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उप निरीक्षक की सड़क हादसे में मौत

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थाना सहसपुर के धर्मावाला चौकी में नियुक्त उपनिरीक्षक श्री विनय गुसाई कल दिनांक 28 अप्रैल 2017 की देर रात जाच के सम्बंध में चौकी धर्मावाला से हरबर्टपुर की ओर जा रहे थे। जिनका अचानक आसन नदी पुल पर किसी अज्ञात वाहन से टक्कर लग जाने के कारण एक्सीडेंट हो गया।

तत्काल उन्हें लेहमन अस्पताल में उपचार के लिये भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेन्टर सिनर्जी अस्पताल देहरादून के लिए रेफर किया गया। जहां आज सुबह उपचार के दौरान उनका देहांत हो गया। स्व. श्री विनय गुसाई वर्ष 2010 बैच के उप निरीक्षक थे। घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर छा गई।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दारोगा श्री विनय गुसाईं की सड़क हादसे में हुई मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत की आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

खुले यमुनोत्री के कपाट

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हिंदुओं की आस्था के केंद्र एवं विश्व प्रसिद्ध धाम यमुनोत्री के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके साथ ही चारधाम यात्रा विधिवत शुरुआत हो गई। अब आगामी छह माह तक यमुनोत्री में मां यमुना की पूजा अर्चना होगी।शुभ-मुहूर्त के अनुसार,परंपरानुसार धार्मिक रीति-रिवाज तथा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना के बाद अक्षय तृतीय के इस पर्व पर यमुनोत्री के कपाट दोपहर 12.15 बजे खोले गए। वेदपाठियों, मंदिर समितियों के पदाधिकारियों की उपस्थिति में कपाट खोले गए। इस दौरान पारंपरिक रीति रिवाज के साथ यमुना मां के जयकारे लगते रहे। कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों का यमुनोत्री धाम में पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया।

ओर मां यमुना की डोली उनके मायके व शीतकालीन प्रवास खरसाली से शनिदेव की डोली की अगुआई में यमुनोत्री के लिए कल सुबह नौ बजे रवाना हुई थी। दोपहर में यमुना की डोली यमुनोत्री धाम पहुंची। जहां विधिविधान से वैदिक मंत्रोच्चारण व पूजा-अर्चना के साथ 12.15 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। इस दौरान पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भी कपाटोंतघाटना के अवसर पर मौजूद रहे है।

आने वाले 3 विकेंड तक बुक है ”बाहुबली”

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28 अप्रैल यानि आज रिलीज हो चुकी है देश की सबसे चर्चित और मोस्‍ट अवेटेड मूवी ‘बाहुबली 2’। यूं तो देश ही नहीं बल्कि दुनिया के पास इस मूवी को देखने के पीछे एक बड़ा कारण मौजूद है। जी हां ‘कटप्‍पा ने बाहुबली को क्‍यों मारा’? बाहुबली 2 में इस सवाल का जवाब तो फिल्म देखने वालों को मिल ही गया होगा।

देश के हर बड़े शहर में बाहुबली 2 को देखने के लिए लोगों ने पहले से बुकिंग कराई थी और जिनको टिकट नहीं मिली उनको उदास होकर घर वापस लौटना पड़ा। देहरादून के मल्टीप्लेक्स सिल्वर सिटी के मैनेजर ने बताया कि बाहुबली के सभी टिकटें आनलाईन बुक हो चुकी थी केवल कुछ गिनती की टिकट ही आफलाईन खरीदी गई,इसके साथ ही आने वाले 3 विकेंड के लिए अभी से टिकट की बुकिंग हो चुकी है।तो जो लोग इस विकेंड बाहुबली देखने का प्लान बना रहे थे उनके लिए यह बुरी खबर है कि बाहुबली पहले से ही हाउसफुल है।

देहरादून के साथ-साथ मसूरी में भी कुछ ऐसा ही आलम है मसूरी के दोनों थियेटर पहले से हाउसफुल है और जो लोग आने वाले शनिवार और रविवार को फिल्म देखने वाले थे उन्हें कुछ और सोचना पड़ेगा।

आपको बता दें कि बाहुबली 2015 में रिलीज हुई थी जो लोगों के एक सवाल के साथ छोड़ गई थी कि कट्टपा ने बाहुबली को क्यों मारा और इस सवाल पर पिछले 2 सालों में बहुत से जोक्स बनाए गए लेकिन आज वह दिन आ गया है जब इस सवाल का जवाब सबको मिल जाएगा। तो अगर आप भी जानना चाहते हैं कि कट्टपा ने बाहुबली को क्यों मारा तो अपने पास के थियेटर में जाकर फिल्म का आनंद अठाएं।

