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फरवरी में 24-28 तक बैंकिंग कार्य रहेगा बाधित

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फरवरी के आखिरी हफ्ते में लोगों को नकद की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। 24- 28 फरवरी के बीच बैंकों का कामकाज बाधित रहेगा। हो सकता है ऐसे में एटीएम में नकदी की कमी हो जाए।

24 फरवरी के महा-शिवरात्री पर्व के चलते बैंकों का अवकाश रहेगा। 25 फरवरी को चौथा शनिवार और 26 को रविवार होने के चलते बैंकों का कामकाज नहीं होगा। 28 फरवरी को बैकों की यूनियन की राष्ट्रीय हड़ताल के चलते बैंकिंग कामकाज बाधित होगा। वहीं उत्तर-प्रदेश में 22 तारीख को चुनाव के चलते उन इलाकों में बैंक बंद रहेंगे। इस तरह फरवरी माह के आखिरी हफ्ते में बैंकिंग कामकाज बाधित रहेगा।

नैनीझील का लगातार गिरता जलस्तर है खतरे की घंटी

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नैनीताल और उत्तराखण्ड की शान कही जाने वाली नैनीझील का जलस्तर बीते दो सालों से लगातार गिरता जा रहा है। साल 2011 के मुकाबले में इस साल झील में लगभग 6 फ़ीट पानी कम रह गया है। पहाड़ों में पड़ती बरसात के स्तर में लगातार गिरावट और शहर में बढ़ती आबादी के बोझ के चलते असामान्य रूप से गिरता ये जलस्तर खतरे की घंटी दे रहा है।

नैनीझील में हमेशा से ही शून्य जलस्तर से ऊपर और नीचे के जलभराव को नापा जाता है। यहाँ बरसातों के मौसम में झील जहाँ 11 फुट की अपनी क्षमता पूरी करने के बाद अतिरिक्त जल की निकासी करती है तो गर्मियों के जून माह तक इसका जलस्तर माइनस आठ से दस इंच तक गिर जाता है।

बीते कुछ सालों का अगर आंकलन करें तो पिछले दो सालों से झील के जलस्तर में चौकाने वाली गिरावट देखने को मिली है। 2014 की 20 फरवरी को जहाँ जलस्तर प्लस 4.50 फ़ीट था वहीँ 20 फरवरी 2015 को जलस्तर अचानक आश्चर्यजनक रूप से घटकर माइनस 4.6 इंच के न्यूनतम स्तर पर पहुँच गया था। इस साल ये जलस्तर अबतक के सबसे न्यूनतम माइनस 6.6 इंच तक पहुँच चुका है।

पिछले कुछ वर्षों में झील के जलस्तर की जानकारी देकर अपने पक्ष को और भी साफ़ करने की कोशिश करते हैं।

  • 20 फरवरी 2011 जलस्तर प्लस 5.10 फ़ीट
  • 20 फरवरी 2012 जलस्तर प्लस 4.85 फ़ीट
  • 20 फरवरी 2013 जलस्तर प्लस 5.4 फ़ीट
  • 20 फरवरी 2014 जलस्तर प्लस 4.50 फ़ीट
  • 20 फरवरी 2015 जलस्तर माइनस 4.6  इंच
  • 20 फरवरी 2016 जलस्तर माइनस 5.6 इंच

20 फरवरी 2017 को नैनीझील का जलस्तर माइनस 6.6 इंच पहुँच गया है जो गर्मियों तक अगर अच्छी बरसात नहीं होती है तो कहाँ पहुंचेगा ये अनुमान लगाया जा सकता है। लोक निर्माण विभाग के जे.ई.महेन्द्र पाल बताते हैं कि “विभाग ने डाँठ(निकासी गेट)की सुरक्षा के लिए इन्हें अच्छी तरह से सुधारा है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा झील की सुरक्षा दीवार ठीक करने के लिए पर्यटन विभाग ने बहुत काम किया है।”

