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पतंजलि ने पीएम मोदी को दिया ”राष्ट्रऋषि का गौरव”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे में सुबह बाबा केदार के कपाट खुलने पर पूजा-पाठ के बाद मोदी हरिद्वार के लिए रवाना हुए और लगभग 12 बजे पतंजलि योगपीठ पहुंचे। बाबा केदार की पूजा- अर्चना के बाद पीएम मोदी ने वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं का अभिनन्दन स्वीकार किया।

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केदारनाथ धाम मे बाबा के दर्शन करने के बाद पीएम मोदी हरिद्वार के लिए रवाना हो गए। योगगुरु बाबा रामदेव और आर्चाय रामकृष्ण ने पीएम मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी के साथ राज्यपाल के.के पाल और सीएम त्रिवेंद्र संह रावत भी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में पहले पीएम मोदी ने पतंजलि रिर्सच इंस्टीट्यूट का उद्घघाटन किया। बाबा रामदेव ने बताया कि आने वाले 21 जून को अहमदाबाद में अंर्तराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा जिसमें लगभग 5 लाख लोग भाग लेंगे। रामदेव ने कहा कि आने वाले समय में पतंजलि 11 लाख निशुल्क योग कक्षाएं कराएगा। बाबा रामदेव ने कहा कि भारत को आने वाले समय में महापुरुषों के सपनों का भारत बनाना है। पतंजलि के माध्यम से 1 लाख से ज्यादा लोगों को मिल रहा रोजगार, इसके साथ ही देश के लगभग 1 करोड़ किसान भी पतंजलि से जुडें हैं। बाबा रामदेव ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक बात है कि देश के पहला योगी प्रधानमंत्री मोदी जी है, उसके बाद योगी सीएम और अब योग के भी अच्छे दिन आ रहे हैं।

बाबा रामदेव ने कहा कि आज 4 बड़े एतिहासिक काम हुएं हैं जिसमेंः

  • पीएम मोदी को राष्ट्रऋषि का गौरव प्राप्त होना
  • पतंजलि रिर्सच इंस्टीट्यूट का उद्घघाटन होना
  • यूनओ में योग को अंर्तराष्ट्रीय दर्जा मिलना
  • आचार्य बालकृष्ण की आयुर्वेद एन्साइक्लोपिडिया का विमाचन होना

इन चारों के माध्याम से ना केवल भारत में बलिक दुनिया में योग को एक अलग पहचान मिलेगी और देश आयुर्वेेद के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि वह राष्ट्रऋषि का गौरव मिलने की बात से अंजान थे। बाबा ने हरिद्वार आकर मुझे सरप्राइज दिया। पीएम मोदी ने कहा कि बाबा रामदेव ने योग को लोगों के लिए आसान बना दिया है इसके लिए मैं बाबा रामदेव को बहुत शुभकामनाएं देता हूं। पीएम मोदी ने कहा की मुझे देश के सवा सौ लोगों की ताकत पर भरोसा है और इसी भरोसे पर हम देश को आगे लेकर बढ़ेंगे। पीएम ने कहा कि आधुनिक ज्ञान के आगे हमने आयुर्वेद पर ध्यान नहीं दिया लेकिन पतंजलि के माध्यम से आयुर्वेद का नाम आगे आया है और आधुनिक भाषा में भारत के आयुर्वेद को आगे बढाऐंगे। पीएम ने कहा कि बाबा रामदेव पतंजलि रिसर्च सेंटर मां गंगा के किनारे बसा हुआ बिल्कुल आधुनिक सेंटर जैसा है और अटल बिहारी की सरकार के बाद अब एक बार फिर आयुर्वेद सामने आया है।