भीम एप का इस्तेमाल है फायदेमंद- सीएम रावत

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि प्रदेश में स्वच्छता अभियान को और मजबूती प्रदान की जायेगी। जल्द ही मुख्य सचिव के साथ सभी वरिष्ठ अधिकारियों को जनपदवार स्वच्छता अभियान के अनुश्रवण की जिम्मेदारी भी दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में डम्पिंग ग्राउण्ड, रिस्पना तथा सुसवा नदी में दुर्गन्धनाशक एंजाइम के छिड़काव से उत्साहवर्द्धक परिणाम आये हैं। शीघ्र ही एक समय सीमा निर्धारित कर देहरादून की नदियों को दुर्गन्ध मुक्त करने के साथ ही उनकी स्वच्छता एवं निर्मलता की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा के महानगर ईकाई के प्रतिनिधिमण्डल से मुलाकात के दौरान यह विचार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार लेस कैश के माध्यम से कैश लेस सोसाइटी की ओर बढ़ने हेतु लोगों को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने भीम आधार एप को आधुनिक क्रांति बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को इसका प्रयोग करने हेतु प्रोत्साहित किया जाना चाहिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को ग्रीन एनर्जी और वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोतों की ओर भी प्रोत्साहित किया जायेगा। एलईडी बल्बों के प्रयोग को भी बढावा दिया जाना जरूरी है।
इससे पूर्व महानगर भाजपा के प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री रावत का अभिनंदन करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी।

हैवान बनी शिक्षिका

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बच्चे को हल्की खरोंच भी लग जाए तो मां बाप का दिल कराह उठता है। खुद मुश्किलों में रहने के बाद भी पैरेंट्स बच्चों को किसी भी कीमत पर तकलीफ नहीं दे सकते। मगर न जाने क्यों समाज में अब बच्चों से हिंसक स्तर तक मारपीट करने का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। ऐसा ही एक मामला काशीपुर क्षेत्र के दडिय़ाल रोड स्थित, प्रतिष्ठित मारिया असम्पा विद्यालय का सामने आया है, जहां एक शिक्षिका ने मासूम बच्चों को इस कदर पीटा कि वह अपने पैरों पर खड़ा भी नहीं हो सका। उसका कसूर केवल इतना था कि दिए गए होमवर्क को वह समय से पूरा नहीं कर सका।

बताया जाता है कि कक्षा चार में पढऩे वाला अंशुमान सिंह (आठ वर्ष), पुत्र नवीन सिंह, काशीपुर में अपनी नानी के साथ रहता है। उनके माता पिता बाहर काम करते हैं। आज शुक्रवार को जब वह विद्यालय गया तो होमवर्क पूरा न करने पर विद्यालय की शिक्षिका प्रिया ने पहले तो मासूम अंशुमन को घुटनों के बल पर चलाया। इसके बाद भी शिक्षिका का मन नहीं भरा तो उसने  अंशुमान को छड़ीसे इतना पीटा कि इसका शरीर नीला पड़ गया। अंशुमान जब घर पहुंचा तो उसने अपनी नानी को घटना के बारे में बताया। नानी जब स्कूल के प्रधानाचार्य के पास शिकायत करने पहुंची तो वहां से उसे भगा दिया गया।

इसके बाद नानी आस पास के लोगों के साथ कोतवाली पहुंची और कार्रवाई की मांग को लेकर विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उधर, कोतवाल रचिता जुयाल ने बताया कि मासूम के साथ हुई मारपीट का मामला प्रकाश में आया है, उन्होंने चौकी प्रभारी को मौके पर भेजा है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

युवा अौर युवती ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

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पूर्व प्रधान गल्जवाडी ग्रामसभा, देहरादून ने सूचना दी गई कि संतला देवी मंदिर आने जाने वाले रास्ते में ऊपर चढ़ाई में जंगल के अंदर पेड़ पर एक पुरुष व एक महिला के द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या की गई है। इस सूचना पर तत्काल प्रभारी निरीक्षक थाना कैन्ट पुलिस टीम रवाना हुए जहां करीब 2 किलोमीटर पर जंगल मे सुबह महिलाऐं घास और लकड़ी लेने गए थे। उन्होंने वहां एक पेड़ पर एक महिला व एक पुरुष को फांसी लगे देखा।

