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तराई में पड़ रही कड़ाके की ठंड से दो लोगों की मौत हो गई

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रुद्रपुर। पंतनगर ट्रांसपोर्ट विभाग में कार्यरत श्रमिक की शराब पीकर गिर जाने के बाद ठंड से मौत हो गई। बुधवार सुबह उसका शव बरामद हुआ। ट्रांसपोर्ट विभाग में कार्यरत श्रमिक 48 वर्षीय गोविंद जोशी पुत्र पे्रमबल्लभ कल दोपहर से गायब था। बताया जाता है कि गोविंद शराब पीने का आदी था। वह नशे के कारण हाईवे के समीप एक गड्ढे में गिर गया। उसके बाद वह उठ नहीं पाया। वह रात भर गड्ढे में पड़ा रहा। भीषण ठंड के कारण उसकी मौत हो गई। कोहरे के कारण किसी को गोविंद नहीं दिखा। बुधवार को लोगों ने उसकी लाश मिली। माना जा रहा है कि शराब के नशे के कारण वह उठ नहीं पाया और कड़ाके की ठंड ने उसकी जान ले ली।

इधर दिनेशपुर के वार्ड पांच निवासी सत्तर वर्षीय कालीपद मंडल की सोमवार रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए रुद्रपुर ला रहे थे कि इससे पहले ही उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि अत्यधिक ठंड लगने से उनकी मौत हुई है। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही वृद्ध का अंतिम संस्कार कर दिया।

नहीं जल रहे अलाव

दिनेशपुर। वार्ड सभासद सुब्रोतो गोस्वामी ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत कर्मियों की उदासीनता से नगर में कड़ाके की ठंड के बावजूद अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। मामले में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि नगर के मुख्य चौराहे के अलावा मुख्य मार्गों में अलाव की व्यवस्था की जा रही है। ठंड से मौत की जानकारी नहीं मिली है

दून हावड़ा सहित तीन ट्रेनें रिशेड्यूल

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देहरादून, मैदानी इलकों में पड़ रहे घने कोहरे व रेल पटरी के मरम्मत के कार्य चलते रेल यातायात पर बुरा असर पर पड़ रहा है। जिस कारण राजधानी दून आने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से विलंब पहुंच रही हैं। जिसके चलते दून से खुलने वाली तीन गाड़ियों को रिशेड्यूल किया गया, जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्टेशन अधीक्षक सीताराम सोनकर के मुताबिक, “मैदानी इलाकों में घना कोहरा पड़ने के कारण लंबी दूरी की कई गाड़ियां अपने तय समय से विलंब चल रही हैं। इस कारण देहरादून से दून हावड़ा और दून काठगोदाम और राप्ती गंगा को रिशेड्यूल किया गया है। “

उन्होंने बताया कि, “हावड़ा से देहरादून आने वली हावड़ा दून एक्सप्रेस 13 घंटे लेट आई है जो अब एक बजे रवाना होगी। वहीं, मुज्जफरपुर-देहरादून राप्ती गंगा एक्सप्रेस 12 घंटा तो वहीं इलहाबाद-देहरादून लिंक एक्सप्रेस 9:30 बजे की देरी पर आई। इस कारण दून काठगोदाम एक्सप्रेस ढाई बजे रात्री का रवाना होगी। मुज्जफररपुर-देहरारदून राप्ती गंगा एक्सप्रेस 12 घंटे विलंब चल रही है। जिसे यहां से साढ़े चार बजे रवाना किया जाएगा। इसी क्रम में काठगोदाम से दून आने वाली काठगोदाम देहरादून एक्सप्रेस अपने तय समय से 2:30 मिनट देरी से आई। जबकि नई दिल्ली से देहरादून आने वाली नंदा देवी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे देरी से पहुंची। “

वहीं दिल्ली सराय से चलकर देहरादून चलने वाली मसूरी एक्सप्रेस 1:30 मिनट की लेट आई। अमृतसर देहरादून लाहौरी एक्सप्रेस और बांद्रा देहरादून एक्सप्रेस अपने तय समय से एक-एक घंटे की देरी पहुंची। नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस अपने तय समय से एक घंटे की देरी से दून पहुंची। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि, “यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग की ओर से सावधानी बरती जा रही है। अन्य गाड़ियां देहरादून से समय से रवाना किया जा रहा है।” 

