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उत्तराखण्ड का बजट सत्र 20 मार्च से 28 मार्च भराड़ीसैंण,गैरसैंण में होगा

देहरादून, देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उत्तराखण्ड विधान सभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य की चतुर्थ विधान सभा का, वर्ष 2018 का बजट सत्र 20 मार्च से 28 मार्च तक भराड़ीसैंण, गैरसैंण में आहूत किया जा रहा है। एवं दिनांक 22 मार्च को वित्त मंत्री द्वारा बजट प्रस्तुत किया जायेगा। इस दौरान विधान सभा सचिव श्री जगदीश चन्द भी मौजूद थे।

इस मौके पर ग्रवाल ने कहा कि, “उत्तराखण्ड के इतिहास में यह पहला अवसर है जब जनभावनाओं के अनुरूप महामहिम राज्यपाल महोदय का अपना अभिभाषण भराड़ीसैंण, विधान भवन में होगा।” इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि, “अब तक विधान सभा के पास 315 विभिन्न प्रकार के प्रश्न प्राप्त हो चुके है। एवं सत्र को लेकर विधायकों में खासा उत्साह देखने में आ रहा है।”

विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि, “भराड़ीसैंण में अन्तर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जा रही है। भराड़ीसैंण का प्राकृतिक सौन्दर्य एवं इस संस्थान का सदुपयोग करने के लिए यह संस्थान मील का पत्थर साबित होगा।”

विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि इस शोध संस्थान में निम्न गतिविधियां जैसे-संसदीय लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का विश्व स्तरीय पाठ्यक्रम तैयार करना और दीर्घ एवं लघु कालीन अध्ययन प्रशिक्षण कोर्स संचालित किया जायेगा। साथ ही बेहतर लोकतांत्रिक नीति निर्माण एवं सुव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अन्य देशों की संसद एवं विधायिकाओं, सरकारों का समन्वय एवं चिन्तन-मन्न किया जायेगा।

मां ने बेटी को तीन हिस्सों में काटा, मौत

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देहरादून, कोतवाली क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक सौतेली मां ने अपनी ही बेटी को तीन टूकड़ों में काट मौत के घाट उतार दिया। इतना ही नहीं मां ने अपनी करतूत को छिपाने के लिए बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराकर पुलिस को बरगलाने की कोशिश भी की। पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली तो मामला संदिग्ध नजर आया और पुलिस सच तक पहुंची। पुलिस ने हत्यारोपी मां को गिरफ्तार कर लिया है।

शुक्रवार शाम शहर कोतवाली पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया। एसपी सिटी प्रदीप राय ने जानकारी दी कि, “60/2 अंसारी रोड निवासी मीनू कौर पत्नी स्व. अजीतपाल ने सात फरवरी को कोतवाली नगर में अपने बेटी प्राप्ति आहूजा(21) के दिल्ली जाने के बाद गायब होने की जानकारी दी। तहरीर में मीनू कौर ने दिल्ली रवाना होने के बाद बेटी से दो बार मोबाइल पर बात होने की जानकारी दी। पुलिस मामले की जांच कर रही थी तो प्राप्ति के फोन की लोकेशन लगातार उसके घर पर ही मिली।” इससे पुलिस को मामला संदिग्ध लगा और पुलिस ने शुक्रवार को प्राप्ति की मां मीनू कौर को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। पुलिस पूछताछ में मीनू टूट गई और उसने अपनी बेटी की हत्या करने की बात कबूल की। इसके बाद पुलिस ने मीनू की निशानदेही पर उसके घर से प्राप्ति का शव बरामद किया।

आरोपी मीनू ने पुलिस को बताया कि, “सौतेली बेटी बाप की मौत के बाद से उसके कहने सुनने में नहीं थी और इसको लेकर लगातार उनके बीच झगड़ा होता था। इसी को लेकर विवाद बढ़ता गया और छह फरवरी की रात मामला तूल पकड़ा तो आवेश में उसने बेटी को धारदार हथियार से काट कर हत्या कर दी। इसके बाद उसने पुलिस को बरगलाने के लिए गुमशुदगी दर्ज कराई।” 

निर्ममता से की हत्या
मां के रूप में एक हत्यारा सामने आने से पूरा शहर सकते में है। आवेश में भले ही गोली मारकर या अचानक हुए हादसे में मौत हो जाए, लेकिन प्राप्ति की हत्या में मामले में हत्यारे की निर्ममता सामने आई। आरोपी मां ने बेटी को तीन हिस्सों में खुखरी से काटा। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने खुखरी रखकर पत्थर से प्राप्ति को काटा। 

