
असली नकली की लड़ाई

चुनावों में शराब का खेल है जारी, ऋषिकेश पुलिस ने पकड़ी लाखों की शराब
मुनि के रेती पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पहाड़ो में चुनावों के दौरान वोटरों को प्रभावित करने के लिए लायी जा रही 310 पेटी शराब को चेकिंग के दौरान एक जीप से बरामद किया गया। ये शराब बड़ी सफाई से छुपा कर लायी जा रही थी ,गौरतलब है चुनावी मौसम के दौरान अवैध शराब का कारोबार काफी फल फूल रहा है। चुनावी मौसम में उत्तराखंड में शराब की खपत बहुत ज्यादा हो जाती है, यही कारण है शराब माफिया चंडीगढ़ से सस्ती शराब को लेकर उत्तराखंड में सप्लाई करते है।
खूफिया सुचना के आधार पर मुनि की रेती पुलिस ने गाड़ियों की चेकिंग के दौरान दो अलग अलग गाड़ियों को पकड़ा जिस में कुल 310 पेटी शराब थी। इसकी कीमत 10 लाख रुपये बताई जा रही है और माना जा रहा है कि ये शराब विधान सभा चुनाव में राजनीतिक दल या उम्मीदवार द्वारा अपने छेत्र में बाटी जानी थी। पुलिस निरीक्षक रवि कुमार ने बताया ये शराब पौड़ी और चमोली ले जायी जा रही थी और इस खेप के साथ 3 लोगों को पुलिस ने पकड़ा। इन सभी से और पूछताछ जारी है।
राज्य में अलग अलग जगह जिस तरह शराब पकड़ी जा रही है उससे एक बात तो साफ है कि हमारी पार्टियां और नेता जितना चाहे साफ चुनावों के और सालों लोगों के लिये काम करने के दावे कर ले लेकिन आखिरकार उनके कामों में कुछ बहुत द्यादा कमी रह जाती है जिसके चलते वोटरों को अपनी तरफ करने के लिये उन्हें शराब का सहारा लेना पड़ता है।
केंद्र सरकार कांग्रेस शासित प्रदेशों से भेदभाव कर रही है: वीरभद्र सिंह
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने केंद्र सरकार पर जमकर साधा निशाना। चुनावी प्रचार के लिये शुक्रलार को देहरादून पहुंचे वीरभद्र ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य में अस्थिरता फैलाने के लिये लगातार सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करती आ रही है। उन्होने कहा कि पहाड़ी प्रदेशों की पृष्ठभूमि एक जैसी ही है। प्रदेश में हरीश रावत सरकार रॉकी तारईप करते हुए सिंह ने कहा कि रावत के कार्यकाल में प्रदेश में बहुत विकास हुआ है और इसी के चलते बीजेपी भौखलाी हुई है। बीजेपी को ये मालूम है कि वो चुनावों में किसी भी तरह से कांग्रेस के मुकाबले में नही है और इसी लिये केंद्र सरकार हर तरह के हथकंडे अपना रही है सत्ता पाने के लिये।
प्रधानमंक्त्री के पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर दिये गये बयान पर सिंह ने कहा कि मोदी ने जिस भाषा का प्रयोग किया है वो संसदीय गरिमा के अनुकूल नही है लेकिन फिर बी हम उनका सम्मान करते हैं। केंद्र सरकार ने प्लानिंग कमिश्न को खत्म कर दिया।वह संस्था बहुत अच्छा काम करती थी, वह संस्था हर किसी पर नजर रखती थी लेकिन अब प्लानिंग कमिश्न केंद्र द्वारा खत्म करने की वजह से राज्यों के कई काम रुक गए हैं।
वहीं नोटबंदी पर बोलते हुए उन्होने कहा कि इसकी वजह से आम आदमी परेशान है। सरकार ने नोटबंदी के लिये पूरी तैयारी नही की। नोटबंदी से देश को कुछ फायदा नही हुआ बल्की इकोनॉमी प्रभावित हुई है।
मनमोहन पर मोदी का बयान छाया रहा राहुल के उत्तराखंड दोरे पर
राहुल गांधी ने आज अपने चुनावी दौरे पर सितारगंज विधानसभा के शक्तिफार्म में पहुँच चुनावी जनसभा को संबोधित किया। उत्तराखंड पहुँचे राहुल गांधी ने चुनावी जनसभा में प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को अपने निशाने पर लिया। राहुल ने कहा की वाजपेयी व मनमोहन सिंह मर्यादा में रहकर बोलने वाले प्रधानमंत्री थे। संसद में किस तमीज के साथ बोलना है उन्हें आता था। लेकिन मोदी संसद में जिस तरह मनमोहन सिंह के बारे में बोलते है वो देश के दस साल प्रधानमंत्री रहे मनमोहन की नहीं बल्कि देश की जनता के बारे में बोलते है। गौरतलब है कि संसद में प्रधानमंत्री ने ये कहा था कि मनमोहन सिंह ऐसे प्रधानमंज्त्री रहे जो बाथरूम में रैनकोट पहनकर नहाते थे। इसके चलते संसद से लेकर सड़क तक कांग्रेस मोदी को घेर रही है।

