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स्पीकर के बयान की निन्दा, जांच व कार्यवाही की मांग

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एससी/एसटी पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्गों के आरक्षण बचाओ संयुक्त मोर्चा पदाधिकारियों ने संवैधानिक रूप से प्रदत्त एससी/एसटी ओबीसी आरक्षण को समाप्त कर देने के विस अध्यक्ष के बयान पर रोष जताया। उन्होंने इस मामले में जांच और कार्यवाही की मांग की।

रविवार को पत्रकारों से बातचीत में मोर्चा के संयोजक सीपी सिंह ने कहा कि सरकार के उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोग संविधान की परवाह किए बगैर इस मुहिम को चला रहे हैं। सबका साथ, सबका विकास कहने वाले लोग चुप्पी साधे हुए हैं। सीपी सिंह ने कहा कि पूर्व में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने आरक्षण विरोधी बयान दिया था, अब तक उन पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आरक्षण विरोधी बयान की दलित समाज द्वारा निन्दा भी की गई। संयुक्त मोर्चा ने नगर कोतवाली में उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई भी कार्यवाही नहीं हुई। इससे संयुक्त मोर्चा एवं दलित समाज में रोष है। उन्होंने कहा कि जब तक पूरे प्रकरण पर उच्चस्तरीय जांच व कार्यवाही नहीं की जाती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के धर्म निरपेक्ष समाजवादी ताने बाने को तोड़ा जा रहा है। प्रेस वार्ता में धर्मपाल सिंह ठेकेदार, मनोज कुमार, मुकेश कुमार कोरी, रूपचंद एडवोकेट, मेहर सिंह चीफ, शिव कुमार, अजय कुमार, भंवर सिंह, ऋषिपाल सिंह, रामपाल सिह, सुशील कुमार सैनी, रफल पाल सिंह, आदि उपस्थित रहे। 

निशंक के प्रयास से सऊदी से सकुशल लौटा कण्डारी

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सऊदी अरब अमिरात से रियाल में फंसा युवक लाभ सिह कण्डारी सकुशल घर वापस आ गया है। जनपद रुद्रप्रयाग के बडोरा गांव के निवासी लाभ सिंह के लिए वह क्षण बेहद भावुक था, जब वह घर आकर माता, पत्नी और बच्चों से मिला। मां को यकीन ही नहीं हो रहा था कि वह अपने लाडले को अपनी आंखों के सामने देख रही है।

लाभ सिंह कण्डारी ने जब डा.निशंक के हरिद्वार कार्यालय प्रभारी राजेश कुंवर को रियाल से फोन व फेसबुक मैसेज के माध्यम से अपनी आप बीती बताई तो तत्काल डा.निशंक की पूरी टीम इस अभियान में जुट गई और तुरन्त ही संबंधित कम्पनी को फोने करके मामले का संज्ञान लिया। डा.निंशक ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को घटना की जानकारी दी और वहां से तत्काल कार्यवाही के बाद सुरक्षित घर वापसी लौटा हूं।
लाभ सिंह कण्डारी कहते हैं, जिस तरह मुझे वहां पर प्रताड़ित किया जा रहा था, मारने की धमकी दी जा रही थी और घर जाने के नाम पर लाखों रुपये जमा करने को कह रहे थे,उससे मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं शायद ही घर जा पाऊंग। जेब में पैसे भी इतने नहीं थे कि रोज घर बात कर सकूं, लेकिन डा.निशंक ने जिस गम्भीरता और संजीदगी से इस मामले में पहल की, उसी का नतीजा है कि मैं आज सुरक्षित घर लौट आया हूं।

मसूरी वॉल्वो पहुंचाने पर भारी पड़ा सरकार का शराब से ‘प्यार’

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शराब की दुकानें खोलने की राह आसान करने के लिए राज्य सरकार ने जिन राज्य राजमार्गों को एक झटके में जिला मार्ग बना दिया, उनके डिनोटिफिकेशन (राज्य मार्ग से जिला मार्ग करना) के साइड इफेक्ट अब सामने आने लगे हैं।

