रुड़की। रुड़की में घने कोहरे के कारण एक कार मंगलवार सुबह हादसे का शिकार हो गई जिसमें ड्राइवर समेत एक बुजुर्ग महिला सवार थे।
अकबरपुर निवासी युवक अपनी मां गुलिस्ता को लेकर आल्टो कार से अकबरपुर से रुड़की की ओर जा रहा था। पनियाला गांव के पास जूनियर स्कूल के बाहर कोहरे के कारण कार सड़क किनारे तालाब में जा गिरी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बामुश्किल कार सवार लोगों को बाहर निकाला, जिसमें महिला गुलिस्ता की मौत हो गई। ग्रामीणों की मदद से कार को तालाब से बाहर निकाला गया। हादसे का कारण घना कोहरा बताया गया।
तालाब में गिरी कार, महिला की मौत
दो साल में मात्र 43 लाख एलईडी बल्ब हुए वितरित
देहरादून। ऊर्जा संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ा रही सूबे की टीएसआर सरकार ने एलईडी बल्बों के वितरित का लक्ष्य बढ़ाकर एक करोड़ तो कर दिया। अनुमान लगाया जा रहा है कि इससे लगभग 175 करोड़ रुपये की ऊर्जा बचत होगी, लेकिन योजना के दो वर्षों में अब तक मात्र 43 लाख बल्ब ही वितरित हो पाए हैं। ऐसे में यह लक्ष्य प्राप्त करना आसान नहीं लग रहा।
महिला स्वयं सहायता समूह करेंगे वितरण में सहयोग: अब सरकार ने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों के द्वारा एलईडी बल्ब एवं ऊर्जा दक्ष उपकरणों का वितरण कराने का फैसला किया है। इन समूहों को बल्ब बेचने पर मार्जिन मनी दी जाएगी। साथ ही लक्ष्यों को समय से पूरा करने वाले ऐसे समूहों को उजाला मित्र के रूप में पुरस्कृत करने का भी प्रावधान रखा गया हैं। इससे समूहों को एलईडी बल्ब एवं अन्य ऊर्जा व दक्ष उपकरणों की बिक्री से अच्छी आय प्राप्त हो सकेगी। इन समूहों को एलईडी बल्ब की बिक्री पर 10 रुपये प्रति बल्ब, एलईडी लाइटों की बिक्री पर 15 रुपये प्रति लाइट तथा ऊर्जा दक्ष पंखों की बिक्री पर 56 रुपये प्रति पंखे की दर से मानदेय दिया जाएगा। इससे इन महिला समूहों के आय के स्रोत बढ़ेंगे साथ ही ग्रामीण क्षेत्र तक एलईडी बल्ब की उपलब्धता बढ़ सकेगी।
एक करोड़ एलईडी बल्ब वितरण का लक्ष्य: प्रदेश में एक करोड़ एलईडी बल्ब के वितरण का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक लगभग 43 लाख एलईडी बल्ब का वितरण किया जा चुका है। इस लक्ष्य को हासिल करने के बाद प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 390 मिलियन यूनिट बिजली की बचत हो सकेगी, जिसकी कीमत लगभग 98 करोड़ रुपये होगी। दरअसल, एक नौ वाट के एलईडी बल्ब को साढ़े तीन घंटे प्रतिदिन जलाने पर प्रति वर्ष लगभग 65 यूनिट बिजली की बचत होगी, जो लगभग 162 रुपये के समतुल्य है। उत्तराखंड में कुल 1400 मिलियन यूनिट की प्रतिवर्ष खपत होती है। इस हिसाब से वर्तमान तक वितरित 40 लाख एलईडी बल्बों के उपयोग से 260 मिलियन यूनिट बिजली की बचत हो रही है, जिसकी कीमत करीब 65 करोड़ रुपये है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 100 लाख एलईडी बल्ब वितरण के लक्ष्य की पूर्ति के बाद प्रतिवर्ष लगभग 390 मिलियन यूनिट, मतलब करीब 98 करोड़ रुपये की बचत होगी।
छह महीने में बंटने थे 53 लाख बल्ब : 29 नवम्बर 2015 को योजना शुरू की गई थी। छह महीने में 53 लाख बल्ब बांटने का लक्ष्य रखा था। शुरुआत में बल्ब की बिक्री खूब हुई, लेकिन धीरे-धीरे इसमें कमी आने लगी। इससे बल्ब वितरण का ठेका जिन एजेंसियों ने लिया था, वह धीरे-धीरे हाथ खड़े करने लगी और बिक्री में गिरावट आती चली गई। जिसके बाद अभी तक 43लाख 52 हजार बल्ब की ही बिक्री हो सकी है।