वही उनके सफाई अभियान से लेकर नोटबंधी के फैसले पर चुटकी भी ली।राहुल ने अपने सम्बोधन में उत्तराखंड के पलायन व पर्यटन के मुद्दे को भी छुआ। वही हरीश रावत के कार्यकाल को उम्दा बताते हुए राहुल ने जनता से रावत को फिर से पांच साल देने की अपील की।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में चुनाव प्रचार अब आकिरी दौर में पहुंच गया है। और ऐसे में सभी पार्टियों के स्टार प्रचारक राज्य में धुआंधार सभाऐं कर वोटरों को अपनी तरफ करने ंमें लगे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी भी राज्य में आने वाले दिनों में जनसभाऐं करने वाले हैं।
अमित शाह ने उत्तराखंड में चुनावी जनसभाओं को किया संबोधित
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह टिहरी में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ दिन बाकी है उत्तराखण्ड का भविष्य तय होगा जो यहां की जनता के हाथ में है। इस दौरान शाह ने जनता से आह्वान किया कि उत्तराखंड से हरीश रावत की सरकार को उखाड़ फेंक दें। शाह आज टिहरी विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी धन सिंह नेगी के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए कुछ दिन शेष हैं। इस कारण भाजपा ने अपने स्टार प्रचारकों की फौज को मैदान में उतार दिया है। गुरुवार को दोपहर करीब एक बजे टिहरी जिले के बौराड़ी में भाजपा की जनसभा आयोजित हुई। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने जनसभा को संबोधित किया। शाह ने अपने लगभग 45 मिनट के भाषण में कांग्रेस को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का भविष्य तय होने जा रहा है, यह आपको तय करना होगा किसकी सरकार बने। शाह ने कहा कि किसी विधायक और मुख्यमंत्री को बदलने के लिए वोट ना करें, बल्कि उत्तराखंड के भाग्य को बदलने के लिए वोट करें।
शाह ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण बड़े संघर्ष के बाद बना है। पांच साल में कांग्रेस सरकार ने भ्रष्टाचार, घोटालों और घपलों से उत्तराखंड को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने टिहरी की जनता से उत्तराखंड से हरीश रावत की सरकार को उखाड़ फेंकने को कहा। शाह ने कहा कि हम लोग उत्तराखंड बनाने वाले लोग हैं। उत्तराखंड के संघर्ष में भाजपा में साथ रही है।

इसके बाद बागेश्वर के बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में अमित साह ने पहुंचकर मौजूद जनता से कमल के फूल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट डालने की अपील की। पहली बार बागेश्वर पहुँचने पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अमित शाह का जोरदार स्वागत किया। अमित शाह ने अपने सम्बोधन में कांग्रेस पार्टी पर जमकर प्रहार किए। उन्होने कांग्रेस पार्टी पर भ्रष्टाचार को बढावा देने वाली पार्टी के साथ उत्तराखण्ड को बर्बाद करने का भी आरोप लगाया है ।
कांग्रेस पार्टी और हरीश रावत पर प्रहार करते हुए अमित साह ने कहा कि आज तक अपने जीवन में किसी टेलविजन पर विधायकों की खरीद फरोख्त करते हुए नही देखा है । कहा कि किसी मुख्यमंत्री का सचिव शराब के ठेकेदारों के साथ भाव तोल मोल करते नही देखा है। हरीश रावत सरकार विकास के नाम पर कुछ नही कर पायी। राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड को गुन्डागर्दी, बेरोजगार, भ्रष्टाचार में धकेल दिया है जिसके बाद भी कांग्रेस को उसका मलाल नही है । उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस का तो उत्तराखण्ड से लगाव ही नही है।
