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5 मई से यात्रा के लिए स्पाईस जेट बढ़ाएगा दो फ्लाइट

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चारधाम यात्रा शुरू होते ही विमान कंपनियों ने जौलीग्रांट, देहरादून एयरपोर्ट में हवाई सेवाओं में इजाफा करना शुरू कर दिया है। विमान कंपनी स्पाइस जेट पांच मई से दिल्ली और जम्मू के लिए दो नई फ्लाइट शुरू करने जा रही है। इसके बाद एयरपोर्ट से स्पाइस जेट की हवाई सेवा दो से बढ़कर चार हो जाएंगी।

विमान कंपनी स्पाइस जेट के स्थानीय मैनेजर जसवंत रावत ने बताया कि पांच मई से देहरादून से दिल्ली और देहरादून से जम्मू के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू करने जा रही है।विमान कंपनी की पहले केवल दो सेवाएं देहरादून से हवाई यात्रियों को मिलती थी। पहली बार स्पाइस जेट जम्मू के लिए सीधी सेवा शुरू कर रही है।

गौरतलब है कि दून से हवाई सेवा लेने वाले यात्रियों की तादाद लगातार बढ़ने से हवाई सेवाएं बढ़ाई जा रही हैं। हवाई सेवा में बढ़ोत्तरी होने से चारधाम आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को लाभ मिलेगा।

12 लाख के ब्रिटेनिया बिस्कुट राख

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उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड की सीमा पर हाईटेंशन की चपेट में आने से बिस्कुट से लदे एक कंटेनर में आग लग गई। आग से लगभग 12 लाख के बिस्कुट खाक हो गए।

कंटेनर चालक अवधेश सिंह निवासी मैनपुरी (उप्र) दिल्ली से ब्रिटानिया के बिस्कुट लेकर हल्द्वानी के लिए चला। देर रात उसने उत्तराखंड की सीमा पर आरएएन पब्लिक स्कूल के पास बिल्टी पास कराने के लिए कंटेनर को सड़क किनारे खड़ा करने का प्रयास किया।

इस प्रयास में कंटेनर  हाइटेंशन लाइन की चपेट में आ गया और आग लग गई। चालक ने कंटेनर हटाने का प्रयास किया तो उसे जोरदार झटका लगा और वह नीचे गिर गया। देखते ही देखते ट्रक से आग की लपटें उठनी लगी।

आसपास के लोगों ने इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। दमकल कर्मियों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने तक कंटेनर में रखे बिस्कुट जल गए। ब्रिटानिया कंपनी के फील्ड मैनेजर रविंद्र सिंह अरनेजा भी मौके पर पहुंच गए। उनके मुताबिक कंटेनर में करीब 12 लाख के बिस्कुट थे।

भारत नेपाल सीमा बनी वन्य जीवों की तस्करी का मुफीद इलाका

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भारत नेपाल सीमा वन्य जीवों के अंगों की तस्करी का सबसे मुफीद क्षेत्र बनता जा रहा है। जिसमें गुलदार (तेंदुए) की खालों और हड्डियों की सबसे अधिक तस्करी होती है। चीन में इनकी सर्वाधिक मांग है। भारत से नेपाल होते खाल और हड्डियां चीन तक, पिथौरागढ से पहुंचती हैं। वन्य जीव तस्करों के तिब्बत से नेपाल तक सूत्र जुड़े हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों के हाथ मात्र वन्य जीव अंगों को लाने-ले जाने वाले कैरियर ही लगते हैं।

तेंदुए भारत में कुमाऊं के पहाड़ों में अधिक होते हैं। वन्य जीवों के अंगों के भारत और नेपाल में डंपिंग यार्ड बने हैं। इन डंपिंग यार्ड तक कैरियर ही तस्करी कर माल पहुंचाते हैं। जहां से काली नदी पार कर खाल और हड्डियां नेपाल के कैरियरों तक पहुंचाई जाती है। नेपाल में तस्करों तक यह सामान पहुंचता है, जहां से खाल और हड्डियां चीन पहुंचाई जाती हैं।