डाक के माध्यम से हो रहे उपलब्ध : एनर्जी एफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने एलईडी बल्ब वितरण के लिए डाक विभाग के सामने प्रस्ताव रखा था। डाक विभाग में गठित कमेटी के हरी झंडी दिखाने के बाद सभी डाकघरों के माध्यम से बल्ब व अन्य उपकरण मुहैया कराए जा रहे है। वहीं, ईईएसएल के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि काउंटर शुरू किए जा रहे हैं। जल्द ही सभी जगहों पर बल्ब मिलेंगे और खराब बल्ब बदले भी जाएंगे।
डाकघर की कुल शाखा-2718
ग्रामीण क्षेत्रों में शाखा-2513
कहां कितने बल्ब बिके
देहरादून ग्रामीण, 560103
देहरादून शहर, 737264
श्रीनगर, 586513
हरिद्वार, 267341
रुड़की, 307804
काशीपुर, 178438
रुद्रपुर 331614
टिहरी, 255807
रानीखेत, 332167
पिथौरागढ, 309302
हल्द्वानी, 485830
ट्रैफिक समस्याओं के लिये पुलिस ने मांगे इन भाषाओं में सुझाव
उत्तराखंड में क्षेत्रीय भाषाओं के बचाने और बढ़ाने के लिये किये जा रहे प्रयासों में ट्रैफिक विभाग ने भी हिस्सा ले लिया है। 16 जनवरी से ट्रैफिक पुलिस देहरादून ने अपने फेसबुक पेज के माध्यम से गढ़वाली,कुमाउंनी,जौनसारी,अंग्रेजी और हिंदी में लोगो से ट्रैफिक व्यवसथाऐं बेहतर करने के लिये सुझाव मांगना शुरु कर दिया है।

आए दिन हम देखते हैं कि शहर के सबसे भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र पलटन बाजार में लोग अपनी दोपहिया वाहन लेकर घुस जाते हैं जिससे पैदल चलने वालों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है।जी हां पलटन बाजार के लिए कोई भी दिन खाली नहीं होता, रविवार हो या सोमवार, हर रोज़ लगभग एक जैसी भीड़ होती है।इसी भीड़-भाड़ को देखते हुए ट्रैफिक डायरेक्टरेट उत्तराखंड पुलिस के फेसबुक पेज के माध्यम से आम जनता से राय मांगी गई है जिसपर लोगों ने अपनी प्रतिक्रया भी दी है।आपको बतादें कि ट्रैफिक निदेशक केवल खुराना ने इससे पहले अपने देहरादून एसएसपी कार्यकाल के दौरान पलटन बाजार में वाहनों की आवाजाही रुकवा चुके हैं।
बात यह है कि फेसबुक पर यह पोस्ट डालने के कुछ ही घंटो में लोगों ने इसपर अपनी राय दी जिसमें 90प्रतिशत लोगों ने पलटन बाजार में गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की है।इस पोस्ट के नीचे लोगों ने अलग-अलग मसलों पर अपनी राय दी है, किसी ने इंदिरा मार्केट में दो पहिया गाड़ियों की आवाजाही रोकने की राय दी है तो कोई फुटपाथ पर लगे रेड्डियों को हटाने की मांग रख रहा है।आपको बतादें कि पिछले दिनों उत्तराखंड पुलिस ने एक बैठक में यह बात साफ की थी कि ट्रैफिक से जुड़ी सभी परेशानियों को उत्तराखंड पुलिस 3 क्षेत्रीय भाषाओं के साथ ही हिंदी और अंग्रेजी में लोगों के सामने रखेगी और उनकी राय लेगी।

पलटन बाजार में गाड़ियों को रोकने के अलावा ट्रैफिक डायरेक्टरेट उत्तराखंड पुलिस के फेसबुक पेज पर एक और राय मांगी गई जिसमें पूछा गया कि सार्वजनिक वाहनों (जैसे-बस, विक्रम, आटो)में यात्रा करते समय आपकों क्या-क्या समस्या देखने को मिली या आपने खुद महसूस करी, कृपया शेयर करें, ताकि हम उनका समाधान ढुंढने की कोशिश कर सकें।
इसपर भी लोगों ने कुछ ही घंटो में अपना रेस्पांस दिया और कहा कि विक्रम में सवारियों को बैठाने की सीमा निर्धारित होनी चाहिए, पीछे केवल 6 लोग और आगे 1 सवारी बेठानी चाहिए।किसी ने कहा कि हर जगह विक्रम के रुकने से ट्रैफिक जाम लगता है तो विक्रम के रुकने के लिए स्टॉप निर्धारित होने चाहिए, ऐसे बहुत सी राय लोगों ने पोस्ट के नीचे दी है।