माओवादी पोस्टर को लेकर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज
सोमेश्वर विधानसभा में माओवादी पोस्टर लगाने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने एक बयान में कहा कि पोस्टर चिपकाने वाले अज्ञात लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि जिला अधिकारी अल्मोड़ा ने इस संबंध में कार्रवाई की है।
बता दें कि सोमेश्वर विधानसभा में कई इलाकों में माओवादी पोस्टर दिवारों पर चस्पा मिले है। इन पर्चों में विधानसभा चुनावों के बहिष्कार करने की अपील की गई है। सोमेश्वर में पहले से ही माओवादियों की उपस्थिति का आंकलन किया जाता रहा है और अब क्षेत्र में माओवादियों ने सैकड़ों पोस्टर और लाल रंग से दीवारों पर अपना संदेश लिखकर अपनी भावनाओं से जनता को अवगत कराया है साथ ही साथ उन्होंने जनता से विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करने की अपील की है। प्रशासन पहले से ही यह मान रहा था कि माओवादी तो हैं,लेकिन सुप्ता अवस्था में है पर इन पोस्टरों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
इससे पहले भी नैनीताल में माओवादियों ने एक सरकारी गाड़ी को आग के हवाले कर दिया था। साथ ही चुनाव के बहिष्कार के लिये दीवारों पर पोस्टर भी लगाये गये थे। इन सभी घटनाओं के चलते प्रशासन सतर्क हो गया है और तमाम इलाकों में काॅम्बिंग आॅपरेशन चलाये जा रहे हैं।
उत्तराखंड के रजवाड़ों की राजधानी में चुनावी घमासान

अपने ही चक्रव्यूह में फंसे कांग्रेस और बीजेपी के ‘’वजीर’’
उत्तराखंड चुनावों में कांग्रेस और भाजपा दोनों के ही प्रदेश अध्यक्षों के लिये बागी जी का जंजाल बन गये हैं। एक तरफ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय है तो दूसकी तरफ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट है। जी हां पार्टी के वजीर के रुप मे विराजमान इन दोनों ही नेताओं को बागियों ने इनकी विधानसभा क्षेत्र में ही घेर लिया है।
रानीखेत से कांग्रेस के उम्मीदवार कर्ण सिंह महारा अपने आप में एक मजबूत प्रत्याशी है और 2012 के चुनाव में महारा बहुत कम वोटों के अंतर पर चुनाव हारे थे।बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट माहरा से नििपटने की रणनीति बना ही रहे थे कि रानीखेत से निर्दलीय चुनाव लड़ने को तैयार बागी प्रत्याशी प्रमोद नैनवाल ने अजय भट्ट के रास्ते में परेशानियों खड़ी कर दी है। नैनवाल का लंबे समय से रानीखेत की भिखियासैन बैल्ट में सियासी सक्रियता भट्ट के लिए परेशानी का सबब बन चुका है। इसके साथ ही महारा के साथ भट्ट का कांटे का मुकाबला है। 2012 के चुनाव में सिर्फ 78 वोटों से हारे थे महारा।
इधर सहसपुर से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का तो हाल और बुरा लग रहा है। 2012 अपनी पारंपरिक सीट टिहरी से किसोर क्या हारे मानो उनके राजनीतिक करियर पर ही ग्रहण लग गया। मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्दलीय विधायक और मंत्री दिनेश धनै प्रेम के आगे किशोर की एक न चली और उन्हें टिहरी सीट से दूसरी पारी खेलने का मौका नही मिला। इसके साथ ही उनके मना करते रहने के बावजूद उन्हें पार्टी ने सहसपुर सीट से आर्येंद्र शर्मा का टिकट काट उपाध्याय को उम्मीदवार बना दिया। सहसपुर से टिकट न मिलने से नाराज आर्येंद्र शर्मा ने निर्दलीय दावा ठोक कर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। सीएम से लेकर पार्टी हाईकमान ने आर्येंद्र को मनाने की कोशिश की लेकिन आर्येंद्र ने अपना फैसला नहीं बदला। किशोर उपाध्याय के सामने पहले से भाजपा विधायक सहदेव पुंडीर तो हैं ही, साथ ही कांग्रेस से खफा आर्येंद्र भी किशोर की परेशानी का सबब बन चुके हैं।
