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काशीपुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली ने पूर्व प्रधान को कुचला

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काशीपुर, बाजपुर रोड स्थित श्यामपुरम कालोनी के निकट पुलिया पर ट्रैक्टर-ट्रॉली ने पूर्व प्रधान को कुचल दिया। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बाजपुर रोड पर जाम लग गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।

ग्राम परमानंदपुर निवासी शौकीन शाह पुत्र फुलसा ने गुरुवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली में गेहूं भरकर बेचने के लिए अनाज मंडी भेजा। गेहूं बेचने के बाद शौकीन बाइक से घर के लिए लौट रहे थे तभी बाजपुर रोड स्थित श्यामपुरम कालोनी के पास पुलिया पर पीछे से तीन ट्रॉली लेकर बाजपुर की ओर जा रहे ट्रैक्टर ने उन्हें कुचल दिया।

इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची आइटीआइ थाना पुलिस व परिजनों ने उन्हें एंबुलेंस से एलडी भट्ट अस्पताल भर्ती करवाया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। इधर, हादसे के बाद सड़क पर करीब आधे घंटे तक जाम लग गया।

रिश्वत लेने के आरोप में प्राचार्य को मिली पांच साल की सजा

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विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण शंकर राज की कोर्ट ने डिग्री कॉलेज के प्राचार्य को रिश्वत लेने के मामले में पांच साल कैद व 30 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर दो साल अतिरिक्त सजा भोगनी होगी।

अभियोजन के अनुसार, सात मार्च 2011 को डिग्री कॉलेज द्वाराहाट के प्राचार्य हरि राम तिरुवा के खिलाफ कॉलेज में ही कार्यरत संविदा कर्मचारी चंद्रा चौहान ने विजिलेंस एसपी को शिकायती पत्र भेजा। जिसमें उसने संविदा अवधि बढ़ाने के एवज में दस हजार अथवा मोबाइल की डिमांड कर उत्पीड़न का आरोप लगाया।

11 मार्च को एसपी विजिलेंस आरपी शर्मा द्वारा निरीक्षक हरक सिंह फिरमाल के नेतृत्व में ट्रेप टीम का गठन किया और उसी दिन दस हजार रिश्वत लेते धर दबोचा। भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम नैनीताल की कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। अभियोजन की ओर से संयुक्त निदेशक विधि सोहन चंद्र पांडेय द्वारा सात गवाह पेश किए गए। हैरानी वाला तथ्य यह रहा कि शिकायतकर्ता चंद्रा चौहान आरोप से मुकर गई और पक्षद्रोही बन गई।

कोर्ट ने अधिनियम की धारा सात के तहत पांच साल कैद व 10 हजार जुर्माना व धारा 13 के तहत पांच साल कैद 20 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने फैसले के बाद दोषी प्राचार्य को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।

अल्मोड़ा में सूअर और बंदरों का आतंक

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अल्मोडा, चौखुटिया विकास खंड के विभिन्न हिस्सों में दिन में बंदर तो रात में जंगली सूअरों ने खेतीबाड़ी चौपट कर दी है। कहीं तो सूअरों ने खेतों में तैयार गेहूं की खड़ी फसल पूरी तरह रौंद डाली है तो कहीं गेहूं की बालियां भी नष्ट कर दी हैं। कई खेतों में गड्ढे बना दिए हैं। अभी फसल कटाई कार्य चल रहा है, लेकिन फसल की बर्बादी देख काश्तकार अंदर ही अंदर आंसू के घूंट पीने को विवश हैं।

विकास खंड के विभिन्न क्षेत्रों में जंगली सूअरों ने आतंक मचाया है, मगर घाटी क्षेत्रों में कई स्थानों पर तो गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। यहां चांदीखेत बैराठ में अनेक काश्तकारों के तो खेत के खेत बर्बाद कर दिए हैं। काश्तकारों को कहना है कि सूअर रात्रि में खेतों में पहुंच कर खड़ी फसल को रौंद दे रहे हैं तथा गेहूं की बालियां को चट कर दे रहे हैं। ऐसे में पौधों पर बालियों का नामोनिशान नहीं रह गया है।

