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नैनीताल हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला,गंगा और यमुना नदी को दिए जीवित मनुष्य के समान अधिकार

अगर आप गंगा में प्रदुषण करते है तो चेत जाईये क्योंकि आने वाले दिनों में आपको सजा भी हो सकती है। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद अभी तक गंगा निर्मल और स्वच्छ नही हो आई है ऐसे में अब उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने गंगा के प्रति एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए गंगा को जीवित मनुष्य के समान अधिकार देने का फैसला किया है जो की गंगा माँ के लिए एक एहम कदम माना जा रहा है।

धरती की सबसे पावन नदी गंगा जिसके एक आचमन से ही जन्मों-जन्मों के पाप धुल जाते है आज खुद बेहद मैली हो चुकी है। जिनके लिए इस पावन नदी को धरती पर आना पड़ा उन्ही ने इसकी कदर नहीं की जिसके चलते आज गंगा अपने ही घर में मैली हो चुकी है। गंगा में बढ़ते प्रदूषण को रोकने में जहाँ सरकार नाकाम दिखती आई है तो वहीँ अब उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने गंगा के लिए बेहद खास कदम उठाया है।

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नैनीताल कोर्ट ने गंगा नदी को भारत की पहली जीवित मानव की संज्ञा दी है यानि की गंगा और युमना नदी को जीवित मानव के समान अधिकार दिए जाने को कहा है। ये मैली होती गंगा नदी के लिए अहम कदम माना जा रहा है। देश में पहली बार किसी अदालत ने गंगा और युमना नदी के लिए ऐसा ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायालय ने केंद्र सरकार को 8 सप्ताह में गंगा मैनेजमेंट बोर्ड बनाने के निर्देश दिए है और जल्द से जल्द इसपर काम करने को कहा गया है।

आपको बता दे की विश्व में अभी तक सिर्फ न्यूजीलैंड की वानकुई नदी को ही जीवित मनुष्य के समान अधिकार दिए गए है ऐसे में नैनीताल हाई कोर्ट का गंगा-युमना के प्रति लिया गया ये फैसला काफी सराहनीय है। गंगा प्रेमी मानते है कि इस फैसले का गंगा पर बेहद अच्छा असर पड़ेगा और गंगा एक बार फिर साफ़ और स्वच्छ हो सकेगी। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के इस कदम से जहाँ लोगों में गंगा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तो वहीँ लगातार मैली होती गंगा को स्वच्छ बनाया जा सकेगा।

हल्द्वानी में पकड़ा गया फर्जी कागज़ बनाने वाला गैंग

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जिलाधिकारी दीपक रावत ने इन्द्रा नगर में जियाउद्दीन कुरैशी के घर पर आधार सेवा केन्द्र में ई जनसेवा केन्द्र मे फर्जी अभिलेखों के आधार पर स्थायी, आय, चरित्र, जाति प्रमाण पत्र, राशनकार्ड आवेदन, जन्ममृत्यु प्रमाण पत्र, आधारकार्ड आदि बनाए जाने का गोरखधंधा पकड़ा।

प्राप्त शिकायत के अनुसार जिलाधिकारी ने इन्द्रानगर जियाउद्दीन कुरैशी के घर पर चलाए जा रहे आधार सेवा केन्द्र के साथ ही ई जनसेवा केन्द्र चलाया जा रहा है। जहां पर फर्जी अभिलेखों के आधार पर प्रमाण पत्र निर्गत किये जा रहे हैं। जिलाधिकारी रावत ने इन्द्रा नगर जाकर जियाउद्दीन के घर पर चलाए जा रहे ई जनसेवा केन्द्र पर औचक छापा मारा। पाया गया कि मयंक मास्क के नाम से अवैध रूप से ई जनसेवा केन्द्र चलाया जा रहा है जिसमें अवैध रूप से फर्जी अभिलेखों के आधार पर स्थायी, आय, चरित्र, जाति प्रमाण पत्र, राशनकार्ड आवेदन, जन्ममृत्यु आदि प्रमाण पत्र बनाये जा रहे हैं। स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनाने के लिए एक ही विद्युत बिल में नाम परिर्वतन कर अलग अलग छह लोगों के नाम से स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनाए गये। ई जनसेवा केन्द्र का लाईसेन्स मयंक निवासी ग्राम नाई तहसील धारी के नाम से जारी किया गया है जो कि मानकों के अनुसार उसी ग्राम सभा में चलाया जा सकता है। इस लाइसेन्स पर अवैध रूप से इन्द्रा नगर में ई जनसेवा केन्द्र चलाया जा रहा था।