इसपर टीम न्यूजपोस्ट से बातचीत करते हुए ट्रैफिक निदेशक केवल खुराना ने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं में लोगो की राय मांगना सच में कारगर साबित हुआ है,लोगों ने दिल खोल कर फीडबैक दिया है,7 हजार कमेंट्स,4 हजार लाइक्स और बहुत से लोगों ने हमारे पोस्ट शेयर भी किए है।” उन्होंने कहा कि, “हम लोगों अब फीडबैक पर काम करने में लगे हुए है कि कैसे चीजे बेहतर कर सकें और आने वाले रविवार को पब्लिक ट्रांसपोर्ट में हम प्रयोग भी करने वाले हैं।” इसके साथ ही खुराना ने कहा कि, “पलटन बाजार में बहुत से लोगों ने रिएक्शन दिया है और छेड़खानी और धक्का-मुक्की की बात सामने आई है जिसपर हम काम करने की सोच रहे हैं। इसके अलावा हमारे पास 100 वालिटिंयर है जो अपने शहर के लिए 15 मिनट दे सकते हैं जिसमें हम इन सभी वालिंटियर द्वारा नो-पार्किंग ज़ोन में लगाई गाड़ीयां हटाने को कहेंगे।” केवल खुराना ने कहा कि, “और तो और अब हम एक ड्यूटी चार्ट रखेंगे जिसमें लोग ड्यूटी के दौरान अच्छा काम करने वाले ट्रैफिक पुलिस की सराहना भी कर सकते हैं और गलत काम करने वाले पुलिस की शिकायत भी कर सकते हैं जिसके बाद हम पुलिसवालों को उनके काम के अनुसार सराहना और दंड भी देंगे।”
ट्रैफिक पुलिस द्वारा यह बहुत ही सराहनीय पहल है लेकिन देखना यह है कि क्या वाकई इन सभी समस्याओं पर ट्रैफिक पुलिस लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेगी या नहीं।
डीएम दीपक रावत अंकल प्लीज छुट्टियां थोड़ी एक्स्टेंड करो
रुड़की।हरिद्वार डीएम दीपक रावत हमेशा से चर्चाओं में बने रहते हैं लेकिन इस बार उनके सुर्खियों में आने का कारण है एक चिट्ठी।जी हां सोशल मीडियया पर लगातार वायरल हो रही है डीएम रावत को आई यह चिट्टी।आइये आपको बताते हैं कि चिट्ठी में क्या लिखा है।
रेस्पेक्टेड डीएम दीपक रावत अंकल प्लीज थोड़ी छुट्टी एक्सटेंड कर दो। बच्चों के हाथों से लिखी ये लाइनें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इस चोटी सी चिट्ठी में बच्चों ने मांग की है कि डीएम अंकल हमारी छुट्टियां बढ़ा दो।
आपको बता दें कि जिले में कड़ाके की ठंड को देखते हुए हरिद्वार के जिलाधिकारी दीपक रावत ने पांच से 15 जनवरी तक स्कूल बंद करने के निर्देश जारी किए थे। छुट्टियों के बाद 16 जनवरी को स्कूल खुले, लेकिन ठंड का प्रकोप जारी है। कड़ाके की ठंड में बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक चिट्ठी वायरल हो रही है, जिसमें बच्चों ने डीएम से रिक्वेस्ट की है कि हमारे प्यारे अंकल अभी बहुत ठंड है और कल (16 जनवरी) से स्कूल खुल रहे हैं, हम सब बच्चे इतनी ठंड में स्कूल कैसे जाएंगे, हाथ भी नहीं चलेंगे। अंकल प्लीज थोड़ी छुट्टी एक्सटेंड कर दो थैंक्स अंकल आप के प्यारे बच्चे ठंड के मारे बच्चे अब देखते हैं कि बच्चों के प्यारे अंकल उनकी इस रिक्वेस्ट पर क्या प्रतिक्रिया देंगे।
निकाय चुनावों से पहले मसूरी में बीजेपी नेता ने गिराया ये लैटर बम
उत्तराखंड की सर्द हवाओं के बीच मसूरी में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। निकाय चुनाव कुछ ही समय बाद है औऱ शहर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं।
बीजेपी युवा मोर्चे के पूर्व अध्यक्ष अमित भट्ट की एक चिट्ठी ने यहां राजनीति गरमा दी है। चुनाव आयोग, देहरादून डीएम, और गणेश जोशी को लिखी इस चिट्ठी में भट्ट ने आरोप लगाया है कि उनके वॉर्ड में मतदाता सूची में से जानबूझकर 100 मतदाताओं के नाम छोड़ दिये गये हैं।
