Page 394

हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों में चलाया गया सफाई अभियान

0

हरिद्वार, समाजसेवी नरेश गिरि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर लगातार ‘स्वच्छ भारत स्वस्थ्य भारत’ अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चला रहे हैं। गिरि की टीम विभिन्न क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाते हुए गायत्री विहार भूपतवाला, कनखल, संन्यास मार्ग पर फैली गंदगी को अपने संसाधनों से साफ कर रहे हैं।

भारत के पीएम नरेंद्र मोदी पूरे देश में स्वच्छ भारत स्वस्थ्य भारत अभियान के प्रति जनचेतना फैला रहे हैं। ऐसे में हमारा भी कर्तव्य बनता है कि अपने आस-पास फैली गंदगी को साफ करें। नरेश गिरि ने क्षेत्र के लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि अपने आस-पास साफ सफाई रखे। डेंगू बड़े पैमाने पर फैल रहा है। सड़कों पर जलभराव ना होने दें, संक्रामित रोेगों की रोकथाम के उपाय हमें स्वयं ही करने होंगे। उनसे प्रेरित होकर अन्य लोग भी सेवा भाव से इस कार्य में लगातार जुड़ रहे हैं। 

मलिन बस्ती को गृहकर में 45 प्रतिशत की छूट

0

देहरादून, अब मलिन बस्ती वासी अपने मकान के मालिक बन जाएंगे और उन्हें गृहकर देना होगा। नगर निगम इस संदर्भ में विशेष कसरत कर रहा है। यह कसरत मलिन बस्तीवासियों को राज्य स्थापना दिवस का तोहफा होगी। इससे जहां उनका मालिकाना हक बनेगा वहीं वे तमाम दबावों से भी बच जाएंगे। साथ ही साथ नगर निगम में एक और योजना बनाई है। मलिन बस्ती वासियों को नगर निगम गृहकर में लगभग 45 प्रतिशत छूट देने का मन बना रही है। इसके अनुसार बस्तीवासी कर से भी बचेंगे और स्वामित्व भी पक्का हो जाएगा।

इस संदर्भ में नगर निगम की ओर से एक विशेष पहल की जा रही है। जानकारी देते हुए नगर निगम के एक प्रवक्ता ने हाउस टैक्स में तकरीबन 45 फीसदी की छूट देने का फैसला किया है। निगम 19 साल बाद इसी माह से बस्तियों से हाउस टैक्स वसूलने की तैयारी कर रहा है। इसके दायरे में मलिन बस्तियों के करीब 40 हजार घर आएंगे। 

दून से आने-जाने वाली चार ट्रेनों के समय-सारिणी में बदलाव

0

देहरादून। उत्तर रेलवे की ओर से देहरादून आने-जाने वाली चार ट्रेनों के समय में आंशिक बदलाव किया गया है, जो बुधवार से नई समय-सारिणी लागू हो गई है।

रेलवे अधीक्षक करतार सिंह ने बताया कि देहरादून से चार ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है। यह नई समय-सारिणी के अनुसार बुधवार से नंदा देवी एसी एक्सप्रेस अब साढ़े 11 बजे के बजाए 11:35 पर चलेगी। इसी तरह अगर आप रात को काठगोदाम एक्सप्रेस से जाना चाहते हैं तो पांच मिनट पहले खुलेगी। पहले यह ट्रेन रात 11 बजे जाती थी, मगर नए शेड्यूल में इसका समय रात 10:55 बजे कर दिया गया है।
मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को चलने वाली राप्ति गंगा/गोरखपुर एक्सप्रेस भी अब दोपहर दो बजे के बजाए पांच मिनट पहले 1:55 पर खुलेगी। वहीं वापसी में यह गाड़ी दोपहर साढ़े तीन बजे के बजाए पांच मिनट पहले यानी 3:25 पर रवाना होगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली से आने वाली मसूरी एक्सप्रेस भी अब सुबह 8:10 बजे के बजाए 20 मिनट की देरी से 8:30 बजे चलेगी। हालांकि, वापसी में यह ट्रेन अपने निर्धारित समय पर ही जाएगी। सप्ताह में एक दिन चलने वाली चेन्नई एक्सप्रेस पांच बजे के बजाए सुबह 4:45 पर दून आएंगी। 

