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क्या है मोदी की राय केदारनाथ निर्माण कार्यों के बारे में

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बुधवार को सचिवालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने केदारनाथ में हो रहे निर्माण के काम की जानकारी दी।
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केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सभी मुख्य सचिवों, भारत सरकार के सचिवों के सामने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की सराहना कर उत्तराखण्ड का मान बढ़ाया है। प्रधानमंत्री ने केदारनाथ में तेजी से कार्य करने और नई तकनीक के जरिए ड्रोन से कार्य होते हुए लाइव दिखाने के लिए मुख्य सचिव  की सराहना की। उन्होंने मुख्य सचिव और उनकी पूरी टीम को भी बधाई दी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बताया गया कि
  • केदारनाथ मंदिर के चबूतरे का विस्तार 1500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल से बढ़ाकर 4125 वर्ग मीटर कर दिया गया है।
  • फर्श का आधार बन गया है, पत्थर बिछाने का कार्य चल रहा है।
  • मंदाकिनी और सरस्वती नदियों के संगम स्थल से मंदिर तक 270 मीटर में जमा 12 फीट मालवा हटा दिया गया है।
  • मंदिर तक 50 फीट चौड़ाई का रास्ता बनाया जा रहा है। इसके दोनों किनारों पर ड्रेन और डक्ट बनाया जाएगा।
  • 24 भागों में बंटे इस सड़क के 20 पैनल में सतह के कार्य पूरा हो गया है। पत्थर काटने, तराशने और बिछाने का कार्य चल रहा है।
  • मुख्य सचिव ने सुरक्षा दीवार और घाट निर्माण के बारे में बताया कि सरस्वती नदी पर 470 मीटर लंबाई में सुरक्षा दीवार का काम अभी चल रहा है।
  • 140 मीटर में खुदाई और 80 मीटर में 02 मीटर सुरक्षा दीवार बन गई है। घाट का बेस तैयार हो गया है। मौसम अनुकूल होने पर आरसीसी कार्य शुरू किया जाएगा।
  • इसके अलावा मंदाकिनी नदी पर 380 मीटर सुरक्षा दीवार निर्माण का कार्य भी चल रहा है। तापमान बहुत कम होने की वजह से आर.सी.सी. नही हो पा रहा है।
  • मौसम साफ होते ही 73 पुरोहितों के घरों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
  • आदि शंकराचार्य कुटीर और संग्रहालय निर्माण का नक्शा तैयार कर लिया गया है।
  • गरुड़चट्टी से केदारनाथ 3.5 किलोमीटर पैदल मार्ग पुनर्निर्माण का कार्य शुरू हो गया है।
  • 1.6 किलोमीटर का काम पूरा हो गया है।
  • गौरीकुंड से लिंचैली होते हुए केदारनाथ मार्ग के चौड़ीकरण और सुधारीकरण का कार्य चल रहा है।
  • केदारनाथ में हिमस्खलन और भूस्खलन से बचाव के लिए 300 मीटर में बैरियर और ड्रेनेज का निर्माण चल रहा है।
  • अगले तीन महीने में कार्य पूरा हो जाएगा। मुख्य सचिव ने बताया कि पुनर्निर्माण के लिए केदारनाथ उत्थान चैरिटेबल ट्रस्ट बनाया गया है। इस संबंध में वेबसाइट भी बनाई गई है।
आपको बतादें कि प्रधानमंत्री ने 27 अक्टूबर 2017 को केदारनाथ में 5 पुनर्निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया था।
जिन कार्यों का शिलान्यास किया गया था वह हैंः
  • केदारनाथ पहुंचने के लिए मुख्य मार्गों का चैड़ीकरण
  • सरस्वती नदी पर बाढ़ सुरक्षा और घाट निर्माण
  • मंदाकिनी नदी पर सुरक्षा और घाट निर्माण
  • तीर्थ पुरोहितों के आवासीय भवनों का निर्माण
  • आदिगुरु शंकराचार्य कुटीर और संग्रहालय का निर्माण
मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के बारे में भी जानकारी दी। मातृ वंदना योजना के तहत प्रसव से पूर्व और बाद में आराम करने के लिए महिला को 5000 रुपये देने की व्यवस्था है। इसके लिए उत्तराखण्ड को 24.27 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई है। अभी तक निलंब खाते(एस्क्रो एकाउंट) में 2.15 करोड़ रुपये स्थान्तरित किए गए हैं। 11243 लाभार्थियों के खाते में 2.52 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं। राज्य स्तर पर संचालित 20067 केंद्रों के सापेक्ष 18918 केंद्र पोर्टल पर अपलोड हो गए हैं। 26208 लाभार्थियों के आवेदन पत्र ऑनलाइन भरे गए हैं।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, सचिव कौशल विकास डॉ.पंकज कुमार पांडेय, निदेशक बाल विकास कैप्टन आलोक शेखर तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

