देहरादून। राज्य सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने के लए शीघ्र ही विशेष योजना पर कार्य करेगी। सरकार महिलाओं की स्थिति मजबूत करने के लिए कौशल विकास, उत्पादन शक्ति में महिलाओं के योगदान, उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के प्रयासों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उक्त विचार व्यक्त किए।
गुरुवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग के तत्वावधान में आयोजित ‘आजादी के बाद महिलाओं की दशा एवं दिशा’ विषय पर द्वि-दिवसीय सेमिनार के समापन कार्यक्रम में प्रदेश की छह महिलाओं को सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेन्टर के रूप में विकसित करेगी। 15 न्याय पंचायत सेन्टरों में महिलाओं को सिलाई के लिए कटिंग किए हुए परिधान सिर्फ सिलाई के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य में दो महिला बैंक आरम्भ किए गए हैं। अन्य जिलों में भी यह बैंक आरम्भ किए जाएंगे। एलईडी बल्ब वितरण भी महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन तलाक के मुद्ये पर समस्त महिला समाज को एकत्र होना चाहिए। तीन तलाक के कानून से भारी परिर्वतन समाज में देखने को मिलेगा। यह किसी वर्ग, जाति, धर्म या समुदाय विशेष से जुड़ा विषय नही है, बल्कि यह समस्त समाज को प्रभावित करेगा। इस कानून से देश की 18 प्रतिशत मुस्लिम महिला आबादी को देश की प्रगति में योगदान करने का अधिकार भी मिलेगा। आने वाले समय में यह कानून पूरे देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा तथा देश को मजबूती मिलेगी।
बता दें कि तीन तलाक विषय पर सुप्रीम कोर्ट जाने वाले महिला भी उत्तराखण्ड से थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 10 महीने पहले छह वर्ष तक के बच्चों में लिंगानुपात पौड़ी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ जिलों में चिन्तनीय रूप से कम था। इस सम्बन्ध में पुनः सर्वे करवाया गया और तथ्यों की पुष्टि की गई। सम्बन्धित जिलाधिकारियों को इस पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए गए। आज पिथौरागढ़ व चम्पावत जिलों के लिंगानुपात के गैप में कमी देखने को मिली है। उन्होंने उत्तराखण्ड की सफल महिलाओं से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
सीएम ने कहा कि आज राज्य के 13 जिलों में से तीन जिलों में महिला जिलाधिकारी और चार जिलों में महिला पुलिस अधीक्षक तैनात हैं। इन जिलों में बहुत अच्छा कार्य हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयोग सफल हुए हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आज देशभर में लगभग 31 लाख अनाथ बालक-बालिकाएं हैं। राज्य सरकार अनाथ बच्चों को राजकीय सेवाओं में आरक्षण देने के विषय में शीघ्र ही गम्भीरता से विचार करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाजसेवी माता मंगला माता, गायिका कल्पना चौहान, अभिनेत्री उर्वशी रौतेला, मॉडल अनुकृति गुसांई समेत हर्षवन्ती बिष्ट व बसन्ती बिष्ट को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित अन्य राज्यों की महिला आयोग अध्यक्षों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सरोजनी कैन्तुरा के साथ ही जम्मू कश्मीर, उड़ीसा, छतीसगढ़, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात महिला आयोग की अध्यक्ष उपस्थित थीं।
महिला सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार गंभीरः सीएम
मुआवजे के मामले में उत्तराखंड मुख्य सचिव को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
देहरादून, उच्च न्यायालय ने वर्ष 2013 में उत्तराखंड में आई आपदा में श्रीनगर बांध के कारण प्रभावित हुए परिवारों की ओर से अलकनंदा हाइड्रो पावर कंपनी लिमिटेड पर दाखिल मुआवजे के लिए चल रहे केस में उत्तराखंड के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह को समुचित शपथ पत्र दाखिल करने के लिए कहा है, मामले की अगली सुनवाई छह हफ्ते बाद होगी।