चोरी का आरोपी गिरफ्तार

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विकासनगर, नवम्बर महीने में बाबूगढ़ में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

26 नवंबर को डॉ. कुंवर सिंह रावत के घर में अज्ञात चोरों ने दो बैग और मोबाइल फोन चोरी किए थे। उन्होंने विकासनगर कोतवाली में अज्ञात चोरों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार कर रहे थे। मंगलवार को पुलिस चैकिंग के दौरान चोरी का आरोपी हत्थे चढ़ गया। आराेपी का नाम गौरव शर्मा पुत्र हरीश शर्मा निवासी फतेहपुर है। उसके पास से पुलिस ने चोरी का मोबाइल बरामद किया है। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार ने बताया कि आरोपी नशे का आदि है और नशे की पूर्ति करने के लिए वह चोरी करता था।

बेमरू गांव में पहली बार पहुंची बस, ग्रामीणों में खुशी की लहर

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गोपेश्वर, चमोली जिले के बेमरू गांव में पहली बार बस पहुंचने पर ग्रामीणों ने चालक परिचालक सहित सवारियों का फूलमालाओं से गांव में स्वागत किया। बस पहुंचे पर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने पीएमजीएसवाई लोनिवि के अधिकारियों के इस सराहनीय कार्य लिए उन्हे भी बधाई दी।

पीपलकोटी से बेमरू के लिए सड़क मार्ग बना है। इस मार्ग पर हल्के वाहन तो चलते रहते थे। मगर मंगलवार को पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता ने जीएमओयू से वार्ता कर यहां बस पहुंचाने की बात कही।

जीएमओयू की एक 35 सीट वाली बस सवारियों को लेकर गांव में पहुंची। बस के गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों ने बस में सवार सवारियों सहित बस चालक व परिचालक के साथ ही पीएमजीएसवाई के अधिकारियों का भी फूलमालाओं से स्वागत किया।

नाबालिग बच्चों पर रही अब पुलिस की नजर

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देहरादून, राजधानी देहरादून में निजी स्कूलों में वाहनों से आने वाले नाबालिग बच्चों पर अब पुलिस की पैनी नजर है, इतना ही नहीं बच्चों को सार्वजनिक वाहनों से स्कूल आने को लेकर भी पुलिस कार्य करेगी। इसी क्रम में जिलाधकारी ने निजी स्कूलों के संचालकों और संबंधित अधिकारियों की बैठक ली व अहम दिशा निर्देश भी दिए।

कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई बैठक में जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने जनपद में संचालित हो रहे प्राईवेट स्कूल संचालकों के साथ स्कूल में बच्चों को लाने-ले-जाने के लिए बसों के संचालन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्कूल संचालकों से कहा कि, “शहर में स्कूल आते-जाते समय नाबालिग विद्यार्थियों और अभिभावकों द्वारा दो पहिया वाहनों का अत्यधिक उपयोग करने के कारण एक ओर तो दुर्घटना की सम्भावना बनी रहती है वहीं दूसरी ओर यातायात में भी अधिक भार होने के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है, इसके लिए शासन से स्कूल संचालकों के साथ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और स्कूली विद्यार्थियों को स्कूल बसों द्वारा लान-ले-जाने के लिए रणनीति बनाने के निर्देश प्राप्त हुए है।”

इसी क्रम में उन्होंने स्कूल प्रबन्धक व संचालकों को निर्देश दिए कि उनके यहां अध्ययनरत कुल बच्चों की संख्या, हायर किए गए वाहन, बसों की पार्किंग की जगह आदि के साथ ही जो स्कूल संचालक अपने संसाधनों से बसें हायर कर सकते है। उस सम्बन्ध में विवरण अलग-अलग पिक-अप प्वाईटं से आने वाले विद्यार्थियों की संख्या आदि का विवरण स्कूल खुलने के एक सप्ताह के भीतर प्रेषित करें, जिससे पुलिस, परिवहन, परिवहन निगम व जिला प्रशासन स्कूली बसों के संचालन के सम्बन्ध में आगे की रणनीति बना सके तथा रूट संख्या बस स्टापेज के स्थान आदि का चयन व तय कर सकें।

