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सड़क सुरक्षा का संदेश दिया साइकल सवारों ने

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एमटीबी हिमालाय का तीसरा एडिशन शनिवार को मसूरी में खत्म हुआ। इस सपर की शुरुआत 8 अप्रैल को नैनीताल से हुई थी। 800 किमी का सफर तय करके 56 साइकिल सवारों ने गढ़वाल और कुमाऊ मडल से शपर करते हुए पर्यावरण के बचाव और सड़क सुरक्षा का संदेश लोगों तक पहुंचाया। साइकिल फेडरेशन आॅफ इंडिया और ऱाज्य पर्यटन विभाग ने मिलकर इस रेस का आयोजन कियी था। इसमें देसी और विदेशी सवारों के साथ 6 महिला साइकिल सवारों ने हिस्सा लिया।

एशिया की सबसे लंबी एमटीबी रेस के आखिरू दिन स्कूली बच्चों ने टिहरू बाीपास झंडे फहराकर रेस का अपने आखिरी चरण में स्वागत किया। कोलंबिया के माॅरिसियो पचान मेलो ने ये रेस जीती। अपनी जीत पर मेलो ने कहा कि ” यह सपर उनके लिये काफी मजेदार रहा”। वहीं भारतीय श्रेणी में प्रथम और इंटरनेशनल में तीसरा स्थान प्रप्त करने वाले फैसल का मानना है कि “रेस मुश्किल ज़रूर थी लेकिन उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य को देखते हुए इस रेस को पूरा करने का मज़ा ही कुछ और रहा”।

साइबर क्राइम सेल ने वसूले 58 लाख

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साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन द्वारा उत्तराखण्ड के विभिन्न जिलों के थानो मे लॉटरी/ बीमा/ नौकरी की धोखाधड़ी/ एटीएम के माध्यम से आँनलाईन शाँपिग करने के प्रकरणों में तकनीकी जानकारी के आधार पर सहयोग प्रदान किया गया । जिनमें से साल 2017 में माह मार्च तक कुल 11,61,961/- रुपये वापस कराये गये । साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन के साल 2016 से अभी तक बैंक फ्रॉड, फर्जी कॉल, नौकरी का झांसा देकर, लॉटरी जीतने से सम्बन्धित विभिन्न प्रकरणों में कार्यवाही करते हुये करीब 58,00,000/- रुपये वापस कराये गये।

इसके अलावा साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन धारा 420 और 66सी, डीआईटी एक्ट में सेलाकुई में एक कम्पनी की ई-मेल आई.डी. को हैक कर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा सम्बन्धित कम्पनी के बैंक खाते का विवरण बदलकर करीब 1,61,607.69 (USD) (एक करोड़ 10 लाख रुपये) धोखाधड़ी से यूनाईटेड किगंडम) के बार्कले बैंक के खाते में ट्रान्सफर करा लिये गये थे, जिस सम्बन्ध में साईबर पुलिस ने कार्यवाही करते हुये करीब 1,00,000/- डॉलर (67,00,000/- रुपये) वापस करा दिये। बाकी रकम की वापसी की कार्यवाही जारी है, तथा अभियुक्तो के पहचान व गिरफ्तारी हेतु जांच जारी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस.टी.एफ पी.रेणुका देवी द्वारा चलाये जा रहे जागरुकता अभियान में बैंक फ्राड व सोशल मीडिया के अपराधो में लगातार कमी आयी है। जिसके अन्तर्गत उत्तराखण्ड के विभिन्न स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालयों मे आम जनता को जागरुक करने के लिये समय-समय पर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।