ये दोनों ही नेता राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हैं लेकिन समय बहुत बलवान होता है। एक तरफ सारी पार्टी को चुनावों में ले जाने का बड़ा जिम्मा प्रदेश अध्यक्ष के उपर होतै है वहीं खुद उनकी ही सीट अगर खतरे में दिख रही हो तो इसे विडंबना ही कहेंगे।
बीजेपी के 19 तो कांग्रेस के 17 उम्मीदवारों पर दर्ज है आपराधिक मामले
उत्तराखण्ड 2017 विधानसभा में 637 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं, जिन में से 34 राजनीतिक दलों का प्रतिनिधत्व कर रहे हैं। इस में 6 राष्ट्रीय दल, 4 क्षेत्रीय दल, 24 गैर मान्यता प्राप्त और 261 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल है। इनमें से कई उम्मीदवार ऐसे जिन पर अपराधिक मामले दर्ज हैं। असोसियेशन फाॅर डेमोक्रेटिक रिफाॅर्म (ऐ डी आर) से मिले आंकड़ो में 91 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिनमें से 54 पर गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं हत्या से सम्बंधित व हत्या का प्रयास करने वाले उम्मीदवारों की संख्या 10 है। इन में बीजेपी के सबसे ज्यादा 19 प्रत्याशी है जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं वहीं
- कांग्रेस 17 उम्मीदवार
- बी एस पी के 7,
- यू के डी के 4,
- एस पी के 2 और
- निर्दलीय 32 उम्मीदवारों पर गंभीर मामले दर्ज हैं।
ये आंकड़े साप करते हैं कि राजनीती को स्वछ करने के दावे ठोकने वाली दोनों प्रमुख पार्टियों ने सबसे ज्यादा अपराधियो को टिकट दिया है।
आपराधियों के साथ करोड़पति उम्मीदवारों की भी संख्या कम नहीं है। 637 उम्मीदवारों मे से 200 यानी 31% उम्मीदवार करोड़पति है। करोड़पति फेरिस्त में कांग्रेस ने बीजेपी को मात दी है । कांग्रेस ने सबसे ज्यादा करोड़पति प्रत्याशी घोषित करे हैं।
- कांग्रेस ने 70 मे से 52,
- बीजेपी ने 70 मे से 48,
- बीएसपी ने 69 में से 19 ,
- यू के डी 55 में से 13,
- एस पी के 20 में से 4 और
- करीब निर्दलीय 261 मे से 53 उम्मीदवार करोड़पति हैं।
इन उम्मीदवारों की औसत सम्पति 1.57 करोड़ के हिसाब से आंकी गयी है। तमाम दलों के उम्मीदवारों की पहली सूची में बीजेपी के सतपाल महाराज सबसे आगे हैं जिनकी सम्पति 80 करोड़ से अधिक बतायी गयी है। उसके बाद मोहन प्रसाद काला निर्दलीय उम्मीदवार पौड़ी गढ़वाल की सम्पति 75 करोड़ और बीजेपी के शैलेंद्र मोहन सिंघल 35 करोड़ के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
इसके अलावा ऐसे भी उम्मीदवार हैं जिनके सम्पति निर्वाचन आयोग के दिए गए ब्यूरो में सबसे कम बतायी गयी है सुनील कुमार मंगलोर ने अपनी सम्पति ₹ 500/- दिखाई है जब की लाहो घाट से राजेंद्र सिंह और बद्रीनाथ से अरुणा ने अपनी कुल सम्पति 500-1000/- बतायी है।
अगर शिक्षक योग्यता की बात करे तो करीब 256 उम्मीदवारों की शिक्षा 5वी से 12 वी कक्षा तक शिक्षा प्राप्त करने वाले 256 उम्मीदवार हैं जब की 340 उम्मीदवार है जो स्नातक हैं। और अगर महिला उम्मीदवार की संख्य की बात करे तो सिर्फ 56 महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ रही हैं।























































सही मायने में आसन को जलपक्षियों का स्वर्ग कहा जाए तो अतिउक्ति नहीं होगी। 2005 में स्थित स्थान आसन पक्षी संरक्षण भारत का पहला संरक्षण रिजर्व है। लगभग 4.44 स्के किलोमीटर के क्षेत्र में फैला आसन बैराज यमुना और आसन के संगम पर है। इस क्षेत्र में 255 प्रजातियों से अधिक पक्षी आते थे। आसन से 12 किलोमीटर दूर तिमली और आसन पक्षी रिजर्व उत्कृष्ट स्थान हैं, जो पक्षी यहां आते हैं उनमें ग्रेट क्रेस्टेड ग्रेट बिटर्न, आम गोल्डनआई, बेयर के पोचार्ड , कैरूगिनस पोचर्ड, मस्मर चैती, कम सफेद हंस, पेंट सारस, पालस फिश, ईगल, स्टोर्क बिल्ड किंगफिशर, सफेद पूछधारी रूबीथ्रोट वाइटेट,ताजपोषित पेनडूलाइन टिट जैसे पक्षियों के नाम शामिल हैं।