जिलाधिकारी ने स्कूलों को निर्धारित फार्मेट पर सभी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे स्कूली बसों के संचालन का प्लान बनाते हुए शासन को भी समय से अवगत कराया जा सके। इस दौरान स्कूल संचालकों ने अपनी व्यवहारिक दिक्कतें भी बताई, जिसका जिलाधिकारी द्वारा समाधान किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि हमारा मकसद शहर में यातायात के बढते दबाव कोे कम करना है, नाबालिग छात्र-छात्राओं को ड्राईविंग करने से रोकना, सड़क दुर्घटना को रोकना व सार्वजनिक परिवहन को बढावा देना है। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकेश्वर सिंह, परिवहन अधिकारी सुधांसु गर्ग, माध्यमिक शिक्षा अधिकारी वाईएस चौधरी, परिवहन निगम के डीजीएम मुकेश सहित सम्बन्धित विभाग के अधिकारी एवं निजी स्कूल संचालक उपस्थित थे।

उत्तरकाशी के लोगों को मिल सकती है इको सेंसिटिव जोन में थोड़ी राहत

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देहरादून। इको सेंसिटिव जोन के नियमों में हो सकता है बदलाव भागीरथी इको सेंसिटिव जोन के नोटिफिकेशन में संशोधन हुआ तो विकास को मिलेगी गति उत्तरकाशी का 98 प्रतिशत क्षेत्र आरक्षित और संरक्षित वन क्षेत्र में आता है पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने जल विद्युत परियोजनाएं आबादी और पशुओं के दबाव से क्षेत्र में पर्यावरणीय नुकसान को रोकने के लिए गोमुख से उत्तरकाशी में गंगा के पूरे कैचमेंट एरिया को 2012 में इको सेंसिटिव जोन घोषित कर दिया था इसमें उत्तरकाशी के 89 गांव भी आते हैं स्थिति यह है कि अगर इन गांवों में लोगों को एक कमरा भी बनाना होता है तो उन्हें इसके मंजूरी मुख्य सचिव के माध्यम से पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से लेनी होती है।

चीन की चुनौती से निपटने को भागीरथी इको सेंसिटिव जोन में बदलाव हो सकता है इसके संकेत और समीकरण दोनों मिल रहे हैं राज्य सरकार को उम्मीद है कि पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय जल्दी ही भागीरथी इको सेंसिटिव जोन के नोटिफिकेशन में कुछ संशोधन कर सकता है।

पीले और सफेद कार्ड के फेर में लगी गरीबों के पेट पर लात

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रुद्रपुर, जिला पूर्ति विभाग के सर्वेयर ने गरीब परिवारों के पेट पर लात मार दी है। अब इस गलती का खामियाजा गरीब को भुगतना पड़ रहा है। जिससे नाराज तमाम गरीब लोग आज जिला पूर्ति अधिकारी के पास जा पहुंचे और अपनी मांग को लेकर उनका घेराव कर डाला, लोगों की मांग है कि दोबारा सर्वे कर इस खामी को दूर किया जाए।

जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्या से फरियाद करते हुए ट्रांजिट कैंप के लोगों ने कहा कि, “नगर निगम में आने वाले इस क्षेत्र में ऐसी बड़ी आबादी रहती है जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते है। हाल ही में विभाग ने सर्वे कराया, लेकिन यह सर्वे गलत किया गया। जिसका नतीजा यह हुआ कि जिन गरीब परिवारों के पास सफेद राशन कार्ड ने उनके राशन कार्ड पीले कर दिए गए।”

जब वह राशन लेने अधिकृत विक्रेता के पास पहुंचे तो वहां से उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा। इससे गरीब के राशन में कटौती हो गई और गरीब के परिवार को आधे ही पेट सोना पड़ रहा है। जो गरीब परिवारों के साथ अन्याय है। लोगों का कहना था कि अगर जल्द ही इस खामी को दूर न किया गया तो गरीब परिवार भुखमरी की कगार पर आ जाएगा। लोगों ने मांग की है कि दोबारा सर्वे करा कर गरीब परिवार को सफेद राशन कार्ड महैया कराया जाए। ताकि गरीब सुकून से पेटभर खाना खा सके।

