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जल्द गूँजेगा उत्तराखंड में एफ़एम

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आने वाले दिनों में देहरादून और अन्य शहरों में आप भी एफएम पर संगीत और अन्य कार्यक्रमों का लुत्फ़ उठा सकेंगे। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने देहरादून से प्रसारित होने के लिये एक निजी कंपनी को लाइसेंस दे दिया है। ये ही नही ये लाइसेंस देश का दूसरा सबसे महँगा एफ़एम लाइसेंस साबित हुआ है। रेड एफएम ने इसके लिये पंद्रह करोड़ से ज़्यादा का रक़म अदा की है। इससे पहले देश का सबसे महँगा एफ़एम चैनल हैदराबाद का है।

एक दो महीने में लाँच होने वाले इस चैनल को 93.5 की फ्रीक्वेंनसी पर सुना जा सकेगा। इस चैनल की रेंज पचास किमी रहेगी। इसका मतलब की फ़िलहाल इसे देहरादून और आसपास के इलाक़ों में ही सुना जा सकेगा। निजी रेडियो चैनल पर ख़बरें सुनाने की प्रमोशन नही है लेकिन इस चैनल के आने से कम से कम देहरादून और आसपास के इलाक़ों में नये संगीत और मनोरंजन के कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो सकेगा।

सूचना प्रसारण मंत्रालय ने देश भर में एफ़एम रेडियो 3 के तहत 48 शहरों में एफएम चैनल खोलने के लिये लाइसेंस दिये हैं।

मंत्री से लेकर आम लोगों तक ने लगाई रेल मंत्री से गुहार

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देहरादून स्टेशन लाइन और अन्य मरम्मत के कामों के लिये  करीब करीब एक महीना बंद रहेगा। इसके चलते आम लोग तो परेशान होंगे ही साथ ही पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों और सरकार के भी माथे पर परेशानी की लकीरें पड़ रही हैं।  गौरतलब है कि देहरादून स्टेसन के विस्तार और मरम्मत के कामों के चलते 17 अप्रैल से 22 मई तक देहरादून स्टेशन न तो कोई ट्रेन आयेगी न ही यहां से चलेगी। सभी ट्रेनें हरिद्वार से चलेंगी और यहीं खत्म होंगी। पर्यटन मंत्री सतपाल माहराज ने कहा है कि उन्होने केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु से बात की है और निवेदन किया है कि हरिद्वार की जगह ट्रेनों के आखिरी स्टेशन को हर्रावाला स्टेशन रखा जाये। इसके पीछे खास कारण है उत्तराखंड में शुरू होने वाली चारधाम यात्रा सीजन। लाखों की तादाद में लोग चारघाम यात्रा के लिये ट्रेन से उत्तराखंड पहुंचते हैं। एसे में खासतौर पर गंगोत्री और यमुनोत्री आने वाले श्रद्धालुओं और मसूरी, धनौल्टी, चकराता आने वाले पर्यटकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

वहीं आम लोगों ने भी केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु से इस मामले में ध्यान देने के लिये ट्वीटर के माध्यम से गुहार लगाई जिसके जवाब में मत्री ने संबंधित अधिकारियों को मामले मे ध्यान देने के लिये निर्देशित किया है। वहीं उत्तराखंड होटल एसोसियेशन ने भी राज्य सरकार से इस मामले में उचित कदम उठाने की मांग की है। एसोसियेशन के अध्यक्ष सनी साहनी का कहना है कि ” उत्तराखंड की अरथव्यवस्था में एक बड़ा हिस्सा पर्यटन का है, ऐसे में अगर पीत पर्यटन सीज़न में पर्यटकों को रेल की सुविधी नहीं मिलेगी तो न केवल इससे सड़क पर वाहनों का दबाव बड़ेगा बल्कि पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।”

बहरहाल अब देखना ये होगा केंद्र सरकार राज्य की मागों के लेकर क्या रुख अपनाती है।

ट्रेन की चपेट में आये दो हाथियों की मौत

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उधमसिंह नगर, पंतनगर के हल्दी रेलवे स्टेशन क्षेत्र में ट्रेन की चपेट में आज सुबह आये दो हाथी। रानीखेत एक्सप्रेस की चपेट में आये दो मादा हाथी पानी की तलाश में आये थे, 2 से 3 साल के बताए जा रहे दोनों हाथी, दोनों की मौके पर हुई मौत।

नजर डालते हैं इन आंकड़ों पर जो हाथी ट्रेन से अब तक मारे गए है:

