‘जय देवी जय नंदे, जयति हिमाद्रि शैल सुतेः’ के स्वरों के साथ माता नंदा-सुनंदा नगर भ्रमण पर निकलीं

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करीब एक सप्ताह के अपने मायके स्वरूप माता नयना की नगरी सरोवर नगरी नैनीताल में प्रवास के बाद माता नंदा-सुनंदा बुधवार को भव्य डोले-शोभायात्रा के साथ नगर भ्रमण पर निकलीं।

इस दौरान माहौल भक्तिमय एवं हर्षोल्लास होने के साथ ही बहुत से, खासकर बुजुर्ग महिला श्रद्धालुओं के लिए बेहद भावुक एव अश्रुपूरित भी रहे। शोभायात्रा के पूरे मार्ग पर श्रद्धालु, खासकर हाथ जोड़े खड़े होकर शोभायात्रा का इंतजार करते और शोभायात्रा के करीब आते उन्हें पुष्प, अक्षत और दक्षिणा चढ़ाते, आशीर्वाद लेते देखे गए।

शोभायात्रा में नगर के साथ ही दूर के दूसरे नगरों एवं गांवों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु अपनी बेटी-बहन को मायके से विदा करने के लिये आस्था और विश्वास के अतिरेक के साथ शोभायात्रा-डोले में उत्साहपूर्वक और ‘जय देवी जय नंदे, जयति हिमाद्रि शैल सुतेः…’ व माता नंदा-सुनंदा के जयकारों तथा माता नंदा की स्तुतियों व भजनों के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए। घरों की बुर्जों और सड़क किनारे मां के दर्शन को उमड़ी महिलाएं और श्रद्धालु माता नंदा-सुनंदा की एक झलक देखने को बेताब हो पुष्पों, अक्षतों और चढ़ावे की वर्षा कर रहे थे। शोभायात्रा में शामिल लोग तो लंबे अंतराल बाद हुई बारिश के बीच जैसे स्व.आनंद में झूम रहे थे।

इससे पूर्व बुधवार को सुबह नौ बजे नयना देवी परिसर में विराजमान मां नंदा सुनंदा का पंडित भगवती प्रसाद जोशी ने नगर निवासी साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष विमल चौधरी के यजमानत्व में सपत्नीक पूजा कराई। साथ ही मंडलायुक्त दीपक रावत, डीआईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे, डीएम धीराज गर्ब्याल व एसएसपी पंकज भट्ट ने भी माता नंदा-सुनंदा के दर्शन किये।

इसके बाद दोपहर 12 बजे उन्हें भोग लगाने के पश्चात डोले में सवार कर नगर भ्रमण के लिए मंदिर परिसर से बाहर लाया गया। बाहर मंदिर परिसर में भंडारा आयोजित हुआ, जिसके उपरांत ठीक साढ़े 12 बजे सबसे आगे परंपरागत तौर पर श्वेत-धवल एवं आखिर में लाल ध्वज चल रहे थे।

माता के डोले के संस्था के अध्यक्ष मनोज साह, महासचिव जगदीश बवाड़ी, उपाध्यक्ष मनोज जोशी, कमलेश ढोंढियाल, विमल चौधरी, राजेंद्र बजेठा, भुवन बिष्ट, गिरीश कांडपाल, देंवेंद्र लाल साह, डा. मनोज बिष्ट, गिरीश जोशी, भीम सिंह कार्की, कैलाश जोशी, डा. ललित तिवारी, नवीन पांडे सहित अनेक लोग चल रहे थे। डोले को कंधों पर लेने के लिए युवाओं में होड़ मची थी। शोभायात्रा परंपरागत तरीके से आर्य समाज मंदिर, तल्लीताल क्रांति चौक, वैष्णवदेवी मंदिर, चीना बाबा मंदिर, श्रीराम सेवक सभा आदि स्थानों पर विश्राम करते हुऐ निकली। शोभायात्रा में रुद्रपुर से आये ढोल व अखाड़े के कलाकार लाठी व तलवारों से करतब दिखा रहे थे। नगर के बैंड समूह भी शामिल रहे।