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उत्तराखंड में रंगमंच की एक आधार शिला, नाट्य गुरु श्रीश डोभाल

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कहते है अगर जीवन में समाज की बेहतरी के लिए कोई उदेश्य न हो तो वो जिंदगी निर्थक और बेजान सी हो जाती है, लेकिन उदेश्य को लेकर आगे बढ़ते रहना क्या होता है और उस उदेश्य की पूर्ति के जीवन – घरबार, दो टाइम की रोटी और चमचमाता कॅरियर सब दाँव पर लगा कर कंधे पर बैग, बैग में 2 कपडे और एक शहर से दूसरे शहर की डगर भरते जीते जागते आदमी की मिसाल है नाट्य गुरु श्रीश डोभाल जिनका हाथ लगते ही या यू कहे जिनकी कार्यशाला में जाते ही देश भर के कई युवा-छात्र -पत्रकार और अध्यापक तप कर सोना बन जाते है और अपने-अपने छेत्र में एक नयी पहचान बनाते है।

ऐसे है साहित्य की आधार शिला पर अनेक कलाओ की संविंत विधा रंगमंच के लिए समर्पित रंगकर्मी श्रीश डोभाल जिनका जन्म ऋषिकेश में हुआ, आरंभिक शिक्षा चम्बा, टिहरी गढ़वाल के बाद देहरादून से बी.एस.सी. करके सरकारी नौकरी छोड़ कर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय यानि की एन.एस.डी  से नाट्य व रंगमंच में तीन वर्षीय गहन स्नातकोत्तर प्रशिक्षण अभिनय विशेज्ञता के साथ 1984 में पूरा किया।

ये उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा दिन था, हर कोई एन.एस डी से निकल कर मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री में अपना भाग्य आजमाने और बेहतर कैरियर के लिए जा रहा था, ऐसे में श्रीश डोभाल ने रंगमंच के प्रति अपनी प्रतिब्धता को घ्यान में रख कर उत्तराखंड में नए रंगमंच को जन्म दिया। उसी वर्ष,1984 में जब उत्तराखंड अविभाजित उत्तरप्रदेश का अंग था यहाँ के उन प्रमुख स्थानों पर प्रशिक्षण शिविर स्थानीय कला व साहित्य प्रेमियों के सहयोग से संचालित किया और उत्तराखंड में रंगमंच को आधुनिक शैली व तकनीक से विकसित किया।

shirish dobhal

क्रमश:उत्तरकाशी ,कोटद्वार ,टिहरी, गोपेश्वर  और श्रीनगर में उत्साही युवाओ, प्राथमिक से लेकर महाविद्यालयों तक के अध्यापको, छात्र-छात्राओं को सार्थक रंगमंच की ओर रुझान बढ़ाते हुए नब्बे के दशक में अनेक प्रबुद्ध व्यक्तियों को रंग आंदोलन से जोड़ कर उत्तराखंड में एक नयी विधा को जन्म दिया। आज श्रीश डोभाल के जिंदगी भर के प्रयास की बदौलत उत्तराखंड के सभी जिलों में शैलनट की स्वतंत्र इकाई स्थापित की और उत्तराखंड में कला के छेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई, शैलनट के इस नाट्य गुरु की पाठशाला से निकले और सहयोगी रहे उत्तराखंड के कुछ प्रबुद्ध नागरिक मंत्री प्रसाद नैथानी, सुरेंद्र सिंह रावत, कमला राम नौटियाल, प्रो प्रभात उप्रेती, डॉ महावीर प्रसाद गैरोला, डा सुधा आत्रे, प्रो चन्द्रप्रकाश बड़थ्वाल [पूर्व कुलपति ], सत्यप्रकाश हिंदवाण, डॉ नन्द किशोर हटवाल, प्रो डी आर पुरोहित, एसपी ममगाई, डा राकेश भट्ट, डा डीएन भट्ट ,दिनेश उनियाल ,अनुराग वर्मा जैसे उत्तराखंड के कई नाम है जो हर छेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे है।

