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 नैनीताल में पहला फिल्म महोत्सव शुरु 

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कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से तीन दिवसीय पहला स्टूडेंट्स फिल्म महोत्सव शुरू हो गया। हर्मिटेज भवन में आयोजित महोत्सव का शुभारंभ पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, केबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, विधायक संजीव आर्य, कुलपति डॉ डीके नौरियाल ने किया।

महोत्सव में 45 लघु फिल्में दिखाई जाएंगी। एफ.टी.आइ.आइ के निदेशक भूपेंद्र कैंथोला, अभिनेता ललित तिवारी, ज्योति कपूर दास आदि भी इस मौके पर मौजूद रहे। अपने संबोधन में कैंथोला ने कहा कि एफ.टी.आइ.आइ देश के तमाम राज्यों में शार्ट कोर्स शुरू करेगा। नैनीताल व श्रीनगर से इसकी शुरुआत हो सकती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की फिल्म प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने का पूरा प्रयास किया जाएगा। ऐसे कोर्स शुरू होंगे जिसमें आयु व शिक्षा की बाध्यता नही बल्कि हुनर देखा जाएगा।

इस स्टेशन से शुरु होगा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग का रेल सफर

पहाड़ पर रेल का सपना आखिर सच होने ही जा रहा है। उत्तराखंड के तीर्थों को रेलवे लाइन से जोड़ने को लेकर केंद्र सरकार काफी गंभीर हैं, जिसके लिए तेज़ी से पहाड़ो पर रेल लाइन विस्तार की योजना बनाई जा रही है। हरिद्वार -रुड़की-ऋषिकेश के स्टेशन के भी कायाकल्प की तैयारी में विभाग जुट गया है और इसके लिए रेल लाइन का कार्य भी शुरु हो गया ह उत्तराखण्ड के पहाड़ों पर रेल चलना एक सपने के जैसा ही है। लेकिन ये सपना अब साकार रुप लेने लगा है। इस सपने को लेकर रेल मंत्रालय कसरत में जुट गया है जिसके लिए उत्तराखंड के तीर्थों को रेलवे से जोड़ना पहली प्रथमिकता है। रेल मंत्री द्वारा इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाने के बाद अब विभाग भी अपनी तैयारियों में जुट गया है।  इस प्रोजेक्ट के अन्तर्गत 12 स्टेशनों सहित 16 सुरंगों और पुलों का निर्माण किया जाएगा। ऋषिकेश में पहला स्टेशन न्यू ऋषिकेश के नाम से बनने जा रहा है जिसके लिए विभाग ने वन विभाग से हस्तांतरित भूमि में वन कटान कर और चंद्रभागा नदी में ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया को शुरू कर दिया हैं। जिससे अब पहाड़ पर रेल का सपना साकार होने की उम्मीद बनने लगी है। न्यू ऋषिकेश स्टेशन ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का पहला पड़ाव होगा जो पुराने स्टेशन की अपेक्षा एक आधुनिक रेलवे स्टेशन बनेगा। इस परियोजना से लोगों को भी काफी उम्मीद है। जिससे स्थानीय निवासियों में ख़ुशी की लहर है और साथ ही समाज सेवक ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचर्य का कहना है की अगर उत्तराखंड में डबल इंजन की सरकार आने से उत्तराखंड में विकास होगा जिससे यहाँ के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

रेलवे ने ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेल लाईन बिछाने के लए अपना मास्टर प्लान तैयार  कर लिया है ।जिसके लिए भूमि अधिग्रहण काम भी लगभग पूरा हो चूका है। विभाग का मनना शुरुआती चरणों का कार्य पूरा हो चूका है और बाकी की तैयारियों में भी विभाग लगा हुआ है।एक बार कार्य शुरु हो जाने के बाद 7 से 10 सालों में यह योजना पूरी हो जायेगी।

ओ पी मालगुड़ी, प्रोजेक्ट मैनेजर का कहना है की ऋषिकेश देवभूमि के प्रवेश द्वार के साथ-साथ  चार धाम यात्रा का मुख्य केंद्र है,यहाँ से पहाड़ो पर अभी रेल का पहुचना एक चुनौती हैं। जिस पर रेल मंत्रालय लगतार काम को अंजाम देने में लगा हुआ है। उम्मीद है आने वाले कुछ सालो में पहाड़ों पर तीर्थयात्रा का लुत्फ रेल से भी उठाया जायेगा।