  • 1992 में एक के बाद एक पांच हाथियों की मौत हुई। जिसमें 3 मादा और एक नर शामिल था।
  • 1994 में दो हाथी फिर से ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई।
  • 1998 में लगभग 6 हाथी मारे गए जिसमे से 3 मादा हाथी प्रेग्नेंट थी।
  • 2000 और 2001 में लगभग 4 हाथियों को ट्रेन ने मौत के घाट उतार दिया।
  • 2002 में 2 और 2003 में लगभग 2 हाथी ट्रेन की चपेट में आकर दम तोड़ा।

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जबकि आज भी लालकुआं में दो हाथियों की मौत ट्रेन से ही हुई है। विभाग की जानकारी के अनुसार ऐसा नहीं है की ट्रेन ही इन हाथियों की मौत का कारण है। इसके साथ ही जंगलो से निकलने वाले हाईटेंशन तार भी हाथियों की मौत की बड़ी वजह है। लगभग 10 हाथी अब तक करंट लगने के कारण दुनिया से रुखसत हो चुके हैं। जबकि शिकारियों की गोली से भी लगभग 7 हाथी मारे जा चुके हैं। प्राकृतिक मौत से गढ़वाल में ही 100 से ज्यादा हाथीयों की मौत हो चुकी है जबकि सरकारी गोली यानी ट्रेंकुलाइज से भी कई हाथी मरे गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि आप नेशनल पार्क में गति लगभग 30 से 35 किलोमीटर प्रति घण्टा रखे, लेकिन फिर भी यह घटनायें रूकने का नाम नहीं ले रहीं है।

चार धाम के प्रवेश द्धार में गहराने लगा पेयजल संकट

चार धाम यात्रा सर पर है और ऐसे में सरकारी की सिस्टम की लापरवाही वही मुलभुत सुविधाओं को लेकर सामने आ रही है। गर्मियों की दस्तक के साथ ही चार धाम के प्रवेश द्धार ऋषिकेश में जल संकट गहराने लगा है ,ऐसे में चार धाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों को जलसंस्थान की लापरवाही का खमियाजा भुगतना पद सकता है । 2017 की चार धाम यात्रा में काफी काम समय बचा है लेकिन गढ़वाल कॉमिशनर की ऋषिकेश में यात्रा तैयारियों के लिए हुयी बैठक के बाद भी विभाग अपनी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं ला रहे है।

यात्राकाल में देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऋषिकेश पहुंचते है लेकिन गंगा तट पर बसे इस शहर में जल संस्थान की कार्यप्रणाली से जल संकट अभी से गहराने लगा है स्थानीय लोग नाराज होकर लगातार जल संस्थान के चक्कर काट रहे है समस्या है की सुलझने का नाम नहीं ले रही है ,जिसके चलते आम लोगो में गुस्सा बना हुआ है।  लगातार ऋषिकेश के कई छेत्रो में जल संकट गहराने लगा है चार धाम  यात्रा बस टर्मिनल, कुम्हारबाड़ा, भैरव मंदिर, चंद्रेश्वर नगर, चंद्रभागा बस्ती और मायाकुंड  में लगातार जल संकट देखा जा रहा है।

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स्थनीय लोगो का आरोप है कि छेत्र में लगातार पानी की कमी होती जा रही है न पानी आने का कोई समय है और ना ही जलकर्मी समस्याओ को निस्तारण करते है। इधर जल संस्थान का कहना है कि वो अपनी तैयारी पर लगे हुआ है। अधिशासी अभियंता ऋषिकेश के अनुसार हमने ट्यूब वेळ बना दिया है उसमे बिजली का सयोजन होना बाकि है, वो होते ही पानी की कमी का निस्तारण हो जायेगा। सूरज की तपिश अप्रेल माह में ही सितम ढाने लगी है, ऐसे में  बिजली और पानी की समस्या आम लोगो के लिए  मुसीबत बनी हुयी है, ऐसे में सवाल उठता है कि कुछ दिनों बाद जब देश भर से तीर्थ यात्री ऋषिकेश पहुचेगे तो विभाग की कार्य प्रणाली उन पर कितना भारी पड़ेगी।

 

तीर्थनगरी पहुंचे बॉलीवुड सिंगर और कंपोजर टोनी कक्कड़

उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से जाना जाता है, यहाँ की पहचान हमेशा से अध्यात्म और योग से रही हो लेकिन वक़्त के साथ-साथ अब यहाँ से हुनर निकलकर बॉलीवुड तक अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो रहा है। उत्तराखंड से उर्वशी रौतेला,जुबिन नौटियाल, नेहा कक्कड़ सभी ने अपनी एक अलग पेहचान बॉलीवुड में बनाई है। तीर्थनगरी ऋषिकेश से टोनी कक्कड़ ने भी अपने संगीत से बॉलीवुड इंडस्ट्री को अपना दीवाना बना लिया है।

