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बीजेपी ने जनता दरबार का पता बदला

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देहरादून। राज्य में बीजेपी की सरकार आने के बाद सीएम रावत ने जनता दरबार लगाने का फैसला किया। दूर-दराज़ से लोग अपनी समस्याएं लेकर सीएम के पास आने लगे, बीजेपी ने जनता दरबार के फैसले में थोड़ा सा बदलाव करने का निर्णय किया है। देहरादून में पार्टी के मुख्यालय पर जनता दरबार आयोजित करने के फैसले में बदलाव करते हुए अब जनता दरबार सभी जिलों के पार्टी मुख्यालयों और तहसील कार्यालयों (सरकार से संबंधित पार्टी से नहीं) पर करने का फैसला किया है।हालांकि बीजेपी के इस फैसले की वजह को कांग्रेस के मुताबिक बीते दिनों हुए ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे की मौत और कांग्रेस के जनता दरबार का विरोध कहा जा रहा है।

बीते दिनों बीजेपी पार्टी मुख्यालय पर मंत्री सुबोध उनियाल के जनता दरबार में हल्द्वानी से आए फरियादी प्रकाश पांडे ने ज़हर खा लिया था जिसके कारण उनकी मौत हो गई।हालांकि इस बारे में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र अग्रवाल से टीम न्यूजपोस्ट से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि, ”जनता दरबार लगाने का मतलब है लोगों की समस्याओं को सुनना और उसका समाधान ढ़ूंढना और अगर ऐसा नहीं होता है तो जनता दरबार का कोई फायदा नहीं है।अग्रवाल ने कहा कि. “ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे की मौत से एक बात तो साफ है कि जनता बीजेपी के जनता दरबार से खुश नहीं है क्योंकि उनके जैसे बहुत से फरियादी अपनी समस्याएं लेकर आते हैं और समाधान ना होने पर उन्हें कठोर कदम उठाने पड़ते हैं।सुरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि, “जनता दरबार का फायदा तभी है जब असल में लोगों की समस्याओं का समाधान हो वह चाहें देहरादून के कार्यालय में हो अलग-अलग जिलों में हो।”

वहीं बीजेपी के मीडिया प्रवक्ता डॉ.देवेंद्र भसीन ने कहा कि, ”पार्टी इस योजना पर काम कर रही है ताकि यह व्यवस्था डिसेंट्रलाइज हो सके।राज्य के कोने-कोने से आने वाले लोगों को कम परेशानी हो इसलिए यह व्यवस्था हर जिले में होना बेहतर है।जनता दरबार का मतलब है जनता के पास और अगर जनता दरबार सभी जिलों में होंगे तो सरकार खुद जनता के पास जाएगी उनकी समस्याएं सुनने।उन्होंने कहा कि जनता दरबार के माध्यम से खुद सरकार जनता के द्वार पहुंचेगी।”

डॉ.भसीन से यह पूछने पर कि यह फैसला प्रकाश पांडे की मौत के वजह से तो नहीं लिया गया? इसपर उनका कहना था कि, ”यह योजना काफी पहले से बनाई जा रही थी इसमें किसी की मौत का ताल्लुक नहीं है।इसके लिए शेड्यूल बनाया जाएगा कि किस तारीख को कौन से जिले में जनता दरबार लगाया जाएगा।”

इस बात की पुष्टि करते हुए राज्य पार्टी अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि, “य़ह फैसला अब प्रोसेस में हैं जब मुख्यमंत्री अलग-अलग जिलों में जनता दरबार लगा सकते हैं तो मंत्री भी लगाऐंगे।इस फैसले से जनता को अपनी परेशानियां लेकर राजधानी देहरादून नहीं आना पड़ेगा बल्कि उनके जिले में ही उनकी समस्या का निस्तारण किया जाएगा।”