शवों पर कीडें व मक्खियां लगी थी, मौके पर घटना स्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की गई तथा ग्रामीणों से शवों की शिनाख्त के प्रयास कराई गई। मौके पर एक बैग मिला जिसमें एक नोट बुक मिली जिसमे मृतक का नाम वीरेंद्र एवं मृतिका का नाम प्रियंका पता चला तथा उसमें अंकित एक मोबाइल नंबर पर कॉल करने पर पता चला गया कि यह नंबर सुमित्रा का है जो मृतक वीरेंद्र की बहन है तथा उनके द्वारा बताया गया कि उनका भाई वीरेंद्र सिंह बहादुर व प्रियंका खत्री सोमवार से साथ गए हैं तथा दोनों के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा है और वीरेंद्र अविवाहित है जबकि प्रियंका दो बच्चों की मां है।

।दोनों शवों को पेड़ से नीचे निकाला गया तथा मौके पर दोनों मृतकों के परिजन आए। मृतक वीरेंद्र की तलाशी में उसके जेब से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ, दोनों के द्वारा आपसी प्रेम में आत्महत्या करना अंकित किया गया है। दोनों शवोंं का पंचायत नामा आवश्यक कारवाई करने के पश्चात शवों को पोस्टमार्टम के लिये भिजवा दिया गया।

फिर शानदार हुई मसूरी माल रोड

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पिछले 18 साल से, निहाज सिंह मसूरी के माल रोड पर रिक्शा चला रहे है, कहते हैं, कितना अच्छा लग रहा है माल रोड, पहले चलने की जगह भी नहीं होती थी, गंदगी अलग होती थी, अब कितना साफ सुथरा लग रहा है, एक बार फिर माल रोड पहले जैसा सुंदर और साफ हो चुका है।

मसूरी के एसडीएम और शहर के मेयर की पहल से मसूरी की लगभग साढ़े तीन किमी लंबी माल रोड एक बार फिर अपनी पुरानी पहचान वापस पाने लगा है। पिछले कुछ सालों में राजनितिक पार्टियों ने अपने-अपने वोट बैंक के चक्कर में माल रोड को बिगाड़ दिया गया, घंटों का ट्रैफिक जाम, घोड़े, साइकिल, रिक्शा और बड़ी बड़ी गाड़ियों ने शहर की सड़कों को चोक कर दिया था। ऊपर से सड़क के किनारे लगभग सौ से अधिक अलग-अलग रेड़ियों और ठेली वालों ने माल रोड की खुबसूरती फीकी कर दी थी।

मसूरी के एसडीएम हरगिरी कहते हैं, औरों का नहीं पता लेकिन मैं अब किसी भी वेंडर को माल रोड पर दुकान लगाने की परमिशन नहीं दूंगा। इनके लिए म्यूनिसिपल काउंसिल को एक अलग प्लान तैयार करना होगा।

अब वेंडरों को कैमल बैक रोड निर्धारित करा दी गई है जिससे वेंडर खुश नहीं है, क्योंकि उनके मुताबिक, टूरिस्ट उस लोकेशन पर बहुत ज्यादा नहीं जाते। मनोज दिवान जो पिछले 25 सालों से माल रोड पर नेम प्लेट का बिजनेस करते हैं वो भी इस फैसले का शिकार हुए हैं। मनोज कहते हैं कि मेरे दो बेटे हैं जो क्लास 11 में जा रहे हैं, उनकी फीस तो भुल जाइए मेरे पास अब इतने पैसे भी नहीं कि अपना परिवार पाल सकूं, पिछले एक महीने से मेरी एक पैसे की कमाई भी नहीं हुईं है।

म्यूनिसिपल काउंसिल के अध्यक्ष मनमोहल मल्ला कहते हैं कि माल रोड हमेशा से ऐसा ही दिखना चाहिए था जैसा अब दिख रहा है, और इसकी खुबसूरती को बनाएं रखने के लिए हर कोशिश करेंगे। आशा है कि आने वाले समय में वोट बैंक पालिटिक्स के लिए मसूरी में हुए पाजिटिव बदलाव फिर से शहर की सुन्दरता पर दाग न लगें।

राजकीय जूनियर हाईस्कूल जखेड़ा के गुरुजी का अनोखा प्रकृति प्रेम

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राजकीय जूनियर हाईस्कूल जखेड़ा, गरुड़ बागेश्वर के प्रधानाध्यापक रामलाल को प्रकृति से अगाध प्रेम है। वह बचपन से ही प्रकृति के संरक्षण में लगे हैं। वह अब तक हज़ारों पौधे लगा चुके हैं। उन्हें तरुश्री सम्मान मिलने पर लाहुरघाटी में चारों ओर खुशी का माहौल है। लाहुरघाटी के जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और शिक्षकों ने उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया है।

