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घायल मिला बाघ, वन विभाग एलर्ट

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रामनगर वन प्रभाग के कोटा रेंज में एक बाघ घायल अवस्था में मिला। इसकी सूचना पर बाद वन विभाग की टीम रेस्क्यू में जुट गई। भलोन गांव में ग्रामीणों ने एक घायल बाघ को जंगल की सीमा के समीप एक नाले में घायल अवस्था में देखा। बाघ चलने में असमर्थ है। सुचना मिलने पर डीएफओ नेहा वर्मा और वनकर्मी मौके पर पहुंचे।

बाघ दिखने की सुचना पर मौके पर ग्रामीण भी पहुंच गए। इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ को हटाने के लिए वनकर्मियों को काफी मशकक्त करनी पड़ी। रेंजर ललित जोशी ने बताया की बाघ को पकड़ने कर उपचार किया जाएगा। उसे बेहोश करने को नैनीताल चिड़ियाघर से रेस्क्यू टीम बुलाई गई है। उन्होंने बताया की बाघ काफी उम्र का है।

अजय भट्ट ने मनाया गंगा संकल्प दिवस

भाजपा प्रदेश अद्यक्ष अजय भट्ट तीर्थनगरी ऋषिकेश गंगा संकल्प दिवस मनाने पहुँचे, इस मौके पर उनके समर्थकों द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया गया। अजय भट्ट ने गंगा किनारे पूजा-अर्चना की ओर गंगा को स्वत्छ ओर साफ रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अजय भट्ट ने नौका विहार करके कार्यकर्तायों को गंगा संरक्षण की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया और गंगा को स्वत्छ-निर्मल रखने का संकल्प दिलाया। इस मौके पर प्रदेश अद्यक्ष ने पीएम मोदी के उत्तराखंड दौरे के कार्यक्रम की दी रूपरेखा की जानकारी देते हुए बताया कि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देवभूमि आ रहे है। आपको बता दे कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति 3 मई को केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए उत्तराखंड आ रहे है, जिसकी तैयारियां प्रशाशन द्वारा पूरी हो चुकी है।

हाईस्कूल और इण्टर की कापियों की जांच लगभग पूरी

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प्रदेश में हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा का मूल्यांकन कार्य अब अंतिम चरण में है। अधिकांश केंद्रों में मूल्यांकन कार्य खत्म हो गया है। करीब 95 फीसद कॉपियां अब तक जांची जा चुकी है। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर  ने अब रिजल्ट तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है।

17 मार्च से बोर्ड परीक्षा शुरू हुई जो 10 अप्रैल तक चली। 18 अप्रैल से प्रदेश के 30 केंद्रों में मूल्यांकन कार्य शुरू किया गया था। मूल्यांकन कार्य की अंतिम तिथि दो मई तय की गई है। लेकिन बीस से अधिक केंद्रों में मूल्यांकन पूरा कर लिया गया है। सबसे पहले पौड़ी स्थित केंद्र में मूल्यांकन कार्य पूरा हुआ है। इसके अलावा हिंदी व संस्कृत को छोड़कर सभी विषयों की कॉपियां चेक कर ली गई हैं। केवल हिंदी व संस्कृत की कुछ ही कॉपियां बची हैं।

रामनगर स्थित जीजीआइसी में भी विभिन्न विषयों का मूल्यांकन पूरा हो गया। परिषद के सचिव बीपी सिमल्टी ने बताया कि अधिकांश केंद्रों में मूल्यांकन पूरा हो गया है। कुछ ही केंद्र बचे हैं, जहां मूल्यांकन कार्य दो मई तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। मूल्यांकन कार्य पूरी सजगता व गंभीरता के साथ संपन्न किया गया है।

ब्रांडेड लेबल और नकली शराब

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रामनगर पुलिस ने एक घर में छापा मारकर नकली ब्रांडेड शराब बनाने के धंधे के खुलासे का दावा किया। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि दूसरा फरार है।

ग्राम चिल्किया में एक किराए के मकान में पुलिस को शराब बनाने की जानकारी मिली। इस पर पुलिस टीम ने छापा मारकर ग्राम टांडा निवासी, फेज खान को गिरफ्तार किया। वहीं मुख्य आरोपी रजा फरार हो गया।

पुलिस ने बताया कि इस घर में असली शराब में मिलावट कर नकली शराब तैयार की जा रही थी। यहां शराब की बोतल के 900 खाली पव्वे, डेढ़ सौ इंपीरियल ब्लू और मेकडबल के ढक्कन, 500 देशी मसालेदार शराब के रैपर के साथ ही केमिकल के चार छोटे ड्रम बरामद किए गए।

