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एक किलो चरस के साथ एक गिरफ्तार

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विकासनगर, सहसपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाते हुए एक किलो चरस के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसे एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पकड़ी गई चरस की कीमत एक लाख रुपये आंकी जा रही है।

देर रात को पुलिस जमनपुर के पास चेकिंग अभियान चला रही थी। इस दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति बस से उतरा और पैदल चलने लगा। शक होने पर पुलिस ने उसे रोक लिया। तलाशी लेने पर उसके थैले से एक किलो चरस बरामद हुई। आरोपी की पहचान नरेंद्र क्षेत्री के रूप में हुई, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह चकराता के सुदूरवर्ती गांव से सस्ते दाम पर चरस खरीद कर लाता था। जिसे सहसपुर और आसपास के क्षेत्र में पढ़ने वाले छात्रों को मोटे दाम पर बेचता था।

थानाध्यक्ष नरेश राठौर ने बताया कि, “आरोपी चकराता के सुदूरवर्ती गांव से सस्ते दाम पर चरस खरीद कर लाता है। जिसे सहसपुर और आसपास के क्षेत्र में पढ़ने वाले छात्रों को मोटे दाम पर बेचता था। आरोपी के इतिहास को खंगाला जा रहा है।”

स्मैक के साथ एक गिरफ्तार
उधर, कुल्हाल पुलिस ने 5.50 ग्राम स्मैक के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया। उसे एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया, सुबह करीब 11.45 पुलिस गश्त कर रही थी। कुल्हाल टैंपों स्टैंड के पास एक संदिग्ध व्यक्ति की तलाश लेने पर उसके पास से स्मैक बरामद हुई। आरोपी की पहचान जहीर मोहम्मद के रूप में हुई। टीम में चौकी प्रभारी अरविंद कुमार, कांस्टेबल गजेंद्र, नितिन, सचिन शामिल रहे।

 

चीन और फ्रांस के 55 योग साधक परमार्थ में ले रहे प्रशिक्षण

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ऋषिकेश, परमार्थ निकेतन आश्रम में तीन सप्ताह से संचालित योग प्रशिक्षण शिविर में चीन और फ्रांस से आये 55 योग साधक परमार्थ में रहकर योग, ध्यान, प्राणायाम का प्रशिक्षण ले रहे हैं।

शिविर में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डाॅ धनसिंह रावत शामिल हुए। इस मौके पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान समारोह में परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज एवं उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ धनसिंह रावत ने योग जिज्ञासुओं को सम्बोधित किया।

 डाॅ रावत ने कहा कि, ’योगमय जीवन पद्धति ही श्रेष्ठ जीवन पद्धति है। भारतीय भाषा की एक अलग पहचान है और इस भाषा को बचाए रखने के लिए इसके प्रति हम सभी का लगाव होना जरूरी है।’

स्वामी चिदानन्द ने उपस्थित योग साधकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि, ’योग करें और सहयोग करें’ यही सबसे बड़ा योग है। योग का सम्बंध किसी धर्म से नहीं है बल्कि सम्पूर्ण मानवता से है। योग की कोई थ्योरी नहीं है बल्कि योग तो विज्ञान है, एक ऐसा विज्ञान जिसके द्वारा जीवन ऊर्जावान बनाता है। हमें योग करना ही नहीं बल्कि योगी होना भी है। 

स्वामी ने कहा कि आज हमें देश में नये तरह के ’इनफॉर्मेशन के साथ इन्स्परेशन और ट्रान्सफर्मेशन’ आईआईटी बनाने की जरूरत है। सभी का 4टी प्रोग्राम ’टाइम, टैलेंट, टेक्नोजाॅजी तथा टिनैसिटी’ के लिये आह्वान किया।

 