प्रधानाध्यापक रामलाल बताते हैं कि उन्हें पौधे लगाने का जूनून बचपन से ही था। कौसानी की खूबसूरत वादियों ने उन्हें प्रकृति प्रेमी बना दिया। कौसानी स्कूल में पढ़ते हुए शिक्षकों ने उनके जूनून में और पंख लगाने का कार्य किया। शिक्षकों की प्रेरणा से ही विद्यार्थी जीवन में कई पौधे स्कूल के आसपास और गांव में लगाए और 1987 में शिक्षा विभाग में प्रथम नियुक्ति के बाद से ही स्कूल के बच्चों के साथ प्रत्येक सप्ताह पौधरोपण का कार्य करते आ रहे हैं।

वह बताते हैं कि राष्ट्रीय पर्व और किसी भी कार्यक्रम में वे अवश्य पौधरोपण करते हैं। उन्होंने बताया कि जखेड़ा स्कूल के पास काफी भूमि थी। वन विभाग के अधिकारियों और ग्राम प्रधान ने उन्हें हज़ारों पौधे उपलब्ध कराए। उन्होंने विद्यालय के आसपास कई छायादार और फलदार तथा औषधीय पौधे लगाये हैं। आज बच्चे और ग्रामीण उनके लगाए  पेड़ों से आंवला, संतरा, नीबू, केले, माल्टा आदि फल खा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि धरती को बढ़ते तापमान और ग्लोबल वार्मिंग से बचाना है तो अधिक से अधिक पौधरोपण करना होगा और पेड़ बनने तक उनका संरक्षण करना होगा।

उनकी इस उपलब्धि पर जिला पंचायत के उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार, लाहुरघाटी विकास मंच के अध्यक्ष और जखेड़ा के प्रधान ईश्वर सिंह परिहार, सचिव डी के जोशी, लमचुला के प्रधान मदन सिंह बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र मेहता, बीआरसी समन्वयक उमेश जोशी आदि ने उन्हें एक समारोह में सम्मानित करने का निर्णय लिया।

टिहरी में खुला पहला रैन बसेरा

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पंडित दीन दयाल अन्त्योदय योजना के तहत टिहरी जिले में पहले रैन बसेरे का स्थानीय विधायक धनसिंह नेगी ने उद्घाटन किया।इस मौके पर विधायक धनसिंह नेगी ने कहा कि गरीब और निराश्रित लोगों को मिलेगा इसका लाभ। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अन्तर्गत पंडित दीन दयाल अन्त्योदय योजना के तहत टिहरी जिले के नई टिहरी मुख्यालय में पहला रैन बसेरा खोला गया, जिसका उद्घाटन स्थानीय विधायक धनसिंह नेगी ने किया।

बौराड़ी बस अड्डे के पास बने रैन बसेरे में गरीब निराश्र्ति और विकलांग करीब एक दर्जन लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है।जिसकी देखरेख का जिम्मा फिलहाल नगर पालिका के पास है। नगर पालिका अध्यक्ष उमेश चरण गुंसाई का कहना है कि लंबे समय से रैन बसेरे की मांग चली आ रही थी, लेकिन पालिका के पास संसाधनों का अभाव होने के चलते रेन बसेरा नहीं खोला गया।

लेकिन पंडित दीन दयाल अन्त्योदय योजना के तहत करीब 14 लाख की लागत से बौराड़ी बस अड्डे के पास रैन बसेरा खोला गया है। जिससे करीब एक दर्जन निराश्रित लोगों को लाभ मिलेगा।

टिहरी विधायक धनसिंह नेगी का कहना है कि लंबे समय से टिहरी में रैन बसेरे की मांग की जा रही थी, जो कि अब पूरी हुई है।इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अभी तो यह शुरुआत है हम कोशिश करेंगे कि इस रैन बसेरे की कैपेसिटी और बढ़ाई जाए।

सीएम त्रिवेंद्र ने पर्वतारोही ताशी और नुंग्शी से की मुलाकात

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शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से उत्तराखण्ड की विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही बहनों ताशी एवं नुंग्शी मलिक ने भेंट कर, गिनीज बुक आॅफ वल्र्ड रिकार्ड के प्रमाण पत्र को दिखाया। मलिक बहनों को यह प्रमाण पत्र, उनके द्वारा सर्वाधिक कम आयु में ही विश्व की सभी प्रसिद्ध पर्वत चोटियों पर आरोहण करने और उत्तरी ध्रुव पर पहुंचने हेतु प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने ताशी एवं नुंग्शी मलिक को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि वे एडवेंचर स्पोट्र्स के साथ-साथ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगी।