विकासनगर, सहसपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाते हुए एक किलो चरस के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसे एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पकड़ी गई चरस की कीमत एक लाख रुपये आंकी जा रही है।
देर रात को पुलिस जमनपुर के पास चेकिंग अभियान चला रही थी। इस दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति बस से उतरा और पैदल चलने लगा। शक होने पर पुलिस ने उसे रोक लिया। तलाशी लेने पर उसके थैले से एक किलो चरस बरामद हुई। आरोपी की पहचान नरेंद्र क्षेत्री के रूप में हुई, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह चकराता के सुदूरवर्ती गांव से सस्ते दाम पर चरस खरीद कर लाता था। जिसे सहसपुर और आसपास के क्षेत्र में पढ़ने वाले छात्रों को मोटे दाम पर बेचता था।
थानाध्यक्ष नरेश राठौर ने बताया कि, “आरोपी चकराता के सुदूरवर्ती गांव से सस्ते दाम पर चरस खरीद कर लाता है। जिसे सहसपुर और आसपास के क्षेत्र में पढ़ने वाले छात्रों को मोटे दाम पर बेचता था। आरोपी के इतिहास को खंगाला जा रहा है।”
स्मैक के साथ एक गिरफ्तार
उधर, कुल्हाल पुलिस ने 5.50 ग्राम स्मैक के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया। उसे एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया, सुबह करीब 11.45 पुलिस गश्त कर रही थी। कुल्हाल टैंपों स्टैंड के पास एक संदिग्ध व्यक्ति की तलाश लेने पर उसके पास से स्मैक बरामद हुई। आरोपी की पहचान जहीर मोहम्मद के रूप में हुई। टीम में चौकी प्रभारी अरविंद कुमार, कांस्टेबल गजेंद्र, नितिन, सचिन शामिल रहे।























































दिसंबर में लगाई गई थी एप्लिकेशन:

27 साल के अंशू अग्रवाल फ्रील़ांसर फोटोग्राफर होने के साथ फिल्म हैरी पोर्टर के बड़े फैन हैं, एक फोटोग्राफर,एजुकेशनल ट्रेनर होने के साथ-साथ ट्रेवेलर भी हैं जो इस वक्त दिल्ली के ब्रिटिश काउंसिल में लैंग्वेज ट्रेनर हैं। लेकिन लगभग डेढ़ साल पहले उत्तराखंड के टोस वैली में स्थित कलाप गांव में अंशू मे वहा के बच्चों को एक एनजीओ के अंर्तगत पढ़ाया था। देहरादून से 200 किमी दूर कलाप के बच्चों को बहुत ही क्रिएटिव अंदाज़ में पढ़ाया व is दौरान अंशू ने अपने स्टूडेंट के साथ एक क्विडिच्च फोटो शूट भी किया ।यह फोटोशूट अपने आप में इतना नायाब हैं कि इसको देखने वाले को लगेगा यह किसी जादूई नगरी की फोटो हैं।हालांकि अंशू वेस्ट बंगाल के बाशिंदे हैं और उन्होंने अपना ज्यादा समय हैदराबाद में बिताया है।
बात को लगभग 2 साल हो गए हैं,मैं रविवार को बच्चों को इंग्लिश की क्लास दे रहा था और एक एक्टिविटी में मैने उन्हें हैरी पार्टर फिल्म दिखाई और इस फिल्म को देखकर बच्चें बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने मुझसे खुद जादूगर बनने की बात कही।बस तब मैने सोचा कि एक कोशिश की जा सकती हैं।”







