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मिस एशिया पैसेफिक अनुकृति गुसाईं ने उड़ान स्कूल में मनाया फूलदेई त्यौहार

चैत के आगमन पर उत्तराखंड में फूलदेई त्यौहार को बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है। धीरे धीरे परंपरा शहरीकरण के चलते विलुप्ति की कगार पर पहुँच गयी है। एक बार फिर इस त्यौहार को बचाने के लिए बुद्धिजीवी लोगों ने और समाजसेवियों ने अपने प्रयास शुरू किये है। उड़ान स्कूल में भी ये त्यौहार मनाया गया जिसमें मिस पैसेफिक ने शिरकत की।

चैत के आगमन पर उत्तराखंड में फूलों की बयार आ जाती है, जंगल और वनों में बुरांस, फ्यूंली अपने रंग बिखेरने लगते है। ये महीना चैत के आगमन का महीना होता है जिसमे कई लोक-गीत और कविताएं भी शामिल होती हैं और ये लोकगीत हमारी परंपरा से जुड़ी होती है। ऐसे में लोक गायक नई गीतों की रचना करते हैं। और नई कविताएं जन्म लेती है और प्रकृति फूलों के श्रंगार से सज जाती है ऐसे में फूलदेई त्यौहार मनाया जाता है।

ऋषिकेश स्थित निःशुल्क संस्थान उड़ान में भी फूलदेई का त्यौहार बड़े धूम-धाम से मनाया गया जिसमें छोटे-छोटे बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मिस एशिया पैसेफिक अनुकृति गुसाई ने शिरकत की और बच्चों के साथ फूलदेई त्यौहार मनाय। साथ ही उन्होंने बच्चों को मुफ्त कॉपी-किताब बांटी। मीडिया से बात करते हुए अनुकृति गुसाईं ने बताया कि वो उड़ान स्कूल से 2013 से जुडी हुई है और हर बार यहाँ बच्चों के साथ वक्त बिताकर उन्हें बेहद अच्छा लगता है। जहाँ बेहतर शिक्षा और रोजगार की तलाश में लोग शहरों का रुख कर रहे है ऐसे में लोग अपनी संस्कृति से भी दूर होते जा रहे हैं। जिससे आने वाली  पीढ़ी अपनी गढ़वाल की संस्कृति से अछूती रह जाती है।  लगातार पहाड़ो से हो रहे पलायन के साथ कहीं न कहीं हमारी संस्कृति भी पलायन कर रही है ऐसे में समाजसेवी द्वारा ऐसे कार्यक्रम का आयोजन करना उस संस्कृति में जीवन डालने जैसा प्रतीत होता है,जिससे हमारी संस्कृति को हम बाकी लोगों के साथ भी साझा कर सकते है और  आने वाली पीढ़ी भी अपनी संस्कृति  से रूबरू हो सकेगी।

उर्वशी रौतेला को मिला टीसी मिस यूनिर्वस का खिताब

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पूर्व मिस यूनिवर्स इंडिया और अभिनेत्री उर्वशी को टीसी कैलेंडर पोल ने ब्रह्मांड की सबसे खूबसूरत महिला के खिताब से नवाजा है। अभिनेत्री उर्वशी रौतेला को यह खिताब मिलने से देश के साथ ही उत्तराखंड का मान भी बढ़ा है। अभिनेत्री उर्वशी रौतेला ने बॉलीवुड में अपने कैरियर की शुरुआत अनिल शर्मा की एक्सन रोमांच फ़िल्म ‘’सिंह साब द ग्रेट’’ से की थी।टीसी कैलेंडर इससे पहले यह खिताब अभिनेत्री ऐश्वर्या राय को भी दे चुका है। बता दें कि उर्वशी रौतेला फिल्म अभिनेत्री के साथ-साथ मॉडलिंग भी कर चुकी हैं और 2012 में उर्वशी रौतेला मिस इंडिया बनी थी। अभिनेत्री उर्वशी रौतेला 2016 में फिल्म सनम रे में नजर आई थी।

टीसी कैलेंडर की ओर से प्रतिस्पर्धा में दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, जर्मनी समेत 40 देशों की 100 सुंदरियों को शामिल किया था। इन 100 सुंदरियों में से 22 वर्षीय सिने अभिनेत्री उर्वशी रौतेला 2016 में गूगल में सबसे ज्यादा सर्च की गईं। टीसी कैलेंडर की 27वीं बैठक में उर्वशी रौतेला को ब्रह्मांड में सबसे कम उम्र की सबसे खूबसूरत महिला के रूप में वोट मिला।

