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दबंग सीएम त्रिवेंद्र ने सालों से बंद पड़े बंगले में लिया प्रवेश

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बुधवार को मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिह रावत ने विधिवत पूर्जा अर्चना करते हुए न्यू कैंट रोड़ स्थित मुख्यमंत्री आवास में प्रवेश किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सुनीता रावत, पुत्रियों सहित अन्य परिवारजन उपस्थित थे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट, केबिनेट मंत्री श्री प्रकाश पंत, श्री मदन कौशिक, डाॅ.हरक सिंह रावत, श्री यशपाल आर्य, राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) डाॅ. धनसिंह रावत, विधायक श्री गणेश जोशी, मुख्य सचिव श्री एस.रामास्वामी सहित अन्य गणमान्य भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कैम्प कार्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रदेश में पानी की कमी को देखते हुए आवास में बनाए गए स्वीमिंग पूल को बंद करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि सभी अटकलों और आशंकाओं को खारिज करते हुए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राजधानी दून में कैंट रोड स्थित चर्चित बंगले में प्रवेश कर लिया है। इस तरह वर्षों से उपेक्षित और वीरान पड़े उत्तराखंड के मुख्यमंत्री आवास को बुधवार को अपना मालिक मिल गया।
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बंगले के बारे में मीडिया ने रावत से पूछा कि इस आवास को अशुभ माना जाता है और कोई भी यहां रहने वाला सीएम अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सका। इस पर त्रिवेंद्र रावत ने व्यंग्य के लहजे में कहा कि जहां भी वें जाते हैं, भूत भाग जाते हैं। इसलिए ऐसी कोई बात नहीं है। आज जब मुंख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत कैंट रोड स्थित आवास में शिफ्ट हो रहे हैं तो यह काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। चर्चा में एक ही सवाल है कि क्या त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तराखंड के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल पूरा कर पाएंगे?

दस से कम छात्र संख्या वाले स्कूल होंगे बंद

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राज्य के 10 से कम छात्र संख्या वाले सरकारी स्कूलों को बंद किया जाएगा। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने शिक्षा अधिकारियों को ऐसे सभी स्कूलों के बारे में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए है।
विधानसभा स्थिति अपने दफ्तर में विभागीय समीक्षा करते हुए पांडेय ने कई महवपूर्ण निर्देश दिए है। उन्होंने स्कूलों में कम छात्र संख्या पर चिंता जताते हुए कहा कि इसका ठोस समाधान निकाला जाए।  जिन  स्कूलों में 10 से कम छात्र हैं, उनका आसपास के स्कूलों में विलय किया जाएगा। गौरतलब है कि राज्य में करीब 1800 स्कूल ऐसे हैं जहां छात्र संख्या काफी कम हो चुकी है।
राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राम सिंह चौहान के नेतृत्व में शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को जल्द ही सुलझाया जाएगा। शिक्षक संगठनो के साथ नियमित रूप से बैठक की जाएगी। साथ ही अरविंद पांडेय ने कहा कि मेरे रहते शिक्षकों के तबादलों में पार्दर्शिषिता रहेगी। न पैसा चलेगा न चलेगी सिफारिश। भले में रहूं न रहूं , मेरा और मेरी टीम का पूरा ध्यान केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर रहेगा।
दिए कड़े निर्देश:
  • शिक्षा विभाग के दफ्तर और स्कूलों में अधिकारी- शिक्षक कर्मी की हाजिरी नियमित समय पर हो।
  • कोई शिक्षा – कर्मचारी देहरादून में अपनी समस्या लेकर आया हुआ मिला तो सम्बंधित बी इ ओ के खिलाफ कार्रवाई।
  • शिक्षक- कर्मचारीयो की समस्याएं स्थानीय स्तर पर हल की जाए, निदेशालय इससे पहले करे।

अपने ही घर पे गंगा मैली, लक्ष्मण झूला से हरिद्वार  तक गंगा में मिल रहे  है 13 गंदे नाले 