अपने निवास स्थान पर पहुंचे बॉलीवुड सिंगर और कंपोजर टोनी कक्कड़ को देखने के लिए उनके फैंस की भीड़ लग गयी, कहते है अगर किसी के अंदर हुनर हो तो एक न एक दिन पूरी दुनिआ उसकी दीवानी हो जाती है, यही कहावत सटीक बैठती है ऋषिकेश निवासी टोनी कक्कड़ पर। आपको बता दे की टोनी कक्कड़ बॉलीवुड की मशहूर सिंगर नेहा कक्कड़ के भाई है। मीडिया से बात करते हुए टोनी कक्कड़ ने बताया कि शुरुवात में वो अपनी बहन और भाई सोनू कक्कड़ के साथ भजन प्रोग्राम किया करते थे फिर मुंबई पहुंचने के बाद उनकी जिंदगी को एक नया मोड़ मिला, काफी महनत और लम्बे इन्तजार के बाद उन्हें अपनी मंजिल मिली।

टोनी कक्कड़ ने बताया कि उनको पहला ब्रेक टी-सीरीज ने  दिलवाया, उनके द्वारा लिखे 15 गानों में से 12 गानों को टी सीरीज ने चुना है, वो अभी तक 25 गानों को कंपोज़ कर चुके है। साल 2013 में उनके द्वारा कंपोज़ किया गया गाना ‘सावन आया है’ काफी हिट रहा। उन्होंने बताया की गढ़वाल के वाद्य यंत्रों को भी वो अपने संगीत में प्रयोग करना चाहते है और जल्द ही वो इस तरफ काम करेंगे।

उत्तराखंड का लगातार बॉलीवुड से रिश्ता मजबूत होता जा रहा है यही कारण है कि यहाँ के छोटे-छोटे शहरों से निकलकर युवा मुम्बई जैसे महानगर में अपनी क़ाबलियत के दम पर अलग पहचान बना रहे है।

 

चैती मेले की कमाई ने बनाया परिवारों को खून का प्यासा

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पण्डा परिवार की आपसी रंजीश अब खुनी संघर्ष का रुप लेने लगी है। लाभ कमाने के लालच में मां बाल सुन्दरी के पुरोहितों में जंग का आगाज भले ही काफी दिन पहले हो चुका था, मगर अब तक मुंह जुबानी चलने वाली जंग खुन की प्यासी होने लगी है।वन्दना पण्डा और उसके बेटे की लगातार मेले में बडती गुण्डागर्दी से जहां दुकानदार और भक्त परेशान है जिसको लेकर परिवार की बढती रंजीश के चलते रविवार देर सांय दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई।जिसमें दो महिलाए गम्भीर रुप से घायल भी हो गयी है, जिनको सरकारी में प्राथमिक उपचार के बाद छोड दिया गया। वहीं महिलाओं ने काशीपुर, कटोरातला चौकी में मुकदमा दर्ज कराते हुए कार्यवाही की मांग की, वहीं आरोपी वंदना अग्निहोत्री ने भी दुसरी ओर से मुकदमा दर्ज कराते हुए कार्यवाही की बात कहीं। पण्डा परिवार के बीच छिडी ये जंग जहां खत्म होने का नाम नहीं ले रही है, वहीं दोनों पक्षों की इस जंग से मेले की व्यवस्था बिगडती जा रही हैं जिसका खामियाजा यहां आने वाले भक्तों और व्यापारियों को उठाना पड रहा है।

किशोर को ‘वन्दे मातरम’ पर कोश्यारी की नसीहत

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नैनीताल पहुंचे क्षेत्रीय सासंद भगद सिह कोशियारी ने कांग्रेस पी.सी.सी.अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को ‘वनदे मातरम’ वाले बयांन पर आडे हाथो लेते हुए कहा कि किशोर को वंदे मातरम पर दिए गए बयान पर माफी मागनी चाहिए क्यो कि जो व्यक्ति वंदे मातरम का विरोध करते है और उसका सम्मान नही करते इससे स्पष्ट है कि वो अपनी माॅ का भी सम्मान नही करते।

कोशियारी ने कहा कि किशोर केवल इस तरह के बायन दे कर अपनी चुनाव में हार की भडास निकाल रहे है, किशोर को इस तरह कि बेफिजूल और अनरगल बायनबाजी नही करनी चाहिए। इस तरह की बयानबाजी के लिए प्रदेश के युवा किशोर को किसी दूसरे राज्य में भेज सकते है।

कब मिलेगा उत्तराखंड को अपना मनोरंजन चैनल?