उर्वशी रौतेला को यह खिताब जीतने की जानकारी तब हुई, जब उन्हें लोगों की बधाइयां आनी शुरू हुईं। बकौल उर्वशी जब उन्हें टीसी कैलेंडर का यह खिताब मिलने की जानकारी हुई तो पल भर के लिए यकीन ही नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि टीसी कैलेंडर की सूची में नाम दर्ज होने पर गर्व की अनुभूति हो रही है।उर्वशी ने बताया कि जब उन्हें टीसी कैलेंडर का यह खिताब मिलने की जानकारी हुई तो पलभर के लिए यकीन ही नहीं हुआउर्वशी ने बताया कि इस साल उनके कई प्रोजेक्ट आने वाले हैं। उम्मीद है कि इनमें लोगों को उनका अभिनय पसंद आएगा। गौरतलब है कि पूर्व मिस यूनिवर्स इंडिया और अभिनेत्री उर्वशी रौतेला उत्तराखंड के कोटद्वार की रहने वाली हैं। अभिनेत्री उर्वशी रौतेला को यह खिताब मिलने पर उनके गृहक्षेत्र  कोटद्वार में खुशी का माहौल है।

सीएम की दौड़ में सतपाल,त्रिवेंद्र के साथ प्रकाश पंत भी हुए शामिल

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चुनावों में भारी जीत दर्ज कर बीजेपी ने एक पड़ाव तो पार कर लिया है। बीजेपी ने राज्य में कोई मुख्यमंत्री घोषित नहीं किया और मोदी के नाम पर लड़ा चुनाव। अब पार्टी के अंदर कौन बनेगा मुख्यमंत्री को लेकर च्रचाएं तेज़ हो गई हैं। बीजेपी चुनाव जीतने के बाद किस चेहरे को मुख्यमंत्री बनायेगी, यह बात लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बीजेपी में ऐसे नेताओं की एक लंबी कतार है जो मुख्यमंत्री के दावेदार है। चुनाव के वक्त भाजपा विवादों पर विराम लगाते हुए मोदी के नाम पर प्रदेश में चुनाव लड़ा।वैसे भाजपा में सतपाल महाराज को सीएम बनने को लेकर चर्चा जोरों पर है लेकिन पार्टी की ओर से अभी कुछ कहा नही जा रहा है।उत्तराखंड गठन के बाद से अब तक तीन विधानसभाओं में एक को छोड़ दिया जाये तो राज्य में विधायक से पहले सीधे मुख्यमंत्री बनने की परंपरा चली आ रही है।झारखण्ड के प्रभारी व डोईवाला से भाजपा विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत का नाम भी सीएम की रेस में चल रहा है और उन्हें भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का नजदीकी माना जाता है।उत्तराखण्ड के चुनाव प्रभारी जेपी नड़्डा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को एक चुनावी सभा में सीएम पद के दावेदार होने के संकेत दिए थे। इसके अलावा प्रकाश पंत को भी सीएम की रेस में माना जाता है। बात करें पिछले तीन विधानसभा चुनावों की तो वर्तमान में हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक को छोड़ दिया जाए तो कोई भी मुख्यमंत्री 16 सालों में सीएम बनने के बाद ही उपचुनाव में विधायक निर्वाचित हुए। चौथी विधानसभा के चुनाव के बीच एक बार फिर लोगों में इस बात की चर्चा बनी हुआ कि भाजपा से कौन नेता मुख्यमंत्री होगा।

2017 के चुनाव में पिथौरागढ़ विधानसभा सीट पर प्रकाश पंत ने केवल अपनी-अपनी साख बचाने में सफल रहे बल्कि कांग्रेस के मयूख महर की जमीन भी खिसका दी है। वह भी तब जब जिला पंचायत, नगरपालिका, विकासखंड में कांग्रेस का कब्जा है। ऊपर से मयूख महर के नाम कई विकास कार्याे की फेहरिस्त है।

