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पेट्रोल के बढ़ते दामों पर कांग्रेस का फूटा गुस्सा

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फोटोः कृष्णा रावत

केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल के दामों को बढ़ाये जाने के खिलाफ ऋषिकेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। ऋषिकेश स्थित दून तिराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्र सरकार का पुतला फूंका।मीडिया से बात करते हुए कोंग्रेसी नेता मुकेश जाटव ने बताया की केंद्र में बीजेपी की सरकार के आते ही देश में महंगाई काफी बड़ चुकी है,जिससे आम जनता को सबसे ज्यादा दिक्क्तें हो रही है लेकिन मोदी सरकार इस तरफ ध्यान नहीं देती दिख रही। आपको बता दें की कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए तुरंत बढ़ा किराया वापस लेने की मांग की है।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे ऋषिकेश

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फोटोः कृष्णा रावत

भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय अपने एक निजी कार्यक्रम के लिए तीर्थनगरी ऋषिकेश पहुंचे,जहां विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा उनका स्वागत किया गया। जिसके बाद वह परमार्थ निकेतन में चल रहे भागवत गीता सप्ताह कथा समारोह में पहुंचकर  स्वामी चिदानंद सरस्वती के सानिध्य में  आगामी योजनाओं पर विचार विमर्श किया साथ ही परमार्थ के तट पर पहुंचकर मां गंगा से आशीर्वाद लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भविष्य की कामना की और  देश में शांति के लिए प्रार्थना की।

इस अवसर पर विजयवर्गीय ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और इसे अपने निजी दौरे करार देते हुए कुछ भी नहीं बोले। आश्रम के सूत्रों से पता चला है कि विजयवर्गीय ने मोदी के जन्मदिन को लेकर गंगा में पूजा अर्चना की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु के लिए कामना की इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष चिदानंद मुनि ने भी प्रधानमंत्री को जन्मदिन की भाजपा के सुशासन की बधाई दी

 

रुद्रपुर विधायक ने किया ”सीता” का अपहरण

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रुद्रपुरः अपनी बेबाकी और दबंग छवि के लिए पहचान रखने वाले रुद्रपुर के भाजपा विधायक एक बार फिर चर्चाओं में है। रुद्रपुर विधायक इस बार चर्चाओं में है एक महिला के अपहरण के लिए, जी हां विधायक राजकुमार ठुकराल की दबंगयी देखिये की उन्होंने जिले के कप्तान और पुलिस के कई अधिकारियों के सामने ही एक महिला का सरेआम अपहरण कर दिया और अधिकारी मुंह ताकते रहे।इस घटना के बाद विधायक जमकर चर्चाओं में बने हैं।

तो आप भी हो गये ना हैरान, जी हां अपहरण तो विधायक जी ने जरुर किया और पुलिस के अधिकारियों के सामने मगर ये हकीकत में नहीं बल्कि रामलीला के मंच पर हुआ,जहां साधु रावण का किरदार निभाते हुए राजकुमार ठुकराल ने माता सीता के अपहरण का मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया। सीता हरण लीला के मंचन के दौरान। रामलीला में एक पात्र की दृष्टि से।

दरअसल शहर की इंदिरा कालोनी के रामलीला मैदान में पिछले कुछ दिनों से रामलीला चल रही है। इसमें बीती रात शहर विधायक राजकुमार ठुकराल ने एसएसपी डा. सदानंद दाते, एसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय, एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा, सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार, को रामलीला में आमंत्रित किया था। इस आमंत्रण पर सभी उपरोक्त अधिकारी मंच की अगली कतार में विराजमान थे जबकि सामने मंच था। विधायक ने अधिकारियों को तो बुलवा लिया, लेकिन स्वयं गायब दिखे। अभी अधिकारी कुछ सोच समझ पाते कि एकाएक मंच पर रावण के साधु भेष में विधायक ठुकराल पहुंचे और वहां से एक युवती (सीता)का अपहरण कर लिया। जबकि युवती को आनन फानन में पड़ोसी मुल्क में पहुंचा दिया गया। विधायक ने अपहरण के दौरान इस युवती से भीख (भिक्षा) भी मांगी थी। इसके बाद अफसरों को जब अहसास हुआ तब तक विधायक अपने असली रूप में आकर उनके समक्ष प्रकट हो गए। एसएसपी ने भी वहां चुटकी ली और बोले कि यह केस किडनेपिंग का बनता है, चलो मामला विधायक जी का है और सरकार भी है, इस पर कार्रवाई की दिशा में गंभीरता से बाद में विचार होगा। भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल रावण कई वर्षों के बाद एक बार फिर रामलीला में दर्शकों को साधु रावण की भूमिका में नजर आ रहे हैं। भाजपा विधायक के अनुसार उन्होंने कई वर्ष पहले रुद्रपुर रोडवेज बस अड्डे के पास होने वाली मुख्य रामलीला में भी लगातार 10 वर्षों तक रावण के पात्र का अभिनय कर दर्शकों का मनोरंजन किया है।