इसके आलावा 11 पेटी मसालेदार शराब से भरे हुए 528 पव्वे, इंपीरियल ब्लू के 575 पव्वे, 48 अद्धे भी बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि आरोपी की एक कार भी पुलिस ने सीज की है। कोतवाल विक्रम राठौर के मुताबिक बीते दिनों क्षेत्र की शराब की दुकान बंद रहने से मोटी कमाई के चलते पव्वों में भरकर शराब की मिलावट की जा रही थी। मिलावटी शराब का धंधा नजाकत के घर में चल रहा था। इसे आरोपियों ने किराये पर लिया था। सत्यापन न करने पर नजाकत का चालान किया गया है।

सोशल मीडिया बना गरीब का सहायक

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आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बीना का विवाह धूमधाम से हुआ। इस आयोजन को संपन्न कराने में सोशल मीडिया के जरिये लधियाघाटी संगठन ने आर्थिक मदद व सामग्री जुटाई। वहीं ग्रामीणों की एकजुटता से गांव की बेटी के विदाई खुशी के बहे आंसुओं के साथ हुई।

पाटी ब्लाक, के साल गांव की रहने वाली बीना बोहरा (19 वर्ष) की शादी में आर्थिक तंगी आड़े आ रही थी। बीना के पिता वासुदेव बोहरा मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। उनकी माता सुलोचना देवी जूनियर हाईस्कूल साल में भोजन माता है। बीना की चार बहनें पुष्पा (15), निर्मला (13), आरूषी (8) और काजल (5) हैं। आर्थिक परेशानी होने के कारण परिवार के सामने सबसे बड़ी बेटी की शादी कराना मुश्किल हो रहा था।

जो पैसा मां कमाती वह पिता आदि के इलाज में खर्च हो जाता है। ऐसे में मदद को आगे आया लधियाघाटी संगठन। जो 2008 से क्षेत्र में सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर भागीदारी कर रहा है। पिछले दो वर्षों से सोशल मीडिया के जरिये उन्होंने क्षेत्र के जरूरतमंदों की सहायता की है। संगठन ने साल गांव, रीठा साहिब के वासुदेव बोहरा की कन्या की शादी करने का संकल्प लिया है।

क्षेत्रवासियों से मदद की अपील की। सोशल मीडिया के माध्यम से जनप्रतिनिधियों, सरकारी, व प्राइवेट नौकरी कर रहे, बिजनेसमैन व जागरूक लोग उनकी मदद को आगे आए। संगठन ने शादी के लिए 80 हजार की धनराशि जुटाई और शनिवार को धूमधाम से बीना का विवाह प्रताप सिंह के साथ संपन्न हुआ। बरात नैनीताल जनपद में ओखलकांडा ब्लाक के झड़गांव पहुंची।

संगठन के पंडित कृष्ण चंद्र शास्त्री, कृष्ण चंद्र भट्ट ने विवाह संपन्न कराने में खास भूमिका निभाई और दानदाताओं का भी आभार जताया। बिटिया को हंसी-खुशी विदा करने में गांव के लोग भी पीछे नहीं रहे। किसी ने अपनी सामथ्र्य के मुताबिक सामग्री दी तो कोई कामकाज में हाथ बंटाने में आगे रहा।

बुनकरों के नाम पर करोडों का घोटाला

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बुनकरों के नाम पर करोडों का कर दिया गया घोटाला। फर्जी समिति, फर्जी सदस्य और फर्जी हस्ताक्षरों से सोलह सालों तक चली समिति में करोडों का घोटाला उजागर हुआ है। जो मर गये उनके नाम पर भी समिति चलती रही और उनके नाम से लगातार लाभ कमाते रहे अधिकारी और समिति के घोटालेबाज आकिर क्या है ये बुनकर घोटला?

काशीपुर में राजकीय हथकरघा डिजाइन केन्द्र द्वारा बनाई गयी समिति के पदाधिकारियों ने सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान लगाकर करोड़ों रुपये डकार लिए। यह मामला उजागर हुआ सूचना अधिकार से मांगी गयी रिपोर्ट से, जिसके बाद समिति के पदाधिकारियों के साथ ही राजकीय हथकरघा एवं डिजाइन केंद्र के अफसरों में हड़कंप मच गया। गौरतलब है कि समिति को सरकार से बजट मिलता है, जिससे सूत क्रय कर उत्पाद तैयार करने के लिए सदस्यों को दिया जाता था। उत्पाद प्रदर्शनी व अन्य कार्यक्रमों में बेचा जाता है और लाभ में कुछ हिस्सा सदस्यों को देने का प्रावधान है।