जिलाधिकारी द्वारा ई जनसेवा केन्द्र के कम्प्यूटर्स सीपीयू, प्रिन्टर्स के साथ ही सभी दस्तावेज जब्त कर, ई सेवा केन्द्र को सील कर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार के ई सेवा केन्द्र अवैध रूप से चल रहे है उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनपद के उपजिलाधिकारियों से कहा है कि वे स्वयं भी अपने क्षेत्र में चल रहे ई सेवा केन्द्रों का निरीक्षण करेें।

छापेमारी में सिटी मजिस्टेट केके मिश्रा, उपजिलाधिकारी एपी बाजपेई, तहसीलदार डीआर आर्या, सहायक नगर आयुक्त दिलीप कपूर, बिजेन्द्र सिंह चौहान आदि मौजूद थे।

ईडब्लूएस निवासी युवती को शादी का झांसा देकर युवक ने रुद्रपुर के होटल में दुराचार किया

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महानगर की आवास विकास कालोनी में ईडब्लूएस निवासी युवती को शादी का झांसा देकर नोएडा के युवक ने रुद्रपुर के होटल में दुराचार किया। विरोध करने पर रिश्ता तोडऩे की धमकी दी। बाद में युवक और उसके माता पिता ने शादी से इंकार कर दिया, युवती ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी तो रेप का आरोपी विदेश भाग गया। युवती ने महानगर कोतवाली में नोएडा के सेक्टर 20 ई 36 निवासी परिवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

आवास विकास कालानी में ईडब्लूएस निवासी गंगा (काल्पनिक नाम) का कहना है कि मैट्रोमोनियम वैबसाइड जीवन साथी पर उसका संपर्क नोएडा के सेक्टर 20 ई 36 निवासी सौरभ डोभाल पुत्र रमेश चंद्र डोभाल से हुआ। इसके बाद दोनों ने अपने मोबाइल नंबर एक दूसरे को दे दिए और लगातार बात करने लगे। गंगा का कहना है कि सौरभ ने उसे बताया था कि वह पुणे की कग्रिजेट कंपनी के आईटी विभाग में काम करता है। वह इन दिनों यूएसए में कंपनी के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। पिछले साल 27 जनवरी को दोनों की मुलाकात लखनऊ में हुई जहां सौरभ ने उसे बताया कि उसने गंगा के साथ शादी करने का प्रस्ताव अपने परिवार के सामने रखा तो वह मान गए। साथ ही उसने गंगा से अपने माता पिता को नोएडा भेजकर शादी की बात करने का कहा था। सौरभ के प्रस्ताव पर गंगा ने अपने परिवार को नोएडा भेज दिया जहां दोनों परिवारों के बीच शादी की तारीख 16 नवंबर 2016 तय कर दी गई। गंगा के परिवार ने शादी की तैयारी शुरू कर दी। शादी से कुछ दिन पहले 22 अक्तूबर को सौरभ शादी की खरीदारी करने के बहाने रुद्रपुर आया। उसने रुद्र कांटिनेंटल होटल में कमरा लिया और उसे होटल में बुला लिया। सौरभ ने उस पर रात को होटल ने ही रुकने का दबाव बनाया। वह मंगेतर के झांसे में आ गई और सौरभ के साथ होटल में ही रुक गई। गंगा का कहना है कि रात को सौरभ ने उसकी मर्जी के खिलाफ उससे शारीरिक संबंध बनाए। 23 अक्तूबर को वह नोएडा लौट गया।

