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कांग्रेस सरकार की वजह से राज्य से पलायन बढ़ा: राजनाथ सिंह

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केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को भगवानपुर में एक जनसमूह को संबोधित करते हुए राज्य की हरीश रावत सरकार पर हमला बोला। उन्होने  कहा कि अागामी विधान सभा चुनावों में उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनेगी और भाजपा यहां प्रचण्ड बहुमत से जीतेगी।

गृहमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के भ्रष्टाचार और कुशासन से जनता तंग आ चुकी है। हरिद्वार के भगवानपुर में परिवर्तन रैली में शामिल होने आये गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रदेश बनाने में भाजपा की प्रमुख भूमिका थी। उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिबद्धता के कारण ही उत्तराखंड का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा की वजपेयी के काल से ही देश में विकास की योजनाएं संचालित हो रही हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों से लेकर चौड़ी सड़कों का निर्माण हुआ। उसका फायदा देश का निरंतर हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत का नाम पूरी दुनिया में ऊँचा किया है ।

उन्होने ये भी कहा की राज्य की हरीश रावत सरकार भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद की पर्याय बन गई है। उन्होने आरोप लगाया कि रावत सरकार की लोक विरोधी नितियों के कारण ही पहाड़ों से हो रहा पलायन रुक नही पा रहा है बल्कि लगातार इसमें इजाफा ही हो रहा है। राजनाथ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि राज्य के संपूर्ण विकास के लिये ये ज़रूरी हो गया है कि केंद्र की ही तर्ज़ पर राज्य में भी भाजपा की सरकार हो।

उत्तराखंड के पांच ज़िले हुए खुले में शौच से मुक्त

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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि स्वच्छता के हमारी आदत बन जाने तक, स्वच्छ भारत मिशन की लगातार माॅनिटरिंग जरूरी है। राज्य के 5 जिले व 51 विकासखण्डों के खुले में शोच से मुक्त होने(ओ.डी.एफ.) होने पर संबंधित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व कार्मिकों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि अगले वर्ष से नाॅन फंक्शनल शौचालयों को फंक्शनल बाने के लिए बजट में प्राविधान कर दिया जाएगा।

राज्य के पांच जिले चमोली, चम्पावत, नैनीताल, उत्तरकाशी व ऊधमसिंहनगर को ‘खुले में शौच की प्रथा से मुक्त’’ (ओडीएफ) किया जा चुका है। विकासखण्डों में चमोली जिले के दशोली, देवाल, गैरसैंण, घाट, जोशीमठ, कर्णप्रयाग, नारायणबगड़, पोखरी व थराली, चम्पावत जिले के चम्पावत, बाराकोट, लोहाघाट व पाटी, नैनीताल जिले के बेतालघाट, भीमताल, धारी,  हल्द्वानी, कोटाबाग, ओखलकांडा, रामगढ व रामनगर, ऊधमसिंहनगर के बाजपुर, गदरपुर, जसपुर, काशीपुर, खटीमा, रूद्रपुर व सीतारगंज, उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी, चिन्यालीसौड़, डूंडा, मोरी, नौगांव व पुरोला, अल्मोड़ा जिले के भैंसियाछाना, नमगडा, ताकुला व ताडीखेत, पौड़ी जिले के पौड़ी व कोट, टिहरी जिले के चम्बा व देवप्रयाग, पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग, डीडीहाट, गंगोलीहाट, कनालीछीना व मुनाकोट, रूद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ जबकि देहरादून जिले के रायपुर, सहसपुर व डोईवाला ओडीएफ घोषित किये जा चुके है। 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें हर हाल में 26 जनवरी 2017 तक पूरे राज्य को ओडीएफ बनाना है। इसके लिए सभी को जुटना होगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व प्रशासनकि अधिकारियों को आगे बढकर अपनी भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडीएफ गांव, ब्लाॅक व जिले बने रहें, इसके लिए बजट में एक हैड खोल दिया जाएगा। इससे नाॅन फंक्शनल शौचालयों को दुबारा फंक्शनल बनाने के लिए राशि उपलब्ध करवाई जाएगी।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम 97 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर चुके हैं, शेष 3 प्रतिशत भी हासिल कर 26 जनवरी तक प्रदेश को ओडीएफ बनाना है। यह काम कठिन अवश्य है, परंतु हर हाल में हमें इसे करना है। श्रमिकों के लिए आवश्यकतानुसार मोबाईल शौचालयों की व्यवस्था की जा रही है। 

पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन में सभी की सामूहिक भागीदारी से हम तेरहवें स्थान से तीसरे स्थान पर आ गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री औप राज्य को आश्वस्त किया कि 26 जनवरी तक पूरा प्रदेश ओडीएफ हो जाएगा। 

उत्तराखंड ने 2 साल में ओडीएफ की प्रतिशत 70  से बढ़कर 97 प्रतिशत हो गई है। इस अवसर पर परियोजना निदेशक आशीष जोशी, अपर निदेशक आशीष श्रीवास्तव, स्वच्छ भारत मिशन के यूनिट कोर्डिनेटर एस0एस0बिष्ट सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि आदि उपस्थित थे। 

आई.एम.ए से भारतीय सेना को मिले जांबाज़ अधिकारी

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भारतीय सैन्य अकादमी के रेगयुलर विंटर कोर्स को पास करने के बाद भारतीय सेना को आज 401 नये अदिकारी मिले। ऐतिहासिक चेटवुड हाॅल के प्रांगण में सर्दी की खिलखिलाती घूप में हुई पासिंग आउट परेड में 401 भारतीय कैडेटों के साथ साथ 8 मित्र देशों से आये 53 कैडेटस कोर्स पूरा कर के अधिकारी बन गये।

परेड की सलामी ली लेफ्ट जेन नरेंद्र पाल सिंह हीरा (एवीएसएम, एसएम) ने ली जो कि खुद नेशनल डिफेंस अकादमी, पुणे के पास आउट हैं औऱ इस समय सिख लाइट इंफेंट्री में तैनात हैं। उनके साथ आई.एम.ए के आॅफिशियेटिंग कमांडेंट लेफ्ट जेन एस के सैनी (वाईएसएम, वीएसएम) भी मौजूद रहे।

परेड की एकाग्रता और तालमेल देखते ही बन रहा था। इस परफेक्ट परेड ने इसकी तैयारी और कोर्स के दौरान कैडेटस के द्वारा की गई मैहनत और फौज की डिसिप्लिन ज़िदगी को साफ दर्शाया।

जैसे ही कैडेस ने परेड पुरी कर “अंतिम पग” को पार किया वो कैडेटस से अधिकारी बन गये और ये सचमुच हर कैडेट के लिये यादगार लम्हा रहा। इस पल को कैमरों और अपनी यादों में कैद करने के लिये मीडिया और कैडेटस के परिवार के लोग मौजूग रहे।

तीन घंटे चली इस परेड के मुख्य आकर्षण रहे परेड निरीक्षण, स्वाॅर्ड आॅफ हाॅनर, पाईपिंग और ओथ टेकिंग सेरेमनी जो कि चेटवुड हाॅल के लाॅन मे हुई। इसके बाज सभी नये अधिकारियों ने  “कदम कदम बढ़ाये जा” के स्वरों से आसमान भर दिया और सेना में मौजूद जोश और जज़्बे की मिसाल पेश करी। एक बार फिर भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून ने भारतीय सेना को वीरों से वीर अधिकारी देने के अपने चलन को बरकरार रखा और ये साबित कर दिया कि आईएमए आज भी दुनिया के बेहतरीन सैनिक ट्रैनिंग इंस्टिट्यूटों मे से एक है।

आईएमए पीओपी के चलते सारे देहरादून को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। आईएमए के आसपास का सारा इलाका आम यातायात के लिये बंद था वहीं शहर के कई अन्य रास्तों में फेर बदल किया गया था।

केंद्र से फंड रिलीज़ होने में देरी के कारण विकास पर लगी ब्रेक: हरीश रावत

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चुनावी मौसम में राज्य और कैंद्र सरकरा में तनातनी और आरोपों का सिलसिला शुरू हो गया है। शुक्रवार को देहरादून में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि

  • केंद्र सरकार से एसपीए व शतप्रतिशत केंद्र प्रायोजित योजनाओं में 2254 करोड़ रूपए मिलने थे जिनमें से केंद्र से राज्य को केवल 905 करोड़ रूपए ही मिले हैं।राज्य सरकार ने इन पर कुल 1400 करोड़ रूपए का व्यय किया है। यानि 500 करोड़ रूपए राज्य सरकार ने अपने कोटे से खर्च किए हैं।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति पोस्ट मेट्रिक स्कोलरशिप जो कि पूरी तरह केंद्र प्रायोजित योजना है,  केंद्र से हमें 160 करोड़ रूपए दिया जाना चाहिए था, परंतु केवल 75 करोड़ रूपए ही दिये गये हैं।
  • मुख्यमंत्री ने ये भी बताया कि यूटीलाईजेशन सर्टिफिकेट (यूसी) भेजने में अन्य राज्यों की तुलना में हमारे राज्य की स्थिति बेहतर है। साथ ही
  • एसपीए(आर), सीएसएस(आर) व फूड सब्सिडी में केंद्र से 1751 करोड़ रूपए की मांग की गई थी। केंद्र द्वारा मात्र 731 करोड़ रूपए अवमुक्त किए गए हैं।

मुुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने अनौपचारिक बैठक में श्री बद्रीनाथ धाम को प्रसाद योजना में शामिल करने के साथ ही महाभारत सर्किट में उत्तराखंड के अश्वमेधशाला, लाखामण्डल, सातताल आदि स्थानों को सम्मिलित किए जाने के प्रति आश्वस्त किया है। रावत ने यभी कहा कि नोटबंदी के कारण राज्य को ख़ासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राजस्व, परर्यटन इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इसके लिये भी उन्होने पत्र लिखकर केंद्रीय वित्त मंत्री से मदद की अपील की है और हालात से निपटने के लिये सुझाव भी दिये हैं।

समय चुनावों का है यानि कि जनता को अपने कामें का हिसाब देने का। ऐसे में एक दूसरे पर लगने वाले इन आरोप-प्रत्यारोपों पर जनता कितना यकीन करती है ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा लेकिन इतना तो तय है कि हरीश रावत के इन आरोपों पर भाजपा जल्द पलटवार करेगी।

हाई कोर्ट ने शराब अौर तंबाकू पर की सख़्ती, तीन ज़िलों में शराब बंदी

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शराब और अन्य नशीलें पदार्थों पर नैनिताल हाई कोर्ट ने कड़ा रुख इख्त़यार कर लिया है। हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पहाड़वासियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए और ख़ासतौर पर चारधाम यात्रा के अंतर्गत आने वाले ज़िलों रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में शराब, बीयर एवं नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्णतः रोक लगा दी है ।  इसके अलावा सिख घर्म के पावन स्थलों के लिये हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि नानकमत्ता, हेमकुंड साहिब और रीठा साहब गुरुद्वारा के पांच किलोमीटर की परिधी में कोई भी तंबाकू के पदार्थ का ना तो सेवन होगा और ना ही बेचा जाएगा । हरिद्वार निवासी उदय नारायण तिवारी की जनहित याचिका पर न्यायालय ने शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सालय एवं धार्मिक स्थलों से एक किलोमीटर की परिधी में कोई भी शराब की दुकान नहीं खोलने के भी आदेश दिए हैं । न्यायालय ने नए वित्तीय वर्ष से इन नियमों समेत शराब की दुकानों कि संख्या कम करने को भी कहा है ।

गौरतलब है कि लंबे समय से राज्य में शराब बंदी को लेकर कई सामाजिक संगठन लड़ाई लड़ रहे थे। साथ ही देश भर में गुटके पर बैन और हाल ही में बिहार में हुई शराब बंदी के बाद इस माँग को और बल मिल गया था। कोर्ट ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और ख़ासतौर पर चार धाम यात्रा सर्किट पर सालाना लाखों तीर्थयात्रि आते हैं। इसलिये ये ज़रूरी हो जाता है कि ऐसे स्थानों पर नशीलें पदार्थों की बिक्री और सेवन पर रोक लगे।

राज्य में चुनावी माहौल में आई.पी.एस अधिकारियों के तबादले

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उत्तराखण्ड सरकार ने उच्च स्तर पर आई पी एस अधिकारियों के तबादले करें हैं।