चांदीखेत के काश्तकार दीपक गिरि का कहना है कि उनके आठ खेत सूअरों ने पूरी तरह तबाह कर दिए हैं। इससे दस हजार से अधिक का नुकसान हुआ है। जोगा गिरि की भी फसल नष्ट कर दी है। गांव के अन्य किसान भी नुकसान से निराश हैं। प्रधान दान सिंह कुमयां, पूर्व प्रधान नंदन सिंह, मदन कुमयां, भूपाल गिरि व भूपाल सिंह आदि ने प्रशासन से निरीक्षण कर फसल का मुआवजा देने की मांग की है।

सैंय्या भये कोतवाल तो डर काहे का?

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रूद्रपुर, नैनीताल हाईवे पर यू-टर्न लेते समय साहेब की गाड़ी ने स्कूटी सवार भाई-बहन को टक्कर मार दी। हादसे में भाई-बहन को मामूली चोटे आयी परन्तु गाड़ी साहब की होने के कारण सीपीयू ने गाड़ी बिना कार्यवाहीं के छोड़ दी। वहीं गाड़ी चालक व गाड़ी को मौके से रफूचक्कर कर दिया।

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गुरूवार को रूद्रपुर नैनीताल हाईवे पर साहब की गाड़ी ने अचानक यू-टर्न लेते हुए स्कूटी सवार भाई बहन को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में भाई बहन मामूली रूप से घायल हो गए। परन्तु मौके पर मौजूद सीपीयू बहादुरों ने साहेब की गाड़ी देख बिना कार्यवाहीं के ही गाड़ी व चालक को मौके से रफूचक्कर कर दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार साहब की गाड़ी में साहब मौजूद नहीं थे, परन्तु साहब के मौजूद न होने के बाद भी सीपीयू ने चालक के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाहीं करने की जहमत तक नहीं उठायी। कानूनन बिना अधिकारी की मौजूदगी में किसी भी वाहन पर लाल व नीली बत्ती लगाना अपराध है।

किशोर उपाध्याय देश की जनता से माफी मांगें : देवेन्द्र

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भाजपा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के जम्मू कश्मीर पर दिए बयान पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी भाषा, अलगाववादियो की भाषा है। इसके लिए उपाध्याय व कांग्रेस को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा ने वन्देमातरम पर उपाध्याय के वक्तव्य की भी कड़ी आलोचना की है।

भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ देवेन्द्र भसीन ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के इस बयान जिसमे उन्होंने कश्मीर के हालात के लिए भाजपा को दोषी ठहराते हुए कश्मीर के भारत से अलग होने की संभावना व्यक्त की पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि यह बयान राष्ट्र विरोधी है और उनके बयान में अलगाववादियो की भाषा है। डॉ भसीन ने मांग की कि श्री उपाध्याय के बयान पर कांग्रेस व उपाध्याय देश की जनता से माफी मांगे।

भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी ने वंदे मातरम पर दिए बयान को भी राष्ट्रीय भावनाओ के विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि श्री उपाध्याय को पहले वन्देमातरम के इतिहास को पढ़ना चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि आजादी से पहले वन्देमातरम 1886 में सबसे पहले गुरुवर टैगोर ने कांग्रेस के अधिवेशन में गाया था और 1937 मे कांग्रेस के अधिवेशन में इस राष्ट्रगीत के रूप मे स्वीकार किया गया।
वन्देमातरम के समर्थको में महात्मा गांधी, श्री टैगोर, प. नेहरू, मौलाना आजाद भी शामिल थे। आजादी के आन्दोलन में यह गीत आंदोलन कारियों की प्रेरणा का स्रोत था अंग्रेजी हुकूमत द्वारा प्रतिबंध के बावजूद हजारो आंदोलन कारी इसे गाते गाते जेल गए। डॉ भसीन ने कहा कि लगता है की चुनाव में कारारी हार से किशोर संतुलन गंवा बैठे हैं।