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ऋषिकेश, गंगा को स्वछ करने को  एनजीटी से लेकर उत्तराखंड हाई कोर्ट के लगातार आदेशों के बावजूद गंगा में हो रहे प्रदुषण में कमी नही आ रही। आपको बता दे की गंगा किनारे अवैध निर्माण पर हाई कोर्ट पहले ही रोक लगा चूका है, जिसके बाद हरिद्वार में कुछ होटलों पर भी कार्यवाही की गई लेकिन ऋषिकेश में अभी भी हाल बुरा है।
यहाँ शहर के सिवर का पानी और होटलों से निकल रहा गन्दा पानी सीधे गंगा में मिल रहा है – गंगा अपने ही घर में मैली है तो दुसरे राज्यों की बात तो और भी भयानक है। उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में गंगा के मुहाने से लेकर हरिद्वार तक कई शहरी और ग्रामीण आबादी वाले, नगर पंचायत और पालिका क्षेत्र है जिन की आबादी और टूरिस्ट डेस्टिनेशन का सारा मल मूत्र, सीवर का पानी सीधे गंगा में डाल दिया जाता है ।
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क्योकि अभी तक राज्य सरकार उत्तराखंड के गहन आबादी वाले क्षेत्रों में भी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगा पाई है । बात करे ऋषीकेश की तो यहाँ  गंगा प्रदुशण का सबसे बड़ा कारण गंगा में मिलने वाले गंदे नाले है। ऐसे नालों कि संख्या लगभग 13 के आस पास है,  जो गंगा में सीधे शहर कि तमाम गंदगी को मिला रहे है।
ऋषिकेश-हरिद्वार और स्वर्गाश्रम क्षेत्र विश्व में अपनी एक अलग पहचान रखता है यही कारण है यहाँ साल भर देशी विदेशी सैलानियो का ताता लगा रहता है। जिसके चलते गंगा के तटों पर अवैध निर्माण की मानो बाड़ सी आ गयी है। जगह-जगह आश्रम, होटल- रिसार्ट ने यहाँ के गंगा के स्वरुप को ही बिगाड़ दिया है।  इन निर्माण का सारा गन्दा अपशिस्ट सीधे गंगा में जाता है जिससे गंगा की शुद्धता और निर्मलता को नुकसान हो रहा है।
ऋषीकेश अौर गंगा से सटे शहरों के नालों पर अगर वहा का स्थानीय प्रसाशन समुचित ध्यान दे तो वो दिन दूर नहीं जब गंगा प्रदूषण में काफी कमी लायी जा सकती है ओर आने वाली पीढी को स्वछ अौर निर्मल गंगा का जल मिल सकता है। जरूरत है तो एक ठोस  पहल कि जिस पर जल्द से जल्द कदम उठाने होगे, नहीं तो पीने  के पानी के साथ साथ खेतो में भी जहर की मात्र बड जाएगी।

नानकमत्ता थाने में तैनात एक दारोगा व दो सिपाही हुए बरखास्त

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नानकमत्ता थाने में तैनात एक दारोगा व दो सिपाही हुए बरखास्त। शिशुमंदिर प्रधानाचार्य को बेवजह कोतवाली में पीटने व अमानवीय व्यवहार करने के आरोप में हुए बरखास्त।  बता दें की नानकमत्ता, विद्याभारती के विद्यालय सरस्वती शिशु मंदिर की विडौरा मझोला शाखा के प्रधानाचार्य ने नानकमत्ता थाने में एक नामजद व 6 अन्य कॉन्स्टेबल्स के खिलाफ तहरीर देकर विद्यालय के प्रधानाचार्य को बिना किसी कारण थाने में पीटने व अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगाया है।

प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह बिष्ट ने थाने में तहरीर देकर अपनी पैंट खोलकर अपने जख्म दिखाये व आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कार्यवाही करने की मांग की है। जिसके आधार पर तत्काल प्रभाव से पुलिस अधीक्षक पिंचा ने की कार्यवाही।

‘@DehradunSsp’ पर कर सकते हैं दून पुलिस को ट्वीट

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देहरादून पुलिस ने र्स्माट आइडिया के साथ काम शुरु कर दिया है।क्राइम को रोकने के लिए देहरादून पुलिस भी अब डिजीटल ट्रैक पर है।किसी भी परेशानी की शिकायत व उसके जवाब के लिए आप तुरंत @DehradunSsp पर लिख सकते हैं।मंगलवार को देहरादून एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने पहल करते हुए अपना टिव्टर हैंडल शुरु किया है।

सीएम त्रिवेंद्र के टिव्टर हैंडल पर आई शिकायतों के तुरंत समाधान हुए हैं जिसको देखकर देहरादून पुलिस भी एक्टिव मोड में आ गई है।इससे पहले डीजीपी गणपति ने बताया था कि जनता से जुड़ने और उनके सुझावों और शिकायतों को जानने के लिए देहरादून पुलिस अपना टिव्टर हैंडल शुरु करेगी।