देहरादून में नाला बन चुकी रिस्पना नदी के दिन अब जल्दी ही बहुरेंगे

0

ऋषिकेश, कहते हैं कि हंसती खेलती, खिलखिलाती नदियां पहाड़ों से उतरकर मैदानों का रुख करती है तो कहीं ना कहीं आबादी का बोझ इसके साफ और निर्मल जल पर अपना असर दिखाना शुरू कर देता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं पहाड़ी नदी रिस्पना की जो मसूरी की हसीन वादियों के छोटे से गांव से निकलकर देहरादून तक आते-आते अपना अस्तित्व खो देती है।

30 किलोमीटर के इस सफर में रिस्पना नदी आखिर क्यों मृतप्राय हो गई है? यह सवाल बार-बार पहाड़ बन कर सामने खड़ा हो जाता है। पर्यावरणविद और वनस्पति वैज्ञानिक प्रोफेसर आर.डी गौड भी इस बात से चिंतित है आखिर क्यों नदिया हमारे जीवन शैली का बोझ उठाते हुए बार-बार गंदे नाले में तब्दील होती जा रही है? क्या सरकार सिर्फ अनियोजित विकास को बढ़ावा देकर पहाड़ पर जीवन रक्षक नदी, खाले, झरने और स्रोतों को यूं ही खत्म होने देगी? या इनका पुनरुद्धार करके भविष्य में होने वाले जल संकट से जूझती आबादी को पेयजल मुहैया कराने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी?

कुछ इसी चिंता को लेकर  सेना के जवानों रिस्पना नदी के जीवन को बचाने के लिए भागीरथ प्रयास का बीड़ा उठाया है। पहाड़ो से खिलखिलाती रिस्पना नदी को देहरादून शहर में नाला हो चुकी नदी को सैना की ‘इको-टास्क फोर्स’ अब नया जीवन देगी। इको टास्क फोर्स के सीअो कर्नल हरी राज सिंह राणा के नेतृत्व में सेना के जवान राज्य सरकार की सहमति से रिस्पना नदी की साफ सफ़ाई और उसका फिर से विस्तार करने में जुटे। कर्नल हरिराज सिंह राणा का कहना है कि, “हमने सीएम साहब से बात करके इस प्रोजेक्ट को हाथ में लिया है, रिस्पना नदी के रिवाइव होने के लिए कम से कम चार-पांच साल का समय लगेगा और जब एक बार यह फिर से बहने लगेगी तब हम इसको स्टेट गवर्नमेंट के सुपुर्द कर देंगे। हम लोग इसके मुहाने पर ही अपना हेडक्वार्टर बनाएंगे और लगातार काम करेंगे। सेना के इस प्रयास से एक बार फिर रिस्पना के दिन बहुरने की उम्मीद बनी है, जो राज्य में दूसरी नदियों के लिए भी एक मील का पत्थर बनेगी।”

धरती मां को बंजर बना रही रसायनिक खाद्य

0

रुद्रपुर, रसायनिक खाद के लगातार प्रयोग से मिट्टी की उर्वरा क्षमता लगातार घटती जा रही है, धरा की दशा खराब होते देख जहां विशेषज्ञ चिंतित है तो लगातार उनके द्वारा किसानों को चेतावनी भी दी जा रही है, बावजूद इसके किसान समय पर नहीं चेता तो पैदावार पर तो असर पडेगा ही साथ ही खेत बंजर नजर आयेंगे।

जी हां रासायनिक खाद के अंधाधुंध प्रयोग के चलते मिट्टी की सेहत को नाजुक होती जा रही है। जिससे धरा की दशा खराब होने लगी है। समय रहते किसान नहीं चेता तो उपज की पैदावार तो कम होगी ही लागत बढ़ने से नुकसान उठाना पड़ेगा। हालांकि कृषि विभाग लगातार किसानों को मृदा परीक्षण करवा उसके मुताबिक खाद व पोषक तत्वों का प्रयोग करने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहा है।