मसूरी में वॉल्वो बस चढ़ाने के लिए जिन 30 हेयर क्लिप बैंड व अंधे मोड़ों को चौड़ा किया जाना है, उनके लिए 44.72 करोड़ रुपये का इंतजाम करना अब सरकार के लिए टेढ़ी खीर हो गया है। शासन से इसका बजट स्वीकृत न होने पर राह निकाली गई थी कि सेंटर रोड फंड से मोड़ों को चौड़ा किया जाएगा और लोनिवि प्रांतीय खंड इस्टीमेट राष्ट्रीय राजमार्ग खंड को भेज दिया गया। हालांकि, तभी अफसरों को याद आया कि यह सड़क तो अब राज्य राजमार्ग की जगह अन्य जिला मार्ग में तब्दील कर दी गई है। दरअसल, सेंट्रल रोड फंड की राशि राष्ट्रीय राजमार्गों के अलावा राज्य राजमार्गों पर ही खर्च की जा सकती है। डिनोटिफिकेशन से पहले की बात होती तो इस काम में कोई मुश्किल नहीं थी, लेकिन अब मसूरी रोड के जिला मार्ग बन जाने के बाद मामले में तकनीकी पेंच फंस गया है। हालांकि, यह भी कम दिलचस्प नहीं कि लोनिवि प्रांतीय खंड से यह इस्टीमेट हाल ही में राष्ट्रीय राजमार्ग खंड रुड़की को भेजा गया है, जबकि हाईवे के डिनोटिफिकेशन आदेश निकले करीब चार माह बीत चुके हैं।


इस मामले में प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता एएस भंडारी का कहना है “कि एस्टीमेट फिलहाल राजमार्ग खंड के पास है। मसूरी रोड के जिला मार्ग बन जाने के बाद सेंट्रल रोड फंड में बजट किस तरह स्वीकृत होगा”। फिलहाल उनके पास इसका जवाब नहीं।
वहीं, दून-मसूरी रोड के करीब 28 किलोमीटर हिस्से पर वॉल्वो बसों की राह आसान करने के लिए लोनिवि अधिकारी पहले ही 14.57 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च कर चुके हैं और मोड़ों की स्थिति लगभग पहले जैसी ही है, क्योंकि लोनिवि अधिकारियों ने जब उत्तराखंड परिवहन निगम अधिकारियों की मौजूदगी में वॉल्वो बसों का ट्रायल कराया तो बसें मसूरी नहीं चढ़ पाईं। इसे निर्थक व्यय बताते हुए कैग भी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर चुका है। कुछ समय पहले जब कैग मसूरी के मोड़ों पर 14.57 करोड़ रुपये के निर्थक प्रयोग की ऑडिटिंग कर रहा था, उस समय 30 मोड़ फेल करार दिए जाने के बाद चार अन्य मोड़ों पर नए सिरे से कार्य गतिमान था। लोनिवि के अधिशासी अभियंता एएस भंडारी के मुताबिक इन चार मोड़ों पर काम पूरा कर दिया गया है, लिहाजा परिवहन निगम को पत्र लिखा गया कि वह इनके लिहाज से भी वॉल्वो का ट्रायल कर सकता है। हालांकि निगम की ओर से इस पर अभी कोई जवाब नहीं आया। 

मुख्यमंत्री ने किया संत निरकारी मंडल द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को रानीपोखरी में संत निरकारी मंडल द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री शिविर में उपस्थित रक्तदाताओं से मिले तथा उनका उत्साह बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, “रक्तदान से बड़ा कोई दान नही है, यह बहुत बड़ा पुण्य का कार्य है।” मुख्यमंत्री  ने प्रसन्नता प्रकट की कि रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में महिलाएं भी रक्तदान में भाग ले रही है। उन्होंने कहा कि, “जब हम समानता, समान अवसर, सबका विकास, महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं तो हमारी बहनों व बेटियों द्वारा रक्तदान अभियान  में बढ़चढ़ कर भाग लेना हमारे लिए गर्व की बात है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान के साथ ही अच्छे संस्कारों पर भी बल देना होगा। आज के समय में सबसे बड़ी समस्या संस्कारों की उपेक्षा है। आज एकल परिवारों का प्रचलन हो गया है। घरों में अभिभावकों की व्यस्तता के कारण अच्छे वातावरण व संस्कारों की कमी हो गयी है। बच्चे उपेक्षित हो रहे है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि अपने बच्चों को समय तथा संस्कार दे। उन्हें जिन्दगी में जुझारू प्रवृत्ति के साथ डटकर मुकाबला करना सिखाना होगा।
मुख्यमंत्री ने संत निरकारी मंडल को उनके द्वारा किये जा रहे सामाजिक कल्याण कार्यो के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर संत निरकारी मंडल ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