वेलनेस के लिए हालिस्टिक अप्रोच चाहती है दुनिया जो आयुर्वेद से मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सवा सौ करोड़ देशवासियों को यह ठानना होगा कि मैं गंदगी नहीं फैलाऊंगा तभी सारा देश साफ होगा।उन्होंने कहा कि देश की नई पीढ़ी स्वच्छता को लेकर तत्पर है। प्रिवेंटिव हेल्थ केयर से देश के गरीबों की होगी सबसे ज्यादा मदद होगी लेकिन अभी भी हर्बल मेडिसीन के फिल्ड में बहुत कुछ करना बाकी है।इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि आयुर्वेदिक दवाओं में पैकेजिंग लाकर बाबा रामदेव ने इसे आधुनिक लुक दे दिया है जो आजकल सबसे जरुरी है।इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बालकृष्ण की किताब मेडिकल साइंस से जुड़े लोगों के लिए भी बहुत जरुरी है और मैं आशा करता हूं कि लोगों का ध्यान जाएगा इस आयुर्वेदिक एन्सािक्लोपिडिया पर, तभी हमें पूर्ण सफलता मिलेगी।

रस्म से बड़ा रिश्ता

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रिश्ता यदि दिल से जुड़ा हो तो वह खून के रिश्ते से भी बढ़ा हो जाता है। अपनी मुंह बोली ताई का अंतिम संस्कार कर के रामनगर की एक बेटी ने ऐसी ही मिसाल पेश की है। बीमारी के दौरान इलाज व देखभाल के साथ-साथ भतीजी आशा ने सगे बेटे जैसा फर्ज निभाया। पुरुष प्रधान समाज की वर्जनाओं को तोड़ वह न केवल श्मशान घाट तक पहुंची बल्कि चिता को मुखाग्नि देकर अपना फर्ज अदा किया।

पीरूमदारा निवासी 60 वर्षीय रामवती काफी समय से बीमार चल रही थीं। उनके पति अतिराज सिंह का काफी समय पहले देहांत हो गया था। कोई संतान न होने के कारण वह छोई निवासी आशा आर्य को अपनी भतीजी मानती थीं।

इधर कुछ समय से बीमार होने के बाद से आशा ने ही उनकी देखभाल की। रविवार को रामवती की मौत हो गई। शाहजहांपुर से उनके रिश्तेदार भी यहां पहुंच गए थे। अंतिम संस्कार किए जाने की इच्छा उनके रिश्तेदारों ने जताई। इस पर आशा का तर्क था कि बीमारी के दौरान वह उसे रामनगर, मुरादाबाद, बरेली आदि स्थानों पर इलाज के लिए ले गई थी। ताई की भी अंतिम इच्छा यही थी कि वही उसका अंतिम संस्कार करे।

काफी देर तक इस मामले में असमंजस की स्थिति बनी रही। बाद में सभी ने तय किया कि अंतिम संस्कार आशा ही करेगी। रिश्तेदारों के अनुरोध पर रामवती की शाहजहांपुर से आई भतीजी अनीता ने भी चिता को अग्नि दी। श्मशान घाट पर मुंह बोली भतीजी द्वारा अंतिम संस्कार किए जाने पर लोगों का कहना था कि आशा ने सगे बेटे से भी बढ़कर फर्ज निभाया है।

मई अन्त में आयेगा बोर्ड रिजल्ट

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रामनगर मे बोर्ड परीक्षाओं का मूल्यांकन कार्य पूरा हो चुका है। जिन केंद्रों में एक व दो मई तक मूल्यांकन हुआ हैं उनमें अब तीन व चार मई तक अंकेक्षण कार्य चलेगा। मई अंतिम सप्ताह में बोर्ड रिजल्ट भी घोषित करने की तैयारी में है।

हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा 17 मार्च से शुरू हुई थी। दस अप्रैल को परीक्षा खत्म हुई थी। इसके बाद 17 अप्रैल से दो मई तक मूल्यांकन कार्य संपन्न किया जाना था। यूं तो 20 से अधिक केंद्रों में 30 अप्रैल को ही मूल्यांकन खत्म हो गया था। इसके अलावा शेष जगह मंगलवार को मूल्यांकन पूरा हो गया।