दून में निकली धूप, उच्च क्षेत्रों में हिमपात के आसार

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देहरादून, उत्तराखण्ड के उच्च हिमालयीय क्षेत्रों में हिमपात से राजधानी देहरादून सहित प्रदेश भर के मैदानी व पहाड़ी क्षेत्रों में भी ठंड का असर देखने को मिला। हालांकि देहरादून सहित अन्य स्थानों पर मंगलवार सुबह धूप निकली लेकिन आसमान में बादल छाए हुए थे। जबकि राज्य के उच्च क्षेत्रों में आगे भी हिमपात की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग का कहना है कि, मंगलवार को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपद में ऊंचाई वाले स्थानों में दोहपर बाद हिमपात होने की संभावना है। दून में सोमवार को हल्के बादल व हवाएं चलने से ठंड बढ़ गई, जिस कारण शाम को तापमान मेें चार डिग्री दर्ज की गई। जबकि मंगलवार सुबह धूप निकली लेकिन आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए हुए थे। वहीं राज्य के ऋषिकेश, रानीपुर, काशीपुर, हरिद्वार सहित अन्य मैदानी इलाकों में धूप के साथ आसमान में बादल बना हुआ था। राज्य में मंगलवार को दिन में हवा छह किमी. की प्रति घंटे की गति से चल रही थी, जबकि नमी 43 और वृष्टि आठ प्रतिशत बनी हुई थी।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि, देहरादून में मंगलवार को पूरे दिन आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। जबकि उत्तराखंड में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर तथा पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं विशेषकर ऊंचाई वाले स्थानों में हिमपात हो सकता है। शेष राज्य में मौसम शुष्क रहेगा। राजधानी का अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम तापमान सात डिग्री रहने का अनुमान है।”

जंगली जानवरों के आंतक से किसान परेशान

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ऋषिकेश, क्षेत्र खदरी के किसान आजकल रात-रात भर जागकर खेतों में रहने को मजबूर हैं। राज्य स्थापना के 17 वर्षों के बाद भी किसानों की फसल सुरक्षा के लिये न तो सुरक्षा बाड़ बन पाई है और न ही सौंग नदी की बाढ़ से तट बन्ध का निर्माण हुआ है। जिसके कारण खदरी और लक्कड़ घाट के किसानों रातभर जागकर खेतों में रात बिताने को मजबूर हैं।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि श्यामपुर न्याय पंचायत के किसानों को सिर्फ आश्वासनों के पुलिंदे के अलावा कुछ नहीं मिला है। जनप्रतिनिधि कांग्रेस की सरकार में किसानों की समस्या को ठोस तरीके से न रख पाए और न ही बहुमतवाली भाजपा सरकार से ही किसानों की समस्याओं का निदान करा पा रहे हैं। जिसके कारण किसानों को अपनी समस्याओं के निदान हेतु आन्दोलन करना पड़ रहा है।

गोहरी माफी के किसानों को तटबन्ध निर्माण हेतु लम्बे समय तक आन्दोलन करना पड़ा। 13 फरवरी को अन्ना हजारे के आन्दोलन को सम्बोधित करने की पूर्व सूचना पर तंत्र जागा और गोहरी माफी तट बन्ध निर्माण की घोषणा हो गई लेकिन खदरी के किसान आज भी परेशान हैं।

स्थानीय किसान उपेंद्र रयाल ने बताया कि, “खदरी के किसान जंगली जानवरों के कारण खेती से विमुख होने को मजबूर हो रहे हैं किन्तु कोई भी जनप्रतिनिधि खदरी के किसानों की सुध लेने वाला नहीं है। जंगली जानवरों द्वारा खेती बर्बाद हो रही है, जिसके परिणाम स्वरुप काफी लोग खेत बेचने को मजबूर हो रहे हैं।”

पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जुगलान का कहना है कि, “स्थानीय किसान खेतो में अस्थाई बाड़ करके फसल सुरक्षा के लिये रात भर जागने को मजबूर हैं। इस सन्दर्भ में उपजिलाधिकारी ऋषिकेश के माध्यम से मुख्यमंत्री को भी तटबन्ध निर्माण हेतु अवगत कराया गया है, किन्तु अभी तक इस सन्दर्भ में कोई उन्नति दिखाई नही दे खेती और फसल सुरक्षा हेतु तटबन्ध और सुरक्षा बाड़ का निर्माण नहीं किया जाता है तो खदरी के किसान लामबंद होकर आन्दोलन को मजबूर होंगे।”

देवभूमि में पर्यावरण प्रदूषण की समस्या बनती जा रही है गंभीर

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ऋषिकेश,  प्रदेश में पिछले तीन साल में प्रदूषण का स्तर निर्धारित मानकों से ज्यादा पाया गया है। तीर्थ नगरी में भी पर्यावरण प्रदूषण एक बड़ी गम्भीर समस्या के रूप में उभरी है। जिस कारण लोग गंभीर बीमारियों के चपेट में आ रह हैं और दिन-प्रतिदिन समस्याएं बढ़ती जा रही है।