सभी जनपदों के लिए कुटुंब पेंशन स्वीकृतः सीएस

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देहरादून। स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों और उत्तराधिकारियों को दी जाने वाली कुटुंब पेंशन सभी जनपदों के लिए स्वीकृत की जा रही है। मुख्य सचिव ने इस संबंध में वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से जिलाधिकारियों से जानकारी दी।

मंगलवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं उत्तराधिकारी संगठन के साथ संगठन की विभिन्न प्रकरणों के संबंध में मुख्य सचिव उत्पल कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रथम पीढ़ी के उत्तराधिकारियों को अनुमन्य कुटुम्ब पेंशन की स्वीकृति के संबंध में सभी जिलाधिकारियों से वीडियोंकांफ्रेंसिंग के माध्यम से जानकारी प्राप्त की गई। समस्त जनपदों में कुटुम्ब पेंशन स्वीकृत की जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, मृत स्वतंत्रता संग्रम सेनानी की विधवाओं को एक सहायक के साथ वोल्वो बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की गई है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सदन के निर्माण के लिए देहरादून में चिह्नित भूमि के बाउन्ड्रीवाल का आगणन जिलाधिकारी द्वारा तैयार कराकर मसूरी-देहरादून प्राधिकरण को निर्माण कार्य कराये जाने के लिए प्रेषित किया गया है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आवासहीन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं प्रथम पीढ़ी के उत्तराधिकारी को भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटन करने के सम्बंध में मानक निर्धारित करते हुए शासनादेश निर्गत करने की कार्यवाही की जाएगी।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पौत्र/पौत्री के समान ही उनके धेवती को भी राज्याधीन सेवाओं में आरक्षण दिये जाने के संबंध में कार्मिक विभाग द्वारा शीघ्र निर्णय लिया जायेगा।
सभी जनपदों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों के परिचय पत्र शासनादेश दिनांक 18 अगस्त, 2017 द्वारा निर्धारित नये फारमेट में निर्गत करने के निर्देश समस्त जिलाधिकारियों को दिए गए है। संगठन के पदाधिकारियों द्वारा कतिपय अन्य बिन्दुओं यथा विदेशों में रहने वाले प्रथम पीढ़ी के उत्तराधिकारियों को कुटुम्ब पेंशन दिए जाने, परिचय पत्र के आधार पर सरकारी गेस्ट हाउसों में ठहरने की सुविधा दिये जाने, परिवहन निगम की बसों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा दिए जाने, बैठक में वरिष्ठ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री आनन्द सिंह बिष्ट जी के पैतृक आवास, ग्राम पस्तौडा रानीखेत, जिला अल्मोड़ा में हैण्डपम्प लगाये जाने का अनुरोध किया गया। बैठक में प्रमुख सचिव आनंदबर्द्धन, अपर सचिव धर्मेन्द्र सिंह, जिलाधिकारी देहरादून एसए मुरुगेशन तथा संगठन की ओर से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आनन्द सिंह बिष्ट, अध्यक्ष अनूप सिंह, प्रदेश महामंत्री भद्रसेन नेगी, संगठन के संरक्षक रणजीत सिंह वर्मा आदि उपस्थित थे।

रेरा में पहुंची एमडीडीए की शिकायत

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देहरादून। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) में पांच मामलों में सुनवाई की गई, जिसमें एक प्रकरण एमडीडीए की ट्रांसपोर्ट नगर में निर्माणाधीन आवासीय परियोजना से भी जुड़ा है। शिकायत में कहा गया है कि प्राधिकरण ने समय पर कब्जा नहीं दिया।