गंगा का कहना है कि इसके कुछ दिन बाद सौरभ ने पंडित का हवाला देते हुए शादी तीन महीने के टाल दी। इसके बाद उसने फोन करना बंद कर दिया। उसके परिवार ने भी गंगा का फोन रिसीव करना बंद कर दिया। नोएडा जाककर उसके परिजनों ने बात करनी चाही तो उसके परिवार ने शादी से इंकार कर दिया। उन्हें जलील भी किया। इस बीच सौरभ डोभाल विदेश भाग गया। उसने गंगा से संपर्क समाप्त कर दिया। बदनामी के डर से उसके परिवार ने इस साल जनवरी में फिर नोएडा जाककर बात करने की कोशिश की तो गंगा के परिवार को फिर अपमानित किया और शादी से साफ इंकार कर दिया। साथ ही कहा कि गंगा का परिवार उनकी मांग पूरी नहीं कर सकेगा। इस तरह शादी के झांसे में ठगी गई गंगा ने अब महानगर कोतवाली में सौरभ डोभाल, उसके पिता रमेश चंद्र डोभाल और मां सुधा डोभाल के खिलाफ एफआईआर लिखाई है।

बिजली का बिल ज्यादा किसान हंगामें पर आमादा

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बाजपुर, अधिक बिजली बिल आने पर किसानों ने ईई का घेराव किया, सोमवार को सेंकडों किसान दोराहा स्थित उत्तराखंड पावर कारपोरेशन वितरण खंड के कार्यालय पहुंचे जहां अधिशासी अभियंता अजीत कुमार यादव का घेराव करते हुए उपभोक्क्ताओं ने कहा कि किसानों के नलकूपों का बिजली बिल ढाई से तीन हजार यूनिट या फिक्स चार्जेज का आता था।

जो अब आठ से नौ हजार यूनिट का आ रहा है, उसमें भी विभाग ने 65 पैसा प्रति यूनिट तक दरें बढ़ाकर बिल दिया गया है। यही नहीं जिन उपभोक्ताओं की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन वर्षो से मीटर उसी नाम से चल रहा है। इन नामों पर बड़ी रकम बकाया है। बहुत से लोग जमीन बेचकर चले गए, ऐसे में उनके कनेक्शन ट्रांसफर होने करने की बात भी कहीं गयी वहीं। 15 दिन में समस्या के निस्तारण करने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान न हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। अधिशासी अभियंता ने जल्द बिलों को सही कराने का भरोसा दिलाया।

रुद्रपुर लॉ कॉलेज की छात्रा से छेड़ाछाड़ कर रहे एक मनचले को भीड़ ने पकड़ कर धुन डाला

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छात्रा से छेड़छाड़ युवक को भारी पड़ गई। भीड़ ने उसकी जमकर धुनाई कर दी। बाद में जब उसने छात्रा को बहन बोला, तब जाकर उसकी जान बची।

लॉ कॉलेज की छात्रा बिलासपुर से कॉलेज जा रही थी। इंद्रा चौक पर बस से उतरते ही मनचले ने छीटाकशी करनी शुरू कर दी। छात्रा ने शोर  मचाया तो मौके पर भीड़ जमा हो गई।

इस दौरान लोगों ने उसे पकड़ कर बुरी तरह से धुन दिया। वहीं सीपीयू पुलिस कर्मी भी पहुंच गए। वे युवक को लेकर कोतवाली पहुंचे। मामला बिगड़ते देख युवक को भी छटी का दूध याद आ गया। उसने हाथ जोड़ कर छात्रओं को बहन बोल कर पीछा छुड़वाया। इस पर छात्रा ने पुलिस को अर्जी सौंप कर कोई कार्रवाई न करने की बात कही है।

 