नैनीताल की इस प्राकृतिक झील में जल संचार के लिए सन 1888 में अंग्रेजी शासनकाल में 62 नालों का निर्माण करा गया था जो चारों तरफ से पानी को झील तक पहुँचाने का काम किया करते थे। इसके अलावा कुछ साल पहले तक सूखाताल झील भी नैनीझील का बड़ा जलस्रोत माना जाता था लेकिन किन्हीं कारणों से सूखाताल में जमा होने वाले पानी को सीधे नैनीझील से होकर बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। एक मुख्य कारण शहर में बनी सैकड़ों सीमेंट की सड़कें भी हैं जो पानी को सीधे झील और फिर बाहर का रास्ता दिखाती हैं। इससे पहले यही पानी इन सड़कों में रीसकर धरती की कई परतों को पार करते हुए प्राकृतिक रूप से स्वच्छ होकर झील तक लंबे समय बाद पहुँचता था। अब शहर में आबादी और होटलों की संख्या लगातार बढ़ने के बाद जहाँ उपभोग के लिए पानी काफी मात्रा में चाहिए पड़ता है वहीँ घरों और होटलों की पानी की टंकियों में भरा पानी भी झील के जलस्तर को काफी कम कर देता है।

नैनीझील के इतिहास पर अगर नजर डालें तो पुराणों में सरोवर नगरी नैनीताल को ऋषियों की तपोस्थली के रूप में भी जाना जाता है । पुराणों में ही वर्णित है कि यहाँ अत्रि, पुलस्त्य और पुलह नामक ऋषियों ने तपस्या करते हुए अपने तपोबल से मानसरोवर का पानी यहाँ खींच लिया था। बाद में सन 1821 में अंग्रेजी शाशक यहाँ पहुंचे और इस खूबसूरत शहर का झील किनारे निर्माण हुआ। नैनीताल के व्यवसाईकरण के बाद से ही लगातार जैसे नैनीझील के अस्तित्व में ख़तरा सा मंडराने लगा है। झील के आसपास की गन्दगी और मलुवा इसके भीतर जाकर गाद बनती है जो इसके आक्सीजन के स्तर को शून्य तक गिरा देती है। ऐसे में अब झील को एरिएशन द्वारा कृतिम आक्सीजन देकर जीवित रखा गया है। वोटों की राजनीती करने वाले शियासतदांन भी इस निर्जीव झील के लिए कम ही सोचते हैं। लाखों लोगों को रोजगार देने वाली इस झील की उम्र भी कम ही रह गई दिखती है।

अब कैशलेस पेमेंट के लिए कार्ड की जरुरत नहीं, लॉन्च हुआ भारत क्यूआर कोड

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कैशलेस पेमेंट को लेकर सरकार ने एक और कदम आगे बढ़ाते हुए ‘भारत क्यूआर’ कोड लॉन्च कर दिया। जिसके बाद कार्ड के बदले स्मार्टफोन के जरिए पेमेंट भुगतान और आसान हो जाएगा। सोमवार को आरबीआई के डिप्टी गर्वनर आर गांधी ने लॉन्च करते हुए बताया कि देश में 15 लाख पाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें मौजूद है, वहीं कार्ड की संख्या 80 करोड़ हो गई है। ऐसेे में कैशलेस पेमेंट को प्रोत्साहित करने के लिए जरुरी है कि हम पूरी प्रक्रिया को ग्राहक के लिए और अधिक सुविधाजनक बनाएं। इसी क्रम में भारत क्यूआर कोड लॉन्च किया जा रहा है, जिससे ग्राहक अब बिना कार्ड के एक ही क्यूआर कोड के जरिए भुगतान कर सकेंगे।
वर्तमान में अलग अलग वॉलेट पेमेंट सिस्टम के अपने क्यूआर कोड होते है। भारत क्यूआर कोड लॉन्च होने से ग्राहकों के लिए अब कैशलेस पेमेंट करना और अधिक आसान हो जाएगा। इसके लिए बस एक स्मार्टफोन की जरुरत होगी। ट्राई के हालिया आंकड़ों के मुताबिक भारत में 113 करोड़ मोबाइल फोन है, जिनमें से अधिसंख्य स्मार्टफोन है। ऐसे में भारत क्यूआर कोड कैशलेस पेमेंट अभियान में बहुत मददगार साबित होगा।