मंगलवार को हुई सुनवाई में एमडीडीए के खिलाफ की गई शिकायत में शिकायतकर्ता अभिमन्यु गुप्ता ने कहा कि उन्होंने ट्रांसपोर्ट नगर की परियोजना में एचआइजी फ्लैट बुक कराया था। एमडीडीए ने नवंबर 2017 में फ्लैट का कब्जा देने की बात कही थी, जबकि उन्हें अब तक कब्जा नहीं मिल पाया है। हालांकि एमडीडीए का कहना है कि अनुबंध के मुताबिक कब्जा देने की अवधि अभी शेष है। इस मामले में एमडीडीए के उपाध्यक्ष डॉ. आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि प्रोजेक्ट अभी पूरा नहीं हो पाया है और वैसे भी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए रेरा में आवेदन किया गया है। वहीं, दूसरी शिकायत पनाष वैली को लेकर थी और इसमें शिकायतकर्ता सतीश मंगल ने भी अनुबंध के अनुसार कब्जा देने में विलंब का मामला उठाया है। तीसरा प्रकरण वीर कंस्ट्रक्शन से जुड़ा है और यह शिकायत निवेशक विरेंद्र सिंह रावत की ओर से दर्ज कराई गई है। इस मामले में भी समय पर कब्जा न देने का मुद्दा उठाया गया। जबकि दो शिकायतें झाझरा स्थित नेवल हाउसिंग सोसाइटी को लेकर दर्ज की गई हैं। शिकायतकर्ता लक्ष्मण दत्त जोशी व पीसी पंत ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए गए हैं। सभी प्रकरणों पर उडा के संयुक्त मुख्य प्रशासन गिरधारी सिंह रावत ने सुनवाई की। हालांकि अभी किसी भी मामले में निर्णय नहीं हो पाया है। अब सुनवाई की अगली तिथि 30 जनवरी तय की गई है। 

130 परिवार पानी के लिए परेशान

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देहरादून। केहरी गांव में पंचायत द्वारा संचलित स्वजल पेसजल योजना के तहत पानी का उपयोग कर रहे 130 परिवारों को जल संस्थान में जोड़े जाने को लेकर आरकेड़िया ग्रान्ट समिति ने जल संस्थान को ज्ञापन दिया।

मंगलवार को ग्राम सभा आरकेड़िया ग्रान्ट की उप प्रधान गीता बिष्ट के नेतृत्व मे एक प्रतिनिधि मंडल ने जल संस्थान पित्थुवाला के अधिशासी अभियन्ता से मिला उनके केहरीगाव के उपभोगताओ की समस्या से अवगत कराया । गीता बिष्ट ने कहा कि सीमा विस्तार के कारण आरकेड़िया ग्राम सभा अब नगरनिगम का हिस्सा बन गई है मगर केहरीगाव मे स्वजल योजना के माध्यम से पीने के पानी की पूर्ति की जा रही थी वही पिछले हफ्ते शासन द्वारा पंचायतो के वित्तीय अधिकार छीन लेने व बस्ते जमा करने के आदेश के बाद इस केहरीगाव की पेयजल योजना आधार मे लटक गई है। उन्होंने बताया कि वे उच्च अधिकारियों से वार्ता कर इन 130 परिवारो को जल संस्थान मे सम्मिलित करे व स्वजल योजना को भी आपने अधिकार मे ले।

स्टेयरिंग फेल होने से ट्रक मकान पर गिरा, दो महिलाओं समेत छह घायल

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बागेश्वर। गरुड़ से जिला मुख्यालय उत्तरायणी मेले में आ रहा ट्रक मंगलवार को बमराड़ी गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार छह लोग घायल हो गए। घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

गरुड़ से बागेश्वर आ रहे ट्रक (यूके-02 सीए-0277) की स्टेयरिंग अचानक बमराड़ी गांव के पास फेल हो गई जिससे ट्रक अनियंत्रित होकर एक मकान की छत पर गिर गया। मंगलवार को दोपहर दो बजे हुई इस दुर्घटना में ट्रक पर सवार छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना होने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत व बचाव कार्य किया। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो घायलों में चीख पुकार मची हुई थी। ट्रक के मकान पर गिरने से पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। गनीमत रही कि जिस वक्त ट्रक मकान पर गिरा उस समय वहां कोई नहीं था। अगर कोई होता तो काफी नुकसान हो सकता था। सभी घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
हादसे में घायल हुए लोगों में वाहन चालक शुभम राणा (24) पुत्र राजेंद्र निवासी अयारतोली, रोहित भट्ट (22) पुत्र हरीश भट्ट निवासी गड़सेर, गरुड़, कमलेश (22) पुत्र दीपचंद्र निवासी गड़सेर, गरुड़, गीता देवी (39) पत्नी राजेंद्र निवासी अयारतोली, मधुमती (65) पत्नी भीम सिंह निवासी अयारतोली, नीतू राणा (20) साल पत्नी शिवम निवासी अयारतोली शामिल हैं।