क्लीनर चला रहा था बस, चार वाहनों को मारी टक्कर

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रुड़की: गुरुवार देर रात सिविल लाइन कोतवाली क्षेत्र के जादूगर रोड पर एक तेज गति से दौड़ रही बस ने कई वाहनों को टक्कर मार दी। लोगों ने पीछा करके बस को मिलिट्री चौक के पास रुकवाया और चालक की जमकर धुनाई की। इसी दौरान एसडीएम चौक के समीप चेकिंग कर रही सीपीयू पुलिस भी मिलिट्री चौराहे पर पहुंच गई और चालक को गिरफ्त में लेकर बस को सीज कर दिया।
पुलिस के अनुसार सिविल लाइन में सेंटे एंस स्कूल वाली रोड से तेज गति से दौड़ रही बस ने पहले स्कूटी सवार युवक को टक्कर मारी उसके बाद दो स्कूटी सवार युवतियों को अपनी चपेट में लिया। युवतियों को हल्की चोटें आईं। इसके बाद आगे जाकर बस ने एक कार को भी हल्की टक्कर मारी। सीपीयू के दरोगा धर्मवीर सिंह ने बताया कि वह उस समय एसडीएम चौक के नजदीक वाहनों की चेकिंग कर रहे थे तभी एक तेज गति से आ रही प्राइवेट बस कई राहगीरों को टक्कर मारते हुए निकल गई। बस का पीछा कर उसे मिलिट्री चौक पर लोगों ने उसे रोक लिया और बस चालक को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। धर्मवीर सिंह का कहना है कि बस चला रहे युवक ने बताया कि वह एक क्लीनर है और अभी बस चलाना नहीं जानता और वह बस चलाना सीख रहा है सीपीयू के दरोगा ने बताया कि उक्त बस चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और साथ ही बस को सीज कर सीपीयू ने थाने में जमा कर लिया है।

यमुनोत्री मार्ग खोलने को भूगर्भ वैज्ञानिकों की ली जाएगी राय

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यमुुनोत्री राष्ट्रीय राजामार्ग खोलने के लिए अब विशेषज्ञ भूगर्भ वैज्ञानिकों की मदद ली जाएगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए आपदा प्रबंधन को पत्र भेजकर विशेषज्ञों की टीम भेजने की मांग की है। दूसरी ओर, यमुनोत्री की यात्रा अब वैकल्पिक तीन किमी पैदल मार्ग से जारी है। डीएम ने कहा कि अगर भूस्खलन रुकता है तो कर्मचारी पांच घंटे के अंदर राजमार्ग को खोल सकते हैं।