2013 में आई आपदा में अलकनंदा गंगा पर बने श्रीनगर बांध कंपनी ‘अलकनंदा हाइड्रो पावर कंपनी लिमिटेड कंपनी’ का नदी किनारे रखा मलबा अलकनंदा नदी में बह गया। इस लाखों टन मलबे के कारण श्रीनगर शहर के निचले हिस्सों में जब पानी भरा तो यह मलवा भी घरों में गैर-सरकारी और सरकारी इमारतों में घुस गया। पानी धीरे-धीरे नीचे उतरा तो पूरा क्षेत्र समाधिस्त हो चुका था,
घरों में आठ फिट मिट्टी भर गई थी। बांध कंपनी द्वारा इस आपदा पर ‘श्रीनगर बांध आपदा संघर्ष समिति’ और ‘माटू जन संगठन’ ने 2013 में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण में ‘अलकनंदा हाइड्रो पावर कंपनी’ पर मुआवजे के लिए दावा दायर किया। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने 19 अगस्त 2016 में अपने आदेश में वादियों को सही ठहराते हुए 9 करोड़ 27 लाख का मुआवजा मंजूर किया था। मामले में बांध कंपनी उसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील दाखिल की थी। जिसके बाद उच्चतम न्यायालय ने अपने तीन अक्टू्ूबर 2016 के आदेश में प्रभावितों को अपने दावे उप जिलाधिकारी के पास जमा करने के लिए और उप जिलाधिकारी द्वारा उस पर अपनी रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल करने का आदेश दिया था।
प्रभावितों के वकील संजय पारीख ने अदालत को बताया की प्रभावितों ने 2016 में अपने विस्तृत दावे उप जिला अधिकारी के समक्ष दायर किए लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार ने अभी तक उस पर अपनी रिपोर्ट दाखिल नहीं की है। इसी को लेकर न्यायाधीश मदन लोकुर व न्यायाधीश दीपक गुप्ता की बेंच ने सरकार को फटकार लगाते हुए शपथ पत्र दाखिल करने के लिए कहा । बेंच छह हफ्ते बाद दोबारा केस की सुनवाई करेगी।
माटू जनसंगठन के अध्यक्ष चंद्र मोहन भट्ट ने कहा कि, “राज्य सरकार इस मसले पर गंभीर होती तो तीन महीने में जांच पूरा करने अपनी रिपोर्ट दाखिल कर सकती थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मामले में संघर्ष समिति कई बार उप जिलाधिकारी व जिलाधिकारी महोदय को मिली और उन्हें एनजीटी के आदेश की प्रतियां, उच्चतम न्यायालय के आदेश की प्रतियां भी दी गई लेकिन सरकार की ओर से इसके बाद भी बेहद धीमी गति से कार्य किया जाता रहा। उन्होंने कहा कि अब उच्चतम न्यायालय से ही उन्हें उम्मीद है। न्यायालय के आदेश के बाद संभवत सरकार व स्थानीय प्रशासन मामले की गंभीरता को समझेंगे और तुरंत कार्रवाई करके शपथ पत्र समय से दाखिल करेंगे, ताकि प्रभावितों को न्याय मिल सके।”
किसानों और व्यवसायियों के आत्महत्या के विरोध में उक्रांद ने फूंका सरकार का पुतला
गोपेश्वर, उत्तराखंड क्रांति दल चमोली ने गुरुवार को गोपेश्वर के मुख्य चौराहे पर किसानों व व्यवसायियों के आत्महत्या किए जाने के विरोध में उत्तराखंड सरकार का पुतला फूंका। गोपेश्वर में जुलूस निकाला। उक्रांद कार्यकर्ताओं ने मुख्य चौराहे पर सरकार का पुतला फूंकते हुए कहा कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार के जमाने में किसान व व्यवसायी आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहे हैं।
राज्य सरकार सभी मोर्चों पर विफल होती नजर आ रही है। राज्य में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। जनता बेकारी और बेरोजगारी का दंश झेल रही है और सरकार मौन बैठी है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आरोप लगाया कि बेकारी और नोटबंदी से व्यवसायियों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया जा रहा है। जिसे उक्रांद बर्दाश्त नहीं करेगा और इसके लिए वृहद रणनीति के तहत आंदोलन किया जाएगा। पुतला फूंकने वालों में जिलाध्यक्ष अब्बल सिंह भंडारी, सत्य प्रकाश सेमवाल, चरण सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।
शहर की फ्लेक्सियों पर किसकी कट रही चांदी
