पौड़ी। जनपद पौड़ी गढ़वाल में प्रदेश के सहकारिता व उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने अपने जनपद भ्रमण के दौरान कंडोलिया मैदान में खेलो इंडिया खेलो का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि हमें खेलों के प्रति नवयुवकों को जागरूक करना होगा ताकि प्रदेश का नाम भी खेलों में आ सके। पौड़ी की रौनक धीरे-धीरे खत्म हो रही है, पौड़ी की खोयी हुई रौनक को बढ़ायी जाने की बात कही। साथ ही पूर्व पालिकाध्यक्ष गणेश नेगी के सौजन्य से आयोजित खेलो इंडिया फुटबाल प्रतियोगिता को सराहना की।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ काम कर रही है तथा अधिकारियों को भी ईमानदारी से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह कितना ही बढ़ा अधिकारी क्यों न हो। उन्होंने कहा कि जो अधिकारियों व कर्मचारी प्रदेश हित में अच्छे कार्य करेंगे उन्हें सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस पर कार्य कर रही है। सरकार की मंशा भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाना है। उन्होंने विधायक निधि से किये जाने वाले विकास कार्यो को भी जीरो टॉलरेंस पर किये जाने के निर्देश अधिकारियों को दिये।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पौड़ी के पुराने जेल परिसर में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के नाम पर संग्रहालय का निर्माण भी शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा एक लाख 87 हजार किसानों को अभी तक 2 प्रतिशत के ब्याज पर ऋण दिया गया है। 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के संकल्प को सरकार पूरा करने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा पौड़ी जनपद के दो हजार किसानों को आगामी 31 मार्च तक ऋण दिया जाएगा। उन्होंने विधवाओं को एक प्रतिशत पर ऋण देने की भी बात कही।
इस मौके पर डॉ रावत ने बताया कि आगामी 24 से 28 फरवरी तक श्रीनगर में पांच दिवसीय विशाल राष्ट्रीय पुस्तक मेला आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्धघाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में 25 फरवरी को विधानसभा अध्यक्ष तथा 28 फरवरी प्रदेश के राज्यपाल भी शिरकत करेंगे। पुस्तक मेले में पूरे देश व प्रदेश के भारी संख्या में प्रकाशक व लेखक प्रतिभाग करेंगे।
मंत्री ने उद्घाटन के दौरान खिलाड़ियों का परिचय लिया। उन्होंने उद्धाटन मैच के प्रतिभागी मोनिक स्टार तथा बैंजवाड़ी की फुटबाल टीमों को खेल भावना से खेलने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर स्थानीय विधायक मुकेश कोली, नगर पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम, ब्लाक प्रमुख संतोषी रावत, पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद टम्टा व गणेश नेगी, अपर आयुक्त हरक सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी रामजी शरण शर्मा, परियोजना निदेशक एसएस शर्मा, एसडीएम सदर केएस नेगी, एपीडी सुनील कुमार, डीएओ डॉ देवेंद्र सिंह राणा, डीपीआरओ एमएम खान, आदि उपस्थित रहे।
नहीं बख्शे जाएंगे भ्रष्टाचार में लिप्त कोई भी अधिकारी: शिक्षा मंत्री
सड़कों का कूड़ा बना जी का जंजाल
हरिद्वार। लाख कोशिशों के बावजूद भी पंचपुरी की सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। जगह-जगह सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। नियमित रूप से सफाई व्यवस्था नहीं होने से आमजनमानस को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
