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सज गया ग्राउंड,18 मार्च को शपथ लेगें त्रिवेंद्र सिंह रावत

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शपथ ग्रहण के लिए 18 मार्च को तीन बजे अपराह्न का समय निर्धारित किया गया है। परेड ग्राउंड के रूप में स्थान भी तय कर दिया गया है। सचिव गृह से लेकर डीएम-एसएसपी तक सभी आला अफसर परेड ग्राउंड में डटे हुए हैं। शपथ ग्रहण कार्यक्रम के लिए भाजपा ने स्थानीय अतिथियों के साथ ही दिल्ली से आने वाले वीवीआईपी की फेहरिश्त भी तैयार कर ली है। इसी फेहरिश्त के हिसाब से जिला प्रशासन ने करीब-करीब सभी तैयारियां पूरी कर ली है। तैयारियों को पुख्ता करने के लिए शुक्रवार की शाम रिहर्सल भी शुरू हो गई।

महामंत्री श्री संजय कुमार ने बताया कि इस आयोजन में पूरे प्रदेश से भाजपा कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं। शपथ ग्रहण कार्यक्रम के उपरान्त महामहिम राज्यपाल के प्रस्थान के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह जन समुदाय को सम्बोधित करेंगे।बैठक में नगर में सज्जा करने और इस आयोजन में जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रबंध करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश महामंत्री श्री नरेश बंसल इसमें संयोजक बनाये गए है। साथ ही प्रदेश् महामंत्री श्री खजान दास व श्री गजराज सिंह बिष्ट उनका सहयोग करेंगें । प्रदेश उपाध्यक्ष श्री ज्योति गैरोला जिलों के साथ संयोजन करेंगे। उपस्थित विधायकों श्री हरबंस कपूर, श्री सहदेव सिंह पुंडीर, श्री गणेश जोशी श्री उमेश् शर्मा, श्री विनोद चमोली श्री प्रेम अग्रवाल आदि अपने अपने छेत्र में जरुरी व्यवस्था करेंगे। साथ ही नअलग अलग पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गई।शपथ समारोह परेड मैदान देहरादून में अपरान्ह 3 बजे होगा। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व देश के कई प्रमुख नेता व गणमान्य लोग शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित देहरादून दौरे के बारे में मुख्य सचिव एस.रामास्वामी ने गुरूवार को सचिवालय में तैयारी बैठक की। प्रधानमंत्री के 18 मार्च को जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने पर उनका स्वागत राज्यपाल, मनोनीत मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और डी.जी.पी. करेंगे। जौलीग्रांट से प्रधानमंत्री हवाई मार्ग से जीटीसी हैलीपैड आयेंगे। जीटीसी से सड़क मार्ग से परेड ग्राउंड आयेंगे। मुख्य सचिव ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्वास्थ्य, संचार, बिजली, परिवहन आदि की फूलप्रूफ व्यवस्था के लिए कहा। कांटीजेंसी प्लान पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मंच की व्यवस्था, ट्रैफिक प्लान, निमंत्रण पत्र वितरण पर भी बैठक में विचार विमर्श किया गया।
बैठक में डी.जी.पी एम.ए.गणपति, प्रमुख सचिव गृह डाॅ.उमाकांत पंवार, सचिव गृह विनोद शर्मा, सचिव गोपन अरविन्द सिंह ह्यांकी, एडीजी राम सिंह मीना, डीआईजी पुष्पक ज्योति, डीएम रविनाथ रमन, एस.एस.पी. स्वीटी अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

57 सीटों पर परचम लहराने के बाद पीएम मोदी की सौगात,आल वेदर रोड के लिए 3000 करोड की राशि अवमुक्त