अंतिम दो दिन जांची गई कापियों को अंकेक्षक (ऑडिटर) द्वारा दोबारा जांचा जाएगा। जिससे कि मूल्यांकन में परीक्षक द्वारा हुई त्रृटि को सुधारा जा सके। अंकेक्षण कार्य पूरा होने के बाद कॉपियों के बंडल मूल्यांकन केंद्रों द्वारा भेजने की कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के सचिव बीपी सिमल्टी ने बताया कि तय समय में मूल्यांकन कार्य पूरा कर लिया गया है। प्रयास है कि मई अंतिम सप्ताह में रिजल्ट भी जारी कर दिया जाएगा।

चारधाम यात्रा रूट पर 8 अतिरिक्त 108 आपातकालीन एम्बुलेंस तैनात

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राज्य में सुरक्षित चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुये जीवीके ई.एम.आर.आई. 108 आपातकालीन सेवा प्रबन्धन ने अपनी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। 108 आपातकालीन सेवा प्रबन्धन द्वारा चारधाम यात्रा के दौरान आपातकालीन स्थितियों में तुरत सहायता प्रदान करने के उद्देष्य से चारधाम यात्रा मार्गों पर 8 अतिरिक्त 108 आपातकालीन एम्बुलेंस वाहनों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है।

108 आपातकालीन सेवा के स्टेट हैड मनीश टिंकू ने बताया कि राज्य में चारधाम यात्रा को सफल व सुगम बनाने के उद्देष्य से 108 आपातकालीन सेवा द्वारा गत वर्शों की भांति इस वर्श भी आठ अतिरिक्त एम्बुलेंस वाहन तैनात करने का निर्णय लिया गया है। इन अतिरिक्त एम्बुलेंस वाहनों की व्यवस्था जीवीके ई.एम.आर.आई. द्वारा संचालित खुशियों की सवारी योजना के अर्न्तगत उपलब्ध एम्बुलेंस वाहनों के माध्यम से की गई है। इन एम्बुलेंस वाहनों की तैनाती चमोली जिले के श्री बद्रीनाथ एवं पांडुकेष्वर, रुद्रप्रयाग जिले में बासुकेदार, फाटा एवं सोनप्रयाग, उत्तरकाषी जिले में हर्शिल (गंगोत्री) एवं रानाचट्टी (यमनोत्री) में तथा टिहरी जिले के काण्डीखाल में की जायेगी।

मनीश टिंकू ने बताया कि बद्रीनाथ एवं पांडुकेष्वर के अतिरिक्त सभी 6 स्थानों पर एम्बुलेंस वाहनों की तैनाती की जा चुकी है एवं इन दो स्थानों पर भी 6 मई को एक-एक एम्बुलेंस वाहनों को तैनात कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु देष-विदेष से चारधाम यात्रा हेतु उत्तराखण्ड में आते हैं, इन श्रद्धालुओं को आपातकालीन स्थिति के दौरान त्वरित सहायता पहुॅचाना हमारा परम कर्तव्य है। चारधाम या़त्रा के दौरान सड़क दुर्घटना,  श्वास सम्बन्धी परेशानी तथा रक्तचाप इत्यादि के कारण होने वाली आपातकालीन मामलों की संख्या में वृद्धि हो जाती है, ऐसे समय में पीड़ित व्यक्ति को आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हमारे द्वारा अतिरिक्त एम्बुलेंस वाहनों को तैनात किया गया है।

unnamed (4)ज्ञात हो कि वर्तमान में चारधामा यात्रा से लगे समस्त सात जिलों में 108 आपातकालीन सेवा के 40 एम्बुलेंस वाहन पहले से ही अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं तथा उपरोक्त आठ अतिरिक्त एम्बुलेंस वाहनों सहित कुल 48 एम्बुलेंस वाहन चारधाम यात्रा में अपनी सेवाएं प्रदान करने हेतु तैनात रहेगें।

