उत्तराखंड शासन में फेरबदल
अब पौड़ी से मेरठ बनेगा फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग
तो ये है हरदा का नया पता
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गुरुवार को सोशल मीडिया टिव्टर के जरिए यह टिव्ट किया कि आखिरकार उन्हें रहने के लिए देहरादून में किराए का घर मिल ही गया, इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि उन्हें निराशा होने लगी है कि शायद लोग उनको घर नहीं देना चाहते।

जी हां कल तक बीजापुर गेस्ट हाउस में रहने वाले पूर्व सीएम को यह चिंता सता रही थी कि उन्हें रहने के लिए कोई घर नहीं देना चाहता लेकिन गुरुवार को एक टिव्ट के माध्यम से उन्होंने हर जाहिर किया की उनको रहने के लिए आशियाना मिल गया है। चुनाव के परिणाम के घोषणा के बाद हर किसी के मन में यह सवाल था कि हरीश रावत कहां रहेंगे लेकिन शुक्रवार को उनके गर का ठिकाना आखिरकार मिल ही गया। आपको बतातें चले कि मकान मालिक ने इस बात से साफ इंकार कर दिया कि हरीश रावत उनके घर में शिफ्ट हो रहे हैं।लेकिन रावत के केयर टेकर ने यह बात साफ कर दी है कि पूर्व सीएम इस मकान में आने वाले कुछ दिनों में शिफ्ट कर रहे हैं।
इसके साथ ही मकान में मरम्मत व बिजली की रिपेयरिंग का काम शुरु हो चुका है, और धीरे-धीरे आधा सामान भी शिफ्ट हो चुका है। शहर की भागदौड़ और हल्ले से दूर पूर्व सीएम रावत ने राजपुर स्थित मसूरी रोड पर अपने और अपने परिवार के लिए यह आशियाना ढ़ूढ लिया है।
पर्यटन सीजन शुरू होते ही व्यवस्थाएं बेपटरी
काशीपुर: चैती में लगता है ढोलक का एतिहासिक बाजार
कभी काशीपुर के चैती मेले में ढोलक का सबसे बडा बाजार लगा करता था जहां खास तौर पर अमरोहा की ढोलकखरीदने लोग दूर दूर से आया करते थे कई किस्म की ढोलक खरीदने मुरादाबाद, बिजनौर, बरेली,रामपुर और मुजफ्फर नगर से मनोरंजन के लिए ले जाते थे, वहीं इस व्यवसाय से जुडे व्यापारियों की इस मेले में सैंकडों ढोलकें बिक जाया करती थी मगर समय के साथ साथ अब इस बाजार की जहां रौनक कम होने लगी है वहीं ढोलक की खरीद कम होने से व्यापारियों के सामने अपना रोजगार बचाना मुश्किल हो गया है।
नहीं बख्शे जाएंगे खनन माफियाः डीएम, उधमसिंहनगर
उधमसिंहनगर में भी हाई कोर्ट के आदेशों का पालन कराने के लिए टीम बनाई गई है और अगर कोई व्यक्ति खनन करता पाया जाता है तो उनके विरुद्ध चोरी का मुकदमा दर्ज कराया जायेगा। वाहन खनन के कार्य में संलिप्त पाया जायेगा उस वाहन को सरकारी सम्पति घोषित कर दिया जायेगा। डीएम के इस आदेश से अवैध खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
रुद्रपुर: अतिक्रमण पर गरजी जेसीबी
हरदा दिलायेंगे एमसीडी चुनावों में कांग्रेस को जीत?
”मिस इंडिया आडिशन देहरादून”, 8 अप्रैल को होगा
अगर आप में जुनून है और आप अपने और उत्तराखंड के लिए कुछ करना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए है। आने वाले 8 अप्रैल को फेमिना मिस इंडिया का आडिशन अब आपके अपने शहर देहरादून में होने वाला है।इस आडिशन की होस्ट बालीवुड की अदाकारा व पूर्व मिस इंडिया नेहा धूपिया होंगी।
मिस इंडिया का आडिशन एफबीबी बिग बाज़ार, कपूर टावर देहरादून में होगा।ऐसा पहली बार होगा जब मिस इंडिया का आडिशन पूरी पब्लिक के लिए खुलेगा और इसमें कोई भी भाग ले सकेगा। इस आडिशन में उत्तराखंड की टाप तीन माडल्स को गोल्डेन टिकट मिलेगा, जिस के जरिए उत्तराखंड की यह तीन माडल 16 अप्रैल दिल्ली में होने वाले स्टेट जोनल सेरेमनी, लीला ऐंबिऐंस कनवेंशन होटल में भाग ले सकेंगी।
नेहा धूपिया के लिए यह पहला मौका नहीं होगा कि वह कोई शो होस्ट करेंगी, एमटीवी के चर्चित रियेलिटी शो रोडिज़ में भी नेहा धूपिया ने अपनी दमदार छाप छोड़ी है। इस शो को होस्ट करने के विषय में नेहा कहती हैं कि यह मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि मुझे इस शो को होस्ट करने का मौका मिला।नेहा ने कहा कि यह मेरे लिए गर्व की बात हैं कि मैं इस आडिशन को होस्ट कर रहीं । मैं पूरी कोशिश करुंगी की इस शो में हिस्सा लेने वाली लड़कियों की मदद कर सकूं।
मिस इंडिया के लिए फाइनल तक पहुंचने वाली माडल्स को अलग अलग पड़ावों, सेशन और बड़े बड़े नामों के साथ इंडस्ट्री में काम करने का मौका मिलेगा।
तो अगर आप भी मिस इंडिया बनने का सपना देखती है तो यह तारीख नोट कर लें और अपनी किस्मत आजमाने के लिए आडिशन देने जरुर पहुंचे ।
औरतों और जरुरतमंदों को मिलेगा ठेली लगाने का लाइसेंस
देहरादून में सड़क के किनारे,चौराहें और जहां-तहां लगने वाले अवैध ठेलियों की भरमार को रोकने के लिए नगर निगम ने एक नई शुरुआत की है।नगर निगम ने अब औरतों और जरुरतमंदों को ही ठेली लाइसेंस देने का फैसला लिया है।इसके साथ ही शहर में लेफ्ट टर्न पर कहीं भी ठेली नहीं लगने दी जाएगी।इस मुहिम में नगर निगम और पुलस की टीम साथ मिलकर काम करेंगे और कार्रवाई की जाएगी।ठेलियों के लिए चुने गए 18 वेडिंग जोन पर भी जल्द फैसला लिया जाएगा।
नगर आयुक्त ने ट्रैफिक सुचारु रुप से रखने के लिए एसपी ट्रैफिक धीरेंद्र गुंज्याल को खाली जगहों पर पार्किंग की सुविधा करने के निर्देश दिए है।इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि ठेलियों का संचालन एक अवधि तक ही होगा जिससे पूरे शहर में इधर उधर घूमने वाली यह ठेलियां ट्रैफिक के लिए परेशानी का कारण ना बनें।इतना ही नहीं ठेलियों पर पालिथीन के इस्तेमाल को रोकने के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम के इस फैसले से जरुरतमंदों और खासकर के औरतों को काफी बल मिलेगा।सड़क के किनारे लगने वाले ठेलियों में अब औरतों का हिस्सा भी होगा जिससे वह अपनी जीविका ठीक ठंग से चला पाऐंगी।



























