ज्वालापुर के धीरवाली क्षेत्र का बुरा हाल है। हरिद्वार शहर में भी गंदगी के ढ़ेर निगम प्रशासन की हकीकत को बयां कर रहे हैं। नगर निगम सफाई व्यवस्था को लेकर कारगर कदम नहीं उठा पा रहा है। वार्डों में सफाई कर्मचारियेां की कमी के चलते दिक्कतें बनी हुई है। कई मौहल्लों से गंदे नाले निकल रहे है। नालों की नियमित सफाई नहीं होने से कूड़े के अम्बार लगे हुए हैं। क्षेत्र निवासी बार-बार नालों नालियों की सफाई किये जाने की मांग कर रहे हैं। कांग्रेसी नेता अशरफ अब्बासी ने कहा कि नाला गैंग से नालों की सफाई नहीं कराई जाती है। जेसीबी मशीनों से सफाई ठीक नहीं हो पाती है। जिन कारणों से पूरे क्षेत्र में नाले की दुर्गन्ध आसपास के लोगों को प्रभावित कर रही है। कांग्रेसी नेता यशवंत सैनी का कहना है कि नगर निगम का कार्यकाल पूरी तरह से निराशाजनक रहा। जन समस्याओं से क्षेत्र की जनता जूझ रही है। धीरवाली क्षेत्र की सुध नहीं ली जा रही है। सड़कों पर कूड़े के अम्बार लगे हुए हैं। अवारा पशु जगह-जगह गंदगी को बढ़ा रहे है। मेयर मनोज गर्ग क्षेत्र की समस्याओं से अनभिज्ञ बने हुए है। सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण नियमित रूप से सफाई नहीं हो पाती है। नालों नालियों का बुरा हाल है। नगर निगम के कई वार्डो में सड़कों पर डस्टबिन लगाये गये थे लेकिन डस्टबिन की गुणवत्ता अच्छी नहीं होने के कारण डस्टबिन जगह-जगह से टूट गये है। धन की बर्बादी की जा रही है लोगों की समस्याओं का कोई निदान नहीं हो पा रहा है। बड़े पैमाने पर धीरवाली क्षेत्र में कूड़े के अम्बार लगे हुए हैं जो निर्माण कार्य किये जा रहे हैं वह भी धीमी गति से चल रहे है।
दून विवि में विशेषज्ञों के विचारों में दिखी ‘विजन इंडिया’ की झलक
देहरादून। दून विश्वविद्यालय के प्रबंध शास्त्र विभाग द्वारा ‘विजन इंडिया’ विषय पर एक दिवसीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में विशेषज्ञों ने विषय से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। इस दौरान वक्ताओं के विचारों में भी विजन इंडिया की झलक दिखाई दी।
विश्वविद्यालय के प्रबन्ध शास्त्र विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी ‘विजन इंडिया’ का शुभारंभ मुख्य अतिथि टिहरी गढ़वाल से सांसद एवं मुख्य अतिथि महारानी राज्य लक्ष्मी शाह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने विषय को छात्रों के लिए न्यू इंडिया को समझने में सहायक बताया। इस दौरान छात्रों को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता और इंडिया फाउंडेशन सस्था के निदेशक शोर्य डोभाल ने कहा 2022 में हमें आजादी के 75 वर्ष हो जाएंगे और 2047 में हम आजादी के 100वें वर्ष में प्रवेश करेंगे। ऐसे में देश निर्माण का पर्याय आज के न्यू इंडिया विजन पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि मेरे विचार से न्यू इंडिया का विजन मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर केन्द्रित होना चाहिए, जिनमें सुरक्षित भारत का निर्माण जैसे आंतरिक सुरक्षा, महिला सुरक्षा, नागरिक सुरक्षा व सीमाओं की सुरक्षा सम्मिलित है। और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए हमने आजादी के बाद से ही सैन्य शक्ति बढ़ाने का काम किया। आज