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पहली बार होगा इलेक्ट्रोनिक आनलाइन पोस्टल बैलेट जिससे सर्विस वोट नही होगा बेकार

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उत्तराखंड चुनावों के लिये हरिद्वार की 11 विधानसभाओं में से 3 विधानसभा क्षेत्रों को इलेक्ट्रोनिक आनलाइन विधि से पोस्टल बैलेट की प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। इससे वोटर द्वारा डाला गया सर्विस वोटर शुद्ध रूप में गिना जाएगा। यह सुविधा हरिद्वार (25), ज्वालापुर (27) और लक्सर (34) विधानसभ सीटों पर मुहैया कराई जायेगी।

इससे पहले पोस्टल बैलेट के तहत पोस्ट के द्वारा सर्विस वोटर बैलेट पेपर भेजकर पोस्ट के द्वारा ही इसे मंगवाया जाता था। इससे कई बार मतदान के बाद सर्विस वोटर का वोट मतगणना के बाद मिलता था और उसका वोट व्यर्थ चला जाता था। वोट की व्यर्थता को बचाने एवं समय की बचत के चलते तीन विधानसभा क्षेत्रों में इसका पहली बार प्रयोग किया जा रहा है। इसके तहत रिटर्निंग आफिसर सर्विस वोटर के पोस्टल बैलेट को सेना के यूनिट रिकार्ड अफसर के लिए अपलोड करेंगे। यूनिट अफसर सम्बन्धित सर्विस वोटर को आनलाइन भेजेगा। इसकी सूचना सम्बन्धित सर्विस वोटर के मोबाइल पर मैसेज से मिलेगी। सम्बन्धित सर्विस वोटर अपने पिन का प्रयोग करके इसे डाउनलोड कर मत को निर्धारित घोषणा करके पुनः इसे आनलाइन भेजेगा। बैलेट पेपर, लिफाफा को इसपर अंकित यूनिक क्यू आर कोड (बार कोड की तरह) इसे मैच करके इसकी प्रामणिकता को भी परखा जा सकता है।

गौरतलब है कि राज्य चुनाव आयोग चुनावों को पार्दरशी बनाने और ज्यादा से ज्यादा लोग वोट डाल सके इसके लिये इन चुनावों में कई कदम उठा रहा है। अब ये देखना होगा कि मौसम के बदलते मिजाज़ के चलते कितनी संख्या में लोग वोट डालने घरों से निकलते हैं।

बागियों के पेंच में उलझे कांग्रेस और भाजपा

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उत्तराखंड में सत्ता पाने के लिए अपने सिद्धांत, पहचान, इकबाल और साधन आदि सब कुछ दाव पर लगाकर भाजपा जहां 18 जनवरी तक अपनी व्यूह रचना में फंसकर कांग्रेस के शर्तिया चुनाव हारने के लिए आश्वस्त थी वहीं पार्टी अब खुद ही बागियों के गुंजल में उलझती लग रही है। दूसरी तरफ बागियों की मार से त्रस्त सत्तारूढ़ कांग्रेस की पंजा छाप उम्मीदवारों की सूची भी इसी फेर में अटकी हुई है। बागियों की पीठ पर चुनावी वैतरणी पार करने को बेताब भाजपा पर बगावत की दुतरफा मार पड़ रही है। एक तरफ कांग्रेस के बागी दलबदलुओं को कमल छाप उम्मीदवार बनाने पर सिद्धांतों से फिसलने के लिए भाजपा की जनता के बीच आलोचना हो रही है, वहीं दूसरी तरफ कमल छाप पर ताल ठोकने से महरूम अनेक भाजपा नेता अब कांग्रेस से पींग बढ़ा रहे हैं। इसीलिए हालात से चैकन्नी भाजपा ने बागियों पर डोरे डालने अथवा उनकी जन्मपत्रियां खंगाल कर उनकी कमजोर नस दबाने की मुहिम षुरू कर दी है। इषारा ऐसा भी है कि और आलोचना से बचने को भाजपा अब एनडी तिवारी के लड़ाकू पुत्र रोहित शेखर को कमल छाप उम्मीदवार बनाने से गुरेज कर सकती है। इसके बावजूद भाजपा के पूर्व विधायकों सहित आधा दर्जन से अधिक नेता पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। इनके अलावा भी भाजपा के अनेक अन्य जिलों के कद्दावर नेताओं तथा पार्टी के मोर्चों ने बगावत का जो झंडा बुलंद किया है उसे काबू करना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती है। हालांकि नए साल के षुरू में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देहरादून के परेड मैदान में हुई जबरदस्त उत्साहित भीड़ वाली सभा के बूते शायद भाजपा को भरोसा है कि उनके करिश्मे के आगे ऐसी तमाम बगावत फीकी साबित होंगी।

