनपद में संचालित हो रहे प्राईवेट स्कूल संचालकों के साथ स्कूल में बच्चों को लाने-ले-जाने के लिए बसों के संचालन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्कूल संचालकों से कहा कि, “शहर में स्कूल आते-जाते समय नाबालिग विद्यार्थियों और अभिभावकों द्वारा दो पहिया वाहनों का अत्यधिक उपयोग करने के कारण एक ओर तो दुर्घटना की सम्भावना बनी रहती है वहीं दूसरी ओर यातायात में भी अधिक भार होने के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है, इसके लिए शासन से स्कूल संचालकों के साथ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और स्कूली विद्यार्थियों को स्कूल बसों द्वारा लान-ले-जाने के लिए रणनीति बनाने के निर्देश प्राप्त हुए है।”

इसी क्रम में उन्होंने स्कूल प्रबन्धक व संचालकों को निर्देश दिए कि उनके यहां अध्ययनरत कुल बच्चों की संख्या, हायर किए गए वाहन, बसों की पार्किंग की जगह आदि के साथ ही जो स्कूल संचालक अपने संसाधनों से बसें हायर कर सकते है। उस सम्बन्ध में विवरण अलग-अलग पिक-अप प्वाईटं से आने वाले विद्यार्थियों की संख्या आदि का विवरण स्कूल खुलने के एक सप्ताह के भीतर प्रेषित करें, जिससे पुलिस, परिवहन, परिवहन निगम व जिला प्रशासन स्कूली बसों के संचालन के सम्बन्ध में आगे की रणनीति बना सके तथा रूट संख्या बस स्टापेज के स्थान आदि का चयन व तय कर सकें।

जिलाधिकारी ने स्कूलों को निर्धारित फार्मेट पर सभी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे स्कूली बसों के संचालन का प्लान बनाते हुए शासन को भी समय से अवगत कराया जा सके। इस दौरान स्कूल संचालकों ने अपनी व्यवहारिक दिक्कतें भी बताई, जिसका जिलाधिकारी द्वारा समाधान किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि हमारा मकसद शहर में यातायात के बढते दबाव कोे कम करना है, नाबालिग छात्र-छात्राओं को ड्राईविंग करने से रोकना, सड़क दुर्घटना को रोकना व सार्वजनिक परिवहन को बढावा देना है। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकेश्वर सिंह, परिवहन अधिकारी सुधांसु गर्ग, माध्यमिक शिक्षा अधिकारी वाईएस चौधरी, परिवहन निगम के डीजीएम मुकेश सहित सम्बन्धित विभाग के अधिकारी एवं निजी स्कूल संचालक उपस्थित थे।