कटाई के दौरान मिले लाखों के पुराने नोट

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हरिपुर जमनसिंह ग्राम पंचायत में गेंहू कटान के दौरान, चलन से बाहर हो चुके एक हजार रुपये के पुराने नोटों की कतरन देख ग्रामीण हैरान हो गए। सभी कटे नोट पॉलिथीन बैग में रखे थे। कुछ ही देर में मामला वाट्सएप पर वायरल हुआ तो खेत में ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। नोट करीब एक लाख से अधिक मूल्य के है।

हरिपुर जमनसिंह ग्राम पंचायत के चांदनी चौक गरवाल गांव में नंदन सिंह नैनवाल की पत्नी इंदिरा, बेटी नेहा, भाभी जया और मंजू नयाल आदि संबंधी खेत में गेंहू की फसल काट रहे थे। इसी बीच खेत में पड़े एक पॉलीथिन बैग से दराती टकराई।

पॉलीथिन फटते ही भीतर से एक-एक हजार के नोट निकल आए। पुराने नोट देखकर कुछ देर तो महिलाएं अवाक रह गई। इसके बाद परिजनों को जानकारी दी। आसपास के जिस ग्रामीण को घटना का पता चला, वह विस्मय, उत्सुकता और कौतुहल के चलते मौके पर जा पहुंचा। देखते ही देखते नोट मिलने का मामला वाट्सएप, फेसबुक आदि सोशल साइटों में वायरल हो गया।

सूचना पर टीपीनगर चौकी प्रभारी हरेंद्र सिंह नेगी और एसआइ कठैत ने खेत स्वामी और परिजनों से मालूमात की। खेत स्वामी नैनवाल ने बताया कि दिसंबर और फरवरी माह में खेत की सिंचाई की थी। संभवतया इसी बीच नोटों से भरा पॉलीथिन बैग गूल से बहकर खेत में आया होगा।

सभी नोट कैंची से कई हिस्सों में काटे गए थे। सीरियल नंबरों पर भी कैंची चलाई गई थी। इसके बाद पुलिस नोट के टुकड़ों को एकत्र कर पॉलीबैग में भरकर ले गई। अभी तक मामले में कार्रवाई को लेकर पुलिस असमंजस में है और बैंक अधिकारियों से राय ली जा रही है।

सड़क सुरक्षा का संदेश दिया साइकल सवारों ने

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एमटीबी हिमालाय का तीसरा एडिशन शनिवार को मसूरी में खत्म हुआ। इस सपर की शुरुआत 8 अप्रैल को नैनीताल से हुई थी। 800 किमी का सफर तय करके 56 साइकिल सवारों ने गढ़वाल और कुमाऊ मडल से शपर करते हुए पर्यावरण के बचाव और सड़क सुरक्षा का संदेश लोगों तक पहुंचाया। साइकिल फेडरेशन आॅफ इंडिया और ऱाज्य पर्यटन विभाग ने मिलकर इस रेस का आयोजन कियी था। इसमें देसी और विदेशी सवारों के साथ 6 महिला साइकिल सवारों ने हिस्सा लिया।

एशिया की सबसे लंबी एमटीबी रेस के आखिरू दिन स्कूली बच्चों ने टिहरू बाीपास झंडे फहराकर रेस का अपने आखिरी चरण में स्वागत किया। कोलंबिया के माॅरिसियो पचान मेलो ने ये रेस जीती। अपनी जीत पर मेलो ने कहा कि ” यह सपर उनके लिये काफी मजेदार रहा”। वहीं भारतीय श्रेणी में प्रथम और इंटरनेशनल में तीसरा स्थान प्रप्त करने वाले फैसल का मानना है कि “रेस मुश्किल ज़रूर थी लेकिन उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य को देखते हुए इस रेस को पूरा करने का मज़ा ही कुछ और रहा”।

साइबर क्राइम सेल ने वसूले 58 लाख

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साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन द्वारा उत्तराखण्ड के विभिन्न जिलों के थानो मे लॉटरी/ बीमा/ नौकरी की धोखाधड़ी/ एटीएम के माध्यम से आँनलाईन शाँपिग करने के प्रकरणों में तकनीकी जानकारी के आधार पर सहयोग प्रदान किया गया । जिनमें से साल 2017 में माह मार्च तक कुल 11,61,961/- रुपये वापस कराये गये । साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन के साल 2016 से अभी तक बैंक फ्रॉड, फर्जी कॉल, नौकरी का झांसा देकर, लॉटरी जीतने से सम्बन्धित विभिन्न प्रकरणों में कार्यवाही करते हुये करीब 58,00,000/- रुपये वापस कराये गये।