कृषि विभाग द्वारा जनपद में मृदा परिक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। मृदा परीक्षण के बाद पोषक तत्वों की वास्तविक स्थिति सामने आने लगी है। जनपद में चालीस हजार से भी अधिक नमूने जांच के लिए रुद्रपुर स्थित मृदा परीक्षण लैब में पहुंचे तो उनकी जांच के बाद सहीं स्थिति सामने आने लगी है। जांच के दौरान भूमि में लौह पोषक तत्वों की काफी कमी पाई गई है। जो कि बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। हालांकि मृदा परीक्षण के माध्यम से इसका खुलासा होने के बाद किसान लौह तत्व का प्रयोग कर इस कमी को पूरा कर सकते है। नमूनों की रिपोर्ट पर नजर डाले तो काशीपुर व सितारगंज ब्लॉक में नाइट्रोजन व फॉस्फोरस की स्थिति भी न्यून पाई गई है। जनपद में लिए गए मिट्टी के नमूने के आंकड़ों पर नजर दौडायें तो चैंकाने वाले तत्थ सामने आयेंगे।

मृदा परीक्षण से भूमि में पोषक तत्वों की कमी का आंकलन होने के बाद किसान उन पोषक तत्वों का संतुलित प्रयोग कर लागत भी कम कर सकता है। साथ ही खेत में अनावश्यक रासायनिक खाद के प्रयोग से प्रभावित हो रही उर्वरा शक्ति को संतुलित कर सकता है। जिसका असर उसको कम लागत में अधिक पैदावार के रूप में हासिल हो सकता है। इसके लिए मृदा परीक्षण की जरुरत लगातार बढ़ती जा रही है। जिससे भूमि की सहीं स्थिति सामने आ सके।

डॉ. अभय सक्सेना, जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि, “क्षेत्र में किसानों को मृदा परिक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिससे मृदा में किस पोषक तत्व की कमी है इसका पता लगाया जा सके। मृदा परिक्षण के बाद सही रिपोर्ट सामने आने के बाद उसके मुताबिक ही पोषक तत्वों का प्रयोग किया जाए। जिससे अनावश्यक खाद का प्रयोग कम होने से लागत में भी कमी आएगी, इसका लगातार प्रयास किया जा रहा है।”

करोड़ों बकाया बिल वसूलने में ऊर्जा निगम के छूटे पसीने

0

विकासनगर, पछवादून व जौनसार-बावर में ऊर्जा निगम का बीस करोड़ से ज्यादा का बिजली बिल बकाया है। कई सरकारी संस्थानों व सैकड़ों उपभोक्ताओं पर लंबित करोड़ों का बकाया बिल वसूलने में ऊर्जा निगम टीम को इन दिनों पसीने छूट रहे हैं।

आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो ऊर्जा निगम के विकासनगर, चकराता व हरर्बटपुर तीनों सब-डिवीजन से जुड़े 197 सरकारी संस्थानों पर निगम का करीब चार करोड़ बिजली बिल बकाया है। इसके अलावा पांच से दस हजार के बीच बकाएदारों की संख्या चार हजार के पार है। वसूली अभियान में तेजी लाने को ऊर्जा निगम अधिकारियों ने आधा दर्जन टीमें बनाई है।

बीते दस दिन में ऊर्जा निगम टीम ने रिकार्ड चार करोड़ की राजस्व वसूली की। साथ ही तीन सौ से ज्यादा लंबित बकाएदारों के बिजली कनेक्शन भी काटे।  अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता ने बकाया बिल नहीं चुकाने वाले कई सरकारी संस्थानों व अन्य बड़े बकाएदारों को अंतिम नोटिस जारी किए हैं। बरहाल करोड़ों का बकाया बिल वसूलना ऊर्जा निगम के लिए बड़ी चुनौती है।

ऊर्जा निगम की टीम इन दिनों पछवादून व जौनसर-बावर में लंबित बड़े बकाएदारों की सूची खंगालने में लगी है। समय पर बिजली बिल नहीं चुकाने से विकासनगर, हरर्बटपुर व चकराता तीनों सब-डिवीजन से जुड़े विभिन्न सरकारी संस्थानों व सैकड़ों अन्य बकाएदारों पर ऊर्जा निगम का करीब बीस करोड़ बिजली बिल बकाया है।