तालाब में गिरी कार, महिला की मौत

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रुड़की। रुड़की में घने कोहरे के कारण एक कार मंगलवार सुबह हादसे का शिकार हो गई जिसमें ड्राइवर समेत एक बुजुर्ग महिला सवार थे।
अकबरपुर निवासी युवक अपनी मां गुलिस्ता को लेकर आल्टो कार से अकबरपुर से रुड़की की ओर जा रहा था। पनियाला गांव के पास जूनियर स्कूल के बाहर कोहरे के कारण कार सड़क किनारे तालाब में जा गिरी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बामुश्किल कार सवार लोगों को बाहर निकाला, जिसमें महिला गुलिस्ता की मौत हो गई। ग्रामीणों की मदद से कार को तालाब से बाहर निकाला गया। हादसे का कारण घना कोहरा बताया गया।

दो साल में मात्र 43 लाख एलईडी बल्ब हुए वितरित

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देहरादून। ऊर्जा संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ा रही सूबे की टीएसआर सरकार ने एलईडी बल्बों के वितरित का लक्ष्य बढ़ाकर एक करोड़ तो कर दिया। अनुमान लगाया जा रहा है कि इससे लगभग 175 करोड़ रुपये की ऊर्जा बचत होगी, लेकिन योजना के दो वर्षों में अब तक मात्र 43 लाख बल्ब ही वितरित हो पाए हैं। ऐसे में यह लक्ष्य प्राप्त करना आसान नहीं लग रहा।