भारत परमाणु सम्पन्न राष्ट्रों में शामिल है। हमारी सैन्य शक्ति विश्व में दूसरे स्थान पर है। डोभाल ने कहा कि न्यू इंडिया का दूसरा मंत्र आर्थिक रूप से समृद्व एंव सम्पन्न भारत का निर्माण है। उन्होंने आजादी से अब तक के 70 वर्षों की आर्थिक विकास यात्रा और बढ़ते सकल घरेलू उत्पाद पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि शीध्र ही भारत 05 खरब डाॅलर वाली अर्थव्यवस्था वाला सशक्त राष्ट्र हो जायेगा। विश्व में 16 ही राष्ट्र ऐसे हैं, जिनकी अर्थव्यवस्था 01 खरब डाॅलर से अधिक है। उन्होंन बढ़ती अर्थव्यवस्था के मुख्य कारकों में वर्तमान केन्द्र सरकार की जन-घन योजना, मुद्रा योजना, स्टार्ट अप योजना, प्रधानमंत्री बीमा योजना, कृषि बीमा योजना एवं डिजिटल इंडिया जैसे महत्वपूर्ण कदमों को बताया।
डोभाल ने कहा कि न्यू इंडिया का तीसरा मंत्र निष्पक्ष भारत का निर्माण करना होगा जिसमें बिना भेदभाव के सभी नागरिकों को समान अवसर उपलब्ध हों और युवाओं की रोजगार सृजन की शक्ति बढ़ सके। श्री डोभाल ने छात्रों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु अर्थव्यवस्था को और तेज गति से बढ़ाना होगा ओर उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत जैसे महत्वकांक्षी कार्य तभी सम्पन्न होंगे जब अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। श्री डोभाल ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा एंव अर्थव्यवस्था दोंनो को ही सुदृढ करने के लिये इन्फोरमेशन टैक्नोलोजी के उपयोग पर आधारित होगा।
टिहरी गढ़वाल से सांसद एवं मुख्य अतिथि महारानी राज्य लक्ष्मी शाह ने नारी सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा कि आज महिलाएं पुरूषों से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं बल्कि अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि आज का युग प्रतियोगिता का युग है जिसमें नारी एवं पुरूष दोनों को समान अवसर प्राप्त हैं। इस अवसर पर श्री मृणाल डोभाल एवं श्री अजेन्द्र अजय न विशिष्ठ अतिथि के रूप मे कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सीएस नौटियाल ने सभी अतिथियों को स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के विकास में अपनी प्राथमिकताएं साझा की। धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. एससी पुरोहित ने दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रबन्धशास्त्र विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. रीना सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो. हर्ष डोभाल, डाॅ. आशीष सिन्हा, डाॅ. सुधांसु जोशी, डाॅ. प्राची पाठक, मुकेश देवराड़ी, डाॅ. मधु विष्ट, रमनप्रीत व अन्य शिक्षकगण उपस्थित थे।
ट्रैफिक नियम ना मानने पर निरस्त हो सकता है लाइसेंस भी
गुरुवार को अनिल के0 रतूड़ी, महानिदेशक उत्तराखण्ड द्वारा उत्तराखण्ड के सभी जनपद प्रभारियों व परिक्षेत्र प्रभारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश की यातायात व्यवस्था सुधारने के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक ली गई।