उत्तराखंड में धार्मिक यात्रा का विशेष महत्व इस पाहडी राज्य की आर्थिकी का मुख्य जरिया पर्यटन से होता है।उत्तराखण्ड की रीढ़ कहे जाने वाली चार धाम यात्रा के लिए पहली बार आल वेदर रोड के लिए केंद्र सरकार ने 300 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है।  जिससे बरसात के सीजन में लगातार लेंड स्लाइड से बन्द होने वाली रोड से यात्रा प्रभावित और यात्रियों को होने वाली परेशानियों से निजात मिलेगी।
देव भूमि का प्रवेश द्वार ऋषिकेश जहाँ से चार धाम यात्रा का शुभारभ होता है,और सालभर देश-विदेश से तीर्थयात्री उत्तराखंड के दर्शन के लिए आते है लेकिन सालों से यहाँ की  सड़कें कभी भूस्खलन तो कभी अति बारिश से प्रभावित रहती है। ऐसे में यहाँ का पर्यटन उद्योग मात्र 3-4 महीने ही चल पाता है और साल भर कभी सर्दी तो कभी बारिश की मार से उद्योग प्रभावित रहता है। ऐसे में केंद्र सरकार की महत्वकांशी योजना आल वेदर  रोड  यहाँ के पर्यटन उद्योग के साथ साथ देश विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए भी एक नयी सौगात लेकर आयी  है,जिससे पहाड़ों  पर हर  मौसम में यात्रा की जा सकेगी।
 वहीँ उत्तराखंड में चार धाम यात्रा करा रही एशिया की सबसे बड़ी सहकारी समिति संयुक्त रोटेशन ने इसे राज्य के पर्यटन की दिशा में मील का पत्थर बताया है। संयुक्त रोटेशन के  अध्यक्ष सुधीर राय का कहना है कि प्रधानमंत्री ने राज्य निर्माण के बाद ये सबसे बड़ी सौगात उत्तराखंड वासियो को दी है जो सड़क परिवहन के साथ  साथ  राज्य के पर्यटन व्यवसाय के लिए भी संजीवनी का काम करेगी।अगर यह रोड जल्द बन जाती है आने वाले सालो में धार्मिक पर्यटन के साथ साथ एवेंचर टूरिज्म के लिए भी कई संभवनाये हो जाएगी, ॉयात्री साल भर उत्तरखंड में  यात्रा का आनंद ले सकेंगे।
 उत्तराखंड के  चार धाम हिंदुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र  माने जाते हैं प्रतिवर्ष देश विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु यात्रा  के लिए आते हैं,लेकिन यात्रा में मौसम की मार हमेशा रूकावट पैदा करती है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आल वेदर रोड उत्तराखंड के पर्यटन के लिये मील का पत्थर साबित होगी।

शपथ ग्रहण समारोह के बाद जनसभा को संबोधित करेंगें पीेएम मोदी,यह रहा शेड्यूल

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भाजपा विद्यायक दल की बैठक और प्रधानमंत्री व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की जनसभा की तैयारियों को लेकर आज सांय भाजपा प्रदेश कार्यालय पर भाजपा पदाधिकारियों व विधायको की बैठक हुई। प्रदेश उपाध्यक्ष श्री केदार जोशी की अध्यक्षता व प्रदेश महामंत्री संगठन श्री संजय कुमार के संयोजन में हुई इस बैठक में तैयारियों को लेकर आवश्यक निर्णय लिए गए।
बैठक में महामंत्री श्री संजय कुमार ने बताया कि इस आयोजन में पूरे प्रदेश से भाजपा कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं। शपथ ग्रहण कार्यक्रम के उपरान्त महामहिम राज्यपाल के प्रस्थान के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह जन समुदाय को सम्बोधित करेंगे।

पीएम मोदी का कार्यक्रम:

  • 2:25 बजे पहुचेंगे जोलीग्रांट एयरपोर्ट।
  • 2:30 बजे जोलीग्रांट एयरपोर्ट से जीटीएम हैलीपैड के लिए रवाना।
  • 2:50 बजे पहुचेंगे जीटीएम हैलीपैड ।
  • 2:55 बजे जीटीएम हैलीपैड से परेड ग्राउंड के लिये रवाना।
  • 3:00 बजे पहुचेंगे परेड ग्राउंड                                                                                                    शपथ ग्रहण समारोह
  • 4;00 बजे परेड ग्राउंड से जीटीएम हैलीपैड के लिए रवाना।
  • 4:05 बजे जीटी एम हैलीपैड से जोलीग्रांड एयरपोर्ट।
  • 4:25 बजे जोलीग्रांट एयरपोर्ट से दिल्ली एयरपोर्ट रवाना।

