केदारनाथ यात्रा में घोड़े-खच्चर संचालकों की लूट

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Pilgrims on horse back
रुद्रप्रयाग,  केदारनाथ यात्रा में हजारों की संख्या में देश-विदेश से हर दिन तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। तीर्थयात्री यात्रा पड़ाव सोनप्रयाग और गौरीकुंड में बेहद ही परेशान हो रहे हैं। उन्हें समय से घोड़ा-खच्चर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, इस कारण उनसे मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं।
केदारनाथ यात्रा पर आये यात्री पंवार राजेंद्र केरू निवासी चिन्नर जिला नासिक (महाराष्ट्र) गौरीकुंड में घोड़े-खच्चर को लेकर परेशान घूम रहा था। जब उसे घोड़ा-खच्चर संचालक नहीं मिला तो उसने चौकी इंचार्ज गौरीकुंड रजबर सिंह राणा के पास जाकर बताया कि, “एक घोड़ा-खच्चर संचालक ने उनसे घोड़ा बुकिंग के ग्यारह हजार रुपये ले लिए हैं और रुपये लेने के बाद वह गायब हो गया है, रुपये लेने की कोई रसीद यात्री को नहीं दी गई है।”
इस पर चैकी इंचार्ज ने यात्री को घोड़े खच्चरों का सही रेट बताया। यात्री ने चौकी इंचार्ज को शिकायत पत्र दिया। इसके आधार पर घोड़ा-खच्चर संचालक के खिलाफधारा 420 का मुकदमा पंजीकृत किया गया। विवेचक एसआई विजेंद्र सिंह कुमाई ने अभियुक्त की ढूंढखोज की तो वह घोड़ा पड़ाव पर मिला और कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि, “यात्रा शुरू होने के बाद से ओवर रेटिंग की शिकायत आ रही है। इसके लिए पुलिस की टीम बनाई गई है। यात्री बनकर पुलिस की टीम जांच पड़ताल करने में लगी हुई है। जब यात्री पुलिस प्रशासन को लिखित जानकारी देंगे, तभी कार्रवाई की जा सकती है। देश-विदेश से आ रहे तीर्थ यात्रियों को ऐसे घोड़े-खच्चर संचालकों के खिलाफ लिखित में शिकायत देनी चाहिए। इससे पुलिस की ओर से कार्रवाई की जा सके।”
गौरीकुंड से आने-जाने का 2700 और एकतरफा का पन्द्रह सौ रुपये किराया निर्धारित किया गया है।