भाजपा के इस आत्मविश्वास के बावजूद उत्तराखंड में 15 फरवरी को होने जा रहे विधान सभा चुनाव में इस बार बागियों का मुद्दा हावी रहने के आसार  हैं। बगावत की इस चिंगारी से हालांकि पंजा छाप उम्मीदवारों की सूची थामे बैठी कांग्रेस तो पहले ही जल चुकी है। उसके दो पूर्व मुख्यमंत्रियों, चार पूर्व मंत्रियों सहित एक दर्जन से ज्यादा पूर्व विधायक पंजा छाप त्याग भाजपा के कमल छाप उम्मीदवार घोशित हो चुके हैं। इसका जवाब देने की बारी अब कांग्रेस की है। भ्रश्टाचार का पर्याय जताए जा चुके कांग्रेस के मंत्रियों और नेताओं के मुकाबले भाजपा में अपना टिकट कट जाने और अब चुनाव में उन्हीं की शान में कसीदे पढ़ने की मजबूरी से बौखलाए प्रमुख कमल छाप बागियों को जाहिर है कि अब कांग्रेस दूध पिलाने के फेर में है। इसी पलटवार की उधेड़बुन में प्रदेष का सत्तारूढ़ दल नामांकन षुरू हो जाने के बावजूद बीस जनवरी को भी पंजा छाप उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं कर पाया। सूत्र कम से कम आधा दर्जन सीटों पर भाजपा के मजबूत बागी दावेदारों के कांग्रेस से मोलतोल की भनक दे रहे हैं। उधर भाजपा भी बाकी छह सीटों पर कमल छाप उम्मीदवारों की घोषणा, कांग्रेस की सूची के इंतजार में अभी तक रोके बैठी है।

अपने बागियों को कमल छाप मिल जाने से कांग्रेस हालांकि अपने पांच साला षासनकाल पर हमले की भाजपा की धार कुंद हो जाने के प्रति तो आश्वस्त हो गई है मगर उनकी टक्कर का उम्मीदवार ढूंढने में सत्ताधारी दल के दांतों में पसीना आ रहा है। इन बागियों में चूंकि पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी और विजय बहुगुणा जैसे राज्य में व्यापक जनाधार वाले आधा दर्जन नेता षामिल हैं, इसलिए कांग्रेस को कई मोर्चों पर एकसाथ जूझना पड़ रहा है। खासकर गढ़वाल में तो भाजपा के उम्मीदवारों के सामने कांग्रेस के पास जिताउ उम्मीदवारों का जबरदस्त टोटा पड़ गया है। इसीलिए सत्ताधारी दल, भाजपा के असंतुश्टों को साथ लेकर उसे, उसी की रणनीति से चित करने पर उतारू होती दिख रही है। पंजा छाप उम्मीदवार तय करने में देरी का अन्य बड़ा कारण कांग्रेस के विजय अभियान का अब मुख्यमंत्री हरीश रावत के इर्द गिर्द सिमट जाना भी है। पिछले दस महीने में उत्तराखंड के राजनीतिक घटनाक्रम ने ऐसी करवट ली है कि कांग्रेस में सामूहिक नेतृत्व पूरी तरह छीज गया है। इसलिए मुमकिन है कि उम्मीदवारों को पंजा छाप सौंपने में अतिरिक्त एहतियात बरती जा रही हो। उम्मीदवारी में उन्हें तवज्जो दी जा सकती है जिन पर हरीश रावत खुद दाव लगाने को तैयार हों। क्योंकि ठंड से ठिठुर रहे राज्य के इस चौथे विधानसभा चुनाव में आखिर रायशुमारी तो हरीश रावत के नेतृत्व पर ही हो रही है।