खुफिया सूत्रों के मुताबिक भारत में गुलदार को मारने के लिए इस नेटवर्क के तहत धन मिलता है। अमूमन तस्करी के लिए मारे जाने वाले गुलदारों को बंदूक की गोलियों ने नहीं अपितु सुर्खा (कांटा) लगाकर मारा जाता है। जिससे खाल और हड्डियां सुरक्षित रहती हैं। गुलदार को मारने वाले और कैरियरों को इसके लिए बहुत अधिक रुपये नहीं मिलते हैं। खाल और हड्डियों के लिए तस्करों को चीन में मुंहमांगी रकम मिलती है। अभी तक पकड़े गए लोग कैरियर ही रहे हैं।

गुलदारों की मौत के आंकडों पर अगर विचार करें तो चौकाने वाले नतीजे सामने आयेंगे। जनवरी 2016 से अप्रैल 2017 तक जिले में 13 गुलदारों की मौत हुई है। वन विभाग के अनुसार मौत का कारण बीमारी और आपसी संघर्ष रहा। लंबे समय से गुलदारों की गणना नहीं होने से मारे गए गुलदारों की संख्या का कोई आंकड़ा विभाग के पास नहीं है।

जबकि पिथौरागढ़ के पुलिस अधीक्षक अजय जोशी का कहना है कि वन्य जीवों की तस्करी को रोकने के लिए पुलिस सक्रिय हो चुकी है। एसओजी टीम को सतर्क कर दिया गया है। भारत नेपाल सीमा से लगे थानों की पुलिस को इस पर नजर रखने के आदेश दे दिए गए हैं। नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा बल एसएसबी के साथ समन्वय को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

ईवीएम पर हाईकोर्ट: छ विधानसभाओं को ईवीएम सील के आदेश

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विकासनगर के बाद उत्तराखंड की छह और विधानसभा क्षेत्रों में ईवीएम में छेड़खानी का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने इन सभी विधानसभा की ईवीएम को सील करने के आदेश दिए हैं।

राजपुर, बीएचईएल रानीपुर, रायपुर, मसूरी, प्रतापनगर और हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम में हुई छेड़खानी के मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रयोग हुई ईवीएम सील करने के आदेश दिए हैं। सील करने की कार्रवाई न्यायिक अधिकारी की मौजूदगी में करनी होगी।

साथ ही इस मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार, चुनाव आयोग और सभी जीते हुए प्रत्याशियों से छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है इससे पहले हाई कोर्ट विकास नगर विधानसभा की सभी ईवीएम सील करने का आदेश पारित कर चुका है। यह याचिका पूर्व मंत्री नवप्रभात ने दायर की थी।

इस बार राजपुर देहरादून विधानसभा से हारे हुए उम्मीदवार राजकुमार ने विजयी उम्मीदवार खजान दास, अमरीश कुमार ने बीएइएल हरिद्वार के आदेश कुमार चौहान के खिलाफ, प्रभुलाल बहुगुणा ने रायपुर विधानसभा से जीतने वाले उम्मीदवार उमेश शर्मा काऊ के खिलाफ, मसूरी से गोदावरी थापली ने मसूरी के विधायक गणेश जोशी के खिलाफ, विक्रम सिंह नेगी ने प्रताप नगर के विजय सिंह पंवार के खिलाफ, चरण सिंह ने हरिद्वार ग्रामीण के विजयी प्रत्याशी यतिस्वरानंद के खिलाफ उत्तराखंड हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दायर की।

इसमें याचिगणो का कहना था कि विधान सभा के मतदान के दिन चुनाव आयोग ने मतदान कराने के लिए जो वोटिंग मशीनें उनको चेक करायी थी, उसे बदलकर उनकी जगह दूसरी वोटिंग मशीनों  का उपयोग किया गया। साथ में मशीनों के साथ टैंपरिंग हैकिंग मैनुप्लेटिंग छेड़छाड़ की गई। याचिकर्ताओ की याचिकाओं में सुनवाई के बाद कोर्ट ने चुनाव आयोग  भारत सरकार राज्य चुनाव आयोग रिटनिंग आफिसर और विजयी प्रत्याशी खजान दास, आदेश कुमार चौहान, उमेश शर्मा काऊ, गणेश जोशी, विजय सिंह पंवार, यतिस्वरानंद को नोटिस जारी किए। साथ ही सभी वोटिंग मशीनों को 48 घंटे के भीतर ज्यूडिशियल  मजिस्ट्रेट के सम्मुख सील करने के आदेश दिए है।