निगम के आंकडे इस बात की तस्दीक भी कर रहे हैं। लंबे समय से बिजली बिल नहीं चुकाने वाले सरकारी संस्थानों की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग पर ऊर्जा निगम का 25 लाख बकाया बिल है। इसके अलावा नलकूप खंड विभाग पर 22 लाख, शिक्षा विभाग पर 19 लाख, राजस्व विभाग पर आठ लाख, वन विभाग पर चार लाख, लोनिवि पर तीन लाख, परिवहन विभाग पर दो लाख, पुलिस विभाग पर डेढ़ लाख व कृषि विभाग पर करीब दो लाख बिजली बिल बकाया है।

सरकारी संस्थानों को छोड़कर पछवादून व जौनसार-बावर में पांच से दस हजार के बीच अन्य लंबित बकाएदारों की संख्या चार हजार के पार है। 197 सरकारी संस्थानों व चार हजार से ज्यादा अन्य बकाएदारों से करोड़ों का लंबित बकाया बिल वसूलने को ऊर्जा निगम अधिकारियों ने कसरत तेज कर दी है। वसूली अभियान में जुटी ऊर्जा निगम टीम को करोड़ों का बकाया बिल वसलूने में पसीने छूट रहे हैं।

निर्धारित लक्ष्य हासिल करने को ऊर्जा निगम देहरादून मुख्यालय के अधीक्षण अभियंता पीएस रावत ने पांच रोज पहले पछवादून क्षेत्र का दौरा कर वसूली अभियान की प्रगति रिपोर्ट जांची। अधीक्षण अभियंता रावत ने ईई विकासनगर व तीनों सब-डिवीजन के एसडीओ को वसूली अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

इसी कड़ी में अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड विकासनगर एसके गुप्ता ने एसडीओ विकासनगर गुरुदीप सिंह, एसडीओ हरर्बटपुर अश्वनी कुमार व एसडीओ चकराता अशोक कुमार प्रजापति और तीन अन्य कनिष्ठ अभियंताओं की अगुवाई में आधा दर्जन टीमें बनाई है। 