प्रकाश पंत के पिता का नाम श्री मोहन चन्द्र पंत तथा माता का नाम श्रीमती कमला पंत है। 11 नवम्बर 1969 को उनका जन्म हुआ। उनका स्थाई पता ग्राम खडकोट, पिथौरागढ है। उनकी राजनीतिक यात्रा 1977 में रा.स्वा.महाविद्यालय पिथौरागढ में सैन्य विज्ञान परिशद में महासचिव बनने से शुरु हुई। 1988 में नगर पालिका पिथौरागढ में सभासद बने। 1988 में स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य निर्वाचित हुए। 2001 में अंतरिम विधानसभा उत्तरांचल के अध्यक्ष निर्वाचित हुए तथा कॉमनवैल्थ देशों में सर्वाधिक कम उम्र के विधान सभा अध्यक्ष निर्वाचित होने का गौरव प्राप्त हुआ। वर्ष 2002 में उत्तरांचल विधान सभा में पिथौरागढ विधान सभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए। 8-3-2007 को द्वितीय निर्वाचित उत्तराखण्ड सरकार की मंत्रि परिषद में संसदीय कार्य, पर्यटन, संस्कृति मंत्री बनाये गये। वहीं संसदीय कार्यमंत्री के रुप में आपने विधानसभा में भी अपनी एक अलग छाप छोडी हैं। संस्कृति मंत्री के रुप में उन्होंने बेजोड़ कार्य किया है।पिथौरागढ़ में भाजपा प्रत्याशी प्रकाश पंत ने शक्ति प्रदर्शन व रोड शो के बिना सीधे नामांकन कराया। इस दौरान डीडीहाट विधायक विशन सिंह चुफाल सहित कई भाजपा नेता उनके साथ मौजूद रहे। भाजपा प्रत्याशी व पूर्व विधान सभा अध्यक्ष पंत इससे पूर्व के सभी चुनावों में शक्ति प्रदर्शन के साथ नामांकन कराते रहे हैं। इस बार उनके बिना किसी रोड शो व समर्थकों के साथ सीधे नामांकन को लोग बदली चुनावी रणनीति से जोड़ रहे हैं। 

आने वाले दो दिन में उत्तराखंड सीएम के नाम से पर्दा तो उठ जाएगा लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या उत्तराखंड में चली आ रही परंपरा एक बार फिर दोहराई जाएगी या इस चुनाव के नतीजों की तरह सीएम के नाम की घोषणा भी हट कर होगी।उत्तराखंड गठन के बाद से अब तक तीन विधानसभाओं में एक को छोड़ दिया जाये तो राज्य में विधायक से पहले सीधे मुख्यमंत्री बनने की परंपरा चली आ रही है।

लोहाघाट बूथ पर मतदान जारी,शाम तक नतीजे होंगे सबके सामने

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कर्णकरायत बूथ संख्या 128 में मतदान जारी हो चुका है। 856 मतदाता करेंगे मतदान।शाम 5 बजे तक बूथ पर होगा मतदानय़आज शाम 6 बजे तक आयेगा परिणाम।

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में लोहाघाट सीट की एक इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के नहीं खुलने से यहां के परिणाम का एलान नहीं हो सका है। निर्वाचन आयोग ने लोहाघाट सीट के एक मतदान केन्द्र पर फिर से  वोटिंग कराये जाने के आदेश दिये थे। यहां ईवीएम में गड़बड़ी के कारण बीच में ही मतगणना रोकनी पड़ी थी। राज्य के निर्वाचन कार्यालय ने कहा था कि कर्णकरायत में गवर्नमेंट इंटर कॉलेज में मतदान केन्द्र संख्या 128 पर पुन: मतदान कराया जाए। यहां तकनीकी खामी के कारण ईवीएम ने नतीजे दिखाना बंद कर दिया था जिससे प्रशासन को मतगणना रोकनी पड़ी थी।

15 मार्च यानी बुधवार को मतदान होगा। उसी शाम को मतगणना की जाएगी और नतीजे घोषित किये जाएंगे। जब ईवीएम बंद हुई तो भाजपा प्रत्याशी पूरन सिंह फर्त्याल अपनी करीबी प्रतिद्वंदी कांग्रेस के खुशाल सिंह से 450 मतों से आगे चल रहे थे। भाजपा ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करते हुये 70 में से 56 सीटों पर कब्जा किया है जबकि कांग्रेस केवल 11 सीटों पर सिमट गयी।