शिक्षा को बाजारवाद से न जोड़ें : शिक्षा मंत्री

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प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डे ने जारी एक बयान में कहा कि अतिथि शिक्षकों के माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दो माह कार्यकाल बढ़ाने की छूट का हमारी सरकार स्वागत करती हैं। शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय ने आशा व्यक्त की है कि इन दो माह में अतिथि शिक्षकों के हित में सकारात्मक हल निकल जायेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ीकरण हेतु सरकार संकल्पबद्व हैं। उन्होनें अध्यापकों से छात्रो के हित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने की अपील की तथा शिक्षा से जुड़े विकासखण्ड, जिला एवं मण्डल शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये, कि वे अपने स्तर की अध्यापकों की समस्या का समाधान अपने स्तर से करे। केवल ऐसी प्रकृति की समस्या ही शासन तथा सरकार के समक्ष आये, जिनका समाधान उच्च स्तर पर ही हो सकता है। उन्होंने अध्यापकों से भी अपेक्षा की, वे छोटी छोटी समस्याएं लेकर शासन या सरकार के चक्कर न लगाए, इससे जहां पठन-पाठन प्रभावित होता है, वही सरकारी कार्य प्रभावित होता है।
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि उनका प्राइवेट स्कूल प्रबंधन से अनुरोध है, कि शिक्षा को बाजारवाद से न जोड़े। उनका कहना था, कि शिक्षा एक पुण्य कार्य है, शिक्षकों से इस पुण्य कार्य को और अधिक जिम्मेदारी से निभाने की अपील की है।

श्रद्धालुओं ने बैसाखी पर गंगा में लगायी डुबकी

आज पूरे उत्तराखंड में बैसाखी को बड़ी धूम धाम से मनाया जा रहा है। ऋषिकेश के गंगा घाटों पर दूर-दूर से श्रद्धालुओं का आना जाना लगा हुआ है। बैसाखी का पर्व खास तौर पर नयी उमंग और गंगा स्नान के लिए विशेष माना जाता है ।आज के दिन माँ गंगा में डुबकी लगाना काफी फलदायक होता है।जिसके चलते सुबह से ही ऋषिकेश के गंगा घाटों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है।  गंगा को  जीवनदायनी कहा जाता है और मान्यता है की गंगा स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। अगर बात बैसाखी की हो तो इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है बैसाखी को मुख्य रूप से नई  उम्मंग का पर्व कहा जाता है ऐसे में बैसाखी के पर्व में गंगा स्नान का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। मुख्य रूप से बैसाखी सिख समुदाय का पर्व है इसलिए बड़ी संख्या में पंजाब से श्रद्धालु गंगा स्नान कर पुण्य की प्राप्ति के लिये ऋषिकेश के गंगा घाटों पर पहुँचते है।

बैसाखी का पर्व नई उम्मंग का प्रतीक है कहा जाता है की बैशाखी के दिन से ही रबी की फसल को कटना शरु किया जाता है। इसलिए यह दिन किसानों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। आज के दिन गंगा में डुबकी लगाना और दान पुण्य करने का विशेष महत्व है,इसलिए गंगा घाटों पर आज के दिन सुबह से ही काफी भीड़ दिखाई दी श्रद्धालु सुबह से ही गंगा में स्नान कर पुण्य की प्राप्ति करते है।

 

काशीपुर, सहकारिता और उच्च शिक्षा में होंगे बड़े कार्य

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काशीपुर, सहकारिता और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सरकार जल्द ही कुछ बडे कदम उठाने जा रही है, जिसके लिए सरकार का होमवर्क पुरा हो गया है और जल्द ही राजधानी से लेकर प्रदेश के कई स्थानों पर सहकारिता के लिए प्रोत्साहन मेले लगाये जाएंगे।
दर्जा राज्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार गम्भीरता से काम शुरु कर रही हैं और जल्द ही प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोडने की पहल शुरु की जा रही है, जिससे कैंपस से ही बच्चे अपने भविष्य की राह आसान कर सकेंगे और उन्हे रोजगार के लिए दरदर नहीं भटकना पडेगा।काशीपुर में जहां भाजपा कार्यकर्तां ने राज्य मंत्री का जोरदार स्वागत किया वहीं उन्होने कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए भ्रष्ट अधिकारियों की पैरवी ना करने की नसीहत दी।

काशीपुर, युवती का अपहरण 

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काशीपुर, होटल में सामान लेने गई युवती को कार सवार बदमाशों ने जबरन कार में बैठाकर अपहरण कर लिया। युवती के शोर मचाने पर जब तक लोग पहुंचे तब तक बदमाश फरार हो चुके थे। सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने नाकाबंदी कर जगह-जगह वाहनों की चेकिंग की। मगर आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े।

मूलरूप से ग्राम पुलिंजन, थाना सरधना जिला मेरठ, यूपी निवासी अब्बास अपने परिवार व गांव के कुछ लोगों के साथ मुरादाबाद रोड स्थित एक रिसोर्ट के पीछे ग्राम सरबरखेड़ा में पिछले चार दिनों से रह रहा था। यहां पर रहकर आर्टिफीशियल फूलों से बने बुके बेचकर परिवार का खर्च चलाता है।

गत रात करीब सवा नौ बजे अब्बास की 23 वर्षीय पत्नी मुस्कान रिसोर्ट पर घरेलू सामान लेने गई। जैसे ही वह सामान लेकर वापस होने लगी। इसी बीच मारुती वैन में सवार बदमाशों ने उसे जबरन खींचकर कार में बैठा लिया। युवती के घर ना पहुंचने पर अब्बास का बड़ा भाई शेर अली उसे देखने जा रहा था, तभी उसे मुस्कान की चीख-पुकारने की आवाज सुनाई दी। तब तक बदमाश उसे लेकर मुरादाबाद की ओर लेकर फरार हो गए। इसकी सूचना मिलते ही परिजनों में भी खलबली मच गई।

साथ ही सूचना पर पुलिस भी हरकत में आ गई। पुलिस ने जगह-जगह नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग की। मगर बदमाश पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की गहता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड लिया जाएगा…।

घोटालों का अड्डा बना काशीपुर नगर निगम

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काशीपुर – नगर निगम काशीपुर में घोटालों की फेहरिस्त बढती जा रही है। गरीब अल्पआय और आरक्षितों को सस्ती दरों पर आवास उपलब्ध हो सके इसके लिए वर्ष 1994 में पट्टे अावंटित किये गये, मगर जिनको ये पट्टे कागजों में आवंटित हुए वास्तव में वो उन पट्टों पर काबिज ही नहीं हुए, वजह नाम किसी और का और काबिज है कोई और।
nagar nigam kashipur
यही नहीं कछ तो एसे करोडपति भी है जिन्होने इस योजना का लाभ लेने के लिए अपनी अल्प आय दिखाकर योजना का लाभ लिया है। यही नहीं जिनको पट्टे आवंटित हुए उन्होने पैसे कमाने के लालच में दुसरों को पट्टे बेट दिये जबकि नियमों के तहत पट्टे दुसरे के नाम दर्ज नहीं हो सकते हैं, इस पुरे खेल में नगर निगम के कर्मचारियों के साथ ही तत्कालीन पालिका अध्यक्षों की भुमिका भी संदेह के घेरे में है। वहीं जब इस बारे में पडताल शुरु हुई तो कर्मचारी एक दुसरे पर आरोपो का ठिंगरा फोडते नजर आये।
वहीं इस बारे में जब नगर निगम मुख्य अधिकारी से पुछा गया तो उन्होने भी माना कि पिछले कार्यकाल में की खामियां हुई है और योजनाओं का दुरुपयोग हुआ है जिसकी जांच करायी जा रही है। पट्टों के आवंटन में हुए करोडो के घोटाले के मामले में जहां अधिकारी जांच की बात कर रहे हैं वहीं हकीकत तो ये है कि इन पट्टों पर ज्यादातर वो लोग काबिज है जो तत्कालीन पालिका अध्यक्षों और अधिकारियों के चहैते थे, जिनके द्वारा मानकों को ताक पर रख कर पट्टे हस्तांतरित कर दिये गये और लाखों रुपये का खेल खेला गया, देखना होगा कि आखिर विभागीय जांच की आंच कहीं पहुचती भी है या फिर फाईलों में ही दफ्न होकर रह जाती है।