आज से विधानसभा में बैठेंगे सभी मंत्री

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उत्तराखंड प्रदेश सरकार के मंत्री व राज्य मंत्री सोमवार से विधानसभा में बैठेंगे। सभी मंत्रियों व राज्य मंत्रियों को विधानमंडल भवन में कक्ष का आवंटन कर दिया गया है। मंत्रियों के मातहत स्टाफ की तैनाती भी कर दी गई है। सचिवालय प्रशासन ने इस सम्बन्ध में आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में भी स्टाफ की तैनाती कर दी गई है।
शनिवार को प्रदेश बीजेपी सरकार से सात कैबिनेट व दो राज्य मंत्री बनाए गए हैं। इन सभी मंत्रियों को अभी विभागों का आवंटन नहीं हुआ है। मगर शासन ने विधानसभा में उनके बैठने की व्यवस्था कर दी गई है। सोमवार को सभी मंत्रियों को राजधानी देहरादून के आसपास सफाई अभियान में शामिल होना है। सफाई अभियान के बाद मंत्री विधानसभा जा सकते हैं।
उत्तराखंड सचिवालय ने मंत्रियों को स्टाफ भी उपलब्ध करा दिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय में भी स्टाफ की तैनाती की गई है।

नई सरकार के साथ अधिकारियों का फेरबदल

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शासन द्वारा जनहित में मुख्य सचिव, केन्द्र पोषित योजनाएं, उच्च शिक्षा, वन एवं पर्यावरण, उद्योग, कार्यक्रम क्रियान्वयन एवं अध्यक्ष, राजस्व परिषद एस.रामास्वामी को वर्तमान पदभार के साथ-साथ मुख्य सचिव, नागरिक उड्डयन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, यू.सी.ए.डी.ए. का अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
कार्मिक विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार अपर मुख्य सचिव प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, कृषि एवं कृषि विपणन, कृषि शिक्षा, दुग्ध विकास, भेड़ एवं बकरी पालन, वर्षा एवं जल संग्रहण, चारा एवं चारागाह विकास, अध्यक्ष ब्रिज रोपवे एंड अदर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन आॅफ उत्तराखण्ड लिमिटेड एवं अवस्थापना विकास आयुक्त उत्तराखण्ड डाॅ रणवीर सिंह को वर्तमान पदभार के साथ-साथ अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण का एक और प्रभार सौंपा गया है।
प्रमुख सचिव निर्वाचन एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीमती राधा रतूड़ी को वर्तमान पदभार के साथ-साथ प्रमुख सचिव वित्त की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गयी।
प्रमुख सचिव मा.मुख्यमंत्री, सिंचाई, लघु सिंचाई, जलागम, सैनिक कल्याण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, मुख्य परियोजना निदेशक जलागम एवं आयुक्त खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनन्द वर्धन को वर्तमान पदभार के साथ-साथ प्रमुख सचिव, सचिवालय प्रशासन की जिम्मेदारी  दी गयी है।
सचिव, मा.मुख्यमंत्री, आवास, राजीव गांधी शहरी आवास, पर्यावरण एवं ठोस अपशिष्ठ, सीमान्त क्षेत्र विकास, सचिवालय प्रशासन, नागरिक उड्डयन, पशुपालन, मत्स्य, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, आयुक्त आवास, उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए., मुख्य प्रशासक उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी यू.सी.ए.डी.ए. श्री आर.मीनाक्षी सुन्दरम को सचिव, मा.मुख्यमंत्री, आवास, राजीव गांधी शहरी आवास, पर्यावरण एवं ठोस अपशिष्ठ, सीमान्त क्षेत्र विकास, सचिवालय प्रशासन, नागरिक उड्डयन, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, आयुक्त आवास, उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए., मुख्य प्रशासक उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी यू.सी.ए.डी.ए. के पदभार से मुक्त किया गया है। श्री सुन्दरम के बाकी सभी पदभार पहले जैसे रहेंगे।
अपर सचिव, वन एवं पर्यावरण, समाज कल्याण, प्रबंध निदेशक बहुउद्देश्य वित्त विकास निगम, कुल सचिव उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय एवं संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डाॅ.वी.षणमुगम को वर्तमान जिम्मेदारियों के साथ-साथ उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए. की एक और उत्तरदायित्व  दिया गया है।
अपर सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, निदेशक एन.एच.एम., परियोजना निदेशक उत्तराखण्ड हेल्थ सिस्टम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट एवं संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डाॅ.नीरज खैरवाल को वर्तमान पदभार से हटाते हुए जिलाधिकारी ऊधमसिंहनगर के पद पर तैनात किया गया है।
अपर सचिव मा.मुख्यमंत्री, आपदा प्रबंधन, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कार्यक्रम प्रबंधक पी.आई.यू., उप कार्यक्रम निदेशक यू.ई.ए.पी./यू.डी.आर.पी., कार्यक्रम प्रबंधक पी.आई.यू-यू.जे.एस., यू.ई.ए.पी, कार्यक्रम प्रबंधक(हाउसिंग), यू.डी.आर.पी एवं कार्यक्रम प्रबंधक (पब्लिक बिल्डिंग), यू.डी.आर.पी. श्री सी.रविशंकर को वर्तमान पद से मुक्त करते हुए जिलाधिकारी पिथौरागढ़ के पद पर तैनात किया गया है।
जिलाधिकारी ऊधमसिंहनगर श्री चंद्रेश कुमार यादव को अभी की जिम्मेदारियों से मुक्त करते हुए वेटिंग में रखा गया है।
जिलाधिकारी पिथौरागढ़ डाॅ.रंजीत कुमार सिन्हा को अभी से हटाते हुए वेटिंग में रखा गया है।