पुलिस ने पकड़ा शराब का बड़ा जखीरा

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जनपद देहरादून में कई शिक्षण संस्थान व मैनेजमेट संस्थानो में काफी समय से यह जानकारी मिल रही कि इन संस्थानो में अपराधी किस्म के लोगो के द्वारा नशे का अवैध कारोबार फैलाया जा रहा है। जिससे छात्रो का भविष्य अंधकार मे होता जा रहा है, ये लोग संस्थानो के छात्रो को जो बाहर से यहाँ पढने आये होते है को अपना निशाना बनाते है और फिर इनके माघ्यम से ये लोग अन्य संस्थानो के छात्रो को यह नशा उपलब्ध कराते है।

ये लोग मुख्यतः संस्थानो के आसपास ठेलीे मे या चाय की दुकानों पर बैठते है या फिर संस्थानो में घूमकर यहाँ कार्य करते है, आम जनता के द्वारा भी समय-समय इसकी शिकायत की गई है, इस शिकायत को ध्यान मे रखते हुये नशे के विरूद्व अभियान के अन्र्तगत पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशानुसार टीम गठित कर नशे का सामान सप्लाई करने वालो की गिरफतारी के लिये अभियान चलाया गया।

जिसके तहत मुखबिर सूचना मिली की कुछ लोग एक कार व एक ट्रक में शराब भरकर सहसपुर की तरफ से आ रहे है, इस सूचना पर झाझरा चौकी पर बैरियर लगाकर चैकिंग प्रारम्भ की गई तो कुछ देर में सफेद रंग स्वीफट डिजायर व उसके पीछे एक ट्रक आता दिखाई दिया जिसको रूकने का इशारा किया गया तो वह गाडी बैक कर भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर पकडे गये व गाडी की तलाशी लेने पर कार के अंदर 3 लोग बैठे मिले।

तलाशी ली गई तो कार के अन्दर 2 सुटकेस व कार की डिग्गी में से 180 बोतले अंग्रेजी शराब (15 पेटी) तथा एक व्यक्ति के पास से अवैध तमंचा व 4 जिंदा कारतुस, एक अभियुक्त के पास से अवैध खुखरी मिली। इसी प्रकार ट्रक की तलाशी ली गयी तो ट्रक में तीन अभियुक्त बैठे मिले जिनके पास से 1 अवैध खुखरी व ट्रक में सब्जी के नीचे रखी 285 पेटी अ्रंग्रेजी शराब की बरामद हुयी।

बरामद वाहनों के नम्बर को चैक कराया गया तो इनके द्वारा अपने वाहनो पर फर्जी नम्बर प्लेट का इस्तेमाल किया गया है। अभियुक्तों द्वारा पुछताछ में बताया गया कि, “हरियाणा से सस्ते दामों में शराब खरीदकर कभी यमुनानगर-सहारनपुर-भगवानपुर, हरिद्वार,ऋषिकेश के रास्ते पहाडी जनपदों में सप्लाई करते है और कभी यमुनानगर-पोटा-सहसपुर, देहरादून-ऋषिकेश के रास्ते पहाडी जनपदों में सप्लाई करते है।”