अनिल रतूड़ी ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज के परिदृश्य में यातायात प्रबन्धन भी अपराध एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के समान ही महत्वपूर्ण हो गया है। यह वीडियों कांफ्रेंसिंग भी यातायात प्रबन्धन हेतु रखी गई है, जिससे की दुर्घटनाओं के कारणों का आंकलन कर सकें तथा दुर्घटनाओं के सम्बन्ध में तर्कसंगत सोच बना सकें। हमे दुर्घटनाओं के कारणों पर अधिक गहरायी से जाना पडेंगा। उन्होंने सभी जनपद प्रभारियों को अपने-अपने जनपदों में स्वयं भ्रमण कर ब्लैक स्पाट एवं दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का चिन्हीकरण करते हुये 15 दिवस के भीतर उसपर की गयी कार्यवाही से अवगत कराने हेतु निर्देशित किया गया।

अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखण्ड अशोक कुमार, ने बताया कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण ओवर स्पीड,नशे में वाहन चलाना, रेश ड्राइविंग,ओवरलोडिंग, वाहनों एवं सड़कों की खराब स्थिति तथा अप्रशिक्षित चालक होना है जिनकी रोकथाम करना पुलिस की प्राथमिकता है। पर्वतीय जनपदों में अपराध कम है वहाँ यातायात को अधिक महत्व देना चहिये। उन्होने जनपद प्रभारियों को पुलिस मुख्यालय द्वारा यातायात प्रबन्धन हेतु प्रदत्त संसाधनों का अधिक से अधिक उपयोग करते हुये दुर्घटनाओं में अंकुश लगायें जाने के निर्देश दिये।
इस बैठक में कुछ बिन्दुओं पर विचार-विमर्श किया गयाः-
- ऐसी सड़क दुर्घटनायें जिनमें दो या उससे अधिक व्यक्तियों की मुत्यु होती है उनमें दुर्घटना स्थल पर जनपद प्रभारियों को तथा समान्य दुर्घटनाओं होने की दशा में स्वयं थानाध्यक्ष को घटना स्थल पर जाकर निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया गया।
- जनपद प्रभारियों को परिवहन एवं लोकनिर्माण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त रुप से दुर्घटना सम्भावित/बोटल नेक/ब्लैक स्पॉट स्थानों का चिन्हीकरण कर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु चेतावनी बोर्ड, पैरा फिट एवं रिफ्लैक्टर कलर आदि कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
- पर्वतीय जनपदों में यातायात प्रबन्धन हेतु हिल पेट्रोल यूनिट को पर्वतीय क्षेत्रों में वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन कराने, वाहनों की आकस्मिक चैकिंग कर शराब व मादक पदार्थ की तस्करी की रोकथाम, आपदा/दुर्घटनाओं की स्थिति में मैडिकल फर्स्ट रिसपॉण्डर के रुप में कार्य करने एवं निःशक्त/असहाय नागरिकों की सहायता करने हेतु भी निर्देशित किया गया।
- समस्त जनपदों में यातायात जागरुकता के सम्बन्ध में अभियान चलाकर आमजन को यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरुक करने हेतु निर्देशित किया गया।
- जनपद प्रभारियों को मौके पर जाकर स्वयं निरीक्षण कर सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का आंकलन कर जैसे किन-किन स्थानों में दुर्घटनायें अधिक हो रही है, किस समय पर हो रही है, किन वाहनों से अधिक हो रही है आदि की रोकथाम हेतु कार्ययोजना तैयार किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
- दुपहिया वाहनों के साथ-साथ चौपहिया वाहनों की भी नियमित चैकिंग विनम्रतापूर्वक किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
- सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों जैसे ड्रंकन ड्राईविंग, रेड लाईट जम्पिंग, ओवर स्पीड, ओवर लोड़िंग, रैश ड्राईविंग, एवं मालवाहक वाहनों में सवारी बैठाना में शत-प्रतिशत डीएल निरस्तीकरण की कार्यवाही करने हेतु भी निर्देशित किया गया।
