स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री रावत द्वारा की गई घोषणाएं

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देहरादून, मुख्यमंत्री रावत द्वारा की गई घोषणाएं में सबसे पहले मुख्यमंत्रीने कहा कि, “जैसा कि आप सभी को मालूम है कि वर्ष 2019 को रोजगार वर्ष के रूप में मना रहे हैं। सभी रिक्त सरकारी पदों पर समयबद्ध तरीके से भर्ती की जाएगी। इसकी मॉनिटरिंग के लिए कैबिनेट मंत्री की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। जो लोग पहले से संविदा में लगे हैं, उनके लिए अधिमान अंक की व्यवस्था की जाएगी।”

महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए ‘‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना’’ शुरू करने जा रहे हैं। इसमें एक वर्ष में 5100 महिलाओं को कियोस्क बनाकर मसूरी, नैनीताल, केदारनाथ, बदरीनाथ आदि प्रमुख स्थलों में आवंटन किया जाएगा। एक कियोस्क से औसतन 4 महिलाओं को रोजगार मानें तो 20 हजार से अधिक महिलाओं को आजीविका का साधन मिलेगा। राज्य सरकार इनको बैकहैंड सपोर्ट उपलब्ध करवाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “ बुजुर्ग किसी भी समाज की अनमोल धरोहर होते हैं। उनका अनुभव व बुद्धिमत्ता परिवार, समाज व देश के लिए बहुत जरूरी होता है। बुजुर्गों की देखभाल हम सभी का परम दायित्व है। यह देखकर बड़ा दुख होता है कि बहुत से लोग अपने बुजुर्गों की उपेक्षा करते हैं। यह सब समाज में नैतिक व सामाजिक मूल्यों में गिरावट से होने लगा है। हम वृद्ध व्यक्तियों की देखभाल के लिए कानून लाने पर विचार कर रहे हैं।”

साथ ही ‘‘मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन योजना’’ के तहत टॉपर 25 बच्चों को सभी कोर्सेज में 50 प्रतिशत फीस की स्कॉलरशिप दी जाएगी।

‘‘देश को जानो योजना’’ के तहत कक्षा 10 के टॉप 25 रैंकर्स को भारत भ्रमण कराया जाएगा। ये सभी बच्चे उत्तराखण्ड बोर्ड के होंगे। एक भ्रमण इनका हवाई जहाज से भी होगा। इससे बच्चों को अपने देश के बारे में जानने को मिलेगा। भारत के विभिन्न प्रान्तों की संस्कृति, इतिहास, रहन सहन, खान-पान आदि के बारे में जानने का मौका मिलेगा।

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति आश्रम पद्धति के विद्यार्थियों के भोजन भत्ते को 3000 रूपए प्रति माह से बढाकर 4500 रूपए प्रति माह कर रहे हैं। राज्य में सर्विस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रायसरत है। शीघ्र ही वेलनेस योगा, आयुर्वेद व पर्यटन पर आधारित संयुक्त रूप से एक समिट का आयोजन किया जायेगा।

प्रदेश के समस्त विद्यालयों में फर्नीचर, वाटर सप्लाई, टॉयलेट, कंप्यूटर, लाइब्रेरी और लैब की व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से 2022 तक पूर्ण किया जाएगा। 2020 तक प्रदेश की समस्त सहकारी समितियों को कंप्यूटरीकृत किया जाएगा।