खटारा वाहनों मे लोगों को करना पड़ रहा है सफर

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ऋषिकेश। प्रशासनिक उदासीनता के कारण तीर्थनगरी की सड़कों पर लोग खटारा तिपहिया वाहनों में सफर करने को मजबूर हैं।
शहर की सड़कों पर सवारी लेकर चले रहे करीब 40 प्रतिशत से ज्यादा वाहन खटारा हो चुके हैं। इनका संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। प्रशासनिक अधिकारी सबकुछ देखते हुए भी आंख बंद किए हुए हैं। इन्हीं खटारा वाहनों से आए दिन सड़क हादसे भी होते हैं। इससे ऋषिकेश -हरिद्वार राष्टीय राजमार्ग भी अछूता नहीं है। प्रशासन द्वारा जब भी कार्रवाई होती है, चेकिंग के नाम पर पुलिस व एआरटीओ विभाग खाना पूर्ति ही करते हैं।
इस मामले में एआरटीओ अनीता चमोला का कहना था कि अभी 15 साल की उम्र पूरी कर चुके वाहनों को सड़क से बाहर किए जाने का नियम सिर्फ एनसीआर दिल्ली में ही लागू है, अन्य प्रदेशों में यह लागू नहीं किया गया। इसके बावजूद समय-समय पर वाहनों के परमिट व अन्य कागजात चेक किए जाते हैं और जो सही वाहन होते हैं उन्हें ही अनुमति दी जाती है। यही नियम पूरे प्रदेश में लागू है। वहीं विक्रम ऑटो यूनियन के अध्यक्ष विनय सारस्वत का कहना है कि यूनियन में जो वाहन सड़क पर चल रहे हैं, उनके सभी कागजातों की समय-समय पर जांच की जाती है। उन्होंने कहा कि उन्हीं वाहनों को यूनियन में चलने की अनुमति होती है, जिनके सभी दस्तावेज दुरुस्त होते हैं। कुछ शिकायतें हरिद्वार व लक्ष्मण झूला मुनि की रेती यूनियन से जुड़ी गाड़ियों की आ रही है, जिनके कागजात अधूरे और वाहन 15 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों के विरुद्ध परिवहन विभाग कार्रवाई करें ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।

चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग को लेकर आमरण अनशन जारी

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ऋषिकेश। राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश समेत प्रदेशभर में सरकारी हॉस्पिटलों में चिकित्सकों की नियुक्ति को लेकर राइट टू हेल्थ का आमरण अनशन छठे दिन भी जारी रहा।
राइट टू हेल्थ संस्था के संयोजक अरविंद हटवाल, पूर्व सैनिक चंद्रमोहन भट्ट, विनोद जुगलान, उत्तम असवाल, कर्म चन्द गुसांईं, सरोजनी थपलियाल, चंद्रकांता जोशी समेत कुल आठ लोग आमरण अनशन पर हैं। उनकी मांग है कि शीघ्र ही राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की जाए। उनके समर्थन में क्रमिक अनशन में बैठने वालों में पंकज शर्मा, नवीन मोहन, विजय पंवार, प्रिया बिष्ट और मंजू शर्मा आदि प्रमुख रहे। इन सबके बीच बीती देर रात भारी पुलिस फोर्स द्वारा राजकीय चिकित्सालय पहुंच अनशनकारियों को जबरन उठाने की कोशिश की गई, लेकिन मौके पर बड़ी संख्या मे विभिन्न संस्थाओं ने एकत्र होकर पुलिस का पुरजोर विरोध किया। इसके चलते पुलिस के मंसूबे कामयाब न हो पाए और उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा। आज धरने को सर्मथन देने वालों मे गढवाल महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजे नेगी, नगर पालिका ऋषिकेश के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा, देवभूमि उत्तरांचल उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राज कुमार अग्रवाल, दुर्गा माता मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद, पदम शर्मा, हर्षित गुप्ता, भवानी रावत, युद्धवीर चौहान, पूर्व सैनिक दिनेश सिंह असवाल, कमल सिंह भंडारी, हिमित कक्कड़, दिनेश कुलियाल, नवयुवक मंगलदल खदरी के पूर्व अध्यक्ष ख़ुशी राम भट्ट, पंचायत सदस्य खदरी श्रीकान्त रतूड़ी, कृष्ण स्वरुप रयाल,विशेश्वर बड़ोला, राजा धींगड़ा, दिनेश कोठारी, आशुतोष डंगवाल, महावीर उपाध्याय, सुनीता थापा, बबली पाल, सुशील रतूड़ी, जगमोहन झलवाल, उषा डोभाल, राम कृष्ण भट्ट, महावीर सिंह मैखुरी, युवा वेलफेयर मंच श्यामपुर, रमाकांत आदि शामिल थे।