श्रीश डोभाल ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को कई डाक्यूमेंट्री के जरिये सजोये रखा है, साथ ही 15 भाषाओ में नाटकों का निदेशन, 11 नाटकों का अनुवाद और गढ़वाली से अंग्रेजी महाभारत पर आधारित गरुड़ व्यूह का लेखन के साथ-साथ 35 अधिक निर्देशकों के साथ अभिनय, 6 निदेशित नाटकों की अंतराष्ट्रीय समारोह में सफल मंचन किया है, 20 टीवी धारावाहिक, कई टेली -फिल्मो में अभिनय भी किया हैं। श्रीश डोभाल ने प्रख्यात निर्देशकों के साथ तीन राष्ट्रीय पुरूस्कार प्राप्त फिल्मों में अभिनय तो किया है लेकिन अाज श्रीश डोभाल उत्तराखंड सहित कई राज्यों में नाट्य विधा के प्रसार के चलते कई पुरुस्कारों से सम्मानित भी हुये है।

इस नाट्य गुरु का पूरा जीवन रगमंच को समर्पित है। इनकी पाठशाला से निकले कई शिष्य देश भर में इस विधा को आगे ले जाने में लगे है।

पेट्रोल की बोतल लेकर महाविद्यालय की छत पर चढ़ा छात्र

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चमोली जिले के कर्णप्रयाग महाविद्यालय में यूआर पद पर विजयी प्रत्याशी के तृतीय सेमेस्टर में कम अंक आने के कारण लिंगदोह कमेटी के अनुसार उसे अयोग्य प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। इसके विरोध में यूआर पद के विजयी प्रत्याशी सूरज सिंह पेट्रोल की बोतल लेकर महाविद्यालय की छत पर चढ़ गया और आत्मदाह की चेतावनी देते हुए इस पद पर चुनाव निरस्त करने की मांग करने लगा।

बीते शनिवार को महाविद्यालय कर्णप्रयाग के छात्र संघ का चुनाव संपन्न हुआ, जिसमें यूआर पद पर सूरज सिंह विजयी रहे। जबकि अंकित रावत दूसरे स्थान पर रहे। चुनाव से पूर्व नामांकन होने के दिन तक सूरज सिंह का तृतीय सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुआ था, लिहाजा उसने महाविद्यालय प्रशासन को लिखित रूप में दिया था कि यदि उसका परीक्षा परिणाम अनुकूल न रहा तो उसका नामांकन रद्द किया जा सकता है।
महाविद्यालय प्रशासन ने चुनाव संपन्न करवा दिए, लेकिन यूआर पद के चुनाव की तकनीकी कारणों से विधिवत घोषणा नहीं की। लिहाजा अब जब सूरज सिंह का परीक्षा परिणाम आया तो वह तृतीय सेमेस्टर में 24 के्रडिट अंक पूरे न पा सका। जिससे लिंगदोह कमेटी के अनुसार वह इस पद के लिए अयोग्य माना गया। अब जब रिजल्ट आया तो सूरज सिंह ने महाविद्यालय प्रशासन से मांग की कि यूआर पद का चुनाव निरस्त कर दिया जाए। इस मांग को लेकर जब महाविद्यालय प्रशासन नहीं माना तो वह पेट्रोल की बोतल लेकर महाविद्यालय की छत पर जा पहुंचा और आत्महत्या करने की धमकी देने लगा। बाद में किसी प्रकार उसे नीचे उतार कर प्रधानाचार्य और चुनाव अधिकारी डा. जीसी वैंजवाल ने वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन देर शाम तक वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकल पाया और छात्र वहां से चले गये। इस दौरान महाविद्यालय में पुलिस की टीम भी पहुंची जो सूरज को नीचे उतारने के लिए मसक्कत करती रही।

अनियंत्रित बस पहाड़ी से टकराई, सभी यात्री और ड्राईवर सुरक्षित

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सहारनपुर रोडवेज की बस संख्या UP 11 T 3412, जिसे चालक अमित कुमार पुत्र विक्रम सिंह निवासी सहारनपुर चला रहा था तथा बस में सवारी भरी हुई थी। डाट काली मंदिर के पास देहरादून की तरफ अचानक बस अनियंत्रित हो गई एवं चालक ने बस को पहाड़ी से टकरा दिया। सूचना मिलने पर पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुँचा। पुलिस के पहुँचने तक बस से सारी सवारियां नीचे उतर चुकी थी। चालक द्वारा बताया गया कि बस के ब्रेक फेल हो गए थे एवं सवारियों को बचाने के लिए तुरंत बस को मैंने पहाड़ी पर टकरा दिया। किसी भी सवारी को अथवा चालक-परिचालक को कोई चोट नहीं आयी है।