 

स्कूलों में प्राणायाम-योगाभ्यास को प्रोत्साहित करने का प्रयास हों: राज्यपाल

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उत्तराखण्ड के राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कांत पाल ने कहा कि स्थानीय प्रशासन को शिक्षण संस्थानों तथा सार्वजनिक स्थानों पर तम्बाकू व अन्य नशीले पदार्थों के विक्रय पर प्रतिबन्ध सम्बन्धी कानून का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। तम्बाकू सेवन जैसे व्यसनों के प्रति बच्चों व युवाओं को बचाने के लिए स्कूलों, शिक्षण संस्थानों में योग व प्राणायाम को प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है। योग भारतीय संस्कृति की ऐसी पद्धति और अभ्यास है जो बुरी प्रवृत्तियों की ओर जाने से रोककर रचनात्मक दिशा में ले जाती है।
तम्बाकू सेवन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों का भी उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि बच्चों और युवाओं को ‘साइलैंट किलर’, तम्बाकू सेवन जैसी सभी बुरी प्रवृत्तियों से सुरक्षित रखना आवश्यक है। राज्यपाल आज राजीव गाँधी नवोदय स्कूल तपोवन, देहरादून में ‘वल्र्ड लंग फाउण्डेशन’ द्वारा उत्तराखण्ड सरकार के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे।
उत्तराखण्ड को तम्बाकू मुक्त राज्य बनाने की पहल के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल ने महानिदेशक शिक्षा से अपेक्षा की कि प्रदेश के स्कूलों में योग को प्रोत्साहित करके बच्चों के आत्मबल को मजबूत करने का प्रयास करें ताकि बुरी प्रवृत्तियों की ओर उनका झुकाव न हो सके। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का भी दायित्व है कि वे बुरी आदतों से बचने के लिए बच्चों को लगातार जागरूक करते रहें। जिन बच्चों के अभिभावक तम्बाकू का सेवन करते हैं उन पर नियंत्रण के लिए बच्चों को तैयार किया जाए तभी इसके बेहतर परिणाम होंगे। उन्होंने बच्चों का आह्वाहन किया कि बुरी आदतों से प्रभावित होकर खुद को भटकने से रोकने के लिए अच्छे कामों में व्यस्त रहें। राज्यपाल ने, उत्तराखण्ड को तम्बाकू मुक्त करने के लिए ‘वल्र्ड लंग फाउन्डेशन’ के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में तम्बाकू के सेवन के दुष्परिणामों से लोगों को जागरूक बनाने के अभियान के अन्र्तगत स्कूलों में ‘तम्बाकू मुक्त उत्तराखण्ड’ विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय निबंध तथा चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को राज्यपाल द्वारा सम्मानित भी किया गया।

अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह की तैयारियां प्रारंभ

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आगामी एक से सात मार्च तक ऋषिकेश में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव की तैयारियां पर्यटन विभाग ने प्रारंभ कर दी है। दुनियाभर से करीब डेढ़ हजार से अधिक लोग योग महोत्सव में इस वर्ष प्रतिभा करेंगे। ऋषिकेश अंतर्राष्ट्रीय योगा नगरी के रूप में ख्याति प्राप्त है जहां प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव आयोजित किया जाता है यह योग महोत्सव ऋषिकेश में मुनिकीरेती स्थित गंगा तट पर आयोजित किया जाएगा। जिसमें योग साधना के लिए दुनिया भर के देशों से योग के जिज्ञासु प्रतिभाग करते रहे हैं। इस योग को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जाता है। जिस की तैयारी को लेकर गढ़वाल मंडल विकास निगम ने तैयारियां प्रारंभ कर दी है। गढ़वाल मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक अतुल गुप्ता ने यहां योग महोत्सव को संपन्न कराने हेतु सभी कमेटियों की बैठक ली।
अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव गढ़वाल मंडल विकास निगम के गंगा रिसोर्ट व परमार्थ निकेतन में आयोजित किया जाएगा। आयोजन की जिम्मेदारी उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद व गढ़वाल मंडल विकास निगम संयुक्त रुप से संभालेगा योग महोत्सव में जहां योग साधक योग प्रशिक्षण छात्र और योग प्रेमी योग की विभिन्न कलाओं का हिस्सा बनेंगे।

“जिंदगी ना मिलेगी दोबारा” का टोमाटिनो फेस्टिवल लाइव इन देहरादून

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जिंदगी ना मिलेगी दोबारा फिल्म लगभग हर किसी ने देखी होगी,और हर किसी को याद होगा फिल्म में दर्शाया गया ला टोमाटिना फेस्टिवल।जी हां हम उसी दृश्य की बात कर रहे हैं। जिसमें फिल्म में सभी अदाकारों को टमाटर से होली खेलते हुए दिखाया गया है।यह दृश्य और फेस्टिवल स्पेन में दिखाया गया है लेकिन अब यह फेस्टिवल आपके अपने शहर देहरादून में होने वाला है।

तो जिन लोगों का सपना था कि काश वो भी ऐसी होली खेले जिसमें टमाटर का इस्तेमाल हो उन लोगों के लिए देहरादून शहर में ला टोमाटिना फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है।आने वाले 13 मार्च यानि की होली के दिन आप स्पेन जैसे टमाटरों की होली अपने शहर में खेल सकते हैं।

यह फेस्टिवल देहरादून के बन्नू स्कूल,रेस कोर्स के ग्राउंड में अहमदाबाद की “फोर एसेस इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड” कंपनी करवा रही है।इस फेस्टिवल को मैनेजिंग टीम “इंटेलिजेंट इडियट्स” के कुशाग्र सिंह सिरोही और लवप्रीत सिंह मैनेज कर रहे हैं।कार्यक्रम के आयोजक कुशाग्र सिंह सिरोही,लवप्रीत सिंह और जिगर पटेल हैं। कार्यक्रम के आयोजन बारे में जिगर पटेल से बातचीत में उन्होंने बताया कि यह फेस्टिवल उनकी कंपनी पिछले चार साल यानि 2012 से भारत के अलग अलग शहरों मे होली के दिन कराती है।जिगर कहते है कि बहुत से ऐसे लोग हैं जो भारत से बाहर नहीं गए और जिनकी तमन्ना कुछ अलग करने की है उनके लिए यह एक सुनहरा अवसर है।उन्होंने कहा कि होली रंगों का त्योहार है हम हर साल होली पर किसी एक शहर में यह फेस्टिवल आयोजित करते हैं।जिगर ने कहा कि अगर लोगों को यह लगता है कि हम घर में इस्तेमाल होने वाले टमाटर से होली खेलेंगे तो यह गलत है फेस्टिवल में इस्तेमाल किया जाने वाला टमाटर औद्धौगिक कामों में इस्तेमाल होने वाला है।टोमैटो सास,आर्गेनिक रंग और त्वचा के लिए बनाई जाने वाली क्रीम के लिए प्रयोग में आने वाले यह टमाटर किसी भी तरह से शहर में टमाटर के डिमांड को कम नहीं करेगा।जिगर ने कहा कि यह फेस्टिवल केवल इस सोच से आयोजित किया जा रहा है कि लोग इंज्वाय कर सकें और होली का आनंद उठा सके।

गौरतलब है कि टमाटर के उत्पादन में भारत दूसरे स्थान पर है।यह एक ऐसा फेस्टिवल है जिसके बारे में लोगों ने केवल फिल्मों में देखा और अखबारों में पढ़ा होगा।इस फेस्टिवल के जरिए लोग जिंदगी ना मिलेगी दोबारा के उस सीन को लाइव जी सकते हैं जिसको उन्होंने केवल थियेटर में देखा था।