राज्यपाल पहुँचे अपने ग्रीष्मकालीन प्रवास, राजभवन नैनीताल

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उत्तराखण्ड के राज्यपाल डा. कृष्ण कांत पाल आज अपरान्ह में ग्रीष्मकालीन प्रवास पर राजभवन नैनीताल पहुँचे। कैलाखान हैलीपैड पर जिलाधिकारी दीपक रावत द्वारा राज्यपाल को पुष्प-गुच्छ देकर स्वागत किया गया।
नैनीताल प्रवास के दौरान राज्यपाल 16 अप्रैल को जी.बी.पंत इंस्टीट्यूट आॅफ हिमालयन इन्वायरमेंट के उत्तराखण्ड रेजीडेंश्यिल विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के ब्रैनस्टोर्मिंग सेशन को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करेंगे। 17 अप्रैल को राज्यपाल उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
राज्यपाल के राजभवन पहुँचने पर, जिलाधिकारी सहित, पुलिस  प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें गार्ड आॅफ आनर दिया। इस अवसर पर एडीसी डा.वाईएस रावत, जिलाधिकारी दीपक रावत सहित, पुलिस अधीक्षक अजय रौतेला मुख्य अभियंता लोक निर्माण बीसी बिनवाल, सहित उद्यान विभाग के कमल जोशी आदि भी मौजूद थे।

ड्रेगन को टक्कर देंगी हिम वीरांगनायें

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शनिवार सुबह मसूरी के आईटीबीपी स्थित परेड ग्राउंड में एक पारंपरिक पासिंग आउट परेड के बाद 10 महिला प्रशिक्षार्थी और 4 पुरुष आॅफिसर अकादमी से पास आउट हुए। 48 हफ्तों के कठिन परिश्रम के बाद इनका ये सपना पूरा हुआ।

इस बार स्वोर्ड आॅफ हाॅनर के विजेता रहे एसी/डीजी मंजु सिब्बल जिन्हें बेस्ट इन आुटडोर एक्टिविटी के लिये डीजी कप से भी नवाज़ा गया।

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पासिंग आुट परेड के मुख्य अतिथि रहेउप महानिरीक्षक आईटीबीपी अकादमी श्री दावीदार सिंह। परेड को देखने और कैडेट्स की हौंसला अफज़ाई करने के लिये कैडेट्स के परिवार जनों के साथ साथ सर्विंग और रिटायर्ड अधिकारी भी मौजूद रहे। परेड के दौरान कराटे डिस्प्ले और पाईप बैंड ने सभी का मन मोह लिया।

आईटीबीपी फोर्स का गठन 24 अक्टूबर 1962 में भारत चीन युद्ध के बाद किया गया था। आज ये फोर्स न केवल 3488 किमी लंबी भारत चीन सीमा की निगरानी का काम करती है बल्कि आपदा से जुड़े कामों, अन्य राहत के कमों वीआईपी सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भऊमिका निभाती है।

सात सुमंदर पार छा रहा है उत्तराखंड का रंग “बडूली”

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बडूली एक वार्षिक त्यौहार है जो उत्तराखंड एसोसिएशन आफ न्जूजीलैंड द्वारा हर साल बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है।अपने-अपने घरों से दूर न्यूजीलैंड में अपना घर बनाकर रहने वाले उत्तराखंडियों के लिए यह एक खास मौका है।यह इवेंट एक सफल कोशिश है उनके लिए जो अपनी जन्मभूमि से दूर होकर अपनी परंपरा से जुड़ाव रखते हैं। बडूली सभी को एकजुट करने और परंपरागत संस्कृति से जोड़ने का एक प्रयास है। उत्तराखंड के थियेटर और अलग-अलग तरह के संगीत और नृत्य के माध्यम से यह लोगों में घर जैसा माहौल पैदा करती है।

उत्तराखंड एसोसिएशन आफ न्यूजीलैंड की नींव 30 मार्च 2013 को न्यूजीलैंड में रह रहे उत्तराखंडियों द्वारा रखी गई थी। इसका मुख्य मिशन उत्तराखंड के लोगों को एकजुट लाकर,पहाड़ की संस्कृति को मशहूर करना और उसकी परंपरा को लोगों तक पहुंचाना और न्यूजीलैंड के लोगों में उत्तराखंड की संस्कृति को पहुंचाना था। इस ग्रुप का मुख्य उद्देश्य हैः

  • उत्तराखंड के कल्चर और हैरिटेज को प्रमोट और पापुलर करना
  • उत्तराखंड राज्य के अलग-अलग कल्चरल प्रोग्राम और त्यौहारों को मनाना
  • इसी ग्रुप की तरह दूसरे ग्रुप के साथ मिलकर अपने उद्देश्य को लोगों तक पहुंचाना