एक ही दिन में शुरू हुई ‘केदारनाथ’ और ‘फन्ने खां’ की शूटिंग

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रविवार को बॉलीवुड की दो बड़ी फिल्मों की शुरुआत हुई। उत्तराखंड में देहरादून के करीब बालाजी की नई फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिग सुशांत सिंह राजपूत और सैफ-अमृता की बेटी सारा अली खान के साथ शुरू हुई। इस फिल्म का निर्माण एकता कपूर और निर्देशन उनके कजिन ब्रदर अभिषेक कपूर उर्फ गट्टू कर रहे हैं, जो पूर्व में ‘काय पो चे’ और ‘फितूर’ का निर्देशन कर चुके हैं। ये फिल्म अगले साल अप्रैल में रिलीज होनी है।

दूसरी ओर, मुंबई में राकेश मेहरा की प्रोडक्शन कंपनी में फिल्म ‘फन्ने खां’ की शूटिंग शुरू हुई जिसमें अनिल कपूर और ऐश्वर्या राय 17 साल के बाद एक साथ काम कर रहे हैं लेकिन फिल्म में उनकी जोड़ी नहीं है। इस फिल्म में ऐश्वर्या राय के साथ राजकुमार राव की जोड़ी होगी, तो अनिल कपूर के साथ दिव्या दत्ता को कास्ट किया गया है। इस फिल्म का निर्देशन अतुल मांजरेकर कर रहे हैं, जो राकेश मेहरा के सहायक निर्देशक रहे हैं और पहली बार स्वतंत्र निर्देशक के तौर पर मैदान में आए हैं। इस फिल्म को अगले साल अक्तूबर में रिलीज करने की योजना बनी है। 

बस और टैम्पो की टक्कर से टैम्पो चालक की मौत और नौ बच्चे घायल

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काशीपुर में आज सुबह एक निजी बस और स्कूली ऑटो में आमने सामने की भिड़ंत हो गयी ! दुर्घटना इतनी ज़बरदस्त थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए ! बस चालक मौके पर बस छोड़कर फरार हो गया ! दुर्घटना में ऑटो में सवार 9 बच्चे घायल हो गए जबकि ऑटो चालाक की मौत हो गयी ! घायल बच्चों में से 2की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें अन्यत्र रैफर कर दिया गया ! हादसे के बाद सूचना मिलने पर हॉस्पिटल पहुंची ने मामले की जांच शुरू कर दी है !
दरअसल आईटीआई थाना क्षेत्र के पैगा पुलिस चौकी के अंतर्गत अलीगंज रोड पर डीएवी पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले मासूमों को लेकर उनका ऑटो चालक साजिद नमक युवक महुआखेड़ागंज तथा आसपास के मासूम बच्चों को लेकर स्कूल की तरफ आ रहा था कि सेंट मेरी स्कूल के गेट पर सामने से आ रही एक प्राइवेट बस ने ओवरटेक करने के प्रयास में ऑटो को टक्कर मार दी जिससे मौके पर हाहाकार मच गया ! बच्चों की चीखो-पुकार मचने की आवाज़ सुनकर आसपास के गुजरने वाले राहगीरों तथा सेंट मेरी स्कूल के बस चालकों ने बसों के ज़रिये काशीपुर के राजकीय चिकित्सालय पहुँचाया ! दुर्घटना में ऑटो में सवार 9 बच्चे घायल हो गए जिसमें से ख़ुशी और अभय कुमार नामक दो बच्चों और ऑटो चालक की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें रैफर कर दिया गया जहाँ दोनों बच्चों की हालत चिंताजनक बनी हुई है औरउनका उपचार जारी है ! जबकि ऑटो चालक की उपचार के दौरान मौत हो गयी ! सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारीयों ने घटना के बावत जानकारी ली !
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ बस चालक की लापरवाही से यह हादसा हुआ है !