विधायक जोशी ने छात्र-छात्राओं को बांटे कोट

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देहरादून। पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा वंचितों को सीधी सहायता पहुंचाने के क्रम में बुधवार को मसूरी विधायक गणेश जोशी ने कैप्टन प्रतीक आचार्य राजकीय इण्टर कॉलेज डोभालवाला में 168 छात्र-छात्राओं को कोट वितरित किये। उन्होंने सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या को बढ़ाने के लिए विद्यालय को प्रयास करने को कहा।
छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए विधायक जोशी ने कहा कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान बच्चों को सर्दियों से बचने के लिए कोट दिये जाने की घोषणा की थी, जिसे आज पूरा किया। इससे पहले भी वह मसूरी गर्ल्स इण्टर कॉलेज में 400 कोट वितरित कर चुके हैं और इसी प्रकार कई प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों में भी कोट एवं स्वेटर वितरित किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिसने गरीबी देखी है, वही पुण्य के कार्यो में अपनी सहभागिता दे सकते हैं।

इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित केन्द्र सरकार द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, जन धन योजना, डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर योजना तथा आम भारतीयों के लिए प्रारम्भ की गई दुनिया की सबसे बड़ी बीमा योजना जैसी कई लाभकारी येाजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसका लाभ आम नागरिकों को मिलने भी लगा है। इसी का परिणाम है कि राज्य की प्रतिव्यक्ति आय में वृद्धि दर्ज की गई है।
भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष विनय गोयल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार शिक्षा की गुणवत्ता एवं स्तर को सुधारने के लिए राज्य में एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने जा रही है। उन्होंने विधायक जोशी के इस पुण्य कार्य की भी सराहना की। प्रधानाचार्य एस0एस0 बिष्ट ने सम्पूर्ण विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों को स्वागत किया और कहा कि जिन बच्चों की आर्थिक स्थिति कमजोर है उनके लिए विधायक जोशी द्वारा समर्पित भाव से सेवा की जाती है।

होली पर रहेगी जिले की सभी शराब की दुकानें बंद

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पौड़ी। जिला प्रशासन ने होली पर्व पर जनपद में सभी प्रकार की शराब की दुकानों को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने दो मार्च को होली पर्व के शुभ अवसर पर जनपद की सभी शराब की दुकानें, बार तथा सैन्य कैंटीनों में शराब की बिक्री, परिवहन एवं उपभोग के लिए शराब की दुकानों को पूर्णतय बन्द रखने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड आबकारी विदेश मदिरा की फुटकर दुकानों के व्यवस्थापन नियमावली के तहत जनपद में सभी शराब की दुकानें बंद रहेंगी। उन्होंने जिले के सभी उप जिलाधिकारियों तथा आबकारी निरीक्षक को निर्देशों को पालन करने को कहा है।

सरकार पर भारी पड़ रही स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही

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देहरादून। स्वाइन फ्लू के उपचार में बरती जा रही कोताही अब ‘सरकार’ पर भारी पड़ गई है। सूबे के मुखिया को दवा और भाजपा के मंत्री समेत अन्य नेताओं को एहतियातन टेस्ट कराने की नौबत आ गई है। दिवंगत विधायक से ये लोग जब मिले तब यह पता भी नहीं था कि उन्हें स्वाइन फ्लू है। अब जब रिपोर्ट आई है, सरकार व संगठन भी अलर्ट मोड में हैं।