चारधाम यात्रा के दौरान 108 आपातकालीन सेवा के यात्रा मार्गों पर तैनात एम्बुलेस वाहनों का विवरण निम्न प्रकार हैः-

चारधाम यात्रा में एंबुलेंस की सुविधा
क्र.संख्या जिला एंबुलेंस की संख्या
मौजूद एंबुलेंस चारधाम यात्रा के लिए निर्धारित एंबुलेंस
1 चमोली आदीबद्री
चमोली बद्रीनाथ
गैरसेंण पांडुकेश्वर
जोशीमठ
कर्णप्रयाग
नंदप्रयाग
2 देहरादून कोरोनेशन
डेमो
डोईवाल
जाखन
मसूरी
रायपुर
रायवाला
ऋषिकेश
3 हरिद्वार भगवानपुर
सीसीआर
ज्वालापुर
मंगलौर
पतंजलि
रुड़की
4 पौड़ी श्रीनगर
5 रुद्रप्रयाग अगस्त्यमुनि
गुप्तकाशी बासुकेदार
जाखोली (मयाली) फाटा
चुद्रप्रयाग सोनप्रयाग
6 टिहरी ब्यासी
चंबा
देवप्रयाग
फकोट
घंसाली
कीर्तिनगर
लंबगांव
नंदगांव
नैनबाग
य़ालूधार
7 उत्तरकाशी बड़कोट
भटवारी ब्रहमखाल
धरासू हरसिल (गंगोत्री)
धौनट्री सयाना चट्टी (यमुनोत्री)
Uttarkashi
टोटल 40 8
कुल टोटल 48

लकड़ी के मकानों में लगी आग, फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू

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बुधवार को चौकी लक्ष्मण चौक को सूचना मिली की शिवाजी मार्ग कावली रोड स्थित बस्ती में लकड़ी के बने मकानों में आग लग गई है। जिस पर चौकी इंचार्ज लक्ष्मण चौक मय पुलिस फोर्स के तत्काल मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड तथा पुलिस की टीम द्वारा बामुश्किल आग पर काबू पाया गया। जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि आग प्रारंभ में अशोक पुत्र सुखदेव के मकान में लगी थी, जिससे उसके घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया। उसके पश्चात उनके पड़ोसी अवतार सिंह एवं अन्य लोगों के घरों तक आग फैल गई।

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प्रारंभ में मौके पर पहुंची पुलिस टीम द्वारा बाल्टीयो से पानी डालकर उसे फैलने से रोका गया। तत्पश्चात फायर ब्रिगेड द्वारा आग पर पूर्ण रुप से काबू पाया गया। उक्त बस्ती में सभी मकान कच्चे तथा लकड़ी के बने हुए हैं, यदि समय रहते आग पर काबू ना पाया जाता तो जान माल का भारी नुकसान हो सकता था। आग लगने के कारणों के संबंध में जानकारी की जा रही है। आग से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।

दक्षिण अफ्रिका टूर का जिन्न फिर निकला बाहर

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हाई कोर्ट ने बहुचर्चित दक्षिण अफ्रीका टूर घोटाले के मामले में जवाब दाखिल न करने पर सरकार पर पांच हजार जुर्माना लगाया है। साथ ही दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 12 जून नियत कर दी।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र निवासी जयप्रकाश डबराल ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि दिग्गज नेता एनडी तिवारी के मुख्यमंत्रित्व काल में वन मंत्री नवप्रभात, विधायक शैलेंद्र मोहन सिंघल, मुख्य वन संरक्षक डीवीएस खाती, राजाजी नेशनल पार्क निदेशक जी पांडे व होटल लेजर के मालिक मुकुंद प्रसाद ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के मकसद से दक्षिण अफ्रीका टूर पर गए।