- जनपद प्रभारियों को सिटी पेट्रोल यूनिट द्वारा की गयी मासिक कार्यवाही की समीक्षा किये जाने तथा सिटी पेट्रोल यूनिट का अधिक से अधिक उपयोग यातायात प्रबन्धन में किया जाये।
- क्षतिग्रस्त मार्गों, बाईपास, फ्लाईओवर के निर्माण एवं सड़कों के सुधारीकरण हेतु अन्य सम्बन्धित विभागों एम0डी0डी0ए0,पी0डब्लू0डी0,एन0एच0आई0ए0 आदि से समन्वय स्थापित करने हेतु भी निर्देशित किया गया।
- पर्यटन पुलिस को उच्च प्रशिक्षण प्रदान कर अधिक सक्षम बनाया जायेगा।
- चारधाम यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले थाना/चौकियों में नियुक्त पुलिस बल को एसडीआरएफ से प्रशिक्षण प्रदान कर दुर्घटनाओं/आपदा में फस्ट रिसपॉण्डर की भूमिका दिलाने हेतु सक्षम बनाया जायेगा।
- 200 पुलिस कर्मियों को गोताखोरी का प्रशिक्षण भी दिलाया जायेगा।
बैठक में केवल खुराना, डी0आई0जी0/निदेशक यातायात,दीपम सेठ, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, संजय गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक पी/एम, पुष्पक ज्योति, पुलिस उपमहानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र, निवेदिता कुकरेती, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून, जगतराम जोशी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पौड़ी गढ़वाल सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
गैरसैंण को राजधानी बनाने को लेकर 20 संगठन एकजुट
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी गैरसैंण बनाये जाने की मांग को लेकर गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान के बैनर तले उत्तराखंड के करीब 20 सामाजिक संगठन एकजुट हो गए हैं। सभी संगठनों का कहना है कि उत्तराखंड की राजधानी गैरसैंण बनाई जाए। छोटे से प्रदेश में दो राजधानी अब किसी भी शर्त पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
गुरुवार को उत्तराखंड प्रेस क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए गैरसैंण राजधानी निर्माण संगठन के सदस्य कैलाश जोशी अकेला ने कहा कि गैरसैंण को राजधानी बनाए जाने के लिए 17 फरवरी को राजधानी देहरादून स्थित गांधी पार्क से शहीद पार्क तक मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इसके लिए प्रदेश के लगभग 20 संगठनों ने अपना समर्थन दिया है।
संगठन के एक अन्य सदस्य रविन्द्र जुगराल ने कहा कि हजारों करोड़ के कर्ज में डूबा उत्तराखंड दो-दो राजधनी का खर्च उठा पाने में उत्तराखंड सक्षम नहीं है। प्रदेश की जनता एक विधानसभा, एक राजधानी गैरसैंण चाहती है। राजधानी के नाम पर दो-दो लॉलीपॉप से प्रदेश नहीं चल सकता। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नीति, अपनी मंशा साफ करे। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य की प्रचंड बहुमत वाली सरकार प्रचंड इच्छाशक्ति का परिचय दे। उत्तराखंड की राजधानी गैरसैंण बनाई जाए।
अलकनंदा पिंडर घाटी विकास समिति, बद्री केदार विकास समिति, नैनीताल विकास समिति, उत्तराखंड फुटबॉल एकेडमी, उत्तराखंड जनमंच, पर्वतीय विकास मंच, अविरल गढ़वाल सभा आदि लगभग 20 संगठनों ने राजधानी निर्माण अभियान को अपना समर्थन दिया है।
दिल का दुश्मन बनता जा रहा है पिज्जा