गो.ब.पंत कृषि एवं प्रौ. वि.वि ने पुनः हासिल की ‘गवर्नर्स बैस्ट यूनिवर्सिटी अवार्ड‘

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2016 में विश्वविद्यालय का स्तर बढ़ाने की दृष्टि से किए गए सार्थक प्रयासों के लिए राज्यपाल डाॅ0 कृष्ण. क. पाल ने आज राज्य विश्वविद्यालयों के चार कुलपतियों को सम्मानित किया। प्रथम स्थान हासिल करने वाले गो.ब.पंत कृषि एवं प्रौ. वि.वि के कुलपति डाॅ. जे.कुमार को राज्यपाल द्वारा ‘गवर्नर्स बैस्ट यूनिवर्सिटी अवार्ड‘, की रनिंग ट्राॅफी प्रदान की गई।
उत्तराखण्ड को उच्चशिक्षा का ‘आदर्श केन्द्र‘ बनाने के लिए राज्यपाल द्वारा किये जा रहे गम्भीर प्रयासों की श्रृखंला में राज्य विश्व विद्यालयों के मध्य एक अन्तर-विश्वविद्यालयी प्रतिस्पर्धा के आधार पर ‘गवर्नर्स बेस्ट यूनिवर्सिटी अवार्ड‘ दिये जाने का निर्णय लिया गया था। जिसके तहत 2015 के सत्र के लिए 26 अप्रैल 2016 को प्रथम बार दिया गया यह अवार्ड गो.ब.पंत कृषि एवं प्रौ. वि.वि ने ही हासिल किया था।
राज्य में उच्च शिक्षा के स्तर में अपेक्षित गुणात्मक सुधार के लिए विश्वविद्यालयों के सभी कुलपतियों को प्रेरित करने की दृष्टि से प्रारम्भ किए गए इस सम्मान के अन्तर्गत आज राजभवन में आयोजित कुलपतियों की त्रैमासिक बैठक में राज्यपाल द्वारा वर्ष 2016 के लिए विभिन्न मानकों के परीक्षण के बाद इण्टर यूनिवर्सिटी कम्पटीशन परिणाम घोषित किए गए।
द्वितीय स्थान पुनः कुमायूँ वि.वि, नैनीताल ने हासिल किया। राज्यपाल द्वारा कुलपति को प्रशंसा पत्र के साथ ही पुस्तकालय हेतु रू. एक लाख की धनराशि, तृतीय स्थान पर रहे दून वि.वि, देहरादून को प्रशंसा पत्र के साथ ही पुस्तकालय हेतु पिचहत्तर हजार तथा चतुर्थ स्थान पर रहे नवोदित उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी वि.वि के कुलपति को प्रशंसा पत्र के साथ लाईब्रेरी हेतु पचास हजार रूपये की धनराशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।
उल्लेखनीय है कि प्रतियोगिता के लिए विश्वविद्यालयों के मूल्यांकन हेतु 16 महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर आधारित मानक तय किये गये थे। जिसके अन्तर्गत नैक (नेशनल ऐसैसमेन्ट एण्ड एक्रेडिटेशन कांउसिल) की मान्यता, स्मार्ट कैम्पस, रिसर्च पब्लिकेशन्स, पेटेन्ट, दीक्षांत समारोह की समय सारिणी (शिड्यूल आॅफ कन्वोकेशन), परीक्षा और परिणामों की समय सारिणी, यूजीसी के 12बी का स्टेटस तथा अनुदान प्राप्ति, शिक्षकों और विद्यार्थियों का अनुपात, प्लेसमेंट रिकार्ड, ट्यूटोरियल स्टेटस (अनुशिक्षण स्थिति) गोद लिए गये गाँवांे की प्रगति आख्या, क्रियेशन आॅफ सेंटर आॅफ एक्सीलेंस, सी.एस.आर. योजना के तहत प्रशिक्षण और रोजगार के लिए औद्योगिक क्षेत्रों से समन्वय जैसे महत्वपूर्ण मानक शामिल करने के साथ ही प्रमुख समितियों व प्रकोष्ठों के गठन की स्थिति का भी आकलन किया गया।