इसके अलावा साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन धारा 420 और 66सी, डीआईटी एक्ट में सेलाकुई में एक कम्पनी की ई-मेल आई.डी. को हैक कर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा सम्बन्धित कम्पनी के बैंक खाते का विवरण बदलकर करीब 1,61,607.69 (USD) (एक करोड़ 10 लाख रुपये) धोखाधड़ी से यूनाईटेड किगंडम) के बार्कले बैंक के खाते में ट्रान्सफर करा लिये गये थे, जिस सम्बन्ध में साईबर पुलिस ने कार्यवाही करते हुये करीब 1,00,000/- डॉलर (67,00,000/- रुपये) वापस करा दिये। बाकी रकम की वापसी की कार्यवाही जारी है, तथा अभियुक्तो के पहचान व गिरफ्तारी हेतु जांच जारी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस.टी.एफ पी.रेणुका देवी द्वारा चलाये जा रहे जागरुकता अभियान में बैंक फ्राड व सोशल मीडिया के अपराधो में लगातार कमी आयी है। जिसके अन्तर्गत उत्तराखण्ड के विभिन्न स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालयों मे आम जनता को जागरुक करने के लिये समय-समय पर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।

राज्यपाल पहुँचे अपने ग्रीष्मकालीन प्रवास, राजभवन नैनीताल

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उत्तराखण्ड के राज्यपाल डा. कृष्ण कांत पाल आज अपरान्ह में ग्रीष्मकालीन प्रवास पर राजभवन नैनीताल पहुँचे। कैलाखान हैलीपैड पर जिलाधिकारी दीपक रावत द्वारा राज्यपाल को पुष्प-गुच्छ देकर स्वागत किया गया।
नैनीताल प्रवास के दौरान राज्यपाल 16 अप्रैल को जी.बी.पंत इंस्टीट्यूट आॅफ हिमालयन इन्वायरमेंट के उत्तराखण्ड रेजीडेंश्यिल विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के ब्रैनस्टोर्मिंग सेशन को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करेंगे। 17 अप्रैल को राज्यपाल उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
राज्यपाल के राजभवन पहुँचने पर, जिलाधिकारी सहित, पुलिस  प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें गार्ड आॅफ आनर दिया। इस अवसर पर एडीसी डा.वाईएस रावत, जिलाधिकारी दीपक रावत सहित, पुलिस अधीक्षक अजय रौतेला मुख्य अभियंता लोक निर्माण बीसी बिनवाल, सहित उद्यान विभाग के कमल जोशी आदि भी मौजूद थे।

ड्रेगन को टक्कर देंगी हिम वीरांगनायें

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शनिवार सुबह मसूरी के आईटीबीपी स्थित परेड ग्राउंड में एक पारंपरिक पासिंग आउट परेड के बाद 10 महिला प्रशिक्षार्थी और 4 पुरुष आॅफिसर अकादमी से पास आउट हुए। 48 हफ्तों के कठिन परिश्रम के बाद इनका ये सपना पूरा हुआ।

इस बार स्वोर्ड आॅफ हाॅनर के विजेता रहे एसी/डीजी मंजु सिब्बल जिन्हें बेस्ट इन आुटडोर एक्टिविटी के लिये डीजी कप से भी नवाज़ा गया।

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पासिंग आुट परेड के मुख्य अतिथि रहेउप महानिरीक्षक आईटीबीपी अकादमी श्री दावीदार सिंह। परेड को देखने और कैडेट्स की हौंसला अफज़ाई करने के लिये कैडेट्स के परिवार जनों के साथ साथ सर्विंग और रिटायर्ड अधिकारी भी मौजूद रहे। परेड के दौरान कराटे डिस्प्ले और पाईप बैंड ने सभी का मन मोह लिया।

आईटीबीपी फोर्स का गठन 24 अक्टूबर 1962 में भारत चीन युद्ध के बाद किया गया था। आज ये फोर्स न केवल 3488 किमी लंबी भारत चीन सीमा की निगरानी का काम करती है बल्कि आपदा से जुड़े कामों, अन्य राहत के कमों वीआईपी सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भऊमिका निभाती है।

सात सुमंदर पार छा रहा है उत्तराखंड का रंग “बडूली”