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में दो तिहाई बहुमत के साथ भाजपा ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की है। वहीं चंपावत जिले की दो विधानसभा सीटों में से एक लोहाघाट का नतीजा घोषित नहीं हो सका है। लोहाघाट सीट की एक ईवीएम को छोड़कर भाजपा को अभी यहां 489 वोटों की बढ़त है।

उत्तराखंड में कौन बनेगा मुख्यमंत्री की चर्चा जोरों पर

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उत्तराखंड गठन के बाद से अब तक तीन विधानसभाओं में एक को छोड़ दिया जाये तो राज्य में विधायक से पहले सीधे मुख्यमंत्री बनने की परंपरा चली आ रही है। प्रदेश में चौथी आम विधानसभा चुनाव में 70 में से 69 सीटों पर चुनाव संपन्न हो चुका है जबकि एक सीट कर्णप्रयाग पर नौ मार्च को चुनाव होना है।
बात करें पिछले तीन विधानसभा चुनावों की तो वर्तमान में हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक को छोड़ दिया जाए तो कोई भी मुख्यमंत्री 16 सालों में सीएम बनने के बाद ही उपचुनाव में विधायक निर्वाचित हुए। चौथी विधानसभा के चुनाव के बीच एक बार फिर लोगों में इस बात की चर्चा बनी हुआ कि कांग्रेस भाजपा के कौन नेता मुख्यमंत्री होगा। हालांकि कांग्रेस में हरीश रावत को ही सीएम का दावेदार माना जा रहा है लेकिन भाजपा में नाम को लेकर संस्पेंश बना हुआ है। उत्तराखण्ड में कई बार सत्तासीन मुख्यमंत्री को राजनीतिक अंकगणित में पद से हाथ धोना पड़ा है।
उत्तराखण्ड गठन के बाद प्रथम मुख्यमंत्री बने नित्यानंद स्वामी 09 नवम्बर 2000 से 29 अक्टूबर 2001 तक सीएम तक रहें। भगत सिंह कोश्यारी 30 अक्टूबर 2001 से 01 मार्च 2002 तक सीएम रहे इस दौरान राज्य में अंतरिम विधानसभा थी और आम चुनाव नहीं हुए थे। वर्ष 2002 में पहली बार विधानसभा के आम चुनाव हुए, लेकिन सीएम बनने वाले एनडी तिवारी रामनगर सीट पर उपचुनाव में विधायक निर्वाचित हुए।
भुवन चन्द्र खंडूड़ी मार्च 2007 से 26 जून 2009 तक मुख्यमंत्री रहे, लेकिन वे भी विधानसभा चुनाव में विधायक नहीं बन पाए थे और वे धूमाकोट विधानसभा सीट से उपचुनाव में विधायक बने। रमेश पोखरियाल निशंक 27 जून 2009 से 10 सितम्बर 2011 तक सीएम रहे जो अकेले ऐसे विधायक हैं जो मुख्यमंत्री रहे। वर्ष 2012 में भाजपा से सत्ता छीनकर कांग्रेस के विजय बहुगुणा भी पहले सीएम बने और बाद में सितारगंज से उपचुनाव में विधायक बने।
वर्तमान सीएम हरीश रावत भी सांसद रहने के बाद 01 फरवरी 2014 को सीएम बने तो वह भी धारचुला विधानसभा सीट से उप चुनाव में विधायक बने। प्रदेश में चौथी विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद ही राज्य की नई तस्वीर स्पष्ट हो पायेगा।