हाई कोर्ट ने छह सप्ताह में सभी पक्षकारों से जवाब देने को कहा।  मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह के बाद की नियत की गई है।  मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एसके गुप्ता की एकलपीठ में हुई।

घायल मिला बाघ, वन विभाग एलर्ट

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रामनगर वन प्रभाग के कोटा रेंज में एक बाघ घायल अवस्था में मिला। इसकी सूचना पर बाद वन विभाग की टीम रेस्क्यू में जुट गई। भलोन गांव में ग्रामीणों ने एक घायल बाघ को जंगल की सीमा के समीप एक नाले में घायल अवस्था में देखा। बाघ चलने में असमर्थ है। सुचना मिलने पर डीएफओ नेहा वर्मा और वनकर्मी मौके पर पहुंचे।

बाघ दिखने की सुचना पर मौके पर ग्रामीण भी पहुंच गए। इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ को हटाने के लिए वनकर्मियों को काफी मशकक्त करनी पड़ी। रेंजर ललित जोशी ने बताया की बाघ को पकड़ने कर उपचार किया जाएगा। उसे बेहोश करने को नैनीताल चिड़ियाघर से रेस्क्यू टीम बुलाई गई है। उन्होंने बताया की बाघ काफी उम्र का है।

अजय भट्ट ने मनाया गंगा संकल्प दिवस

भाजपा प्रदेश अद्यक्ष अजय भट्ट तीर्थनगरी ऋषिकेश गंगा संकल्प दिवस मनाने पहुँचे, इस मौके पर उनके समर्थकों द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया गया। अजय भट्ट ने गंगा किनारे पूजा-अर्चना की ओर गंगा को स्वत्छ ओर साफ रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अजय भट्ट ने नौका विहार करके कार्यकर्तायों को गंगा संरक्षण की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया और गंगा को स्वत्छ-निर्मल रखने का संकल्प दिलाया। इस मौके पर प्रदेश अद्यक्ष ने पीएम मोदी के उत्तराखंड दौरे के कार्यक्रम की दी रूपरेखा की जानकारी देते हुए बताया कि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देवभूमि आ रहे है। आपको बता दे कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति 3 मई को केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए उत्तराखंड आ रहे है, जिसकी तैयारियां प्रशाशन द्वारा पूरी हो चुकी है।

हाईस्कूल और इण्टर की कापियों की जांच लगभग पूरी

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प्रदेश में हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा का मूल्यांकन कार्य अब अंतिम चरण में है। अधिकांश केंद्रों में मूल्यांकन कार्य खत्म हो गया है। करीब 95 फीसद कॉपियां अब तक जांची जा चुकी है। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर  ने अब रिजल्ट तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है।

17 मार्च से बोर्ड परीक्षा शुरू हुई जो 10 अप्रैल तक चली। 18 अप्रैल से प्रदेश के 30 केंद्रों में मूल्यांकन कार्य शुरू किया गया था। मूल्यांकन कार्य की अंतिम तिथि दो मई तय की गई है। लेकिन बीस से अधिक केंद्रों में मूल्यांकन पूरा कर लिया गया है। सबसे पहले पौड़ी स्थित केंद्र में मूल्यांकन कार्य पूरा हुआ है। इसके अलावा हिंदी व संस्कृत को छोड़कर सभी विषयों की कॉपियां चेक कर ली गई हैं। केवल हिंदी व संस्कृत की कुछ ही कॉपियां बची हैं।

रामनगर स्थित जीजीआइसी में भी विभिन्न विषयों का मूल्यांकन पूरा हो गया। परिषद के सचिव बीपी सिमल्टी ने बताया कि अधिकांश केंद्रों में मूल्यांकन पूरा हो गया है। कुछ ही केंद्र बचे हैं, जहां मूल्यांकन कार्य दो मई तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। मूल्यांकन कार्य पूरी सजगता व गंभीरता के साथ संपन्न किया गया है।