गाड़ियों का धुआं जहां आबोहवा में जहर घोल रहा है, वहीं गंगा और उसकी सहायक नदियों व खड्डों में भी हर दिन टनों के हिसाब से गंदगी फेंकी जा रही है। इससे प्रदेश के वातावरण और जल में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। प्रदेश में प्रदूषण का स्तर निर्धारित मानकों से ज्यादा पाया गया है, जो पहाड़ के लोगों के लिए खतरे की घंटी है। चिंता इसलिए जरूरी है कि अगर समय रहते कदम न उठाए गए तो स्थिति नियंत्रण से बाहर भी हो सकती है।

निर्मल आश्रम अस्पताल के प्रशासक सरदार ब्रिकमजीत सिंह के अनुसार, “प्रदूषण के कारण ही प्रदेश में सांस, दमा और हृदय रोगियों की संख्या में वृद्धि हो रही है। अस्पताल की ओपीडी में इन रोगों से पीड़ित लोगों की संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। जीवन को बेहतर बनाने की भीड़ में हर कोई आसान राह पर चलना अच्छा समझता है। पैदल चलना कोई नहीं चाहता, बल्कि थोड़ी दूर जाने के लिए भी वाहन का प्रयोग करते हैं जोकि वाहनों पर निर्भरता का कारण है और इसी वजह से प्रदूषण की समस्या भी लगातार बड़ रही है। नतीजन विभिन्न बीमारियों की चपेट में लोग आ रहे हैं।”

दून के रैपर अभिषेक भट्ट के रैप को ”उर्वशी रौतेला” से मिली वाहवाही

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जहां एक तरफ उर्वशी रौतेला अपनी आने वाली फिल्म ‘हेट स्टोरी 4’ को लेकर चर्चाओं में बनी हुई हैं, वहीं देहरादून के अभिषेक भट्ट(एबीआरके) ने ‘हेट स्टोरी 4’ फिल्म के गाने ‘आशिक बनाया आपने’ के रैप से खुबसूरत उर्वशी को भी इंप्रैस कर लिया है।अभिषेक ने ‘आशिक बनाया ‘ गाने में रैप कर उर्वशी को डेडिकेट किया है।

जी हां, आशिक बनाया आपने गाने का मैजिक एक बार फिर चल गया है और इस बार यह गाना उत्तराखंड की बेटी और बॉलीवुड डिवा उर्वशी रौतेला पर फिल्माया गया है। इस गाने के बीच में दून के अभिषेक भट्ट ने रैप किया है जो उर्वशी को काफी पसंद आया है। यह अभिषेक भट्ट दून के वहीं युवा रैपर है जिन्हें अक्षय कुमार ने टिव्टर के माध्यम से उनके टायलेट फिल्म में गाने के रैप पर शुभकामनाएं दी थी और जमकर तारीफ की थी। देहरादून के वसंत विहार निवासी 20 साल के अभिषेक भट्ट ने अपने रैप से बॉलीवुड के हस्तियों से वाहवाही बटोरी है।

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न्यूजपोस्ट से बातचीत में अभिषेक ने बताया कि, “मुझे गर्व है कि मेरे बनाए हुए रैप बॉलीवुड के दिग्गजों को पसंद आए।पहले अक्षय कुमार ने टिव्टर के माध्यम से मेरे रैप की तारीफ की और अब उर्वशी रौतेला ने फेसबुक पर मेरे रैप को पसंद किया और मेरे द्वारा भेजे गए मेल के जवाब में मुझे शुभकामनाएं दी है।अभिषेक कहते हैं कि जब आप छोटे से शहर से होते हो और अपने सफर की शुरुआत करते हो ऐसे में अगर आपको आपके चहीते स्टार से तारीफें मिले तो सच में वह फिलिंग अलग होती है।”

अभिषेक भट्ट ने 16 साल की उम्र से रैप करना शुरु कर दिया था और उन्हें रैप करना बहुत पसंद है। फिलहाल वह ग्रॉफिक एरा हिल यूनिर्वसिटी से मास कम्यूनिकेशन कर रहे हैं। वह आए दिन गानों के साथ एक्सपेरिमेंट करते रहते हैं, बीते दिनों अभिषेक का नया गना मेरी बिल्लों भी लॉंच हुआ जिसे लोगों से काफी प्यार मिल रहा है।वहीं दूसरी तरफ अभिषेक ने उर्वशी के गाने आशिक बनाया आपने में अपने रैप से खुद फिल्म की हीरोईन उर्वशी को भी अपना फैन बना लिया है।

अभिषेक कहते हैं कि, “मैं हमेशा से चाहता हूं कि अपने रैप के माध्यम से लोगों के बीच उत्तराखंड का नाम ऊंचा कर सकूं।इसके लिए मैं अपना संघर्ष शुरु कर चुका है और आगे भी करता रहूंगा।मुझे बहुत खुशी है कि उर्वशी जी को मेरा रैप पसंद आया और मेरी सारी शुभकामनाएं उर्वशी रौतेला के साथ है।

न्यूजपोस्ट अभिषेक भट्ट को उनके रैपिंग कैरियर के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता है।

यहां सुने एबीआरके का आशिक बनाया आपने रैपः

मुख्यमंत्री आवास में 9 महीने में 68 लाख 59 हजार 865 रुपए की चाय पी गए लोग

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देहरादून, उत्तराखंड सरकार ने मेहमानों के चाय-नाश्ते पर बीते 9 महीने में सरकारी फंड से 68 लाख 59 हजार 865 रुपए खर्च कर दिए। एक आरटीआई में इस बात का खुलासा हुआ है, 18 मार्च 2017 को त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

RTIदिसंबर में लगाई गई थी एप्लिकेशन:
हेमंत सिंह गौनियां नाम के आरटीआई एक्टिविस्ट ने 19 दिसंबर 2017 को एप्लिेकशन लगाई थी। इसमें पूछा गया था कि त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से अब तक चाय-पानी तक कितना सरकारी पैसा खर्च हुआ?नैनीताल के रहने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट ने सूचना के अधिकार के तहत यह जानकारी मांगी थी कि त्रिवेन्द्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद अतिथियों के लिए चाय-पानी कराने में कितना खर्च किया गया? उत्तराखंड की सचिवालय प्रशासन ने जवाब दिया है कि रावत के पद संभालने के बाद से अतिथि तक चाय-पानी में 68,59,865 रुपया सरकारी धन खर्च किया गया है। इस हिसाब से हर एक दिन लगभग 22 हजार रुपये चाय-नाश्ता कराने में खर्च किया गया, सचिवालय ने 22 जनवरी 2018 को यह जवाब दिया है।

चाय और नाश्ते को लेकर अब सियासत भी जोर पकड़ने लगी है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री आवास पर सरकारी खर्च का दुरुपयोग पर सवाल उठाए हैं कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि, “भ्रामक प्रचार किया जा रहा है, इसमें कैबिनेट बैठकों का खर्च भी शामिल है।” लेकिन ऐसे में सवाल उठता है कि चाय नाश्ते में इतना फिजूलखर्ची आखिर क्यों?

रणबीर एनकाउंटर में 11 लोग बरी,हाईकोर्ट ने 7 को माना दोषी

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नई दिल्ली,  दिल्ली हाईकोर्ट ने देहरादून में एक एमबीए छात्र की हत्या के मामले में उत्तराखंड के सात पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराने के ट्रायल कोर्ट के फैसले पर मुहर लगा दी है। हाईकोर्ट ने इस मामले में 11 पुलिसकर्मियों को बरी कर दिया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सौरभ नौटियाल, विकास बलूनी, सतबीर सिंह, चंद्रपाल, सुनील सैनी, नागेन्द्र राठी, संजय रावत, दारोगा इंद्रभान सिंह, मोहन सिंह राणा, जसपाल गुंसाई और मनोज कुमार को बरी कर दिया है। वहीं डालनवाला कोतवाली के तत्कालीन इंसपेक्टर डालनवाला एस के जायसवाल, आरा चौकी इंचार्ज जीडी भट्ट, कांस्टेबिल अजित सिंह, एसओजी प्रभारी नितिन चौहान, एसओ राजेश विष्ट, उप निरीक्षक नीरज यादव और चंद्रमोहन की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है।

इन सभी 18 पुलिसकर्मियों ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मामला 3 जुलाई 2009 का है । गाजियाबाद के एमबीए के छात्र रणबीर सिंह को उत्तराखंड पुलिस के जवानों ने मार डाला था। रणबीर के शरीर पर 29 गोलियों के निशान मिले थे। पुलिस के मुताबिक उसे ये संदेह हुआ था कि रणबीर वसूली गिरोह का सदस्य था।

2014 में तीस हजारी कोर्ट ने 18 पुलिसकर्मियों को हत्या, अपहरण, सुबूत मिटाने और आपराधिक साजिश रचने और गलत सरकारी रिकार्ड तैयार करने के मामले में दोषी करार दिया था।