झंडा जी साहब के दरबार में मन्नत मांगने से मुराद होती है पूरी

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दून के ऐतिहासिक झंडा जी साहब का 371वां मेला 17 मार्च से शुरु होगा। परम्परा के अनुसार हर तीन साल में झंडा जी को बदला जाता है। पुराने झंडा जी को तीन साल हो चुके हैं। लिहाजा इस बार झंडा जी के लिए नए दरख्त को तैयार किया जा रहा है। मोहब्बेवाला-दूधली के जंगल से साल के पेड़ को झंडा जी के लिए चुना जा चुका है।मोहब्बेवाला स्थित श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल में इस झंडे जी को तराशने का काम चल रहा है। 14 को पंजाब की संगत दून आने पर इसे कंधे में लादकर दरबार साहिब लेकर आएगी। इस बार करनाल (हरियाणा) के आशीष कुमार गोयल को पवित्र दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का मौका मिलेगा। दर्शनी गिलाफ चढ़ाने की बुकिंग उनके पिता स्व.प्रेमचंद ने 28 साल पहले कराई थी।
हजारों श्रद्धालु देश-विदेश से देहरादून पहुंचते हैं
।दर्शनी गिलाफ चढ़ाने के लिए आशीष अपनी मां रेनू और बहनों के साथ 16 मार्च को दून पहुंचेंगे। दून के झंडा जी मोहल्ले में ही आशीष की मां का मायका भी है। रेनू ने बताया कि उनके पति ने पुत्र आशीष के पैदा होने पर झंडा जी पर दर्शनी गिलाफ चढ़ाने की मन्नत मांगी थी। आशीष का परिवार अब कुरुक्षेत्र में रहता है। महंत श्री गुरु राम राय की ओर से सन् 1646 में शुरू किए गए झंडा जी मेले के लिए छह मार्च को पंजाब की पैदल संगत को न्योता भेजा जाएगा। इसके साथ झंडा मेले की तैयारियां भी शुरू हो जाएंगी। दून के सबसे पुराने व बड़े मेले के लिए दून में गुरु राम राय मिशन से जुड़े हजारों श्रद्धालु देश-विदेश से देहरादून पहुंचते हैं। आर्कषक दृश्य नब्बे फीट के झंडा जी का आरोहण और उस पर चढ़ाए जाने वाले गिलाफ होते हैं। झंडा जी पर चढ़ाए जाने वाले गिलाफ की बुकिंग पहले से करनी पड़ती है। इस पर हर साल सिर्फ एक दर्शनी गिलाफ, बीस सनील व चालीस सादे गिलाफ चढ़ाए जाते हैं। इस वजह से इसमें गिलाफ चढ़ाने की मनौती मांगने वालों को अपना नाम एक रजिस्टर में लिखवाना होता है। झंडा जी साहब मेले में श्रद्धालुओं दूर-दूर से पहुंचते हैं और मत्था टेक कर मन्नत मांगते हैं।

गोवा और मणिपुर में बीजेपी सरकार बनाने पर उत्तराखंड में फूंका मोदी का पुतला

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यह पहली बार है जब मणिपुर में भाजपा सरकार बनाने जा रही है। शनिवार से ही भाजपा यह दावा कर रही है कि वह मणिपुर में सरकार बनाने में कामयाब होगी। वहीं कांग्रेस लगातार इस मुद्दे पर हंगामा कर रही है कि प्रदेश में 28 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद राज्यपाल ने उसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया। भाजपा को मणिपुर में 21 सीटें मिली हैं।
इससे पहले कि कांग्रेस सरकार बनाने का दावा करती, कई विधायक भाजपा के पाले में आए जिससे पार्टी को सरकार बनाने लायक आंकड़ा हासिल हो गई। राज्यपाल ने भी भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। कांग्रेस के कई विधायक और तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक भाजपा खेमे में चले गए।
वहीं उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी ने भी बढ़चढ़ कर विरोध किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी फूंका। कांग्रेस ने विरोध करते हुए संदेश दिया की बीजेपी को सरकार बनाने का अधिकार नहीं है। वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि दूसरे नंबर पर आने वाली पार्टी को सरकार बनाने का कोई हक नहीं हैं और साथ ही आरोप लगाया है कि मणिपुर और गोवा में जोड़तोड़ करके सरकार बनाई जा रही है।
वहीं कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आर पी रतूड़ी ने कहा कि बीजेपी ने संविधान व सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग को भी धर किनार कर दिया है और सीधे-सीधे उस दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रण दिया है जो की दूसरे नंबर पर आई है। इससे दो नुक्सान हुए हैं एक खरीद फिरोध को बढ़ावा मिलेगा और संविधान की अवेलना भी करी गई है।