थराली विधायक मगलनाल की मौत स्वाइन फ्लू से होने की पुष्टि होने के बाद उनसे मिलने वाले वीवीआइपी के लिए भी एलर्ट जारी किया गया है। हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में उनके स्वास्थ्य का हाल जानने पहुंचे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत तक को निगरानी में रखा गया है। बुधवार को डॉक्टर ने उन्हें टेमी फ्लू दवा की पहली खुराक दी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दवा का पांच दिन तक कोर्स है। इस दौरान वह सघन निगरानी में रहेंगे। मुख्यमंत्री के फिजिशियन डॉ. एनएस बिष्ट ने बुधवार को जांच कर उन्हें दवा दी। सीएम के अलावा विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, मंत्री अरविंद पांडे, धन सिंह रावत, विधायक महेंद्र भट्ट, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी अस्पताल जाकर थराली विधायक की कुशलक्षेम पूछी थी। उस वक्त स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई थी, सो किसी ने एहतियात भी नहीं बरती। लेकिन अब यह सभी सकते में हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मंगलवार को ही वैक्सीन लगवा चुके हैं। मामला वीवीआईपी से जुड़ा होने के कारण स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। सीएमओ डॉ. वाईएस थपलियाल ने बताया सीएम को पांच दिनों तक दवा खाने को दी जाएगी। इसके अलावा अन्य लोगों को भी जांच की सलाह दी गई है। 

Exclusive: होली से पहले मसूरी में मनेगी यह खास होली,जानिये क्यों

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पहाड़ों की रानी मसूरी में 28 फरवरी को मनाई जाएगी होली।हैरान हो गए ना,जी हां, हम आपको बताते हैं क्यों पहली बार मसूरी में होली जल्दी मनाई जा रही है।दरअसल मसूरी के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब होली से दो दिन पहले यानि की 28 फरवरी को, गढ़वाली कलाकार और मसूरी के लोग मसूरी की गलियों में होली के गाने पर झूमते नज़र आऐंगे।

यह मस्तानों की टोली 28 तारीख को शाम 3 बजे मसूरी के शहीद स्थल पर एक घंटे का सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देगा,इस परफॉर्मेंस के बाद शहीद स्थल से शहर का चक्कर लगा कर लोगों को बधाईयां देते हुए यह लोग लेैंडोर मसूरी पहुंच कर बैठकी होली की प्रस्तुति देंगे।

न्यूजपोस्ट से बातचीत में डॉ.पुरोहित ने बताया कि, “सेंटर ऑफ फोल्क परर्फॉमिंग आर्टस् एंड कल्चर की तरफ से यह पहल की गई थी,पहाड़ों में होली की यही परंपरा है और बहुत पहले से चली आ रही है।लेकिन समय के साथ-साथ यह केवल श्रीनगर के 2-3 घर में सिमट कर रह गई थी।हमारे विभाग ने पहल की और उन गांवों को वापस संजोया।हम लोगों ने नौजवनों को ट्रेनिंग दी और विलुप्त हो रही इस परंपरा को एक बार फिर से शुरु किया है।जबरदस्ती बाज़ार में होली कराई,लोगों के घर में गए,और अब ये होली सार्वजनिक स्थानों में आयोजित की जाएगी और लोग इससे जुड़ भी रहे हैं।”

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गौरतलब है कि जो साल 2008 में एक प्रयोग के रुप में शुरु किया गया था वह परंपरा अब आगे बढ़ चुकी है और एक शहर से दूसरे शहर की तरफ बढ़ रही है। डॉ.पुरोहित ने बताया कि, “श्रीनगर और देवप्रयाग में जो होली गायन की परंपरा थी उसे कुछ लोग मिलकर संजो रहे है। कुमाऊं बॉर्डर के पास रहने वाले गढ़वाली लोगों के बीच इस तरह की होली काफी प्रचलित थी।साथ-साथ टिहरी दरबार में भी यह होली गाई जाती थी जिन्हें यहां के बादी गाते थे।”

दुनिया में मशहूर कुमाऊंनी होली के बारे में और बात करते हुए डॉ.पुरोहित कहते है कि, “होली पौष के पहले रविवार से शुरु होती है जिसे निर्वाना की होली कहते हैं जिसमे भगवान शंकर की होली गाई जाती है।बसंत पंचमी में श्रींगार की होली की शुरुआत होती है, इस गीत के बोल कुछ ऐसे हैं:”नवल बसंत,सखी ऋतुराज कहां रहैं,य़ौ नवल बसंत,” यह कृष्ण और राधा के श्रीनगर के गीत गाए जाते होते है।”