इमरान की दो नई फिल्मों की तैयारियां

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इस शुक्रवार को रिलीज हुई मिलन लथूरिया निर्देशित फिल्म ‘बादशाहो’ के बाद इमरान हाश्मी की जल्दी ही दो और नई फिल्में शुरू होने जा रही हैं। इन फिल्मों में से एक फिल्म ‘कैप्टन नवाब’ होगी, जिसका निर्माण वे खुद करने जा रहे हैं और ये बतौर निर्माता उनकी शुरुआत होगी।

इसकी स्क्रिप्ट का काम लगभग पूरा हो गया है। इसे निर्देशित करने जा रहे निर्देशक का नाम गोपनीय रखा गया है। इतना जरूर पता चला है कि ये एक क्राइम थ्रिलर होगी, जो अक्टूबर से शुरू होने जा रही है और अगले साल जून में इसे रिलीज करने की योजना है।

इस फिल्म के अलावा इमरान ने एक और फिल्म साइन की है, जिसका निर्देशन सौमिक सेन करेंगे। सौमिक सेन इससे पहले माधुरी दीक्षित और जूही चावला को लेकर ‘गुलाबी गैंग’ बना चुके हैं। इमरान के साथ बनने जा रही सौमिक सेन की फिल्म एक एजुकेशन स्कैम को लेकर होगी, जिसे एक सच्ची घटना से प्रेरित बताया जा रहा है।

कहा जा रहा है कि सौमिक सेन की फिल्म में इमरान के साथ दो हीरोइनों को कास्ट किया जाएगा और ये फिल्म अगले साल शुरू होने की बात कही गई है। 

भंसाली की फिल्म में शाहरुख के साथ काम करने का कंगना ने किया खंडन

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शाहरुख खान के एक इंटरव्यू के हवाले से चर्चा होने लगी थी कि संजय लीला भंसाली एक फिल्म बनाने जा रहे है, जिसमें देवदास के बाद एक बार फिर शाहरुख खान होंगे और उनके साथ पहली बार कंगना काम करेंगी। कंगना और भंसाली दोनों की टीमों ने इस चर्चा की बाबत अपनी अपनी सफाई पेश की है। कंगना की टीम का कहना है कि कंगना पिछले कुछ समय से ये बात स्पष्ट तौर पर कर रही हैं कि अब वे किसी और निर्देशक के साथ काम नहीं करेंगी, बल्कि खुद के निर्देशन में फिल्म बनाएंगी।

कंगना की टीम के मुताबिक, सिमरन और मणिकर्णिका (रानी लक्ष्मीबाई की जिंदगी पर बनने वाली फिल्म) के बाद कंगना किसी और निर्देशक के साथ फिल्म में काम नहीं करेंगी। टीम के मुताबिक, भंसाली की ओर से न कोई प्रस्ताव आया है और अगर आया भी तो कंगना स्वीकार नहीं करेंगी। कहा जाता है कि संजय लीला भंसाली ने पद्मावती के रोल के लिए भी कंगना से संपर्क किया था और कंगना का रेस्पांस जाने बिना दीपिका पादुकोण को ये रोल दे दिया, जिसे कंगना ने अपना अपमान कहा था।

शाहरुख खान के साथ भी  कंगना को रोल आफर हो चुका है। कंगना के साथ ‘तनु वेड्स मनु’ की दो कड़ियां बना चुके निर्माता निर्देशक आनंद एल राय इन दिनों शाहरुख खान को लेकर फिल्म बना रहे हैं और वे इस फिल्म में दोनों की जोड़ी चाहते थे, लेकिन कंगना ने ये कहकर उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था कि शाहरुख खान की फिल्म में किसी हीरोइन को करने के लिए कुछ खास नही होता, इसलिए वे इसमें काम नहीं करेंगी।