रामनगर में बाघ ने दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया

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रामनगर, तराई पश्चिम वन प्रभाग के बैलपड़ाव रेंज में एक बाघ ने दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया। हमला करने के बाद बाघ दोनों शवों के पास रहा। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बाघ को भगाने के लिए कई राउंड हवाई फायरिंग भी की लेकिन वह नहीं भागा।

बता दें कि बैलपड़ाव क्षेत्र के कादिराबाद गांव निवासी भगवती (33 वर्ष) कुछ महिलाओं के साथ सुबह करीब नौ बजे जंगल में लकड़ी बीनने गई थी कि बाघ ने अचानक पीछे से भगवती पर हमला कर दिया और उसे घसीटकर ले गया। उसके साथ गई महिलाओं ने जब इसकी सूचना ग्रामीणों को दी तो वे ढोल नगाड़े बजाते,  हो हल्ला करते हुए जंगल की ओर दौड़ पड़े। इसी बीच बाघ ने ग्रामीणों पर भी हमला बोल दिया और नदी में चुगान का कार्य करने वाले लखपत को भी घसीट कर ले गया। बाघ के हमले से दहशत में आए ग्रामीण वहां से भाग खड़े हुए।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे बैलपड़ाव रेंज अधिकारी शेखर तिवारी और एसडीओ बलवंत सिंह शाही ने डीएफओ तराई पश्चिमी कहकशा नसीम को इसकी सूचना दी। इसके बाद वनकर्मी बंद जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे तो बाघ ने उनपर भी हमले की कोशिश की। उसके बाद वनकर्मियों ने कई राउंड हवाई फायरिंग भी की लेकिन बाघ टस से मस न हो सका।

जिसके बाद वनकर्मी वापस लौट आए। वन कर्मियों ने बताया कि बाघ घायल है और काफी गुस्से में है। इसीलिए वनकर्मी भी मौके पर जाने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। फिलहाल वनकर्मियों ने ग्रामीणों से घटनास्थल के आसपास जुटे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। साथ वन विभाग की टीम बाघ को पकडऩे के लिए रणनीति तैयार कर रही है। डीएफ ओ कहकशा नसीम के मुताबिक नैनीताल से रेस्क्यू टीम बुलाई गयी है जिससे बाघ को ट्रैंकुलर किया जाएगा। दोनों मृतक ससुर और बहु हैं तथा नदी में चुगान का कार्य करते हैं। बताया जाता है कि आज नदी में छुट्टी का दिन होने की वजह से वह सुबह ही लकड़ी लेने जंगल चली गयी थी कि बाघ ने उसपर अचानक से हमला बोल दिया। इस दौरान तराई पश्चिमी वन प्रभाग की पूरी टीम रामनगर वन प्रभाग की डीएफओ नेहा वर्मा, एसआई विपिन जोशी, सिपाही गणेश व कालाढूंगी के एसओ कमल हसन आदि सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।

राज्य में आज से शुरु हो गई बोर्ड परीक्षाएं

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उत्तराखंड में बोर्ड की परीक्षाएं कल से शुरू हो रही हैं। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के अनुसार हाईस्कूल में एक लाख 53 हजार 814 और इंटरमीडिएट में एक लाख 33 हजार 417 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थी तनाव मुक्त और तरोताजा होकर परीक्षा दें। परीक्षा के लिए प्रदेश भर में लगभग 319 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

प्रदेश में विभिन्न केंद्रों को संवेदनशील और अति संवेदनशील घोषित किया गया है। जहां विशेष रूप से निगरानी रखी जाएगी। बता दें कि प्रदेश में बोर्ड की परीक्षाएं मार्च पहले सप्ताह से होनी थी लेकिन चुनाव के चलते बोर्ड परीक्षाओं की तिथि आगे बढ़ानी पड़ी थी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी की ओर से इस पर सहमति दी गई थी कि रामनगर बोर्ड 11 मार्च के बाद कभी भी परीक्षाएं करा सकता है।

शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने कहा कि उम्मीद है परीक्षार्थी पूर्ण मनोयोग और लगन से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। वहीं, अभिभावक परीक्षा अवधि में बच्चों के लिए उचित शैक्षिक वातावरण तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से अपेक्षा है कि वह परीक्षा के सफल संचालन में अपना पूर्ण सहयोग देंगे।उन्होंने बताया कि परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए सचल दल गठित किए गए हैं।

यह भी कहा जा रहा था कि चुनाव में बड़ी संख्या में टीचरों की ड्यूटी लगने और स्कूलों को मतदान केंद्र बनाए जाने से परीक्षा तिथि प्रभावित हो रही है। जिसे देखते हुए निर्वाचन आयोग की ओर से रामनगर बोर्ड को निर्देशित किया गया था कि बगैर निर्वाचन आयोग की सहमति के बाद ही बोर्ड परीक्षाओं की तिथि निर्धारित की।वही लिखित परीक्षा के लिए संभावित परीक्षा समय सारणी तय कर इसे सहमति के लिए निर्वाचन आयोग को भेजा गया था।

हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर परिधि में धारा-144 लागू कर दी गई है जो 16 मार्च से 10 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी।जिलाधिकारी ने धारा-144 के अन्तर्गत आदेश पारित किये हैं कि कोई भी व्यक्ति परीक्षा केन्द्र की 200 मीटर परिधि के भीतर लाठी, चाकू आदि किसी भी प्रकार का हथियार एवं विस्फोटक पदार्थ लेकर नहीं चलेगा, न ही ईंट पत्थर एकत्रित करेगा और न ही किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग करेगा।

उन्होंने कहा है कि परीक्षा केन्द्र के क्षेत्रान्तर्गत कोई भी व्यक्ति ध्वनि विस्तारक यन्त्रों का प्रयोग भी नहीं करेगा, न ही ऐसे उत्तेजनात्मक नारे लगायेगा जिससे शान्ति व्यवस्था भंग होने की सम्भावना हो। साथ ही किसी भी व्यक्ति को ऐसे कार्य भी नहीं करने हैं जिससे सार्वजनिक एवं राजकीय सम्पत्ति को नुकसान पहुंचे।
उन्होंने कहा है कि यह आदेश पुलिस बल, पीएसी व ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों एवं आवश्यक सेवाओं पर प्रभावी नहीं होगा। जिलाधिकारी ने जनता से कहा है कि इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन किया जाए अन्यथा आदेश की अवहेलना करने वाले व्यक्ति के विरुद्व धारा-188 के अन्तर्गत दण्डात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

डिजिटल पेमेंट की दिशा में आगे बढ़ा उत्तराखंड

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केंद्र सरकार की ओर से ड‌िज‌िटल इंड‌िया की शुरुआत करने के बाद उत्तराखंड में भी लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं। यही कारण है क‌ि इन दो सालों में जो बदलाव हुए हैं वह हैरतअंगेज कर देने वाले हैं।
डिजिटल पेमेंट की दिशा में उत्तराखंड ने तेज दौड़ लगा दी है। इस लिहाज से हुए तमाम कार्यों के संबंध में मुख्य सचिव एस. रामास्वामी ने केन्द्रीय कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अवगत कराया।
 सचिवालय में आधार और मोबाईल सीडिंग के बारे में मुख्य सचिव ने बताया कि 1.47 करोड़ बैंक खातों को आधार से जोड़ दिया गया है। इनमें से 51 लाख खातों की सीडिंग भी हो गई है। प्रधानमंत्री जनधन योजना में 22 लाख खाते खोले गए हैं, जिनमें से 11 लाख खातों की आधार सीडिंग हो गई है। इसके साथ ही बैंकों द्वारा बल्क एसएमएस भेजे जा रहे हैं। साथ ही हर जिले में जागरुकता कैम्प भी लगाए गए हैं।
कैबिनेट सचिव ने किराना दुकानों, सफल, मदर डेयरी आदि और आवश्यक वस्तुओं को डिजिटल प्लेटफार्म पर बिक्री के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 24,000 पीओएस प्वाइंट ऑफ  सेल की मांग के सापेक्ष अब तक 1403 पीओएस यानी स्वाइप मशीन जारी किए गए हैं। शेष के लिए कार्रवाई की जा रही है बताया गया है कि 18 लाख कार्ड जारी किए गए हैं। इनमें से 12 लाख कार्ड को सक्रिय कर दिया गया है।
हर वर्ग के लोग और हर आयु के लोगो ने डिजिटल पेमेंट को अपना लिया है यही वजह है कि अब नोटबंदी के बावजूद स्थिति काबू में आ गई है।