इस साल उत्तराखंड के कुछ उम्दा कलाकार पहाड़ी क्षेत्र उत्तराखंड को लोगों के सामने परोसेंगे। चाहे वो गायक हो या परक्यूशनिस्ट, बांसुरीवाद हो या फोटोग्राफर इस टीम के 9 लोगों में फोल्क सिंगर मंगलेश डंगवाल, विरेंद्र नेगी राही, दीपक मेहर,माया उपाध्याय,राकेश भारद्वाज, स्टैंड अप आर्टिस्ट किशना बघोत, रिदम आर्टिस्ट शुभम पांडे, फ्लूटिस्ट पंकज नाथ और फोटोग्राफर मुकेश खुग्साल जो एक साथ मिलकर उत्तराखंड की एक झलक पहाड़ से दूर रहकर पहाड़ की झलक दे जाते हैं।

सालों से अपनी मिट्टी से दूर रह रहे लोगों की अपने को इस तरह से अपने देश और जड़ों से जोड़ने की कोशिश वाकई काबिले तारीफ है।

रुड़की के बीएसएम कॉलेज के बाहर छात्रों का हंगामा

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रुड़की के बीएसएम पीजी कॉलेज के बाहर कॉलेज प्रशासन की गुंडागर्दी को लेकर छात्रों का हंगामा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता कॉलेज के बाहर धरने पर बैठे। कॉलेज प्रशासन के खिलाफ छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने सभी छात्रों में फीस वृद्धि कर छात्रों को लूटने का काम कर रहा है, जिससे सभी छात्रों का उत्पीड़न हो रहा है। जिसको लेकर छात्र गुस्से में है और उन्होंने कॉलेज के गेट पर धरना प्रदर्शन करा। इस मौके गंगनहर थाना पुलिस मौके पर मौजूद है पुलिस बल मौके पर तैनात रही।⁠⁠⁠

भक्तों के लिये खुले मां अन्नपूर्णा के द्वार

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अस्सीगंगा का उद्गम स्थल व विश्व पर्यटक स्थल डोडीताल स्थिति मां अन्नपूर्णा के कपाट कल दोपहर 3.15 बजे को विधि विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोले गये। देश विदेश से आने वाले पर्यटक और यात्री अब डोडीताल में मां अन्नपूर्णा के दर्शन कर पाएंगे। सुबह अन्नपूर्णा की डोली अगोड़ा से डोडीताल के लिए रवाना हुई।

मां अन्नपूर्णा की डोली के साथ नागदेवता की डोली भी डोडीताल के लिए रवाना हुई। समुद्र तल से तीन हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित पर्यटक स्थल डोडीताल पहुंचने के लिए 18 किलोमीटर की पैदल दूरी तह करनी पड़ती है। 

एक महीने तक दून नहीं आ सकेंगे ट्रेन से

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रेल मंडल से गुजरने वाली आठ जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनें 36 दिनों तक देहरादून नहीं आएंगी। देहरादून स्टेशन पर 17 अप्रैल से 22 मई तक वासेबल एप्रिन का काम चलेगा। इसके चलते ट्रेनें शताब्दी और लिंक एक्सप्रेस सहित आठ जोड़ी ट्रेनें हरिद्वार तक ही आएंगी । काम पूरा होने के बाद ट्रेनें पूर्व की तरह देहरादून तक आ सकेंगी।17 अप्रैल से देहरादून स्टेशन पर वासेबल एप्रिन का काम शुरू होने वाला है। काम बाइस मई तक चलेगा। इस दौरान प्लेटफार्म प्रभावित रहेगा। वासेबल एप्रिन वाले प्लेटफार्म पर ट्रेनों का संचालन बंद रहेगा। इसके चलते आठ जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनें 17 अप्रैल से 22 मई के बीच देहरादून तक नहीं आएंगी। इन ट्रेनों को हरिद्वार तक ही चलाया जाएगा। प्रभावित रहने वाली ट्रेनों में देहरादून दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस और लिंक एक्सप्रेस प्रमुख हैं
ये ट्रेनें होंगी प्रभावित
इलाहाबाद-देहारादून लिंक एक्सप्रेस
देहरादून-काठगोदाम एक्सप्रेस
देहरादून-उज्जैन एक्सप्रेस
देहरादून-इंदौर एक्सप्रेस
देहरादून-कुचीबेली एक्सप्रेस
नई दिल्ली-देहरादून शताब्दी
देहरादून-मदूरई एक्सप्रेस
देहरादून-ओखा एक्सप्रेस
वहीं रेल विभाग के इस कदम से राज्य के पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग खासे परेशान है। चारघाम यात्रा शुरू होने को हैं और ऐसे में गंगोत्री, यमुनोत्री जाने वाले श्रद्धालुओं को खासी परेशानी का सामना करने पड़ सकता है। उत्तराखंड होटल असोसियेशन के अध्यक्ष सनी साहनी का कहना है कि “रेल विभाग को ये काम जुलाी अगस्त के महीने में करना चाहिये था जिससे पर्यटकों को दिक्कतों का सामना न करना पड़ता। इस कदम से न सिर्फ चारधाम यात्रा बल्कि मसूरी, धनौलटी, चकराता आने वाले पर्यटकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा”
बहरहाल इतना तो तय है कि रेल विभाग के इस कदम से सड़क यातायात पर ज्यादा दबाव रहेगा।