खेल सम्मान देने पर उठीं चर्चाएं

0

देहरादून।  औरों को बांटे अपने को डांटे यह कहावत खेल मंत्रालय पर पूरी तरह से चरितार्थ हो रही है। पुराने खेलमंत्री दिनेश अग्रवाल ने खेल में भी खेल कर दिया था,लेकिन वर्तमान अरविंद पाण्डेय से लोगों को खेल पुरस्कार में ईमानदारी की उम्मीदें लगी हैं।
पिछली बार जिन लोगों को खेल पुरस्कार दिया गया था। वे उत्तराखंड के जरूर थे,लेकिन प्रदेश से बाहर से लोगों को प्रशिक्षित कर रहे थे,लेकिन उत्तराखंड के लोगों की भरपूर उपेक्षा की गई थी। इन्हीं उपेक्षित नामों में एक नाम है कुश्ती प्रशिक्षिक पवन कुमार शर्मा। पवन शर्मा सालों से मातावाला बाग के अखाड़े से राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय कई प्रतिभाओं को निकाल चुके हैं। इनमें अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सत्यव्रत कादियान तथा शिल्पा सरोण का नाम प्रमुख है। सत्यव्रत कादियान जहां एशिया कुश्ती के पुरोधा माने जाते हैं और 2012 तथा 2016 में रियो ओलिंपिक में भाग लेकर देश का नाम रोशन किया। वहीं शिल्पा सरोण सीनियर नेशनल 2016 की रजत विजेता तथा एशियन चैंपियन गुवाहटी की स्वर्ण पदक विजेता हैं। कुश्ती कोच पवन शर्मा ने लगभग एक दर्जन राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय खिलाडिय़ों को निकाला है,लेकिन पुरानी सरकार के खेल पुरस्कार में खेल का शिकार हो गए। इस बार पवन शर्मा का नाम प्रबल दावेदारों में माना जा रहा है। देवभूमि खेलरत्न पुरस्कार के लिए जहां मनीष रावत और एकता विष्ट मुख्य दावेदारों में हैं तथा पुरस्कार के लिए आवेदन करने वालों में प्रमुख रूप से शामिल हैं। उत्तराखंड देवभूमि खेलरत्न द्रोणाचार्य और लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार के लिए लगभग सूची तैयार है। खेल निदेशालय द्वारा खेल रत्न पुरस्कार के लिए उत्तराखंड पुलिस के निरीक्षक ओलंपियन मनीष रावत,क्रिकेटर एकता बिष्ट का नाम लगभग तय कर लिया है। मनीष ने रियो ओलंपिक में 13 वां स्थान प्राप्त किया,जबकि एकता बिष्ट महिला विश्वक प टीम की सदस्या रही हैं। सूत्रों की मानें तो उत्तराखंड द्रोणाचार्य पुरस्कार के मुख्य दावेदार पवन कुमार शर्मा के साथ-साथ अनूप बिष्ट,एकता बिष्ट के कोच लियाकत अली तथा पवन शर्मा का नाम शामिल हैं,लेकिन लियाकत अली उत्तराखंड के मूल निवासी हैं भी इस पर अलग-अलग चर्चाएं हैं। वैसे भी वे एकता बिष्ट को केवल टिप्स देने वाले रहे हैं। उन्होंने प्रशिक्षित करने का काम नहीं किया है। उत्तराखंड खेल नीति के अनुसार खेलरत्न पुरस्कार के लिए आवेदनकर्ता का फार्म तभी मान्य होगा,जब मान्यता प्राप्त खेल संघ उसकी पुष्टि करेगा। साथ ही नीति में यह लिखा है कि खिलाड़ी पुरस्कार पाने की दौड़ में तभी शामिल होगा जब उसने पिछले आवेदन के पिछले तीन सालों में राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया हो,लेकिन उत्तराखंड में किसी क्रिकेट एसोसिएशन को मान्यता नहीं है ऐसे में एकता का फार्म किसी भी संघ से सत्यापित नहीं है। उत्तराखंड की महिला टीम न होने से उन्होंने राज्य का प्रतिनिधित्व नहीं किया है।

धमाल 3 में अनिल के साथ माधुरी की जोड़ी

0

90 के दशक में सुपर हिट रही अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित की जोड़ी एक बार फिर परदे पर लौटने को तैयार हैं। जानकारी मिली है कि निर्माता-निर्देशक इंद्र कुमार ने धमाल की तीसरी कड़ी में संजय दत्त की जगह अनिल कपूर को कास्ट किया और अब अनिल कपूर के साथ माधुरी की जोड़ी को वापस लाने का फैसला हुआ है।

इंद्र कुमार ने फिल्म बेटा में इस जोड़ी के साथ काम किया था। माधुरी ने इंद्र कुमार के साथ फिल्म राजा में भी काम किया था, जो 22 साल पहले बनी थी। इंद्र कुमार और माधुरी की जोड़ी ने दिल, राजा और बेटा फिल्मों में काम किया। धमाल की तीसरी कड़ी की शूटिंग दिसंबर से शुरु होने जा रही है।

धमाल की पहली दो कड़ियों में संजय दत्त ने काम किया था, लेकिन तीसरी कड़ी के कटेंट को एडल्ट बताकर संजय ने इसमें काम किया था। अनिल कपूर इससे पहले सुभाष घई की त्रिमूर्ति में भी संजय दत्त की जगह काम कर चुके हैं। अनिल कपूर इस वक्त राकेश मेहरा की फिल्म फन्ने खां में काम कर रहे हैं, जिसमें वे 17 साल के बाद ऐश्वर्या राय के साथ काम कर रहे हैं।

ओलंपिक पदक विजेता अभिनव बिंद्रा की जिंदगी पर बनने वाली फिल्म में वे अपने बेटे हर्षवर्धन कपूर के साथ और शैली चोपड़ा की फिल्म एक लड़की को देखा तो.. में बेटी सोनम कपूर के साथ पहली बार काम करने जा रहे हैं।