उधर, भंसाली की टीम ने अपनी सफाई में कहा है कि शाहरुख खान के साथ फिल्म को लेकर अभी चर्चा है, कोई पुख्ता फैसला नहीं हुआ है। टीम के मुताबिक, शाहरुख और भंसाली काफी समय से काम करने की बात करते आ रहे हैं। शाहरुख खान ने सिर्फ इतनी बात कही कि अगर कंगना को कास्ट किया जाता है, तो उनको खुशी होगी, क्योंकि वे बहुत टेलेंटेड है, इसका मतलब ये नहीं कि ऐसा होने जा रहा है।

मनोज की फिल्म ‘रुख’ 27 अक्टूबर को होगी रिलीज

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मनोज वाजपेयी की नई फिल्म रुख की रिलीज डेट तय हो गई है। ये फिल्म आगामी 27 अक्टूबर को रिलीज होगी। इस फिल्म का निर्देशन अतानु मुखर्जी ने किया है, जिनकी बतौर निर्देशक ये पहली फिल्म है। मनोज वाजपेयी के अलावा फिल्म की अन्य मुख्य भूमिकाओं में स्मिता तांबे, कुमुद मिश्रा और आदर्श गौरव ने काम किया है।

अमित त्रिवेदी ने इस फिल्म में संगीत दिया है। इस फिल्म की कहानी एक ऐसे युवक की है, जो रिश्तों की भूलभुलैया में भटक जाता है। मनोज इसे बहुत संवेदनशील फिल्म मानते हैं और दावा करते हैं कि हर दर्शक इसे अपने साथ जोड़कर देखेगा। मनोज ने कहा कि ये उनके करियर की कठिन लेकिन ऐसी भूमिका थी, जिसे निभाकर उनको बतौर कलाकार संतुष्टी मिली।

मनोज की अन्य नई फिल्मों में नीरज पांडे की फिल्म अैय्यारी है, जो अगले साल 26 जनवरी के मौके पर रिलीज होगी। इस फिल्म में मनोज के साथ सिद्धार्थ मल्होत्रा हैं। अनुपम खेर और नसीरुद्दीन शाह एक गैप के बाद इस फिल्म में साथ नजर आएंगे। नीरज पांडे की फिल्म ए वेडनेस डे में दोनों ने यादगार रोल निभाए थे। 