मंगलवार को देहरादून एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने अपने टिव्टर हैंटल के साथ इसकी शुरुआत कर दी।स्वीटी अग्रवाल ने कहा कि अब कोई भी शिकायत या क्राइम से जुड़े मामले लोग @DehradunSsp पर टीव्ट कर सकते हैं।इस शिकायतों पर तुरंत कारवाई की जाएगी।मंगलवार को एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने अपने मातहतों को बुलाकर अकाउंट चलाने के लिए टीम बनाई।स्वीटी अग्रवाल ने कहा कि आज के डिजीटल समय में जनता से जुड़ने का टिव्टर एक बेहतरीन माध्यम है और मैं देहरादून की जनता से अपील करती हूं कि अपनी समस्याएं और सुझाव वह इसके जरिए सांझा कर सकते हैं।

पेंशनरों को अस्पताल में नहीं मिल रहा कैशलेस इलाज

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गवर्नमेंट पेंशनर्स को केंद्रीय स्वास्थ्य योजना के अंदर अधिकृत अस्पतालों में कैशलेस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस कारण पेंशनर्स को आर्थिक नुक्सान उठाना पड़ रहा है। इसकी शिकायत पेंशनर्स ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से भी की है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष, जी. के. बौथियाल ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य योजना के तहत सरकार ने इलाज के लिए जो अस्पताल अधिकृत किए गए हैं, उनमे से आजकल कैशलेस इलाज नहीं मिल पा रहा है। जब अस्पतालों से इस विषय पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि योजना के तहत अस्पतालों को भुगतान नहीं हो पाया है। इसलिए उन्हें लाभ नहीं दिया जा रहा है।
उधर, सचिव एडवोकेट एन डी डोबरियाल ने कहा कि एसोसिएशन की नई कार्यकारणी का चुनाव मई में होगा।

काशीपुर एसडीएम कार्यालय से एनएच मुआवजे से जुड़ी पांच फाइलें गायब

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काशीपुर, जसपुर में एनएच से जुड़ी 14 फाइलें गायब होने के कुछ दिन बाद ही काशीपुर एसडीएम कार्यालय से भी ऐसा मामला प्रकाश में आया है। यहां एनएच मुआवजे से जुड़ी पांच फाइलें गायब हैं। सूचना पर जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। सोमवार सुबह से ही फाइलों की खोजबीन शुरू हुई। अंत में एसडीएम ने आइटीआइ थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।

प्रदेश की जनता और बाहरी प्रदेशों से आने वाले पर्यटकों के आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए शुरु हुए नेशनल हाईवे को सुव्यवस्थित करने के लिए केंद्र सरकार ने जसपुर से सितारगंज तक नेशनल हाईवे निर्माण का फैसला लिया था। इसके लिए नोटिफिकेशन हुआ। अभी तो हाईवे बना भी नहीं, मगर इससे पहले कुछ लोगों ने अफसरों व काश्तकारों से मिलकर कृषि भूमि को अकृषि भूमि दर्शाकर दस गुना मुआवजा ले लिया और सरकार को करोड़ों रुपये की चपत लगा दी।

जब मामले की जांच शुरू हुई तो घोटाले की सच्चाई सामने आने लगी। एसडीएम दयानंद सरस्वती व तहसीलदार संजय कुमार ने सोमवार को एनएच से जुड़ी फाइलों को खंगालना शुरू किया तो पांच फाइलें नहीं मिलीं। जिसके बाद एसडीएम सरस्वती ने आइटीआइ थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।

दरबार साहिब में आशीर्वाद के लिए उमड़े श्रद्धालु

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श्री झंडा जी आरोहण और नगर परिक्रमा के बाद आए दून की संगतो ने श्री झंडा जी साहिब और दरबार साहिब में मत्था टेका। सुबह से ही दरबार साहिब में आने वाले श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो जाती है।सभी श्रद्धालुओं ने पवित्र झंडा जी साहिब में शीश झुकाया और श्री दरबार साहिब के श्री महंत देवेंद्र दास महाराज का आशीर्वाद लिया।
श्री दरबार साहिब में गुरु राम राय के गद्दीस्थल पर दर्शनो के लिए लंबी लाइन लगी रहती है। 17 मार्च को श्री झंडे जी के आरोहण व 19 मार्च की नगर परिक्रमा के बाद अन्य राज्यो से आई  कुछ संगते वापस लौट चुकी है। जो लोग झंडा आरोहण के दिन बाहर से दरबार साहिब नहीं पहुंच पाए, वह भी इन दिनों दरबार साहिब की रौनक बढ़ाए हुए हैं। झंडे के मेले में लोग जमकर सस्ते सामान की खरीदारी कर रहे हैं। श्री दरबार साहिब के जनसम्पर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दरबार साहिब की ओर से विशेष प्रबन्ध किए गए हैं।
संगतों ने श्री झंडा जी महाराज और दरबार साहिब में मत्था टेका, श्रद्धालुओं के लिए दरबार साहिब ने किए हैं विशेष प्रबंध।