महिला स्वयं सहायता समूह करेंगे वितरण में सहयोग: अब सरकार ने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों के द्वारा एलईडी बल्ब एवं ऊर्जा दक्ष उपकरणों का वितरण कराने का फैसला किया है। इन समूहों को बल्ब बेचने पर मार्जिन मनी दी जाएगी। साथ ही लक्ष्यों को समय से पूरा करने वाले ऐसे समूहों को उजाला मित्र के रूप में पुरस्कृत करने का भी प्रावधान रखा गया हैं। इससे समूहों को एलईडी बल्ब एवं अन्य ऊर्जा व दक्ष उपकरणों की बिक्री से अच्छी आय प्राप्त हो सकेगी। इन समूहों को एलईडी बल्ब की बिक्री पर 10 रुपये प्रति बल्ब, एलईडी लाइटों की बिक्री पर 15 रुपये प्रति लाइट तथा ऊर्जा दक्ष पंखों की बिक्री पर 56 रुपये प्रति पंखे की दर से मानदेय दिया जाएगा। इससे इन महिला समूहों के आय के स्रोत बढ़ेंगे साथ ही ग्रामीण क्षेत्र तक एलईडी बल्ब की उपलब्धता बढ़ सकेगी।
एक करोड़ एलईडी बल्ब वितरण का लक्ष्य: प्रदेश में एक करोड़ एलईडी बल्ब के वितरण का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक लगभग 43 लाख एलईडी बल्ब का वितरण किया जा चुका है। इस लक्ष्य को हासिल करने के बाद प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 390 मिलियन यूनिट बिजली की बचत हो सकेगी, जिसकी कीमत लगभग 98 करोड़ रुपये होगी। दरअसल, एक नौ वाट के एलईडी बल्ब को साढ़े तीन घंटे प्रतिदिन जलाने पर प्रति वर्ष लगभग 65 यूनिट बिजली की बचत होगी, जो लगभग 162 रुपये के समतुल्य है। उत्तराखंड में कुल 1400 मिलियन यूनिट की प्रतिवर्ष खपत होती है। इस हिसाब से वर्तमान तक वितरित 40 लाख एलईडी बल्बों के उपयोग से 260 मिलियन यूनिट बिजली की बचत हो रही है, जिसकी कीमत करीब 65 करोड़ रुपये है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 100 लाख एलईडी बल्ब वितरण के लक्ष्य की पूर्ति के बाद प्रतिवर्ष लगभग 390 मिलियन यूनिट, मतलब करीब 98 करोड़ रुपये की बचत होगी।
छह महीने में बंटने थे 53 लाख बल्ब : 29 नवम्बर 2015 को योजना शुरू की गई थी। छह महीने में 53 लाख बल्ब बांटने का लक्ष्य रखा था। शुरुआत में बल्ब की बिक्री खूब हुई, लेकिन धीरे-धीरे इसमें कमी आने लगी। इससे बल्ब वितरण का ठेका जिन एजेंसियों ने लिया था, वह धीरे-धीरे हाथ खड़े करने लगी और बिक्री में गिरावट आती चली गई। जिसके बाद अभी तक 43लाख 52 हजार बल्ब की ही बिक्री हो सकी है।
डाक के माध्यम से हो रहे उपलब्ध : एनर्जी एफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने एलईडी बल्ब वितरण के लिए डाक विभाग के सामने प्रस्ताव रखा था। डाक विभाग में गठित कमेटी के हरी झंडी दिखाने के बाद सभी डाकघरों के माध्यम से बल्ब व अन्य उपकरण मुहैया कराए जा रहे है। वहीं, ईईएसएल के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि काउंटर शुरू किए जा रहे हैं। जल्द ही सभी जगहों पर बल्ब मिलेंगे और खराब बल्ब बदले भी जाएंगे।
डाकघर की कुल शाखा-2718
ग्रामीण क्षेत्रों में शाखा-2513
कहां कितने बल्ब बिके
देहरादून ग्रामीण, 560103
देहरादून शहर, 737264
श्रीनगर, 586513
हरिद्वार, 267341
रुड़की, 307804
काशीपुर, 178438
रुद्रपुर 331614
टिहरी, 255807
रानीखेत, 332167
पिथौरागढ, 309302
हल्द्वानी, 485830

ट्रैफिक समस्याओं के लिये पुलिस ने मांगे इन भाषाओं में सुझाव

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उत्तराखंड में क्षेत्रीय भाषाओं के बचाने और बढ़ाने के लिये किये जा रहे प्रयासों में ट्रैफिक विभाग ने भी हिस्सा ले लिया है। 16 जनवरी से ट्रैफिक पुलिस देहरादून ने अपने फेसबुक पेज के माध्यम से गढ़वाली,कुमाउंनी,जौनसारी,अंग्रेजी और हिंदी में लोगो से ट्रैफिक व्यवसथाऐं बेहतर करने के लिये सुझाव मांगना शुरु कर दिया है।

traffic

आए दिन हम देखते हैं कि शहर के सबसे भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र पलटन बाजार में लोग अपनी दोपहिया वाहन लेकर घुस जाते हैं जिससे पैदल चलने वालों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है।जी हां पलटन बाजार के लिए कोई भी दिन खाली नहीं होता, रविवार हो या सोमवार, हर रोज़ लगभग एक जैसी भीड़ होती है।इसी भीड़-भाड़ को देखते हुए ट्रैफिक डायरेक्टरेट उत्तराखंड पुलिस के फेसबुक पेज के माध्यम से आम जनता से राय मांगी गई है जिसपर लोगों ने अपनी प्रतिक्रया भी दी है।आपको बतादें कि ट्रैफिक निदेशक केवल खुराना ने इससे पहले अपने देहरादून एसएसपी कार्यकाल के दौरान पलटन बाजार में वाहनों की आवाजाही रुकवा चुके हैं।