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बडूली एक वार्षिक त्यौहार है जो उत्तराखंड एसोसिएशन आफ न्जूजीलैंड द्वारा हर साल बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है।अपने-अपने घरों से दूर न्यूजीलैंड में अपना घर बनाकर रहने वाले उत्तराखंडियों के लिए यह एक खास मौका है।यह इवेंट एक सफल कोशिश है उनके लिए जो अपनी जन्मभूमि से दूर होकर अपनी परंपरा से जुड़ाव रखते हैं। बडूली सभी को एकजुट करने और परंपरागत संस्कृति से जोड़ने का एक प्रयास है। उत्तराखंड के थियेटर और अलग-अलग तरह के संगीत और नृत्य के माध्यम से यह लोगों में घर जैसा माहौल पैदा करती है।

उत्तराखंड एसोसिएशन आफ न्यूजीलैंड की नींव 30 मार्च 2013 को न्यूजीलैंड में रह रहे उत्तराखंडियों द्वारा रखी गई थी। इसका मुख्य मिशन उत्तराखंड के लोगों को एकजुट लाकर,पहाड़ की संस्कृति को मशहूर करना और उसकी परंपरा को लोगों तक पहुंचाना और न्यूजीलैंड के लोगों में उत्तराखंड की संस्कृति को पहुंचाना था। इस ग्रुप का मुख्य उद्देश्य हैः

  • उत्तराखंड के कल्चर और हैरिटेज को प्रमोट और पापुलर करना
  • उत्तराखंड राज्य के अलग-अलग कल्चरल प्रोग्राम और त्यौहारों को मनाना
  • इसी ग्रुप की तरह दूसरे ग्रुप के साथ मिलकर अपने उद्देश्य को लोगों तक पहुंचाना

इस साल उत्तराखंड के कुछ उम्दा कलाकार पहाड़ी क्षेत्र उत्तराखंड को लोगों के सामने परोसेंगे। चाहे वो गायक हो या परक्यूशनिस्ट, बांसुरीवाद हो या फोटोग्राफर इस टीम के 9 लोगों में फोल्क सिंगर मंगलेश डंगवाल, विरेंद्र नेगी राही, दीपक मेहर,माया उपाध्याय,राकेश भारद्वाज, स्टैंड अप आर्टिस्ट किशना बघोत, रिदम आर्टिस्ट शुभम पांडे, फ्लूटिस्ट पंकज नाथ और फोटोग्राफर मुकेश खुग्साल जो एक साथ मिलकर उत्तराखंड की एक झलक पहाड़ से दूर रहकर पहाड़ की झलक दे जाते हैं।

सालों से अपनी मिट्टी से दूर रह रहे लोगों की अपने को इस तरह से अपने देश और जड़ों से जोड़ने की कोशिश वाकई काबिले तारीफ है।

रुड़की के बीएसएम कॉलेज के बाहर छात्रों का हंगामा

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रुड़की के बीएसएम पीजी कॉलेज के बाहर कॉलेज प्रशासन की गुंडागर्दी को लेकर छात्रों का हंगामा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता कॉलेज के बाहर धरने पर बैठे। कॉलेज प्रशासन के खिलाफ छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने सभी छात्रों में फीस वृद्धि कर छात्रों को लूटने का काम कर रहा है, जिससे सभी छात्रों का उत्पीड़न हो रहा है। जिसको लेकर छात्र गुस्से में है और उन्होंने कॉलेज के गेट पर धरना प्रदर्शन करा। इस मौके गंगनहर थाना पुलिस मौके पर मौजूद है पुलिस बल मौके पर तैनात रही।⁠⁠⁠

भक्तों के लिये खुले मां अन्नपूर्णा के द्वार

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अस्सीगंगा का उद्गम स्थल व विश्व पर्यटक स्थल डोडीताल स्थिति मां अन्नपूर्णा के कपाट कल दोपहर 3.15 बजे को विधि विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोले गये। देश विदेश से आने वाले पर्यटक और यात्री अब डोडीताल में मां अन्नपूर्णा के दर्शन कर पाएंगे। सुबह अन्नपूर्णा की डोली अगोड़ा से डोडीताल के लिए रवाना हुई।

मां अन्नपूर्णा की डोली के साथ नागदेवता की डोली भी डोडीताल के लिए रवाना हुई। समुद्र तल से तीन हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित पर्यटक स्थल डोडीताल पहुंचने के लिए 18 किलोमीटर की पैदल दूरी तह करनी पड़ती है।