उत्तराखंड से गिरफ्तार बिहार सेक्स स्कैंडल का आरोपी, दो महीनों से दे रहा था चकमा

बिहार के पूर्व मंत्री की बेटी के साथ यौन शोषण के आरोप में फरार चल रहे मुख्य आरोपी निखिल प्रियदर्शी को उत्तराखंड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बिहार कैडर के पूर्व आईएएस का बेटा है जिसे जनपद पौड़ी की लक्ष्मण झूला पुलिस ने चीला के पास गिरफ्तार कर लिया है।निखिल प्रियदर्शी की तलाश एसआईटी की टीम को पिछले 2 महीने से थी। पुलिस निखिल के मोबाइल नंबर, फेसबुक और इमेल आईडी को लगातार ट्रैक कर रही थी। एसआईटी द्वारा दिए गए इनपुट के आधार पर लक्ष्मण झूला पुलिस स्टेशन की टीम ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसकी कार को भी जब्त कर लिया है। गौरतलब है कि निखिल प्रियदर्शी के साथ ही पूर्व आईएएस कृष्ण बिहारी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। निखिल पिछले दो महीनों से पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था और अपना ठिकाना बदल रहा था। फिलहाल, पुलिस निखिल को उत्तराखंड से पटना लाने की तैयारी कर रही है। वहीँ बिहार के पूर्व मंत्री की बेटी ने निखिल पर यौन उत्पीड़न सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। मामले को लेकर जमकर सियासत हुई आरोप प्रत्यारोप का दौर भी चला। निखिल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस मुख्यालय ने एसआईटी गठित की और काफी मशक्कत के बाद आखिरकार एसआईटी को कामयाबी मिली और निखिल धर दबोचा गया। मुख्य आरोपी निखिल प्रियदर्शी की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एम मोहसिन ने बताया कि योनाचार के मामले में वो पिछले 2 महीने से फरार चल रहा था, फिलहाल आरोपी को पौड़ी कोर्ट में पेश किया जाना है,फिलहाल पूछताछ चल रही है ।निखिल के खिलाफ 22 दिसंबर, 2016 को एससी-एसटी थाने में यौन शोषण का मामला दर्ज कराया गया था।बिहार राज्य में धारा 354 /ए(i,ii )506 /34 एससी/एसटी एक्ट पोक्सो अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत रजिस्टर्ड हुआ।

खास है यह पटरी पर दौड़ने वाली लाइफ लाईन ट्रेन

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भारत देश या कहें तो दुनिया का पहला ट्रेन अस्पताल जो यात्रा के दौरान मरीज का इलाज करेगा।एस ट्रेन में कैंसर के साथ साथ परिवार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का इलाज भी होगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने के लिए शुरु की गई है।भारत के उन ग्रामीण क्षेत्रों में जहां स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं या ऐसे क्षेत्र जहां प्राकृतिक आपदा का प्रकोप रहा है वहां पर यह ट्रेन जाएगी और सुविधा प्रदान करेगी। यह ट्रेन कुछ दिनों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के पास रुकेंगी और इलाज के साथ साथ मेजर सर्जरी भी करेगी जिससे क्षेत्रीय लोगों की परेशानी कम हो सकेगी।

सारी सुविधाओं से युक्त तीन आपरेशन थियेटर लोगों की सेवा के लिए बिना किसी पैसों के उपलब्ध रहेगी।आखों का आपरेशन हो या,कान का आपरेशन,जलना,कटना,दात का इलाज,मिर्गी का इलाज या किसी भी तरह के मेजर समस्याओं का इलाज इस ट्रेन में उपलब्ध है।

आकड़ों के अनुसार ट्रेन के एक बार रुकने में लगभग 10,000 लोगों को फायदा मिलेगा।अभी तक लगभग 10 लाख मरीजों को 177 अलग अलग लोकेशन से ट्रेन के इलाज से फायदा मिल चुका है।करीब 1 लाख आखों का आपरेशन,कान का आपरेशन और चेहरे पर लगी चोट का इलाज ट्रेन में मौजूद डाक्टरों ने कर दिया है।

मजे की बात तो यह है कि यह लाइफ लाइन अस्पताल को लोग मैजिक ट्रेन के नाम से भी जानते है,और बहुत से देशों में इसकी तरह अस्पताल ट्रेन और पानी में चलने वाली नाव अस्पताल का आविष्कार भी हुआ है।

इस ट्रेन को 1991 में शुरु किया था और तब से देश के कोने-कोने में पहुंचकर लोगों का इलाज जारी है। इस ट्रेन में ऑपरेशन से लेकर हर प्रकार के इलाज की सुविधाएं हैं। इसलिए इसे हॉस्पीटल ऑन व्हील कहा जाता है।