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चर्चित सीरियल लेखक ऐहसान बख्श ने कहा कि इन दिनों बन रहे टीवी सीरियल समाज और घर-परिवार को जोड़ने के बजाय तोड़ने का काम कर रहे हैं। इनमें साजिश, सस्पेंस के अलावा कुछ नहीं रह गया है। दूरदर्शन के दौर के सामाजिक सरोकार अब खत्म हो चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि छोटे शहरों में प्रभावी कहानीकारों की कमी नहीं है।

नैनीताल में आयोजित फिल्म फेस्टिवल कौतिक में पहुंचे कलाकार ऐहसान ने बताया कि ससुराल सिमर का, प्रतिज्ञा, अंबरधारा, माता की चौकी समेत करीब तीन दर्जन सीरियल्य की कहानी लिख चुके हैं। उन्होंने बताया कि पहाड़ की थीम और पहाड़ के बच्चों पर आधारित फिल्म आखिरी मुनादी 18 देशों में आयोजित अंतराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में चयनित हुई। पहाड़ पर आधारित अनाम फिल्म को एक लाख बच्चों ने देखा।

फिल्म निर्माता व शिक्षक मनमोहन चौधरी के अनुसार वर्तमान समय में उत्तराखंडी मे मनोरंजन टीवी चैनल की जरूरत महसूस की जा रही है। सरकार को भले ही निजी क्षेत्र का सहयोग लेना पड़े, इस दिशा में कदम बढ़ाने होंगे, तभी आंचलिक फिल्मों का दायरा बढ़ सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिभा की कमी नहीं हैं। लोक कलाकार बेहतर काम कर रहे हैं, मगर संसाधनों की कमी आड़े आ रही है। कहा कि आज जो भी फिल्म या वीडियो बना रहे हैं, सभी शौकिया तौर पर काम रहे हैं।

बागेश्वर में अतिक्रमण पर सख़्त हुए डीएम

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बागेश्वर, डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बाजार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क पर अतिक्रमण करने वाले 15 व्यापारियों को जहां चेतावनी देकर छोड़ा। वहीं कई के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सामान जब्त कराया। इससे बाजार में दुकानदारों व व्यापारियों में हड़कंप मचा रहा।

डीएम मंगेश घिल्डियाल अचानक कस्बा बाजार पहुंच गए। राज्यपाल के कार्यक्रम से वापस लौटने पर बाजार में अतिक्रमण देखकर वहीं रुक गए। दुकानों के सामने सामान लगाने पर व्यापारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी। कहा कि सड़क पर अतिक्रमण बिलकुल न करें। मौके पर कई व्यापारियों की दुकानों का सामान जब्त कराया। नालियों में अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों से कहा कि वह किसी भी सूरत में अब बच नहीं पाएंगे। सड़क पर अतिक्रमण करने वालों का चालान किया जाएगा। तहसील प्रशासन को निर्देश दिए कि वह इनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करे। इस मौके पर उनके साथ एसपी सुखवीर सिंह, एसडीएम, तहसीलदार दयाल चंद्र टम्टा, व्यापार संघ अध्यक्ष अखिल जोशी आदि मौजूद रहे।

अब चलान के पैसों से होगी सड़क सुरक्षा

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उत्तराखंड में अब सरकरा ने सड़क सुरक्षा के लिये पैसो के इंतज़ाम के लिये एक रास्ता और निकाल लिया है। पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा किये गये चालान की 25 फीसदी रकम सड़क सुरक्षा पर खर्च की जायेगी। इसके साथ ही रोड़ सेफ्टी का थ्री टियर आॅडिट होगा। विशेषज्ञ इंजीनियरों को रोड़ सेफ्टी सेल बनाया जायेगा। दुर्घटना संभावित स्थलों का चयन कर सुरक्षा के उपाय किये जायेंगे।

प्रशासन ने परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में स्टेट रोड़ सेफ्टी काउंसिल का गठन कर दिया गया है। परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में सम्बंधित विभागों की लीड एजेंसी बनाई गयी है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति बनायी गयी है। इसके साथ ही उत्तराखंड ने सड़क सुरक्षा समिति अधिसूचित कर दिया है। आॅटोमेटीड ड्राईविंग टेस्ट ट्रैक के लिए 80 मीटरX50 मीटर और आॅटोमेटेड टेस्टिंग लेन के लिए तीन एकड़ ज़मीन की ज़रूरत है। पायलट के तौर पर देहरादून में 04 मोटर बाइक एम्बुलेंस का संचालन किया जायेगा। लोनिवि और शहरी विकास विभाग को यातायात को प्रभावित करने वाले होर्डिग आदि को हटाने के निर्देश दिये गये है।

राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में लगातार इज़ाफा हो रहा है।ऐसे में उम्मीद ये है कि सरकार की इन कोशिशों से सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते आंकड़ों को रोकने में कुछ मदद ज़रूर मिलेगी।