आई एम ए में आतंकियों के घुसने से मचा हड़कंप, निकली माॅक ड्रिल

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भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में कुछ आतंकवादियों के घुसने की सूचना से दून पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में फोर्स पहुंच गई। मौके पर जाने पर पता चला कि ये मॉक ड्रिल है।

सुबह सात बजे के करीब पुलिस कंट्रोल रूम में सुचना आई की आईएमए में कुछ आतंकवादी घुस गए हैं। इस सुचना पर हड़कंप मच गया। एसएसपी व एसपी सिटी समेत पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और आइएमए की घेराबंदी शुरू कर दी।

इस दौरान देहरादून-चकराता रोड पर वाहनों को रोक दिया गया। साथ ही मौके पर सर्च आपरेशन शुरू किया गया। कुछ देर तक तो अफसर भी कुछ बोलने को तैयार नहीं थे। बाद में आइएमए सूत्रों ने बताया कि ये मॉक ड्रिल थी। डीआईजी पुष्पक ज्योति ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इस मॉक ड्रिल में सेना के अधिकारियों से अच्छा कोआर्डिनेशन रहा। कोई बड़ी बात नही है।

 

रुद्रपुर, किसानों से हो सकती है रिकवरी

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एनएच चौड़ीकरण की जद में आ रही जमीनों के मुआवजे में हुए 270 करोड़ के घोटाले में सरकार किसानों से रिकवरी कर सकती है। इस क्रम में जिन कृषि की जमीनों को अकृषि कर दिया गया था, उन्हें पुन: कृषि में दर्ज करने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। जसपुर में नौ मामलों में 144 के जरिए भू उपयोग बदल दिया गया है।

दरअसल, इस घोटाले के असली लाभार्थी तो किसान ही हैं, क्योंकि धनराशि उनके खातों में भेजी गई है। गौरतलब है कि कृषि योग्य भूमि को 143 के जरिए अकृषि कराकर किसानों ने दस गुना मुआवजा लिया है। इसमें बड़ा सिंडीकेट शामिल रहा। मामले की जांच अब सीबीआई करेगी। इस मामले में शासन व प्रशासन के स्तर से लगातार दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। मामले में दोषी पाए गए नायब तहसीलदारों के खिलाफ भी राजस्व परिषद के अधिकारी कार्यवाही करने जा रहे हैं।

माना जा रहा है कि एक दो दिन में नायब तहसीलदारों के निलंबन की कार्यवाही होगी। उधर, जसपुर की एसडीएम युक्ता मिश्रा ने उन जमीनों की जांच की थी जो 143 के जरिए अकृषक घोषित करा ली गई थी, मगर मौके पर खेती हो रही थी। ऐसे नौ प्रकरणों में 144 के जरिए जमीनें कृषि भूमि में ही बदला गया है। माना जा रहा है कि इस मामले में फर्जी तरीके से दस गुना अधिक मुआवजा लेने वाले लाभार्थियों से वसूली कराई जा सकती है।