होली अपने तरह का ऐसा पर्व है जिसमें स्वांग होता है, व्यंग होता है, सबसे बड़ी बात होली की यह भी है कि इसमें स्त्री स्वांग करती है, पुरुष बनती है और उनकी कमियों पर व्यंग करती है। प्रदेशभर के गांवो, शहरों में मंच बनाए जाते है, मंडलों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है, उत्तराखंड राज्य में चंपावत और नैनीताल की होली सबसे ज्यादा मशहूर है।

बहरहाल मसूरी के लोगों के लिए यह पहली बार होगा जब उत्तराखंड की पारंपरिक होली की एक छटा उन्हें देखने को मिलेगी, जब इस दल के लोग गाना गाते, बजाते और नाचते हुए मसूरी की गलियों को रंगारंग करेंगे और शहर में कोई ऐसा नहीं होगा जो इस होली को नहीं देखेगा।

आर्चरी में उत्तराखण्ड पुलिस का पहला मेडल

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बुधवार यानि 28 फरवरी 2018 को पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड, देहरादून में अनिल के0 रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड ने 6वीं ऑल इंडिया पुलिस आर्चरी चैंपियनशीप में पदक प्राप्त खिलाड़ियों से मिलकर उन्हें शुभकामनायें देते हुये भविष्य में होने वाली प्रतियोगिताओं के लिए कड़ी मेहनत व लगन से अभ्यास करने व स्वर्ण पदक प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया।

अशोक कुमार,प्रसिडेंट उत्तराखंड बैंडमिंटन एसोसिएशन ने बताया दिनांक19 फरवरी 2018 से 23 फरवरी  2018 तक इम्फाल, मणिपुर में आयोजित हुई 6वीं ऑल इंडिया पुलिस आर्चरी चैंपियनशीप  में उत्तराखण्ड पुलिस की 16 सदस्यीय टीम ने प्रतिभाग किया जिसमें कम्पाउंड मैन 50 मीटर व्यक्तिगत स्पर्धा में आरक्षी संतोष कुमार ने रजत पदक अर्जित किया। उक्त प्रतियोगिता मे देशभर से लगभग 26 टीमों द्वारा प्रतिभाग किया गया। जिसमें उत्तराखण्ड पुलिस 11वें स्थान पर रही।

अभिनेत्री श्रीदेवी का शाम पांच बजे होगा अंतिम संस्कार, दर्शन के लिए उमड़े लोग

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मुंबई| भारतीय सिनेमा जगत की चांदनी और स्टार अभिनेत्री श्रीदेवी का बुधवार को शाम पांच बजे अंतिम संस्कार विले पार्ले के पवन हंस श्मशान गृह पर होगा। सेलिब्रशन क्लब से दोपहर दो बजे शवयात्रा निकाली गई। अंतिम दर्शन के सितारों समेत उनके चहेते दर्शक उमड़ पड़े हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच शवयात्रा निकले जाने की तैयारी की गयी थी।

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इससे पहले मंगलवार की रात दुबई से क्लियरेंस मिलने के बाद श्रीदेवी का पार्थिव शरीर मुम्बई में रात दस बजे के बाद पहुंचा।अंतिम संस्कार से पहले मुंबई के सेलिब्रेशन स्पोर्ट्स क्लब में श्रीदेवी का पार्थिव शरीर सुबह से लोगों के दर्शनार्थ रखा गया। 12.30 बजे तक सेलिब्रशन क्लब में श्रीदेवी का अंतिम दर्शन किया जा सकेगा जिसके लिए सितारे और दर्शक सुबह से ही पहुँचने लगे। बड़ी भीड़ उमड़ गयी है जिसे नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है।

अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे सितारे
सरोज खान , करण जौहर, तब्बू, माधुरी दिक्षित, जैकलीन फर्नांडिस, काजोल, अजय देवगन, विवेक ओबरॉय, आदित्य पंचोली, मनीष पॉल, जया प्रदा, जया बच्चन और उनकी बेटी श्वेता, सुष्मिता सेन, ऐश्वर्या राय, सोनम कपूर, फराह खान, हेमा मालिनी, रवि किशन, सुभाष घई, अक्षय खन्ना, हेमा मालिनी, अनिल कपूर के बेटे हर्षवर्धन, फोटोग्राफर डब्बू रतनानी, जॉन अब्राहम, अब्बास-मस्तान, रेखा, प्रियंका चोपड़ा, अलका याज्ञनिक, चिरंजीवी, राजकुमार रॉव, उमंग कुमार, हिमेश रेशमिया, प्रेम चोपड़ा, संजय लीला भंसाली, नितिन मुकेश अपने पिता नील रतन मुकेश के साथ, सिद्धार्थ मल्होत्रा, उर्वशी रौतेला, राजपाल यादव, आदित्य ठाकरे, डेविड धवन, श्रद्धा कपूर, राजकुमार संतोषी, नीलिमा अजीम, रमेश सिप्पी और उनकी पत्नी समेत हजारों लोग दर्शन के लिए पहुंचे हैं | लोगों के आने का सिलसिला जो सुबह से शुरू हुआ है वह क्रम टूट नहीं रहा है |

6 मार्च से झंडा जी साहब में शुरु होगा मन्नतों का त्यौहार

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दून के ऐतिहासिक झंडा जी साहब का 372वां मेला 6 मार्च से शुरु होगा। सातवें सिख गुरु हरराय जी के सबसे बड़े बेटे गुरु रामराय जी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में हर साल चैत्र माह की पंचमी यानि होली के 5 दिन बाद से इस मेले की शुरुआत होती है।मेले को लेकर दरबार साहिब का पूरा प्रशासन तैयारियों में जूट गया है। कहीं झंडे जी को चढ़ाने को लेकर व्यवस्थाएं की जा रही है तो कहीं संगत के ठहरने और उनके लिए लगने वाले लंगर की।

देश के साथ साथ विदेशों से आने वाली संगत को न्योता भेजा जा चुका है। वहीं संगत के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने मोर्चा संभालते हुए तैयारियों को लेकर अपने सेवाएं देनी शुरु कर दी हैं। मोहब्बेवाला स्थित श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल में इस झंडे जी को तराशने का काम चल रहा है।

हर साल की तरह इस साल भी 6 मार्च को श्री गुरू रामराय दरबार के आँगन में पवित्र झंडे जी को सुबह शुभ समयानुसार उठाया जाएगा। यह वही जगह है जहां कई सौ साल पहले गुरू रामराय जी महाराज ने अपना डेरा स्थापित किया था। कहा जाता है कि झंडे जी के नीचे बैठकर गुरु रामराय जी महाराज लोगों को आर्शीवाद के साथ विश्व कल्याण का संदेश दिया करते थे।

हर साल पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों, उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश के साथ साथ विदेशों से आए भक्त पारंपरिक तरीके से श्री झंडा साहिब को नीचे उतारते हैं। इसके बाद श्री झंडा साहिब के पूराने वस्त्रों को उतारकर उन्हे दूध दही और गंगाजल से स्नान कराया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद श्री झंडा साहिब को मारकीन से बने नए वस्त्र पहनाए जाते है और अंत में दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का प्रावधान है। दर्शनी गिलाफ के बाद झंडे जी को वापस उनके स्थान पर चढ़ा दिया जाता है। जिसके बाद संगत न सिर्फ नाचती गाती है बल्कि इस खुशी के मौके पर लगने वाले मेले का आनंद भी उठाती है।

इस बार 6 मार्च को लुधियाना के अर्जुन सिंह दर्शनी गिलाफ चढ़ाएंगे। जिनके पिता ने 30 साल पहले मन्नत पूरी होने पर गिलाफ चढ़ाना कबूला था और बुकिंग कराई थी, वहीं दरवार साहिब के अनुसार 2116 तक दर्शनी गिलाफ चढ़ाने की बुकिंग हो चुकी है।

दरअसल दून के इतिहास और स्थापना से सीधे तौर पर जुड़ा श्री झंडा जी मेला श्री गुरु राम राय जी के पदार्पण सन् 1679 से मनाया जा रहा है। देहरादून की खूबसूरती और शांत आबोहवा को देखते हुए गुरु रामराय जी ने यहा डेरा जमाया और तभी से इस जगह का नाम डेरादीन से डेरादून और फिर देहरादून पड़ा। देहरादून ही श्री गुरुराम राय की कर्मस्थली रही है जहां हर वर्ष लाखों की संख्या में भक्त उनकी याद में पूरे विधि विधान के साथ झंडे जी को चढ़ा कर इस पारंपरिक मेले में भाग लेते हैं।