कुहू गर्ग और रोहन कपूर ने ग्रीस ओपन जीतकर देश का नाम किया ऊँचा

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अपने शानदार प्रदर्शन से उत्तराखंड की कूहु गर्ग और रोहन कपूर की जोड़ी ने ग्रीस में चल रहे ग्रीस ओपन बैडमिंटन चैंपियनशीप का मिक्स्ड डबल्स ख़िताब अपने नाम कर लिया है। पूरी चैंपियनशीप में अच्छे प्रदर्शन के साथ कूहु और रोहन ने इंटरनेशनल टाईटल अपने नाम किया है। कूहु गर्ग और रोहन कपूर की जोड़ी का मुक़ाबला फाइनल में भारत की ही जोड़ी उत्कर्ष अरोड़ा और करिश्मा वाडकर से हुआ। अपने जबरदस्त शाट्स से कूहु और रोहन ने यह मैच 21-19 21-19 से जीता।आपको बतादें कि कूहु गर्ग का यह पहला इंटरनेशनल खिताब है।
शनिवार को सेमी फ़ाइनल में कुहू और रोहन की जोड़ी का सामना स्वीडन की जोड़ी कार्ल हड़बक्का और टिल्डा के साथ हुआ था।स्वीडन की इस जोड़ी को हराकर कूहु और रोहन की जोड़ी ने फाइनल में धमाकेदार प्रवेश किया था। सेमीफाईनल मैच कूहु गर्ग ने 21-11-21-14 से जीता।इससे पहले शनिवार को ही खेले गये मुकाबले में कुहु ने अपने पार्टनर रोहन कपूर के साथ क्वॉर्टर फ़ाइनल में ग्रीस के पंगीयोतिस व एलेनी चरिसटोडोलस की जोड़ी को। (स्कोर लिखना) में हराया।
कूहु की जीत पर उनके पिता और उत्तराखंड बैंडमिंटन एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अशोक कुमार ने टीम न्यूजपोस्ट से बातचीत में बताया कि “यह मेरे लिए दोनो ही मायने में बहुत खुशी की बात है।एक पिता होने के नाते और यूबीए के प्रेसिडेंट होने के नाते भी।” उन्होंने कहा कि “यह कूहु का पहला अंर्तराष्ट्रीय टाइटिल है।इस टाइटिल के मिलने से ना केवल कैरियर को नई उड़ान मिलेगी बल्कि आगे आने वाली सभी मुकाबलों के लिए यह एक बुस्टअप का काम करेगा।”
आपको बतादें कि इससे पहले कूहु गर्ग ने जूनियर मिक्सड डबल्स बेल्जियम का खिताब 2013 में अपने नाम किया था।अशोक कुमार ने कहा कि दोनों ही खिलाड़ी कूहु और रोहन की मेहनत रंग लाई और उन्होंने यह प्रतियोगिता अपने नाम कर ली।उन्होंने कहा कि ऐसी जीत से खिलाड़ियों को आने वाले सुपर सीरिज के बहुत पाजिटीव एनर्जी मिलतीहै। अशोक कुमार कहते हैं कि “कूहु ने इस प्रतियोगिता के लिए कड़ी मेहनत की थी ।हालांकि चार महीने पहले कूहु का पार्टनर बदल गया था जिसकी वजह से उन्हें फिर से जीरो से शुरु करना पड़ा।लेकिन इस जीत ने पिछली सारी मेहनत को साकार कर दिया है।”
उत्तराखंड बैंडमिंटन एसोसिएशन के प्रेसिडेंट होने के नाते उनका मानना है कि उत्तराखंड राज्य में बैंडमिंटन का भविष्य उज्जवल हैं।पिछले दिनों लक्ष्य सेन ने भी बुल्गेरिया में इंटरनेशनल टाइटिल अपने नाम किया है और अब कूहु गर्ग ने भी।आगे आने वाले समय में उत्तराखंड बैडमिंटन एसोसिएशन को कूहु गर्ग और लक्ष्य सेन से ऐसी ही प्रदर्शन की उम्मीद हैं।

कुहू की इस शानदार जीत ने देश में तो बैडमिंटन प्रेमियों को ख़ुशी का मौक़ा दिया ही है बल्कि ख़ासतौर पर उत्तराखंड में उन बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिये प्रेरणा है जो इस खेल को पेशेवर रूप में अपनाने का सपना देख रहे हैं। अपनी कड़ी मेहनत और लग्न से कुहू ने ये साबित कर दिया है कि जहाँ चाह है वहाँ राह है!!

टीम न्यूजपोस्ट की तरफ से कूहु गर्ग और रोहन कपूर को ढ़ेर सारी बधाईयां और आगे आने वाली सभी चुनौतियों के लिए शुभकामनाएं।

25 लाख रूपये की अफीम के साथ दो व्यक्ति गिरफ़्तार

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदया के आदेशानुसार में थाना पटेलनगर क्षेत्रान्तर्गत अवैध मादक पदार्थों के विक्रय एवं तस्करी की रोकथाम के लिये आज वरिष्ठ उपनिरीक्षक विपिन बहुगुणा थाना पटेलनगर के नेतृत्व में आज चैकिंग दौरान कमला पैलेस तिराहा के पास संदिग्ध व्यक्तियों की चैकिंग के दौरान दो व्यक्ति, महावीर सिंह व चमन लाल को चैक किया गया तो उनके कब्जे से करीब तीन किलोग्राम अवैध अफीम बरामद हुयी।