याचिकाकर्ता के अनुसार सभी लोग सरकारी खर्च पर परिजनों को भी विदेश घुमाने ले गए। दौरे के लिए सरकारी खाते से 20 लाख रुपये भी निकाले गए। 2012 में सल्ट से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना ने विधानसभा में सवाल उठाते हुए घोटाले की जांच की मांग की थी, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मामले में जनहित याचिका दायर की गई।

पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार को मामले में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए, लेकिन तय समय में सरकार ने जवाब दाखिल नहीं किया। वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद जवाब दाखिल नहीं करने पर सरकार पर पांच हजार जुर्माना लगाया।

मर्दानियों को देख भागे शराब व्यापारी

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कांडापड़ाव , बागेश्वर में तिरपाल से ढककर बनाई गई शराब की अस्थायी दुकान के विरोध में महिलाओं ने जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने शराब की बोतलें तोड़ डाली। गुस्सा देखकर शराब के दुकानदार सामान के साथ मौके से फरार हो गए।

शनिवार को कांडापड़ाव के पास तिरपाल का टेंट बनाकर अस्थायी दुकान से शराब बेची जा रही थी। शराब बेचने की सूचना क्षेत्र में फैली तो जनप्रतिनिधियों के साथ महिलाएं मौके पर पहुंच गई। आक्रोशित महिलाओं ने लगभग तीन पेटी शराब की बोतलें तोड़ दी। आक्रोश बढ़ता देख पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। महिलाओं ने अपना आंदोलन जारी रखा।

ग्राम प्रधान धपोली निर्मला धपोला, नारायण गूंठ की प्रधान सविता नगरकोटी, चंपा नगरकोटी, कमला धपोला, बिमला धपोला, गीता नगरकोटी, सरिता धपोला आदि ने कहा कि क्षेत्र में किसी भी हाल में शराब की दुकान नही खोलने दी जाएगी। महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। इसी बीच शराब विक्रेता भी मौके से भाग निकले।

उधर, कांडा के एसडीएम रिंकू बिष्ट का कहना है कि महिलाओं के विरोध को देखते हुए शराब की दुकान बंद करा दी है। अगर क्षेत्रवासी नही चाहते तो जबरन दुकान नही खोली जाएगी। वहीं, जिला आबकारी अधिकारी प्रशांत कुमार का कहना है कि दुकान खोलने के लिए सभी की सहमति ली जा रही है। 12 दुकानों में से 8 दुकानें खुल गई है। दो दुकानें कांडा और दो काफलीगैर में खुलनी है।

वाहन चोर गिरोह के दो सदस्य पकडे

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थाना आइटीआइ क्षेत्र ,काशीपुर से दो माह पहले चोरी हुए ट्रक को पुलिस ने बरामद कर लिया है। साथ ही दो आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने खुलासा करते हुए बताया कि ग्राम समस्तीपुर थाना उभाव जिला बलिया उत्तरप्रदेश निवासी रमेश पुत्र मिश्री लाल ने थाना आइटीआइ में तहरीर देकर कहा था कि वह 26 फरवरी 2017 को ट्रक नंबर एचआर 58ए 0341 को लेकर काशीपुर आया था।

माल लोड करने के लिए ग्राम परमानंदपुर स्थित पंजाब गुवाहाटी ट्रांसपोर्ट के आगे खड़ा किया था। उसी रात अज्ञात चोर ट्रक चुराकर ले गए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात चोरों पर केस दर्ज कर ट्रक बरामदगी में जुट गई।

उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल 2017 को पुलिस अजीतपुर रोड, स्थित लोहियापुल पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान मुखविर की सूचना पर पुलिस ने ट्रक के साथ दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम अकरम, पुत्र असलम, निवासी मोहल्ला कबीरसराय, थाना नखासा, जिला संभल यूपी व जावेद, पुत्र साबिर, निवासी मोहल्ला पीरखां, गुलावटी जिला बुलंदशहर यूपी बताया। वर्तमान में जावेद 691 लोहियानगर खरखौंदा जिला मेरठ में रह रहा था।

एएसपी ने बताया कि आरोपियों के पास से 12 डाइपंच बरामद हुए हैं। इनका प्रयोग चेसिस नंबर गोदने के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि ट्रक चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने ग्राम बरखेड़ा, पांडेय निवासी सोनू उर्फ शाकिर पत्र शमशाद व शाहरुख के साथ मिलकर दिया था। इनके अलावा आरोपियों ने तीन युवकों का साथ होना भी कबूला है। इससे पहले द्रोणासागर रोड स्थित गांधी आश्रम के पास से 13 मार्च 2017 को चोरी हुए ट्रक का खुलासा किया गया था। उसमें भी अकरम आरोपी था।

पत्नी और सास पर अनजान लोगों ने फेंका तेजाब

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काशीपुर पति पत्नी के बीच परिवार न्यायालय में चल रहे वाद से गुस्साये पति ने अपनी पत्नी और सास पर तेजाब डाल दिया जिससे दोनों झुलस गये। आरोपी सुघांशु की पत्नी और सास ने काशीपुर कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।मामला काशीपुर के परिवार न्यायालय का है जहां काशीपुर में सिविल कोर्ट के बाहर पति ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर पत्नी और सास पर तेजाब फैककर हमला किया। तेजाब गिरने से दोनों गम्भीर रुप से झुलस गये और कपडे भी जल गये।

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बाजपुर की रहने वाली नेहा ने बताया कि पिछले कुछ सालों से पति द्वारा परेशान किया जा रहा था और उसे घर से निकाल दिया गया था जिसके बाद उसके द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया।  महिला हेल्पलाईन के माध्यम से सुलह के प्रयास करने पर भी जब दोनों की सहमति नहीं हुई तो नेहा को न्यायालय की शरण लेनी पडी, जिसपर पति द्वारा लगातार ही जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। मुकदमा वापस लेने को लेकर पति द्वारा लगातार ही दबाव बनाया जा रहा था, वहीं मंगलवार को केस की पहली तारीख पर ही कोर्ट से बाहर निकलते ही पीडित नेहा और उसकी मां पर तेजाब डाल दिय़ा जिससे दोनों झुलस गये और कपडे भी जल गये। दोनों ने काशीपुर कोतवाली में पति सुघांशु के विरुद्ध तहरीर सोंप दी है., वहीं पुलिस ने दोनों का मेडिकल परीक्षण कर लिया है और जांच शुरु कर दी है।

तो अब एक चम्मच बचायेगी दुनिया

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कैसा होगा अगर हम खाना खाने के बाद अपने बर्तन और चम्मच भी खा सकतें है? है ना अनोखी बात, जी हा यह कहानी कुछ ऐसी ही है जिसमें आपको पता चलेगा कुछ नया और अलग।

देहरादून के बहुत से ऐसे परिवार है जो पर्यावरण संरक्षण और वातावरण की शुद्धता के बारे में सोचते हैं। इसके लिए उन्होंने एक स्वास्थ्य और सुविधाजनक रास्ता निकाला है वातावरण को स्वच्छ और सुंदर रखने का। प्लास्टिक के बर्तनों के बजाय इडिबल स्पून यानि की खाने वाली चम्मच जो कि बाजरा से बनती है और गन्ने से बनाई हुई प्लेट में खाना खाते हैं। इस तरह के प्रोडक्ट अगर बाजार में उपलब्ध होंगे तो लोग वैसे भी प्लास्टिक के बर्तन में खाना नहीं पसंद करेंगे और साथ ही पालिथिन के इस्तेमाल पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा। जैसा कि सब जानते हैं कि पालिथीन बैग और प्लास्टिक का इस्तेमाल बैन हो चुका है लेकिन इसके बदले अगर इडिबल बर्तन यानि खाने योग्य बर्तन बाजार में आऐंगे तो इस बैन को कायम रखने में बहुत मदद मिलेगी।