बात यह है कि फेसबुक पर यह पोस्ट डालने के कुछ ही घंटो में लोगों ने इसपर अपनी राय दी जिसमें 90प्रतिशत लोगों ने पलटन बाजार में गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की है।इस पोस्ट के नीचे लोगों ने अलग-अलग मसलों पर अपनी राय दी है, किसी ने इंदिरा मार्केट में दो पहिया गाड़ियों की आवाजाही रोकने की राय दी है तो कोई फुटपाथ पर लगे रेड्डियों को हटाने की मांग रख रहा है।आपको बतादें कि पिछले दिनों उत्तराखंड पुलिस ने एक बैठक में यह बात साफ की थी कि ट्रैफिक से जुड़ी सभी परेशानियों को उत्तराखंड पुलिस 3 क्षेत्रीय भाषाओं के साथ ही हिंदी और अंग्रेजी में लोगों के सामने रखेगी और उनकी राय लेगी।

post

पलटन बाजार में गाड़ियों को रोकने के अलावा ट्रैफिक डायरेक्टरेट उत्तराखंड पुलिस के फेसबुक पेज पर एक और राय मांगी गई जिसमें पूछा गया कि सार्वजनिक वाहनों (जैसे-बस, विक्रम, आटो)में यात्रा करते समय आपकों क्या-क्या समस्या देखने को मिली या आपने खुद महसूस करी, कृपया शेयर करें, ताकि हम उनका समाधान ढुंढने की कोशिश कर सकें।

इसपर भी लोगों ने कुछ ही घंटो में अपना रेस्पांस दिया और कहा कि विक्रम में सवारियों को बैठाने की सीमा निर्धारित होनी चाहिए, पीछे केवल 6 लोग और आगे 1 सवारी बेठानी चाहिए।किसी ने कहा कि हर जगह विक्रम के रुकने से ट्रैफिक जाम लगता है तो विक्रम के रुकने के लिए स्टॉप निर्धारित होने चाहिए, ऐसे बहुत सी राय लोगों ने पोस्ट के नीचे दी है।

इसपर टीम न्यूजपोस्ट से बातचीत करते हुए ट्रैफिक निदेशक केवल खुराना ने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं में लोगो की राय मांगना सच में कारगर साबित हुआ है,लोगों ने दिल खोल कर फीडबैक दिया है,7 हजार कमेंट्स,4 हजार लाइक्स और बहुत से लोगों ने हमारे पोस्ट शेयर भी किए है।” उन्होंने कहा कि, “हम लोगों अब फीडबैक पर काम करने में लगे हुए है कि कैसे चीजे बेहतर कर सकें और आने वाले रविवार को पब्लिक ट्रांसपोर्ट में हम प्रयोग भी करने वाले हैं।” इसके साथ ही खुराना ने कहा कि, “पलटन बाजार में बहुत से लोगों ने रिएक्शन दिया है और छेड़खानी और धक्का-मुक्की की बात सामने आई है जिसपर हम काम करने की सोच रहे हैं। इसके अलावा हमारे पास 100 वालिटिंयर है जो अपने शहर के लिए 15 मिनट दे सकते हैं जिसमें हम इन सभी वालिंटियर द्वारा नो-पार्किंग ज़ोन में लगाई गाड़ीयां हटाने को कहेंगे।” केवल खुराना ने कहा कि, “और तो और अब हम एक ड्यूटी चार्ट रखेंगे जिसमें लोग ड्यूटी के दौरान अच्छा काम करने वाले ट्रैफिक पुलिस की सराहना भी कर सकते हैं और गलत काम करने वाले पुलिस की शिकायत भी कर सकते हैं जिसके बाद हम पुलिसवालों को उनके काम के अनुसार सराहना और दंड भी देंगे।”

ट्रैफिक पुलिस द्वारा यह बहुत ही सराहनीय पहल है लेकिन देखना यह है कि क्या वाकई इन सभी समस्याओं पर ट्रैफिक पुलिस लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेगी या नहीं।

डीएम दीपक रावत अंकल प्लीज छुट्टियां थोड़ी एक्स्टेंड करो

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रुड़की।हरिद्वार डीएम दीपक रावत हमेशा से चर्चाओं में बने रहते हैं लेकिन इस बार उनके सुर्खियों में आने का कारण है एक चिट्ठी।जी हां सोशल मीडियया पर लगातार वायरल हो रही है डीएम रावत को आई यह चिट्टी।आइये आपको बताते हैं कि चिट्ठी में क्या लिखा है।

रेस्पेक्टेड डीएम दीपक रावत अंकल प्लीज थोड़ी छुट्टी एक्सटेंड कर दो। बच्चों के हाथों से लिखी ये लाइनें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इस चोटी सी चिट्ठी में बच्चों ने मांग की है कि डीएम अंकल हमारी छुट्टियां बढ़ा दो।

आपको बता दें कि जिले में कड़ाके की ठंड को देखते हुए हरिद्वार के जिलाधिकारी दीपक रावत ने पांच से 15 जनवरी तक स्कूल बंद करने के निर्देश जारी किए थे। छुट्टियों के बाद 16 जनवरी को स्कूल खुले, लेकिन ठंड का प्रकोप जारी है। कड़ाके की ठंड में बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक चिट्ठी वायरल हो रही है, जिसमें बच्चों ने डीएम से रिक्वेस्ट की है कि हमारे प्यारे अंकल अभी बहुत ठंड है और कल (16 जनवरी) से स्कूल खुल रहे हैं, हम सब बच्चे इतनी ठंड में स्कूल कैसे जाएंगे, हाथ भी नहीं चलेंगे। अंकल प्लीज थोड़ी छुट्टी एक्सटेंड कर दो थैंक्स अंकल आप के प्यारे बच्चे ठंड के मारे बच्चे अब देखते हैं कि बच्चों के प्यारे अंकल उनकी इस रिक्वेस्ट पर क्या प्रतिक्रिया देंगे।

निकाय चुनावों से पहले मसूरी में बीजेपी नेता ने गिराया ये लैटर बम

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उत्तराखंड की सर्द हवाओं के बीच मसूरी में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। निकाय चुनाव कुछ ही समय बाद है औऱ शहर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं।

बीजेपी युवा मोर्चे के पूर्व अध्यक्ष अमित भट्ट की एक चिट्ठी ने यहां राजनीति गरमा दी है। चुनाव आयोग, देहरादून डीएम, और गणेश जोशी को लिखी इस चिट्ठी में भट्ट ने आरोप लगाया है कि उनके वॉर्ड में मतदाता सूची में से जानबूझकर 100 मतदाताओं के नाम छोड़ दिये गये हैं।

चिट्ठी में आरोप लगाया गया है कि बीएलओ अधिकारियों ने मतदाताओं की जानकारी जमा करने के बाद सूची पार्षद को सौंप दी थी जिसके बाद सूची में हेरा फेरी की गई है। पत्रकारों से बात करते हुए भट्ट ने कहा कि “चुनावों के नाम पर ये सिर्फ मजाक बनकर रह जायेगा अगर इस मामले की सही तरह से जांच नहीं की गई।”

वहीं नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन मल्ल इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। मल्ल कहते हैं कि “मसूरी में 12 वॉर्ड हैं ऐसा कैसे हो सकता है कि केवल एक ही वॉर्ड में गड़बड़ियां हैं। अधिकारियों ने पूरी मेहनत से ये लिस्ट तैयार की है। चुनावों से पहले ये केवल एक राजनीतिक स्टंट है।”

नगर पालिके के लिये चुनाव इस साल अप्रैल मे होने हैं। इसके चलते शहर में माहौल चुनावी रंग में रंगता जा रहा है।