सोमवार मध्य रा‌त्रि से अभी तक यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग ओजरी और डबरकोट के पास भूस्खलन के कारण बंद है। जिसको लेकर डीएम उत्तरकाशी ने गुरुवार को प्रेसवार्ता की। उत्तरकाशी जिला सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान डीएम उत्तरकाशी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ओजरी के पास भूस्खलन जारी है। इस कारण यमुनोत्री मार्ग खोल पाना फिलहाल मुश्किल है। मार्ग खोले जाने के लिए उन्होंने आपदा प्रबंधन सचिव को पत्र भेजकर भूगर्भ वैज्ञानिकों की टीम यहां भेजने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यमुनोत्री की यात्रा थमी नहीं है। यात्रा सुचारु रूप से वैकल्पिक पैदल मार्ग से जारी है। इस बीच 620 यात्री यमुनोत्री धाम की यात्रा पर गए हैं, जबकि 1313 यात्रियों को ट्रांस्मेंट व्यवस्था के तहत गाड़ियों व घोड़े खच्चरों के जरिये तहसील मुख्यालय बड़कोट तक पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि जिस जगह पर भूस्खलन हो रहा है, वहां ड्रिल, पोकलैंड और जेसीबी मशीनें हैं। कई विभागों के कर्मचारी और अधिकारी तैनात किए गए हैं। जानकीचट्टी से स्यानाचट्टी के बीच करीब 80 लोग अपनी गाड़ियों में स्वेच्छा के साथ ठहरे थे, जो अब वहां से आना चाहते हैं उन्हें शाम तक वैकल्पिक रास्ते से निकाल दिया जाएगा। रास्ते में चिकित्सा व्यवस्था के साथ खाने पीने और रहने की पूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ में अब पैसे निकालने के लिए मोबाइल बैकिंग की भी सुविधा की जा रही है। यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों का भी ध्यान रखा जा रहा है। करीब 14 गांव की 13 ऐसी गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया गया है। जिनकी डिलिवरी डेट नजदीक है। उन्हें बड़कोट अस्पताल में लाने की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। साथ ही बीमार ग्रामीणों से भी बड़कोट आने के लिए कहा गया है। ग्रामीणों के पास भी पूरा खाद्यान उपलब्ध है। भूस्खलन के कारण ओजरी के ग्रामीणों को जो नुकसान हुआ है। उसके लिए मुआवजा देने के लिए एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। डीएम ने बताया कि अभी तक मार्ग के बीच में फंसे हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा चुका है। यमुनोत्रीधाम की यात्रा पर जाने के लिए तीन किमी के पैदल वैकल्पिक पैदल मार्ग के लिए डंडी कंडी और घोड़े खच्चरों की व्यवस्था की गई है। जिसके लिए बकायदा रेट तय किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग कब तक खुलेगा इस पर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है। लेकिन इस बीच अगर भू्स्खलन रुकता है तो वहां तैनात कर्मचारी 5 घंटे के अंदर राजमार्ग को खोल देंगे। लेकिन फिलहाल भूस्खलन लगातार जारी है। 

विवि पर लगाया गलत रिजल्ट जारी करने का आरोप

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डीएवी कॉलेज छात्रसंघ ने गढ़वाल विवि से एलएलबी के छठे सेमेस्टर के एक विषय के लिए स्पेशल बैक परीक्षा कराने की मांग की है। छात्रसंघ पदाधिकारियों का दावा है कि विवि की ओर से रिजल्ट में गड़बड़ी हुई जिससे काफी छात्रों के कम नंबर आए हैं।

गुरुवार को छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम सिमल्टी के नेतृत्व में छात्रों ने कॉलेज के प्राचार्य डा.देवेंद्र भसीन के माध्यम से गढ़वाल विवि के कुलपति को ज्ञापन भेजा। सिमल्टी ने बताया कि एलएलबी छठे सेमेस्टर के ‘ऑफेंस अगेंस्ट चिल्ड्रन एंड जुविनाइल ऑफेंसिसस, लैंड लॉ एंड प्रॉपर्टी राइट्स’ विषय की परीक्षा कॉलेज के कुल 250 छात्रों ने दी थी। केवल इसी विषय में 120 से अधिक छात्रों के बहुत ही कम नंबर आए हैं जिससे विवि की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम सत्र होने के कारण छात्र इसके बाद विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और बार काउंसिल की परीक्षा में उपस्थित होना चाहते हैं लेकिन इतने कम अंक लाने पर उन्हें यह मौका गंवाना पड़ेगा। उन्होंने विवि प्रशासन से मांग की है कि केवल इस विषय के लिए जल्द से जल्द स्पेशल बैक परीक्षा करवाई जाए। छात्रों की मांग पर प्राचार्य ने विवि में वार्ता की जिसके बाद उन्होंने अगले दो से तीन दिन में इस विषय पर निर्णय देने का आश्वासन दिया है। ज्ञापन देने वालों में पूर्व अध्यक्ष राहुल कुमार, आशीष रावत, सुमित यादव, हन्नी सिसौदिया, मोहित पेटवाल, जितेंद्र बिष्ट, निखिल आदि मौजूद थे।

मेरे लापता बेटे केे बारे में खबर करिये सरकार

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स्कूल से प्रार्थना के बाद अचानक गायब हुए छह वर्षीय मासूम मोहित की माता अलका कोठियाल ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत से गुहार लगाई है कि उसके लापता बेटे केा खोजा जाए।

मुख्यमंत्री मुख्यायल गोपेश्वर में गुरुवार को आयोजित जनता दरवार में पहुंचे। इस दौरान मैठाणा की अलका कोठियाल ने अपनी शिकायत दर्ज की कि उनका छह वर्षीय पुत्र प्राथमिक विद्यालय तेफना में अध्ययनरत था। 10 अगस्त को अचानक गायब हो गया। अलका कोठियाल का कहना है कि इस संबंध में पुलिस से भी गुहार की गई मगर अभी तक कोई तक कोई सुराग नहीं मिला। मुख्यमंत्री के जनता दरबार में आयी मां ने गुहार लगायी कि उसके बच्चे को खोजा जाए। सीएम ने इस मामले में पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