चिट्ठी में आरोप लगाया गया है कि बीएलओ अधिकारियों ने मतदाताओं की जानकारी जमा करने के बाद सूची पार्षद को सौंप दी थी जिसके बाद सूची में हेरा फेरी की गई है। पत्रकारों से बात करते हुए भट्ट ने कहा कि “चुनावों के नाम पर ये सिर्फ मजाक बनकर रह जायेगा अगर इस मामले की सही तरह से जांच नहीं की गई।”
वहीं नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन मल्ल इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। मल्ल कहते हैं कि “मसूरी में 12 वॉर्ड हैं ऐसा कैसे हो सकता है कि केवल एक ही वॉर्ड में गड़बड़ियां हैं। अधिकारियों ने पूरी मेहनत से ये लिस्ट तैयार की है। चुनावों से पहले ये केवल एक राजनीतिक स्टंट है।”
नगर पालिके के लिये चुनाव इस साल अप्रैल मे होने हैं। इसके चलते शहर में माहौल चुनावी रंग में रंगता जा रहा है।
31 जनवरी तक 30 मामलों की एफआईआर दर्ज करे सीबीआई : सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर में सेना द्वारा मारे गए 42 मामलों में एफआईआर दर्ज करने में देर करने पर सीबीआई को फटकार लगाई है। आज इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने सीबीआई की एसआईटी को निर्देश दिया कि बाकी 30 मामलों की एफआईआर 31 जनवरी तक करें। इस मामले में एसआईटी ने अब तक मात्र 12 एफआईआर ही दर्ज किया है।
पिछले 8 जनवरी को एफआईआर दर्ज करने में धीमी रफ्तार अपनाते जाने पर सीबीआई और एसआईटी की आलोचना की थी। जस्टिस मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अब तक मात्र 12 एफआईआर ही दर्ज हुए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 14 जुलाई को सेना को एक बड़ा झटका देते हुए मणिपुर में सेना द्वारा मारे गए 62 मामलों की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि वो जनवरी 2018 तक जांच की प्रगति रिपोर्ट कोर्ट को सौंपे। कोर्ट ने सीबीआई को जांच के लिए टीम का गठन करने का आदेश दिया था।
केंद्र सरकार ने पिछले साल 12 अप्रैल को मणिपुर में सेना द्वारा मारे गए लोगों के मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले में संशोधन करने के लिए क्युरेटिव पिटीशन दायर किया था। केंद्र का कहना था कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ मसला है और इस फैसले से जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के हिस्सों में सेना का रोज ब रोज का काम प्रभावित हो रहा है।
8 जुलाई 2016 को मणिपुर में 2010 से 2012 के बीच सेना के जवानों द्वारा मारे गए लोगों के मामले पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सेना किसी के साथ बदले की भावना के तहत कार्रवाई नहीं कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान मारे गए करीब डेढ़ हजार लोगों की मौत की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट के तहत सेना ने वर्ष 2010 से वर्ष 2012 के बीच करीब डेढ़ हजार से ज्यादा एनकाउंटर किए। इसी की जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
45 बीघा सरकारी जमीन कब्जाने की तैयारी
देहरादून। ईस्ट होप टाउन के झाझरा क्षेत्र में करीब 45 बीघा सरकारी जमीन को कब्जाने की तैयारी की जा रही है। मंडलायुक्त दिलीप जावलकर को इस बात की भनक लगी तो वह खुद मौके पर जा पहुंचे और राजस्व टीम से जमीन की पैमाइश कराई। करीब सात घंटे चली पैमाइश में पता चला कि जिस जमीन को अन्य लोग अपना बता रहे हैं, वह सरकारी है। इसे गंभीर मानते हुए मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन को जांच के आदेश दिए हैं।