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मगर समिति के पदाधिकारियों ने मनमानी तरीके से बैठक कर कुछ सदस्यों को न तो सूत दिया न ही लाभांश। यही नहीं, अध्यक्ष ने अपनी पत्नी को भी सदस्य बना दिया, जबकि एक परिवार से एक ही व्यक्ति सदस्य हो सकता है। समिति की हर साल बैठक होती थी, मगर कोरम पूरा दिखाने के लिए कुछ सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान लगा दिए। सदस्यों के मुताबिक समिति में करोड़ों का गबन हुआ है, इस मामले की जांच की जानी चाहिए।

समिति के सदस्यो ने बताया कि वर्ष 2000 से समिति के सदस्य है। शुरू में एक बार ट्रेनिंग हुई और तीन हजार रुपये मिले थे। इसके बाद तो समिति से न तो सूत मिला न ही कोई योजना का लाभ। समिति के पदाधिकारी बैठक में उनके फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान लगवाकर सदस्यों के करोड़ों रुपये का लाभांश डकार गए। डिजाइन सेंटर के अफसरों ने भी सदस्यों के लिए कोई योजना न होने की बात कहते थे। समिति ने हर साल बैठक की, मगर उन्हें किसी भी बैठक में नहीं बुलाया गया। जबकि बैठक में उनके फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान लगे हैं। समिति के पदाधिकारियों ने अफसरों से मिलीभगत कर सरकारी बजट के साथ उनके लाभांश का गबन कर दिया यही नहीं एसे आठ लोग है जिनकी मृत्यु हो चुकि है उनके नाम पर भी हस्ताक्षर कर लाभंश ले लिया गया है ।

जबकि समिति के पदाधिकारी व अफसर बुनकरों के लिए बजट न होने की बात कहते थे। जब सूचना का अधिकार में सूचना मांगी गई तो पता चला कि समिति की हर साल बैठक हुई है और उनके हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान लगे हैं, जो फर्जी है। और अधिकारी इस बारे में खुलकर कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। समिति के अध्यक्ष अपने रिश्तेदारों व परिजनों को सदस्य बनाकर बैठक करते थे और अन्य सदस्यों का लाभ खा गए। जब योजनाओं के बारे में जानकारी मांगी जाती थी तो अध्यक्ष कहते थे कि जब बजट ही नहीं है तो फिर किस बात की बैठक व प्रस्ताव।जबकि सूचना अधिकार की रिपोर्ट ने पुरी पोल खोल कर रख दी।

उत्तराखंड में 23 मई से होगी गजराज की गणना

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उत्तराखंड में राजाजी व कार्बेट टाइगर रिजर्व के साथ ही 11 वन प्रभागों में फैले हाथियों के वासस्थलों में 23 मई से गजराज की गणना होगी, जो 27 मई तक चलेगी। इसके लिए महकमे ने लगभग सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। राजाजी टाइगर रिजर्व में 100 टीमें इस कार्य में जुटेंगी, जिनमें 400 से अधिक लोग शामिल रहेंगे।यमुना से लेकर शारदा तक 6643.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में है हाथियों का बसेरा। 2015 के बाद अब फिर से इनकी गणना कराई जा रही है। राजाजी टान सोनकइगर रिजर्व के निदेशक सनातर बताते हैं कि हाथी गणना के सिलसिले में कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। गणना लीद क्षय विधि से होगी। इसके तहत मल गणना कर घनत्व निकाला जाता है। 1उन्होंने बताया कि साथ ही साथ प्रत्यक्ष गणना भी होगी। बता दें कि वर्ष 2015 में राज्य में हाथियों की संख्या 1779 थी।

केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा के 2015-17 बैच के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा के राज्य वन सेवा 2015-17 बैच के अधिकारी प्रशिक्षणार्थियों के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि दीक्षांत समारोह का पल बहुत ही भावुक होता है, जहां एक और घर जाने की खुशी होती है वहीं दूसरी ओर साथियों से बिछड़ने का दुःख भी होता है।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि पर्यावरण चिन्ता का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत में प्रकृति को पूजा जाता है, परन्तु आज के दौर में प्रकृति का शोषण किया जा रहा है। उत्तराखण्ड एक ऐसा राज्य है जो जैव विविधता के क्षेत्र में बहुत ही सम्पन्न है। प्रकृति प्रेम हमारे रग-रग में बसा है। जनसंख्या के बढ़ने से हमारी प्रकृति में भी दबाव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रशिक्षणार्थी अपने इस ज्ञान को व्यवहारिकता में लाकर प्रकृति को बचाने में मदद करेंगे। उन्होंने अधिकारी प्रशिक्षणार्थियों को देश की समृद्ध वन सम्पदा हेतु भविष्य के रखवाले के रूप में उनकी निर्णायक भूमिका के बारे में समझाया।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सभी पास होने वाले अधिकारी प्रशिक्षणार्थियों को डिप्लोमा प्रमाण-पत्र तथा विशेष योग्यता प्राप्त करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को विशेष पुरस्कार प्रदान किये गए। इस बैच में विभिन्न राज्यों द्वारा कुल 45 अधिकारी प्रशिक्षणार्थी थे जिनमें 11 मणिपुर, 33 राजस्थान एवं 01 केरल राज्य से हैं। इस बैच में कुल 11 महिला अधिकारी प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री अंडर-17 फुटबाॅल कप का शुभारम्भ किया

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अाज पैवेलियन ग्राउन्ड में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री अंडर-17 फुटबाॅल कप का शुभारम्भ किया। अक्टूबर में भारत में फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप के आयोजन से पूर्व प्रधानमंत्री के निर्देश पर भारत सरकार द्वारा देश के सभी राज्यों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के माध्यम से ‘ऊर्जा’ सी.ए.पी.एफ. अंडर-17 फुटबाॅल टेलेंट हंट टूर्नामेंट-2017 का आयोजन किया जा रहा है। देहरादून में प्रधानमंत्री अंडर-17 फुटबाॅल टूर्नामेंट का आयोजन  आई.टी.बी.पी. द्वारा किया जा रहा है।
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आई.टी.बी.पी को प्रतियोगिता के आयोजन के लिए बधाई देते हुए मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि वर्ष 1962 में स्थापना के बाद से ही आई.टी.बी.पी. का भारत-चीन सीमा की सुरक्षा में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वालों को सुरक्षा की भावना प्रदान करने, प्राकृतिक आपदा में सहायता करने में आईटीबीपी ने बढ़-चढ़कर योगदान किया है। हमें अपने अर्धसैन्य बलों पर भी उतना ही गर्व है जितना कि अपनी सेना पर।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि भारत में फीफा अंडर-17 वल्र्ड कप के आयोजन से फुटबाॅल को देश में नई दिशा मिलेगी। फुटबाॅल  धैर्य व साहस का खेल है। उत्तराखंड के हमारे बहुत से खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया है व यहा खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उन्हें समुचित सुविधाएं व अवसर प्रदान करने की जरूरत है। हमारी कोशिश होगी कि राज्य में खेल संबंधी सुविधाओं का विकास हो और खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का समुचित अवसर मिले। हमारी खेल नीति खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की होगी।

श्री चन्द्रशेखर भट्ट बने सूचना सचिव/महानिदेशक

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श्री चन्द्रशेखर भट्ट ने सचिव/महानिदेशक सूचना का कार्यभार ग्रहण किया है। श्री भट्ट ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद महानिदेशालय में आयोजित विभागीय अधिकारियों की बैठक में निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं/नीतियों एवं कार्यक्रमों का विभिन्न प्रचार माध्यमों से और बेहतर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा की सूचना विभाग, आधुनिक संचार तकनीकों का उपयोग करे और जन-जन तक जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं।
श्री भट्ट ने विभागीय अधिकारियों को पारदर्शिता, ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करने के लिए निर्देश दिये। मीडिया से बेहतर समन्वय स्थापित करे और परस्पर तालमेल से कार्य किया जाए। अधिकारी आधुनिक सूचना तकनीक को अपनाएं और सरकार व शासन द्वारा किए जा रहे जनहित के कार्यों व निर्णयों से अपडेट रहें। उन्होने कहा की कार्यालय परिसर में पूर्ण स्वच्छता रखते हुए ऊर्जा की बचत पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने महानिदेशालय का निरीक्षण कर सभी प्रभागों में पत्रावलियों के बेहतर रख-रखाव के भी निर्देश दिये।
वर्ष 2003 बैच के आई.ए.एस अधिकारी श्री चन्द्रशेखर भट्ट इससे पूर्व जिलाधिकारी पौड़ी के पद पर तैनात थे। इन्होने अपर सचिव परिवहन, प्रबंधक निदेशक, उत्तराखण्ड परिवहन निगम, अपर सचिव कार्मिक, सतर्कता, पुनर्गठन, सचिव लोक सेवा आयोग, अपर जिलाअधिकारी कुम्भ मेला जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया है।