रेरा चेयरमैन की दौड़ में रिटायर्ड आईएएस

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रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के चेयरमैन पद के लिए रिटायर्ड आईएएस अधिकारी ही कसरत कर रहे हैं। रेरा के नियामक प्राधिकारी कार्यालय को प्राप्त आवेदनों में इस पद के लिए तीन उम्मीदवार सामने आए हैं और तीनों रिटायर्ड आइएएस हैं। इनमें दो पूर्व आइएएस उत्तराखंड, जबकि एक झारखंड के हैं। वहीं, रेरा सदस्यों के लिए पांच आवेदन प्राप्त हुए। हालांकि आवेदनों की कम संख्या को देखते हुए दोबारा से आवेदन मांगे गए हैं और आवेदन करने की अंतिम तिथि अब 22 सितंबर रखी गई है।

रेरा के नियामक प्राधिकारी व सचिव आवास अमित नेगी के मुताबिक रेरा चेयरमेन व तीन सदस्यों के लिए चार सितंबर तक आवेदन मांगे गए थे। तय तिथि तक तीन आवेदन चेयरमेन के लिए व सदस्यों के तीन पदों के लिए आठ ही आवेदन आए थे। आवेदनों की कम संख्या को देखते हुए यह तिथि 22 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। इसके बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित विधि, आवास व कार्मिक सचिवों वाली कमेटी आवेदनों की स्क्रूटनी कर सलेक्शन कमेटी को नाम भेजेगी। जबकि सलेक्शन कमेटी हर पद के लिए तीन-तीन नामों का चयन पर सरकार को रिपोर्ट देगी। इस कमेटी में हाईकोर्ट के न्यायाधीश यूसी ध्यानी, प्रमुख सचिव न्याय व सचिव आवास हिस्सा हैं। चेयरमेन व सदस्यों की नियुक्ति अंतिम रूप से सरकार के निर्णय के अधीन रहेगी। चेयरमैन पद के लिए अब तक आए आवेदनों में प्रमुख रूप से एन रविशंकर (पूर्व मुख्य सचिव उत्तराखंड), चंद्र सिंह नपलच्याल (पूर्व सचिव उत्तराखंड), विष्णु प्रसाद (पूर्व अपर मुख्य सचिव झारखंड) के आवेदन शामिल हैं।
सचिवालय समिति ने किया आवेदन
रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी के नोटिस के बाद उत्तराखंड सचिवालय सहकारी आवास समिति ने पंजीकरण के लिए आवेदन कर लिया है। उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है और इसके बाद समिति का विधिवत पंजीकरण कर दिया जाएगा। इस समिति ने कारगी के पास भारूवाला ग्रांट में करीब 120 बीघा क्षेत्रफल पर प्लॉटिंग कर रखी है। इस भूखंड पर प्लॉट बेचने का काम भी शुरू किया जा चुका था। समिति सचिव प्रदीप पपनै ने रेरा अधिकारियों को पत्र लिखकर पंजीकरण में छूट देने की मांग की थी। तर्क दिया गया था कि यह सहकारी अधिनियम में पंजीकृत लाभ-हानिरहित संस्था है। इस तर्क को रेरा के नियामक प्राधिकारी ने यह कहकर खारिज कर दिया था कि जो समिति के सदस्यों को प्लॉट बेचे जा रहे हैं, जिसमें बड़ी राशि का प्रयोग हो रहा है। ऐसे में किसी भी विवाद की स्थिति में निवेशकों के हितों को संरक्षित रखने के लिए समिति का रेरा में पंजीकृत होना जरूरी है। इसके साथ ही समिति को नोटिस जारी कर प्लॉटिंग प्रतिबंधित कर दी गई थी। 