 

प्रियंका ने फिर एक बार जीता पीपल्स च्वाइस अवार्ड

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प्रियंका चोपड़ा ने टीवी शो ‘क्वान्टिको’ के लिए दूसरा पीपल्स च्वाइस अवॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है।अभिनेत्री एलेन पोम्पिओ और वियोला डेविज को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने पसंदीदा ड्रामेटिक टीवी अभिनेत्री का यह पुरस्कार अपने नाम किया। विजेता घोषित किए जाने के बाद प्रियंका ने अपनी मां मधु चोपड़ा को गले लगाया और फिर वह पुरस्कार लेने मंच पर गई।

प्रियंका ने अवॉर्ड हासिल करने के बाद अपने को-स्टार्स और नॉमिनेट हुए दूसरी एक्ट्रेस को शुक्रिया कहा है। उन्होंने अपने फैन्स को भी प्यार और समर्थन के लिए शुक्रिया कहा. उन्होंने बताया कि शो सोमवार से दिखाया जाएगा।प्रियंका ने इस मौके पर एक वीडियो भी शेयर किया और वोटिंग करने वालों को थैक्स कहा। प्रियंका ने वीडियो के साथ लिखा- ‘ये आपके बिना संभव नहीं होता। आप सबको बहुत प्यार’। प्रियंका के अलावा ‘2017 पीपल च्वाइस अवार्ड’ में भारतीय मूल की लिली सिंह को भी पसंदीदा यूट्यूब स्टार की श्रेणी में नामित किया गया था।

इंटरेक्टिव स्कूल इंगेजमेंट कार्यक्रम में बच्चों को किया मतदान के लिए जागरुक

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चुनाव आयोग के इन्टरेक्टिव स्कूल इंगेजमेंट कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को नारी शिल्प इण्टर कालेज, देहरादून में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्कूल की कक्षा 9 से कक्षा 12 तक की लगभग 450 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को मस्ती, दोस्ती, मतदान व अन्य मतदाता जागरूकता संबंधी वीडियो दिखायी गयी।

कार्यक्रम में सम्भव मंच की ओर से मतदाता जागरूकता संबंधी नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी गयी, जिसे छात्राओं द्वारा काफी सराहा गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने मतदान, लोकतंत्र, रा.दल, नोटा, ई.वी.एम., चुनाव प्रक्रिया, मतदान, मतदान सहायता केन्द्र आदि से सम्बन्धित कई प्रश्न पूछे। कार्यक्रम में  नोडल अधिकारी स्वीप श्रीमती बंधु, सहायक नोडल अधिकारी एस.के.निगम, ओ.एस.डी.(स्वीप) वंदना थलेड़ी एवं स्वीप समन्वयक हिमांशु नेगी द्वारा छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

छात्राओं को मतदाता जागरूकता सम्बन्धी साहित्य, कैप, बैज एवं स्नैक्स भी दिया गया। स्वीप टीम की ओर से छात्राओं से प्रश्न भी पूछे गये और सही उत्तर देने वाली छात्राओं को पुरस्कार भी दिये गये।

विद्यालय की प्राधानाचार्य कुसुम रानी नैथानी ने राज्य की स्वीप टीम का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विमला कठैत, मोना बाली, पूनम भट्ट एवं विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित थे।

