टिहरी झील में फ्लोटिंग हट्स से 30 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला,जांच के लिए समिति गठित

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जिले में डोबरा-चांठी के पास टिहरी झील में शनिवार देर शाम स्थित फ्लोटिंग हट्स तकनीकी खराबी के कारण पर्यटक जोखिमपूर्ण स्थिति में आ गए। एसडीआरएफ ने तत्काल बचाव करते हुए 30 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला।

मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने बताया कि अचानक आए तेज आंधी-तूफान के कारण टिहरी झील में स्थित एक फ्लोटिंग हट के एक्सल ज्वाइंट का एक हिस्सा खुल जाने से फ्लोटिंग हट अस्थिर होकर हिलने लगी। उस समय फ्लोटिंग हट में लगभग 30 लोग मौजूद थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल बचाव एवं सुरक्षा कार्य के लिए एसडीआरएफ, कोटी कॉलोनी की टीम को मौके पर भेजा गया। एसडीआरएफ टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अपनी 140 एचपी बोट के माध्यम से 22 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि टाडा यूनियन की बोट से 15 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इनमें फ्लोटिंग हट का स्टाफ भी शामिल था।

उन्हाेंने बताया कि बचाए गए कुल 30 व्यक्तियों में से 22 लोगों (11 पुरुष एवं 11 महिला) को लेक व्यू होटल में तथा शेष 8 लोगों (05 पुरुष एवं 03 महिला) को इको हट में सुरक्षित ठहराया गया। इस पूरे बचाव अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि या चोट की सूचना नहीं है। सभी लोग पूर्णतः सुरक्षित हैं। प्रशासन ने फ्लोटिंग हट्स को फिलहाल असुरक्षित मानते हुए उनके संचालन पर रोक लगा दी है। पूर्ण सुरक्षा मानकों के पालन के बाद ही दोबारा संचालन की अनुमति दी जाएगी।

मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल के निर्देश पर घटना के कारणों की जांच और सुरक्षा मानकों के परीक्षण के लिए एक समिति गठित की गई है, जिसमें प्रशासन, पुलिस, लोनिवि और पर्यटन विभाग के अधिकारी शामिल हैं। समिति को चार दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।