ब्रांडेड लेबल और नकली शराब

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रामनगर पुलिस ने एक घर में छापा मारकर नकली ब्रांडेड शराब बनाने के धंधे के खुलासे का दावा किया। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि दूसरा फरार है।

ग्राम चिल्किया में एक किराए के मकान में पुलिस को शराब बनाने की जानकारी मिली। इस पर पुलिस टीम ने छापा मारकर ग्राम टांडा निवासी, फेज खान को गिरफ्तार किया। वहीं मुख्य आरोपी रजा फरार हो गया।

पुलिस ने बताया कि इस घर में असली शराब में मिलावट कर नकली शराब तैयार की जा रही थी। यहां शराब की बोतल के 900 खाली पव्वे, डेढ़ सौ इंपीरियल ब्लू और मेकडबल के ढक्कन, 500 देशी मसालेदार शराब के रैपर के साथ ही केमिकल के चार छोटे ड्रम बरामद किए गए।

इसके आलावा 11 पेटी मसालेदार शराब से भरे हुए 528 पव्वे, इंपीरियल ब्लू के 575 पव्वे, 48 अद्धे भी बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि आरोपी की एक कार भी पुलिस ने सीज की है। कोतवाल विक्रम राठौर के मुताबिक बीते दिनों क्षेत्र की शराब की दुकान बंद रहने से मोटी कमाई के चलते पव्वों में भरकर शराब की मिलावट की जा रही थी। मिलावटी शराब का धंधा नजाकत के घर में चल रहा था। इसे आरोपियों ने किराये पर लिया था। सत्यापन न करने पर नजाकत का चालान किया गया है।

सोशल मीडिया बना गरीब का सहायक

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आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बीना का विवाह धूमधाम से हुआ। इस आयोजन को संपन्न कराने में सोशल मीडिया के जरिये लधियाघाटी संगठन ने आर्थिक मदद व सामग्री जुटाई। वहीं ग्रामीणों की एकजुटता से गांव की बेटी के विदाई खुशी के बहे आंसुओं के साथ हुई।

पाटी ब्लाक, के साल गांव की रहने वाली बीना बोहरा (19 वर्ष) की शादी में आर्थिक तंगी आड़े आ रही थी। बीना के पिता वासुदेव बोहरा मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। उनकी माता सुलोचना देवी जूनियर हाईस्कूल साल में भोजन माता है। बीना की चार बहनें पुष्पा (15), निर्मला (13), आरूषी (8) और काजल (5) हैं। आर्थिक परेशानी होने के कारण परिवार के सामने सबसे बड़ी बेटी की शादी कराना मुश्किल हो रहा था।

जो पैसा मां कमाती वह पिता आदि के इलाज में खर्च हो जाता है। ऐसे में मदद को आगे आया लधियाघाटी संगठन। जो 2008 से क्षेत्र में सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर भागीदारी कर रहा है। पिछले दो वर्षों से सोशल मीडिया के जरिये उन्होंने क्षेत्र के जरूरतमंदों की सहायता की है। संगठन ने साल गांव, रीठा साहिब के वासुदेव बोहरा की कन्या की शादी करने का संकल्प लिया है।

क्षेत्रवासियों से मदद की अपील की। सोशल मीडिया के माध्यम से जनप्रतिनिधियों, सरकारी, व प्राइवेट नौकरी कर रहे, बिजनेसमैन व जागरूक लोग उनकी मदद को आगे आए। संगठन ने शादी के लिए 80 हजार की धनराशि जुटाई और शनिवार को धूमधाम से बीना का विवाह प्रताप सिंह के साथ संपन्न हुआ। बरात नैनीताल जनपद में ओखलकांडा ब्लाक के झड़गांव पहुंची।

संगठन के पंडित कृष्ण चंद्र शास्त्री, कृष्ण चंद्र भट्ट ने विवाह संपन्न कराने में खास भूमिका निभाई और दानदाताओं का भी आभार जताया। बिटिया को हंसी-खुशी विदा करने में गांव के लोग भी पीछे नहीं रहे। किसी ने अपनी सामथ्र्य के मुताबिक सामग्री दी तो कोई कामकाज में हाथ बंटाने में आगे रहा।

बुनकरों के नाम पर करोडों का घोटाला

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बुनकरों के नाम पर करोडों का कर दिया गया घोटाला। फर्जी समिति, फर्जी सदस्य और फर्जी हस्ताक्षरों से सोलह सालों तक चली समिति में करोडों का घोटाला उजागर हुआ है। जो मर गये उनके नाम पर भी समिति चलती रही और उनके नाम से लगातार लाभ कमाते रहे अधिकारी और समिति के घोटालेबाज आकिर क्या है ये बुनकर घोटला?

काशीपुर में राजकीय हथकरघा डिजाइन केन्द्र द्वारा बनाई गयी समिति के पदाधिकारियों ने सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान लगाकर करोड़ों रुपये डकार लिए। यह मामला उजागर हुआ सूचना अधिकार से मांगी गयी रिपोर्ट से, जिसके बाद समिति के पदाधिकारियों के साथ ही राजकीय हथकरघा एवं डिजाइन केंद्र के अफसरों में हड़कंप मच गया। गौरतलब है कि समिति को सरकार से बजट मिलता है, जिससे सूत क्रय कर उत्पाद तैयार करने के लिए सदस्यों को दिया जाता था। उत्पाद प्रदर्शनी व अन्य कार्यक्रमों में बेचा जाता है और लाभ में कुछ हिस्सा सदस्यों को देने का प्रावधान है।

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मगर समिति के पदाधिकारियों ने मनमानी तरीके से बैठक कर कुछ सदस्यों को न तो सूत दिया न ही लाभांश। यही नहीं, अध्यक्ष ने अपनी पत्नी को भी सदस्य बना दिया, जबकि एक परिवार से एक ही व्यक्ति सदस्य हो सकता है। समिति की हर साल बैठक होती थी, मगर कोरम पूरा दिखाने के लिए कुछ सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान लगा दिए। सदस्यों के मुताबिक समिति में करोड़ों का गबन हुआ है, इस मामले की जांच की जानी चाहिए।

समिति के सदस्यो ने बताया कि वर्ष 2000 से समिति के सदस्य है। शुरू में एक बार ट्रेनिंग हुई और तीन हजार रुपये मिले थे। इसके बाद तो समिति से न तो सूत मिला न ही कोई योजना का लाभ। समिति के पदाधिकारी बैठक में उनके फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान लगवाकर सदस्यों के करोड़ों रुपये का लाभांश डकार गए। डिजाइन सेंटर के अफसरों ने भी सदस्यों के लिए कोई योजना न होने की बात कहते थे। समिति ने हर साल बैठक की, मगर उन्हें किसी भी बैठक में नहीं बुलाया गया। जबकि बैठक में उनके फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान लगे हैं। समिति के पदाधिकारियों ने अफसरों से मिलीभगत कर सरकारी बजट के साथ उनके लाभांश का गबन कर दिया यही नहीं एसे आठ लोग है जिनकी मृत्यु हो चुकि है उनके नाम पर भी हस्ताक्षर कर लाभंश ले लिया गया है ।

जबकि समिति के पदाधिकारी व अफसर बुनकरों के लिए बजट न होने की बात कहते थे। जब सूचना का अधिकार में सूचना मांगी गई तो पता चला कि समिति की हर साल बैठक हुई है और उनके हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान लगे हैं, जो फर्जी है। और अधिकारी इस बारे में खुलकर कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। समिति के अध्यक्ष अपने रिश्तेदारों व परिजनों को सदस्य बनाकर बैठक करते थे और अन्य सदस्यों का लाभ खा गए। जब योजनाओं के बारे में जानकारी मांगी जाती थी तो अध्यक्ष कहते थे कि जब बजट ही नहीं है तो फिर किस बात की बैठक व प्रस्ताव।जबकि सूचना अधिकार की रिपोर्ट ने पुरी पोल खोल कर रख दी।