पिछले दिनों कुछ लोग मंडलायुक्त दिलीप जावलकर से यह कहते हुए मिले कि ईस्ट होप टाउन में खसरा नंबर 1171 में उनकी जमीनें हैं, जबकि विकासनगर के उप जिलाधिकारी उन्हें कब्जा नहीं लेने दे रहे हैं। उन्होंने संबंधित खसरा नंबर पर अपनी जमीन होने के कागज भी दिखाए। वहीं, मंडलायुक्त को अन्य माध्यम से यह भी पता चला कि जमीन सरकारी है और ये लोग जमीन पर अवैध कब्जा करना चाहते हैं। साथ ही पता चला कि वर्ष 2006 में इस खसरा नंबर की भूमि एसडीआरएफ/आपदा प्रबंधन विभाग को यूनिट स्थापित करने के लिए आवंटित की गई थी। प्रकरण को गंभीर मानते हुए मंडलायुक्त दिलीप जावलकर ने स्वयं मौके पर जाकर जमीन की हकीकत पता करने का निर्णय लिया। उन्होंने एसडीएम विकास नगर व राजस्व टीम की उपस्थिति में जमीन की पैमाइश कराई तो पता चला कि आपदा प्रबंधन ने खसरा नंबर 1176 पर कब्जा प्राप्त किया है और यह भूमि अभी भी सरकार के नाम पर है। जबकि मौके पर जमीन के कुछ हिस्से पर प्लॉटिंग भी पाई गई। इसे गंभीर मानते हुए मंडलायुक्त ने तत्काल जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन को जांच सौंपी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि जो जमीन सरकार की है, उस पर लोगों ने किसकी मिलीभगत से अपने नाम के दस्तावेज तैयार कर लिए।
साडा को मिलेगा कब्जा, बनेगा पार्क
जमीन पर कब्जा होने से बचाने और उसके सदुपयोग के लिए मंडलायुक्त दिलीप जावलकर ने निर्देश दिए कि दून घाटी विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) इस पर कब्जा प्राप्त करे और भूमि पर पार्क विकसित किया जाए। इस कार्रवाई के पूरे होने तक उपजिलाधिकारी विकासनगर को निर्देश दिए गए हैं कि वह किसी भी व्यक्ति को जमीन पर कब्जा न करने दें।
आपदा प्रबंधन की चूक का उठाया लाभ
प्रशासन ने भी यह मान लिया था कि एसडीआरएफ ने खसरा नंबर 1171 पर ही कब्जा लिया है। यहीं से इस जमीन को खुर्दबुर्द करने की पटकथा तैयार की गई। ऐसे में यह दिखाने की कोशिश की गई कि यह जमीन खसरा नंबर 1171 के तहत नहीं है और राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से इस जमीन पर विभिन्न लोगों के नाम के दस्तावेज तैयार करा लिए गए।
ऑस्ट्रेलियन ओपन : शारापोवा ने जीत के साथ की शुरूआत
मेलबर्न, पांच बार की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन रूस की दिग्गज महिला टेनिस खिलाड़ी मारिया शारापोवा ने ऑस्ट्रेलियन ओपन में जीत के साथ अपने अभियान की शुरूआत की है।
शारापोवा ने पहले दौर में मंगलवार को जर्मनी की टटजाना मारिया को 1 घंटे 18 मिनट तक चले मुकाबले में सीधे सेटों में 6-1, 6-4 से शिकस्त दी। दूसरे दौर में शारापोवा का सामना लातविया की अनास्टासिजा सेवास्टोवा और उज़्बेकिस्तान की वरवरा लेपचेंको के बीच होने वाले मैच की विजेता से होगा।
इसके साथ ही शारापोवा ने ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले दौर में 48वीं जीत दर्ज की। इस प्रतियोगिता में वह केवल तीन बार ही पहले दौर में हारीं हैं। डोपिंग के कारण 15 महीने के प्रतिबंध के बाद पेशेवर टेनिस में वापस लौंटी शारापोवा ने आखिरी बार वर्ष 2016 में ऑस्ट्रेलियन ओपन में हिस्सा लिया था।
भाजपा की नाकामियों को बताने के लिए कांग्रेस चलाएगी जनजागरण अभियान
देहरादून, भाजपा की डबल इंजन की सरकार की नोटबंदी व जीएसटी समेत चार मुद्दों पर सरकार की नाकामियों को बताने के लिए प्रदेश भर में उत्तराखण्ड कांग्रेस जन जागरण अभियान चलाएगी। पार्टी ने भाजपा पर हमला बोलने के लिए खाका तैयार कर लिया है जो जनवरी के अंतिम सप्ताह से मध्य फरवरी तक चलेगा।