थाने पर मु.अ.स. 416/17 व 417/17 धारा 8/18 एनडीपीएस एक्ट पंजीकृत किया गया । पूछताछ पर अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि हम मूल रूप से थत्यूड टिहरी व बडकोट उत्तरकाशी के रहने वाले है । हम दोनों एक दूसरे को काफी समय से जानते थे। हम लोगों का मुख्य काम खेती-बाडी है लेकिन खेती बाडी से गुजर बसर नहीं हो पाता है तो हम लोग उत्तरकाशी के ऊंचे पहाडी इलाको में जाकर अफीम (पोस्त) इकट्ठा करते है तथा इकटठा करने के बाद जब तीन-चार किलो हो जाती है तो उसको बेचने के लिये नीचे देहरादून आकर ग्राहक तलाश कर अच्छे दामों में बेच देते है। जिससे हमारे साल भर की मेहनत सफल हो जाती है और हमारा गुजर बसर होता है ।

पकड़े गये मादक पदार्थ की कीमत की जानकारी की गयी तो इस मादक पदर्थ का अन्र्तराष्ट्रीय मूल्य 25 लाख रूपये मूल्य के आस-पास है ।

3 महिलाएं भागीरथी-2 पर्वतश्रंखला अभियान के लिये हुई रवाना

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मुख्यमंत्री द्वारा आज उनके आवास से महिला पर्वतारोही दल की 3 सदस्यीय टीम को भागीरथी-2 पर्वतश्रंखला अभियान के लिये हरी-झण्ड़ी दिखाकर रवाना किया गया। भागीरथी-2 पर्वतश्रंखला की कुल ऊंचाई 6512 मी. है।
इस अभियान का उद्देश्य “हिमालय बचाओ व माउन्टेनियरिंग/एडवेंचर के प्रति लड़कियों को प्रेरित” करने का है। इस अभियान में उत्तराखण्ड़ से माधवी शर्मा, हरियाणा की सविता मलिक व छत्तीसगढ़ की नैना धाकड़ हिस्सा लेगीं। उत्तराखण्ड की माधवी शर्मा इस अभियान का नेतृत्व करेगीं, अभियान 3 सितम्बर 2017 को शुरु होकर 18 सितम्बर 2017 को पूर्ण होगा।
टीम सदस्यों केबताया गया कि, अभियान के समापन पर गोमुख ग्लेशियर से लौटते समय वहां फैलाये गये कचरें को इकटठा कर उसे उतरकाशी तक लाने का भी लक्ष्य रखा है, ताकि प्रधानमंत्री के ‘स्वच्छत भारत अभियान’ के लक्ष्य को सफल करने में अपना सहयोग दे सकें। मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों को इस अभियान के लिए शुभकामनायें दी हैं।, इसके साथ ही उन्होनें भारत की सभी बेटियों को निड़र व साहसी बनने की प्रेरणा भी दी।
2014 में भारत की पहली महिला एवरेस्टर सुश्री बछेन्द्री पाल के तत्वाधान में टाटा स्टील एंडेवन्चर फाउन्डेशन के सौजन्य से आॅल इंन्डिया वुमेन एक्सपीडिशन टू खार्ता वैली तिब्बत के सबसे ऊंचे पास (लांग-मा-ला) (5200 मीटर) (17,160) को पार करने का मौका माधवी शर्मा को मिला था।  तिब्बत के सबसे ऊंचे पास (लांग-मा-ला) को पार करने वाली भारत की पहली महिला टीम में शामिल थीं । इससे पूर्व में भी माधवी द्वारा दौपदी का डांडा 2 पीक (5670 मीटर) व अरूणाचंल प्रदेश की ऊंची चोटी ‘‘गोरीचिन‘‘ व अनाम चोटी को भी स्केल कर चुकी हैं।
माधवी शर्मा बताती है, “हर पर्वतारोही की तरह मेरा सपना भी माउन्ट एवरेस्ट पर भारत का तिरंगा फतह करने का है, साथ ही भारत व अन्र्तराष्ट्रीय देशों की चोटियों को फतह कर जीत हासिल करना भी है। जिसके लिए मैं निरन्तर प्रयास कर रही हैं।”
टीम नेयूजपोस्ट की तरफ़ से माधवी व उनकी टीम को इस कामयाबी और आने वाले दिनों के लिये ढेरों शुभकामनाएँ।