काशीपुर। नगर निगम काशीपुर में अवैध रुप से लग रही फ्लेक्सियो से निगम के राजस्व को लाखों का चूना लगाया जा रहा है, शहर में जगह जगह लग रही फ्लेक्सियों का निगम के पास ना तो कोई हिसाब है और ना ही निगम द्वारा इन अवैध फ्लेक्सी लगाने वालों पर कोई कार्यवाही ही अमल में लायी जा रही है, लिहाजा शहर को फ्लेक्सियों से तो पाटा गया है मगर निगम द्वारा इन अवैध फ्लेक्सी लगाने वालों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है, यही नहीं एक साल से नगर निगम में फ्लेक्सियों का कोई टेन्डर नहीं हुआ है, और शहर में बिना टेक्स के ही प्लेक्सियां टांगी गयी है, जिससे निगम को लाखों का चूना भी लगा है बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड रहे हैं, जबकि नगर निगम की अनुमति के शहर में कोई भी फ्लेक्सी नहीं लगायी जा सकती है, ये देखने के बावजूद अधिकारी कार्यवाही से आखिर क्यों बच रहे है ये नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खडा करता है।
तेल कंपनियों ने किए 34 हजार घरेलू गैस कनेक्शन बंद
देहरादून। तेल कंपनियों ने राजधानी देहरादून के 34 हजार घरेलू गैस उपभोक्ताओं को नए साल पर जोरदार झटका दिया है। आधार नंबर जमा नहीं होने पर इन उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शन ब्लॉक कर दिए गए हैं। तेल कंपनियों ने एक जनवरी से कार्यवाही शुरु कर दी है।
राजधानी में पांच लाख गैस उपभोक्ता है। जिनपर कंपनियों ने कार्यवाही करते हुए आधार कार्ड जमा न करने वाले इंडेन, बीपीसी व एचपीसी के करीब 34000 कनैक्शनों को ब्लॉक कर दिया गया हैं। हालांकि अभी ये आंकड़ा स्पष्ट नहीं है कि अभी इनमें से कितने इंडेन के,कितने बीपीसी के और कितने एचपीसी के है। लेकिन माना जा रहा है कि जिन लोगों ने आधार कार्ड जमा नहीं किया था और लम्बें समय से तेल कंपनियों की मांग के बावजूद लोग गैस एजेंसी नहीं पहुंचे तो इसपर कंपनी ने सख्त रुक अपनाते हुए कार्यवाही शुरु कर दी हैं।
वहीं कंपनी द्वारा पहले चरण में कार्यवाही करते हुए 17 एजेंसियों में प्रति एजेंसी तकरीबन 2000 कनैक्शन ब्लॉक कर दिए गए है। इनमें कई लोगों ऐसे भी है तो फर्जी कनैक्शन का उपयोग कर कर रहे थे, उन्होंने एक कनैक्शन को तो आधार कार्ड से लिंक करा दिया था दूसरे कनैक्शन पर वो नॉन सब्सिडी के तहत सलेंडर ले रही थे। लेकिन अब उन्हे एक ही कनैक्शन पर गैस उपलब्ध होगी और दूसरे सलेंडर बंद कर दिए गए है। इसके अलावा ये भी माना जा रहा है कि जिन कनैक्शनों को बंद किया गया था ये कनैक्शन फर्जी तरीके से खुलवाए गए थे और ये एक ही नाम के दो-दो कनैक्शन थे। इसलिए इनपर कार्यवाही की जा रही है।
वहीं अभी तेल कंपनी के अधिकारी इस मामले में कुछ भी स्पष्ट नहीं कर रहे है लेकिन गैस एजेंसियों की माने तो ये उन लोगों के कनैक्शन बन्द किए गए है जिन लोंगो के आधार कार्ड जमा नही किए थे।
कंपनियों का कहना है अब सब्सिडी केवल उन्हीं को मिलेगी जिनके आधार नंबर बैंक अकाउंट नंबर गैस एजेंसी में जमा होंगे। तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से रसोई गैस कनेक्शन चालू रखने के लिए केवाईसी भी मांगा है। अगर किसी उपभोक्ता ने केवाईसी भर दिया और आधार नंबर नहीं दिया तो उसका कनेक्शन तो चालू रहेगा लेकिन सब्सिडी का लाभ उन्हें नहीं मिलेगी।
इस संबंध में आईओसीएल(एलपीजी) के एरिया मैनेजर एसके सिन्हा ने बताया कि हमारे पास जो निर्देश आए हैं उसके अनुसार अगर किसी उपयोगिता ने केवाईसी और आधार कार्ड आधार नंबर नहीं दिया है तो उसका कनेक्शन ब्लॉक करने का प्रक्रिया शुरु कर दिया गया है। इसकी सूचना उपभोक्ताओं को एसएमएस के जरिए दी जा रही है। अगर कोई उपभोक्ता बाद में भी इसे जमा करेगा तो उसका कनेक्शन चालू कर दिया जाएगा।
दून में कुल उपभोक्ता
इंडेन- 3,50000
बीपीसी-100000
एचपीसी-50000
कुल-500000
क्रिकेट जगत ने द्रविड़ को जन्मदिन की दी बधाई
नई दिल्ली, “द वॉल” नाम से मशहूर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ गुरूवार को 45 वर्ष के हो गए हैं। द्रविड़ को उनके जन्मदिन के अवसर पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) सहित भारतीय क्रिकेट दिग्गजों ने बधाई दी है।