  • अनिल के0 रतूड़ी, अपर पुलिस महानिदेशक,अपराध/कानून व्यवस्था, सीबीसीआईडी से *महानिदेशक, रूल्स एण्ड मेनुअल/निदेशक सतर्कता एवं अभियोजन।
  •  अशोक कुमार, निदेशक, सतर्कता, अभियोजन,एवं सचिव पुलिस स्पोर्टस से अपर पुलिस महानिदेशक,प्रशासन, समादेष्टा होमगार्ड, सचिव पुलिस स्पोर्टस कण्ट्रोल अथॉरिटी।
  •  राम सिंह मीना, अपर पुलिस महानिदेशक,प्रशासन, समादेष्टा होमगार्डस से अपर पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था एवं सीबीसीआईडी।
  •  दीपम सेठ, पुलिस महानिरीक्षक, कानून व्यवस्था,नोडल अधिकारी इलेक्शन को पुलिस महानिरीक्षक मानवाधिकार का अतिरिक्त कार्य।
  • संजय गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र, एसडीआरफ, सीइओ माईनिंग से पुलिस महानिरीक्षक पी0एण्डएम0, पुलिस मुख्यालय, पुलिस महानिरीक्षक ऑपरेशन(एसडीऐरएफ,सीईओ. माईनींग सेल,एसटीएफ) 
  • पुष्पक ज्योति, पुलिस उपमहानिरीक्षक, अपराध/कानून व्यवस्था एवं अपीलय अधिकारी पुलिस मुख्यालय से पुलिस उपमहानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र।
  • अनन्त राम चौहान, पुलिस उपमहानिरीक्षक सीआईडी को पुलिस उपमहानिरीक्षक, कानून व्यवस्था का अतिरिक्त प्रभार।

चुनावों में पब्लिक प्राॅपर्टी को नुकसान पहुंचाने पर सख़्त चुनाव आयोग

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प्रमुख सचिव एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड राधा रतूड़ी ने साफ किया है कि आगामी विधान सभा चुनावों में प्रचार-प्रसार के कार्यों में बैनर, पोस्टर, वाॅल राइटिंग आदि के द्वारा लोक सम्पत्तियों का स्वरूप बिगाड़ने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। सभी जिलाधिकारियों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी किये गये है कि लोक सम्पत्ति विरूपरण निवारण अधिनियम में निहित प्राविधानों के दृष्टिगत विधान सभा के आगामी विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2017 को ध्यान में रखते हुए अपने-अपने जनपदों में यह सुनिश्चित कर ले कि किसी भी व्यक्ति, राजनैतिक दल या संगठन आदि के द्वारा इसका उल्लंघन तो नही किया जा रहा है, यदि लोक सम्पत्ति विरूपण निवारण अधिनियम उल्लंघन का कोई मामला सामने आता है, तो अधिनियम के अन्तर्गत नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करें। भविष्य में निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के पश्चात इस प्रकार के पोस्टर, वालपेंटिंग आदि हटवाएं जाने की कार्यवाही की जानी है। इसलिये इस मामले में कार्यवाही करते हुए नियमानुसार अंकुश लगाया जाय।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोक सम्पत्ति विरूपण निवारण अधिनियम-2003 एवं उत्तराखण्ड लोक सम्पत्ति विरूपण (distortion/defacement) निवारण नियमावली-2009 के अनुसार रोशनाई, खडिया मिट्टी, रंग, पेंट अथवा किसी अन्य पदार्थ से लोक सम्पत्ति के स्वरूप को खराब करना, जिसमें विज्ञापन पत्रों को चस्पा करना भी सम्मिलित है, करने वाले व्यक्ति के (ऐसी सम्पत्ति के मालिक अथवा अधिभोगी को छोड़कर जो उस पर अपना नाम व पता इंगित करना है) एक वर्ष तक कारावास अथवा दस हजार रुपये तक जुर्माना अथवा दोनो दण्डों से दण्डित किया जा सकेगा। 

राधा रतूड़ी ने बताया कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी किये गये है कि मतदाता जागरूकता एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधयों के प्रचार-प्रसार के लिये मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय द्वारा एक Facebook Account CEO Uttarakhand तथा एक Twitter Account @Uttarakhand CEO संचालित किया जा रहा है। निर्वाचन आयोग द्वारा इसी प्रकार के Facebook Account एवं सोशल मीडिया की सकारात्मक गतिविधियां जिला निर्वाचन अधिकारी के स्तर पर भी प्रारम्भ करने की तैयारी है।  

उत्तराखंड में नकदी की है भारी कमी, हरीश रावत ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र

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मुख्यमंत्री रावत ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली को पत्र लिखकर कहा है कि नोटबंदी के बाद उत्तराखंड में अभी भी नकदी की भारी समस्या है। इससे बैंक, व्यापार, उद्योग, किसान, श्रमिक आदि सभी वर्ग प्रभावित हो रहे हैं। राज्य के करेंसी चेस्ट में  नकदी का समुचित प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए संबंधित को निर्देशित किया जाए।राज्य में कृषि व काश्तकारों को हो रहे नुकसान की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया है। रावत ने अपने पत्र में सहकारी क्षेत्र को कृषि ऋण के लिए सहकारी बैंकों को भी नकदी उपलब्ध करवाए जाने, रबी की फसल पर बीमा कवर की अवधि को 15 फरवरी 2017 तक विस्तारित करने व राज्य के करेंसी चेस्ट में नकदी का समुचित प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री से अनुरोध किया है।  

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि 500 व 1000 के नोट के विमुद्रीकरण के बाद सहकारी बैंकों द्वारा जमाएं स्वीकार नहीं की जा रही हैं। खरीफ की फसल के बाद किसान अपनी नकदी को सहकारी बैंकों में स्थित अपने खातों में जमा नहीं कर पा रहे हैं। परिणामस्वरूप वे रबी की फसल के लिए फर्टीलाईजर, बीज आदि खरीदने के लिए कृषि फसल ऋण नहीं ले पा रहे हैं। इससे राज्य में रबी की फसल के उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ने की पूरी सम्भावना है। 

मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों व जिला सहकारी बैंकों में किसान अपना धन जमा नहीं करा पा रहे हैं जिससे इस संस्थाओं से उनके द्वारा लिए ऋणों पर डिफाल्टर हो रहे हैं। इससे उनकी क्रेडिट क्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। राज्य सरकार, जिला सहकारी बैंकों व अन्य अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों में किसानों के खाते खोलने पर पूरा प्रयास कर रही है। जिला प्रशासन को दैनिक आधार पर इसके लिए कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। परंतु सहकारी बैंकों में नकदी की कमी होने से, वे रबी सीजन के लिए कृषि ऋण नहीं दे पा रहे हैं। सहकारी क्षेत्र को भी नकद करेंसी उपलब्ध करवाए जाने की आवश्यकता है। 

इपत्र में कहा है कि राज्य में बैंकों ने 80 प्रतिशत डेबिट कार्ड दे दिये हैं परंतु एक्टीवेशन संबंधी समस्या के कारण बैंकों से नए प्री एक्टीवेटेड कार्ड निर्गत किए जाने की आवश्यकता है। राज्य में आधार नामांकन 85 प्रतिशत है, परंतु केवल 60 प्रतिशत लोगों को ही आधार कार्ड मिल पाए हैं। इसलिए यूआईडीएआई को निर्देशित किया जाए कि लोगों को आधार कार्ड जल्द से जल्द उपलब्ध करवाए जाएे।

विमुद्रीकरण के बाद वैट, एक्साईज, स्टाम्प, रजिस्ट्रेशन आदि में राज्य सरकार के राजस्व में कमी आई है। इसकी भरपाई के लिए केंद्र सरकार द्वारा विशेष सहायता प्रदान की जाए। 

देहरादून 09 दिसम्बर, 2016(सू.ब्यूरो)

सतत विकास यात्रा में कांग्रेस की कलह सामने आई, नाराज़ आर्या को मनाने होटल पहुंचे रावत

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काशीपुर में आयोजित कांग्रेस की रैली से पहले सीएम हरीश रावत को गुटबाजी का सामना करना पड़ा। मंच पर लगे बैनरों में नाम न होने से यशपाल आर्य नाराज हो गए। ऐसे में सीएम को उन्हें मनाने होटल तक जाना पड़ा। रैली के लिए मंच पर लगाए गए बैनर में राजस्व मंत्री यशपाल आर्य और राज्य सहकारी बैंक के चेयरमैन संजीव आर्य का फोटो व नाम नहीं है। इसकी सूचना जब यशपाल आर्य को लगी तो वह रैली में शामिल होने के बजाय बाजपुर हाईवे स्थित एक होटल में रुक गए। रैली के लिए मुख्यमंत्री दोपहर दो बजे काशीपुर पहुंचे। जब उन्हें यशपाल आर्य की नाराजगी का पता चला तो वह यशपाल आर्य को मनाने कार से होटल गए। इस दौरान आर्य ने कुछ लोगों पर अपमान करने का आरोप लगाया। सीएम ने काफी मशक्कत के बाद आर्य को मनाया।

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सतत विकास संकल्प यात्रा में बोते हुए मुख्यमंत्री हरीष रावत ने जनता से कई वायदे किये । उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार विकास की पर्याय है। उन्होंने कहा कि जनता से किये गये वादों में अधिकांष धरातल पर नजर आ रहे ।  उन्होंने कहा कि 2020 तक प्रदेष का आमूल चूल विकास करते हुये गरीबी व पिछडेपन को दूर कर दिया जायेगा। रावत ने कहा कि प्रदेष में औद्योगिक विकास का ऐसा वातावरण तैयार किया जा रहा है जिसके अन्तर्गत 50 हजार युवाओं को स्टार्टअप से जोडा जायेगा जिससे वह नौकरी मांगने वाले नही वल्कि देने वाले बनेगें। श्री रावत ने कहा कि प्रदेष की तस्वीर बदलने के लिये महिला सषक्तिकरण हेतु अनेको कल्याणकारी कार्यक्रम संचालित किये जा रहे है।  

स अवसर पर मुख्यमंत्री हरीष रावत,वित्त मंत्री इन्दिरा हृदयेष,राजस्व मंत्री यषपाल आर्य,श्रम मंत्री हरीष चन्द्र दुर्गापाल द्वारा ’’उत्तराखण्ड की चाहत हरीष रावत’’ पुस्तक का विमोचान किया गया। 

समारोह को कैबिनेट मंत्री मंत्री इन्दिरा हृदेयष,यषपाल आर्य,हरीष चन्द्र दुर्गापाल,प्रदेष अध्यक्ष किषोर उपाध्याय, सह प्रभारी संजय कपूर, विधायक सरिता आर्य,पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड,पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा व महेन्द्र सिंह पाल, द्वारा भी सम्बोधित किया गया। प३देश में चुनावी दस्तक आरही है और ऐसे में अगर कांग्रेस राज्य में दोबारा अपनी सरकार बनाना चाहती है तो उसके लिये ये बहुत ज़रूरी है कि वो तेज़ी से बढ़ती अंतर्कलह को काबू करे। हरीश रावत वैसे तो राजनीति के पुराने खिलाड़ी हैं लेकिन जिस तरह प्रदेश में सरकार और संगठन दोनो ही जगहों पर उनके खिलाफ विरेध के स्वर उठ रहे हैं उसे देखते हुए ये तो तय है कि आने वाले चुनावों में रावत को न केवल विपक्ष को हराना पड़ेगा बल्कि अपने कुनबे को भी साथ रखना होगा जो फिलहाल चुनौतीपूर्ण लग रहा है।

 

 

 

 

 

 

 

 

एचएमटी बंद करने के केन्द्र सरकार के आदेश पर नैनीताल हाईकोर्ट ने लगाई रोक

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एचएमटी घड़ी कारखाना स्थाई रूप से बंद करने के केन्द्र सरकार के आदेश पर नैनीताल हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। 146 कर्मचारियों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुये जस्टिस राजीव शर्मा की एकलपीठ ने ये आदेश दिया है।

हाईकोर्ट ने 6 हफ्ते में एचएमटी प्रबंधन और केन्द्र से अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका में कहा गया है कि वेतन और कार्यावधि का विवाद जब तक नहीं सुलझता है तब तक फैक्ट्री को कैसे बंद किया जा सकता है। दो एक्सपर्ट एजेंसियों की कंसल्टेंट रिपोर्ट को भी आधार बनाते हुये कहा गया कि इस रिपोर्ट में भी कहीं पर कारखाना बंदी के बारे में जिक्र नहीं है।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने न सिर्फ केन्द्र सरकार के 17 नवम्बर 2016 के क्लोजर ऑर्डर पर रोक लगा दी बल्कि तल्ख टिप्पणी करते हुये कहा कि ऐसा क्यों हो रहा है कि सरकारी कारखाने ही बंद हो रहे हैं। उत्तराखंड में तो कारखानों की जरूरत है।

गौरतलब है कि इस मामले में हल्द्वानी के रानीबाग में मौजूद इस फैक्ट्री के तमाम कर्मचारी पहले आंदोलन भी कर चुके हैं। स्थानीय सांसद ने भी फैक्ट्री बंद न किये जाने का आश्वासन दिया था लेकिन 17 नवम्बर को स्थाई रूप से एचएमटी घड़ी फैक्ट्री बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया और तमाम कर्मचारी रोजी-रोटी को तरस रहे हैं।