दिव्यांका त्रिपाठी की मौत की अफवाह

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सोशल मीडिया के बढ़ते दौर में किसी की भी मौत की अफवाहों का दौर तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को सोशल मीडिया पर टीवी अभिनेत्री दिव्यांका त्रिपाठी की मौत की अफवाह इतनी तेजी से फैली कि उनको खुद सफाई देने के लिए आगे आना पड़ा।

दिव्यांका त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बताया कि कोई उनके मौत की अफवाह उड़ा रहा है, जिससे परिवार से लेकर दोस्त परेशान हो गए। दिव्यांका त्रिपाठी ने लिखा कि, “मैं जिंदा हूं और सही सलामत हूं।” सोशल मीडिया पर फैली अफवाह में कहा गया था कि एक कार हादसे में टीवी एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी की मौत हो गई। इसके बाद सोशल मीडिया पर ही उनको श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया।

इससे कुछ दिनों पहले अभिनेत्री श्वेता तिवारी भी इसी तरह की अफवाह का शिकार हो चुकी हैं। फिल्मी सितारों को लेकर तो इस तरह की अफवाहें उड़ती रहती हैं। दिलीप कुमार से लेकर अमिताभ बच्चन और कादर खान से लेकर राजपाल यादव और हाल ही में फरीदा जलाल को भी सोशल मीडिया इसी तरह से मार चुका है।

बॉक्स ऑफिस पर ‘बादशाहो’ मजबूत, ‘शुभ मंगल सावधान’ ढीली

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अजय देवगन की ‘बादशाहो’ पिछले शुक्रवार को रिलीज हुई और पहले तीन दिनों में बॉक्स ऑफिस पर अपनी जगह मजबूत कर ली है। 1975 की इमरजेंसी के बैकड्रॉप पर बनी इस मसालेदार फिल्म ने पहले तीन दिनों में 43 करोड़ के लगभग का कारोबार किया है, जिसे बहुत अच्छा माना जा रहा है। इस मल्टी स्टारकास्ट फिल्म ने पहले दिन 12 करोड़ की कमाई के साथ मजबूत शुरुआत की और शनिवार तथा रविवार को फिल्म की स्थिति और मजबूत होती चली गई।

शनिवार और रविवार, दोनों दिन फिल्म का कारोबार 15 करोड़ से ज्यादा का रहा। फिल्मी कारोबार के जानकार इसे सन 2017 की सबसे बड़ी ओपनिंग लेने वाली फिल्मों में मान रहे हैं| कहा जा रहा है कि अगले वीकेंड तक, यानी रिलीज के दस दिनों में ये 100 करोड़ के क्लब में जा सकती है|

पहले सप्ताह में फिल्म का कलेक्शन 60 करोड़ से 65 करोड़ के बीच रहने की उम्मीद है। टी सीरीज में बनी इस फिल्म का निर्देशन मिलन लुथरिया ने किया है। इसके साथ रिलीज हुई फिल्म शुभ मंगल सावधान को बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा कामयाबी नहीं मिली। पहले दिन 2.71 करोड़ का कारोबार करने वाली इस फिल्म की पहले तीन के बाद कमाई 11 करोड़ के आसपास हो गई। आयुष्मान खुराना और भूमि पेडनेकर की जोड़ी की ये फिल्म अपनी लागत (12 करोड़) लागत वसूलने के करीब है, लेकिन जानकारों को बहुत ज्यादा मुनाफे की उम्मीद नहीं नजर आ रही। अनुमान है कि पहले सप्ताह में फिल्म 15-18 करोड़ तक की कमाई कर सकती है। 

गुलदार ने आठ मवेशियों को बनाया निवाला

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चमोली जिला मुख्यालय के निकटवर्ती गांव पाडुली में दो-तीन दिनों के भीतर गुलदार ने आठ मवेशियों को अपना निवाला बनाया है। गुलदार के आतंक से ग्रामीण काफी भयभीत है, उन्होंने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग की है।

पाडुली के ग्रामीण अमर सिंह, परवीन बिष्ट, सुरेंद्र लाल, ताजबर सिंह व राजवर सिंह बत्र्वाल ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से पाडुली गांव में गुलदार ने ग्रामीणों के आठ मवेशियों को अपना निवाला बना दिया है, जिससे लोगों में दहशत बनी हुई है।

ग्रामीण अंधेरा होने पर घरों में दुबकने के लिए मजबूर हो रहे हैं। यही नहीं रात को ग्रामीण एक साथ एक स्थान पर पर एकत्र होकर रातभर शोर मचाकर गुलदार को गांव में प्रवेश नहीं करने का प्रयास भी कर रहेे हैं। इस संबंध में वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग की गई है ताकि उनके पशु सुरक्षित रह सकें। 