बतादें कि हाल ही में गुजरात में कांग्रेस की बढ़त से प्रदेश के कार्यकर्ताओं में उत्साह बना हुआ है। इसलिए कांग्रेस इसका सियासी फायदा उठाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी, क्योंकि प्रदेश में नगर निकाय का चुनाव होना है। इस चुनाव को अपने पक्ष में करने के ल्ए पार्टी नोटबंदी व जीएसटी और महंगाई के साथ किसानों की दुर्दशा को लेकर साइकिल रैली, पदयात्रा के माध्यम से सरकार के खिलाफ जनजागरण करेगी।
कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश के किसान कर्ज में डूबने रहने से आये दिन आत्महत्या कर रहे हैं, जबकि भाजपा सत्ता में आने से पहले यह वायदा किया था कि सत्ता में आने पर किसानों का ऋण माफ करेंगे, लेकिन नौ माह बीतने के बाद भी सरकार जनहित के निर्णय लेने में विफल साबित हुई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार जनता से किए वायदों को पूरा करने में असमर्थ दिख रही है। सरकार लोकायुक्त गठन करने की बात कही थी, लेकिन नौ माह बीत गए अभी तक गठन नहीं हो पाया। प्रदेश में किसानों का हाल बूरा है। जगह-जगह जीएसटी व नोटबंदी से लोग परेशान होकर आत्महत्या करने पर विवश हो रहे हैं। हाल ही में फरियादी ट्रांसपोर्टर प्रकश पाण्डेय की मौत से सरकार को सबक लेना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार चेतने के मूड में नहीं है। सरकार के जनविरोधी रवैये के खिलाफ पार्टी 29 जनवरी से प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन करेगी।
कांग्रेस 29 जनवरी से साइकिल विशाल रैली का आयोजन राजधानी देहरादून में कांग्रेस मुख्यालय से शुरुआत करेगी जो मोहब्बावाला में समाप्त होगी। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह व विपक्ष की नेता इंदरा हृदृयेश मौजूद रहेंगे। इसके बाद हरिद्वार, उधमसिंह नगर, काशीपुर सहित मैदानी इलाकों में इस प्रकार का रैली अलग-अलग समय में आयोजन किया जाएगा। साथ ही 70 विधानसभा में पदयात्रा और जनजागरण कार्यक्रम का आयोजन मध्य फरवरी तक किया जाएगा। इसके बाद देहरादून में एक विशाल कार्यक्रम किया जाएगा।
विराट कोहली पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना

नई दिल्ली, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन के खेल के दौरान भारतीय कप्तान विराट कोहली पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। उन्हें लेवल-1 का दोषी पाया गया है और इसके लिए उन्हें 1 डिमेरिट अंक भी मिलेगा।
कोहली को आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.1.1 के (खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टॉफ) उल्लंघन का दोषी पाया गया है जो ‘खेल भावना’ से जुड़ा है।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीका के दूसरी पारी के 25वें ओवर के दौरान फील्ड अंपायरों ने खेल खराब रोशनी के चलते रोका। इससे विराट गुस्से में गेंद को मैदान पर पटकते हुए बाहर निकले और सीधे मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड के कमरे में जा पहुंचे। विराट ने मैच रेफरी के सामने खेल रोके जाने पर अपनी नाराजगी जताई। दिन का खेल समाप्त होने के बाद, कोहली ने अपनी गलती स्वीकार कर ली जिसके बाद अब मामले की औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।




























