जेपी दत्ता की पलटन से अलग हुए सुनील शेट्टी

0

जेपी दत्ता की नई फिल्म पल्टन की टीम से सुनील शेट्टी ने भी खुद को अलग कर लिया है। वे इस फिल्म में मेहमान रोल कर रहे थे। सुनील शेट्टी के इस फिल्म से अलग होने की वजह बताई जाती है कि उन्होंने स्क्रिप्ट में कुछ बदलाव चाहते थे। चूंकि लद्दाख में फिल्म का पहला शेड्यूल शुरु हो चुका है, इसलिए बदलाव की मांग को खारिज कर दिया और सुनील शेट्टी ने खुद को फिल्म से अलग करने का फैसला कर लिया। अभी ये नहीं पता चला है कि सुनील शेट्टी की जगह किस कलाकार को लिया जा रहा है।

सुनील शेट्टी ने इस फिल्म से अलग होने को लेकर प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया। सुनील शेट्टी ने जेपी दत्ता के साथ पूर्व मे बार्डर से लेकर एलओसी तक सभी फिल्मों, बार्डर, रिफ्यूजी, उमराव जान और एलओसी में काम किया है। अभिषेक बच्चन के बाद सुनील शेट्टी दूसरे कलाकार हैं, जो फिल्म से अलग हुए।

अभिषेक, जिनको जेपी दत्ता ने ‘रिफ्यूजी’ में लांच किया था, ने लद्दाख का शेड्यूल शुरु होने से 24 घंटे पहले खुद को इस फिल्म से अलग कर लिया था। बाद में अभिषेक की जगह हर्षवर्धन राणे (सनम तेरी कसम फेम) को कास्ट किया गया। पाकिस्तान के साथ युद्ध पर तीन फिल्में बार्डर, रिफ्यूजी और एलओसी बना चुके दत्ता इस बार चीन के साथ भारत के सैन्य टकराव पर फिल्म बना रहे हैं। सोनू सूद, पुलकित सम्राट, लव सिन्हा और हर्षवर्धन राणे इसकी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। जैकी श्राफ फिल्म में मेहमान रोल कर रहे हैं। 

हेमा के साथ सीता और गीता का सिक्वल

0

शोले से पहले 1972 में रमेश सिप्पी ने हेमा मालिनी को डबल रोल में लेकर ‘सीता और गीता’ का रीमेक किया था। चर्चा है कि रमेश सिप्पी अब अपनी इस सुपर हिट फिल्म की सिक्वल बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं और इस सिक्वल में हेमा मालिनी फिर से हिस्सा होंगी।

रमेश सिप्पी ने इस खबर की पुष्टि करते हुए सिर्फ इतना स्वीकार किया है कि सिक्वल बनेगी और हेमा मालिनी इसका हिस्सा होंगी। उन्होंने फिल्म की बाकी डिटेल नहीं दी, रमेश सिप्पी ने हेमा मालिनी को लेकर इस फिल्म के सहित चार फिल्में बनाई हैं, जिनमें अंदाज, शोले के अलावा एक और फिल्म है, जिसका नाम है शिमला मिर्च। ये फिल्म रमेश सिप्पी ने पिछले साल बनाई है, लेकिन कुछ कारणों से इस फिल्म का काम अटक गया था।

इस फिल्म में हेमा मालिनी के साथ राजकुमार राव भी हैं। जानकारी के मुताबिक, ये फिल्म अगले साल अप्रैल तक रिलीज होगी और ‘सीता और गीता’ की सिक्वल पर काम इस साल के अंत तक शुरु होगा। कुछ वक्त पहले खबर थी कि फरहान अख्तर की कंपनी ने ‘सीता और गीता’ के रीमेकिंग अधिकार खरीदे हैं और इस रीमेक में कैटरीना कैफ को कास्ट किया जाएगा।

रमेश सिप्पी की टीम के मुताबिक, ‘सीता और गीता’ की सिक्वल एक यूथफुल फिल्म होगी, जिसमें एक बड़ी हीरोइन को टाइटल रोल में कास्ट किया जाएगा।