 राजभवन में 24 व 25 फरवरी को होना है बसंतोत्सव

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देहरादून, राजभवन में 24 व 25 फरवरी को होने जा रहे बसंतोत्सव में पाॅलिथीन का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। एमेच्योर वर्ग (शौकिया तौर पर बागवानी करने वाले) में अधिक प्रतिभागिता हो सके, इसके लिए फ्लावर कटिंग की आवश्यक न्यूनतम संख्या को घटाकर तीन कर दिया जाए। फूड कोर्ट में स्थानीय व्यंजनों को प्राथमिकता दी जाए। बसंतोत्सव के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जानकारी मिल सके, इसके लिए किसी एक दिन विभिन्न प्रकार के फूलों से सजे वाहन को देहरादून में घूमाकर प्रचार किया जाए।
राज्यपाल डा. कृष्ण कांत पाल ने राजभवन में 24 व 25 फरवरी को होने जा रहे बसंत उत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए  निर्देश दिए। राज्यपाल ने निर्देश दिए कि, “बसंतोत्सव का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार विभिन्न माध्यमों से किया जाए। यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि बसंतोत्सव में पाॅलिथीन का उपयोग न हो। वितरित किए जाने वाले प्रमाण पत्र रिसाईकिल पेपर/हैण्ड मेड पेपर पर ही बनाने की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। विभिन्न स्टाॅलों में जो भी उत्पाद रखे जाएं उनके बारे में पूरी जानकारी प्रदर्शित भी की जाए।”
दो दिन चलने वाले इस उत्सव में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। एक एंट्री के सापेक्ष कट फ्लावर फूलों की संख्या (विशेष रुप से आर्किड, जैनथेडिशिया, लिलियम एवं गुलाब के स्पाईक) न्यूनतम 3 तक रखी जाये।  बैठक में जानकारी दी गई कि बसन्तोत्सव, 2018 में समस्त कैटेगरी में पुरस्कारों की व्यवस्था के अतिरिक्त विशेष रूप से समस्त पर्वतीय जनपदों के उत्कृष्ठ पुष्प उत्पादकों को भी पुरुस्कृत किया जायेगा।
दो दिवसीय आयोजन में छात्रों की अधिकाधिक भागीदारी शिक्षा विभाग के सहयोग से सुनिश्चित की जा रही है। दिव्यांग छात्रों एवं स्ट्रीट चिल्ड्रन को लाने ले जाने की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गयी है। छात्रों एवं अन्य को टी शर्ट/जूट बैग/कैप की व्यवस्था हेतु ओ0एन0जी0सी0 द्वारा की जा रही है। राजवभवन आॅडिटोरियम गैलरी में आर्ट गैलरी का प्रदर्शन किया जाएगा। संस्कृृति विभाग द्वारा दिनांक 24 फरवरी, 2018 की सांय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। राज्य के विभिन्न नृृत्यशैलियाॅ राजभवन प्रांगण के लाॅन में कराया जाएगा।

राज्य में होगा 34,921 सस्ते भवनों का निर्माण

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देहरादून। किफायती आवास निर्माण योजना के तहत उत्तराखण्ड राज्य में 34,921 भवनों का निर्माण किया जाएगा। सचिव आवास अमित सिंह नेगी जानकारी दी कि बताया कि जनपद ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर में 79869 वर्ग मीटर नजूल भूमि पर आवासहीन परिवारों के लिए 1872 ईडब्ल्यूएस भवन निर्माण के लिए परियोजना केंद्र सरकार से स्वीकृत की गई है। इसमें प्रति आवास 1.5 लाख रुपये की केन्द्रीय सहायता का अनुमोदन भारत सरकार द्वारा कर दिया गया है। योजना में एक लाख रुपये राज्य सरकार अनुदान के रूप में देगी।

ट्रांसपोर्ट नगर में 11431 वर्ग मी.भूमि पर आवासहीन परिवारों के लिए 224 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण किया जा चुका है और भवन आवंटन की कार्यवाही गतिमान है। इन आवासों के निर्माण के लिए केंद्र द्वारा 134.4 लाख रुपये की धनराशि अनुदान के रूप में स्वीकृत की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि आमवाला तरला में 30,000 वर्ग मीटर भूमि पर आवासहीन परिवारों के लिए 240 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण कार्य प्रगति में है। उक्त योजना के लिए भी 1.5 लाख रुपये प्रति आवास अनुदान के हिसाब से भारत सरकार द्वारा 144 लाख रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। हरिद्वार-रुडकी विकास प्राधिकरण द्वारा आईडीपीएल की 55410 वर्ग मी.भूमि पर 528 ईडब्ल्यूएस भवनों के निर्माण के लिए डीपीआर राज्य स्तरीय कमेटी ने दिनांक 04.01.2018 को अनुमोदित किया जा चुका है और भारत सरकार को अनुमोदन के लिए प्रेषित किया गया। देहरादून को छोडकर 11 जनपदों में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण बना दिए गए है। इनके उपाध्यक्ष जिलाधिकारी है। जिनसें आवासहीन परिवारों के लिए भवन निर्माण हेतु भूमि चिह्नांकन की कार्यवाही गतिमान है।

डॉक्टरों की कमी पूरी करने को ट्रामा सेंटर को अस्पताल से जोड़ने की तैयारी

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देहरादून। स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए अब जिलों के अस्पताल परिसर में स्थित ट्रामा सेंटर को अस्पताल से ही जोडऩे की तैयारी कर रहा है। इससे न केवल डॉक्टरों की कमी दूर होगी, बल्कि ट्रामा सेंटर के उपकरणों को भी अस्पताल के कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