जुलाई, 2009 में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने के लिए गए रणबीर सिंह को पुलिस ने बदमाश बताकर इसलिए मार डाला था,क्योंकि उसकी पुलिस कर्मियों से कहासुनी हो गई थी। पुलिस ने न केवल वाहवाही बटोरी बल्कि तत्कालीन राज्य सरकार ने फर्जी एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी किया था।

परिवार की मांग पर सीबीआई जांच हुई। जांच में खुलासा हुआ कि उत्तराखंड पुलिस ने खुन्नस निकालने के लिए रणबीर सिंह का फर्जी एनकाउंटर किया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मामला का ट्रायल दिल्ली ट्रांसफर हुआ था।

वहीं इस केस पर फैसला आने पर उत्तराखंड डीजीपी अनिल रतूड़ी का कहना है कि ”इस घटना के संबंध में न्यायालय में केस चल रहा था जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों की रिहाई हुई है तो कुछ की सज़ा बरकरार है।यह सूचना अभी मिली है।आदेश की सर्टिफाईड कॉपी को मंगवाऐंगे और अध्ययन करेंगे।हम पुलिसवाले हैं और कानून के अधीन ही काम करते हैं,कानून ने ही हमें शक्तियां दी है और हम कानून का पालन करेंगे।उत्तराखंड पुलिस का मुखिया होने के तौर पर मैं यह कह सकता हूं कि न्यायालय का जो भी फैसला है हम उसका सम्मान करते हैं और जो भी आदेश मिलेगा उसका विधि तौर पर जो भी ठीक होगा वह करेगें।”

उत्तराखंड के बच्चे ब्रूमस्टिक पर उड़ कर बने ”हैरी पॉर्टर”

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जो लोग जादू नहीं जानते और जिसने हैरी पॉर्टर फिल्म देखी है उन्हें शायद पता होगा कि क्विडिच्च हैरी पॉर्टर की जादूगर दुनिया का सबसे पसंदीदा खेल है।लेकिन क्या आप जानते हैं कि गढ़वाल के दूरस्थ गांव कलाप के बच्चों ने क्विडिच्च खेला है वो भी झाड़ू,क्वेफल,स्निच आदि के साथ।

12645258_934822619940580_8450489377725301558_n27 साल के अंशू अग्रवाल फ्रील़ांसर फोटोग्राफर होने के साथ फिल्म हैरी पोर्टर के बड़े फैन हैं, एक फोटोग्राफर,एजुकेशनल ट्रेनर होने के साथ-साथ ट्रेवेलर भी हैं जो इस वक्त दिल्ली के ब्रिटिश काउंसिल में लैंग्वेज ट्रेनर हैं। लेकिन लगभग डेढ़ साल पहले उत्तराखंड के टोस वैली में स्थित कलाप गांव में अंशू मे वहा के बच्चों को एक एनजीओ के अंर्तगत पढ़ाया था। देहरादून से 200 किमी दूर कलाप के बच्चों को बहुत ही क्रिएटिव अंदाज़ में पढ़ाया व is दौरान अंशू ने अपने स्टूडेंट के साथ एक क्विडिच्च फोटो शूट भी किया ।यह फोटोशूट अपने आप में इतना नायाब हैं कि इसको देखने वाले को लगेगा यह किसी जादूई नगरी की फोटो हैं।हालांकि अंशू वेस्ट बंगाल के बाशिंदे हैं और उन्होंने अपना ज्यादा समय हैदराबाद में बिताया है।

इस फोटोशूट के बारे में न्यूजपोस्ट से बात करते हुए अंशू ने बताया कि ”इस 12688130_934828269940015_7192440624486450297_nबात को लगभग 2 साल हो गए हैं,मैं रविवार को बच्चों को इंग्लिश की क्लास दे रहा था और एक एक्टिविटी में मैने उन्हें हैरी पार्टर फिल्म दिखाई और इस फिल्म को देखकर बच्चें बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने मुझसे खुद जादूगर बनने की बात कही।बस तब मैने सोचा कि एक कोशिश की जा सकती हैं।”