गोवंश संरक्षण स्क्वाड का गठन

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राज्य में गोवंश संरक्षण हेतु गोवंश संरक्षण अधिनियम-2007 तथा उक्त अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किये जाने के लिये प्रदेश सरकार के निर्देशन में दिनांक 21 अक्टूबर 2017 को प्रदेश के दोनों परिक्षेत्रों में गोवंश संरक्षण स्क्वाड का गठन किया गया है।

अशोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड ने बताया कि, “कुमायूँ परिक्षेत्र की टीम जनपद ऊधमसिंहनगर तथा गढवाल परिक्षेत्र की टीम जनपद हरिद्वार में कार्य कर रही है।  गठित टीमों द्वारा प्रत्येक जनपद के वैध एवं अवैध वध-स्थानों की सूची तैयार कर अवैध संचालित हो रहे वध-स्थानों एवं अवैध गोवंश परिवहन करने वाले के विरुद्घ  नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।”

उपरोक्त गोवंश संरक्षण स्क्वाड द्वारा अबतक कुल 12 पंजीकृत अभियोगों में 58 पशुओं को बरामद कर 25 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।

 

कठिन परिश्रम के बिना कोई भी लक्ष्य संभव नहीं: बसंती

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देहरादून। देहरादून स्थित यूथ फाउंडेशन के डेल्टा कैंप में पहुंची पद्मश्री बसंती बिष्ट ने गढ़वाली में अपने अनुभव यूथ फाउंडेशन की युवतियों से साझा किया। उन्होंने कहा कि आज की बेटियां किसी मुकाबले में बेटों से कम नहीं हैं। साथ ही फ़ाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल को उन्होंने देश का गौरव बताया।
मंगलवार को बसंती बिष्ट ने कहा कि जो लड़कियां पहले सिर्फ़ घरों तक सीमित थीं, आज वे आर्मी में भर्ती की तैयारी कर रही हैं। लड़कियों के अंदर कुछ अलग करने की इच्छा शक्ति कर्नल कोठियाल ने जगाई है। उन्होनें यह भी कहा कि आज जहां लोग अपने लिए ही जीते है। अपना भला चाहते हैं। वहां अजय जैसे परोपकारी भी हैं। जिनके लिए ‘परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं’ है।
यूथ फाउंडेशन की महिला कैडेट्स को प्रेरित करते हुए बसंती ने कहा कि परिश्रम से किसी भी लक्ष्य को पार करने तक के रास्ते को सुगम बनाया जा सकता है। कठिन परिश्रम के बिना कोई भी लक्ष्य संभव नहीं है। उनका भी लक्ष्य था लोक गायिका बनना और देश का गौरव बढ़ाना। इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। जीवन में बहुत सी बाधाएं भी आयीं लेकिन वह अपने लक्ष्य से हटी नहीं बल्कि आगे बढ़ती गई। भर्ती प्रशिक्षण ले रही लड़कियां एकाग्रता से अपने लक्ष्य को हासिल कर सकती हैं। पद्मश्री बसंती बिष्ट से मिलकर यूथ फाउंडेशन के सभी युवा व युवती कैडेट्स उत्साहित दिखे। सभी कैडेट्स का कहना था कि ऐसी प्रतिभावान व्यक्तित्व की महिला से मिलकर उन्हें बहुत ख़ुशी हुई।

उत्तरकाशी के माघ मेले में आकर्षण का केंद्र होगा ”वॉटर स्पोर्ट्स”

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उत्तरकाशी मे हर साल होने वाला माघ मेला इस बार भी 14 जनवरी से शुरु होने वाला है जिसके लिए जिला प्रशासन और जिला पंचायत दोनों ही तैयारियों में जुटा हुआ है।इस साल उत्तरकाशी मेले को खास बनाने में यहां के जिलाधिकारी आशीष कुमार चौहाण का बड़ा हाथ है।हमेशा ही युवाओं और जिले की बेहतरी के लिए काम करने के लिए आगे रहने वाले डीएम ने एक बार फिर इस मेले को युवाओं के लिए एक नए मौके की तरह इस्तेमाल किया है।

इस साल माघ मेले में आकर्षण का केंद्र होगा उत्तरकाशी में होने वाला वॉटर स्पोर्ट।जी हां, इस बार उत्तरकाशी में 20-21 जनवरी को वॉटर स्पोर्ट का आयोजन किया जा रहा है, यह अपने आप में बड़ी बात है क्योंकि शायद यह इस ज़िले में पहली बार होने वाला है।

इस आयोजन के संबंध में डीएम उत्तरकाशी डॉं. आशीष चौहाण से टीम न्यूजपोस्ट से बातचीत में उन्होंने बताया कि ”इस बार माघ मेले में वॉटर स्पोर्ट का आयोजन हो रहा जिसमें कयाकिंग और केनोइंग जैसे रोमांचक स्पोर्ट देखने को मिलेंगे। इन स्पोर्ट में लगभग 50 खिलाड़ी भाग लेगें जिसमें राष्ट्रीय और अंर्तराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी होगें।इसमें 2 रेस दो सौ मीटर और पांच सौ मीटर का आयोजन किया जाएगा।” डीएम आशीष ने कहा कि, “इस वॉटर स्पोर्ट के जरिए एक तो हम देश और विदेश के खिलाड़ियों को उत्तरकाशी की तरफ मोड़ेंगे साथ ही हम यहां से बेहतरीन खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें ओलंपिक और इंडियन आर्मी के लिए तैयार करेंगें।उत्तरकाशी में होने वाले वॉटर स्पोर्ट का नाम उन्होंने ”उत्तरकाशी रेगाटा याानि की उत्तरकाशी रेस ”दिया गया है। इस रेस को आयोजित करने से सबसे बड़ा फायदा होगा कि इसमें आने वाले खिलाड़ियों के साथ मीटिंग होगी और एक क्लब बनाया जा सकेगा और उनको और बेहतर बनाने के लिए कयाक दिए जाऐंगे।”

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डीएम ने इस बार खुद इन खेलों के लिए अपने कदम बढ़ाए हैं जिससे बीच में काम करने वाले बिचौलियों से बचा जा सके और वह खुद सबके सम्मुख अपनी बात रख सके और उनकी बात सुन सकें।डीएम ने कहा कि, “आने वाले समय में हम नैनीताल जैसा यार्ट क्लब शुरु करना चाहते हैं जिसके लिए चिनयालीसौड़ को चुना गया है,मकर संक्रांति बड़ा स्नान पर्व है, ऐसे में स्नान घाटों पर चेंजिंग रूम, बिजली, साफ सफाई के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। मेले के दौरान जाम की समस्या न रहे इसके लिए गंगोरी, जोशियाड़ा एवं ज्ञानसू में पार्किंग के पर्याप्त इंतजाम किए जाए। गंगा स्नान के दौरान कोई खतरा न हो इसके लिए घाटों पर गंगा की अविरल धारा प्रवाहित करने के साथ ही सुरक्षा के इंतजाम भी चाक चौबंद रखे जाए।”

माघ मेले में उत्तरकाशी की जिला पंचायत भी अपनी तैयारियों में लगा हुआ है,मेले में हर उम्र के लोगों के लिए कुछ ना कुछ खास होगा।पारंपरिक साजो-सज्जा की दुकानों के साथ बहुत सी चीजें देखने लायक होंगी।इस कार्यक्रम में इस बार स्थानीय लोक संस्कृति, स्थानीय परिधान, स्थानीय जेवर, खान-पान भी मेले में दिखेगा।

माघ मेले में होने वाले कार्यक्रम की कुछ झलकियां इस प्रकार हैंः

  • वॉटर स्पोर्ट के कार्यक्रम
  • स्थानीय लोकगाथा पर गढ़वाली भाषा में नाटक
  • स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां
  • गंगा आरती के भव्य कार्यक्रम
  • जिले के पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मेलन
  • कवि सम्मेलन, पत्रकार सम्मेलन
  • स्थानीय खेल प्रतियोगिताओं के साथ कुश्ती

तो अगर आप ने अब तक नहीं सोचा कि इस बार मकर संक्रांति पर क्या करने वाले है तो आप उत्तरकाशी के माघ मेले को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं क्योंकि इस बार यहां मेले के साख रोमांचक वॉटर स्पोर्ट का आयोजन भी किया जा रहा है।