आईसीसी ने ट्विटर पर द्रविड़ को उनके द्वारा अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय और टेस्ट क्रिकेट में बनाए गए कुल रनों को पोस्ट करते हुए एक अलग अंदाज में बधाई दी।
बीसीसीआई ने उन्हें बधाई देते हुए लिखा, “प्रतिबद्धता, एकता, और क्लास। भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ को उनके जन्मदिन की हार्दिक बधाई।”
भारतीय टीम के कलात्मक बल्लेबाज अजिंक्या रहाणे ने द्रविड़ को बधाई देते हुए लिखा, “मैं केवल क्रिकेट की उपलब्धियों के लिए ही नहीं बल्कि सादगी और बेहद गरिमा के साथ अपना जीवन जीने के लिए राहुल भाई का सम्मान करता हूं। जन्मदिन की हार्दिक बधाई।”
भारतीय टीम के पूर्व कलात्मक बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने अपने साथ उनकी एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “हमारी दोस्ती न केवल अटूट है बल्कि महसूस करने और लगातार न मिलने के बावजूद भी सलामत रहने वाली है। एक प्यारे दोस्त, राहुल को सबसे अच्छी बधाई देना चाहता हूं, जिनके साथ मैंने कुछ महान यादें साझा की हैं।”
महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने जन्मदिन के साथ-साथ द्रविड़ को अंडर-19 विश्व कप के लिए भी बधाई दी। सचिन ने लिखा, “हमारे आसपास कई मजबूत दीवारें हो सकती हैं लेकिन सबसे बड़ी और भरोसेमंद दिवार राहुल द वॉल है। जन्मदिन मुबारक हो,अंडर-19 विश्व कप के लिए मेरी शुभकामनाएं।” बता दें कि द्रविड़ भारतीय अंडर-19 विश्व कप के कोच भी हैं। अंडर-19 विश्व कप की शुरूआत 13 जनवरी से हो रही है।
भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने भी जन्मदिन के साथ-साथ द्रविड़ को अंडर-19 विश्व कप की बधाई दी। इनके अलावा, हरभजन सिंह, सुरेश रैना,राजीव शुक्ला और मोहम्मद कैफ आदि ने भी राहुल द्रविड़ को उनके जन्मदिन की बधाई दी।
द्रविड़ ने अपने 16 वर्षों के अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान टीम में विकेटकीपर से लेकर सलामी बल्लेबाज तक की भूमिका निभाई है। एक समय वह सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली के साथ मिलकर भारतीय बल्लेबाजी के रीढ़ हुआ करते थे।
द्रविड़ ने 164 टेस्ट मैचों में 13,288 रन बनाए हैं, जिनमें 36 शतक और 63 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने 344 एकदिवसीय में 10,889 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 83 अर्धशतक हैं।
परिवार के साथ उत्तराखंड पहुंचे क्रिकेटर जॉंटी रोड्स,सीएम से की मुलाकात

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कांग्रेस ने साधा सीएम पर निशाना
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को विधानसभा में पारित लोकायुक्त बिल के तहत 3 महीने के अंदर प्रदेश को लोकायुक्त नियुक्त करने को कहा है जिससे त्रिवेंद्र सरकार पर अब लोकायुक्त को लेकर दबाव बढ़ गया है।
ऋषिकेश हंस फाउंडेशन के कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे पीसीसी चीफ प्रीतम सिंह ने त्रिवेंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि, “चुनाव के वक्त बीजेपी ने भ्रष्टाचार को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करी थी, अब राज्य के मुखिया लोकायुक्त को ही लागू करने में आनाकानी कर रहे हैं, यह है डबल इंजन की सरकार का असली चेहरा।”
प्रदेश कांग्रेस राज्य सरकार से मांग करती है कि जल्द से जल्द राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति करें और अपने वादे को निभाए।
कोहरे ने रोकी रफ्तार, ठीठुरी तराई
हल्द्वानी- नये साल से तराई में कोहरे का कहर जारी है। इससे ठंड में काफी इजाफा हुआ है। वहीं पहाड़ों पर धूप खिली हुई है। लगातर आठ दिनों से तराई के लोग कोहरे में ठिठुरने को विवश है। सुबह के समय कोहरा, दिनभर ठंडी हवा के चलते लोगों की कंपकपी छूट रही है। तराी में पारा में भी इजाफा हुआ। जबकि तराई लगातार कोहरे की गिरफ्त में है। घने कोहरे से यातायात पर भी असर पड़ा। रामपुर रोड पर सबसे अधिक कोहरे का असर देखने को मिला। वाहन धीरे धीरे रेंगते नजर आये। कोहरे का असर ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ रहा है। नये साल से पूरे उत्तर भारत में ठंड का कहर जारी है।

कोहरे और ठंडी हवा ने गलन और ठंड को बढ़ा दिया। ठंड के चलते दिनभर लोग अपने घरों में दुबके रहे। ठंड के चलते दिनचर्या प्रभावित होने के साथ ही पूरे दिन बाजारों की चहल पहल गायब रही। कई लोग अलाव जलाकर हाथ सेंकते नजर आए। सप्ताह भर से पारे में अचानक आई गिरावट ने जनजीवन को एकबार फिर प्रभावित हो गया। देर शाम तक धुंध का असर बना रहा। कंपकंपाती ठंड से लोग बाहर निकलने से बचते रहे। जिससे सड़कों पर यातायात नहीं के बराबर दिखा। नगर ही नहीं गांवों में भी यही स्थिति बनी रही। धुंध और कोहरे का असर यातायात पर भी दिखा। सड़क मार्ग पर वाहन रेंगते नजर आए। हल्द्वानी से भी रोडवेज की बसें निर्धारित समय से काफी देरी से आकर गंतव्य को रवाना होती रहीं। कोहरे और धुंध का असर ट्रेनों के परिचालन पर भी दिखा। विलंब के चलते ट्रेनों की प्रतीक्षा में प्लेटफार्मों पर बैठे यात्री परेशान रहे।
एक तरफ जनाज़ा तो एक तरफ निकली बारात
रुद्रपुर- पूरा परिवार जश्न के माहौल में डूबा था और शहनाईयों की गूंज में मग्न था, मगर परिवार को क्या मालूम था कि शहनाइयों की गूंज के बीच उनका सबका कुछ तबाह हो जाएगा और उनके अपने ही आग की लपटों में सिमट जाएंगे, जी हां रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड में एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई और ये हादसा उस वक्त हुआ जब पूरा परिवार एक पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होने गया था। बुजुर्ग घर में अकेला था कि रात अचानक घर में आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि बुजुर्ग को बचने का मौका ही नहीं मिला और वह आग के साथ जलकर खाक हो गया। इलाकाई लोगों के भरसक प्रयास के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक घर के सामान के साथ बुजुर्ग पूरी तरह जल चुका था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ट्रांजिट कैंप के गड्ढा कालोनी शास्त्री नगर वार्ड 12 निवासी नजर मोहम्मद (72) यहां अपने बेटे मेहराज अहमद, बहू परवीन व बेटी हरजाना के साथ रह रहे थे। नजर की एक बेटी रुखसाना गदरपुर में रहती है। गुरुवार को रुखसाना के बेटे फरीद की शादी थी। पूरा परिवार शादी और शादी से पहले भात कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुधवार को घर से निकला था। इधर, घर में नजर अकेले थे। बताया जाता है कि रात वह घर के दरवाजे बंद कर अपने कमरे में सोने चले गए। सुबह करीब पांच बजे अचानक घर में आग लग गई। ठंड की वजह से नजर को आग लगने का आभास नहीं हुआ और जब उनकी आंख खुली तो बहुत देर हो चुकी थी। आग ने पूरे कमरे में अपनी चपेट में लिया था। जिसमें जलकर नजर की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जाता है कि नजर पर फालिश का असर था, इसलिए भी वह सामान्य तरीके से चल नहीं सकते थे। सुबह करीब छह बजे इलाकाई लोगों की नजर धू धू कर जलते नजर के कमरे पर पड़ी तो इलाके में हड़कंप मच गया। आनन फानन में इलाकाई लोग राहत कार्य में जुट गए। लोग घर का मुख्य द्वार तोड़ कर नजर के कमरे तक पहुंचे, लेकिन नजर का कमरा भी अंदर से बंद था। इसके बाद उनके कमरे का दरवाजा भी तोड़ा गया। इसी बीच टीन की छत भरभरा कर नीचे आ गिरी। आनन फानन में लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश शुरू की। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद धू धू कर जल रही आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि तब तक कमरे में रखा पूरा सामान जलकर राख हो चुका था और नजर मोहम्मद भी पूरी तरह खाक हो चुके थे। आनन फानन में लोगों ने इसकी सूचना पुलिस के साथ दमकल को दी। ट्रांजिट कैंप थानाध्यक्ष जीबी जोशी मौके पर पहुंचे और शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।





























