किच्छा में डम्पर की चपेट में आने से चार लोगों की मौत

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उधमसिंह नगर जनपद के किच्छा में गल्फार कंपनी के डम्पर की चपेट में आने से चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी। अनियंत्रित डम्पर ने पहले बाइक सवार एक महिला सहित दो लोगों को कुचल दिया जिसके बाद भागने की फ़िराक में डम्पर चालक सड़क के किनारे की दुकान में घुस गया। जिसमे दुकानदार की भी डम्पर की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गयी।

घटना के बाद वाहन चालक फरार हो गया । घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई और पुलिस को घटना की जानकारी दी गयी। जिसके बाद मोके पर पहुंची पुलिस ने चरों शवों को कब्जे में ले लिया और गुस्साई भीड़ को किसी तरह से शांत कराया।    ए एस पी देवेन्द्र पिंच ओ4 एस डी एम् मोके पर पहुँच गए है और डम्पर के मालिक और चालत की तलाश की जा रही है।

क्या इस बार स्मार्ट सिटी की लिस्ट में होगा दून का नाम?

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दून को स्मार्ट सिटी में शामिल करने के लिए एम डी डी ऐ व नगर निगम और शहरी विकास विभाग ने अपनी कसरत तेज कर दी हैं। इसे लेकर नगर निगम के मीटिंग रूम में प्लान का प्रेसेंटेशन हुआ, उसमे स्मार्ट एम्बुलेंस को भी जोड़ा गया। इस बार भी प्लान में 10 वार्डो को शामिल किया गया हैं। पिछली बार .45 से देहरादून स्मार्ट सिटी में शामिल होने से रह गया था।
इस बार संभावना है कि 40 शहरों की सूची में दून का बजी नाम होगा। मेयर विनोद चमोली की अध्यक्षता में हुई बैठक में एम डी डी ऐ और शहरी विकास विभाग के अधिकारी और पार्षदों ने हिस्सा लिया। कंसलटेंट ने तीसरे राउंड के लिए देहरादून शहर के लिए प्रस्तुत होने वाले स्मार्ट सिटी प्लान को प्रोजेक्ट किया गया। विनोद चमोली ने बताया कि 30 मार्च को बोर्ड की बैठक की जाएगी।
फिर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक कर प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगी। जिसके बाद प्रस्ताव को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय भेजा जाएगा। उन्होंने  घण्टाघर, असलेय हॉल चौक, कनक चौक, ग्लोबल चौक, अग्रसेन चौक का चौड़ीकरण व विस्तारीकरण होगा। वहीं स्मार्ट एम्बुलेंस का भी व्यवस्था की जाएगी, जो ऐम्स और जोलीग्रांट को जोड़ेगी। जिससे मरीज को स्मार्ट एम्बुलेन्स में ही उपचार मिल सकेगा। वहीं पब्लिक ट्रांसपोर्ट का रूट तय भी होगा। पार्किंग की व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाएगा। घंटाघर के पास किड्स थीम सिटी जोन भी बनेगा। ईस्ट कैनाल रोड को मॉडल रोड के रूप में डेवेलोप किया जाएगा। प्रेजेंटेशन में यह भी बताया कि स्मार्ट टॉयलेट, सॉलिड वेस्ट मैनजमेंट प्लांट आदि पर भी तेजी से फोकस किया जा रहा है।
तो ये हैं स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल:
  • इलेक्ट्रिक बस, ई-रिक्शा, बहु मंजिला स्मार्ट पार्किंग, पांच जंक्शन को स्मार्ट जंक्शन में परिवर्तन करना, जिसमे स्मार्ट पोल, एल ई डी शामिल हैं।
  • रेस्तरॉरेशन ऑफ़ हेरिटेज:
  • आशलेय हाल, पल्टन बाजार, नगर निगम भवन और घण्टाघर का रेनोवेशन भी शामिल है।
अन्य मुख्य परियोजनाएं:
  • स्वस्थ एंव सुरक्षित शहर,
  • स्वच्छ शहर, सस्टेनेबल कोर इंफ्रास्ट्रक्चर, सिटी लेवल हाउसिंग एंव लैंड स्ट्रेटिजी, इंटेलिजेंट पोल्स, देहरादून वन ऐप्प, सिटी कमांड एंव कंट्रोल सिस्टम, स्मार्ट एम्बुलेंस।