टी 20 को टेस्ट मैच की तरह खेलने के चलते कांग्रेस खो रही है एडवान्टेज

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उत्तराखंड में राजनीतिक खेल अपने चरम पर है। सालों पार्टी की सेवा किये और न किये दोनों ही तरह के लोग इस समय अपने को पार्टी के लिये सबसे अमूल्य रत्न साबित करने में जुटे हुये हैं। पार्टी के कर्ता धर्ताओं के आगे भी ये धर्म संकट है कि किन कसौटियों पर टिकट दावेदारों को पर्खें। खैर इस सबके बीच कांग्रसी खेमें में दिन दिहाड़े डाका डालते हुए बीजेपी ने राज्य में कांग्रेस का ड्रैसिंग रूम लगभग खाली कर दिया और अब तक बीजेपी पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाने वाले नेताओं को भगवा रंग का चोला पहनाकर चुनावी मैदान में दो दो हाथ करने के लिये उतार दिया। इस दांव के चलते बीजेपी रणनीतिकार और सलाहकारों ने अपने दल को जीत का पूरा भरोसा दिला दिया। लेकिन टिकट घोषणा के बाद से ही बीजेपी में पूरे राज्य से विरोध के सुर बुलंद होने लगे हैं। जिन सिटिंग विधायकों का टिकट कटा उनसे लेकर जिन सीटों पर कांग्रेसी बागियों को लोकल लीडरशिप पर तरजीह मिली उन तक सभी पार्टी के इस फाॅर्मूले से नाराज़ हैं औऱ पब्लिक में अपना रोष भी ज़ाहिर कर रहे हैं। खैर पार्टी का कहना है कि चुनावों में नेताओं का रूठना मनाना लगा रहता है और वोटिंग तक पहुंचते पहुंचते ज्यादातर नेताओं को मना लिया जायेगा।

इस सबके बीच बीजेपी के इस कदम से कांग्रेस में और खासतौर पर मुख्यमंत्री हरीश रावत के खेमें में खुशी की लहर थी। बीजेपी के इस कदम से न केवल एक झटके में हरीश रावत के पार्टी के अंदर अधिक्तर विरोधियों का सफाया हो गया वहीं चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस को बीजेपी पर अवसरवाद की राजनीति करने का आरोप लगाकर भुनाने का मौका भी मिल गया। जानकार ये भी मानते हैं कि इतने बड़ा पैमाने पर दूसरा दल छोड़ कर आये नेताओँ को टिकट देने से पार्टी के कैडर में गलत संदेश जायेगा औऱ वो कंफ्यूशन में पड़ सकता है। जाहिर है कि ऐसी स्थिति में इसके सीधा फायदा कांग्रेस को ही मिलेगा।

लेकिन ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस इस मैच में मिले पैन्लटी स्ट्रोक पर गोल नही दाग पायेगी। कारण: किस खिलाड़ी से स्ट्रोक लगवाना है ये अभी तय नही हुआ है। यानि वोट डलने में 25 दिनों से भी कम का वक्त रह गया है औऱ पार्टी ने अबी तक अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नही किया है। लंबे समय से उम्मीदवारों को लेकर देहरादून से लेकर दिल्ली तक मैराथन मीटिंगों के दौर चले, पार्टी आलाकमान के नुमाइंदे कभी देहरादून आये तो कभी मुख्यमंत्री औऱ प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय दिल्ली भागे। लेकिन इन सबका नतीजा अभी तक सिफर ही रहा। जब किसी स्थिति को लेकर असमंजस हो और वो स्थिति राजनीतिक हो तो अफवाहों और सूत्रों से मिली खबरों का बाज़ार गुलज़ार हो जाता है। कुछ ऐसा यहां भी हुआ। पिछले दिनों दिल्ली में कांग्रेस की मुख्य चुनाव समीति की रोजाना बैठक हुई लेकिन इसके बावजूद 20 तारीख तक कांग्रेसी खेमा अपने उम्मीदवारों का चुनाव तो न कर सका लेकिन बार बार पार्टी में मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के बीच “आॅल इज वेल” के दावे करता रहा।

राज्य की राजनीतिक बिसात पर हरीश रावत अब तक किसी बाजीगर की तरह सामने आये हैं यानि हर बार वो हार कर जीते हैं। लेकिन इस राजनीतिक मैच का फाइनल जीतने के लिये अभी रावत को कापी चाले चलना बाकी हैं। बहरहाल इस सबके बीच एक आम कांग्रेसी कार्यकर्ता को अपने नेताओं से ये ही उम्मीद होगी की चुनावों के इस मौसम में नेता अपने आपसी मतभेदों को दरकिनार कर एक साथ ज़रूरी फैसले लें जो इस समय उम्मीदवारों के नामों को फाइनल करना है।

शराब तस्करी पर चुनाव आयोग की फटकार के बाद हरकत में आया प्रशासन

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गुरुवार को ही मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी ने चुनावों के दौरान होने वाली शराब तस्करी को रोकने में ढील बरतने के चलते आबकारी विभाग और प्रशासन से नाराजगी जताई थी। इस नाराजगी का असर शुक्रवार को ही देखने को मिला। अवैध शराब  के  भंडारण, परिवहन और वितरण पर रोक लगाने के लिये शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने सम्बंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी जिलाधिकारियों द्वारा विधानसभावार अवैध मदिरा पर रोक लगाने के लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में विशेष प्रवर्तन टीम गठित की जायेगी। इस टीम में पुलिस, आबकारी, परिवहन, व्यापार कर और वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी रहेंगे।

फैसला लिया गया कि

  • हर जिले में विधानसभावार गठित संयुक्त टीम अलग-अलग समय में सरप्राइज चैकिंग करेंगे।
  • खासतौर पर मुख्य राजमार्ग, वन विभाग के मार्ग, लिंक रोड और संभावित स्थानों पर चेकिंग की जायेगी।
  • अवैध मदिरा के भंडारण पर भी वैधानिक कार्यवाई टीम द्वारा की जायेगी।
  • यह भी देखा जायेगा कि मदिरा की दुकानों पर पर्ची या कोड वर्ड के द्वारा मदिरा का वितरण न किया जाय। यदि ऐसा पाया जाता है तो सम्बंधित के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाये।

निर्देश दिए गये कि सभी टीम कार्यवाही की रिपोर्ट नोडल आफिसर पुलिस विभाग और आबकारी विभाग को प्रतिदिन प्रेषित किया जाय। आबकारी आयुक्त युगल किशोर पंत ने बताया कि

  • विधान सभा सामान्य निर्वाचन में अवैध मदिरा के भंडारण, परिवहन, वितरण पर पूर्ण रोक लगाने के लिए कार्ययोजना बना ली गयी है।
  • राज्य में 251 देशी और 275 विदेशी मदिरा की फुटकर दुकाने हैं।
  • दुकानों को निर्धारित सीमा से अधिक मदिरा की बिक्री किसी व्यक्ति विशेष को न करने के निर्देश दिये गये है।
  • निगरानी के लिए रोज स्टाक का सत्यापन, सीसीटीवी से बिक्री की रिकार्डिंग कर जिला आबकारी अधिकारी द्वारा मानिटरिंग की जा रही है।
  • थर्ड पार्टी निरीक्षण एसडीएम, तहसीलदार से कराने के लिए जिलाधिकारी से कहा गया है।
  • विदेशी मदिरा की तस्करी रोकने के लिए हिमाचल, हरियाणा, चंडिगढ़ राज्यों की सीमा पर कुल्हाल और तिमली में रोड चेकिंग की जा रही है। हिमाचल की सीमा पर खोदरी, डाकपत्थर, लालढ़ांग और विकासनगर में प्रवर्तन दल तैनात किये गये हैं। हरिद्वार में भगवानपुर, नारसन, कांगड़ी चेक पोस्ट, पौड़ी में कौड़िया, उधमसिंह नगर में शाहगंज, रूद्रपुर, सुतैया, मंझोला, महेशपुरा और चम्पावत में बनबसा चेक पोस्ट पर संघन चेकिंग करायी जा रही है।
  • इसके अलावा मदिरा की प्रत्येक दुकानों, आसवनी, ब्रुवरी और सभी इकाइयों में सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं।
  • उप आबकारी आयुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षकों द्वारा नियमित चेंकिंग की जा रही है।
  • सहायक आबकारी आयुक्त, जिला आबकारी अधिकारी द्वारा लगातार रोड चेकिंग, काम्बिंग और दबिश दी जा रही है।
  • मुखबिर तंत्र को सुचारू, सुढृढ़ किया गया है।

बैठक में प्रमुख सचिव गृह डाॅ उमाकांत पंवार, सचिव कार्मिक अरविंद सिंह ह्यांकी, अपर सचिव वन मनोज चन्द्रन, नोडल अधिकारी पुलिस आईजी दीपम सेठ, अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह उपस्थित थे। 

21 जनवरी को ये होगा पीएम मोदी का प्रोग्राम

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देहरादून में इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) शनिवार को कमांडर कांफ्रेंस होने जा रही है। कांफ्रेंस में शिरकत करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर शनिवार को देहरादून पहुंच रहे हैं। कांफ्रेंस में भारत के तीनों सेना प्रमुख, एनएसए अजित डोभाल और सभी कमान के चीफ देहरादून पहुंच रहे हैं।

कमांडर कांफ्रेंस में देश की सभी कमान जैसे मध्य कमान, नॉर्दन कमान, सदर्न कमान के चीफ भाग लेते हैं।इस दौरान भारत के तीनों सैन्य प्रमुख भी मौजूद रहे हैं।इस कांफ्रेंस में प्रधानमन्त्री और रक्षामंत्री मौजूद रहते हैं। शनिवार सुबह 9.30 से दोपहर 3.30 बजे तक इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) देहरादून में कमांडर्स कांफ्रेंस का आयोजन होगा।

कांफ्रेंस का शेड्यूलः

शुक्रवार दोपहर तीनों सेना प्रमुख देहरादून पहुंचेंगे। इसके बाद एनएसए अजित डोभाल भी शुक्रवार शाम साढ़े 4 बजे ही जोलीग्रांट एयरपोर्ट से देहरादून में राजपुर रोड स्थित मधुवन होटल पहुंचेंगे। शनिवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर दिल्ली से देहरादून पहुंचेंगे। पीएम मोदी और रक्षामंत्री पर्रिकर शनिवार सुबह साढ़े 9 बजे कमांडर कांफ्रेंस में भाग लेने आईएमए पहुंचेंगे। शनिवार सुबह 9.30 से दोपहर 3.30 बजे तक इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) देहरादून में कमांडर्स कांफ्रेंस का आयोजन होगा।

“A4U” पार्टी ने कहा लोग ही चुनेंगे पार्टी के उम्मीदवार

शुक्रवार को पार्टी A4U पार्टी यानि उत्तराखंड विकल्प संगठन के संयोजक कर्नल डाॅ डी पी डिमरी नें अपनी पार्टी के उद्देश्यों को मीडिया से साझा किया। उन्होंने अपनी पार्टी A4U में उम्मीदवारों के चयन को लेकप पैमाने साप कर दिये। उन्होंने कहा कि

  • प्रदेश के हर क्षेत्र से ऐसे उम्मीदवारों को लाऐंगें जो पीपल्स कैंडिडेट होगें और सही मायनों में जनता की कसौटियों और A4U पार्टी के मानकों पर खरा उतरें।
  • कैंडिडेट को वे स्वतंत्र उम्मीदवार की तरह प्रदेश में चिन्हित करेंगें और जनता की मंजूरी और सहमति से प्रत्याशी बनाकर आने वाले चुनाव में विधायक के तौर पर उन्हें उतारेंगे और जनता की मदद से जीत भी दिलाऐंगें।
  • हम एक मजबूत और चुस्त कार्यप्रणाली के साथ काम करेंगें और जरुरत पड़ने पर अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए सड़क पर भी उतरेंगें।

डिमरी के मुताबिक एक यही तरीका है जिसके माध्यम से हम प्रदेश में विकास एंव विश्वास की नई लहर पैदा कर पाऐंगें और उत्तराखंड राज्य को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में हमें ज्यादा समय नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है प्राकृतिक,मानव व बौद्धिक संपदा से हमारा प्रदेश भरा पड़ा है, जरुरत केवल उनको समुचित व कार्यान्वित करने की है।

A4U पार्टी के मुख्य चुनावी मुद्दें होंगे:

  • भ्रष्टाचार व अनियमिता
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • रोजगार
  • नशा-बन्दी
  • कृषि बागवानी
  • पलायन
  • पर्यटन
  • महिला सुरक्षा व सशक्तिकरण

 