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यह नए प्रोडक्ट ना केवल आर्गेनिक और वातावरण के अनुकूल है बल्कि इनके दाम भी काफी कम है। प्लास्टिक के बर्तन को हम बहुत पहले से इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसको हम खराब नहीं कह सकते लेकिन अगर बात किसी खाने को या तरल पदार्थ को स्टोर करके रखने की हो तो प्सास्टिक से खराब कोई और चीज हो भी नहीं सकती। नारायण पीसापति जिन्होंने रिसर्च फैकल्टी में अपनी नौकरी छोड़ कर इडिबल कटलरी में अपना रास्ता चुना और काफी हद तक सफल भी रहे। नारायण कहते हैं कि मेरा लक्ष्य है कि मैं सभी प्लास्टिक कटलरी को इडिबल कटलरी में बदल दूं, खासकर इडिबल स्पून यानि की खाने योग्य चम्मच जो खाने के बाद खाएं जा सके।

नारायण ने बताया कि जब मैं फिल्ड विजीट पर होता था तो मुझे बाजरा की ठंडी रोटी से ही काम चलाना पड़ता था, तब मैने यह महसूस किया कि यह लोगों को खाने के लिए भी सही रहेगा। इसके अलावा हवाई जहाज और दूसरी जगहों पर दिया जाने वाला प्लास्टिक चम्मच बहुत साफ सुथरी और अच्छी कंडिशन में नहीं बनाया जाता, इसलिए इससे खाना खाने से बहुत से कैमिकल हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं। 2006 में इडिबल कटलरी के बारे में सोचा और सबसे पहले मेरे दिमान में यह बात आई कि बाजरा बहुत ही पौष्टिक है। एक ऐसा तत्व जो नेचुरल और फायदेमंद हैं और जो खेती में इस्तेमाल होता है। नारायण हैदराबाद के रहने वाले है।

इडिबल कटलरी का ट्रेंड देहरादून में भी आया और बहुत से लोग इस वातावरण अनुकूल प्रोडक्ट को लोगों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। सुजाता पाल शहर की सोशल एक्टिविस्ट हैं जो इस तरह के प्लेट, बाउल, कप और चम्मच आदि डिस्ट्रीब्यूट करने का काम करती हैं। यह सारे कटलरी बगासी यानि की गन्ने के छिलके से बनते हैं। मैं पिछले दो दशक से प्लास्टिक के बदले किसी और चीज को ढूंढ रही थी। यह बतर्न 60 दिन के अंदर खाद बन जाता है जबकि प्लास्टिक को सौ साल से ज्यादा समय लगाता है। जो लोग वातावरण और पर्यावरण के बारे में फिकरमंद हैं वह थर्माकोल,प्लास्टिक और स्टाईरोफोम की जगह यह सस्ते बर्तन इस्तेमाल कर सकते हैं।

सोचने की बात यह है कि पिछले साल उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक आर्डर दिया था जिसमें प्लास्टिक से बने बैग और दूसरे आइटम को बैन किया गया था लेकिन यह नियम सख्ती से लागू नहीं हो पाया। राजपुर रोड की बबिता दास कहती हैं कि यह सुन कर अच्छा लगा रहा कि प्लास्टिक के कटलरी का कोई अल्टरनेटिव तो है, सड़क के किनारे और ड्रेनेज में पालिथीन बैग की वजह से सड़के के किनारे बुरे हालात हैं। प्लास्टिक के चम्मच और थर्माकोल के प्लेट और कप भी पर्यावरण के लिए खतरनाक है। अगर कोई दूसरा फायदेमंद विकल्प है तो सभी को खासकर बड़े इन्स्टीट्यूशन और स्कूलों को इस पहल को अपने इस्तेमाल में लाना होगा।

तो एक चम्मच से शुरु हुई यह मुहिम दुनिया को बचाने के लिए आगे आ चुकी है और लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए इस चम्मच को इस्तेमाल भी कर रहे हैं।