ऋषिकेश। खानपान की बदलती आदतो के बीच ,बच्चे व युवा ही नही बड़े-बुजुर्ग भी पिज्जा के शौकीन होते जा रहे है। स्कूल के बाद छात्र-छात्राएं व कपल्स रेस्तरां मे पिज्जा खाते हुए खूब देखे जा सकते है।ऋषिकेश मे भी पिज्जा के शौकिनों की तादात काफी तेजी से बढी है। रेस्तरां से सीधे होम डिलीवरी कराई जाने लगी है। मगर, जाने-अनजाने पिज्जा के शौकीन अनेक शारीरिक समस्याओ से घिर रहे है। चिकित्सको की माने तो स्वाद के लिए कभी कभी तो ठीक है, मगर इसे भोजन मे शामिल करना काफी नुकसानदायक है। पिज्जा से स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव पर जब जानकारी जुटाई गई तो, जो बात सामने आई वो बेहद चौंकाने वाली थी।
निर्मल आश्रम अस्पताल के प्रशासक ब्रिकमजीत सिंह के अनुसार पिज्जा मे शरीर को फायदा पहुंचाने वाली कोई वस्तु नही होती। पिज्जा का ज्यादा खाना दिल के लिए हानिकारक है। इसमें कॉलेस्ट्रोल ज्यादा होने से आर्टरीज बंद होने के कारण हार्टअटैक का खतरा बढ़ जाता है। पिज्जा मे डाले जाने वाले प्रिजरेटिव भी सेहत को नुकसान पहुंचाते है। हास्पिटल के फिजीशियन डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि पिज्जा मे टॉपिग्स के नाम पर कई सारी सब्जियां डाली जाती है, इनमे से कई बेमेल सब्जियां पाचन तंत्र मे गड़बड़ी करती है। इसे टेस्टी बनाने के लिए अधिक मात्रा मे नमक व कैलोरी युक्त चीजे डाली जाती है। फैट से मोटापा भी बढ़ता है। लंबे समय तक पिज्जा खाने से शुगर लेबल बढ़ने व बीपी की समस्या हो सकती है। मैदे से बच्चो को इरेटेबल बॉबेल सिंड्रोम (आंत की बीमारी) की आशंका रहती है। इसमें जंक कैलोरी बच्चो को नुकसान पहुंचाती है। बकौल डा अग्रवाल के अनुसार पिज्जा व अन्य जंक फूड महिलाओ के लिए बेहद हानिकारक है।
नशा और प्रदुषण मुक्त विवाह ने दिया समाज को सार्थक संदेश
ऋषिकेश। देवभूमि ऋषिकेश के खदरी खड़कमाफ अंतर्गत कल रात संपन्न हुए एक विवाह की चारों ओर चर्चा हो रही है। विदित हो कि पंजाब प्रांत के जिला अमृतसर व्यास निवासी कैलाशचंद्र मूल रूप से डांड़ी उत्तराखंड निवासी हैं, जो कि पर्यावरणविद विनोद जुगलान के पारिवारिक मित्र हैं ने उनके सामाजिक कार्यों से प्रभावित हैं होकर अपने बेटे अरुण कुमार के विवाह के सुअवसर पर कुछ नया करने की सोची जिससे समाज को नया सन्देश मिले। उन्होंने बताया कि वह अपने बेटे का विवाह देवभूमि ऋषिकेश में करना चाहते हैं, जिसके लिए उनके पारिवारिक मित्र विनोद जुगलान ने उनके विचार का स्वागत करते हुए खदरी में ही प्रबन्ध किया।
इस अवसर उत्तराखण्डी संस्कृति की धूम रही। न्यूतेर (मेंहदी)पर मंगल गीत गाए गए। शादी की खास बात यह रही कि कार्यक्रम न केवल नशा मुक्त रहा बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पटाखों का प्रयोग पूर्ण रूप से वर्जित रहा। दूल्हे बने अरुण सिल्सवाल ने बताया कि वह विनोद जुगलान द्वारा पर्यावरण संरक्षण के प्रति किए जा रहे प्रयासों से प्रभावित हैं, इसलिए उन्होंने नशा और प्रदूषण मुक्त विवाह करने का निर्णय लिया तथा उन्होंने दहेज़ मुक्त समाज विकसित करने हेतु सिर्फ एक नारियल और अंग वस्त्र ही स्वीकार किए। जिसकी विवाह समारोह में उपस्थित हुए सभी मेहमानों ने खूब प्रशंसा की। उल्लेखनीय है कि दूल्हे बने अरुण कुमार नोयडा में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। विवाह के बाद विष्णु विहार मोहल्ले में सफाई का आयोजन किया गया, जिसमें दूल्हा दुल्हन और उनके पारिवारिक सदस्य भी सम्मिलित हुए। कल पौधरोपण का कार्यक्रम होगा। इस अवसर कैलाश चन्द्र, विद्यावती, बीना देवी, कमला जुगलान, प्रीति, दिलीप प्रमाणिक, बलविन्दर सिंह प्लथ, विकास कुमार, पूनम बसलियाल, पर्यावरणविद विनोद जुगलान, सुन्दर लाल गौड़, बीना बतरा, कमलेश, सविता, अरुण सोनम शर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इलैक्ट्रॉनिक डिजिटल म्यूजिक नाईट में झूमे युवा