ट्रम्प के इनाॅग्रेशन समारोह में उत्तराखंड की मनस्वी ने किया परफार्म

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2010 में मिस इंडिया रह चुकी मनस्वी ममगई उन सितारों में से एक हैं,जिन्होंने रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रम्प के इनाॅग्रेशन समारोह में परफार्म किया है। जी, हां उत्तराखंड की बेटी मनस्वी ममगांई ने एक बार फिर प्रदेश का नाम ऊंचा कर दिया है। 2010 में मिस इंडिया बनने के बाद मनस्वी ने प्रभुदेवा की फिल्म एक्शन जेक्शन में अजय देवगन व सोनाक्षी सिन्हा के साथ काम किया है।

डोनाल्ड ट्रम्प के शपथ समारोह से एक दिन पहले बालीवुड के संगीतकार मीका सिंह ने ट्रम्प द्वारा दी गई डिनर पार्टी में शिरकत की और सोशल साईट टिव्टर पर टिव्ट किया कि “यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मैं इस प्रेस्टिजिएस पार्टी का हिस्सा बना।”

ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने से पहले भी कई फिल्मी सितारें अलग अलग कार्यक्रमों में भाग ले चुके हैं। ट्रम्प के राष्ट्रपति चुने जाने से पहले प्रभु देवा और मलाईका अरोड़ा खान ने रिप्बलिकन हिन्दु के संगठन से बने कश्मीर रिफ्यूजी के लिए एक चैरिटी इवेंट में भाग लिया था। उस परर्फामेंस में बालीवुड कलाकारों ने लोगों के दिलों को जीता था और तब ट्रम्प ने कहा था कि वो बालीवुड और भारत दोनो से काफी जुड़ाव रखते हैं।

 

 

सेना का चुनावी फायदे के लिये इस्तेमाल कर रहे हैं मोदी: हरीश रावत

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गुरुवार देर शाम उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिल्ली में सीघे प्रघानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोल दिया।मुद्दा था 21 जनवरी को देहरादून के राष्ट्रीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में होने वाली कमबाइंड कमान्डर्स काॅन्फ्रेंस जिसमें रक्षा मंत्री, सेना प्रमुख के साथ साथ खुद प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी हिस्सा लेने देहरादून पहुंचेंगे। कांग्रेस मुखायालय में पत्रकारों से बात करते हुए रावत ने कहा कि उत्राखंड में चुनाव आचार संहिता लगी हुई है औऱ ऐसे में इस कांफ्रेंस को देहरादून में आयोजित कर के प्रधानमंत्री सीधे तौर पर सरकारी मशीनरी और खासतौर पर सोना का उपयोग राजनीतिक फायदा उठाने के लिये कर रहे हैं जो चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन है। रावत ने कहा कि इस संबंध में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड की मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिलकर आधिकारित शिकायत दर्ज कराई है। गौरतलब है कि कमबाइंड कमान्डर्स काॅन्फ्रेंस का आयोजन देहरादून में किया गया है और इसके चसते कांग्रेस इसे चुनावों में जा रहे राज्य में वोटरों को लुभाने से जोड़ कर देख रही है। कांग्रेस का आरोप है कि इस कांफ्रेंस का प्रचार प्रसार राज्य औऱ राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर किया जायेगा। ऐसे में ये कांग्रेस इस सरकारी मशीनरी का दुरउपयोग बता रही है।

राज्य में उम्मीदवारों की गोषणा को पर रावत ने कहा कि शुक्रवार को केंद्रीय चुनाव समिति दोबारा इस मसले पर मिलेगी और जल्द ही नामों की घोषणा कर दी जायेगी। जब रावत से पूछा गया कि क्या टिकटों में देरी की वजह बीजेपी से टिकट न मिलने पर बागी हुए नेताओँ का इंतजार है? इस सवाल को रावत टाल गये और उन्होंने कहा कि इस बारे में उनके पास कोई जानकारी नहीं है।

अब देतना होगा कि कांग्रेस की शिकायत पर चुनाव आयोग क्या फैसला लेता है? साथ ही ये भी देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस कबतक चुनावों के लिये अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करता है।