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यह है इस ट्रेन में

  • दो सर्जीकल ऑपरेशन थियेटर, जिसमें पोलियो से लेकर कटे होठों और मोतियाबिंद जैसे ऑपरेशन किए जाते हैं।
  • ऑपरेशन थियेटर में पांच टेबल हैं, जो आधुनिक मेडिकल उपकरणों से जुड़ी हैं।
  • ट्रेन में दो रिकवरी रूम हैं, जिसमें ऑपरेशन के बाद मरीजों को रखा जाता है।
  • ऑपरेशन थियेटर में इलाज के लिए अल्ट्रा मार्डन माइक्रोस्कोप से लेकर लेबोरेटरी, एक्सरे यूनिट भी है।
  • ट्रेन में डेंटल रूम, ऑप्थेलोलॉजी ट्रीटमेंट से लेकर मेडिकल स्टाफ के लिए रूम बने हुए हैं।
  • लाइफ लाइन एक्सप्रेस का खुद का पावर हाउस है, जो पूरी ट्रेन को बिजली सप्लाई करता है।
  • सीसीटीवी कैमरे पूरी ट्रेन में हैं, जिससे पूरी मॉनीटरिंग कंट्रोलरूम में बैठकर की जा सकती है।

केवल भारत में नहीं, बल्कि चीन, यूरोप के अलावा पड़ोसी बांग्लादेश जैसे देशों ने इस चलते-फिरते अस्पताल को पसंद किया है।

होली पर दिन भर व्यस्त रही 108 आपातकालीन सेवा

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इस वर्ष होली के अवसर पर राज्य में 11 मार्च को घोषित चुनाव नतीजों को ध्यान में रखते हुए जीवीके ईएमआरआई सस्था द्वारा अपनी पूरी टीम को हाई अलर्ट पर रखा गया था, होली के दिन 108 आपातकालीन सेवा द्वारा राज्य भर से कुल 921 आपातकालीन काल्स प्राप्त की गई, जो कि सामान्य दिनों की तुलना में लगभग दोगुनी रही। प्रत्येक वर्श की भांति इस वर्ष भी देहरादून जिले से सर्वाधिक 226 आपातकालीन काल्स प्राप्त हुई।

होली के अवसर पर सम्पूर्ण राज्य से प्राप्त हुये कुल आपातकालीन मामलों में से 559 मेडिकल तथा 173 पुलिस सम्बन्धी आपातकालीन मामले थे, जिनमें से 120 मामले सड़क दुर्घटनाओं सम्बन्धी थे। सड़क दुर्घटना के मामलों में भी देहरादून प्रथम स्थान पर रहा, जहां पर सर्वाधिक 48 सड़क दुर्घटना सम्बन्धी मामले दर्ज हुए। वहीं उधमसिंह नगर, नैनीताल एवं हरिद्वार से भी काफी संख्या में क्रमशः 25,19 एवं 18 सड़क दुर्घटना सम्बन्धी आपातकालीन मामलों  में सेवाऐ प्रदान की गई।

देहरादून शहर में तैनात सभी बारह एम्बुलेंस वाहन दिन भर आपातकालीन मामलों में अपनी सेवाएं प्रदान करते रहे। इस अवसर पर 108 आपातकालीन सेवा के स्टेट हैड मनीश टिंकू ने कहा कि इस वर्श राज्य में विधानसभा चुनाव के नतीजों को ध्यान में रखते हुए हमने होली के दौरान सम्पूर्ण प्रदेश में घटित होने वाली किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिये अपनी पूरी तैयारिया कर रखी थी जिसके परिणाम स्वरुप ही हमारे द्वारा होली के दिन राज्य के नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकी। इसके लिये उन्होंने अपनी समस्त टीम को बधाई दी, मनीश टिंकू ने यह भी बताया कि यह हमारे द्वारा पूर्व में की गयी तैयारियों का ही परिणाम था कि होली के अवसर पर हमने अधिक से अधिक आपातकालीन मामलों में अपनी त्वरित सेवाऐं प्रदान की।होली पर दिन भर व्यस्त रही 108 आपातकालीन सेवा

  • होली के अवसर पर 108 आपातकालीन सेवा द्वारा आम दिनों की तुलना से लगभग दोगुनी आपातकालीन काल्स प्राप्त की गयी।
  • राज्य भर से कुल 921 आपातकालीन काॅल्स प्राप्त की गई।
  • कुल 538 लोगों को पहुॅचाया गया अस्पताल।
  • कुल 120 सड़क दुर्घटनाओं के मामले हुए दर्ज।
  • देहरादून जिले से प्राप्त हुई सबसे अधिक 226 आपातकालीन मामले।