प्राकृतिक आपदाओं और आए दिन सड़क हादसों में घायल होने वाले लोगों की जान बचाने के लिए बनाए गए ट्रॉमा सेंटर खुद ‘आपदा’ का शिकार हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में बनाए गए इन ट्रॉमा सेंटर में घायलों को सभी विशेषज्ञताओं की चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इनमें पर्याप्त स्टाफ तक मुहैया नहीं करा पाया। कारण यह कि महकमा डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए प्रदेश के जिला अस्पताल परिसर और अस्पताल के 100 मीटर के दायरों में स्थित ट्रामा सेंटर को जिला अस्पताल से जोडऩे की कवायद शुरू हो गई है। इसका मकसद यह है कि डॉक्टर व उपकरणों का एक जगह भरपूर उपयोग हो सके।
एक छत के नीचे मिलनी थीं सभी सुविधाएं
ट्रॉमा सेंटर के पीछे मंशा यह थी कि आपदा एवं दुर्घटना के दौरान घायलों व गंभीर बीमार को एक छत के नीचे सभी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। इसके लिए केंद्र के सहयोग से जनपद मुख्यालयों में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की गई।
ट्रॉमा सेंटर का मानक पूरा करना भारी
मानकों के अनुरूप ट्रॉमा सेंटर में ग्यारह विशेषज्ञ चिकित्सक होने चाहिए। इनमें दो सर्जन, दो रेडियोलॉजिस्ट, दो एनेस्थेसिस्ट, दो आर्थो सर्जन और तीन ईएमओ शामिल हैं। लेकिन प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण यह मानक पूरा करने में भी दिक्कत आ रही है। ऐसे में अब इनके अस्पतालों में विलय का निर्णय लिया गया है।
कहां कितने ट्रॉमा सेंटर
उत्तरकाशी-एक
चमोली-दो (कर्णप्रयाग व गोपेश्वर)
देहरादून-तीन(विकासनगर, ऋषिकेश व दून)
हरिद्वार-एक(रुड़की)
बागेश्वर-एक
ऊधमसिंहनगर-एक (काशीपुर)
अल्मोड़ा-दो (अल्मोड़ा व रानीखेत) 

केवि एफआरआई को मिलेगा नियमित बजट

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देहरादून। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री, भारत सरकार डॉ. हर्षवर्धन ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा देहरादून स्थित केन्द्रीय विद्यालय, वन अनुसंधान संस्थान का बजट पूर्व की भांति उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईसीएफआरआई देहरादून पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का स्वायत्त निकाय है, जिसके अंतर्गत केन्द्रीय विद्यालय, वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून एवं केन्द्रीय विद्यालय, टीएफआरआई, जबलपुर आते हैं। जब तक इन दोनों विद्यालयों का विलय मानव संसाधन विकास मंत्रालय में नहीं हो जाता तब तक पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय इन दोनों केन्द्रीय विद्यालयों को बजट उपलब्ध कराता रहेगा।

विभाग की लापरवाही के चलते मादा हथनी की मौत

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कोटद्वार/पौड़ी गढ़वाल। लैंसडाउन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज के कण्वाश्रम बीट के कम्पाटमेंट 17B में मादा हथनी की मौत से वन विभाग के अधिकारियों मे हलचल से उनके हाथ पाव फूल गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि मादा हथनी पिछले 15 दिन से रियाहशी क्षेत्रों के नजदीक देखी जा रही थी। जिसकी सूचना वन विभाग को दे दी गई थी, लेकिन  हो गई। वही वन विभाग की टीम ने बताया की हाथियो का मस्तकाल चल रहा है जिस बजह से मादा हथनी की मौत हो सकती है। मादा हथनी की मौत की जांच कर रहे डाक्टरों का कहना है की हथनी के पिछले भाग मे घाव बना हुआ है, जो मौत का कारण हो सकता है।

जंगल मे हाथियो का वीडियो बनाना पड़ा महंगा,हाथी ने पटक पटक कर मार डाला

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थानों वन रेंज के अंतर्गत कालूवाला-धनियाड़ी मार्ग पर हाथी के हमले से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक अपने दोस्त के साथ जंगल में झुंड के बीच घूम रहे हाथी की वीडियो बना रहा था। इस बीच हथिनी ने युवकों पर हमला कर दिया। इस दौरान साथी युवक ने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। सूचना पर वन विभाग व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। तब तक हाथियों का झुंड जंगल में चला गया था। पुलिस ने युवक को हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट ले गई, जहां चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया।