ऋषिकेश। इलैक्ट्रोनिक डिजिटल म्यूजिक नाईट मे युवाओं ने मध्य रात्रि तक जमकर डांस। कार्यक्रम का बड़ा आकर्षण रहे उभरते हुए डीजे प्लेयर यश रावत, जिन्होंने अपनी शानदार परफॉर्मेंस से कार्यक्रम मे संमा बांध दिया।
क्रिएटिव ग्रुप के तत्वावधान मे भरत मंदिर इंटर कॉलेज के परशुराम हॉल में आयोजित हुई इलैक्ट्रोनिक डिजिटल म्यूजिक नाइट कार्यक्रम एक शानदार आयोजन साबित हुआ। उत्तराखंड के ऋषिकेश में प्रथम बार आयोजित हुए कार्यक्रम का युवाओं ने जमकर लुत्फ उठाया और दैर रात तक हिट डांस नम्बर पर थिरकते रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से जुड़ी उत्तराखंड की ब्रांड अम्बेसडर मिस ग्रैंड इंडिया-2017 अनुकृति गुसाईं, नेहा सिंह, उड़ता पंजाब हिंदी फिल्म के सह नायक सार्थक चौधरी एवं उड़ान संस्था के अध्यक्ष डॉ. राजे नेगी एवं कार्यक्रम के सयोंजक आकाश तोमर ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर कार्यक्रम के आयोजक आकाश तोमर ने बताया कि इस प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल डांस म्यूजिक कार्यक्रम का आयोजन पहली बार उत्तराखण्ड के ऋषिकेश शहर में किया गया है। कार्यक्रम आयोजन का मुख्य उद्देश्य गरीब पृष्ठभूमि के बच्चों को शिक्षा हेतु धन एकत्रित करना था। इस कार्यक्रम में प्रवेश के लिए टिकट रखी गई थी। इन टिकिटों से एकत्रित धनराशि से कार्यक्रम में हुआ खर्च के बाद जो शेष धनराशि बचेगी उसे निःशुल्क शिक्षण संस्थान उड़ान स्कूल के बच्चों की शिक्षा के लिए सहयोग राशि के रूप में दिया जाएगा। इस मौके पर मुख्य अतिथि अनुकृति गुसाईं ने कार्यक्रम आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा पाना हर बच्चे का जन्म सिद्ध अधिकार है। संस्था द्वारा किया जा रहा प्रयास बहुत प्रसंसनीय है, आज भी शिक्षा के क्षेत्र में हमारा प्रदेश अन्य राज्यों से पिछड़ रहा है। जिसके लिए हम सभी को एक साथ मिल कर कार्य करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम को सफल बनाने में अंजलि नेगी, इंद्राणी नेगी, जितसू राय, उत्तम असवाल, हरिराम वर्मा, सुमित त्यागी, अमित गांधी, मोहम्मद जावेद, निशांत वर्मा, प्रेरणा नेगी ने सहयोग किया।
दून के गायक ज़ुबिन नौटियाल के खाते मे आई एक और सफलता,पढ़िए
देहरादून के रहने वाले बॉलीवुड गायक और गीतकार जुबिन नौटियाल को टॉप 30,अंडर 30 एचीवर्स में जगह मिलने से उनके फैंस में खुशी का माहौल है। इस मौके पर जुबिन ने कहा कि, “यह मेरे लिए बहुत बड़े गर्व की बात है।क्योंकि यह मेरे परिवार के सदस्यों के चेहरे पर मुस्कान लेकर आया है, और अपने परिवारवालों की मुस्कान ने मुझे इस उपलब्धि का वास्तविक अर्थ दिया है। “
उन्होंने बताया कि “दुनियाभर से शुभचिंतकों से बधाई के संदेश आ रहे हैं। जिन लोगों को यह नहीं पता था कि उनके कुछ पसंदीदा गीतों के पीछे की आवाज़ मेरी थी, अब सब मुझे उन गीतों की आवाज के रूप में पहचान रहे हैं। मेरे गृहनगर उत्तराखंड के लोगों से मुझे विशेष प्यार और स्नेह,मिल रहा और उन आशीर्वादों से मुझे इस वेलेंटाइन महीने में नए गाने को गाने का मौका मिल रहा है।
जुबिन ने न्यूज़पोस्ट से बातचीत में कहा कि श्रोताओं का प्यार और मेरे परिवार का आर्शीवाद ही है कि मैं इस मुकाम तक पहुंचा हूं।जुबिन ने कहा कि मुझे खुशी है कि मैने अपने देश,राज्य,गांव और जिन्हें मेरा काम पसंद हैं उन्हे गर्व महसूस कराया है और विशेष रूप से मेरे माता-पिता के चेहरे पर जो खुशी है वह अनमोल है।
जुबिन के अलावा, भूमि पेडनेकर, विक्की कौशल, मिथिला पालकर, जसप्रित बूमराह, हरमंजोत कौर और हीना सिद्धु के अलावा कुछ और लोग युवा अचीवर की इस लिस्ट में जगह बनाने में सफल रहे हैं।
मिसाल: ऑयस्टर मशरूम की खेती में नई क्रांति ला सकती है ये कोशिश
मशरूम खेती में देवभूमि एग्रीबिजनेस वेंचर्स टीम की मुहिम रंग ला रही है, कई प्रयासों के बाद उत्तराखंड में ऑयस्टर मशरुम उत्पादन के क्षेत्र में एक तेज़ी आई है जो प्रदेश के साथ-साथ देश के लिये भी मशरूम की खेती में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
जनवरी में देवभूमि एग्रीबिजनेस वेंचर्स की टीम ने टिहरी के मरोड़ा गांव में ऑयस्टर मशरूम की खेती शुरू की। ये मशरूम के ऐसी प्रजाति है जो गेंहू के भूसे पर उगता है, पर इसकी खेती करने की लागत पहाड़ों में रहने वाले किसानों के लिये मंहगी साबित होती रही है, इसलिये इस मशरूम को पहाड़ों की जंगली घास पर उगाया गया और ये पहल कामयाब भी हुई।

न्यूजपोस्ट से बात करते हुए इस संस्थान के विजय सिंह बुटोला ने बताया कि, “उत्तराखंजड में मशरूम की खेती करने में सबसे ज्यादा दिक्कत संसाधनों की पड़ती है। मशरूम के बीज, गेहूं का भूसा सस्ते दामों पर नहीं मिल पाता। यहां ऑयस्टर मशरूम का मौसम शुरू हो गया है, समय पर बीज मिलना ज़रूरी है। किसानों को ये बीज दिल्ली और ग्वालियर से लाने पड़ते हैं औऱ भूसा ऋषिकेश से जिसके चलते फसल की लागत बढ़ जाती है औऱ अदिक्तर किसान इसे नही कर पाते हैं।”
इसी खर्चे को कम करने के मकसद से विजय बुटोला की टीम ने गेंहू की जगह जंगली घास का इस्तेमाल किया और इसे एक सफल विकल्प की तरह पेश किया। निरंतर अनुसंधान, खोज और प्रयोगात्मक परीक्षण के बाद मिली सफलता का यह परिणाम है। अब किसानों को इसकी खेती के लिये पहाड़ो में गेहूं के भूसे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा जिससे मशरुम उत्पादन की लागत में भी कमी आएगी।
जहां अभी ये मशरूम 100-200 रुपये किलो बिकता है वहीं इसकी मांग धीरे धीरे बढ़ रही है। जल्द खराब होने वाले पदार्थ होने के कारण अभी इस मशरूम का बाज़ार चंबा, श्रीनगर, टिहरी, लांबगांव औऱ देहरादून तक सीमित है।
विजय बुटोला कहते हैं,“जितना बड़ा बाज़ार बटन मशरूम का है उतना ही बड़ा बाज़ार ऑयस्टर मशरूम का भी है। पर इसके लिये अभी लोगों में जागरूकता और वैल्यू ऐडिशन करना ज़रूरी है। जैसे मशरूम का अचार, पापड़, वढ़ी, पाउडर के बिस्कुट किया जा सकता है औऱ इनका मार्केट भी बड़ा है।”
ऑयस्टर मशरूम की खेती के लिये जंगली घास का इस्तेमाल न केवल उत्तराखंड बल्कि देश में भी इसकी खेती में क्रांति ला सकता है। सरकार सब्सिडी तो दे रही है किंतु बीज समय पर उपलब्ध नही हो पाते हैं, उत्तराखंड में एक सरकारी स्पान लैब होना जरूरी है। अभी उधान विभाग को डीमआर सोलन से बीज की पूर्ति करनी पड़ रही है। सरकार आने वाले सालों में किसानों की आय को दोगुना करने के दावे तो कर रही है पर ज़रूरी है कि इस दावे को अमली जामा पहनाने के लिये कुछ ठोस कदम उठाये जाये।





























