नमामि गंगे प्रोजेक्ट से गंगा होगी प्रदुषण मुक्त,ऋषिकेश में 158 करोड़ की बड़ी परियोजना

उत्तराखंड और यूपी फतह के बाद अब केंद्र सरकार एक्शन में आ गयी है।गंगा को लेकर केंद्र सरकार ने नमामि गंगे प्रोजेक्ट के लिए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लिए 19 अरब रुपये की 20 परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है जिसमे से  13 परियोजनाएं उत्तराखंड में शुरू हो रही है।  ऋषिकेश में 158 करोड़ की बड़ी परियोजना  को अनुमोदित किया गया है जिस से श्रद्धालुओ और गंगा प्रेमियो में  ख़ुशी की लहर है।
 गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार गंगा किनारे बसे उत्तराखंड समेत पांच राज्यो में नयी शुरुवात करने जा रही है। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए  सर्वे और प्लानिंग लगभग पूरी हो चुकी है। इंतज़ार है इस प्रोजेक्ट का धरातल में उतरने का जिसके लिए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लिए 19 अरब रुपये की 20 परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है जिस से आने वाले दिनों में गंगा जल बदलाव साफ़ देखा जायेगा। जिसमें इस प्रोजेक्ट के लिए एसटीपी ,जलीय जीव ब्रीडिंग सेंटर और  जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा सके और गंगा के तट अपने पुराने स्वरुप में लौट सके। गंगा प्रेमी और तीर्थ यात्री इसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे केंद्र सरकार द्वारा धरातल में उतारने के लिए 19 अरब रुपये की राशि से बनने वाली परियोजनाओं को लेकर ख़ुशी की लहर है।
आबादी का बोझ उठाते उठाते गंगा में प्रदूषण की मात्रा जिस कदर बड़ रही है उससे आने वाले समय में गंगा आचमन के योग्य भी नहीं रह पायेगी, इसलिए इसे जल्द ही स्वत्छ करने की जरूरत है। वहीँ नमामि गंगे प्रोजेक्ट के उत्तराखंड प्रभारी राघव लंगर का कहना है कि ये परियोजना काफी बड़ी है जिसके लिए अब गंगा तटो पर कई योजनाओ को  शुरू किया जा रहा है। जिसके तहत सीवर ट्रीटमेंट प्लांट और गंदे नालो की टेपिंग के साथ साथ धरातल पर कई काम शुरू किये जा रहे है।गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए नमामिगंगे प्रोजेक्ट रिसर्च के बाद अपनी योजनाओ को धरातल पर उतारने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।जिसके लिए उत्तराखंड में १३ बड़ी परियोजना को हरी  झंडी मिल गयी है ऋषिकेश में सबसे बड़ी योजना के लिए 158 करोड़ अनुमोदित कर दिए है।जिस से स्थानीय निवासियों में उम्मीद बंधी है जल्द ही नमामि गंगे प्रोजेक्ट का लाभ गंगा को मिलना शुरू हो जायेगा।