 

कृषि के प्रति आम धारणा को बदलना होगा: राज्यपाल

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राजभवन में चार मार्च से शुरू होने जा रहे ‘वसन्तोत्सव-2017’ की तैयारियों को लेकर राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कांत पाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। राज्यपाल ने कृषि व उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पुष्प प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलायी जाए।
उन्होंने उत्सव में प्रतिभाग करने वाले छात्रों व प्रतियोगियों की व्यवस्थाओं, उत्सव को आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों व जिलाधिकारी से चर्चा की।
राज्यपाल ने कहा कि कृषि के लिए सभी के मन में बनी आम धारणा को बदलना होगा। सभी लोग जागरूक हों कि कम जगह, समय और संसाधनों में भी व्यक्ति पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक सब्जी व वनस्पति उगा सकता है। उद्यान विभाग की ओर से इस वर्ष वसन्तोत्सव-2017 के विशेष व नया आकर्षण राजभवन उद्यान शाखा द्वारा बहुत ही काॅम्पैक्ट तरीके से उगाए गए मशरूम व वर्टिकल गार्डन जिसमें घरेलू पात्रों व वेस्ट मटेरियल में उगाई गयी सब्जियाँ व पौधे साथ ही स्पाइस गार्डन होंगे।
इस बार उत्सव के दौरान जारी होने वाले डाक टिकट पर ‘वन तुलसीध्बद्री तुलसी’ का चित्रण होगा। इसके गुणों से जनमानस को परिचित कराने का दायित्व भी उद्यान विभाग के अधिकारियों को सौंपा।
राज्यपाल ने नवीन प्रतिभायुक्त पुष्प उत्पादकों को प्रेरित करने, गैर परम्परागत क्षेत्रों से पुष्प उत्पादकों को आमंत्रित कर प्रदर्शनी में प्रतिभाग कराये जानें, सम्भावित पुष्प क्रेताओं को प्रदर्शनी में आमंत्रित कर क्रेता व विक्रेता के मध्य सामन्जस्य स्थापित करनेे, देहरादून के बाहर से आने वाले कृषकों, निर्णायक मण्डल एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों की आवास व्यवस्था सहित अनेक विषयों पर चर्चा की।

औली में बर्फ की कमी से स्थगित किया गया नेशनल स्कीईंग चैंपियनशिप

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उत्तराखंड में कम बर्फबारी का असर औली में होने वाले नेशनल स्कीईंग चैंपियनशिप पर भी पड़ता नजर आ रहा है।कम बर्फबारी के चलते 19 फरवरी से 22 फरवरी तक आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता स्थगित कर दी गई है।

पिछले कई दिनों से बारिश व बर्फबारी ना होने के चलते, तापमान बढ़ने लगा जिसकी वजह से ऊचाईं वाले इलाकों में बर्फ पिघलने लगी है।विंटर गेम के लिए औली के ढलान स्कीईंग प्रतियोगिता के लिए मुफीद हैं lekin औली में बर्फ पिघल चुकी है और पर्याप्त बर्फ न होने से यह प्रतियोगिता स्थगित कर दी गई।इसके चलते औली में प्रस्तावित 19 फरवरी से 22 फरवरी राष्ट्रीय जूनियर स्कीइंग चैंपियनशिप  स्थगित कर दिया गया है।

विंटर गेम एसोसिएशन के अध्यक्ष एस पी चमोली ने बताया कि इस साल औली में बर्फ की कमी है।नेशनल गेम स्थगित किया गया है,इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 25 फरवरी तक बर्फ का इंतजार किया जा रहा है इसके बाद ही खेल आयोजन को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

 

जंगलों में आग पर जागी सरकार, दिये अधिकारियों को तैयार रहने के आदेश

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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वनाग्नि रोकने के लिये प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिये है। उन्होने पिरूल को वनाग्नि का प्रमुख कारण बताते हुए इसके लिये वनो के समीप पिट बनाकर उसमे पिरूल को एकत्र करने तथा उसके निस्तारण की व्यवस्था करने पर भी बल दिया।