गंगा नदी को भारत की पहली जीवित मानव की उपाधि

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उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने गंगा नदी को भारत की पहली जीवित मानव(लिविंग पर्सन) की संज्ञा दी है । न्यायालय ने असाधारण शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार को अनुच्छेद 365 के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा जिम्मेदारियों का पालन नहीं करने पर भंग करने की शक्ति दी है । न्यायालय ने देहरादून के जिलाधिकारी  को ढकरानी की शक्ति नहर से 72 घंटे में अतिक्रमण हटाने और असफल होने पर बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं । न्यायालय ने केंद्र सरकार को 8 सप्ताह में गंगा मैनेजमेंट बोर्ड बनाने और मुख्य सचिव, महानिदेशक और महाधिवक्ता को किसी भी वाद को स्वतंत्र रूप से न्यायालय में लाने के लिए अधिकृत किया है ।

देहरादून ट्रैफिक पुलिस बनी ”हाईटैक” पुलिस

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जनपद देहरादून की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने व यातायात के बेहतर संचालन हेतु यातायात ड्यूटी में नियुक्त किए गए पुलिसकर्मियों को और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदया के निर्देशन में यातायात पुलिस कर्मियों के लिए सामग्री क्रय की गयी है। जिसमें

  • आधुनिक सीटियाँ – 100
  • मास्क- 200
  • रेन सूट- 197
  • फ्लोरोसेंट जैकेट – 200
  • हैण्ड ग्लब्स – 200
  • बैटन लाइट- 200
  • वाहन मार्किंग टेप- 03 रोल
  • कॉसन टेप – 5000 मी0
  • रोप नाईलोन – 1000 मी0
  • गम बूट – 120 अदद
  • आर्म बैंड – 120 अदद
  • पीए सिस्टम – 02 अदद
  • प्रोजेक्टर – 02 अदद
  • लाउड हेलर – 05 अदद
  • एलईडी लाइट – 150 अदद
  • सोनी कैमरा – 01
  • क्रेन मोडिफाइड (207) डी0आई0- 01
  • क्रेन मोडिफाइड (407) – 01
  • चार धाम यात्रा हेतु क्रय किये गए उपकरण:-
  • एल0ई0डी0 डिस्प्ले बोर्ड – 38 अदद