एफआरआई में आयोजित होगी जरुरी पौधों के संरक्षण की कार्यशाला

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वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में दिनांक 17 मार्च, 2017 को ‘‘औषधीय पौधेः कृषिकरण एवं विपणन’’ पर एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य किसानों, सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों, वन विभागों, स्वयं सहायता समूहों, औषधीय पौधों के क्रेता-विक्रेताओ, उद्यमियों, अनुसंधान कर्ताओं एवं अन्य हितग्राहियों की औषधीय पौधों से जुड़ी हुई समस्याओं के निराकरण हेतु एक मंच उपलब्ध कराना है, जिससे औषधीय पौधों की खेती को लाभकारी बनाकर उनका उत्पादन बढ़ाया जा सके। साथ ही उनकी उपज को बाजार उपलब्ध कराया जा सके। सम्मेलन में औषधीय पौधों के संरक्षण, कृषिकरण, विपणन एवं गुणवत्ता निर्धारण आदि के बारे में सार्थक विचार-विमर्श किया जाएगा। डा0 सविता, निदेशक, वन अनुसंधान संस्थान ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि इस सम्मेलन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, हरियाणा एवं पंजाब के किसान, गैर सरकारी संगठन, औषधीय पौधों से जुड़े उद्योगों के प्रतिनिधि, अनुसंधानकर्ता एवं अन्य हितग्राहियों के लगभग 80-100 प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है।

दुल्हे का पता नहीं, तैयार है बारात और मंडप

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मुख्यमंत्री को लेकर अभी सस्पेंस कायम है। कई न्यूज़ चैनल में तो त्रिवेंद्र सिंह रावत का नाम मुख्यमंत्री के लिए फ़्लैश भी हो गया है। प्रशासन ने अपनी तरफ से परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह के लिए बैरिकेडिंग लगाने के साथ ही कुर्सियां लगाना भी शुरु कर दिया है।
मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही गठजोड़ के बीच प्रशासन भी शपथ ग्रहण की तैयारियों को लेकर उलझन में है। अब हालात ऐसे बन रहे हैं कि शायद शपथ ग्रहण की तैयारी के लिए कम ही समय मिले ऐसे में प्रशासन ने परेड ग्राउंड को साफ करवा कर वहां बल्लियां लगाने और कुर्सियां लगाने का काम शुरू कर दिया है। हांलाकि शपथ कब और कहां पर होना है, यह नए मुख्यमंत्री को ही तय करना है। लेकिन पहले से तैयार रहने के क्रम में बुधवार सुबह डीएम रविनाथ रमन ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से बात कर परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण की तैयारियों को लेकर चर्चा की। इस पर अजय भट्ट ने सहमति जताई है।
इसके बाद प्रशासन  ने यहां तैयारियां तेज कर दी है। प्रशासन ने समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य वी वी आई पी की मौजूदगी की संभावना को लेकर तैयारी कर रहा है।
लोकतंत्र के महा पर्व के अंतिम चरण में राजयोग की चाबी किसके हाथ लगी है इसके जवाब के लिए भले इंतज़ार करना पड़े,लेकिन उसके लिए शपथ का सही समय क्या हो। ये जानना राजनितिक रणनीतिकारों के लिए भी जरूरी है। ज्योतिषाचार्यो की नजर में 17 और 20 मार्च शपथ ग्रहण के लिहाज से बेहद शुभ तारीखें मानी जा रही हैं।

नजूल भूमि को फ्री होल्ड कर मालिकाना हक की मांग को लेकर प्रदर्शन

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रुद्रपुर, नजूल भूमि पर रहने वालों लोगों को फ्री होल्ड कर मालिकाना हक देने की मांग को लेकर लोगों ने नजूल भूमि संघर्ष समिति के बैनर तले कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री मंत्रों को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर जल्द समस्या को दूर कराए जाने की मांग की।

कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि महानगर में नजूल भूमि पर विगत 40 वर्षों से हजारों परिवार रह रहे हैं। इतना ही नहीं लोग नगर निगम को गृहकर आदि का भी भुगतान करते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीब लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना व अन्य तरह से आवास देने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि नजूल भूमि पर रहने वाले लोगों को अभी तक मालिकाना हक नहीं मिल पाया है।

अब उच्च न्यायालय के आदेश के तहत नगर निगम नजूल भूमि पर बसे लोगों को हटाने के लिए नोटिस दे रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग 40 वर्षों से यहां रह रहे हैं, वह लोग अपने घरों को छोड़कर कहां जाएं। नोटिस के चलते लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनका आशियाना ही छिन जाएगा तो वह सड़क पर आ जाएंगे। उन्होंने जनहित में नजूल भूमि पर बसे लोगों को फ्री होलेड कर मालिकाना हक देने की मांग की।