बारिश का दौर थमा पर दुश्वारियां कम नहीं हुईं

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उत्तराखंड में भले ही बारिश का दौर थम गया है लेकिन दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। राज्य में हुई भारी बारिश से 97 मोटर मार्ग अब भी बंद है। पिथौरागढ़ जिले में 14 अगस्त को बारिश ने भारी तबाही माचाई थी। राज्य अपदा परिचालन केन्द्र के अनुसार यहां अभी 10 मोटर मार्ग बंद पड़े है कई गांवों का सम्पर्क टूटा हुआ है।

इसी तरह हरिद्वार में बीते दो सितंबर को तहसील लक्सर के समीप सोलानी नदी में जलस्तर बढ़ने व तेज बहाव के कारण ग्राम मखाना के पास लगभग 50 मीटर बहा तटबंध अभी क्षतिग्रस्त हालत में है। सिंचाई विभाग द्वारा टूटे तटबंध की मरम्मत करायी जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्र अंतर्गत सुरक्षा की दृष्टि से एक एसडीआरएफ की एक सब टीम एवं जल पुलिस की टीम भी तैनात है। जिले में एक राज्य मार्ग व छह ग्रामीण मार्ग अवरुद्ध है, जिन्हें खोलने की कार्रवाई की जा रही है।

वहीं पौड़ी गढ़वाल जिले में एक राज्य मार्ग व 53 ग्रामीण मोटर मार्ग अवरुद्ध है। इसी तरह देहरादून जिले में आठ ग्रामीण मार्ग अवरुद्ध है। प्रशासन द्वारा इन मार्गों को सुचारू करने पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं, भारी बारिश से टिहरी जिले में चार ग्रामीण मोटर मार्ग, उत्तरकाशी जिले में भी सात ग्रामीण मोटर मार्ग अब भी अवरुद्ध है।

भारी बारिश व मलबा आने से चमोली जिले में आठ ग्रामीण मोटर मार्ग अवरुद्ध है जबकि चंपावत जिले में पांच मोटर मार्ग विरुद्ध है। अल्मोड़ा जिले में चार ग्रामीण मोटर मार्ग, नैनीताल जिले में 11 ग्रामीण मोटर मार्ग और बागेश्वर जिले में चार ग्रामीण मोटर मार्ग अवरुद्ध है। सूबे में बंद मार्गों से गांव से सम्पर्क टूट गया है। ऐसे में रोजमर्रा की चीजों के लिए लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य आपातकालिन परिचालन केन्द्र का कहना है कि सूबे के सभी अवरुद्ध मार्गों को शासन-प्रशासन द्वारा खोले जाने की कार्रवाई जारी है।

उत्तराखण्ड सेना भर्ती रैली 11 से देहरादून में

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उत्तराखण्ड सहित देश के सात राज्यों के युवाओं के लिए पांच दिवसीय सेना भर्ती रैली 11 सितम्बर से देहरादून में शुरू हो रही है।थलसेना की 108 इन्फेंट्री बटालियन प्रादेशिक सेना (टीए) महार के तत्वावधान में सेना की भर्ती रैली 11 से 16 सितम्बर तक गढ़ी कैंट स्थित शहीद जसवंत सिंह ग्राउंड में आयोजित होगी।

भर्ती रैली सुबह पांच बजे से शाम सात बजे तक चलेगी। 108 इन्फेंट्री बटालियन (टीए) महार रेजीमेंट के मेजर विकास कुमार सिंह ने बताया कि भर्ती के पहले दिन उत्तराखंड के अलावा मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा, बिहार, छत्तीसगढ़ व झारखंड राज्यों के युवाओं को 1600 मीटर की दौड़ लगानी होगी। बताया कि 18 से 21 आयु वर्ग के अभ्यर्थियों को 5.40 मिनट, 20 से 40 आयु वर्ग के अभ्यर्थियों को 6.35 मिनट में, 40 से 42 आयु वर्ग के अभ्यर्थियों को 7.23 मिनट में दौड़ पूरी करनी होगी।

अभ्यर्थियों की राज्य के अनुसार ऊंचाई न्यूनतम 160 सेमी, वजन 50 किलो और छाती 77 सेमी, फुलाने पर पांच सेमी तक ज्यादा होगी। पूर्व सैनिक, वार विडो, खिलाड़ी कोटे के अभ्यर्थी को हाइट में दो सेमी की छूट दी जाएगी।