Quidditch

अंशू ने कहा कि ”इन फोटो में लेविटेशनल फोटोग्राफी की गई है।आपको बतादें कि लेविटेशनल फोटोग्राफी का मतलब होता है कि कैमरे से ली गई फोटो में लेयर मास्किंग यानि की फोटोशॉप में लेयरिंग करना।इसमे पहले तस्वीर को अकेले बिनी किसी प्रॉप के कैप्चर किया जाता है फिर बाद में फोटोशॉप के माध्यम से उसमें अलग-अलग तरह के प्रॉप लगाए जाते हैं और फोटो में कैप्चर किए लोग हवा में उड़ए जा सकते हैं।

Quidditch

अंशू ने बताया कि ”लेविटेशनल फोटोग्राफी पर पहले भी काम करने की वजह से मैंने सोचा कि क्यों ना इन बच्चो की कल्पना को सच्चाई में बदला जाए।इसके लिए बच्चों ने बहुत तैयारी की और उनका जोश देखने लायक था। इसके लिए बच्चों ने एक मजबूत 1 मीटर ऊंची लकड़ी की बेंच बनाई हैरी पार्टर में दिखाई गई ब्रूमस्टीक जैसे दिखने वाले ब्रूम की व्यवस्था की और वालीबॉल की व्यवस्था की।”

Quidditch

अंशू ने बताया कि ”इस फोटोशूट को करने में लगभग दो महीने का समय लगा और यह गांव के बच्चों के जोश और उत्साह की वजह से पूरा हो पाया।अंशू ने कहा कि बच्चों का इतना उत्साहित होना इस फोटोशूट की हर फोटो में दिखता है।हमने अलग-अलग लोकेशन पर जाकर शूट किया और फिर बाद में इन फोटो को फोटोशॉप में एडिट किया गया और जब यह फोटो बनकर तैयार हुई तो बच्चों का रिएक्शन देखने लायक था।अपने आप को हवा में उड़ता देख बच्चों की आंखे खुली की खुली रह गई और मेरी और बच्चों की मेहनत रंग लाई।”

अंशू अपना अनुभव बताते हुए कहते हैं कि मुझे आज भी याद है जब मैने यह फोटो गांववालों और बच्चों को दिखाई वह खुशी के मारे चिल्लाने लगे और मैं भी खुश था क्योंकि मुझे पता था कि मैने पहले से जादुई गांव में थोड़ा जादू तो दिखाया है।

इस सीरिज़ की पूरी फोटो आप यहां देख सकते हैंः

Anshoots Photography

 

मिसाल: जहां चाह वहा राह कर दिखाया मसूरी के अंगार ग्रुप ने

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pic courtesy: Sudhanshu Rawat

मसूरी की खोई रौनक को लौटाने का बीढ़ा उठाने वाले ‘अंगार’ ग्रुप ने एक मिसाल औऱ पेश की है। रविवार की सर्दी में जब ज्यादातर लोग अपने घरों से बाहर निकलना पसंद नहीं करते ऐसे में शहर के एवलॉन रिसोर्ट के पीछे कचरे का पहाड़ इस दल के 13 जनों ने साफ कर दिखाया।

मसूरी की सफाई के लिए निरंतर काम करने वाले ‘कीन’ ग्रुप के साथ केवल 2 दिनों के समय में ‘अंगार’ जुङा व झाडू,डिस्पोजेबल बैग, दस्तानों से लैस इन लोगों ने महज़ दो घंटे के समय में 300 किली प्लासटिक कूड़ा जमा कर दिया।

इस ग्रुप के पीछे सुधांशू रावत हैं जो हमें बतातें हैं, “जैसा कि हम हमेशा कहते रहे हैं कि किसी और की आलोचना करना, और दोष लगाना बहुत आसान है मगर अपने आस पास के हालातों के बारे में वास्तव में कुछ करने के लिए आपको खुद में परिपक्वता लानी होगी और आगे बढ़ना होगा। इस काम में भी एक छोटी सी कॉल पर कुछ स्वयंसेवकों ने अपनी तरफ से सही दिशा में कदम उठाया।” 

टीम अंगार, को शुरू हुए अभी तीन ही हफ्ते हुए हैं व सोशल मीडिया पर 500 से ज्यादा समर्थक हैं। यह ग्रुप खुद को साफ तौर पर एक गैर राजनीतिक समूह कहना वाला ग्रुप मानता है जो मसूरी को उसकी खोई हुई रौनक लौटाने  की तरफ लगन और मेहनत से काम कर रहा है।

शहर में कचरा, सफाई और रख ऱकाव इस ग्रुप की प्राथमिकता है। पर आने वाले समय में ये ग्रुप शिक्षा औऱ रोज़गार के क्षेत्र में भी काम करने के तैयारी में है।