youth died

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार विवेक कुमार (27 वर्ष) पुत्र एसके प्रेमी निवासी अहीर मंडी हाथीबड़कला देहरादून और पंकज भंडारी (27 वर्ष) पुत्र हरीश भंडारी देहरादून मोटर साइकिल से घूमते हुए थानों पहुंचे। इस बीच दोनों युवक बड़ासी-कालूवाला पुराने लिंक रोड होते हुए जंगल के अंदर से थानों की ओर घूमते हुए पहुंच गए। मार्ग में हाथियों का झुंड देखकर दोनों ने मोटर साइकिल सड़क किनारे खड़ी कर दी और फोटो के साथ वीडियो बनाने लगे। झुंड में दो बच्चों के साथ हथिनी भी शामिल थी। इस बीच वीडियो रिकॉर्डिग बनाते वक्त अचानक हथिनी ने दोनों पर हमला कर दिया। किसी तरह पंकज भंडारी ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई। लेकिन विवेक कुमार को हथिनी ने पकड़ सूंड से पकड़ कर जमीन में पटक-पटककर मार डाला। जंगल से निकलकर गांव की ओर पहुंचे पंकज भंडारी के शोरगुल मचाने पर आसपास के लोग एकत्रित हुए। सूचना मिलते ही जौलीग्रांट पुलिस चौकी इंचार्ज मंजूल रावत व थानों रेंज के डिप्टी रेंजर गगनदीप सिंह टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस व वन विभाग की टीम ने विवेक को हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जौलीग्रांट चौकी इंचार्ज मंजूल रावत ने बताया कि घटना दोपहर एक बजे के आसपास की है। युवकों द्वारा घने जंगलों के बीच हाथियों के झुंड व हथिनी की वीडियों बनाई जा रही थी। तभी उसने झुंड में किसी हाथी ने इन पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए थे।

हाथी कॉरीडोर में बना रहे थे वीडियो

थानों रेंज अधिकारी डॉ. उदयनंद गौड़ ने बताया कि जिस जगह पर यह दुर्घटना हुई है, यह हाथी कॉरीडोर मार्ग है। यहां पर हाथी विचरण करते रहते हैं। बताया कि इस इलाके में अकसर हथिनी अपने बच्चों के साथ झुंड में घूमती रहती है। उन्होंने कहा कि दोनों युवकों द्वारा जंगल के मार्ग से और अंदर जंगल के बीच जाकर जान जोखिम में डाली गई। उन्होंने कहा कि इस मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई है। हाथी से हुई मौत के मामले में जो भी मुआवजा बनेगा मृतक परिवार को दिया जाएगा। इलाके में हाथी से मौत की यह इस वर्ष की पहली घटना है। घटना से इस इलाके में दहशत का माहौल भी बना हुआ है। वन विभाग द्वारा लोगों को सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं।

औली में बर्फ ना पड़ने से अंर्तराष्ट्रीय स्कीइंग चैंपियनशीप रद्द

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औली में 16 फरवरी से होने वाली अंतर्राष्ट्रीय स्कीइंग चैम्पियनशिप को निरस्त कर दिया गया है। आयोजन के अनुसार पर्याप्त बर्फ न पड़ने के कारण चैम्पियनशिप को निरस्त किया गया। अब राष्ट्रीय स्तर की स्कीइंग चैम्पियनशिप का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए भी पहले बर्फवारी का इंतजार किया जाएगा।

फैडरेशन ऑफ इंटरनेशनल स्कीइंग की ओर से मिले लाइसेंस पर पहली बार राज्य में अंतर्राष्ट्रीय स्कीइंग चैम्पियनशिप होनी थी। पहले तारीख 16 जनवरी तय की गई थी। बर्फ न पड़ने के कारण आयोजन की तारीख 16 फरवरी तक बढ़ाई गई। 26 जनवरी से पहले बर्फवारी होने पर आयोजन की उम्मीद जगी, लेकिन इसके बाद पड़े सूखे ने उम्मीद को तोड़ दिया। छह फरवरी को विंटर गेम्स फैडरेशन ऑफ इंडिया को आयोजन को लेकर अपनी रिपोर्ट देनी थी। लेकिन दो दिन का इंतजार किया गया। गुरुवार को विंटर गेम्स एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की रिपोर्ट पर फैडरेशन ने आयोजन को निरस्त किए जाने की संस्तुति कर दी। अब औली में राष्ट्रीय स्तर की स्कीइंग चैम्पियनशिप का आयोजन होगा।