सोमवार को सचिवालय में वनाग्नि पर नियन्त्रण एवं इसके प्रभावी रोकथाम से सम्बंधित बैठक में उन्होने वनो को आग से बचाने के लिये जनजागरूकता के प्रसार पर भी ध्यान देने को कहा। वर्तमान में वनों में लग रही आग के कारणों की जानकारी प्राप्त करने पर प्रमुख वन संरक्षक ने मुख्यमंत्री श्री रावत को बताया कि आजकल वनों में कन्ट्रोल वर्निंग की जा रही है। वनों में आग लगने जैसी कोई बात नही है। वन विभाग द्वारा वनों को आग से बचाने के लिये व्यापक कार्य योजना तैयार की जा रही है, इस सम्बंध में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी भी उन्होने मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि आग को रोकने के लिये फायर वाचरों की व्यवस्था के साथ ही इसका कम्प्रेहेंसिव प्लान तैयार किया जाय।

जिलाधिकारियों से भी इस सम्बंध में समन्वय बनाया जाय इसके लिये एक डेडिकेटेड टेलीफोन नम्बर की भी व्यवस्था की जाय। आधुनिक संचार प्रणाली का भी उपयोग इसके लिये किया जाय फायर लाइन तैयार करने के साथ ही कन्ट्रोल वर्निंग की जानकारी भी आम जनता को उपलब्ध करायी जाय। जंगलों में पानी के ठहराव पर ध्यान देने बड़ी संख्या में टेचेज व बनाने के साथ ही जंगल अपने प्राकृतिक स्वरूप में विकसित हो इसकी व्यवस्था सुनिश्चित हो।
बैठक में मुख्य सचिव एस0 रामास्वामी, प्रमुख वन संरक्षक आर0के0महाजन सहित वन विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर के भाई पर फर्जीवाड़े का केस

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राजपुर पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के छोटे भाई सचिन उपाध्याय के खिलाफ फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि गिरवी रखी जमीन पर सचिन ने अलग-अलग बैंको से लोन लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है।
राजपुर थानाध्यक्ष प्रदीप रावत ने बताया कि दून ट्रैफलगर निवासी मुकेश जोशी ने तहरीर दी की उनका सचिन उपाध्याय से दो करोड़ का लेन-देन था। इस मामले में उन्होंने सचिन के खिलाफ दिल्ली में एक मुकदमा दर्ज भी कराया था। इस मुकदमे में सचिन ने समझौता किया और रकम लौटाने तक राजपुर क्षेत्र में एक जमीन बंधक रख दी थी। आरोप है कि इसी बीच सचिन ने इस जमीन पर अलग-अलग बैंको से फर्जी हस्ताक्षर करा लिए और लाखों का लोन ले लिया। इसकी जानकारी मुकेश जोशी को लगी तो उन्होंने सचिन को राजपुर के एक होटल में बुलाया। जहां दोनों के बीच जमकर कहा सुनी हुई। इसके बाद मुकेश जोशी ने राजपुर थाना पहुँच कर सचिन उपाध्याय के खिलाफ बयान दिया।
राजपुर एस ओ ने बताया की सचिन उपाधयाय के खिलाफ फर्जीवाड़े और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच कराई जा रही है। दिल्ली में दर्ज मुकदमे की डिटेल अभी केस दर्ज हुए केस में शामिल की जायेगी। इसके बाद ही अगली कार्रवाई की जायेगी । उधर सचिन उपाध्याय ने इस तरह की किसी भी सूचना के संज्ञान में आने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जमीन की रखने की कोई बात नहीं है।
इस मामले पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि यह मामला दो बिजनेस पार्टनर के बीच का है जिसके बीच जबरदस्ती मीडिया उनका नाम उछाला रही है।उन्होंने कहा कि इसके बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नही है और मुझे ब्लैकमेल करने के लिए इस तरीके की खबरें बनाई जा रही हैं।