डीआईडी सीजन-6 के आॅडिशन में दिखा हुनर

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सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल में जीटीवी द्वारा आयोजित कार्यक्रम डांस इंडिया डांस सीजन-6 का आॅडिशन हुआ। आॅडिशन में कई क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने अपना हुनर का जलवा बिखेरा। इस आॅडिशन में दो लेवल रखे गए, जो प्रतिभागी प्रथम लेवल पर चयनित हुए उन्हें दूसरे लेवल में अपनी प्रस्तुति देनी थी व दूसरे लेवल के चयनित प्रतिभागियों को दिल्ली के मंच पर अपना फाइनल आॅडिशन देना होगा।
गुरुवार को आयोजित हुए आॅडिशन में प्रतिभागियों की संख्या 1500 रही, दूसरे लेवल में दो सौ से ज्यादा प्रतिभागियों का चयन हुआ जिसमें से केवल पाॅच प्रतिभागियों का फाइनल सैलेक्शन हुआ है जो अब दिल्ली में अपनी प्रस्तुति देगें। आॅडिशन को जज कर रहे प्रसिद्व डीआईडी मौम्स विजेता सोम्य श्री, डीआईडी के प्रसिद्व कोरियोग्राफर मयूरेश वाडकर, शिवाजी होडवाली और जीटीवी से आई साक्षा मौजूद थे। आॅडिशन को सफल बनाने के लिए मुम्बई से साठ लोगों की टीम एक दिन पहले से ही विद्यालय में व्यवस्था बनाने के लिए मौजूद थे। स्कूल के एमडी विपिन बलूनी ने कहा कि बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत है प्रतिभा को पहचानकर उसे सही जगह दिखाने की है। डीआईडी का मंच बच्चों में छुपे प्रतिभाओं को सामने लाने का सबसे अच्छा प्लेटफाॅर्म है। इस अवसर पर स्कूल के सभी शिक्षक व स्टाफ मौजूद रहे।

सचिवालय पर गरजीं भोजन माताएं, सरकार को ज्ञापन भेजा

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सीटू से सम्बद्ध उत्तराखंड भोजन माता कामगार यूनियन अपनी ने मांगों को लेकर गुरुवार को लोकल बस स्टेंड स्थित सीटू कार्यालय पर एकत्रित होकर तीन बजे दोपहर को सचिवालय कूच किया।

यूनियन की महामंत्री मोनिका ने कहा की सरकार को समय समय पर आन्दोलन करने के पश्चात भी सरकार ने उनकी एक नही सुनी जिसके परिणाम स्वरूप उन्हें सचिवालय कूच करना पड़ा व आन्दोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने इसकी सुचना जिला प्रशासन को पहले ही दे दी थी, किन्तु सुचना देने के बाद भी पुलिस द्वारा भोजन माताओं को सीटू कार्यालय से आगे नही बढ़ने दिया जा रहा था जिसका भोजन माताओं ने जम कर विरोध कर नारेबाजी शुरू कर दी और सचिवालय कूच किया सचिवालय कूच लोकल बस स्टैंड स्थित सीटू कार्यालय से इंद्रा मार्केट, लैंसडॉन चौक से होते हुए कनक चौक पर पुलिस ने बैरिकेट लगा कर रोक दिया। जिसके बाद भोजनमाताएं वहीं पर धरना दे कर बैठ गई और सभा की।
सभा को सीटू के जिला सचिव लेखराज ने सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार मध्याह्न भोजन योजना को निजी हाथो में दे रही है जिसका पुरजोर विरोध किया जायेगा जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर ताजा पका हुआ भोजन ही बच्चों को दिया जाये जिसका उल्लंघन राज्य सरकार कर रही है। उन्होंने बताया कि संसदीय कमेटी द्वारा भी इस बात की पुष्टि की गई है लेकिन यह सरकार मध्याह्न भोजन योजना का निजीकरण करने पर उतारू है। सभा को सीटू के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र भंडारी ने केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथो लेते हुए कहा की केंद्र की मोदी सरकार द्वारा मध्याह्न भोजन योजना के बजट में भारी कटौती की है, जिसके परिणम स्वरूप इस योजना को सरकर की बंद करने की मंशा है। उन्होंने कहा की राज्य सरकार द्वारा भोजन माताओं को कार्य से हटाने की गहरी साजिश है जिसको कतई बर्दास्त नही किया जायेगा।
यूनियन की महामंत्री मोनिका ने कहा की सरकार द्वारा भोजनमाताओं को निकला जा रहा है। निकाली गई भोजन माताओं को वापस कार्य पर नही रखा जाता है और उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर मुख्यमंत्री उन्हें वार्ता के लिए नही बुलाते है तो भोजनमाताएं बड़ा आन्दोलन करेंगी। प्रदर्शन के दौरान काफी संख्या में भौजन माताएं मौजूद रहीं।
ज्ञापन में रखी मांगें
– भोजनामाताओं से अतिरिक्त कार्य न कराया जाएं।
– भाजनमाताओं का स्वास्थ्य बिमा कराया जाए।
– न्यूनतम वेतन देकर निकाली गई भोजनमाताओं को वापस कार्य पर लिया जाए।
– कार्य से निकलना बंद करने व सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए।